MP News: एमपी के सरकारी स्कूलों में 9वीं से AI की पढ़ाई, 1 सितंबर से शुरू होंगी ऑनलाइन कक्षाएं

MP News: मध्य प्रदेश के 1848 सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए AI असिस्टेंट पाठ्यक्रम शुरू होगा। ऑनलाइन कक्षाएं 1 सितंबर से संचालित होंगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। प्रदेश के चयनित शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI असिस्टेंट का व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत इसके लिए प्रदेश के 1,848 ICT स्कूलों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में पाठ्यक्रम की ऑनलाइन कक्षाएं 1 सितंबर 2026 से शुरू होंगी। पाठ्यक्रम उन्हीं स्कूलों में संचालित किया जाएगा, जहां ICT लैब उपलब्ध है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की ओर से पाठ्यक्रम के संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास के माध्यम से वीडियो आधारित पाठ पढ़ाए जाएंगे और पढ़ाई के साथ उनकी शंकाओं का समाधान भी कराया जाएगा। स्मार्ट क्लास में वीडियो के जरिए होगी पढ़ाई AI असिस्टेंट पाठ्यक्रम की सैद्धांतिक कक्षाएं ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से संचालित की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल पर उपलब्ध सामग्री और YouTube माध्यम से वीडियो को स्कूल की स्मार्ट क्लास में विद्यार्थियों को दिखाया जाएगा। सप्ताह में तीन दिन कक्षाएं निर्धारित की गई हैं। सोमवार और बुधवार को नए पाठ से जुड़े वीडियो विद्यार्थियों को दिखाए जाएंगे। इन कक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान भी कराया जाएगा। तीसरी कक्षा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होगी। इस तरह विद्यार्थियों को केवल वीडियो देखने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पाठ को समझने और उससे जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। शुक्रवार को अभ्यास, शनिवार को होगी पुनरावृत्ति ऑनलाइन पाठ के बाद विद्यार्थियों को संबंधित विषयवस्तु का अभ्यास और प्रायोगिक कार्य कराया जाएगा। सप्ताह के दौरान दिखाए गए दोनों वीडियो से जुड़ी अभ्यास एवं प्रायोगिक गतिविधियां शुक्रवार को कराई जाएंगी। शनिवार को पुनरावृत्ति दिवस रखा गया है। इस दिन विद्यार्थियों को सप्ताह में पढ़ाए गए पाठ को दोहराने का अवसर मिलेगा। यदि कोई पाठ या वीडियो विद्यार्थियों को कठिन लगता है, तो उसे विमर्श पोर्टल से डाउनलोड कर दोबारा दिखाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है। 1848 स्कूलों की सूची में किया गया संशोधन AI पाठ्यक्रम के लिए चयनित स्कूलों की सूची में संशोधन भी किया गया है। जानकारी के अनुसार 24 प्रयोगशालाओं को दूसरे ICT स्कूलों में स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा 48 स्कूलों को CBSE से संचालित होने के कारण सूची से हटा दिया गया है। मध्य प्रदेश ओपन स्कूल के माध्यम से पहले से AI पाठ्यक्रम संचालित कर रहे 42 विद्यालयों को भी नई सूची से बाहर किया गया है। कुछ अन्य विद्यालयों को ICT लैब उपलब्ध नहीं होने या पहले से IT एवं IT आधारित सेवाओं का ट्रेड संचालित होने के कारण सूची में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे 15 विद्यालय सूची से हटाए गए हैं। प्राचार्य और ICT प्रशिक्षक की अहम जिम्मेदारी पाठ्यक्रम के सुचारू संचालन में स्कूल के प्राचार्य और ICT प्रशिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्हें विद्यार्थियों की समय पर उपस्थिति और कक्षाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। तकनीकी समस्या के कारण यदि किसी दिन निर्धारित वीडियो नहीं चल पाता है, तो उसे अगले कार्य दिवस में अनिवार्य रूप से दिखाने के निर्देश हैं। विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान के लिए रोजगार कौशल, अंग्रेजी और जीव विज्ञान के शिक्षक तथा AI असिस्टेंट विषय के कंप्यूटर प्रशिक्षक सहयोग करेंगे। स्कूलों में AI शिक्षा क्यों महत्वपूर्ण है? AI का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार, संचार और कई अन्य क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों को इस तकनीक की शुरुआती समझ देना उनके लिए आगे की पढ़ाई और कौशल विकास में उपयोगी हो सकता है। मध्य प्रदेश में शुरू किया जा रहा यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को AI से जुड़े बुनियादी ज्ञान के साथ व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ने पर केंद्रित है। खास बात यह है कि पढ़ाई के साथ अभ्यास और पुनरावृत्ति के लिए अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।

MP News: MP के सरकारी स्कूलों के लिए नई सौगात, लगातार 3 साल 100% रिजल्ट पर मिलेगा ₹5 लाख का इनाम

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 साल लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को ₹5 लाख और प्राचार्यों को ₹1 लाख पुरस्कार देने की घोषणा की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जो शासकीय विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह घोषणा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व एवं अलंकरण समारोह के दौरान की गई। इस अवसर पर प्रदेश के पहले ‘गीता भवन’ का भी लोकार्पण हुआ, जिसका निर्माण लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। 100% रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को मिलेगा 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो सरकारी विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी सुधार आएगा। राचार्यों को मिलेगा 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों के लिए भी विशेष पुरस्कार की घोषणा की। ऐसे विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती पूरी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। ‘मिशन बुनियाद’ के तहत AI आधारित पढ़ाई प्रदेश में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मिशन बुनियाद’ की शुरुआत की घोषणा भी की। इस योजना के तहत प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। उज्जैन में हुआ प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जयिनी ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की ऐतिहासिक भूमि है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और महर्षि सांदीपनि की गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता के महत्व को रेखांकित किया।

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