रतलाम में सेवा भारती का भव्य कन्या पूजन समारोह, 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन, 500 से ज्यादा समाजजन हुए शामिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सेवा भारती द्वारा आयोजित कन्या पूजन समारोह में रविवार को बड़ी संख्या में कन्याओं और समाजजनों ने भाग लिया। सगोद रोड स्थित श्री बुद्धेश्वर हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जबकि 500 से ज्यादा समाजजन शामिल हुए। समारोह में बेटियों के सम्मान के साथ उनकी शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अतिथियों ने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना भी समाज की जिम्मेदारी है। मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ समारोह की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा सराफ उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया और श्वेता विंचुंकर रहे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम थे। सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए समाजजनों से सेवा गतिविधियों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। डॉ. आशा सराफ ने की 25 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा मुख्य अतिथि डॉ. आशा सराफ ने अपने संबोधन में बालिकाओं की शिक्षा, बेहतर पालन-पोषण और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए डॉ. सराफ ने संस्था के सेवा प्रकल्पों के लिए 25 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा भी की। विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया ने कहा कि सेवा भारती शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वहीं, श्वेता विंचुंकर ने भारतीय संस्कृति में नारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और सृजन का प्रतीक माना गया है। आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही भविष्य में परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाएंगी। सेवा का अर्थ निस्वार्थ समर्पण, श्रेय लेना नहीं : विक्रम समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम ने सेवा और दान के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि सच्ची सेवा का आधार निस्वार्थ समर्पण है। उन्होंने कहा कि सेवा किसी पर उपकार जताने या उसका श्रेय लेने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और ईश्वर के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन है। व्यक्ति को स्वयं को सेवा कार्यों का कर्ता मानने के बजाय एक माध्यम समझना चाहिए। उन्होंने समाजहित में बिना किसी स्वार्थ और अहंकार के कार्य करने का संदेश दिया। मंच पर नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन समारोह के दौरान मंचासीन अतिथियों ने नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन किया। आयोजन में कुल 1600 से अधिक कन्याओं की सहभागिता रही। इस अवसर पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, उनकी शिक्षा और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित समाजजनों ने भी कन्याओं के सम्मान और उनके विकास में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन रहे उपस्थित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक, विभाग सह कार्यवाह, जिला कार्यवाह सहित सेवा भारती के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें सेवा भारती अध्यक्ष अनुज छाजेड़, राकेश मोदी, मोहित कसेरा, अभिनव बरमेचा, स्वतंत्र पाटनी, नितिन फलोदिया, शीतल भंसाली, संगीता जैन, निधि अग्रवाल, आशा दुबे, संजीव पाठक, राजेश गोयल, सुरेश वर्मा, योगेश जात और अर्पित गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मोहित कसेरा ने किया। आयोजन संयोजक शीतल भंसाली ने अतिथियों, कन्याओं, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कन्या पूजन के साथ बेटियों को शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

रतलाम के रॉयल कॉलेज में टेक-कम-कल्चरल मीट, विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी और सांस्कृतिक प्रतिभा

रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम के रॉयल कॉलेज में बीसीए और बीएससी (कंप्यूटर साइंस) के विद्यार्थियों के लिए ‘टेक-कम-कल्चरल मीट’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तकनीकी ज्ञान, शैक्षणिक मार्गदर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं विशेषज्ञों ने उन्हें आईटी क्षेत्र में करियर की संभावनाओं और सफलता के महत्वपूर्ण मंत्र बताए। आयोजन में विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने, नए प्रयोग करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं देश के विकास में करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। आईटी क्षेत्र में भारतीय युवाओं की बढ़ती भूमिका पर चर्चा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. संजय वाते रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों की जानकारी दी। डॉ. वाते ने कहा कि दुनिया की कई बड़ी आईटी कंपनियों और तकनीकी संस्थानों में भारतीय प्रतिभाएं महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। भारतीय युवा अपनी योग्यता और तकनीकी कौशल के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी। साथ ही कहा कि आईटी ऐसा क्षेत्र है, जहां सफलता के लिए लगातार नई तकनीक सीखना और अपने कौशल को विकसित करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से नवाचार को बढ़ावा देने और तकनीकी ज्ञान का उपयोग समाज कल्याण एवं राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया। बड़े सपने और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की कुंजी कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका सारस्वत ने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने की दिशा में ईमानदारी और निरंतर मेहनत करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच अपनाने, संवाद कौशल विकसित करने और जीवन में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया। वहीं शासकीय पीएम श्री कॉलेज, रतलाम की प्रो. आयुषी सोनी ने विद्यार्थियों को अनुशासन और नियमित परिश्रम का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन में पढ़ाई के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। तकनीकी दक्षता के साथ सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन टेक-कम-कल्चरल मीट के दौरान कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी दक्षता और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता कार्यक्रम में कॉलेज की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपिका कुमावत सहित सभी प्राध्यापक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. आंचल नागल ने किया। अंत में कॉलेज प्रशासक प्रो. दिनेश राजपुरोहित ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रतलाम में युवती सम्मेलन: संस्कारों से सशक्त समाज बनाने का संदेश, छात्राओं ने दिखाई सांस्कृतिक प्रतिभा

रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने युवती सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पंच परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हुई। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नगर इकाई द्वारा युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘संस्कार से सामर्थ्य, संस्कृति से शक्ति’ की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका को लेकर विचार साझा किए गए। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘पंच परिवर्तन’ रखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया। साथ ही समाज में महिलाओं की भागीदारी और उनके योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवतियों की भूमिका और भारतीय संस्कृति पर हुई चर्चा सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद की प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. माला सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक प्रमुख प्रतिभा सोनटक्के प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में युवतियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सम्मेलन के माध्यम से यह विचार सामने रखा गया कि संस्कारों से सशक्त समाज का निर्माण होता है और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण राष्ट्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंच परिवर्तन रहा सम्मेलन का मुख्य विषय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सम्मेलन के लिए पंच परिवर्तन को केंद्रीय विषय बनाया। इसके माध्यम से छात्राओं को व्यक्तिगत जीवन के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। अभाविप का मानना है कि संस्कारित और जागरूक युवतियां समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसी सोच के साथ सम्मेलन में स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी के योगदान पर जोर दिया गया। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई प्रतिभा सम्मेलन में विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी स्थान दिया गया। छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम में अभाविप नगर अध्यक्ष जयश्री राठौर और जिला छात्रा प्रमुख काशीष चौहान भी उपस्थित रहीं। सम्मेलन का संचालन मनस्वी चौहान ने किया। आयोजन के लिए रतलाम के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से 500 से अधिक छात्राओं की भागीदारी अपेक्षित थी। हालांकि, कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं की वास्तविक संख्या की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है। समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पर जोर सम्मेलन के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी आवश्यक है। आयोजकों ने युवतियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने को सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य बताया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक दायित्वों जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।

रतलाम की JSG संगिनी उमंग ने बढ़ाया शहर का गौरव, सेवा प्रोजेक्ट में MP रीजन में रही अव्वल

रतलाम के JSG संगिनी उमंग ग्रुप ने शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में MP रीजन में प्रथम स्थान हासिल किया। सभी सदस्यों ने खुशी जताई। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम की महिलाओं ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। JSG MP रीजन द्वारा दिए गए शिक्षक सम्मान एवं विद्यालय में आवश्यक सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से ग्रुप की सभी सदस्यों में खुशी का माहौल है। शिक्षकों के सम्मान और विद्यालयों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस प्रोजेक्ट को संगिनी उमंग परिवार ने सफलतापूर्वक पूरा किया। सेवा कार्यों के प्रति सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों के चलते ग्रुप को मध्यप्रदेश रीजन में पहला स्थान मिला। ग्रुप की अध्यक्ष रेनू लूनिया और सचिव निर्मला पटवा ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी सदस्यों को देते हुए कहा कि यह सफलता आपसी सहयोग, समर्पण और सेवा भावना का परिणाम है। शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण में मिली सफलता JSG MP रीजन की ओर से शिक्षक सम्मान एवं विद्यालय में आवश्यक सामग्री वितरण का प्रोजेक्ट दिया गया था। इसका उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना और विद्यालयों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग करना था। JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार की सदस्यों ने इस प्रोजेक्ट में सक्रिय सहभागिता निभाई। सामूहिक प्रयासों से कार्य पूरा करने के बाद ग्रुप ने रीजन स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि को ग्रुप ने सभी सखियों की मेहनत और एकजुटता का प्रतीक बताया है। सभी सखियों के सहयोग से मिली उपलब्धि ग्रुप की ओर से जारी आभार संदेश में कहा गया कि किसी भी सेवा कार्य की सफलता के पीछे पूरी टीम का योगदान महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में सभी सदस्यों ने सहयोग और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। अध्यक्ष रेनू लूनिया, सचिव निर्मला पटवा और अनिता कोठारी ने ग्रुप की सभी सखियों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल किसी एक सदस्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे संगिनी उमंग परिवार की सामूहिक मेहनत और एकता का परिणाम है। निर्णायक मंडल और रीजन पदाधिकारियों का जताया आभार प्रथम स्थान प्राप्त करने पर JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने MP रीजन के निर्णायक मंडल और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रुप ने निर्णायक मंडल की सदस्य कीर्ति मोदी, सुषमा गंगवाल और रेखा रातड़िया को विशेष धन्यवाद दिया। इसके साथ ही JSG MP रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद, अश्विन मेहता, मनीष चपलोद एवं रीजन की समस्त पदाधिकारी टीम के सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना की गई। ग्रुप की ओर से कहा गया कि रीजन पदाधिकारियों का प्रोत्साहन सदस्यों को सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ने और नए सेवा कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। समाजसेवा के प्रति समर्पण का मिला सम्मान JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने इस सफलता को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा है। ग्रुप का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से समाज के लिए उपयोगी कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। शिक्षकों का सम्मान और विद्यालयों में आवश्यक सामग्री का वितरण शिक्षा के प्रति सहयोग की भावना को भी दर्शाता है। रीजन स्तर पर मिली इस उपलब्धि ने ग्रुप की सदस्यों का उत्साह बढ़ाया है। सभी ने इस सफलता पर एक-दूसरे को बधाई देते हुए भविष्य में भी सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की भावना व्यक्त की।

