जावरा का जीवन! : निर्दलीय हुंकार भरने के बाद जीवनसिंह शेरपुर का हल्ला बोल, भाजपा – कांग्रेस की घोषणाओं पर कही दो टूक

अगर वो बोले राष्ट्र हित में वोट करना, तो आप समझना मुझे वोट करना – जीवनसिंह शेरपुर पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा विधानसभा से निर्दलीय मैदान में उतरे जीवनसिंह शेरपुर अब हल्ला बोल मोड पर दिखाई दे रहे है। जीवनसिंह नामांकन भरने के बाद से ही क्षेत्र में जनसपंर्क पर जुट चुके है। इसी के साथ उनका जनसंपर्क अभियान तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जावरा में सरदार पटेल जयंती पर माल्यार्पण के बाद शेरपुर ने जनसंपर्क की शुरुआत की। इस दौरान शेरपुर अपने समर्थकों के साथ जावरा गोठड़ा, मुंडला, कामलिया, चौकी, सेदपुर, लालुखेड़ी, आलमपुर ठिकरिया आदि गांवों में पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं व लोगों ने जगह – जगह उनका स्वागत किया गया। मंगलवार को जीवनसिंह ने जनसंपर्क के दौरान भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ आरोप – प्रत्यारोप की राजनीति जावरा विधानसभा में शुरू हो चुकी है। शेरपुर ने वर्तमान विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे पर  तंज कसते हुए कहा की हमारा विधायक किसानों की फसले खराब होती है तो उसकी आवाज तक सदन में नहीं उठाता है। किसानों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिल रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी जीवनसिंह शेरपुर ने अपने भाषण में कहा की चाहे वो विधायक बने या ना बने, मगर जनता की समस्या आज से मेरी समस्या है और रहेगी। आपकी हर समस्यायों को प्राथमिक से दूर करूंगा।क्षेत्र का गरीब मेरे लिए पहले होगा। भाजपा वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को हजार रुपए देंगे तो कांग्रेस वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को पंद्रह सौ देंगे लेकिन हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में कोई बात नहीं कर रहा की हम आपके बच्चे को रोजगार देंगे, अच्छी शिक्षा देंगे या अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था देंगे। यह लोग जितना दे रहे उस से दो गुना ले रहे है। कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया। क्या पूरे विधानसभा में एक भी लायक उम्मीदवार नहीं था कि कांग्रेस को बाहर से उम्मीदवार चुनना पड़ा। कांग्रेस पुरी तरह खत्म हो गई है। 


युवा कांग्रेस जिला महासचिव शिल्पा सिसोदिया ने थामा भाजपा का हाथ, भावना गुर्जर को मिली जिम्मेदारी

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। प्रदेश में चुनाव का शंखनाद हो चुका है। ऐसे में राजनीतिक दलों में नेताओं का आना और जाना भी लगातार जारी है। वहीं दलों में नवीन नियुक्तियां भी की जा रही है। भाजपा ने महिला मोर्चा में शहर विधानसभा सोशल मीडिया प्रभारी का दायित्व भावना गुर्जर को सौंपा है। इसी बीच युवा कांग्रेस की महासचिव शिल्पा सिसोदिया भाजपा मे शामिल हो गई है। पैलेस रोड़ स्थित भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा ने शिल्पा सिसोदिया को सदस्यता दिलवाई। जिलाध्यक्ष लुनेरा ने कहा कि विधानसभा चुनाव मे जीत दर्ज कर भाजपा पुनः सरकार बनाने जा रही है। सरकार ने हर वर्ग का कल्याण किया है, और आने वाले वर्षो मे भाजपा देश को दुनिया की तीसरी महाशक्ति बनाने के लिए संकल्पित है। युवाओं के लिए भाजपा की नीति बहुत कल्याणकारी है, इससे प्रभावित होकर आज कई कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़ भाजपा मे शामिल हो रहे है। भावना गुर्जर को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी :भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम पटवा ने भावना गुर्जर को रतलाम शहर विधानसभा मे महिला मोर्चा का सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया । यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा एवं प्रदेश सदस्य अनिता कटारिया की सहमति से की गई। भावना इससे पूर्व नमो ग्रुप की जिलाध्यक्ष रही है। 

