MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल तक सहमति से बने संबंध को नहीं माना दुष्कर्म

MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल तक सहमति से बने संबंधों को दुष्कर्म नहीं मानते हुए केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज रेप की FIR और लंबित आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सहमति से बने संबंधों और दुष्कर्म के मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दो बालिग अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहे हैं और सहमति किसी झूठे वादे, धमकी या दबाव के आधार पर नहीं ली गई है, तो ऐसे मामले में दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता। हाईकोर्ट ने इसी आधार पर भोपाल निवासी एक केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म की एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनाया। यह निर्णय सहमति (Consent) और झूठे विवाह के वादे से जुड़े मामलों में कानूनी दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या था पूरा मामला? याचिकाकर्ता एक केंद्रीय कर्मचारी है, जिसके खिलाफ उसकी विवाहित सहकर्मी ने भोपाल के छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 में आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। साथ ही शादी का झांसा देकर करीब चार वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था और मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन था। हाईकोर्ट ने किन तथ्यों पर दिया फैसला? सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता: अदालत ने यह भी माना कि दोनों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे और रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल किया, धमकाया या झूठे विवाह के वादे से उसकी सहमति प्राप्त की। अदालत ने क्या कहा? न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यदि दो बालिग बिना किसी दबाव, भय या झूठे प्रलोभन के अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहते हैं, तो केवल बाद में विवाद उत्पन्न होने से उस संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया। फैसले का कानूनी महत्व यह फैसला इस सिद्धांत को दोहराता है कि दुष्कर्म के मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है। यदि सहमति स्वतंत्र रूप से दी गई हो और उसे धोखे, धमकी, दबाव या झूठे विवाह के वादे से प्राप्त न किया गया हो, तो अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती है।

Ratlam News: रतलाम में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 10 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने 5 लाख से ज्यादा रकम कराई होल्ड

Ratlam News: रतलाम में फेसबुक लिंक के जरिए शेयर मार्केट निवेश का झांसा देकर 10 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 5 लाख से अधिक राशि होल्ड कराई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच रतलाम के एक निवेशक को भारी पड़ गया। फेसबुक पर मिले एक लिंक के जरिए साइबर ठगों ने उसे निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम अपने खातों में जमा करा ली। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित एप्लिकेशन बंद हो चुकी थी। शिकायत मिलते ही रतलाम साइबर सेल ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। जांच के दौरान ठगों के बैंक खातों में पहुंची 5 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड करवा दी गई। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद पीड़ित को अब तक 2.68 लाख रुपये वापस मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि लौटाने की प्रक्रिया जारी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी ऑफर और अनजान लिंक कितने खतरनाक हो सकते हैं। कैसे हुई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी? मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का है। पीड़ित ने 12 मार्च 2026 को रतलाम साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि फेसबुक पर मिले एक लिंक के माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। लालच में आकर उसने 27 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निवेश के नाम पर जमा कर दी। ठग लगातार अधिक लाभ का भरोसा देकर और पैसे निवेश करने के लिए दबाव बनाते रहे। एप्लिकेशन बंद होते ही सामने आई ठगी जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम निकालने (विड्रॉल) का प्रयास किया तो संबंधित एप्लिकेशन खुलना बंद हो गई। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत रतलाम साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल ने ऐसे बचाई लाखों रुपये की राशि शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामला नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। इसके बाद बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर ठगों के खातों में पहुंची ₹5,04,126 की राशि होल्ड करवाई गई। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने यह राशि पीड़ित को लौटाने के आदेश जारी किए। आदेश के पालन में अब तक ₹2,68,907पीड़ित के खाते में वापस जमा किए जा चुके हैं। बाकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 में रतलाम पुलिस की बड़ी सफलता रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक साइबर ठगी के मामलों में ₹86,28,026 की राशि ठगों के खातों में होल्ड करवाई जा चुकी है। इनमें से ₹20,23,739 पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में कानूनी और न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। राशि रिफंड कराने की कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी सब इंस्पेक्टर जीवन बारिया, हेड कॉन्स्टेबल हिम्मत सिंह तथा कॉन्स्टेबल मोरसिंह और राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Ratlam News: अवैध खनन रोकने पहुंचे पटवारी पर जानलेवा हमला, बुलडोजर से कुचलने की कोशिश, पंचनामा भी फाड़ा

