मूक-बधिर स्कूल में संगिनी उमंग परिवार ने बांटी पाठ्य सामग्री, 85 से अधिक बच्चों को कराया भोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| रतलाम में सेवा कार्य के तहत JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से मूक-बधिर स्कूल में पाठ्य सामग्री एवं भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई और उन्हें भोजन कराया गया। यह सेवा प्रकल्प JSG MP Region के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा दिए गए शिक्षा प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया। संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से इस माह दूसरी बार शिक्षा से जुड़ा सेवा प्रकल्प सफलतापूर्वक पूरा किया गया। 85 से अधिक बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री कार्यक्रम में संगिनी सखी मीना रमेश गादिया ने अपनी सासू मां की पुण्यतिथि के अवसर पर मूक-बधिर स्कूल के बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई। स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही सभी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। समूह की सदस्यों ने की सहभागिता कार्यक्रम में झोन कोऑर्डिनेटर निर्मल मेहता, पूर्व अध्यक्ष संगीता कांठेड़, अध्यक्ष रेनू लूनिया सहित स्नेहलता धाकड़, निर्मला पटवा, किरण मेहता, सुनीता गादिया, उषा खेमेसरा सहित समूह की कई सदस्य मौजूद रहीं। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया ने मीना रमेश गादिया का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने सेवा कार्य में सहभागिता करते हुए बच्चों के साथ समय बिताया।

Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। 20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था। मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था। इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा। मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए। 300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की। रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Ratlam News: लूनी नदी में डूबे युवक का 24 घंटे बाद मिला शव, डीआरसी टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक भगवान प्रजापत का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। संयुक्त डीआरसी टीम ने किया रेस्क्यू। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम बरडिया राठौर में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया। युवक की पहचान राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा निवासी भगवान लाल उर्फ भगवान प्रजापत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार भगवान प्रजापत पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने मामा के घर बरडिया राठौर आया था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह लूनी नदी में डूब गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और डीआरसी टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार तलाश के बावजूद युवक का पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई में तलाशी अभियान चलाया गया। 24 घंटे बाद नदी की गहराई से बरामद हुआ शव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आलोट, जावरा और रतलाम की संयुक्त डीआरसी टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। डीप डाइव उपकरणों की सहायता से नदी की गहराई में जाकर युवक की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद आज शाम करीब 4:30 बजे टीम को सफलता मिली और भगवान प्रजापत का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की गई। इसके पश्चात मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल आलोट भेजा गया। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था युवक मृतक भगवान प्रजापत, पिता शंभूलाल प्रजापत, राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा गांव का निवासी था। वह अपने मामा सिद्धू प्रजापत और दशरथ प्रजापत के यहां पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बरडिया राठौर आया हुआ था। नदी में डूबने की घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ था। करीब एक दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। संयुक्त टीमों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक अमले के साथ डीआरसी की आलोट, जावरा और रतलाम टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। अभियान में कंपनी कमांडर बद्रीलाल मंडलोई, जितेंद्र गामड़, यस पिंकू, जावरा डीआरसी टीम प्रभारी देवराम चौधरी, पप्पू राव, जिया रहमान, कालू सिंह, आलोट टीम प्रभारी राम भजन, नरेंद्र सेन, रमेश शर्मा, वीरेंद्र सिंह, शाहरुख खान और ओमप्रकाश माली की सराहनीय भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का माल जब्त

