नवोदय में कक्षा 9 की सीट पाने का मौका, 30 सितंबर तक आवेदन; अप्रैल में होगी चयन परीक्षा

जवाहर नवोदय विद्यालय कक्षा 9 प्रवेश 2027 के लिए आवेदन शुरू हैं। 30 सितंबर तक फॉर्म भरें, चयन परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को होगी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9 में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। कक्षा 9 लेटरल एंट्री चयन परीक्षा 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए चयन परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को आयोजित की जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया निशुल्क रखी गई है। परीक्षा में कक्षा 8 के स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगे और विद्यार्थियों को चार विषयों से कुल 100 अंकों की परीक्षा देनी होगी। नवोदय कक्षा 9 प्रवेश 2027 की जरूरी तारीखें अभ्यर्थियों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख और परीक्षा की तारीख सबसे महत्वपूर्ण हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन 30 सितंबर 2026 तक किया जा सकता है। चयन परीक्षा 10 अप्रैल 2027 को होगी। इसलिए पात्र विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आवेदन की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर लेनी चाहिए। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में कौन विद्यार्थी आवेदन कर सकता है? कक्षा 9 में प्रवेश के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2012 से 31 जुलाई 2014 के बीच होना चाहिए। यह आयु सीमा सभी वर्गों के अभ्यर्थियों पर लागू होगी। इसके अलावा उम्मीदवार संबंधित जिले का वास्तविक निवासी होना चाहिए। सत्र 2026-27 में विद्यार्थी का उसी जिले के सरकारी या सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में अध्ययनरत होना भी जरूरी है। जिस जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए आवेदन किया जा रहा है, वह भी उम्मीदवार के संबंधित जिले में होना चाहिए। ग्रामीण और शहरी उम्मीदवारों को लेकर क्या है नियम? कक्षा 9 के प्रवेश में ग्रामीण या शहरी स्थिति का निर्धारण विद्यार्थी द्वारा कक्षा 8 में पढ़े गए स्कूल के क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा। यदि विद्यार्थी ने कक्षा 8 के दौरान एक दिन भी शहरी क्षेत्र के स्कूल में पढ़ाई की है, तो उसे शहरी उम्मीदवार माना जाएगा। इसलिए आवेदन करते समय स्कूल और निवास से जुड़ी जानकारी सावधानी से भरना जरूरी है। चार विषयों से होगी 100 अंकों की परीक्षा नवोदय कक्षा 9 चयन परीक्षा में कुल चार विषय शामिल होंगे। गणित और सामान्य विज्ञान से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा का स्तर कक्षा 8 के पाठ्यक्रम के अनुरूप रहेगा। गणित और सामान्य विज्ञान दोनों मिलाकर परीक्षा के 70 अंक होंगे, इसलिए इन विषयों की तैयारी पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा। दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त समय चयन परीक्षा की सामान्य अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित है। दिव्यांग उम्मीदवारों को वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर 50 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पात्र उम्मीदवार के पास संबंधित वैध प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी? ऑनलाइन आवेदन करते समय विद्यार्थी और अभिभावक से जुड़ी कुछ जानकारियां तथा दस्तावेज तैयार रखने होंगे। आवेदन के लिए प्रमुख रूप से: फोटो और हस्ताक्षर JPG फॉर्मेट में होने चाहिए। इनकी फाइल का आकार 10 से 100 KB के बीच निर्धारित किया गया है। आवेदन भरते समय इन बातों का रखें ध्यान ऑनलाइन फॉर्म में दी गई जानकारी को जमा करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। नाम, जन्मतिथि, स्कूल, जिला और अन्य व्यक्तिगत जानकारी में गलती होने पर आगे परेशानी हो सकती है। नवोदय विद्यालय में अभिभावकों की सहायता के लिए निशुल्क हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन से जुड़ी किसी समस्या की स्थिति में अभिभावक संबंधित जवाहर नवोदय विद्यालय से सहायता ले सकते हैं। गलत या फर्जी जानकारी के आधार पर किया गया आवेदन बाद में निरस्त किया जा सकता है। इसलिए फॉर्म में केवल सही और सत्यापित जानकारी ही दर्ज करनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी कैसे करें? क्योंकि परीक्षा का स्तर कक्षा 8 के अनुरूप होगा, विद्यार्थियों को सबसे पहले अपने कक्षा 8 के पाठ्यक्रम को मजबूत करना चाहिए। गणित और सामान्य विज्ञान के लिए नियमित अभ्यास के साथ हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्नों पर भी ध्यान देना जरूरी है। परीक्षा में समय प्रबंधन भी अहम रहेगा। 100 प्रश्नों के लिए निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्नपत्रों के जरिए अभ्यास करना चाहिए।