Ratlam News: रतलाम में फाटक पर फंसी कार से टकराई सुपरफास्ट ट्रेन, दूर जा गिरी गाड़ी; गेटमैन पर गंभीर आरोप

Ratlam News: रतलाम के बंजली रेलवे फाटक पर हिसार-खड़की एक्सप्रेस ने कार को टक्कर मार दी। चालक सुरक्षित बच गया। गेटमैन पर नशे में होने का आरोप, रेलवे ने जांच की बात कही। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गुरुवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। बंजली बायपास मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग के बीच फंसी कार को तेज रफ्तार सुपरफास्ट ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार दूर जा गिरी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। राहत की बात यह रही कि कार चालक समय रहते वाहन से बाहर निकल गया था। घटना रात करीब 10:30 बजे की है। हिसार से खड़की जा रही ट्रेन संख्या 22980 रेलवे फाटक पर खड़ी कार से टकरा गई। हादसे में ट्रेन के इंजन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ। ट्रेन में सवार किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद कार चालक ने रेलवे गेटमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि फाटक पर तैनात कर्मचारी शराब के नशे में था और समय रहते ट्रेन को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। सूचना मिलने पर डीआरएम अश्वनी कुमार सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना का वीडियो देखे खुला फाटक देखकर आगे बढ़ाई कार, बीच में ही बंद हो गए गेट ताल निवासी प्रणय उपाध्याय अपनी कार क्रमांक GJ 15 CK 0369 से रतलाम की ओर आ रहे थे। उनके अनुसार, बंजली बायपास रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचने के दौरान फाटक खुला हुआ था। फाटक खुला देखकर उन्होंने कार आगे बढ़ा दी, लेकिन वाहन के रेलवे ट्रैक के बीच पहुंचते ही फाटक बंद हो गया। इससे उनकी कार क्रॉसिंग के अंदर फंस गई। प्रणय ने बताया कि स्थिति को देखते हुए वह तत्काल कार से उतरे और रेलवे कर्मचारी को जानकारी देने पहुंचे। उनका कहना है कि गेटमैन का कमरा घटनास्थल से करीब पांच मिनट की दूरी पर था। कार चालक का आरोप, गेटमैन के कमरे में मिलीं शराब की बोतलें प्रणय उपाध्याय ने आरोप लगाया कि जब वह गेटमैन के पास पहुंचे तो वह शराब के नशे में दिखाई दिया। कमरे में शराब और बीयर की बोतलें, केन और गिलास भी रखे हुए थे। कार चालक के मुताबिक, उस समय ट्रेन आने में लगभग 10 मिनट का समय था। उन्होंने कर्मचारी को रेलवे ट्रैक पर कार फंसी होने की जानकारी दी और खतरे से आगाह किया। प्रणय का दावा है कि उनके पास घटना से जुड़ा एक वीडियो भी मौजूद है, जिसमें गेटमैन कथित तौर पर नशे की हालत में बातचीत करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, गेटमैन के शराब के नशे में होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ट्रेन की दिशा को लेकर भी लगाया आरोप कार चालक के अनुसार, गेटमैन से बातचीत के बाद वह वापस रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे और अपनी कार को हटाने का प्रयास करने लगे। प्रणय ने आरोप लगाया कि गेटमैन ने उन्हें बताया था कि ट्रेन दूसरी दिशा से आएगी और जिस तरफ कार खड़ी है, उस ओर से नहीं आएगी। इसी दौरान ट्रेन आ गई और फाटक के बीच फंसी कार से टकरा गई। टक्कर लगते ही कार दूर जा गिरी। प्रणय के मुताबिक, हादसे के समय कार में उनके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था। वह पहले ही बाहर निकल चुके थे, जिससे उनकी जान बच गई। बाइक सवार भी बाल-बाल बचा हादसे के समय रेलवे क्रॉसिंग के आसपास एक बाइक सवार भी मौजूद था। कार चालक के अनुसार, ट्रेन आने से पहले बाइक सवार समय रहते सुरक्षित स्थान पर हट गया। प्रणय का कहना है कि यदि बाइक सवार कुछ देर और वहां रुक जाता तो वह भी हादसे की चपेट में आ सकता था। इस घटना के बाद रेलवे फाटक पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारी की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। डीआरएम अश्वनी कुमार पहुंचे, इंजन की हुई जांच रतलाम ट्रेन हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया। डीआरएम अश्वनी कुमार सहित अन्य रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। टक्कर के कारण सुपरफास्ट ट्रेन के इंजन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। ट्रेन के रतलाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद इंजन और संबंधित हिस्सों की जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। घटना में किसी रेल यात्री के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। जांच के बाद होगी कार्रवाई, डीआरएम ने दिया आश्वासन डीआरएम अश्वनी कुमार ने घटना की जांच कराने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। कार चालक की ओर से गेटमैन पर लगाए गए नशे और लापरवाही के आरोप भी जांच का विषय हैं। रेलवे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि फाटक बंद होने के दौरान कार क्रॉसिंग के भीतर कैसे फंसी और ऐसी आपात स्थिति में सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं

Ratlam News: रतलाम में छात्रा की हत्या का खुलासा: प्रेमी के साथ घर से निकली, होटल में रुके और फिर रेलवे ट्रैक के पास मिला शव

Ratlam News: रतलाम में बांसवाड़ा की 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा सुनहरी की हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने प्रेमी विकास को प्रयागराज से पकड़ा। होटल और रेलवे ट्रैक से सुराग मिले। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: राजस्थान के बांसवाड़ा से अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर निकली 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की जिंदगी का रतलाम में दुखद अंत हो गया। रेलवे ट्रैक किनारे नाले में मिली छात्रा की लाश के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने युवती की गला घोंटकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। मृतका की पहचान बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र के बडलिया गांव निवासी सुनहरी भगोरा (20) के रूप में हुई है। वह कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। हत्या के आरोप में गिरफ्तार विकास यादव (20) भी उसी गांव में रहता था। पुलिस के मुताबिक दोनों 9 अक्टूबर को रतलाम पहुंचे थे। इस मामले में होटल के रजिस्टर से लेकर रेलवे ट्रैक के पास मिले कॉलेज बैग तक कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। राजस्थान पुलिस और रतलाम जीआरपी संयुक्त रूप से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। 9 अक्टूबर को घर से निकली थी छात्रा सुनहरी पुत्री नारायण भगोरा बांसवाड़ा जिले के बडलिया गांव की रहने वाली थी। उसका परिचय गांव में रहने वाले विकास पुत्र प्रतिपाल यादव से था। विकास मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के पास बिजलपुर गांव का निवासी है। वह अपने परिवार के साथ बांसवाड़ा में रहता था और मावे की दुकान पर मिठाई बनाने का काम करता था। 9 अक्टूबर को सुनहरी अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर घाटोल थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिवार ने विकास पर युवती को अपने साथ ले जाने का संदेह भी जताया था। रतलाम में रेलवे ट्रैक किनारे मिला शव 10 अक्टूबर को सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच रतलाम जीआरपी को प्लेटफॉर्म नंबर चार से आगे बकरा पुल के पास रेलवे ट्रैक किनारे नाले में एक युवती का शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम तथा पहचान की कार्रवाई के लिए मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवाया। शुरुआत में मृतका की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद जीआरपी ने उसकी तस्वीर आसपास के पुलिस थानों और दूसरे जिलों में भेजी। तस्वीर बांसवाड़ा पुलिस तक पहुंचने के बाद 12 अक्टूबर को मृतका की पहचान सुनहरी भगोरा के रूप में हुई। मंगलवार को उसके परिजन तीन वाहनों से रतलाम पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंप दिया। होटल में चार घंटे साथ रहे थे सुनहरी और विकास पुलिस जांच में सामने आया कि सुनहरी और विकास 9 अक्टूबर की शाम रतलाम के स्टेशन रोड स्थित मनोहर गली में होटल जय महाकाली पहुंचे थे। होटल के रजिस्टर में दोनों के ठहरने की जानकारी मिली है। वे कमरा नंबर दो में करीब चार घंटे रुके थे। इसके बाद दोनों होटल से निकलकर रेलवे स्टेशन की ओर गए। पुलिस के अनुसार विकास ने सुनहरी को प्रयागराज ले जाने की बात कही थी। लेकिन स्टेशन क्षेत्र में पहुंचने के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने रेलवे ट्रैक के पास युवती का गला घोंटकर हत्या करने की बात कही है। सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए चुना दूसरा रास्ता जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार आरोपी विकास युवती को रेलवे स्टेशन के मुख्य रास्ते से ले जाने के बजाय दूसरे रास्ते से बकरा पुल की ओर लेकर गया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यह रास्ता इसलिए चुना, ताकि दोनों सीसीटीवी कैमरों में नजर न आएं। हत्या के बाद युवती का शव नाले में छोड़कर आरोपी प्रयागराज चला गया। जांच टीम अब होटल और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि होटल से निकलने के बाद दोनों किन रास्तों से गुजरे थे। प्रयागराज में पारिवारिक कार्यक्रम से गिरफ्तार हुआ आरोपी सुनहरी की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद बांसवाड़ा पुलिस विकास की तलाश में जुटी थी। उसकी तलाश करते हुए पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची। शुरुआत में विकास अपने गांव में नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया। जांच के दौरान जानकारी मिली कि परिवार में किसी की मृत्यु के बाद आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विकास आया हुआ था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को बांसवाड़ा के डीएसपी देवेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ आरोपी को रतलाम लेकर पहुंचे। मामले की जानकारी रतलाम एसपी अमित कुमार को भी दी गई। घटनास्थल से 100 मीटर दूर मिला छात्रा का कॉलेज बैग पुलिस को घटनास्थल की जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, राजस्थान पुलिस और जीआरपी की टीम ने रेलवे ट्रैक के आसपास निरीक्षण किया। इस दौरान शव मिलने की जगह से रेलवे स्टेशन की ओर करीब 100 मीटर दूर एक कॉलेज बैग बरामद हुआ। बैग के अंदर किताबें, कॉपियां और कॉलेज की यूनिफॉर्म रखी हुई थी। राजस्थान पुलिस ने बैग जब्त कर लिया है। जांच टीम आरोपी को होटल भी लेकर पहुंची, जहां रजिस्टर और अन्य संबंधित जानकारी की जांच की गई। दूसरी युवती से संबंध की जानकारी भी आई सामने बांसवाड़ा के डीएसपी देवेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में होटल में सुनहरी के साथ शारीरिक संबंध बनाने और बाद में रेलवे ट्रैक के पास विवाद होने की बात कही है। पूछताछ में आरोपी ने विवाद के बाद युवती का गला घोंटने की बात भी स्वीकार की है। हालांकि पुलिस अभी हत्या के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। आरोपी के किसी दूसरी युवती से संबंध होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हत्या का संबंध इसी बात से था या विवाद की कोई दूसरी वजह थी। हत्या की वजह और घटनाक्रम की जांच जारी रतलाम छात्रा हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। होटल में ठहरने का रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिला कॉलेज बैग और आरोपी से पूछताछ में … Read more

रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी को अंतिम विदाई, बेटे-पौत्रों ने दी मुखाग्नि, शोक सभा में उमड़े गणमान्यजन

रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन शामिल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सोमवार, 12 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का अंतिम संस्कार किया गया। त्रिवेणी मुक्तिधाम में उनकी पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हुई। परिवार के सदस्यों के साथ शहर की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पुत्र चेतन्य काश्यप, पौत्र सिद्धार्थ काश्यप, श्रवण काश्यप और पड़पौत्र सारांश काश्यप ने मुखाग्नि दी। इससे पहले स्टेशन रोड स्थित विसाजी मेंशन से नगर निगम के मोक्ष रथ में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्यजन शामिल हुए। त्रिवेणी मुक्तिधाम में आयोजित शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को याद किया। विसाजी मेंशन से निकली अंतिम यात्रा, त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार तेजकुंवर बाई काश्यप की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड से शुरू हुई। पार्थिव देह को नगर निगम के मोक्ष रथ से त्रिवेणी मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां परिवार के सदस्यों और उपस्थित गणमान्यजनों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। तेजकुंवर बाई काश्यप कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप और भावना-शैलेंद्र मानावत की माताजी थीं। उनके निधन से परिवार सहित शहर के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं के शोक संदेश पढ़े गए त्रिवेणी मुक्तिधाम स्थित विधायक श्रद्धा सदन में आयोजित शोक सभा की शुरुआत विभिन्न धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के शोक संदेशों के वाचन से हुई। इस दौरान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज साहब और आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वर जी महाराज साहब के संदेश पढ़े गए। इसके अलावा मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल तथा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई प्रमुख नेताओं के शोक संदेशों का वाचन किया गया। मंत्री निर्मला भूरिया से लेकर सांसद और विधायकों ने दी श्रद्धांजलि शोक सभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय और रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री राज चौधरी, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना और पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने भी तेजकुंवर बाई काश्यप के व्यक्तित्व को याद किया। धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से सकल जैन श्रीसंघ के प्रकाश मूणत, सनातन धर्म सभा के अनिल झालानी, त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील लोढ़ा, अध्यक्ष सुशील छाजेड़, वीसा पोरवाल समाज के विलेश पोरवाल और मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन पाटीदार, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इब्राहिम शैरानी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया और रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश पुरी गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। कलेक्टर अजय कटेसरिया और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भी शोक सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजकमल जैन ने किया। पति के निधन के बाद संघर्ष कर बच्चों को दिए संस्कार शोक सभा में वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन संघर्ष को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि वे धर्मनिष्ठ, कर्मनिष्ठ और परिवार को संस्कार देने वाली महिला थीं। पति अशोक कुमार काश्यप के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने युवावस्था में ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद पुत्र और पुत्री का पालन-पोषण कर उन्हें अच्छे संस्कार दिए। वक्ताओं ने कहा कि उनके जीवन में धर्म, सेवा और परिवार के प्रति समर्पण का विशेष स्थान रहा। उन्होंने धार्मिक तप-आराधना के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों में भी योगदान दिया। चेतन्य काश्यप के सेवा कार्यों में मां के संस्कारों की झलक श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंत्री चेतन्य काश्यप द्वारा किए जा रहे परोपकार और जनसेवा के कार्यों के पीछे उनकी माताजी के दिए संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तेजकुंवर बाई काश्यप ने अपने परिवार को जिस तरह धार्मिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़े रखा, उसकी झलक आज भी परिवार के कार्यों में दिखाई देती है। वक्ताओं ने उनके निधन को केवल काश्यप परिवार ही नहीं, बल्कि रतलाम के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के लिए भी बड़ी क्षति बताया। 12 और 13 अक्टूबर को शोक बैठक, 14 अक्टूबर को उठावना परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार तेजकुंवर बाई काश्यप की शोक बैठक 12 और 13 अक्टूबर को रखी गई है। शोक बैठक का समय शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। यह बैठक स्टेशन रोड स्थित निवास स्थान विसाजी मेंशन में आयोजित होगी। उठावना, श्रद्धांजलि सभा एवं शोक निवारण कार्यक्रम बुधवार, 14 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक विधायक सभागृह, बरबड़ में आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आस्था और सेवा के लिए याद की जाएंगी तेजकुंवर बाई तेजकुंवर बाई काश्यप का जीवन पारिवारिक जिम्मेदारियों, धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा। पति के निधन के बाद परिवार को संभालने से लेकर बच्चों को संस्कारित करने तक उनके संघर्ष को शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने प्रेरणादायक बताया। उनकी अंतिम विदाई में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। परिवार की ओर से 14 अक्टूबर को श्रद्धांजलि सभा और शोक निवारण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को अगवा कर मारपीट का मामला, पूनम जान समेत 10 आरोपी गिरफ्तार, सभी पहुंचे जेल

