रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कनेरी स्थित पुलिस लाइन में गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दिवंगत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल के नाम आवंटित सरकारी आवास को खाली कराया। कार्रवाई के दौरान दूसरी पत्नी जमना चारेल और उनके परिजनों को क्वार्टर से बाहर किया गया तथा मकान को सील कर दिया गया। इस दौरान मौके पर भावुक माहौल और हल्का हंगामा भी देखने को मिला।
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जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल का लगभग तीन वर्ष पूर्व बीमारी के कारण निधन हो गया था। विभागीय रिकॉर्ड में उनकी पहली पत्नी मीरा चारेल और चार बच्चों के नाम दर्ज हैं, जो गांव में निवास करते हैं। वहीं दूसरी पत्नी जमना चारेल अपने दो पुत्रों और दो पुत्रियों के साथ पिछले दो वर्षों से पुलिस लाइन के क्वार्टर में रह रही थीं, लेकिन उनका नाम सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं है।
पहली पत्नी को नहीं मिल रहे थे विभागीय लाभ
पहली पत्नी मीरा चारेल ने आरोप लगाया था कि क्वार्टर खाली नहीं होने के कारण उन्हें पति के निधन के बाद मिलने वाले विभागीय लाभ प्राप्त करने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में उन्होंने आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर अधिकारियों के समक्ष आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।
12 नोटिस के बाद भी नहीं छोड़ा कब्जा
पुलिस के अनुसार दूसरी पत्नी को पिछले दो वर्षों में करीब 12 बार नोटिस जारी कर मकान खाली करने को कहा गया था, लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा गया। इसके बाद अधिकारियों ने एक कमेटी गठित कर गुरुवार को कार्रवाई की। संयुक्त टीम में आरआई मोहन भर्रावत, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी गायत्री सोनी और सूबेदार मोनिका सिंह चौहान सहित पुलिस बल और फायर ब्रिगेड मौजूद रही।
नियम क्या कहते हैं?
नियमों के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी के निधन के बाद परिजनों को अधिकतम छह माह तक सरकारी क्वार्टर में रहने की अनुमति होती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। आरआई मोहन भर्रावत ने बताया कि परिवार के लिए त्रिपोलिया गेट के पास एक सप्ताह की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि वे आगे की व्यवस्था कर सकें।
कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने घर का सामान बाहर निकलवाया और आवास को सील कर दिया।