“दादा” का दम : स्कूटर पर सवार होकर नामांकन दाखिल करने पहुंचे पारस सकलेचा, बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेस कार्यकर्ता

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव में शहर के कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा (दादा) शुक्रवार को रैली के रूप में नामांकन दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान सकलेचा युवा नेता मयंक जाट के साथ स्कूटर पर सवार दिखाई दिए। रैली में बड़ी संख्या समर्थक व कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। वहीं नामांकन दाखिल करने से पहले कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा ने कालिका माता मंदिर, साहू बावड़ी स्थित हनुमान मंदिर, ऊँकाला गणेश जी सहित कई देवालयों पर पहुंच कर दर्शन किए व आशीर्वाद प्राप्त किया। कांग्रेस प्रत्याशी सकलेचा की नामांकन रैली शुक्रवार सुबह 10 बजे बाजना बस स्टैंड से शुरू हुई जो शहर के विभन्न मार्गों से होते हुए नवीन कलेक्टोरेट पहुंची। नामांकन रैली के दौरान शहर में जगह – जगह स्वागत भी हुआ। कलेक्टोरेट पहुंचकर सकलेचा ने रिटर्निंग अधिकारी व शहर एसडीएम संजीव केशव पांडे के समक्ष अपना नामांकन फॉर्म जमा कराया। मीडिया से चर्चा में सकलेचा ने कहा की हमारे तीन प्रमुख मुद्दे है जिनमें पहला है राज्य सरकार की असफलता, कुप्रबंधन और कुशासन, दूसरा वर्तमान शहर विधायक की जो राजनीति है उसमें सेवा व श्रम की जगह पैसे और बाहुबल का महत्व है और तीसरा नगर निगम है। आज शहर की सड़कों में गड्ढे ढूंढना आसान है पर सड़क ढूंढना मुश्किल है। इसके अलावा शहर में और भी कई मुद्दे है जिनको लेकर कांग्रेस मैदान में उतरेगी और निश्चित ही जीत हासिल करेगी। नामांकन जमा करने के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट, प्रदेश महासचिव यास्मीन शेरानी, नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा विशेष रूप से मौजूद थे। रैली में कार्यवाहक अध्यक्ष शैलेंद्रसिंह अठाना, फैय्याज मंसूरी, महामंत्री राजीव रावत, शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष सय्यैद वुसद जैदी, सेवादल अध्यक्ष रजनीकांत व्यास, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर, महिला सेवादल अध्यक्ष वेणू शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दशहरा मिलन समारोह : रतलाम के नेपाली समाज ने मनाया बड़ा दसैं का त्यौहार, तिलक लगाकर निभाई परंपरा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले में नेपाली संस्कृति परिषद द्वारा दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया। बड़बड़ हनुमान मंदिर परिसर स्थित राम भवन में रखे गए इस आयोजन में रतलाम के नेपाली परिवारों ने हिस्सा लिया। आपको बता दे कि नेपाल देश में नेपाली समाज दशहरा को बड़ा दसैं के रूप में मनाते है। गोरखाओं के बीच भी ये त्यौहार मनाया जाता है। यह नेपाल सम्वत् वार्षिक कैलेंडर में सबसे लंबा और सबसे शुभ त्यौहार माना जाता है, जिसे नेपाली लोगों द्वारा दुनिया भर में अपने प्रवासी लोगों के साथ मनाया जाता है। समाज द्वारा रतलाम के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सामाजिक समरसता संयोजक एडवोकेट देवराज सिंह ने अपना उद्बोधन दिया। देवराजसिंह ने कहा की नेपाली समाज एक बहादुर कौम है। हमारे प्रथम फील्ड मार्शल मानिक शाह द्वारा एक शब्द गोरखाओं के बारे में कहा गया था कि मौत से जो नहीं डरता वो या तो झूठ बोल रहा है या फिर वह गोरखा है। नेपाली कौम बहादुर कौम है। देवराजसिंह ने साथ ही कहा की सभी भारतीय हिंदू सनातन बहुसंख्यक समाज के अभिन्न अंग है। आप लोगों को यहां पर किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो समूर्ण हिंदू समाज आपके साथ खड़ा है। परंपरागत त्यौहार मनाता है समाज :नेपाल में इसे देश के सबसे बड़े त्यौहार के रूप में भी जाना जाता है और इस समय 5 दिनों का सबसे लंबा राष्ट्रीय/सार्वजनिक अवकाश रहता है। यह नेपाल में सबसे प्रतीक्षित त्यौहार है। इस समय नेपाल के लोग दुनिया के सभी हिस्सों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से एक साथ जश्न मनाने के लिए एकत्रित होते हैं। त्यौहार की अवधि के दौरान सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और अन्य कार्यालय बंद रहते हैं।समाज के नरेंद्र श्रेष्ठ ने बताया की दशहरे पर बुजुर्गों व बड़ो का आशीर्वाद लेने के लिए सभी एकत्रित होते हैं  तथा आनेवाली पीढ़ी को भी उसी परंपरा का पालन करने की प्रेरणा देते है। इस दिन सामूहिक तौर पर पूरा परिवार बुजुर्गों से माता दुर्गा का लाल टीका व 9 दिन तक लगाए हरे जमरे को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते है। रतलाम में नेपाली समजा करीब 400 की संख्या में निवासरत है।समाज के लोगों ने पशुपति श्रेष्ठ एवं रुक्मणी श्रेष्ठ के हाथों दशहरे का टीका एवं जमरा ग्रहण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में सुमन थापा ,ललित जंगशाही, दिनेश विश्वकर्मा, ज्योति गुरुंग गायत्री सिंह एवं सैकड़ो समाजजन शामिल रहे।