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के अपहरण, मारपीट और लूट के मामले में जीआरपी ने पूनम जान समेत सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्कॉर्पियो और स्कूटी जब्त, सभी जेल भेजे गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के बीच बधाई मांगने और गुरु बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अपहरण, मारपीट और लूट के गंभीर मामले तक पहुंच गया। रेलवे स्टेशन क्षेत्र से किन्नरों को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने के मामले में जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी पूनम जान उर्फ धर्मवीर और उसके साथी मोहम्मद रईश उर्फ नायक को पुलिस ने एक फार्महाउस से पकड़ा। दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस प्रकरण में नामजद सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई काले रंग की स्कॉर्पियो और एक स्कूटी भी जब्त की है। आरोप है कि गैंग बनाकर आरोपियों ने किन्नरों को धमकाया, उनके साथ मारपीट की और नकदी भी छीन ली थी। रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ था अपहरण का घटनाक्रम मामले की शुरुआत 19 अगस्त को दर्ज शिकायत से हुई थी। दीपा गुरु दिशा जागीरदार ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रेलवे स्टेशन से जाते समय कुछ लोगों ने उन्हें और सनम को जबरन रोक लिया था। शिकायत के अनुसार, काले रंग की स्कॉर्पियो में आए लोगों ने चाकू और डंडे दिखाकर दोनों को धमकाया और जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया। आरोप है कि इसके बाद सैलाना बस स्टैंड से करीना और नित्या को भी साथ ले जाया गया। पूनम जान के घर से दिव्या को भी वाहन में बैठाने की बात शिकायत में सामने आई थी। डी-मार्ट रोड के पास सुनसान जगह ले जाकर पीटने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया कि सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। यहां उनके साथ लात-घूंसों और बेसबॉल के डंडे से मारपीट की गई। नित्या और करीना पर चाकू से हमला करने का भी आरोप है। इसके अलावा दीपा के पर्स से 10 से 15 हजार रुपये निकालने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। घटना के पीछे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बधाई मांगने और गुरु बदलने को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। इसी विवाद से जुड़े आरोपों के आधार पर जीआरपी ने जांच शुरू की थी। फार्महाउस से पकड़े गए पूनम जान और मोहम्मद रईश जीआरपी ने मामले में कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 48 वर्षीय पूनम जान उर्फ धर्मवीर पुत्र रामेश्वर बौरासी और 51 वर्षीय मोहम्मद रईश उर्फ नायक पुत्र मोहम्मद रशीद शामिल हैं। दोनों को एक फार्महाउस से पकड़ा गया। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी कर ली। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और स्कूटी भी जब्त की गई है। मामले में इन 10 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी जीआरपी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं: पूनम जान उर्फ धर्मवीर पुत्र रामेश्वर बौरासी, उम्र 48 वर्ष मोहम्मद रईश उर्फ नायक पुत्र मोहम्मद रशीद, उम्र 51 वर्ष आरिन रयान पुत्र मेहरुद्दीन शेख उर्फ मोनू राइडर उर्फ मोनू बैंडा साहिल पुत्र रुस्तम वसीम पुत्र मुबारिक अंसारी मोहम्मद तवीर पुत्र गुलाम मोहम्मद, उम्र 28 वर्ष मोहम्मद सोहेल पुत्र गुलाम मोहम्मद अल्ताफ उर्फ अलतु पुत्र असद खान आमिर पुत्र आबिद खान मुस्तफा पुत्र मुबारिक खान इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जीआरपी की टीम ने की कार्रवाई इस मामले में जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम में एसआई नौशाद खान, शिव सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल लोने और आरक्षक भूपेंद्र चौधरी, ऋषभ चौधरी, लवेंद्र भट्ट, संजय ढाबी, अभिषेक तथा नान सिंह शामिल रहे। जीआरपी की कार्रवाई के बाद अपहरण और मारपीट के इस मामले में सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है। गुरु बदलने और बधाई मांगने को लेकर था विवाद इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में किन्नर समुदाय के बीच गुरु बदलने और बधाई मांगने के अधिकार को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने एक समूह के सदस्यों को जबरन वाहन में बैठाया और उनके साथ मारपीट की। मामले में अपहरण के साथ लूट और हथियार दिखाकर धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। सभी आरोपी जेल भेजे गए रतलाम जीआरपी ने 19 अगस्त को दर्ज प्रकरण में सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने घटना से जुड़े दो वाहन भी जब्त किए हैं। इस मामले में अपहरण, मारपीट और नकदी छीनने के आरोपों की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