Ratlam News: रतलाम के आलोट क्षेत्र में अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान पटवारी अजय चौहान पर जानलेवा हमला हुआ। बुलडोजर से हमला, पंचनामा फाड़ा गया, पुलिस ने केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट तहसील क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ की जा रही शासकीय कार्रवाई के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे देवगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करने पहुंचे पटवारी अजय चौहान पर कथित खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। इस हमले में पटवारी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें ऑपरेशन के लिए रतलाम रेफर करना पड़ा। आरोप है कि हमलावरों ने पहले बुलडोजर के बकेट से हमला कर उनका हाथ गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद ट्राला चढ़ाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं, सरकारी कार्रवाई के दौरान तैयार किया गया पंचनामा भी छीनकर फाड़ दिया गया ताकि साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। वीडियो देखे पुलिस ने घायल पटवारी के बयान दर्ज कर लिए हैं और विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश जारी है। अवैध उत्खनन के दौरान हुई पूरी घटना जानकारी के अनुसार देवगढ़ हल्का पटवारी अजय चौहान अपने शासकीय कार्य के दौरान गांव के चौकीदार भगवान लाल के साथ क्षेत्र में पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नाले के पास एक बुलडोजर से अवैध उत्खनन होता दिखाई दिया। पटवारी ने मशीन रुकवाकर संबंधित दस्तावेज मांगे। वैध अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने मौके पर पंचनामा तैयार किया और वाहन जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई से नाराज होकर किया हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब बुलडोजर और अन्य वाहन को थाने ले जाने की कार्रवाई की जा रही थी, तभी 4 से 5 लोग मौके पर पहुंचे और पटवारी के साथ विवाद करने लगे। देखते ही देखते आरोपियों ने धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। बुलडोजर के बकेट से वार कर पटवारी का हाथ गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। आरोप है कि उनका हाथ वाहन के स्टीयरिंग में फंसाकर भी जोर से मरोड़ा गया, जिससे गंभीर चोट आई। ट्राला चढ़ाकर जान लेने की कोशिश हमले के दौरान आरोपियों ने पटवारी पर ट्राला चढ़ाने का भी प्रयास किया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई। इसके बाद सरकारी कार्रवाई के सबूत मिटाने की नीयत से आरोपियों ने पटवारी के बैग से पंचनामा निकालकर फाड़ दिया और मौके से फरार हो गए। मानुनिया महादेव क्षेत्र के बताए जा रहे हैं आरोपी प्राथमिक जानकारी के अनुसार हमलावर संबंधित गांव के निवासी नहीं थे। चौकीदार ने पुलिस को बताया कि आरोपी मानुनिया महादेव क्षेत्र से आए थे। पुलिस अब उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है। घायल पटवारी को रतलाम किया गया रेफर घटना के बाद अन्य राजस्व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल पटवारी को पहले आलोट के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हाथ में गंभीर चोट होने के कारण बेहतर इलाज और ऑपरेशन के लिए उन्हें रतलाम के जीडी अस्पताल रेफर कर दिया। अधिकारियों ने क्या कहा? तहसीलदार वंदना किराड़े का बयान तहसीलदार वंदना किराड़े ने बताया कि पूरे मामले में पुलिस को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी ने दी जानकारी बरखेड़ा थाना प्रभारी पातीराम डावरे के अनुसार घायल पटवारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उनके आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

Ratlam News: रतलाम में सूने मकान का ताला तोड़ चोरी, चड्डी-बनियान पहने तीन बदमाश CCTV में कैद

