FD पर अब नहीं चलेगी बैंकों की मनमानी, RBI ने बदले नियम; 1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था

RBI ने FD और RD पर ब्याज दरों से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। 1 अक्टूबर 2026 से बैंक एक ही जमा पर अलग-अलग ब्याज नहीं दे सकेंगे। जानें पूरा अपडेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने जमा योजनाओं पर ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य सभी ग्राहकों के लिए समान और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना है। RBI की ओर से जारी संशोधित निर्देश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। इसके बाद बैंक एक ही दिन, समान अवधि और समान राशि की जमा पर अलग-अलग शाखाओं में अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगे। साथ ही हर दिन सुबह 10 बजे बैंक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई जमा दरें सार्वजनिक करेंगे। अब तक कई मामलों में ग्राहकों को अलग-अलग शाखाओं या बातचीत के आधार पर अलग ब्याज दरें मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद इस तरह की व्यवस्था पर रोक लग जाएगी। RBI ने क्यों बदले FD से जुड़े नियम? 30 जुलाई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक- डिपॉजिट पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026’जारी किया। RBI का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना और ब्याज दरों को लेकर किसी भी तरह की असमानता को खत्म करना है। 3 करोड़ रुपये से कम की FD वालों को क्या फायदा मिलेगा? सबसे बड़ा बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आवर्ती जमा (RD) पर किया गया है। नए नियमों के अनुसार— अब रोज सुबह वेबसाइट पर दिखेंगी नई ब्याज दरें RBI ने सभी संबंधित बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी Deposit Rates रोजाना सुबह 10 बजे आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करें। इस व्यवस्था से ग्राहकों को— बल्क FD (Bulk Deposit) पर भी लागू होंगे नए नियम RBI ने 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एकमुश्त जमा को Bulk Deposit की श्रेणी में रखा है। ऐसी जमा राशि आमतौर पर— करते हैं। पहले ऐसे मामलों में ब्याज दरें बातचीत के आधार पर तय होती थीं। अब बैंक इन जमा पर लागू ब्याज दरों को भी प्रतिदिन सुबह 10 बजे सार्वजनिक करेंगे। किन बैंकों पर लागू होंगे नए नियम? RBI के नए निर्देश निम्न संस्थानों पर लागू होंगे— ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है? इन नियमों के बाद FD कराने वाले ग्राहकों को बैंक की अलग-अलग शाखाओं में ब्याज दरों का अंतर देखने को नहीं मिलेगा। वेबसाइट पर प्रकाशित दरें ही लागू होंगी, जिससे निवेशकों के लिए तुलना करना आसान होगा और बैंकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

PM Kisan: किसानों के लिए बड़ी राहत: PM-किसान योजना 2030-31 तक जारी, सरकार ने मंजूर किए ₹3.15 लाख करोड़

PM Kisan: केंद्र सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना को अगले 5 वर्षों के लिए मंजूरी दे दी है। जानें किसे मिलेगा लाभ, कितनी राशि मिलेगी और क्या है नया फैसला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इससे योजना का लाभ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लगातार मिलता रहेगा। सरकार ने इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए नकदी की कमी का सामना न करना पड़े। (pm kisan) पीएम-किसान योजना देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) आधारित योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में हर वर्ष सहायता राशि सीधे भेजी जाती है। PM-Kisan Yojana को मिली अगले 5 वर्षों की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अब वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रहेगी। इस दौरान योजना के संचालन के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए किसानों को खेती के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हर साल मिलते हैं ₹6,000, तीन किस्तों में पहुंचती है राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में भेजी जाती है— पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा होती है। खेती के खर्च में मिलेगी राहत खेती के दौरान किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए नकदी की आवश्यकता होती है। सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह सहायता किसानों को खेती की तैयारी में मदद करती है। इससे उन्हें ऊंचे ब्याज पर निजी उधार लेने की जरूरत भी कम पड़ती है। छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। नीति आयोग के मूल्यांकन में भी यह सामने आया है कि इस योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि ऋण पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

MP News: छात्रों ने AI से लिखे उत्तर, कॉपी के आखिर में छोड़ गए ‘लिंक पर क्लिक करें’

