Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलाद जुलूस के दौरान तेज साउंड पर कार्रवाई, 10 संचालकों पर केस

Ratlam News: रतलाम में ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान तेज साउंड और यातायात व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आईं। पुलिस ने 10 साउंड संचालकों पर केस दर्ज किए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को शहर में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान तेज आवाज में साउंड सिस्टम और बैंड बजने को लेकर कई जगह से शिकायतें सामने आईं। दूसरी ओर, शहर के कई हिस्सों में घंटों यातायात प्रभावित रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज ध्वनि को लेकर स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई, जब कुछ लोगों ने स्मार्टवॉच के जरिए शोर का स्तर मापने और 117 डेसिबल तक रीडिंग मिलने के वीडियो पुलिस को भेजे। कुछ रहवासियों ने घरों में कांच के बर्तन गिरने तक की शिकायत की। शिकायतों और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने देर शाम कार्रवाई करते हुए 10 साउंड संचालकों के खिलाफ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संचालकों की भी पहचान की जा रही है। जुलूस में कई साउंड सिस्टम, तेज आवाज को लेकर शिकायतें जुलूस मार्ग पर करीब 15 से अधिक साउंड सिस्टम और बैंड शामिल होने की जानकारी सामने आई। कुछ साउंड सिस्टम की आवाज काफी दूर तक सुनाई देने की बात कही गई। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के साथ इंदौर, उज्जैन और धार से भी साउंड सिस्टम बुक कराए गए थे। जुलूस के दौरान कई जगह तेज आवाज को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। जुलूस में शामिल कुछ लोग भी तेज आवाज से बचने के लिए कान बंद करते नजर आए। मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मियों के भी कान बंद करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई। जुलूस से एक दिन पहले मंगलवार को डीआईजी निमिष अग्रवाल ने एसपी अमित कुमार के साथ जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। शांति समिति की बैठक में भी साउंड सिस्टम और ध्वनि नियंत्रण को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बावजूद जुलूस के दौरान तेज आवाज को लेकर शिकायतें सामने आईं। कुछ लोगों ने अपनी स्मार्टवॉच से शोर का स्तर मापकर वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्मार्टवॉच से प्राप्त डेसिबल रीडिंग को आधिकारिक ध्वनि मापन मानने से पहले मानक उपकरण और अधिकृत माप की पुष्टि जरूरी होती है। ध्वनि प्रदूषण के लिए निर्धारित मानक उपलब्ध जानकारी के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम की आवाज संबंधित क्षेत्र के एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड से अधिकतम 10 डेसिबल या 75 डेसिबल, इनमें जो कम हो, उससे अधिक नहीं होनी चाहिए। आवासीय क्षेत्रों के लिए एंबिएंट नॉइज स्टैंडर्ड दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल बताया गया है। सामान्य तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है, हालांकि संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अनुसार परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। सुबह से शाम तक कई इलाकों में यातायात प्रभावित ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के चलते शहर में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक कई प्रमुख हिस्सों में वाहनों की आवाजाही धीमी रही और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। रूट डायवर्जन की व्यवस्था के बावजूद कुछ स्थानों पर यातायात दबाव कम नहीं हो सका। जुलूस की भीड़, साउंड सिस्टम और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठाए गए। पार्षद कुरैशी की मौत के बाद भी साउंड बजने की शिकायत खबर के अनुसार पार्षद कुरैशी की मौत की सूचना मिलने के बाद भी जुलूस समाप्त होने तक कई स्थानों पर साउंड सिस्टम तेज आवाज में बजते रहे। इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मौत और तेज ध्वनि के बीच किसी प्रत्यक्ष चिकित्सकीय संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। देर शाम पुलिस की कार्रवाई, 10 पर प्रकरण तेज आवाज को लेकर मिली शिकायतों के बाद पुलिस ने देर शाम कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार कुल 10 साउंड संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। मामले में थाना स्तर पर कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक माणकचौक थाना क्षेत्र में पांच, दीनदयाल नगर में एक और स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में दो प्रकरण दर्ज किए गए। शेष मामलों से संबंधित कार्रवाई का विवरण पुलिस की ओर से अलग-अलग स्तर पर सामने आना है। पुलिस ने तीन साउंड सिस्टम जब्त किए हैं। वहीं, एक संचालक पर 20 हजार रुपये और दूसरे पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किए जाने की जानकारी है। एएसपी विवेक कुमार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर साउंड संचालकों की पहचान कर रही है। आगे भी हो सकती है कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई अभी केवल दर्ज प्रकरणों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित साउंड संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को जबरन कार में बैठाने का आरोप, मारपीट के बाद FIR