“बा” पर भरोसा : ग्रामीण से पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भाजपा से टिकट, जमकर मना जश्न

टिकट मिलने की खबर से पहले खेत पर कर रहे थे बुवाई, सबसे पहले पंहुचे संघ कार्यालय पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने अपनी पांचवी सूची जारी कर दी है। पांचवी सूची में 92 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। पांचवी सूची में नामों का ऐलान करने के साथ ही भाजपा प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर सीटों पर अपने 228 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर चुकी है।भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को तीसरी बार रतलाम ग्रामीण विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित किया। टिकट की घोषणा के दौरान मथुरालाल डामर खेत में बुवाई के काम को देख रहे थे। लिस्ट आने की सूचना के बाद उनके घर के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लग गया। अंचल व हाईकमान के बीच डामर “मथुरा बा” के नाम से मशहूर है। डामर को भाजपा में सरल व सादगी वाला नेता कहा जाता है। भाजपा के अलावा डामर का संघ से पुराना नाता रहा है, टिकट होने के बाद देर रात सबसे पहले डामर राजस्व कॉलोनी स्थित संघ कार्यालय पहुंचे और करीब आधा घंटे से अधिक वहां रुके। जिसके बाद वे पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता हिम्मत कोठारी के निवास पर पहुंचे। पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा रतलाम ग्रामीण विधानसभा से उम्मीदवारी की घोषणा के बाद समर्थकों ने उनके निवास पर पहुंच उनका स्वागत किया। सभी ने एक – दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कई कार्यकर्ता डामर के स्वागत के लिए पंहुचे। कार्यकर्ताओं ने “अबकी बार 60 हजार” पार का नारा लगाया। इस दौरान डामर को समर्थकों ने कंधे पर उठा लिया और ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। आपको बता दे वर्तमान विधायक दिलीप मकवाना भी टिकट की दौड़ में थे मगर पार्टी ने ग्रामीण में डामर पर भरोसा जताया। डामर कल रविवार को सुबह काछी बड़ौदा (रूनीजा) स्थित गणेश मंदिर, विरुपाक्ष महादेव बिलपांक व सातरूंडा स्थित कंवलका माता मंदिर पर दर्शन पूजन करेंगे। डामर के स्वागत के लिए पहुंचे समर्थकों ने पहले आतिशबाजी की और फिर ढोल की थाप पर जमकर थिरके। जश्न के दौरान भाजपा नेता, कार्यकर्ताओं के साथ धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के साथ समर्थक भी उपस्थित रहे। डामर के स्वागत का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कोई फूलों की माला, तो कोई दुप्पट्टा औढ़ाकर और साफा पहनाकर स्वागत-अभिनंदन करता दिखाई दिया। मथुरालाल डामर ने बताया कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है, उसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभर है। 2013 में जो जनता ने आशीर्वाद दिया था इस बार वो दोगुना मिलेगा। गांव के किसान भाइयों, गरीबों और प्रत्येक व्यक्ति के लिए विकास कार्य करना प्राथमिकता रहेगी।