New Rules: 1 सितंबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम और कीमतें, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

New Rules: सितंबर 2026 से LPG कीमत, Tata-Hyundai कारों के दाम और यात्रा से जुड़े बदलाव असर डाल सकते हैं। जानिए क्या महंगा होगा और किसे राहत मिलेगी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: ’हर महीने की पहली तारीख के साथ कई कीमतों और प्रक्रियाओं में बदलाव देखने को मिलता है। सितंबर 2026 भी इससे अलग नहीं है। इस बार घरेलू बजट से लेकर कार खरीदने की योजना बनाने वालों तक, कई लोगों को नए महीने की शुरुआत में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा असर ऑटो सेक्टर में दिखाई देने वाला है। Tata Motors Passenger Vehicles ने 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपये तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। दूसरी ओर Hyundai Motor India भी सितंबर से अपनी पूरी गाड़ियों की रेंज की कीमतों में 1 प्रतिशत तक वृद्धि करने जा रही है। LPG और विमान ईंधन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर भी 1 सितंबर को नजर रहेगी। इनके रेट में मासिक समीक्षा के आधार पर बदलाव हो सकता है। LPG सिलेंडर के दाम 1 सितंबर को बदल सकते हैं तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट सामने आ सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बड़ी कटौती देखने को मिली थी, जबकि घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया था। सितंबर में घरेलू LPG सस्ता होगा या महंगा, यह तेल कंपनियों की 1 सितंबर की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए अभी किसी निश्चित नए रेट का दावा करना सही नहीं होगा। LPG ग्राहकों के लिए जरूरी बात जिन उपभोक्ताओं की LPG e-KYC प्रक्रिया लंबित है, उन्हें अपनी स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। e-KYC से जुड़ी अंतिम तारीख और नियम कंपनी के आधिकारिक माध्यम से सत्यापित करना बेहतर रहेगा। जरूरी सलाह: LPG से जुड़ी किसी भी समयसीमा या कीमत के लिए अपने गैस वितरक अथवा संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक पोर्टल की जानकारी को प्राथमिकता दें। Tata की कारें 1 सितंबर से हो सकती हैं महंगी कार खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सितंबर की शुरुआत जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। Tata Motors Passenger Vehicles ने 1 सितंबर 2026 से अपने यात्री वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 25,000 रुपये तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बदलाव ICE यानी पेट्रोल-डीजल वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगा। कंपनी के मुताबिक बढ़ोतरी सभी मॉडल में एक जैसी नहीं होगी। वास्तविक राशि मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग रहेगी। इसका मतलब यह है कि हर Tata कार की कीमत सीधे 25,000 रुपये नहीं बढ़ेगी। कंपनी ने बढ़ती इनपुट लागत और लगातार महंगाई के दबाव को कीमतों में संशोधन की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। Tata कार खरीदने वालों के लिए क्या मायने रखता है? अगर कोई ग्राहक Tata की कार खरीदने की योजना बना रहा है तो उसे मौजूदा कीमत, डीलर ऑफर और 1 सितंबर के बाद लागू होने वाली नई कीमत की तुलना करनी चाहिए। केवल एक्स-शोरूम कीमत नहीं, बल्कि बीमा, RTO, एक्सेसरीज और अन्य शुल्क जोड़कर अंतिम ऑन-रोड कीमत देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा। Hyundai की कारें भी सितंबर से महंगी होंगी Hyundai Motor India ने भी सितंबर 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कीमत में बदलाव मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगा। कंपनी ने बढ़ती इनपुट और कमोडिटी लागत, परिचालन खर्च तथा मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को कीमत बढ़ाने की वजह बताया है। इसका असर Hyundai की अलग-अलग कारों और SUV पर अलग मात्रा में पड़ सकता है। इसलिए ग्राहक को बुकिंग से पहले संबंधित मॉडल की नई कीमत और डीलर से मिलने वाले ऑफर की पुष्टि करनी चाहिए। Hyundai की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कंपनी अलग-अलग शहरों और मॉडल के हिसाब से मौजूदा एक्स-शोरूम कीमतें उपलब्ध कराती है। ATF की कीमत बदली तो हवाई यात्रा पर भी असर हर महीने की शुरुआत में Aviation Turbine Fuel यानी ATF की कीमतों की भी समीक्षा होती है। यही ईंधन विमानों में इस्तेमाल किया जाता है। अगर सितंबर में ATF की कीमत बढ़ती है तो एयरलाइंस की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। आगे चलकर इसका कुछ असर हवाई किराए पर पड़ सकता है। हालांकि सिर्फ ATF की कीमत में बदलाव से टिकट का किराया कितना बदलेगा, यह पहले से तय नहीं किया जा सकता। इसलिए सितंबर की शुरुआत में हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी ATF की नई कीमत एक महत्वपूर्ण अपडेट होगी। CNG और PNG की कीमतों पर भी नजर CNG और PNG के दाम हर जगह एक ही समय और एक ही स्तर पर बदलना जरूरी नहीं है। स्थानीय गैस वितरण कंपनियों, लागत और अन्य कारकों के आधार पर इनके रेट अलग हो सकते हैं। यही वजह है कि सितंबर में CNG या PNG के संबंध में किसी एक राष्ट्रीय दर को सभी शहरों पर लागू मानना सही नहीं होगा। वाहन मालिकों और घरेलू PNG उपभोक्ताओं को अपने शहर की संबंधित गैस कंपनी की नई दर जरूर देखनी चाहिए। विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर क्या बदलेगा? अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से जुड़ी इमिग्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टांप से जुड़ी व्यवस्था को लेकर किसी भी बदलाव को लागू मानने से पहले संबंधित एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसी की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है। इसलिए यात्रियों को सितंबर से जुड़ी ऐसी खबरों को अंतिम नियम मानकर यात्रा की तैयारी नहीं करनी चाहिए। एयरलाइन और इमिग्रेशन अधिकारियों की ताजा गाइडलाइन ही सबसे भरोसेमंद आधार होगी। 1 सितंबर का असर आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा? सितंबर में सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। Tata की कीमतों में 25,000 रुपये तक और Hyundai की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ LPG और ईंधन की कीमतों में बदलाव होने पर इसका असर घर … Read more