MP News: सागर विश्वविद्यालय में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के दौरान ChatGPT से सामूहिक नकल का मामला सामने आया। जांच शुरू, संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए गए हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच मध्य प्रदेश के सागर से एक गंभीर मामला सामने आया है। डॉ. हरी सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तरपुस्तिकाओं में ऐसे संकेत मिले, जिनसे ChatGPT की मदद से सामूहिक नकल किए जाने का संदेह पैदा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित एक निजी कॉलेज के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि शुरुआती जांच में सामने आए संकेत सही साबित होते हैं तो यह विश्वविद्यालय परीक्षाओं में AI के कथित दुरुपयोग का प्रदेश के चर्चित मामलों में से एक माना जा सकता है। उत्तरपुस्तिका में मिला संदिग्ध संदेश, यहीं से शुरू हुई जांच जानकारी के अनुसार, मई में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 कॉलेजों में स्नातक द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित हुई थीं। केंद्रीय मूल्यांकन के दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तरपुस्तिका में परीक्षक की नजर उत्तर के अंत में लिखे एक असामान्य संदेश पर पड़ी। उत्तर के नीचे “वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें” जैसा उल्लेख लिखा हुआ था। परीक्षा की उत्तरपुस्तिका में इस तरह का संदेश मिलने पर परीक्षक ने तत्काल परीक्षा नियंत्रक को इसकी जानकारी दी। तीन विषयों की कॉपियों में मिले एक जैसे उत्तर शुरुआती जांच के बाद संबंधित कॉलेज की अन्य उत्तरपुस्तिकाओं की भी जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उत्तर काफी हद तक एक जैसे हैं। विश्वविद्यालय को प्राथमिक स्तर पर यह संदेह हुआ कि कई उत्तर ChatGPT या अन्य AI टूल की मदद से तैयार किए गए हो सकते हैं। यह समानता केवल एक विषय तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन अलग-अलग विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं में भी ऐसे संकेत मिले। पूरे कॉलेज के परीक्षा परिणाम पर लगी रोक मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी, सौंसर (छिंदवाड़ा) के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध अन्य महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। जांच समिति करेगी अंतिम फैसला विश्वविद्यालय के मीडिया अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल के अनुसार, संबंधित कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। समिति अपनी रिपोर्ट सौंपने के बाद यह तय करेगी कि मामले में क्या कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने सहित अन्य अनुशासनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। एक नजर में पूरा मामला महत्वपूर्ण जानकारी

MP News: ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

MP News: ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनेगा। 500 करोड़ की केंद्रीय सहायता, 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार का रास्ता खुलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ)विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए मोबाइल, नेटवर्किंग उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स और भविष्य की 5जी-6जी तकनीकों के उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसे आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और विकसित भारत-2047 के विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब देश केवल टेलीकॉम सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि आधुनिक दूरसंचार उपकरणों का वैश्विक निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार देगी 500 करोड़ रुपये की सहायता परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता मंजूर की है। करीब 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर तैयार होगा, ताकि उद्योगों को तेजी से उत्पादन शुरू करने में सुविधा मिल सके। एक ही परिसर में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं इस एकीकृत औद्योगिक परिसर में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— इससे भारत में हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 9 हजार करोड़ निवेश और 10 हजार से अधिक रोजगार सरकार के अनुसार इस परियोजना के माध्यम से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लगभग 9 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होगा। इससे 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। पहले चरण में इन कंपनियों का निवेश परियोजना के पहले चरण में देश की प्रमुख कंपनियां निवेश करेंगी। इनमें शामिल हैं— इन कंपनियों की ओर से लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया जाएगा, जिससे 4,500 से अधिक उच्च वेतन वाले रोजगारसृजित होने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी संचालन परियोजना के संचालन और प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) बनाया जाएगा। इसमें— यह मॉडल केंद्र और राज्य सरकार की साझा भागीदारी वाली महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल होगा। केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को दूरसंचार क्षेत्र में वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए मजबूत स्वदेशी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है। उनके अनुसार ग्वालियर का यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन भारत को दुनिया पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया को भारत पर निर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

MP News: MP के सरकारी स्कूलों के लिए नई सौगात, लगातार 3 साल 100% रिजल्ट पर मिलेगा ₹5 लाख का इनाम