सबका कटेगा “टिकट” ? : कांग्रेस ने रतलाम शहर से प्रभु को दूर से किया प्रणाम, जावरा में जीवनसिंह शेरपुर को अघोषित कार्यकर्ता बनाकर छोड़ा

टिकट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों में जमकर बवाल, भाजपा ग्रामीण में तो शुरू हुए उपवास पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के मुकाबलों का दौर अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे पहले दोनों ही पार्टियों में अंदरूनी मुकाबले की अग्नि परीक्षा जारी है। भाजपा में संगठन के अच्छे मैनेजमेंट के चलते यह बाहरी स्तर पर कम दिखाई पड़ता है, मगर कांग्रेस में सबकुछ खुली किताब है। हम इधर उधर के फालतू कयास नहीं लगाएंगे जिससे आप भी बोर हो जाए। बात करते है सीधे मुद्दे की। देर रात कांग्रेस ने शहर से पारस सकलेचा को अपना दावेदार घोषित किया। सबकुछ ठीक चल रहा था मगर अचानक ही अज्ञात लोग आते है और पुतला जलाकर रवाना हो जाते है। गौरतलब है कि मयंक जाट के मैदान छोड़ने के बाद ही बाकी को अपने अपने टिकट की आस जागी थी। ऐसे में प्रकाश प्रभु राठौड़ अपनी पूरी तैयारी में थे। चुनाव नजदीक आते ही इन्होंने रतलाम के मार्केट में अपनी मार्केटिंग शुरू कर दी। सनातनी झंडा उठाकर प्रभुजी ने धार्मिक कार्यक्रमों को करते हुए अपना चेहरा चमकाया। मगर अंत में कांग्रेस ने इनको दूर प्रणाम करते हुए पारस दादा को अपना दावेदार घोषित किया। अब प्रभु राठौड़ जी के निर्दलीय मैदान में उतरने की भी फुसफुसाहट बाजार में शुरू हो रही है। खेर इतनी बड़ी कांग्रेस में शहर में पारस दादा का पुतला किसने जलाया यह दोनों पार्टियों के लिए जांच का विषय है। MP के किंग को जावरा में जगह नहीं :जातीय संगठन करणी सेना से देशभर में चमके जीवनसिंह शेरपुर ने 2023 में राजनीतिक एंट्री की शुरुआत का एलान किया। खेर यह कोई नई बात नहीं है, की कोई सामाजिक संगठन से शुरुआत करते हुए फेम बेस बनाकर राजनीति में आ रहा हो। जीवनसिंह शेरपुर ने भी ठीक वैसा ही किया। मगर राजनीति में आने से पहले से 2018 के चुनाव में जीवनसिंह ने कांग्रेस को अप्रत्यक्ष रूप से पूरा समर्थन दिया। इस बार नगरीय निकाय में भी जीवनसिंह ने यही किया। जिसके बाद जीवनसिंह ने अपनी विधानसभा की तैयारी शुरू की और कांग्रेस से टिकट की लगभग ग्यारंटी भी समझी। मगर समर्थकों में एमपी का किंग कहे जाने वाले जीवनसिंह को कांग्रेस ने जावरा में जगह नहीं दी। जिसके पीछे कारण बेदाग छवि का नहीं होना बताया जा रहा है। बरहाल जीवनसिंह का कहना है कि वे उनकी मांगों को लेकर अडिग है, इन मांगों को कांग्रेस ने अपने वचनपत्र में जगह नहीं दी है। जीवनसिंह निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके है। फिलहाल जीवनसिंह शेरपुर 80 के करीब विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी की बात कह रहे है। ऐसे में अब कहीं और तो नहीं मगर जावरा में त्रिकोणीय मुकाबला जरूर देखने में आ सकता है। जीवनसिंह शेरपुर के समर्थकों का मानना है कि राजपूत समाज के अलावा अन्य समाज भी उनके साथ है। खेर अब भाजपा की सूची का सभी को बेसब्री से इंतजार है। इस सूची में जावरा, आलोट और रतलाम ग्रामीण की स्थिति स्पष्ट होगी। मौजूदा रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना दिल्ली-भोपाल दौड़ने में लगे है। वहीं पूर्व विधायक मथुरालाल डामर के समर्थकों का मानना है की त्याग व जनता के बीच रहने वाले “बा” को अवसर दिया जाए। ग्रामीण में मथुरालाल डामर की इस बार हवा तेज है। बात यह भी सामने आ रही है कि कई समर्थक इनके टिकट के लिए उपवास तक रख रहे है। लोग पूजा अनुष्ठान कर रहे है।