India Post GDS भर्ती 2026: 10वीं पास के लिए डाक विभाग में बड़ा मौका

India Post GDS भर्ती 2026 में 25 हजार से अधिक पदों पर भर्ती होगी। 10वीं पास उम्मीदवार 31 अगस्त से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। जानें योग्यता और तारीख। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। India Post GDS भर्ती 2026 का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) Online Engagement Schedule-II, July 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार उम्मीदवारों का रजिस्ट्रेशन 31 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जबकि ऑनलाइन आवेदन 2 सितंबर से किए जा सकेंगे। इस भर्ती में ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM), असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) और डाक सेवक के पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 25 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। पदों की सर्किलवार संख्या आधिकारिक पोर्टल पर जारी विवरण के अनुसार देखी जा सकेगी। खास बात यह है कि GDS पदों पर चयन के लिए सामान्य तौर पर लिखित परीक्षा नहीं होती। उम्मीदवारों की 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाती है। इसलिए 10वीं में अच्छे अंक वाले अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। कितने पदों पर होगी भर्ती? India Post GDS: इस भर्ती में 25 हजार से अधिक GDS पदों पर नियुक्ति की जानकारी सामने आई है। इनमें मुख्य रूप से तीन तरह के पद शामिल हैं— पदों की सटीक संख्या और सर्किलवार वैकेंसी आधिकारिक GDS पोर्टल पर उपलब्ध भर्ती विवरण से जांची जानी चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? India Post GDS भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10वीं कक्षा पास होना जरूरी है। 10वीं में गणित और अंग्रेजी विषयों का अध्ययन एवं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही संबंधित राज्य या पोस्टल सर्किल की स्थानीय भाषा का ज्ञान भी जरूरी है। उम्मीदवार को कंप्यूटर चलाने का सामान्य ज्ञान और साइकिल चलाने की क्षमता भी होनी चाहिए। आयु सीमा उम्मीदवार की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाती है। EWS वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में अलग से छूट नहीं दी जाती। India Post GDS में रोज कितने घंटे काम करना होगा? ग्रामीण डाक सेवक नियमित केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के समान पद नहीं है। India Post के नियमों के अनुसार GDS को सामान्य तौर पर कम से कम 4 घंटे और अधिकतम 5 घंटे प्रतिदिन काम करना होता है। उन्हें 65 वर्ष की उम्र के बाद GDS के रूप में सेवा में नहीं रखा जा सकता। GDS के लिए यह भी जरूरी है कि उसके पास अपनी और परिवार की आजीविका के लिए आय का कोई अन्य साधन हो। BPM, ABPM और डाक सेवक का काम क्या होगा? ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM) BPM को संबंधित ब्रांच पोस्ट ऑफिस के कामकाज की जिम्मेदारी संभालनी होती है। डाक सेवाओं के साथ IPPB से जुड़े काम और ग्राहकों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का काम भी इसमें शामिल होता है। BPM के रूप में चयन होने पर ब्रांच पोस्ट ऑफिस चलाने के लिए जरूरी परिसर की व्यवस्था उम्मीदवार को अपने खर्च पर करनी होती है। असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) ABPM को डाक टिकट और स्टेशनरी की बिक्री, डाक वितरण, IPPB से जुड़े लेन-देन और BPM की सहायता जैसे काम करने होते हैं। डाक सेवक डाक सेवक को डाक, पार्सल और मेल बैग के वितरण से जुड़े काम करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस या मेल ऑफिस में सॉर्टिंग, डाक के आवागमन और अन्य विभागीय कार्य भी सौंपे जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार मार्केटिंग और बिजनेस से जुड़े काम भी दिए जा सकते हैं। कितनी मिलेगी राशि? GDS को नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन नहीं मिलता। उन्हें Time Related Continuity Allowance (TRCA) के रूप में राशि दी जाती है। आधिकारिक India Post जानकारी के अनुसार शुरुआती TRCA स्लैब इस प्रकार हैं। पद TRCA स्लैब BPM ₹12,000 से ₹29,380 ABPM/डाक सेवक ₹10,000 से ₹24,470 इसके अलावा नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता और कुछ अन्य सुविधाएं भी लागू हो सकती हैं। चयन कैसे होगा? GDS भर्ती में लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाती। उम्मीदवारों का चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट से किया जाता है। मेरिट में चयन होने के