Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी
रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।