Ratlam News: कंटेनर ट्रक में छिपाकर लाई जा रही थी लाखों की बियर! रतलाम पुलिस ने 25 लाख की अवैध शराब पकड़ी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक कंटेनर ट्रक से 5172 बल्क लीटर अवैध बियर जब्त करते हुए राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में करीब 25 लाख 68 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया गया है। घटना का वीडियो देखे पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। मामले में अब शराब सप्लाई नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। वहीं उप पुलिस अधीक्षक महिला सेल अजय सारवान की निगरानी में थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस टीम लगातार निगरानी कर रही थी। पुलिस को 18 मई 2026 की देर रात सूचना मिली थी कि एक कंटेनर ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में टीम ने रतलाम बायपास फोरलेन रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर के पास सेजावता क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने कंटेनर ट्रक क्रमांक RJ-14-GL-7177 को रोककर तलाशी ली। तलाशी में ट्रक के भीतर 431 पेटियों में भरी 5172 बल्क लीटर अवैध बियर बरामद हुई। राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी पुलिस ने मौके से आरोपी भोमाराम पिता जेठाराम जाट (32 वर्ष) निवासी बाड़मेर, राजस्थान को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 25 लाख से ज्यादा का मशरूका जब्त पुलिस के अनुसार जब्त की गई अवैध बियर की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 68 हजार रुपए बताई गई है। वहीं कंटेनर ट्रक की कीमत लगभग 15 लाख रुपए आंकी गई है। कुल मिलाकर कार्रवाई में लगभग 25 लाख 68 हजार रुपए का मशरूका जब्त किया गया। जब्त सामग्री लगातार चल रहा है अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान रतलाम पुलिस पिछले कई महीनों से जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में कई बड़ी कार्रवाइयों के बाद पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अशोक दीक्षित, दिलीप खाती, हंसराज पटीगर सहित पुलिस टीम के कई जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Ratlam News: फोरलेन पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्काजाम

रतलाम के महू-नीमच फोरलेन पर बस और बाइक की टक्कर में युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर घायल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दो बार शव रखकर चक्काजाम किया और 50 लाख मुआवजे की मांग उठाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के महू-नीमच फोरलेन पर गुरुवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बड़ौदा फंटे के पास एक तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें 25 वर्षीय युवक कान्हा उर्फ सोनु की मौत हो गई, जबकि उसका साथी सुखराम गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दो बार शव रखकर फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। वीडियो देखे कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, बड़ौदा निवासी कान्हा उर्फ सोनु पिता बसंतीलाल और सुखराम पिता भगवान मालवीय जावरा की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 9 बजे रतलाम से जावरा जा रही मीनाक्षी बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही कान्हा ने दम तोड़ दिया। वहीं सुखराम की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे अहमदाबाद रेफर कर लेकर गए। शव रखकर किया चक्काजाम, 50 लाख मुआवजे की मांग युवक की मौत के बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने गुस्सा जाहिर किया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव ले जाया जा रहा था, तब ग्रामीणों ने बस संचालक की अन्य बसों को रोकना शुरू कर दिया। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर फोरलेन पर चक्काजाम किया गया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना था कि परिवार बेहद गरीब है और अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे। मौके पर नामली थाना प्रभारी अमित कोरी, तहसीलदार प्राची गायगवाड़ सहित कई अधिकारी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में बस कर्मचारियों की ओर से मृतक और घायल के परिवार को 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि देने पर सहमति बनी। गांव से फिर शव लेकर लौटे ग्रामीण पहली बार समझाइश के बाद ग्रामीण शव लेकर गांव लौट गए थे, लेकिन कुछ लोग संतुष्ट नहीं हुए। वे दोबारा एंबुलेंस में शव रखकर बड़ौदा फंटे पहुंचे और फोरलेन के बीच वाहन खड़ा कर फिर से जाम लगा दिया। करीब 20 मिनट तक सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लगा रहा। बाद में एसडीओपी किशोर पाटनवाला और ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद बस जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था और मुआवजे की कानूनी प्रक्रिया भी की जाएगी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक कान्हा अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में मां, पत्नी और डेढ़ साल का बेटा है। बेटे की मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर अंतिम संस्कार कराया। फंटे पर अव्यवस्थाओं से बढ़ रहा खतरा स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ वहां पर्याप्त लाइट व्यवस्था नहीं है। फंटे पर स्पीड ब्रेकर होने के बावजूद रोड किनारे खड़े वाहनों और ढाबों की वजह से क्रॉसिंग साफ दिखाई नहीं देती। सड़क पर लाइन मार्किंग भी नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वर्तमान स्थिति फिलहाल पुलिस ने बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने मुआवजे को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों ने फंटे पर बेहतर लाइट और सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है।