Ratlam News: रतलाम में मिठाई खाने के बाद ढाई साल के मासूम की मौत, माता-पिता की हालत बिगड़ी; जावरा में दुकान पर हंगाम

Ratlam News: रतलाम के बिनोली गांव में मिठाई खाने के बाद ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई। माता-पिता अस्पताल में भर्ती हैं। जावरा की दुकान से खाद्य विभाग ने नमूने लिए हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र के बिनोली गांव में एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब मिठाई खाने के बाद माता-पिता और उनके ढाई साल के बेटे की तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान मासूम आर्यन गोस्वामी की मौत हो गई, जबकि उसके पिता ईश्वर गोस्वामी और मां टीना गोस्वामी का मंदसौर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि परिवार ने जावरा की पुरानी धान मंडी स्थित देवश्री नमकीन भंडार से खरीदी गई मिठाई खाई थी। इसके कुछ घंटे बाद तीनों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण जावरा स्थित नमकीन दुकान पर पहुंच गए और हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकान का निरीक्षण कर मिठाई और नमकीन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। बेटे की जिद पर पिता खरीदकर लाए थे एक किलो मिठाई परिजनों के अनुसार, बिनोली गांव निवासी ईश्वर गोस्वामी मजदूरी करने जावरा गए थे। घर लौटते समय बेटे आर्यन के कहने पर उन्होंने एक दुकान से मिठाई खरीदी थी। मिठाई की कीमत 200 रुपये प्रति किलो थी और वे एक किलो मिठाई लेकर घर पहुंचे। रात करीब 9 बजे ईश्वर, उनकी पत्नी टीना और ढाई वर्षीय बेटे आर्यन ने साथ बैठकर मिठाई खाई। उस समय परिवार को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ जाएगी। रात करीब 12 से 1 बजे के बीच परिवार के तीनों सदस्यों को उल्टी-दस्त होने लगे। शुरुआत में स्थानीय डॉक्टरों से उपचार कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। सुबह 5 बजे मंदसौर ले गए, उपचार के दौरान मासूम ने तोड़ा दम बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन सुबह करीब 5 बजे उसे उपचार के लिए मंदसौर लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज के दौरान ढाई साल के आर्यन की मौत हो गई। बच्चे के माता-पिता भी बीमार हैं और मंदसौर के अस्पताल में उनका उपचार जारी है। एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत बिगड़ने और मासूम की मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने मिठाई खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाया है। हालांकि बच्चे की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जावरा की नमकीन दुकान पर पहुंचे ग्रामीण, पुलिस ने संभाली स्थिति घटना की जानकारी मिलने के बाद बिनोली गांव के बड़ी संख्या में लोग जावरा की पुरानी धान मंडी स्थित देवश्री नमकीन भंडार पहुंच गए। ग्रामीणों ने दुकान से खरीदी गई मिठाई को लेकर सवाल उठाए और नाराजगी जताई। दुकान पर हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश देकर मामला शांत करवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप- दुकानदार ने 1500 रुपये देकर बची मिठाई वापस ली मृतक आर्यन के ताऊ गोपाल गिरी गोस्वामी और चाचा कालू गिरी गोस्वामी ने दुकान संचालक को लेकर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद वे बची हुई करीब आधा किलो मिठाई लेकर दुकान पर पहुंचे थे। यहां दुकानदार से उपचार के खर्च को लेकर बातचीत हुई। उनका आरोप है कि दुकानदार ने 1500 रुपये दिए और बची हुई मिठाई वापस ले ली। परिजनों ने यह भी दावा किया कि बाद में दुकान से संबंधित मिठाई का बैच हटा दिया गया। ये सभी आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित परिस्थितियों की जांच अभी बाकी है। खाद्य विभाग ने दुकान से मिठाई और लौंग सेव के सैंपल लिए मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बघेल ने देवश्री नमकीन भंडार का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान संचालक सत्यनारायण अग्रवाल भी मौजूद थे। निरीक्षण में दुकान पर मावा और शक्कर से बनी करीब पांच किलो मिठाई संग्रहित मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई के साथ लौंग सेव के नमूने भी लिए। दोनों खाद्य पदार्थों के सैंपल परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कोई कमी थी या नहीं। फिलहाल मिठाई के दूषित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण रिंगनोद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और मिठाई की जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। बच्चे की मौत और माता-पिता की तबीयत बिगड़ने के बीच वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल और खाद्य परीक्षण रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी। जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई बिनोली गांव की इस घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम की मौत के बाद परिवार सदमे में है, जबकि उसके माता-पिता का उपचार जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार के तीनों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने का कारण मिठाई ही थी या कोई अन्य वजह। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य विभाग की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में थाने के अंदर मचा हड़कंप: दो किशोरियों ने खुद पर डाला तेल, पुलिस से झूमाझटकी

Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाने में दो किशोरियों ने खुद पर तेल डालकर आत्मदाह की धमकी दी। पड़ोसी परिवारों के विवाद में पुलिस से झूमाझटकी हुई। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर पुलिस थाने में दो पड़ोसी परिवारों के बीच चल रहा विवाद अचानक हंगामे में बदल गया। थाने पहुंची दो किशोरियों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की धमकी दे दी। इस घटनाक्रम से थाने में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। किशोरियों को रोकने के लिए पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो धक्का-मुक्की के दौरान एक पुलिसकर्मी गिर गया। थाना प्रभारी अनुराग यादव के साथ भी झूमाझटकी हुई। घटना के दौरान मौजूद एक युवक पर किशोरियों को उकसाने और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो देखे मामला टांक समाज के दो पड़ोसी परिवारों के बीच पिछले दो दिनों से चल रहे विवाद से जुड़ा है। दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस पहले ही अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर चुकी थी। इसके बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और मामला थाने में हंगामे तक पहुंच गया। दो दिन से चल रहा था पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद जानकारी के अनुसार, दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले टांक समाज के दो पड़ोसी परिवारों के बीच विवाद चल रहा है। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 8 अक्टूबर को एक पक्ष की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। शिकायत में गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद शुक्रवार को दोनों परिवारों के बीच फिर विवाद हुआ। दूसरे पक्ष ने भी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसमें पड़ोसी परिवार के सदस्यों पर युवती की बहन को थप्पड़ मारने, बार-बार विवाद करने और परेशान करने के आरोप लगाए गए। दोनों पक्षों की शिकायतों को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। थाने में खुद पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, आत्मदाह की धमकी विवाद को लेकर पुलिस ने दोनों परिवारों को थाने बुलाया था, ताकि उनका पक्ष सुना जा सके। इसी दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई। थाने पहुंची दो किशोरियों ने अपने ऊपर तेल जैसा ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आत्मदाह करने की धमकी देने लगीं। यह देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े। किशोरियों को रोकने के प्रयास में एक पुलिसकर्मी गिर गया। हंगामे के दौरान थाना प्रभारी अनुराग यादव के साथ भी झूमाझटकी होने की बात सामने आई है। घटना के चलते कुछ समय के लिए थाने में तनावपूर्ण माहौल बन गया। युवक पर किशोरियों को उकसाने और वीडियो बनाने का आरोप पूरे घटनाक्रम में एक युवक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि युवक किशोरियों को उकसा रहा था और थाने में हो रहे हंगामे का वीडियो भी बना रहा था। पुलिस के अनुसार, किशोरियों और युवक ने आत्मदाह की धमकी देकर पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया। हालांकि, युवक की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी बोले- दोनों पक्षों को दिया था अपनी बात रखने का मौका दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, दोनों परिवारों की शिकायतों पर पुलिस ने नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए थे। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाकर अपनी बात रखने का अवसर भी दिया गया। इसके बावजूद थाने में आत्मदाह की धमकी और पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी जैसी स्थिति बन गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, युवक के साथ आई किशोरियों ने पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच जारी पड़ोसी परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस थाने में हुए हंगामे के कारण और गंभीर हो गया है। एक तरफ दोनों परिवारों ने एक-दूसरे पर मारपीट और परेशान करने के आरोप लगाए हैं, तो दूसरी तरफ थाने में आत्मदाह की धमकी देने और पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी का मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के साथ थाने में हुए घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद ही संबंधित लोगों की भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

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