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 साल लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को ₹5 लाख और प्राचार्यों को ₹1 लाख पुरस्कार देने की घोषणा की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जो शासकीय विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह घोषणा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व एवं अलंकरण समारोह के दौरान की गई। इस अवसर पर प्रदेश के पहले ‘गीता भवन’ का भी लोकार्पण हुआ, जिसका निर्माण लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। 100% रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को मिलेगा 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो सरकारी विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी सुधार आएगा। राचार्यों को मिलेगा 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों के लिए भी विशेष पुरस्कार की घोषणा की। ऐसे विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती पूरी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। ‘मिशन बुनियाद’ के तहत AI आधारित पढ़ाई प्रदेश में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मिशन बुनियाद’ की शुरुआत की घोषणा भी की। इस योजना के तहत प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। उज्जैन में हुआ प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जयिनी ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की ऐतिहासिक भूमि है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और महर्षि सांदीपनि की गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता के महत्व को रेखांकित किया।

Government Scheme 2026: नौकरी छूटने पर मिलेगी आर्थिक राहत, जानिए क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना

Government Scheme 2026 अगर आपकी ESIC वाली नौकरी छूट गई है तो अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत 90 दिन तक 50% सैलरी मिल सकती है। जानें पात्रता, दस्तावेज और क्लेम प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Government Scheme 2026: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरी का सुरक्षित रहना हमेशा तय नहीं होता। आर्थिक मंदी, कंपनी की वित्तीय स्थिति या अन्य कारणों से अचानक नौकरी चली जाए तो परिवार की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी स्थिति में अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना बड़ी राहत देने वाली योजना साबित हो सकती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी छूटने के बाद 90 दिनों तक उनकी औसत मजदूरी का 50 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। केंद्र सरकार ने इस योजना की अवधि 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित उत्तर में बताया कि योजना के तहत क्लेम प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना? अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) ESIC के तहत बीमित कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसका उद्देश्य नौकरी छूटने के बाद कर्मचारियों को कुछ समय तक आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे नई नौकरी मिलने तक अपने खर्च पूरे कर सकें। यह योजना पहली बार 1 जुलाई 2018 को प्रायोगिक रूप से लागू की गई थी। शुरुआत में कर्मचारियों को औसत वेतन का 25 प्रतिशत भुगतान किया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया। ध्यान दें: इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही लिया जा सकता है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना: एक नजर में योजना का नाम: अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) 🏢 संचालित संस्था: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) किसके लिए: ESIC में पंजीकृत निजी क्षेत्र के कर्मचारी मिलने वाला लाभ: औसत वेतन का 50% बेरोजगारी भत्ता लाभ की अवधि: अधिकतम 90 दिन (3 महीने) लाभ कितनी बार मिलेगा: जीवन में सिर्फ एक बार योजना की वर्तमान अवधि: 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 पात्रता: कम से कम 1 वर्ष की नौकरी और ESIC में 78 दिनों का अंशदान क्लेम कब कर सकते हैं: नौकरी छूटने के 30 दिन बाद जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, शपथ पत्र और क्लेम फॉर्म भुगतान का तरीका: राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। उदाहरण: यदि आपकी आखिरी मासिक सैलरी ₹20,000 थी, तो पात्र होने पर आपको 3 महीने तक हर महीने ₹10,000 की आर्थिक सहायता मिल सकती है। कौन उठा सकता है योजना का लाभ? इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी। नौकरी छूटने के कितने दिन बाद मिलेगा पैसा? योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता नौकरी छूटने के 30 दिन बाद देय होता है। यदि पात्रता पूरी होती है तो कर्मचारी क्लेम कर सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की आखिरी मासिक सैलरी 20,000 रुपये थी, तो उसे तीन महीने तक हर महीने 10,000 रुपये तक का भुगतान मिल सकता है। क्लेम करने की प्रक्रिया यदि आपकी नौकरी छूट चुकी है और 30 दिन पूरे हो चुके हैं, तो इन चरणों का पालन करें— क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज क्लेम करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी— इन दस्तावेजों को संबंधित ESIC शाखा या DCBO कार्यालय में जमा किया जा सकता है। इच्छुक कर्मचारी डाक के माध्यम से भी दस्तावेज भेज सकते हैं। ESIC से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

August Rules 2026: 1 August 2026 से बदलेंगे कई अहम नियम, जानिए LPG, बैंक, ITR और तत्काल टिकट से जुड़े सभी अपडेट