Ratlam Circle Jail में यौन शोषण का आरोप: कोर्ट के आदेश के बाद मचा हड़कंप, बंद कमरे में दर्ज हुए पीड़ित के बयान

Ratlam Circle Jail रतलाम सर्किल जेल में बंद 19 वर्षीय युवक ने साथी कैदी पर यौन शोषण का आरोप लगाया। कोर्ट के आदेश पर मेडिकल जांच और सीजेएम के सामने बयान दर्ज हुए। जानिए पूरा मामला रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Circle Jail: रतलाम की सर्किल जेल में सामने आए कथित यौन शोषण मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनडीपीएस एक्ट में बंद 19 वर्षीय युवक ने जेल के भीतर ही एक अन्य कैदी पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा, जहां से मेडिकल जांच और बयान दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए। मामला क्या है? मामला मध्य प्रदेश के Ratlam स्थित सर्किल जेल का है। जानकारी के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार एक 19 वर्षीय युवक को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया था। युवक ने आरोप लगाया कि जेल में बंद एक अन्य आरोपी, जो दुष्कर्म मामले में बंद है, ने उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़ित ने पहले जेल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि वहां उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में जब युवक के पिता उससे मिलने जेल पहुंचे तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद पिता ने भी जेल प्रबंधन से मौखिक शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट पहुंचा मामला, जज ने दिए सख्त निर्देश पीड़ित के पिता ने अधिवक्ताओं की मदद से 8 मई को जावरा स्थित एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत में आवेदन पेश किया। आवेदन में निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश ने तत्काल युवक का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बंद कमरे में दर्ज हुए बयान, मेडिकल रिपोर्ट तैयार सोमवार को Ratlam District Hospital में मेडिकल बोर्ड द्वारा युवक की जांच की गई। डॉक्टरों की टीम ने दो पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। इसके बाद सीजेएम के समक्ष बंद कमरे में करीब 30 मिनट तक युवक के बयान दर्ज किए गए। पीड़ित के अधिवक्ता देवेंद्र भटनागर ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट और न्यायालय में दिए गए बयान आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि घटना कब और कितनी बार हुई तथा कहीं अन्य बंदियों के साथ भी ऐसा तो नहीं हुआ। जेल प्रशासन पर उठे सवाल इस पूरे मामले ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में हर समय निगरानी के लिए नाइट विजन कैमरे लगे होने का दावा किया जाता है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि घटना के समय कैमरों की स्थिति क्या थी और फुटेज सुरक्षित हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच होगी कि दोनों बंदियों को एक ही बैरक या सेल में क्यों रखा गया था और यदि घटना हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। क्षमता से डेढ़ गुना ज्यादा बंदी रतलाम सर्किल जेल की अधिकृत क्षमता 380 बंदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहां करीब 610 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें बड़ी संख्या विचाराधीन कैदियों की है। क्षमता से अधिक भीड़ के कारण जेल प्रशासन को सुरक्षा और निगरानी में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार मेडिकल परीक्षण और बयान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों और न्यायालय को भेजी जा रही है। फिलहाल क्या है स्थिति? फिलहाल मामले की जांच जारी है और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और इस मामले में किन अधिकारियों या बंदियों की जिम्मेदारी तय होती है। मामले ने प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

रतलाम में JSG संगिनी उमंग का सेवा अभियान, 100+ गमछे व टोपियां वितरित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा “उमंग के रंग, सेवा के संग” थीम के तहत विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर सामूहिक जाप के साथ सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। JSG एमपी रीजन के निर्देशानुसार अप्रैल माह में महामंत्र जाप एवं गर्मी से राहत के लिए सेवा गतिविधि संचालित की गई। इसी क्रम में 27 अप्रैल 2026 को संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने स्थानीय सब्जी विक्रेता महिलाओं को तेज धूप से बचाव हेतु 100 से अधिक गमछों का वितरण किया, वहीं पुरुष वर्ग को टोपियां प्रदान की गईं। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में सखियों ने उपस्थित होकर सेवा कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह प्रोजेक्ट जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता के सानिध्य में सम्पन्न हुआ, जिनका स्वागत संगीता पोरवाल द्वारा किया गया। प्रोजेक्ट का नेतृत्व ग्रुप सखी संगीता मनोज पोरवाल ने किया, जिनका अभिनंदन सचिव निर्मला पटवा एवं अध्यक्ष रेनू लूनिया ने किया। उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल को विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर जीतो द्वारा आयोजित सामूहिक नवकार मंत्र जाप में भी JSG संगिनी उमंग रतलाम की सखियों ने सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया और सामाजिक एकता का संदेश दिया। यह आयोजन न केवल सेवा भावना का उदाहरण बना, बल्कि समाज में सहयोग और एकजुटता का संदेश भी प्रसारित किया।

