Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का शव घर के बरामदे में मिला, सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव खून से लथपथ मिला। पुलिस ने हत्या की आशंका जताकर जांच शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। नयाखेड़ा गांव में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव उसके घर के बरामदे में जमीन पर पड़ा मिला। महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान दिखाई दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो देखे मृतका की पहचान देवीबाई पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर, निवासी नयाखेड़ा के रूप में हुई है। खेत पर जा रहे ग्रामीण ने देखा शव शुक्रवार सुबह गांव का अन्नुसिंह रोज की तरह खेत पर काम करने जा रहा था। रास्ते में देवीबाई के घर के सामने से गुजरते समय उसकी नजर बरामदे में पड़ी महिला पर गई। देवीबाई सामान्यत: बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस सुबह वह जमीन पर पड़ी हुई दिखाई दी। पास जाकर देखने पर अन्नुसिंह ने महिला को खून से लथपथ पाया। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। ग्रामीण ने तुरंत इसकी जानकारी देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की सूचना मिलने के बाद शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना, सब इंस्पेक्टर प्रतापसिंह भदौरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम से एएसपी राकेश पंद्रों और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। रावटी और सरवन थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। धारदार हथियार से चोट के निशान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने जैसे चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर जमीन पर खून बिखरा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका है। महिला की मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। पुलिस जुटा रही है घटना से जुड़े सुराग फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम में युवती का पीछा कर छेड़छाड़, पिता को तेजाब से धमकाया; एक आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती का कई महीनों से पीछा कर अश्लील कमेंट करने का मामला सामने आया। पिता को तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि कुछ युवक कई महीनों से उसकी दुकान के आसपास घूमते थे और उसका पीछा कर अश्लील व भद्दे कमेंट करते थे। डर के कारण उसने यह बात लंबे समय तक परिवार को नहीं बताई। बुधवार दोपहर मामला उस समय सामने आया, जब युवती भोजन करने के लिए जा रही थी। आरोप है कि कुछ युवक स्कूटी से उसका पीछा करने लगे और उसे रोकने का प्रयास किया। युवती किसी तरह बचकर अपनी दुकान तक पहुंची और हिम्मत दिखाते हुए युवकों का वीडियो बना लिया। वीडियो में युवकों के चेहरे के साथ स्कूटी का नंबर भी रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद युवती ने फोन कर अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। पिता को दी तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी युवती के पिता मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि युवक वहां मौजूद थे। पिता ने उन्हें रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान युवकों ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनकी बेटी के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे बिगाड़ देंगे। धमकी के बाद युवती और उसका परिवार घबरा गया। परिवार ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीडियो बना पुलिस के लिए अहम सुराग युवती की ओर से बनाया गया वीडियो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। वीडियो में स्कूटी का नंबर एमपी 43 जेडई 7695 भी दिखाई दिया। शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय अब्दुल हक अताउर्रहमान खिलजी, निवासी माणक चौक, को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल तक पैदल ले जाकर कार्रवाई दिखाई गुरुवार दोपहर पुलिस गिरफ्तार आरोपी को पैदल बाजार क्षेत्र में लेकर पहुंची। उसे उस स्थान तक ले जाया गया, जहां युवती के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और पीछा करने की घटना हुई थी। एसआई शांतिलाल चौहान के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। युवती ने कई महीनों तक डर के कारण नहीं बताई बात पीड़िता के अनुसार, वह इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान पर काम करती है। उसका कहना है कि पिछले कई महीनों से तीन-चार युवक दुकान के बाहर चक्कर लगाते और उसका पीछा करते थे। लगातार परेशान किए जाने के बावजूद उसने डर के कारण परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। बुधवार की घटना के बाद उसने आरोपितों का वीडियो बनाया और पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस कर रही अन्य आरोपितों की तलाश मामले में फिलहाल एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। घटना से जुड़े वीडियो और युवती द्वारा दी गई जानकारी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, रेटिना टेस्ट ने खोली डमी अभ्यर्थियों की पोल