August Rules 2026: 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर, बैंक छुट्टियां, तत्काल टिकट, ITR, क्रेडिट कार्ड और ATM नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जानिए कौन-कौन से नए नियम आपकी जेब पर असर डालेंगे। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। August Rules 2026: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अगस्त 2026 से ऐसे कई नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब, बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकों की छुट्टियों, रेलवे के तत्काल टिकट, ITR फाइलिंग, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि अगस्त महीने में आपका बैंक, गैस बुकिंग या टैक्स से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो इन नियमों की जानकारी पहले से होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। नीचे जानिए 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव 1. एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए 1 अगस्त को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की नई कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। 2. तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और नंबर आने पर टिकट बुक किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ और धक्का-मुक्की को कम करना है। 3. अगस्त महीने की बैंक छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कई अवसरों पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यदि आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो छुट्टियों की सूची पहले जरूर देख लें। 4. ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर रखें नजर हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन कुछ बैंक समय-समय पर अपने शुल्क, मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसलिए अपने बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना बेहतर रहेगा। 5. क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं हर महीने कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं— यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांच लें। 6. ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव एलपीजी के अलावा विमान ईंधन (ATF) सहित अन्य ईंधन की कीमतों में भी बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। यदि ATF महंगा होता है तो भविष्य में हवाई यात्रा की लागत पर भी असर पड़ सकता है। 7. ITR भरने वालों के लिए महत्वपूर्ण तारीख जिन करदाताओं को ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरना है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। 8. होम लोन और EMI पर भी रह सकती है नजर अगस्त महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने की संभावना है। यदि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो इसका असर— की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

MP News: इंदौर मेट्रो के आसपास होगा बड़ा बदलाव, 31 किमी कॉरिडोर पर बनेंगे 4 TOD क्लस्टर, हाईराइज डेवलपमेंट को मिलेगी रफ्तार

MP News: इंदौर मेट्रो के 31.32 किमी रूट के आसपास 4 TOD क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। जानिए किन इलाकों में होगा हाईराइज डेवलपमेंट और क्या होंगे बड़े बदलाव। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर शहर आने वाले वर्षों में एक नए शहरी विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना के साथ अब शहर में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) की योजना को भी गति दी जा रही है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों के आसपास आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं वाले क्षेत्रों का विकास करना है। 31.32 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में विशेष विकास क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ शहर के विकास की दिशा भी बदल सकती है। इसके लिए पहले चरण में चार प्रमुख क्लस्टर तैयार किए गए हैं। Indore Metro TOD Corridor क्या है? ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ऐसा शहरी विकास मॉडल है, जिसमें मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास योजनाबद्ध तरीके से आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाता है। इस मॉडल का उद्देश्य लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। पहले चरण में इन 4 क्लस्टर में होगा विकास शुरुआत में मेट्रो रूट के प्रमुख स्टेशनों को जोड़ते हुए चार क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। पहला क्लस्टर दूसरा क्लस्टर तीसरा क्लस्टर चौथा क्लस्टर मेट्रो कॉरिडोर के आसपास क्या-क्या बदलेगा? TOD योजना लागू होने के बाद मेट्रो रूट के आसपास कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रमुख विकास कार्य शहरवासियों और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव TOD कॉरिडोर तैयार करने वाली एजेंसी अरुप (Arup) शहर के नागरिकों, शहरी योजनाकारों और संबंधित विशेषज्ञों से सुझाव भी लेगी। इन सुझावों के आधार पर विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेहतर मॉडल तैयार हो सके। मास्टर प्लान के साथ होगा समन्वय इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (ITPI) के इंदौर रीजनल सेंटर द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि TOD योजना को इंदौर के नए मास्टर प्लान और रीजनल प्लान के साथ जोड़ा जाएगा। आईटीपीआई इंदौर रीजनल सेंटर की सचिव प्रकृति सेठी और चेयरमैन डी. एल. गोयल के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर TOD से जुड़े नियमों और विकास संबंधी प्रावधानों में संशोधन पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि परियोजना प्रभावी ढंग से लागू हो सके। विशेषज्ञों ने साझा किए अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम में अरुप कंसल्टेंसी फर्म के विशेषज्ञ जिग्नेश मेहता और रोमी राय ने विभिन्न शहरों में लागू TOD मॉडल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास क्लस्टर आधारित विकास से शहरी यातायात, भूमि उपयोग और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