रतलाम में गायत्री परिवार की जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न, जन्मशताब्दी वर्ष को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार की अधिष्ठात्री माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों के तहत शनिवार को रतलाम के गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम में शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिलेभर से सक्रिय गायत्री परिजन शामिल हुए, जिन्हें जिला एवं तहसील समन्वय समितियों में विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। प्रशिक्षण उज्जैन उपजोन की टीम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत देवपूजन से हुई। मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा और मंजुला पालीवाल ने अतिथियों एवं प्रशिक्षकों का मंगल तिलक व मंत्र दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। प्रशिक्षण सत्र में उज्जैन से आए डॉ. शशिकांत शास्त्री ने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण का उद्देश्य, आदर्श कार्यकर्ता के गुण, प्रज्ञा संस्थान तथा बाल संस्कारशाला की उपयोगिता पर डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी। उपजोन समन्वयक प्रभाकर सोनोने ने ट्रस्टों की कानूनी जानकारी, अर्थानुशासन, साधना, स्वाध्याय एवं मंडल निर्माण पर मार्गदर्शन दिया। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ समन्वयक विवेक चौधरी ने युवा जागरण, पर्यावरण संरक्षण, व्यसन मुक्ति और कुरीति उन्मूलन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। वहीं उज्जैन उपजोन प्रभारी उर्मिला तोमर ने आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी आंदोलन की वर्तमान समय में आवश्यकता बताई। जिला समन्वयक दामोदर शर्मा धराड़ ने स्वास्थ्य, स्वावलंबन, साहित्य विस्तार और शिक्षण-प्रशिक्षण विषय पर विचार रखे। महिला जागरण अभियान के तहत युवा कार्यकर्ता निशा धनोतिया ने महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आई.पी. त्रिवेदी ने किया, जबकि अर्जुनसिंह चौहान ने सत्संकल्प पाठ करवाकर आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार मध्यप्रदेश संगठन ने इस वर्ष अपनी सभी तहसील और जिला इकाइयों का पुनर्गठन किया है। जन्मशताब्दी वर्ष में नए लक्ष्यों को लेकर कार्य विस्तार का संकल्प लिया गया है। भीषण गर्मी के बावजूद जिलेभर से बड़ी संख्या में परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में जावरा, आलोट, रावटी, सैलाना, बाजना सहित रतलाम शहर के सदस्य उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम में नकली घी का बड़ा खेल? एजेंसी पर छापा, 90 किलो घी जब्त, 7 सैंपल जांच को भेजे

रतलाम में नकली घी की आशंका पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जय मां दूधेश्वरी एजेंसी पर छापा मारा। 90 किलो घी जब्त, 7 सैंपल भोपाल लैब भेजे गए। जानें पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में नकली घी बेचने की आशंका के चलते खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहन नगर स्थित जय मां दूधेश्वरी एजेंसी पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान अलग-अलग कंपनियों के घी के छोटे-बड़े पैकेट बड़ी मात्रा में बरामद किए गए। विभाग ने करीब 80 से 90 किलो घी जब्त कर लिया है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 से 70 हजार रुपए बताई जा रही है। वीडियो देखे इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है, क्योंकि विभाग को शक है कि सस्ते दाम पर बाजार में नकली घी खपाया जा रहा था। 7 सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेष गुप्ता अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान कुल 7 सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। अधिकारियों के मुताबिक, दुकान में डीएफ गोल्ड, श्री मूल, गौ संत और मोती सागर ब्रांड के घी मिले हैं। इनमें 20-20 रुपए के देशी घी के पाउच भी शामिल थे। किस ब्रांड पर सबसे ज्यादा शक? विभाग को खासतौर पर डीएफ गोल्ड घी पर शक है। बताया जा रहा है कि पहले भी शहर में इसी नाम से घी बरामद हो चुका है, जिसे राज्य प्रयोगशाला ने अमानक घोषित किया था। निर्माता कंपनियों की जानकारी एजेंसी संचालक ने क्या कहा? दुकान संचालक गोपाल व्यास ने बताया कि वे यह घी इंदौर के डीलर से खरीदते हैं और सभी सामान के जीएसटी बिल उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि पिछले 7 से 8 महीनों से घी मंगवाया जा रहा था और शहर की विभिन्न दुकानों पर सप्लाई की जाती थी। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले रतलाम में मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों पर पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है। त्योहारों और शादी सीजन में ऐसे मामलों में तेजी देखी जाती है, जब नकली घी, मावा और मसाले बाजार में खपाने की कोशिश की जाती है। फिलहाल क्या स्थिति है? फूड विभाग ने मौके पर मौजूद घी को सीज कर दिया है। अब सभी की नजर भोपाल लैब रिपोर्ट पर है, जिससे तय होगा कि यह घी असली है या नकली। यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली तो एजेंसी संचालक और संबंधित निर्माता कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