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान रेटिना टेस्ट से डमी अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंकज और गौरव दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बुधवार को रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में रेटिना टेस्ट और पहचान जांच के दौरान दो युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग मिली। इसके बाद दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फिरोजाबाद निवासी पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष सिंह की जगह और गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों मामलों में डमी अभ्यर्थियों के जरिए रेलवे भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की गई थी। वीडियो देखे इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह PET देने का मामला भी सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षा की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेटिना टेस्ट में अलग निकली पहचान रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में ग्रुप डी लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान रेटिना टेस्ट के साथ फोटो और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। संदेह होने पर आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मनीष की जगह पंकज पहुंचा था जांच में पता चला कि 33 वर्षीय पंकज यादव, निवासी अलीनगर, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी 26 वर्षीय मनीष सिंह के स्थान पर PET देने पहुंचा था। मनीष सिंह, निवासी फिरोजाबाद, परीक्षा में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। मामले के सामने आने के बाद वह फरार बताया गया है। अनुज की जगह गौरव ने दी परीक्षा दूसरे मामले में 21 वर्षीय गौरव यादव, निवासी ग्राम जफराबाद, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। पहचान प्रक्रिया के दौरान गौरव की जानकारी वास्तविक अभ्यर्थी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में गौरव यादव, पंकज यादव और वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के नाम सामने आए हैं। वहीं मनीष सिंह की तलाश की जा रही है। रेलवे भर्ती में लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थी रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान यह पहला मामला नहीं है। 6 सितंबर को भी बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसके महज तीन दिन बाद एक बार फिर डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पहचान की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। रेटिना टेस्ट बना अहम जांच का जरिया इस मामले में रेटिना टेस्ट और फोटो रिकॉर्ड का मिलान निर्णायक साबित हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के दौरान रिकॉर्ड से अंतर सामने आया, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोककर जांच की गई। रेलवे भर्ती PET से जुड़ी अहम जानकारी मुख्य तथ्य: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे भर्ती जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रतलाम में लगातार डमी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़े की कोशिशें परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, पहचान जांच के दौरान मामलों का पकड़ा जाना यह भी दिखाता है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Ratlam News: चद्दर पर लिटाकर जनसुनवाई में लाई गई 68 वर्षीय वृद्धा, SP कार्यालय में मचा हड़कंप

Ratlam News: रतलाम में जनसुनवाई के दौरान 68 वर्षीय बीमार वृद्धा को चद्दर पर लिटाकर लाया गया। SP अमित कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शिकायत सुनी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। 68 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार वृद्धा को उनके परिजन चद्दर पर लिटाकर शिकायत लेकर पहुंचे। वृद्धा की हालत ऐसी थी कि वह न तो ठीक से खड़ी हो पा रही थीं और न ही बैठ सकती थीं। घटना का वीडियो देखे वृद्धा को इस तरह जनसुनवाई कक्ष तक लाया गया देखकर SP अमित कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने परिजनों से कहा कि ऐसी स्थिति में वृद्धा को तकलीफ देकर ऊपर लाने की जरूरत नहीं थी। अगर उन्हें पहले सूचना दी जाती तो वे खुद नीचे आकर उनकी शिकायत सुन लेते। परिजनों ने बताया कि वृद्धा स्वयं पुलिस अधीक्षक के सामने अपनी आपबीती सुनाना चाहती थीं। इसी जिद के चलते उन्हें इस हालत में जनसुनवाई में लाना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने वृद्धा और उनके परिजनों की शिकायत सुनी तथा संबंधित थाने को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। SP अमित कुमार ने जताई नाराजगी जनसुनवाई के दौरान जब पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की