Ratlam News: रतलाम के ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात हुई। चड्डी-बनियान पहने तीन बदमाश CCTV में कैद हुए, पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में चोरी की एक और घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में रविवार देर रात तीन बदमाशों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। बदमाश मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर के अंदर घुसे, पूरे मकान का सामान बिखेर दिया और गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 4 से 5 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने सभी को चौंका दिया। फुटेज में तीनों संदिग्ध चड्डी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथों में पत्थर लिए कॉलोनी की गलियों में घूमते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात बदमाशों का बेखौफ घूमना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद कॉलोनी में दहशत का माहौल है। घटना का वीडियो देखे कैसे हुई पूरी वारदात? घटना कॉलोनी निवासी देवेंद्र डोडियार के मकान में हुई। देवेंद्र कॉलेज छात्र हैं और पढ़ाई के लिए इस मकान में रहते हैं। उनका परिवार शहर के दूसरे घर में रहता है। रविवार को देवेंद्र परिवार के साथ शहर से बाहर गए थे। इसी दौरान बदमाशों ने सूने मकान का फायदा उठाया और मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश कर गए। घर के भीतर घुसने के बाद चोरों ने अलमारी और अन्य सामान खंगाल दिया। पूरे मकान का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया। आखिर में उन्होंने घर में रखी गुल्लक तोड़ी और उसमें जमा करीब 4 से 5 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। सुबह लौटे तो टूटा मिला ताला सोमवार सुबह करीब 5 बजे जब देवेंद्र वापस लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला और ताला टूटा हुआ था। अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने देखा कि पूरा सामान बिखरा पड़ा है। जांच करने पर पता चला कि गुल्लक से नकदी गायब है। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी गतिविधि घटना के बाद कॉलोनी में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज में तीन संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जो— वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस की रात्रि गश्त पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय रहवासियों ने रात की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त होती तो संभव है कि बदमाश वारदात को अंजाम नहीं दे पाते। कॉलोनी में देर रात संदिग्धों का बेखौफ घूमना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच में जुटी औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने चोरी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Ratlam News: शादी का सपना बना ठगी का जाल: मैरिज ब्यूरो ने युवक से ऐंठे 3.42 लाख, एक माह बाद दुल्हन नकदी और जेवर लेकर फरार