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के विवाद में जबरन कार में बैठाने और मारपीट के आरोप लगे हैं। पूनम जान समेत अन्य पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने तक पहुंच बना ली है। शिकायत के मुताबिक, तीन किन्नरों को कथित तौर पर चाकू और डंडे दिखाकर जबरन कार में बैठाया गया और बाद में सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले में पूनम जान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता किन्नर दीपा गुरु, जिनकी पहचान दिशा जागीरदार के रूप में बताई गई है, ने पुलिस को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद गुरु बदलने, रतलाम छोड़ने और शहर में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। घटना का CCTV देखे जीआरपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे दीपा गुरु रतलाम रेलवे स्टेशन से फ्रीगंज रोड स्थित ऑन व्हील रेस्टोरेंट के पीछे से जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें किन्नर सनम मिलीं और दोनों साथ हो गईं। आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। शिकायत में कहा गया है कि वाहन में किन्नर पूनम जान, उनका पति नायक और अन्य साथी मौजूद थे। दीपा गुरु का आरोप है कि चाकू और डंडे दिखाकर उन्हें और सनम को जबरन वाहन में बैठाया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। सैलाना बस स्टैंड से दो अन्य किन्नरों को भी बैठाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, स्कॉर्पियो सैलाना बस स्टैंड पहुंची, जहां करीना और नित्या नाम की दो अन्य किन्नर मिलीं। आरोप है कि उन्हें भी धमकाकर कार में बैठाया गया और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद सभी को भगतन की बावड़ी क्षेत्र स्थित पूनम जान के घर ले जाया गया। वहां से दिव्या को भी साथ लिया गया और फिर सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया गया। बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट का आरोप दीपा गुरु ने शिकायत में आरोप लगाया कि सुनसान स्थान पर उनके साथ लात-घूंसों के अलावा बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट की गई। शिकायत में दो साथियों को चाकू से घायल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद सभी को कथित तौर पर राजी-खुशी छोड़ने के वीडियो बनाए गए, ताकि मामले को अलग रूप दिया जा सके। इसके बाद उन्हें मछली मार्केट के पास छोड़ने की बात शिकायत में कही गई है। गुरु बदलने और रतलाम छोड़ने का दबाव? शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे विवाद की एक वजह गुरु बदलने और रतलाम में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर दबाव बनाना है। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और एक किन्नर का पर्स छीनने का आरोप भी लगाया गया है। पर्स में करीब 10 से 15 हजार रुपये होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। किन्नर काजल और पूनम जान के समूह के बीच विवाद मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद किन्नर गुरु काजल और पूनम जान के समूह के बीच बताया जा रहा है। रतलाम शहर में दोनों समूहों के अलग-अलग क्षेत्र होने की बात भी सामने आई है। घटना रेलवे क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण जीआरपी ने मामले में कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद इंदौर से जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और घायल किन्नरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जीआरपी ने दर्ज किया मामला इंदौर जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा के अनुसार, किन्नर की शिकायत पर पूनम जान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Ratlam News: रतलाम में मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख गायब, CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट; असिस्टेंट मैनेजर पर केस

Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट की तिजोरी से 5.35 लाख रुपए गायब मिले। CCTV रिकॉर्डिंग डिलीट होने पर असिस्टेंट मैनेजर पर केस दर्ज। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के सैलाना बस स्टैंड स्थित विशाल मेगा मार्ट में तिजोरी से 5 लाख 35 हजार रुपए गायब होने का मामला सामने आया है। कैश रूम से रकम गायब मिलने के बाद स्टोर प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में मार्ट के असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया गया है। घटना के दौरान कैश रूम की चाबी असिस्टेंट मैनेजर के पास होने की बात सामने आई है। इसके अलावा CCTV कैमरों की रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। तिजोरी खोलने पर गायब मिले 5.35 लाख रुपए स्टोर मैनेजर कमलेश पखाले ने स्टेशन रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त की रात उनकी और असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक की ड्यूटी रात करीब 2 बजे तक थी। उस रात मार्ट में एक ट्रक से सामान आया था। असिस्टेंट मैनेजर संतोष कुमार पाठक और BOH इंचार्ज करण सिसोदिया सामान उतरवाने का काम देख रहे थे। इसी दौरान स्टोर मैनेजर ने कैश रूम की चाबी संतोष कुमार को दी। इसके बाद वह रात करीब 1:30 बजे घर चले गए। अगली सुबह डिपार्टमेंटल मैनेजर पंकज शेर कैश काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने तिजोरी खोली तो उसमें रखे 5 लाख 35 हजार रुपए नहीं मिले। इसकी जानकारी स्टोर मैनेजर को दी गई, जिसके बाद प्रबंधन के अन्य कर्मचारी भी मार्ट पहुंचे। CCTV की रिकॉर्डिंग में मिली अहम बात रकम गायब होने के बाद स्टोर प्रबंधन ने मार्ट में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। जांच के दौरान रात करीब 2:30 बजे से 3 बजे तक की रिकॉर्डिंग डिलीट मिली। CCTV फुटेज का यह हिस्सा घटना की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। असिस्टेंट मैनेजर के दोनों मोबाइल बंद पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पाठक करीब चार से पांच महीने पहले रतलाम आया था। इससे पहले वह कोलकाता और दिल्ली में भी इसी शॉपिंग मॉल में काम कर चुका है। रकम गायब मिलने के बाद स्टोर मैनेजर ने संतोष के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। इसके बाद उसके घर जाकर भी तलाश की गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस स्टेशन रोड थाने के सब इंस्पेक्टर मुकेश सस्तिया के अनुसार संतोष कुमार पाठक के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। फिलहाल रकम किस तरह गायब हुई और CCTV रिकॉर्डिंग किस परिस्थिति में डिलीट हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने वाला निकला GST कर्मचारी! वीडियो वायरल होते ही विभाग ने थमाया नोटिस

रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ। सब्जी बेचने वाला व्यक्ति जीएसटी विभाग का यूडीसी कर्मचारी निकला। विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस व्यक्ति को लोग सामान्य सब्जी विक्रेता समझ रहे थे, वह दरअसल वाणिज्यिक कर (GST) विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के पद पर कार्यरत सरकारी कर्मचारी निकला। मामला सामने आने के बाद विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद खुली पहचान जानकारी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी सरदार झोडिया मूल रूप से नीमच जिले के नयागांव का निवासी है और लंबे समय से रतलाम के वाणिज्यिक कर विभाग (सर्कल-1) में पदस्थ है। सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति डाट की पुल क्षेत्र में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचता हुआ दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान सरदार झोडिया के रूप में की। पहचान उजागर होने के बाद वह पिछले दो दिनों से अपनी सब्जी की दुकान पर भी नहीं दिखाई दिया। ड्यूटी छोड़कर सब्जी बेचने के भी आरोप मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि सरदार झोडिया कार्यालयीन समय में ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर सब्जी बेचने का काम करता था।हालांकि विभागीय कार्यालय में उसके नाम से उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस पूरे मामले की जांच अब विभागीय स्तर पर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी का विवादों से पुराना नाता रहा है। कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में उसे पहले भी विभागीय चार्जशीट मिल चुकी है। विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस मामले के तूल पकड़ने के बाद वाणिज्यिक कर (GST) विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारी पिछले दो दिनों से आकस्मिक अवकाश पर है। हालांकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बच रहे हैं। जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला जिस स्थान पर आरोपी सब्जियां बेचता था, वह रेलवे कॉलोनी और डाट की पुल क्षेत्र के पास स्थित है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सब्जियां खरीदते हैं। ऐसे में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

Ratlam News: शादी समारोह में युवक पर हमला, सिर में आई चोट; चार लोगों पर केस दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के अम्बेडकर नगर क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान विवाद हो गया। समाज से बहिष्कृत होने की बात कहने वाले एक युवक पर चार लोगों ने कथित रूप से हमला कर दिया। घटना में युवक के सिर में चोट आई और खून निकलने लगा। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो देखे पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह लोहारी का काम करता है और प्रकाश बावरी के घर आयोजित शादी समारोह में सुबह करीब 8 बजे शामिल होने गया था। इसी दौरान मोहल्ले के सत्यानारायण, अनिल तंवर, रोहन और योगेंद्र वहां मिले। आरोप है कि चारों ने उससे पूछा कि वह कार्यक्रम में क्यों आया है। युवक ने बताया कि उसे शादी में बुलाया गया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर सत्यानारायण ने ईंट उठाकर उसके सिर पर मार दी, जिससे सामने की तरफ चोट लगी और खून बहने लगा। इसके बाद अन्य आरोपियों ने भी मारपीट की। घटना के बाद घायल युवक ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम बैल चोरी: गांव की आखिरी बैलों की जोड़ी चोरी, इंसाफ के लिए पूरा गांव पहुंचा एसपी ऑफिस

रतलाम के काल्मोड़ा गांव में इकलौती बैलों की जोड़ी चोरी, नाराज़ ग्रामीण एसपी ऑफिस पहुंचे। जानिए पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में एक अनोखी लेकिन चिंताजनक चोरी का मामला सामने आया है, जहां गांव की इकलौती बैलों की जोड़ी ही चोर ले उड़े। इस घटना से नाराज़ ग्रामीण अब पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सीधे एसपी ऑफिस पहुंच गए हैं। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के काल्मोड़ा गांव में 6 अप्रैल की रात अज्ञात बदमाशों ने किसान प्रदीप जाट के दो बैल चोरी कर लिए। खास बात यह है कि पूरे गांव में यही एकमात्र बैलों की जोड़ी बची थी, जो अब चोरी हो चुकी है। पीड़ित किसान ने तुरंत मुंदड़ी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की मांग की। खेती का आधार थे ये बैल प्रदीप जाट ने बताया कि उनके बैल ही उनकी आय का एकमात्र साधन थे। आधुनिक मशीनों के दौर में भले ही ट्रैक्टर का उपयोग बढ़ गया हो, लेकिन सोयाबीन की फसल में ‘डोरे’ (करपे) चलाने के लिए आज भी बैलों की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि इन बैलों की कीमत करीब 1.75 लाख रुपये थी और गांव में अब किसी के पास बैलों की जोड़ी नहीं बची है, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों और किसान नेता का आरोप किसान नेता डीपी धाकड़ ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,“पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि यह सिर्फ चोरी नहीं बल्कि किसान की आजीविका पर सीधा हमला है। आज के समय में बैलों की जोड़ी मिलना भी आसान नहीं है।” ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद बैलों को ढूंढा जा सकता था। पुलिस का क्या कहना है? मामले में एडिशनल एसपी विवेक कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि पुलिस बैलों की तलाश में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।

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