बाद उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें 10वीं की मार्कशीट, पहचान और अन्य लागू प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है। गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। आवेदन शुल्क कितना है? GDS भर्ती में निर्धारित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क लागू होता है, जबकि पात्र आरक्षित और अन्य छूट प्राप्त श्रेणियों को नियमानुसार फीस में छूट मिलती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को मौजूदा भर्ती के Fee Instructions जरूर देखना चाहिए। आवेदन कैसे करें? उम्मीदवार India Post के आधिकारिक GDS पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं। भर्ती के लिए आधिकारिक पोर्टल पर अलग से Registration और Application प्रक्रिया दी गई है। आवेदन के मुख्य चरण इस प्रकार हैं— जरूरी सावधानी India Post ने उम्मीदवारों को फर्जी कॉल, ई-मेल और संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती से जुड़ी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें। उम्मीदवार indiapost.gov.in और आधिकारिक GDS Online Engagement पोर्टल पर ही भर्ती की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया जांचें।

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा और भद्रा की पूरी जानकारी

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा तिथि, भद्रा और दोपहर के मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां जानें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन 2026 इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्व की तारीख को लेकर कुछ लोगों के मन में 27 और 28 अगस्त को लेकर असमंजस है, जिसकी वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। इसी आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की जानकारी दी गई है। राखी बांधने के लिए मुख्य शुभ समय 28 अगस्त की सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसमें सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त और 9:10 से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। Raksha Bandhan 2026 कब मनाया जाएगा? इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार की तारीख श्रावण पूर्णिमा की तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और अगले दिन 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में समय में एक-दो मिनट का अंतर संभव है। राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। मुख्य शुभ समय: सुबह के इस समय में भी दो प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं। लाभ मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में राखी बांधना शुभ माना जाता है। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त इसके बाद सुबह 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। जो परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर उपयोगी रहेगा। सुबह का समय न मिले तो दोपहर में कब बांधें राखी? हर परिवार के लिए सुबह राखी बांधना संभव नहीं होता। नौकरी, यात्रा या दूसरे कारणों से यदि सुबह का समय निकल जाए तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोपहर में भी राखी बांधी जा सकती है। दोपहर का शुभ समय: 12:23 बजे से 2:00 बजे तक। इसलिए सुबह का मुख्य मुहूर्त नहीं मिल पाने पर परिवार दोपहर के बताए गए शुभ समय में रक्षाबंधन की रस्म पूरी कर सकता है। 27 और 28 अगस्त को लेकर क्यों है भ्रम? रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की मुख्य वजह पूर्णिमा की अवधि है। पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। रक्षाबंधन पर भद्रा की क्या स्थिति रहेगी? रक्षाबंधन के दौरान भद्रा का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, भद्रा काल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहने की बात कही गई है। हालांकि, मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग की गणना के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना उचित रहेगा। Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का महत्व क्या है? रक्षाबंधन केवल राखी बांधने की रस्म तक सीमित नहीं है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। आज बदलते समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके भी बदले हैं। दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से भी एक-दूसरे से जुड़ते हैं, लेकिन पर्व का भाव आज भी पारिवारिक प्रेम और अपनापन ही है। Raksha Bandhan 2026: जरूरी समय एक नजर में मुख्य जानकारी