भैरव मंदिर ऐसा भी! : यहां गलती होने पर तुरंत मिलती है सजा, निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान है ये मंदिर

कई किस्से कहानियों के साथ आज भी जिंदा है परंपरा, पढ़िए विशेष खबर रतलाम के इस अनूठे भैरव मंदिर की…. पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारत धार्मिक मान्यता प्रधान देश है। यहांहर त्यौहार अपना विशेष महत्व रखता है। देश के हर राज्य व शहर में चमत्कारिक देवस्थल मौजूद हैं जहां चमत्कारिक घटनाओं की साक्षात अनुभूति होती है। आज हम बात करेंगे मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित ऐसे ही एक प्राचीन स्थल की। यहां के धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर अपनी अनोखी गाथाओं व किस्से कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है की यहां भूत बाधाओं से छुटकारा मिलने के साथ – साथ निःसंतान दंपत्ति को संतान का सुख भी मिलता है। इसके अलावा यहां अगर पूजन – पाठ में गलती या खराब मन से कोई पहुंचता है तो उसे तुरंत भैरव महाराज सजा देते है। संबंधित व्यक्ति को उसी समय गलती का एहसास हो जाता है। इस मंदिर को पछाड़मल भैरव के नाम से जाना जाता है। इस नाम के पीछे मान्यता है कि जो कोई भी गलती करता है, तो उसे भैरवनाथ पछाड़ कर सजा देते है। भैरवनाथ को मां दुर्गा के बाद पूजने का विशेष महत्व है कहा जाता है कि जिस प्रकार नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार भगवान भैरवनाथ की आराधना भी महत्व रखती है। दर्शन के लिए इस मंदिर तक आप शहर के थावरिया बाजार या हरमाला रोड होते हुए आसानी पहुंच सकते है। दो प्रतिमाएं विराजमान, मदिरा व दूध का लगता भोग :पिछले कई वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे रविंद्रसिंह सोनगरा बताते हैं कि यहां भैरवनाथ की काला व गौरा दो प्रतिमाएं विराजमान है। इनमें से एक को मदिरा तो दूसरे को दूध का भोग लगता है। इन प्रतिमाओं की स्थापना की सही जानकारी किसी को नहीं मालूम है। बताया जाता है कि रतलाम रियासतकाल से यह मंदिर स्थापित है। यहां नौ दिन अखंड ज्योत व जवारों की स्थापना होती है। दशहरे पर विधि विधान से जवारों का विसर्जन किया जाता है। देश भर से यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है। यहां रियासतकाल के दौर से जवारों का विसर्जन किया जा रहा है जिसे स्थानीय लोग बाड़ी के नाम से भी जानते है। फिलहाल मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा जो कि जनसहयोग से पूरा किया जाएगा। मनोकामना पूरी करते है पछाड़मल भैरव :इस मंदिर के बारे में कई किस्से कहानियां आज भी जिंदा है। भक्त यहां आज भी मनोकामना लेकर आते है। जिनकी मनोकामनाएं यहां से पूरी हुई है और शहर के बाहर है वे लोग नवरात्रि में विशेष रूप से यहां आते है। मान्यता है की यहां जवार विसर्जन के दौरान शामिल होने पर दुख दर्द भी विसर्जित हो जाते है। विसर्जन के बाद लोग जवार को अपने साथ लेकर घर आते है और लाल कपड़े में बांध कर भी रखते है। लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि यहां भूत बाधाओं व शारीरिक कष्टों से भी छुटकारा मिलता है। निःसंतान दंपत्ति यहां संतान की मनोकामना लेकर जाते है तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। भैरव को यहां मदिरा व दूध के अलावा लोग सिंदूर का चोला चढ़ाते है। कई लोग यहां बकरे की बलि या दाल, बाटी व चूरमे की मन्नत भी रखते है। इस क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि यहां मन्नत लेने से सबकुछ मिलता है। सबसे खास बात है कि यहां मन्नत के समय कुछ खास चढ़ावा नहीं चढ़ाना होता है। मदिरा, दूध या नारियल से ही भैरव बाबा खुश हो जाते है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। पब्लिक वार्ता इस बारे में किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