Ratlam News: रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया। 4 आरोपी गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का मश्रुका जब्त। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में महू-नीमच हाईवे पर ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने वाले गिरोह का नामली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े सात अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों पर हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों की तिरपाल काटकर लहसुन और सरसों की बोरियां चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कृषि उपज, बिना नंबर की मोटरसाइकिलें, अवैध हथियार और कच्ची शराब समेत कुल करीब 8 लाख 59 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया है। वीडियो देखे पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। स्पीड ब्रेकर, घाटी या अन्य स्थानों पर धीमे होने वाले ट्रकों को चिन्हित कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। नामली पुलिस की कार्रवाई से गिरोह का खुलासा हाईवे पर लगातार ट्रकों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पान्द्रो, प्रभारी एसडीओपी अजय सारवान के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा तकनीकी सहायता और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। खेत के मकान के पीछे छिपे थे संदिग्ध 16 सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति धर्मेंद्र बापू के खेत पर बने मकान के पीछे रुके हुए हैं। सूचना मिलते ही नामली पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान अमन कंजर, राहुल कंजर और निखिल कंजर को मौके से पकड़ा गया। अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश कंजर, चिंटू कंजर और अमित कंजर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और प्लास्टिक की केनों में भरी करीब 30 लीटर कच्ची हाथ भट्टी की शराब जब्त की। तलाशी के दौरान आरोपी अमन सिसोदिया के पास से 32 बोर का पिस्टलनुमा देशी कट्टा, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इस मामले में नामली थाने पर आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आई ट्रकों से चोरी की वारदातें पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने की वारदातों का खुलासा किया। आरोपियों ने करीब 20 से 25 दिन पहले एक ट्रक से तिरपाल काटकर 14 कट्टे लहसुन चोरी करना स्वीकार किया। इसके अलावा करीब चार दिन पहले एक अन्य ट्रक से 13 कट्टे सरसों चोरी करने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई लहसुन और सरसों की बोरियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस तरह वारदात को देते थे अंजाम पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य तीन-तीन लोगों की टीम बनाकर चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। तिरपाल से ढके ट्रकों की पहचान करने के बाद उनकी निगरानी की जाती थी। खासतौर पर स्पीड ब्रेकर, घाटी और ऐसे स्थानों को चुना जाता था जहां ट्रकों की रफ्तार कम हो जाती है। ट्रक के धीमे होते ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा आरोपी रस्सी की मदद से ट्रक के ऊपर चढ़ जाता था। इसके बाद वह तिरपाल काटकर ट्रक में भरी कृषि उपज को सड़क किनारे नीचे गिरा देता था। पीछे चल रहे साथी मोटरसाइकिल से नीचे गिराई गई कृषि उपज को समेटकर ले जाते थे। चोरी का सामान हाईवे से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने मकान में छिपाकर रखा जाता था। आवश्यकता के अनुसार वहां से कृषि उपज निकालकर बेचने या ठिकाने लगाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। चार आरोपी गिरफ्तार, सात की तलाश जारी नामली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन पिता दीपू सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी उखेड़िया; राहुल पिता गोरिया हाड़ा, उम्र 30 वर्ष, निवासी उखेड़िया; निखिल पिता बबलू हाड़ा, उम्र 23 वर्ष, निवासी उखेड़िया और सोनू पिता राजेंद्र सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी मेवासा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अनीश हाड़ा, चिंटू हाड़ा, अमित हाड़ा, अभिषेक सिसोदिया, आशीष चौहान, राजकुमार राणावत और धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया फिलहाल फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। 8.59 लाख रुपए का मश्रुका जब्त पुलिस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है: कुल जब्त मश्रुका की कीमत करीब 8 लाख 59 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नामली अमित कोरी, थाना प्रभारी जावरा शहर दीपक मंडलोई, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, केके पटेल, सहायक उपनिरीक्षक जुगलकिशोर रावत, राजेंद्र जगताप सहित नामली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश के साथ-साथ अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम ने फिक्की अराइज अवॉर्ड के तीसरे चरण में बनाई जगह

नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया शिक्षक विकास मॉडल रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के फिक्की समर्थित अराइज अवॉर्ड के तीसरे चरण में भाग लेकर विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। विद्यालय की ओर से ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में प्रस्तुतीकरण किया गया। अराइज अवॉर्ड की चयन प्रक्रिया के पहले चरण में देशभर से हजारों विद्यालय शामिल होते हैं। विभिन्न चरणों में चयन के बाद प्रत्येक श्रेणी के शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यालयों को अपने कार्यों, नवाचारों और प्रभावी मॉडलों का प्रस्तुतीकरण राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के सामने करने का अवसर मिलता है। फिक्की मुख्यालय में हुआ तीसरे चरण का प्रस्तुतीकरण अराइज अवॉर्ड का तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान सांदीपनि विद्यालय विनोबा के ‘स्कूल टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ को राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के सामने प्रस्तुत किया गया। विद्यालय के उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए विकसित किए गए ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल की जानकारी निर्णायक मंडल के सामने रखी। प्रस्तुतीकरण के दौरान विद्यालय के शिक्षक विकास मॉडल, उसकी निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रमुखता से बताया गया। शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास पर विशेष जोर सांदीपनि विद्यालय विनोबा शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक विशेष दृष्टिकोण अपना रहा है। इसके अंतर्गत देश और दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा उनसे सीखने पर जोर दिया जाता है। विद्यालय के मॉडल का उद्देश्य शिक्षकों को बदलती शिक्षा प्रणाली और नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार विकसित होने के लिए तैयार करना है। साथ ही विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां शिक्षक नियमित रूप से सीख सकें, नए प्रयोग कर सकें और अपने शिक्षण अभ्यास को बेहतर बना सकें। नई पीढ़ी के साथ शिक्षकों का विकास भी जरूरी: गजेंद्र सिंह राठौर विद्यालय के उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से टीम विनोबा के शिक्षकों के सीखने, प्रयोग करने और अपने अभ्यास को लगातार बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी रहे। उन्होंने बताया कि विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में अगले चरण पर काम कर रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्व-गति आधारित ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जो उद्यमी सोच को बढ़ावा देगी। विद्यालय की निरंतर विकास यात्रा में ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन साह मॉडल’ और ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ जैसे नवाचारों को भी शामिल किया जा रहा है। 26 सितंबर को होगी अवॉर्ड सेरेमनी संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने बताया कि अराइज अवॉर्ड के अंतिम चयन का परिणाम अभी प्रतीक्षित है। पुरस्कार समारोह 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने इस राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में तीसरे चरण तक पहुंचने को शिक्षकों और विद्यालय की पूरी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

Ratlam News: रतलाम के रावटी में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी, पास में मिला कंकाल

Ratlam News: रतलाम के रावटी थाना क्षेत्र में 13 दिन से लापता युवक सुखराम का क्षत-विक्षत शव मिला। पास में मिले कंकाल और कपड़ों की जांच में पुलिस जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में 13 दिनों से लापता 20 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। शव के कुछ दूरी पर एक कंकाल भी बरामद हुआ है। कंकाल के पास नाबालिग लड़की के कपड़े मिलने से पुलिस की जांच और गंभीर हो गई है। पुलिस के अनुसार, कंकाल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। कपड़ों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह उसी नाबालिग लड़की का हो सकता है, जो 1 सितंबर को युवक के साथ लापता हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खेत में घास काटने गई महिला को मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, रविवार को सेमलखेड़ी निवासी कुसुम पत्नी शंकर गणावा खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान उन्हें खेत से तेज बदबू आने का एहसास हुआ। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक युवक का शव पड़ा देखा। इसके बाद कुसुम ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। शाम करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली, लेकिन बारिश के कारण पुलिस रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंच सकी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव के आसपास का क्षेत्र सुरक्षित किया और जांच शुरू की। इसी दौरान पास में एक कंकाल भी मिला। कपड़ों से हुई युवक की पहचान प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुखराम पुत्र रमश गणावा, निवासी ग्राम सेमलखेड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों के आधार पर की गई। शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिला था। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आशंका है कि लंबे समय तक पड़े रहने के कारण जानवरों ने शव को नुकसान पहुंचाया होगा। शव के पास जहर की एक डिब्बी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है। 13 दिनों से लापता थी नाबालिग लड़की मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पास मिले कंकाल के साथ बरामद कपड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि ये कपड़े उस नाबालिग लड़की से संबंधित हो सकते हैं, जिसकी गुमशुदगी 1 सितंबर को रावटी थाने में दर्ज कराई गई थी। नाबालिग के परिवार ने युवक पर बेटी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था। अब युवक का शव मिलने और पास में कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। हालांकि, कंकाल की वास्तविक पहचान बिना वैज्ञानिक जांच के स्पष्ट नहीं होगी। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। मेडिकल कॉलेज में दोनों पक्षों के बीच विवाद सोमवार दोपहर दोनों मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच जारी रखी। पुलिस और एफएसएल टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। डॉक्टर अतुल मित्तल सहित संबंधित अधिकारियों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस दोनों परिवारों के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। युवक और नाबालिग लड़की के लापता होने की परिस्थितियों, उनके बीच संबंधों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। रावटी थाना प्रभारी ने क्या कहा? रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया ने बताया कि युवक का शव और एक कंकाल पास-पास मिले हैं। नाबालिग के परिजनों ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि युवक की पहचान हो चुकी है, जबकि कंकाल की पहचान अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस के सामने कई सवाल इस घटना ने पुलिस जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, नाबालिग लड़की का कंकाल से कोई संबंध है या नहीं और दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं—इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और डीएनए परीक्षण के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की संभावना है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का शव घर के बरामदे में मिला, सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव खून से लथपथ मिला। पुलिस ने हत्या की आशंका जताकर जांच शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। नयाखेड़ा गांव में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव उसके घर के बरामदे में जमीन पर पड़ा मिला। महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान दिखाई दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो देखे मृतका की पहचान देवीबाई पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर, निवासी नयाखेड़ा के रूप में हुई है। खेत पर जा रहे ग्रामीण ने देखा शव शुक्रवार सुबह गांव का अन्नुसिंह रोज की तरह खेत पर काम करने जा रहा था। रास्ते में देवीबाई के घर के सामने से गुजरते समय उसकी नजर बरामदे में पड़ी महिला पर गई। देवीबाई सामान्यत: बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस सुबह वह जमीन पर पड़ी हुई दिखाई दी। पास जाकर देखने पर अन्नुसिंह ने महिला को खून से लथपथ पाया। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। ग्रामीण ने तुरंत इसकी जानकारी देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की सूचना मिलने के बाद शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना, सब इंस्पेक्टर प्रतापसिंह भदौरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम से एएसपी राकेश पंद्रों और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। रावटी और सरवन थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। धारदार हथियार से चोट के निशान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने जैसे चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर जमीन पर खून बिखरा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका है। महिला की मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। पुलिस जुटा रही है घटना से जुड़े सुराग फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