रतलाम के बड़ी सरवन निवासी युवक से मैरिज ब्यूरो के नाम पर 3.42 लाख रुपये की ठगी हुई। शादी के एक माह बाद दुल्हन नकदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शादी के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में एक और चौंकाने वाला मामला रतलाम जिले से सामने आया है। बड़ी सरवन निवासी एक युवक को कथित मैरिज ब्यूरो संचालकों ने शादी कराने का भरोसा दिलाया और उससे लाखों रुपये वसूल लिए। विवाह संपन्न होने के करीब एक माह बाद दुल्हन घर से नकदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच के बाद मामला थाना सरवन को सौंप दिया गया है, जहां आरोपितों की तलाश की जा रही है। मामले ने एक बार फिर शादी के नाम पर सक्रिय ठगी करने वाले गिरोहों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। कैसे हुई मैरिज ब्यूरो के नाम पर ठगी? पुलिस के अनुसार बड़ी सरवन निवासी प्रितेश रेगा मजदूरी करता है। उसकी शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान जावरा क्षेत्र के नादवेल निवासी नंदू उर्फ नंदलाल से हुई। नंदू ने खुद को मैरिज ब्यूरो से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि वह ऐसे युवकों की शादी करवाता है जिनका रिश्ता नहीं हो पाता। बाद में नंदू ने पश्चिम बंगाल निवासी विकास बोरी से भी उसकी पहचान कराई। दोनों ने मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से कई युवतियों के फोटो भेजे। उत्तर प्रदेश जाकर दिखाई गई युवती जब प्रितेश को भरोसा नहीं हुआ तो उसे युवती देखने के लिए उत्तर प्रदेश बुलाया गया। वह अपने जीजा के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचा, जहां विकास बोरी मिला और उसे चंदौली ले गया। वहां कई युवतियों से मुलाकात कराई गई, जिनमें से प्रितेश ने सुमन नाम की युवती को पसंद किया। इसके बाद शादी की बात आगे बढ़ाई गई। शादी के बदले मांगे गए तीन लाख रुपये शिकायत के अनुसार विकास बोरी ने शादी कराने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की। प्रितेश ने धोखाधड़ी की आशंका जताई तो आरोपितों ने भरोसा दिलाया कि युवती हमेशा उसके साथ रहेगी और कभी छोड़कर नहीं जाएगी। उनकी बातों पर विश्वास कर प्रितेश ने विवाह के लिए सहमति दे दी। 4 मई 2025 को हुई शादी इसके बाद विकास बोरी युवती को लेकर रतलाम पहुंचा, जहां नंदू भी मिला। सभी लोग बड़ी सरवन पहुंचे और 4 मई 2025 को परिवार की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए लाखों रुपये शिकायत के अनुसार आरोपितों के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। लेन-देन का विवरण भुगतान का माध्यम राशि पहली मोबाइल दुकान से ऑनलाइन ट्रांसफर ₹90,000 दूसरी मोबाइल दुकान से ऑनलाइन ट्रांसफर ₹1,85,000 बैंक खाते से ट्रांसफर ₹37,000 कुल नुकसान ₹3,42,500 एक माह बाद दुल्हन हुई फरार प्रितेश के अनुसार शादी के बाद सुमन लगभग एक माह तक उसके साथ रही। 6 जून 2025 की रात करीब दो बजे उसने कथित रूप से किसी व्यक्ति को बोलेरो वाहन से बुलाया और घर में रखे करीब 30 हजार रुपये नकद तथा चांदी की पायजेब लेकर फरार हो गई। सुबह जानकारी मिलने पर प्रितेश ने नंदू और विकास से संपर्क किया। दोनों ने युवती को वापस भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करते रहे। आधार कार्ड भी कथित रूप से फर्जी निकला शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि नंदू उर्फ नंदलाल पहले भी शादी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करता रहा है। जब सुमन के आधार कार्ड की जांच कराई गई तो वह भी कथित रूप से फर्जी पाया गया। युवती का वास्तविक पता-ठिकाना भी नहीं मिल सका। पुलिस ने दर्ज किया मामला प्रारंभिक जांच के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने अपराध दर्ज किया। घटना का क्षेत्राधिकार सरवन थाना होने के कारण मूल प्रकरण आगे की कार्रवाई के लिए वहां भेज दिया गया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Ratlam News: शराब के नशे में भाइयों का विवाद बना जानलेवा, छोटे भाई की इलाज के दौरान मौत

Ratlam Crime News: रतलाम के लक्ष्मणपुरा में शराब के नशे में दो भाइयों के बीच विवाद के बाद बड़े भाई ने छोटे भाई पर हमला कर दिया। इंदौर में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गुरुवार देर रात पारिवारिक विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत लक्ष्मणपुरा में शराब के नशे में दो भाइयों के बीच हुए झगड़े में बड़े भाई ने छोटे भाई पर कपड़े धोने की मोगरी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज और बाद में इंदौर रेफर किया गया, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच शराब के नशे में विवाद हुआ था। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल की गई मोगरी बरामद कर ली है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। मृतक की पहचान विमल महावार (30) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी बड़ा भाई त्रिलोकचंद महावार बताया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना कैसे हुई? जानकारी के अनुसार गुरुवार रात करीब 2 बजे लक्ष्मणपुरा स्थित घर में दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर बड़े भाई त्रिलोकचंद ने कपड़े धोने की मोगरी से विमल के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हमले में विमल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से काफी खून बहने लगा। घर में मौजूद लकवाग्रस्त मां ने शोर सुनकर पड़ोसियों को बुलाया, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज से इंदौर किया गया रेफर रतलाम मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल की गंभीर हालत देखते हुए उसे रात में ही इंदौर रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे इंदौर में इलाज के दौरान विमल ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने मौके से जुटाए साक्ष्य युवक की मौत की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी गायत्री सोनी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचीं। जांच के दौरान पुलिस को घर से— मां की देखभाल करता था छोटा बेटा परिवार के लोगों और पड़ोसियों के अनुसार घर में दोनों भाई अपनी लकवाग्रस्त मां जमनाबाई के साथ रहते थे। पिता का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। बताया गया कि मां की अधिकांश देखभाल विमल ही करता था। घटना के बाद भी सुबह तक उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है। पड़ोसियों ने क्या बताया? स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच अक्सर शराब के नशे में विवाद होता था। पड़ोसियों के अनुसार— हालांकि इन दावों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी गायत्री सोनी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब के नशे में दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें छोटे भाई की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घायल को अस्पताल ले जाने के दौरान बड़ा भाई भी साथ गया था। उसके इंदौर से लौटने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