बेख़ौफ गुंडागर्दी : मेला घूमने आए पति,पत्नी व मासूम बच्चों की कर दी पिटाई, सायकल स्टैंड के कर्मचारियों की करतूत

मेले में सायकल स्टैंड यानी गुंडागर्दी का लाईसेंस?, शुरुआत में ही रहवासियों से कर बैठे विवाद! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में सरेआम गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जहां एक तरफ पुलिस ने लिस्टेड गुंडों की परेड लगाई वहीं दूसरी और 5 घंटे बाद ही मारपीट की घटना सामने आ गई। पुलिस की चेतावनी से बेख़ौफ बदमाशों ने साथ मेला घूमने आए पति, पत्नी व मासूम बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। फरियादी के अनुसार मारपीट करने वाले सभी युवक मेले में ठेके पर संचालित होने वाले सायकल स्टैंड पर काम करने वाले बताए जा रहे है।घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना स्टेशन रोड पर बड़ी संख्या में परिजन व समाजजन पहुंचे और विरोध दर्ज करवाया। विवाद की सूचना मिलते ही थाने से चिता जवान मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया। घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फरियादी महिला फलकनाज पति परवेज निवासी नाहरपुरा ने पुलिस को बताया कि पति परवेज और 3 साल की बेटी हुरेन व 1.5 साल के बेटे अजलान तीनों मेले से लोट रहे थे। तभी ओटो में बैठने के दौरान कान्वेंट तिराहे के यहां दो युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए आए और टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों को जब पति परवेज ने सही से बाइक चलाने की बात कही तो पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवकों के अन्य साथी भी वहां पहुंचे और उन्होनें महिला समेत बच्चों के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। विवाद होता देख आसपास लोगों ने दोनों को बचाया और पुलिस को सूचना की। पुलिस ने मौके से नकुल व गौरव नाम के युवकों को हिरासत में लिया है। अन्य बदमाश पुलिस को देखकर भाग निकले। मारपीट व टक्कर की घटना में मासूम हुरेन को होंठ में व अजलान को हाथ व मुंह में चोट आई है। वहीं दोनों पति – पत्नी भी मारपीट में घायल हुए हैं। जिनका सिविल हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। सायकल स्टैंड या गुंडागर्दी का लाईसेंस :कालिका माता मेले के दौरान सायकल स्टैंड ठेके पर देना, गुंडागर्दी के लाइसेंस देने के समान हो गया है। यहां सायकल स्टैंड पर बगैर गिनती के युवकों को वसूली पर लगाया जा रहा है। जिनमें अधिकांश गुंडा तत्व शामिल होते है। यहां मेला घूमने आने वालो से मनमर्जी के मुताबिक 20 से 50 रुपए तक वसूले जा रहे है। इस बार निगम ने चार स्थानों पर स्टैंड बनाए है। यहां स्टैंड पर काम करने या बैठेने वाले युवकों की जानकारी तक पुलिस या निगम के पास उपलब्ध नहीं है। नवरात्रि शुरू होते ही स्टैंड के कर्मचारियों ने रहवासियों के साथ गुंडागर्दी शुरू कर दी थी। जिसकी शिकायत पुलिस के पास पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने स्टैंड संचालकों को बुलाकर समझाईश दी थी।  