Ratlam News: नामली में कहासुनी के बाद चाकूबाजी, युवक की पीठ पर चाकू से हमला; दो नामजद समेत अन्य पर केस

Ratlam News: रतलाम के नामली में दो गुटों के बीच विवाद के बाद चाकूबाजी हो गई। युवक चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू लगने से तीन टांके आए। पुलिस ने केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली में गुरुवार दोपहर आपसी कहासुनी के बाद युवाओं के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट और चाकूबाजी तक पहुंच गया। घटना में नामली निवासी चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू लगने से वह घायल हो गया। घायल युवक को पहले नामली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी पीठ पर तीन टांके लगाए गए। घटना नामली के फोरलेन स्थित सांवलिया ढाबा के पास गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई। पुलिस ने मामले में दो नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट का प्रकरण दर्ज किया है। बीच-बचाव के दौरान हुआ चाकू से हमला जानकारी के अनुसार चेतन राठौड़ और कुलदीप तंवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के अन्य युवक भी आपस में झगड़ने लगे। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इसी दौरान चेतन राठौड़ की पीठ पर चाकू से हमला कर दिया गया। अचानक हुई चाकूबाजी के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले चाकू मारने वाले युवक वहां से फरार हो चुके थे। दो नामजद आरोपियों समेत अन्य पर केस दर्ज नामली थाना पुलिस ने घायल चेतन राठौड़ की शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कुलदीप तंवर निवासी नामली, किशोर मालवीय निवासी हसनपालिया, जावरा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है। वर्चस्व की चर्चा, पुलिस ने किया इनकार घटना के बाद दोनों गुटों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर भी चर्चाएं सामने आईं। बताया जा रहा है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस इन गुटों के साथ बैठक करने की तैयारी में थी। हालांकि, नामली थाना पुलिस ने वर्चस्व की लड़ाई की बात से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक होटल से बाहर निकलते समय रास्ता देने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी मामूली विवाद ने बाद में मारपीट और चाकूबाजी का रूप ले लिया। आरोपी और घायल युवक पहले से परिचित नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि घायल युवक और आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते-पहचानते हैं। प्रारंभिक जांच में होटल से बाहर निकलते समय रास्ता देने को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। थाना प्रभारी के अनुसार विवाद बढ़ने के बाद चाकूबाजी की घटना हुई। कुलदीप तंवर, किशोर मालवीय समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी नामली पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटना के पीछे वास्तविक कारण और विवाद की पूरी परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है।