MP News: किसानों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, अब 60% मूंग खरीदेगी; ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल स्थगित

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग मानते हुए मूंग खरीदी की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी है। स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख भी बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसानों की मांग और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 25 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदी जाएगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों मूंग उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार ने स्लॉट बुकिंग और खरीदी की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई जाएगी। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। MP मूंग खरीदी में सरकार ने किया बड़ा बदलाव बैठक के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रावधान है। इसी नियम के आधार पर पहले किसानों की उपज का केवल 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, किसानों की लगातार मांग और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला बदला और अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक MSP पर खरीदा जाएगा। स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख बढ़ाई गई सरकार ने किसानों को अधिक समय देने के लिए खरीदी प्रक्रिया की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों को मिलेगा फायदा सरकार के अनुसार नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह निर्णय किसानों के लिए काफी राहत लेकर आएगा। औसतन यह करीब तीन क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी के बराबर माना जा रहा है, जिससे अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सकेगा। खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल बंद किसानों की दूसरी बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगी। जब तक समीक्षा पूरी नहीं होती, तब तक खाद वितरण पुरानी व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगा। किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मुख्य फैसले एक नजर में सरकार का क्या कहना है? कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। किसानों की मांग और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।

Ayushman Card Online Apply: घर बैठे बनाएं आयुष्मान कार्ड, पाएं ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज

Ayushman Card Online Apply: आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाएं? जानिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, फायदे और ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज पाने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ayushman Card Online Apply: महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के दौर में किसी गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट बन जाता है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। अब अच्छी बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। यदि आपका नाम योजना की लाभार्थी सूची में शामिल है, तो आप अपने मोबाइल फोन से ही कुछ आसान चरणों में डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Ayushman Card Online Apply कैसे करें, कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है, तो यहां पूरी जानकारी दी गई है। क्या है आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाने वाला डिजिटल हेल्थ कार्ड है। यह कार्ड पात्र लाभार्थियों को देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देता है। कार्ड में लाभार्थी की पहचान आधार और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी होती है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। आयुष्मान कार्ड के प्रमुख फायदे हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। कैशलेस सुविधा अस्पताल में इलाज के दौरान जेब से भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती। बड़ी बीमारियों का इलाज सर्जरी, अस्पताल में भर्ती, जांच, दवाइयों और डिस्चार्ज के बाद की देखभाल का खर्च भी योजना में शामिल है। पूरे देश में सुविधा देशभर के हजारों सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में योजना का लाभ लिया जा सकता है। परिवार के सभी पात्र सदस्य शामिल योजना में पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की अलग सीमा लागू नहीं होती। कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड? यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों के लिए है। लाभार्थियों का चयन मुख्यतः: के आधार पर किया जाता है। ध्यान दें: केवल बीपीएल कार्ड होना पर्याप्त नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए आपका नाम लाभार्थी सूची में होना जरूरी है। आवेदन से पहले रखें ये जरूरी दस्तावेज मोबाइल से ऐसे करें Ayushman Card Online Apply Step 1: पात्रता जांचें सबसे पहले PM-JAY Beneficiary Portal पर जाकर अपना नाम खोजें। यदि आपका नाम सूची में दिखाई देता है, तभी आगे की प्रक्रिया पूरी करें। Step 2: Ayushman App डाउनलोड करें Google Play Store या Apple App Store से National Health Authority का आधिकारिक Ayushman App डाउनलोड करें। Step 3: मोबाइल नंबर से लॉगिन करें मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें। Step 4: परिवार की जानकारी खोजें राज्य चुनने के बाद आधार, राशन कार्ड, फैमिली आईडी या PM-JAY ID के माध्यम से अपना रिकॉर्ड खोजें। Step 5: e-KYC पूरा करें अपने नाम पर क्लिक करें और OTP आधारित आधार e-KYC पूरी करें। Step 6: आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें सत्यापन पूरा होने के बाद आपका डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। अगर सूची में नाम नहीं मिले तो क्या करें? यदि आपका नाम लाभार्थी सूची में नहीं मिलता है, तो आप: आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

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