सट्टे पर संग्राम : पुलिस की पकड़ से कोसों दूर बड़े सफेदपोश, बुलियन की आड़ में फल-फूल रहा MCX का काला धंधा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सेंव, साड़ी और सोना शहर की अपनी पहचान है।  इस पहचान के पीछे सोने का बड़ा रोल है, इसी सोने की आड़ में आज MCX सट्टेबाजी के काले धंधे ने जड़े जमा ली है। सेंव, साड़ी और सोने के अलावा अब “सट्टा” शहर की काली पहचान बन चुका है। पिछले 8 दिनों से थाना माणक चौक पुलिस की एमसीएक्स (MCX) सट्टेबाजों पर की गई कार्रवाई के लिए पीठ थपथपाई जा रही है। सूत्रों की माने तो अब तक MCX सट्टे में जिनको आरोपी बनाया गया है, वे सभी MCX का छोटा सट्टा करते है या करवाते है। इसके पीछे के तार बहुत लंबे और दूर तक फैले है। शहर में बुलियन व्यापार की आड़ में अवैध रूप से एमसीएक्स (MCX) का सट्टा संचालित हो रहा है। यहां व्हाइट कॉलर लोग बुलियन और सर्राफे का सफेद धंधा दिखाकर सट्टेबाजी के काले धंधे को तेजी से बढ़ा रहे है। इस काले कारोबार का महीनों का हिसाब किताब अरबों रुपयों में पहुंचता है। MCX की अवैध सट्टेबाजी से सरकार को करोड़ों के टैक्स की अलग से चपत लगाई जा रही है। इन सफेदपोश सट्टेबाजों को पुलिस या तो जानबूझकर अनदेखा कर रही है या फिर इन तक पहुंचने के पहले ही राजनीतिक रसूख आड़े आ जाता है। पब्लिक वार्ता के पास सट्टे से जुड़ी और भी कई कड़ियां है जो पाठकों तक जल्द ही पहुंचाई जाएगी। गैर कानूनी व काले कारनामे में हुई अचानक इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका व सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे है। थाना प्रभारी प्रीति कटारे के आने के बाद एक के बाद एक कड़ियां खुली, मगर ये केवल छोटे सटोरियों तक सीमित रही। इतने लंबे समय बाद अचानक हुई कार्रवाई से शहर में चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इतने समय तक पुलिस केवल पर्ची और क्रिकेट के सट्टे पर ही कार्रवाई क्यों करती थी? खेर देखना यह होगा कि क्या आगे कार्रवाई में शहर के इन व्हाइट कॉलर तक कानून का हाथ पहुंचेगा या नहीं? या फिर हर बार की तरह कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डालकर खानापूर्ति कर दी जाएगी। क्या है बुलियन का व्यापार ? :सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बूलियन मार्केट के जरिए ही होता है। सोने की खरीद दो तरह से की जाती है। आम लोग सर्राफा बाजार से सोने की खरीददारी करते हैं। वहीं कारोबारी इत्यादि लोग वायदा बाजार के जरिए सोने की खरीददारी करते हैं। बूलियन मार्केट वह जगह होती है जहां सोने-चांदी का व्यापार वायदा बाजार (फ्यूचर मार्केट) के जरिए होता है। साथ ही ओवर द काउंटर भी सोने-चांदी की खरीददारी वहां की जा सकती है। बूलियन मार्केट 24 घंटे खुला रहता है। यहां सोना व चांदी 99 प्रतिशत शुद्ध रूप में मिलती है, जो कि ईंट, सिल्ली, सिक्के या बिस्किट के रूप होती है। सोने-चांदी के औद्योगिक इस्तेमाल से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे में बूलियन मार्केट को सोने के इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है। ऐसे शुरू हुआ MCX पर दबिश का दौर :माणकचौक थाना पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा का कारोबार करने वाले फरार आरोपी को पकड़ा। पुलिस ने आरोपी का थाने से कोर्ट तक जुलूस निकाला। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स का सट्टा कारोबार में फरार चल रहे आरोपी विशाल उर्फ लाला पिता अशोक दुग्गड़ निवासी भरावा की कुई को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लाला दुग्गड़ को मुखिया बताया जा रहा है। जिसका कोर्ट तक पैदल जुलूस निकालते हुए ले जाया गया। 11 अक्टूबर को पुलिस ने चांदनीचौक क्षेत्र स्थित तालवालों की गली से सनी उर्फ बंटी (40) पिता लक्ष्मीनारायण राजोरा निवासी तेजा नगर को एमसीएक्स (MCX) का सट्टा करते पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने 12 अक्टूबर को अंकित उर्फ लाला (34) पिता सुशील कुमार जैन निवासी सेठजी का बाजार, विजय (34) पिता मोहनलाल राठौर निवासी कल्याण नगर व पीयूष पिता राजेंद्र कुमार सोनी निवासी बिचलावास को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने विशाल उर्फ लाला, राहुल राठौड़, चरण सिंह जाट, कमलेश मराठा, दिनेश राठौर, संजय संघवी, अनिल कटकानी सहित अन्य का नाम बताया था। आरोपियों के कब्जे से जब्त दस्तावेजों से 56 लाख 11 हजार 739 रुपए का हिसाब मिला था। पुलिस फिलहाल फरार चल रहे और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मचा हड़कंप : मेडीकल कॉलेज की बिल्डिंग पर चढ़ी महिला, पाइप के सहारे उतरने का कर रही थी प्रयास