रॉयल कॉलेज में वरिष्ठ IAS राहुल जैन ने दिए सफलता के मंत्र, रोजगार-स्वरोजगार पर किया मार्गदर्शन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ IAS अधिकारी एवं भारत सरकार के वित्त आयोग में संयुक्त सचिव श्री राहुल जैन शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और आध्यात्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन श्री प्रमोद गुगालिया ने की। उन्होंने राहुल जैन का परिचय देते हुए बताया कि वे वर्ष 2005 बैच (मध्यप्रदेश कैडर) के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर, रीवा और नर्मदापुरम जिलों में कलेक्टर रह चुके हैं तथा TNCP में निदेशक पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे भारत सरकार के वित्त आयोग में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही वे चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं। युवाओं को योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान राहुल जैन ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना, कॉरपोरेट मित्र पोर्टल और iGOT Platform जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने भविष्य को मजबूत बनाने की अपील की। डिग्री से ज्यादा जरूरी है स्किल उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल अकादमिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है। विद्यार्थियों को किताबों के ज्ञान के साथ उद्योग जगत की मांगों के अनुसार खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं। डिजिटल अनुशासन और संस्कारों पर दिया जोर राहुल जैन ने डिजिटल अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग समय बर्बाद करने के लिए नहीं, बल्कि कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और संस्कार हमारी असली पूंजी हैं। परिवार, समाज और अच्छे संस्कार मिलकर व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में समाजसेवी श्री ओमजी अग्रवाल, श्री मांगीलाल जैन, श्री अजय बाकीवाला, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी, डॉ. कल्पना पाटीदार, डॉ. अमित शर्मा, प्रो. कपिल कैरोल, प्रो. दीपिका कुमावत, डॉ. संदीप सिद्ध, प्रो. समीक्षा मेहरा, प्रो. ज्योत्सना सोलंकी, प्रो. मृदुला उपाध्याय सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बीएड प्राचार्य डॉ. आर.के. अरोरा ने किया, जबकि आभार प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री ने व्यक्त किया।

MP News: कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई पर FIR: जनपद CEO को धमकी, मारने दौड़े और रास्ता रोका

