MP News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने लॉन्च किया 5 लाख करोड़ का मेगा क्रेडिट प्लान

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख योजना लागू की है। किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण और MSME सेक्टर को 1.62 लाख करोड़ रुपए का लोन मिलेगा। जानिए पूरी जानकारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख (क्रेडिट) योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर सस्ता और आसान ऋण उपलब्ध कराकर खेती को मजबूत बनाना है। क्या है 5 लाख करोड़ की वार्षिक साख योजना? भोपाल में आयोजित बैठक में प्रदेश की वार्षिक साख योजना 2026-27 जारी की गई। यह योजना राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) द्वारा तैयार की गई है, जिसमें कृषि, एमएसएमई, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ऋण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के तहत राज्य में कुल 5 लाख करोड़ रुपए के ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके और रोजगार के नए अवसर भी बनें। कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता नई साख योजना में कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से 88,638 करोड़ रुपए किसानों को फसल ऋण के रूप में दिए जाएंगे। इसका सबसे अधिक लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलने की उम्मीद है। समय पर ऋण मिलने से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। MSME सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा फायदा सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र के लिए भी बड़ा प्रावधान किया है। इस सेक्टर के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे छोटे उद्योगों, स्टार्टअप और नए उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी ऋण लक्ष्य बढ़ाया गया है, जिससे प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने दिए निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अधिकारियों के साथ बैठक में सभी सरकारी और निजी बैंकों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर क्रेडिट प्लान जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग योजना तैयार की जाए ताकि किसानों, उद्यमियों और अन्य पात्र लोगों तक समय पर ऋण पहुंच सके और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। अब आगे क्या होगा? अब सभी जिलों में बैंक जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान तैयार करेंगे और उसके बाद किसानों व उद्यमियों को ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से खेती, उद्योग और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो मध्य प्रदेश के लाखों किसानों और हजारों छोटे उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक विकास गति को नई मजबूती मिलेगी।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: पुलिसकर्मी 50 हजार की घूस लेते गिरफ्तार, होटल में ACB ने रंगे हाथ दबोचा

रतलाम के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान एसीबी ने भीलवाड़ा के होटल से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम से जुड़ा एक बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। औद्योगिक नगर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमीन धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग देने के बदले उसने 1.10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: होटल में बिछा ACB का जाल राजस्थान एसीबी के अनुसार, रतलाम के थाना औद्योगिक नगर में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई एक जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी मोहम्मद लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। वह एक होटल के कमरा नंबर 104 में ठहरा हुआ था। आरोप है कि गोसाई ने आरोपी के भाई से कहा था कि यदि वह 1 लाख 10 हजार रुपये देगा तो मामले में सहयोग किया जाएगा और आरोपी के साथ सख्ती या मारपीट नहीं होगी। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। दूसरी किस्त के 50 हजार रुपये लेने के दौरान एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन धोखाधड़ी के केस से जुड़ा है पूरा मामला यह मामला रतलाम के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद ऑयल मिल और जमीन का सौदा 11 करोड़ 10 लाख रुपये में कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25.76 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का एग्रीमेंट कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। इसके बाद रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। हथकड़ी पहनाकर शहर में घुमाने की दी थी धमकी एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी के भाई से रिश्वत मांगते समय हेड कॉन्स्टेबल ने धमकी दी थी कि यदि बाकी रकम नहीं दी गई तो आरोपी को हथकड़ी पहनाकर पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इस धमकी के बाद आरोपी के भाई ने राजस्थान एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई और होटल के कमरा नंबर 105 में अपनी टीम तैनात कर दी। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई और तय संकेत मिला, टीम ने छापा मारकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसकी जेब से 50 हजार रुपये बरामद हुए। SP बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले में रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान मौजूद ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम सर्राफा बाजार में डकैती की साजिश नाकाम, अंतरराज्यीय गैंग के 6 बदमाश घातक हथियारों सहित गिरफ्तार

रतलाम में स्टेशन रोड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सर्राफा बाजार में डकैती की योजना बना रहे अंतरराज्यीय गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से तलवार, फालिया, गुप्ती और हाईड्रोलिक कटर सहित कई हथियार बरामद हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्टेशन थाना पुलिस ने सर्राफा बाजार में बड़ी ज्वेलर्स दुकान को निशाना बनाकर डकैती की योजना बना रहे एक खतरनाक अंतरराज्यीय गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घातक हथियार और चोरी-डकैती में उपयोग होने वाले औजार भी बरामद किए हैं। वीडियो देखे मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में रात्रि गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह जादौन को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि पंचपीर दरगाह और नई ईदगाह के पास उंकाला रोड पर कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ बैठे हैं और सर्राफा बाजार में बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर छह आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से क्या मिला? पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक धारदार तलवार, फालिया, गुप्ती, लोहे की टॉमी, गुलेल, हाईड्रोलिक कटर, पेचकस, पाना और अन्य औजार जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि ये सभी उपकरण ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी और डकैती के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले थे। अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के रायसेन, अशोकनगर, उज्जैन और अन्य जिलों से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रभात उर्फ चेतन बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में हुई एक बड़ी डकैती का फरार इनामी आरोपी भी है। वहीं कई अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और स्थायी वारंट भी लंबित पाए गए हैं। एक आरोपी फरार, तलाश जारी पुलिस के अनुसार सर्राफा बाजार की रेकी करने वाला आरोपी दिनेश हांडा, निवासी बजरंग नगर रतलाम, कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का बयान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण सर्राफा बाजार में होने वाली बड़ी वारदात को टाल दिया गया। आरोपियों के खिलाफ थाना स्टेशन रोड में अपराध क्रमांक 458/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4), 310(5) और आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पहले भी सक्रिय रहा है पारदी गैंग मध्यप्रदेश में पारदी और मोगिया गैंग के कई सदस्य पूर्व में भी चोरी, नकबजनी और डकैती जैसी घटनाओं में शामिल पाए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

Ratlam News: रतलाम में निवेश क्षेत्र का विरोध हिंसक: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

रतलाम के पलसोड़ी में निवेश क्षेत्र के विरोध के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव हुआ, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क । Ratlam News: जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र को लेकर शुक्रवार को बड़ा बवाल हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। घटना का वीडियो देखे निवेश क्षेत्र के विरोध में उग्र हुआ आंदोलन जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है। ग्रामीण लंबे समय से इस योजना का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल और अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी-बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने के बाद बढ़ा तनाव स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा समेत 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सरपंच बोले- हम शांतिपूर्ण तरीके से समय मांगने पहुंचे थे जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा ने दावा किया कि ग्रामीण केवल कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उनका कहना है कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन भी लगाया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सरपंच ने पथराव की घटना से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह काम असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य ग्रामीणों को करीब दो घंटे तक वज्र वाहन में घुमाया गया। क्या है पूरा मामला? मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) जिले में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र विकसित कर रहा है। इसके तहत जामथुन, बिबड़ोद, जुलवानिया, पलसोड़ी, रामपुरिया और सरवनी खुर्द की करीब 1370.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि को विकसित किया जाना है। कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश की तैयारी भी कर चुकी हैं। हालांकि वर्षों से शासकीय भूमि पर खेती कर रहे ग्रामीण इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें रोजगार या भूखंड नहीं, बल्कि खेती के लिए जमीन चाहिए।

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