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से बीमार महिला कॉलेज की बिल्डिंग पर दिखाई दी। महिला पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान वह बिल्डिंग के तीसरे माले पर फंस गई। महिला को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड ने देखा और पुलिस चौकी पर सूचना दी। इसी दौरान महिला का बेटा भी मौके पर पहुंचा। मां की जान बचाने के लिए वह पाइप के सहारे ही ऊपर चढ़ गया और महिला को संभाला। सबकुछ होता देख मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के एएसआई सुनील सिंह ने मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई और सीढ़ी और रस्सी के सहारे बीमार महिला को नीचे उतारा गया। रेस्क्यू के बाद बीमार महिला को फिर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार घटना करीब 10:30 बजे की है जब मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने देखा कि एक महिला तीसरे माले की खिड़की के पास बैठी हुई है। मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस चौकी पर इसकी सूचना गार्ड ने दी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि महिला आखिर तीसरे माले की खिड़की के बाहर पहुंची कैसे। इसी दौरान महिला का बेटा महेश चरपोटा मौके पर पहुंचा। अपनी मां को खतरे में देख महेश पाइप के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और मां को जाकर संभाला। महिला के रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। महिला के बेटे महेश ने बताया कि वह इमलीपाड़ा बाजना के रहने वाले हैं। पिताजी की मृत्यु के बाद माता पारी बाई मानसिक रूप से बीमार हो गई है। उन्हें 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। वह नाश्ता लेने बाहर आया था तभी उसकी मां अस्पताल की छत पर पहुंच गई और पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। बहरहाल गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से महेश ने अपनी मां की जान बचा ली। अन्यथा कोई जानलेवा हादसा हो सकता था।