Ratlam News: रतलाम में युवती का पीछा कर छेड़छाड़, पिता को तेजाब से धमकाया; एक आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती का कई महीनों से पीछा कर अश्लील कमेंट करने का मामला सामने आया। पिता को तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि कुछ युवक कई महीनों से उसकी दुकान के आसपास घूमते थे और उसका पीछा कर अश्लील व भद्दे कमेंट करते थे। डर के कारण उसने यह बात लंबे समय तक परिवार को नहीं बताई। बुधवार दोपहर मामला उस समय सामने आया, जब युवती भोजन करने के लिए जा रही थी। आरोप है कि कुछ युवक स्कूटी से उसका पीछा करने लगे और उसे रोकने का प्रयास किया। युवती किसी तरह बचकर अपनी दुकान तक पहुंची और हिम्मत दिखाते हुए युवकों का वीडियो बना लिया। वीडियो में युवकों के चेहरे के साथ स्कूटी का नंबर भी रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद युवती ने फोन कर अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। पिता को दी तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी युवती के पिता मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि युवक वहां मौजूद थे। पिता ने उन्हें रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान युवकों ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनकी बेटी के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे बिगाड़ देंगे। धमकी के बाद युवती और उसका परिवार घबरा गया। परिवार ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीडियो बना पुलिस के लिए अहम सुराग युवती की ओर से बनाया गया वीडियो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। वीडियो में स्कूटी का नंबर एमपी 43 जेडई 7695 भी दिखाई दिया। शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय अब्दुल हक अताउर्रहमान खिलजी, निवासी माणक चौक, को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल तक पैदल ले जाकर कार्रवाई दिखाई गुरुवार दोपहर पुलिस गिरफ्तार आरोपी को पैदल बाजार क्षेत्र में लेकर पहुंची। उसे उस स्थान तक ले जाया गया, जहां युवती के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और पीछा करने की घटना हुई थी। एसआई शांतिलाल चौहान के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। युवती ने कई महीनों तक डर के कारण नहीं बताई बात पीड़िता के अनुसार, वह इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान पर काम करती है। उसका कहना है कि पिछले कई महीनों से तीन-चार युवक दुकान के बाहर चक्कर लगाते और उसका पीछा करते थे। लगातार परेशान किए जाने के बावजूद उसने डर के कारण परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। बुधवार की घटना के बाद उसने आरोपितों का वीडियो बनाया और पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस कर रही अन्य आरोपितों की तलाश मामले में फिलहाल एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। घटना से जुड़े वीडियो और युवती द्वारा दी गई जानकारी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, रेटिना टेस्ट ने खोली डमी अभ्यर्थियों की पोल

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान रेटिना टेस्ट से डमी अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंकज और गौरव दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बुधवार को रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में रेटिना टेस्ट और पहचान जांच के दौरान दो युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग मिली। इसके बाद दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फिरोजाबाद निवासी पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष सिंह की जगह और गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों मामलों में डमी अभ्यर्थियों के जरिए रेलवे भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की गई थी। वीडियो देखे इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह PET देने का मामला भी सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षा की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेटिना टेस्ट में अलग निकली पहचान रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में ग्रुप डी लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान रेटिना टेस्ट के साथ फोटो और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। संदेह होने पर आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मनीष की जगह पंकज पहुंचा था जांच में पता चला कि 33 वर्षीय पंकज यादव, निवासी अलीनगर, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी 26 वर्षीय मनीष सिंह के स्थान पर PET देने पहुंचा था। मनीष सिंह, निवासी फिरोजाबाद, परीक्षा में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। मामले के सामने आने के बाद वह फरार बताया गया है। अनुज की जगह गौरव ने दी परीक्षा दूसरे मामले में 21 वर्षीय गौरव यादव, निवासी ग्राम जफराबाद, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। पहचान प्रक्रिया के दौरान गौरव की जानकारी वास्तविक अभ्यर्थी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में गौरव यादव, पंकज यादव और वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के नाम सामने आए हैं। वहीं मनीष सिंह की तलाश की जा रही है। रेलवे भर्ती में लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थी रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान यह पहला मामला नहीं है। 6 सितंबर को भी बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसके महज तीन दिन बाद एक बार फिर डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पहचान की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। रेटिना टेस्ट बना अहम जांच का जरिया इस मामले में रेटिना टेस्ट और फोटो रिकॉर्ड का मिलान निर्णायक साबित हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के दौरान रिकॉर्ड से अंतर सामने आया, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोककर जांच की गई। रेलवे भर्ती PET से जुड़ी अहम जानकारी मुख्य तथ्य: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे भर्ती जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रतलाम में लगातार डमी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़े की कोशिशें परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, पहचान जांच के दौरान मामलों का पकड़ा जाना यह भी दिखाता है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

↑
0%