रतलाम में श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता संपन्न, संभाग स्तर के लिए खिलाड़ियों का चयन

रतलाम के श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, रतलाम में ब्लॉक एवं जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले के विभिन्न विद्यालयों की टीमों के बीच हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर एवं विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा की उपस्थिति में हुआ। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टॉस कराया तथा सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आकर्षक मंच संचालन दीपांशु शर्मा ने किया। संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में रतलाम का प्रतिनिधित्व करेंगे खिलाड़ी प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी संभाग स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ी अब रतलाम जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले का गौरव बढ़ाने का प्रयास करेंगे। इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ. शेफाली ओझा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। निर्णायकों और प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका प्रतियोगिता का संचालन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुआ। मैचों में निर्णायक की भूमिका महेंद्र सोलंकी, महेंद्र शुक्ला, विजय रावल, राहुल परमार, अजहर खान, शाहिद खान और अभिषेक गुर्जर ने निभाई। वहीं खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में विद्यालय के खेल प्रशिक्षक परवेश परमार एवं आशुतोष प्रजापति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उप-प्राचार्य ने जताया आभार प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विद्यालय के उप-प्राचार्य राकेश नागदा ने मुख्य अतिथियों, निर्णायकों, विभिन्न विद्यालयों से आए कोच, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

MP News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने लॉन्च किया 5 लाख करोड़ का मेगा क्रेडिट प्लान

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख योजना लागू की है। किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण और MSME सेक्टर को 1.62 लाख करोड़ रुपए का लोन मिलेगा। जानिए पूरी जानकारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख (क्रेडिट) योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर सस्ता और आसान ऋण उपलब्ध कराकर खेती को मजबूत बनाना है। क्या है 5 लाख करोड़ की वार्षिक साख योजना? भोपाल में आयोजित बैठक में प्रदेश की वार्षिक साख योजना 2026-27 जारी की गई। यह योजना राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) द्वारा तैयार की गई है, जिसमें कृषि, एमएसएमई, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ऋण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के तहत राज्य में कुल 5 लाख करोड़ रुपए के ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके और रोजगार के नए अवसर भी बनें। कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता नई साख योजना में कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से 88,638 करोड़ रुपए किसानों को फसल ऋण के रूप में दिए जाएंगे। इसका सबसे अधिक लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलने की उम्मीद है। समय पर ऋण मिलने से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। MSME सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा फायदा सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र के लिए भी बड़ा प्रावधान किया है। इस सेक्टर के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे छोटे उद्योगों, स्टार्टअप और नए उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी ऋण लक्ष्य बढ़ाया गया है, जिससे प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने दिए निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अधिकारियों के साथ बैठक में सभी सरकारी और निजी बैंकों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर क्रेडिट प्लान जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग योजना तैयार की जाए ताकि किसानों, उद्यमियों और अन्य पात्र लोगों तक समय पर ऋण पहुंच सके और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। अब आगे क्या होगा? अब सभी जिलों में बैंक जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान तैयार करेंगे और उसके बाद किसानों व उद्यमियों को ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से खेती, उद्योग और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो मध्य प्रदेश के लाखों किसानों और हजारों छोटे उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक विकास गति को नई मजबूती मिलेगी।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

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