नजर चद्दर पर लेटी वृद्धा पर पड़ी तो उन्होंने स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने परिजनों से कहा कि आवेदन लेकर वे अकेले भी आ सकते थे और वृद्धा को इस तरह लाने की जरूरत नहीं थी। SP ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि यदि उन्हें जानकारी दी जाती तो वह स्वयं नीचे आकर शिकायत सुन लेते। साथ ही उन्होंने वृद्धा को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी, ताकि उनकी तबीयत को और परेशानी न हो। वृद्धा ने संपत्ति में धोखाधड़ी का लगाया आरोप शिकायती आवेदन के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत अलकापुरी निवासी 68 वर्षीय पुष्पा देवी ने अन्नूबाई चावड़ा, कालूराम, सुमित चावड़ा और यश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और छल-कपट के आरोप लगाए हैं। वृद्धा के अनुसार उनकी कोई संतान नहीं है। उन्होंने घरेलू काम के लिए अन्नूबाई को रखा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वृद्धा की अस्वस्थता का फायदा उठाते हुए उन्हें कथित तौर पर अंधेरे में रखकर मकान से संबंधित वसीयत और विक्रय-पत्र अपने नाम करवा लिया गया। शिकायत में आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को जालसाजी के जरिए 8.90 लाख रुपये का कथित फर्जी प्रतिफल दिखाकर रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति की रजिस्ट्री करा ली गई। बैंक खातों से 17.64 लाख रुपये की राशि का आरोप पुष्पा देवी ने अपने आवेदन में बैंक खातों में जमा राशि और एफडी से जुड़ी भी गंभीर शिकायत की है। आरोप है कि उनकी एफडी और जमा रकम में से करीब 17.64 लाख रुपये तुड़वाकर या ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी की गई। इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। भतीजों से मारपीट और धमकी का भी आरोप शिकायत में संपत्ति विवाद के अलावा वृद्धा के भतीजों के साथ कथित मारपीट और धमकी का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार, अगस्त में जब वृद्धा के भतीजे मकान की देखभाल के लिए पहुंचे थे, तब आरोपियों और करीब 15 से 20 लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और घर से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है। FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग पुष्पा देवी ने मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में BNS 2023 की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया गया है। मामले की शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने सुनी। संबंधित थाना पुलिस को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति के दस्तावेजों और बैंक राशि से जुड़े आरोपों में वास्तविकता क्या है। जनसुनवाई में सामने आया संवेदनशील पहलू इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ जहां संपत्ति और कथित आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर बीमार वृद्धा का चद्दर पर लेटकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचना भी चर्चा का विषय बन गया। SP अमित कुमार की प्रतिक्रिया से यह भी सामने आया कि गंभीर रूप से बीमार या चलने में असमर्थ शिकायतकर्ता को अपनी समस्या बताने के लिए शारीरिक परेशानी उठाकर कार्यालय तक पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। सूचना मिलने पर अधिकारी स्वयं नीचे आकर शिकायत सुन सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम में पति की हत्या का खुलासा: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश, 3 गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के बोरदा में युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पत्नी ने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर हत्या की, तीन आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में पांच दिन पहले नाले में मिले 32 वर्षीय युवक के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक भीमा चरपोटा की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ललिता ने सोते समय भीमा पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जबकि उसके प्रेमी राकेश ने उसके पैर पकड़ लिए। वारदात के बाद शव को घर के पास बने एक स्थान पर रखा गया और खून के निशान मिटाने के बाद रात में शव को नाले में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी ललिता, उसके कथित प्रेमी राकेश और राकेश के दोस्त भूरा डिंडौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब दो लाख रुपये की मश्रुका भी बरामद की है। 2 सितंबर को नाले में मिला था युवक का शव सरवन थाना क्षेत्र की बेड़दा चौकी के ग्राम बोरदा में 2 सितंबर को एक युवक का शव नाले में मिला था। मृतक की पहचान 32 वर्षीय भीमा पिता मनोहर चरपोटा, निवासी बोरदा के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किए जाने की आशंका सामने आई थी। शव मिलने से पहले मृतक की पत्नी ललिता के गायब होने से पुलिस का शक उस पर भी गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने ललिता को तलाश कर गिरफ्तार किया। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या की पूरी घटना सामने आई, जिसके बाद मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हुई। पति को पता चल गया था प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, ललिता के राकेश के साथ करीब एक महीने पहले प्रेम संबंध बने थे। इसकी जानकारी बाद में उसके पति भीमा को हो गई थी। पति के सामने संबंध उजागर होने के बाद ललिता और राकेश कथित तौर पर डर गए थे। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों ने भीमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। राखी से पहले बनाई थी हत्या की योजना पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने राखी से पहले भी भीमा की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद 1 सितंबर को भीमा को जंगल ले जाकर हत्या करने की योजना बनाई गई, लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हुआ। आखिरकार घर में सो रहे भीमा की हत्या की गई। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान ललिता ने भीमा पर कुल्हाड़ी से वार किया, जबकि राकेश ने उसके पैर पकड़ लिए। राकेश का दोस्त भूरा घर के बाहर निगरानी कर रहा था। हत्या के बाद गोबर से मिटाए खून के निशान पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद भीमा के शव को घर में बकरी बांधने वाले स्थान पर रख दिया गया था। वारदात वाली जगह पर खून के निशान थे, जिन्हें गोबर से लीपकर साफ करने की कोशिश की गई। इसके बाद 1 सितंबर की रात करीब 11 बजे राकेश और भूरा दोबारा भीमा के घर पहुंचे। दोनों शव को बाहर निकालकर घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित नाले तक ले गए और वहां फेंक दिया। करीब 2 लाख रुपये की मश्रुका बरामद पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मृतक के हाथ में पहना चांदी का कड़ा, सोने की बाली, चांदी की पैरों की कड़ियां और सिम बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों के घटना के समय पहने गए कपड़े और दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कुल करीब दो लाख रुपये की मश्रुका जब्त करने की जानकारी दी है। पत्नी, प्रेमी और दोस्त गिरफ्तार एएसपी राकेश पंद्रों के अनुसार, मामले में मृतक की पत्नी ललिता, उसके प्रेमी राकेश पिता जीवणा माईड़ा निवासी रामपुरिया और उसके दोस्त भूरा डिंडौर को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच में सामने आई घटनाक्रम की कड़ी पुलिस के अनुसार घटनाक्रम कुछ इस तरह सामने आया—

Ratlam News: रतलाम रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा, दूसरे अभ्यर्थी की जगह दौड़ लगाने पहुंचा युवक गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थी की जगह दौड़ लगाने पहुंचे बिहार के युवक को GRP ने गिरफ्तार किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल होने का मामला सामने आया है। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के कर्मचारियों ने सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर बिहार निवासी 26 वर्षीय युवक को पकड़ लिया। आरोप है कि वह किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह दौड़ लगाने के लिए परीक्षा स्थल पर पहुंचा था। मामला 6 सितंबर की शाम का है। रेलवे फुटबॉल मैदान में पश्चिम रेलवे के ग्रुप डी और लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही कर्मचारियों को युवक की पहचान को लेकर संदेह हुआ और पूछताछ की गई। पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह इससे पहले 2 सितंबर को भी एक अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में दौड़ लगाने के लिए आया था। 2 सितंबर को भी दूसरे अभ्यर्थी की जगह लगाई थी दौड़ रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के मुताबिक, पकड़े गए युवक की पहचान अजीत कुमार, उम्र 26 वर्ष, निवासी बिहार के मुंगेर जिले के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि अजीत कुमार 2 सितंबर को आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में निरंजन कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने पहुंचा था। हालांकि, उस परीक्षा में निरंजन कुमार अयोग्य पाया गया था। इसके बाद 6 सितंबर को अजीत एक बार फिर परीक्षा स्थल पर पहुंचा। इस बार वह कथित तौर पर कुंदन कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने की तैयारी में था। परीक्षा की दौड़ शुरू होती, उससे पहले ही रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। पहचान में गड़बड़ी का संदेह होने पर हुई पूछताछ कर्मचारियों को युवक की पहचान को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ ने आगे की कार्रवाई के लिए उसे जीआरपी चौकी रेलवे कॉलोनी के सुपुर्द कर दिया। मामले में रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ के कार्यालय अधीक्षक दीपक राजेश्वर तिवारी की ओर से आवेदन दिया गया। आवेदन में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। GRP