MP News: अलीराजपुर में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदरसिंह चौहान पर जनपद पंचायत CEO को धमकाने, अभद्रता करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज हुई है। जानिए पूरा मामला। अलीराजपुर/रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदरसिंह चौहान पर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग को धमकाया, अभद्र व्यवहार किया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला  पुलिस FIR के अनुसार, घटना 22 अप्रैल 2026 दोपहर करीब 3 बजे की बताई गई है। जनपद पंचायत अलीराजपुर की CEO प्रिया काग जब अपने कार्यालय पहुंचीं, तब कार्यालय के मुख्य गेट पर इंदरसिंह चौहान खड़े थे। आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के कुछ आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर गुस्से में सवाल-जवाब शुरू कर दिए। जब अधिकारी ने शासन के नियमों के अनुसार आवेदन निरस्त होने का कारण बताया, तब आरोपी भड़क गए। CEO को दी धमकी, मारने दौड़े शिकायत में कहा गया है कि इंदरसिंह चौहान ने CEO से कहा— “तेरे दांत तोड़ दूंगा, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा।” इसके बाद आरोपी कथित तौर पर अधिकारी की ओर मारने के लिए बढ़े और थप्पड़ मारने की कोशिश की। उसी दौरान जनपद पंचायत के लेखाधिकारी सावन भिण्डे ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। रास्ता रोका, पीछा करने का भी आरोप CEO प्रिया काग ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जब वह वहां से जाने लगीं तो आरोपी ने उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद वह पीछे के कमरे की ओर गईं, जहां तक आरोपी उनका पीछा करते हुए पहुंचे। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि पूरी घटना कार्यालय के CCTV कैमरों में कैद है। पहले भी कैमरे हटवाने का आरोप FIR में यह भी उल्लेख है कि इससे पहले अधिकारी के कार्यालय कक्ष में लगे कैमरे भी उनकी अनुपस्थिति में निकलवा दिए गए थे। इस कारण अधिकारी ने खुद को कार्यस्थल और घर दोनों जगह असुरक्षित महसूस करने की बात कही है। किन धाराओं में केस दर्ज? अलीराजपुर थाना पुलिस ने आरोपी इंदरसिंह चौहान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं: प्रशासन और राजनीति में मचा हड़कंप चूंकि आरोपी का नाम कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के परिवार से जुड़ा है, इसलिए यह मामला अब राजनीतिक रूप भी ले सकता है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्तमान स्थिति पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अलीराजपुर का यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

Ratlam News: सैलाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 17 पेटी अवैध शराब और स्विफ्ट कार जब्त, आरोपी फरार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सैलाना पुलिसको बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 पेटी अवैध शराब और एक स्विफ्ट कार जब्त की है।हालांकि, मौके से आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। मुखबिर की सूचना पर एक्शन पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चल रहे अभियान के दौरान चौकी धामनोद पर पदस्थ उपनिरीक्षक आनंदबागवान को सूचना मिली कि एक ग्रे रंग की स्विफ्ट कार में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते हीपुलिस टीम ने रतलाम–बांसवाड़ा रोड स्थित बोदिना फंटा पर वाहनों की चेकिंग शुरू की। पीछा कर पकड़ी कार, आरोपी फरार जांच के दौरान संदिग्ध स्विफ्ट कार (RJ-12-CA-9823) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन तेज गति सेभगाकर ले गया। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी भैसाडाबर–हतनारा रोड के सुनसान इलाके में कार छोड़कर खेतों की ओरभाग निकले।  190.56 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद कार की तलाशी लेने पर पुलिस को कुल 17 पेटी अवैध शराब मिली, जिसमें— बरामद शराब की कुल मात्रा 190.56 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹1.18 लाख बताई जा रही है। इसकेअलावा करीब ₹2 लाख कीमत की स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज पुलिस ने इस मामले में थाना सैलाना में अपराध क्रमांक 136/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी अधिनियम में प्रकरणदर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक आनंद बागवान, प्रधान आरक्षक दिलीप देसाई, आरक्षक रणजीत सोलंकी, आरक्षक फकीरचंदसोलंकी सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।

Ratlam News: बाजना पुलिस का बड़ा खुलासा: 72 घंटे में हत्या और लूटकांड का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

रतलाम के बाजना थाना क्षेत्र में हत्या और लूट की दो बड़ी वारदातों का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया। 4 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार, पुलिस की विशेष टीम की बड़ी कार्रवाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र में हुई हत्या और लूट की दो गंभीर घटनाओं का पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। वीडियो देखे माही नदी पुल पर लूट की वारदात 13 अप्रैल 2026 को बांसवाड़ा निवासी कादर खान अपनी पुत्री के साथ जावरा से शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान रतनगढ़पीठ स्थित माही नदी पुल पर अज्ञात बदमाशों ने चाकू दिखाकर उनसे लूटपाट की। बदमाशों ने 20 हजार रुपये नकद, जरूरी दस्तावेज, सोने-चांदी के जेवर, कपड़ों से भरा बैग और अन्य सामान लूट लिया। इस मामले में बाजना थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। डीजे विवाद में युवक की हत्या दूसरी घटना 14 अप्रैल 2026 की है, जहां देवीपाड़ा गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने सुनील झोड़िया पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की विशेष टीम ने किया खुलासा दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन में एसडीओपी नीलम बघेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी फरार आरोपी: अश्विन कटारा (निवासी केलदा, थाना शिवगढ़) जप्ती और पुलिस टीम की भूमिका पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई 2 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इस पूरे ऑपरेशन में बाजना, रावटी और सरवन थाना पुलिस सहित कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।