ने BNS की धाराओं में दर्ज किया मामला रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ से युवक को सुपुर्द किए जाने के बाद जीआरपी ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4) और 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अब पुलिस परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और युवक द्वारा दी गई जानकारी की जांच कर रही है। जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे भर्ती परीक्षा में पहचान सत्यापन पर जोर रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस मामले में भी परीक्षा स्थल पर मौजूद कर्मचारियों की सतर्कता के कारण संदिग्ध अभ्यर्थी को दौड़ शुरू होने से पहले ही पकड़ लिया गया। जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क फिलहाल पुलिस की जांच मुख्य रूप से आरोपी युवक की भूमिका, संबंधित अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों पर केंद्रित है। युवक ने पूछताछ में दो अलग-अलग अभ्यर्थियों की जगह दौड़ लगाने की बात कही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में केवल आरोपी युवक की भूमिका थी या फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।

Ratlam News: रतलाम में युवक की संदिग्ध हत्या से सनसनी, नाले में मिला शव; पत्नी की तलाश तेज

Ratlam News: रतलाम के बोरदा गांव में 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिला। पैर रस्सी से बंधे थे और शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के बोरदा गांव में एक 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवक के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और सिर, गाल व गर्दन पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने मामले को संदिग्ध हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान भीमा पुत्र मनोहर चरपोटा के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर घर से लापता होने के बाद बुधवार सुबह उसका शव गांव के पास नाले में मिला। घटना के बाद मृतक की पत्नी ललिता भी घर से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नाले में मिला रस्सी से बंधा शव परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच भीमा घर से लापता हो गया था। शाम को उसके काका ने पत्नी ललिता से भीमा के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह दानपुर गया है। रात करीब 9 बजे दोबारा पूछताछ करने पर ललिता ने बताया कि भीमा अभी वापस नहीं आया है। अगले दिन सुबह गांव के सवजी मईडा ने भीमा के काका को उसके घर के पास से निकलने वाले नाले में शव पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर भीमा चित अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर, गाल और गर्दन पर चोट के निशान थे। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शव के बाएं हाथ का कुछ हिस्सा भी अज्ञात जानवर द्वारा खाए जाने की बात सामने आई है। घर में मिले खून के निशान, कुल्हाड़ी भी बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया और बेड़दा चौकी प्रभारी एसआई जगदीश सिंह तोमर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे मिले। इन निशानों को गोबर से लीपकर मिटाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। पलंग पर भी खून के निशान मिले हैं। घर के पास रखे ढालिये में पुलिस को एक कुल्हाड़ी मिली, जिस पर खून लगा हुआ था। इसके अलावा घर के आसपास शव को घसीटे जाने के निशान भी मिले हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पत्नी के लापता होने से बढ़ा संदेह भीमा का शव मिलने के बाद उसकी पत्नी ललिता के घर से चले जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, मंगलवार को ललिता कुछ समय तक स्वजनों के साथ भीमा को आसपास तलाशती रही थी। इसके बाद वह घर लौट गई। बाद में जब परिजन नाले में भीमा का शव देखकर रोते हुए घर पहुंचे, तो ललिता उनके रोने की आवाज सुनकर घर से चली गई। इसके बाद से उसका पता नहीं चला है। पुलिस ने परिस्थितियों के आधार पर पत्नी की भूमिका की भी जांच शुरू की है। हालांकि, अभी हत्या के कारण और वारदात में किसकी भूमिका थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राकेश पंद्रो और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के अनुसार भीमा की पत्नी पर हत्या में संलिप्तता की आशंका के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पत्नी के मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। दो बच्चों के पिता थे भीमा मृतक भीमा के दो बच्चे हैं। घटना के समय एक बच्चा स्कूल गया हुआ था, जबकि बड़ी बेटी को ललिता ने खेत में बंदरों को भगाने के लिए भेजा था। इस वजह से घटना के दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था और वारदात किस परिस्थिति में हुई, यह पुलिस जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।

Ratlam News: सांवरिया जी के दर्शन को निकले चार दोस्त, रतलाम में भीषण हादसे ने दो की जान ली

Ratlam News: रतलाम के रत्तागिरी में महू-नीमच फोरलेन पर कार और ट्रॉले की भिड़ंत में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में महू-नीमच फोरलेन पर मंगलवार तड़के हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा रत्तागिरी के पास रात करीब 2 बजे हुआ, जब इंदौर की ओर से आ रही कार सामने से आ रहे ट्रॉले से टकरा गई। बताया गया कि कार में चार दोस्त सवार थे और सभी इंदौर के राऊ से राजस्थान स्थित सांवरिया जी के दर्शन के लिए निकले थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घूमकर इंदौर की दिशा में हो गया। हादसे में कार चला रहे 45 वर्षीय मुकेश पुत्र मानसिंह गहलोत और उनके बगल में बैठे 56 वर्षीय सोहनसिंह पुत्र बापूसिंह डाबी की मौत हो गई। पीछे बैठे 43 वर्षीय देवकरण पुत्र कन्हैयालाल मालवीय और 28 वर्षीय सावन पुत्र आसाराम मालवीय घायल हुए हैं। रत्तागिरी में आधी रात हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चारों रात करीब 12:30 बजे सोहनसिंह की कार से राऊ से राजस्थान के सांवरिया जी के लिए रवाना हुए थे। रत्तागिरी के पास महू-नीमच फोरलेन पर उनकी कार सामने से आ रहे ट्रॉले से जा भिड़ी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार गलत साइड से आ रही थी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की। दो दोस्तों की मौके के बाद मौत, दो घायल हादसे में मुकेश और सोहनसिंह की जान चली गई। मुकेश कार चला रहे थे, जबकि सोहनसिंह आगे वाली सीट पर उनके पास बैठे थे। पीछे बैठे देवकरण और सावन घायल हुए। हादसे के बाद टोल की एंबुलेंस से दोनों घायलों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। बाद में उनके परिजन दोनों को उपचार के लिए इंदौर ले गए। चारों अलग-अलग काम करते थे हादसे में जान गंवाने वाले सोहनसिंह राऊ स्थित यूको बैंक में कैशियर थे। मुकेश लोडिंग वाहन चलाते थे। घायल देवकरण कबाड़ी का काम करते हैं, जबकि सावन ढोल वादक हैं। चारों दोस्त दर्शन के लिए राजस्थान जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सफर को मातम में बदल दिया। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच एएसआई सतीश ठाकुर के अनुसार, दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रॉले को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया है। हादसे की परिस्थितियों और टक्कर के कारणों को लेकर जांच जारी है। एंबुलेंस में देरी का आरोप हादसे के बाद रत्तागिरी निवासी प्रहलाद गणावा भी मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक का शव ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची और करीब ढाई घंटे की देरी हुई। एंबुलेंस को लेकर लगाए गए इस आरोप से स्थानीय रहवासियों में नाराजगी की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

MP News: उज्जैन में जलती चिता के पास किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल, मानव मांस खाने के दावे से मचा हंगामा

MP News: उज्जैन में किन्नर अघोरी का वीडियो वायरल हुआ है। जलती चिता से कथित मानव मांस खाने के दावे पर संत समाज ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: उज्जैन में श्मशान घाट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी जलती चिता के पास दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकालकर खाने का दावा करती नजर आती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों के बीच इसे लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। संत समाज के कुछ लोगों ने इस तरह की गतिविधि को अघोर परंपरा की मर्यादा के विपरीत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई जा रही सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष ही है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल वीडियो में किए गए दावे के तौर पर देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है? वायरल वीडियो में रात के समय श्मशान में जलती चिता के पास एक महिला दिखाई देती है। उसके शरीर पर भस्म लगी हुई है और उसके हाथ में तलवार नजर आती है। वीडियो में वह चिता के पास जाकर तलवार की मदद से कुछ सामग्री निकालती दिखाई देती है। इसके बाद उस सामग्री पर पानी डालकर उसे ठंडा करती है और फिर खाने का दावा करती है। वीडियो में वह खुद को अघोरी बताते हुए कथित तौर पर मानव मांस खाने की बात कहती है। वीडियो के अंत में वह पेट भरने की बात भी कहती सुनाई देती है। यह वीडियो इंस्टाग्राम के Digambarladyaghorinagasadhvi नामक अकाउंट से शेयर किए जाने के बाद तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। वीडियो को लेकर संत समाज में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद अघोर परंपरा से जुड़े संतों ने इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है। महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि के मुताबिक अघोर परंपरा की अपनी मर्यादा होती है। उनके अनुसार तंत्र से जुड़ी क्रियाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि प्रचार के लिए इस तरह की गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करना परंपरा के अनुरूप नहीं है। संत समाज की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि धार्मिक और तांत्रिक परंपराओं के नाम पर सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री प्रसारित करने से आम लोगों के बीच गलत संदेश जा सकता है। पुलिस में शिकायत का दावा मामले में अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में कथित तौर पर जलती चिता के पास जाकर मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे पाखंड फैलाने वाली गतिविधि बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष है, तो मामले की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच के बाद साफ होगी वीडियो की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन किसी वायरल वीडियो के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि उसमें दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस ही है। मामले में पुलिस या संबंधित जांच एजेंसी की ओर से वीडियो की सामग्री, उसकी वास्तविकता और घटना की परिस्थितियों की पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। Disclaimer इस खबर में वायरल सोशल मीडिया वीडियो और उससे जुड़े दावों का उल्लेख किया गया है। वीडियो में दिखाई गई सामग्री वास्तव में मानव मांस या मानव अवशेष है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। खबर में किसी व्यक्ति के संबंध में लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित पक्षों और आधिकारिक जांच से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पाठकों से अपील है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी दावे को अंतिम सत्य न मानें और भ्रामक जानकारी को आगे साझा करने से बचें।

Ratlam News: रतलाम के आदिवासी पीजी छात्रावास में आधी रात हड़कंप, 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप

Ratlam News: रतलाम के विरियाखेड़ी आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त की रात 15-20 लोगों के हथियार लेकर घुसने का आरोप, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विरियाखेड़ी स्थित आदिवासी पीजी छात्रावास में 23 अगस्त 2026 की देर रात कथित तौर पर बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के घुसने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, रात करीब 1:08 बजे 15 से 20 लोग छात्रावास परिसर में दाखिल हुए, जिनमें कुछ के हाथों में चाकू, लकड़ी, लोहे की रॉड और पत्थर जैसी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना का वीडियो देखे छात्रावास में उस समय करीब 50 से 60 छात्र मौजूद थे और अधिकांश अपने कमरों में सो रहे थे। आरोप है कि परिसर में घुसे लोगों ने करीब 30 से 35 मिनट तक गलियारों और अन्य हिस्सों में घूमकर हंगामा किया तथा कुछ कमरों के दरवाजों पर लात और हथियारों से वार किए। घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बनने की बात शिकायत में कही गई है। रात 1:08 बजे मुख्य द्वार से प्रवेश का दावा शिकायत में उल्लेख है कि 23 अगस्त की रात करीब 1:08 बजे संदिग्ध लोग छात्रावास के मुख्य द्वार से अंदर आए। उनके हाथों में कथित तौर पर अलग-अलग तरह की वस्तुएं थीं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने हथियार बताया है। बताया गया है कि ये लोग छात्रावास के गलियारों और परिसर में काफी देर तक घूमते रहे। इस दौरान छात्रों के कमरों के दरवाजों पर भी कथित तौर पर लात मारने और हथियारों से वार करने जैसी हरकतें की गईं। CCTV फुटेज में कैद होने का दावा घटना को लेकर सबसे अहम साक्ष्य छात्रावास परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि संदिग्ध लोगों की आवाजाही और उनकी कथित हरकतें कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि CCTV फुटेज को पुलिस की सुरक्षा में सुरक्षित लिया जाए, ताकि घटना की जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट या गायब न हों। छात्रों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल आदिवासी पीजी छात्रावास में बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। रात के समय परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश की शिकायत ने छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में यह भी पूछा गया है कि इतनी संख्या में लोग छात्रावास परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उनके पास कथित तौर पर धारदार हथियार या अन्य वस्तुएं क्यों थीं। हालांकि, इन लोगों की पहचान और उनके छात्रावास में पहुंचने के वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस जांच से सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल उपलब्ध शिकायत में घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके पर हुए नुकसान की जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

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