GST Registration Online: घर बैठे खुद बनवाएं GST नंबर, जानिए आवेदन का आसान तरीका

GST Registration Online की पूरी प्रक्रिया जानें। घर बैठे GST नंबर के लिए आवेदन, जरूरी दस्तावेज, TRN, Aadhaar Verification और ARN ट्रैक करने का तरीका समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। GST Registration Online: अगर आप नया कारोबार शुरू करने जा रहे हैं या आपका बिजनेस GST के दायरे में आता है, तो GST Registration की जरूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जरूरी नहीं कि किसी एजेंट या साइबर कैफे की मदद ही लेनी पड़े। GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है और आवेदन खुद किया जा सकता है। GST Registration के लिए सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने का कोई अलग सरकारी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। हालांकि, किसी टैक्स प्रोफेशनल या अन्य व्यक्ति से सहायता लेने पर उसकी सर्विस फीस अलग से हो सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने PAN, कारोबार के पते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तैयार रखें। GSTN के आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक आवेदन Part A और Part B में पूरा किया जाता है। GST Registration के लिए किन लोगों को जरूरत पड़ सकती है? हर कारोबार के लिए एक जैसी GST Registration requirement नहीं होती। यह कारोबार के प्रकार, टर्नओवर, राज्य और सप्लाई की प्रकृति समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जिन कारोबारियों पर GST के तहत रजिस्ट्रेशन की देनदारी बनती है, उन्हें निर्धारित समय में आवेदन करना होता है। कुछ कारोबारी स्वेच्छा से भी GST Registration ले सकते हैं। जरूरी सावधानी: केवल यह मान लेना सही नहीं है कि हर नए बिजनेस को शुरुआत से ही GST नंबर लेना अनिवार्य है। अपने कारोबार की स्थिति के अनुसार लागू नियम जरूर जांचें। GST Registration के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें? दस्तावेजों की जरूरत कारोबार की संरचना और आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है: बैंक अकाउंट की जानकारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात है। GST पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार शुरुआती Registration Application में बैंक अकाउंट की जानकारी अनिवार्य नहीं है; इसे बाद में संशोधन के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसलिए बैंक पासबुक या कैंसिल चेक को हर आवेदन में अनिवार्य दस्तावेज बताना सही नहीं होगा। GST Registration Online: सबसे पहले TRN बनाएं GST Registration की प्रक्रिया का पहला चरण Temporary Reference Number यानी TRN बनाना है। Step 1: GST पोर्टल खोलें सबसे पहले GST के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। GST का आधिकारिक पोर्टल इसके बाद: Services → Registration → New Registration पर क्लिक करें। GSTN के आधिकारिक यूजर गाइड के मुताबिक New Registration में Taxpayer विकल्प चुनना होता है। इसके बाद राज्य और जिले की जानकारी, PAN में दर्ज कानूनी नाम, PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। Step 2: मोबाइल और ईमेल OTP वेरिफाई करें फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद दोनों पर OTP प्राप्त होगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद सिस्टम Temporary Reference Number यानी TRN जारी करता है। यह जानकारी मोबाइल और ईमेल पर भी भेजी जाती है। अब TRN से आवेदन पूरा करें TRN मिलने के बाद दोबारा GST पोर्टल के New Registration सेक्शन में जाकर Temporary Reference Number (TRN) विकल्प चुनें। TRN, ईमेल और कैप्चा दर्ज करने के बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद My Saved Application में जाकर अपने ड्राफ्ट आवेदन को Edit करें। ध्यान रखें कि GSTN के अनुसार TRN से जुड़ा ड्राफ्ट आवेदन सीमित समय के लिए उपलब्ध रहता है। आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करके जमा करना जरूरी है। आवेदन में ये जानकारी भरनी होगी GST Registration Form में कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से: Goods and Services वाले सेक्शन में कारोबार के अनुसार संबंधित HSN/SAC की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। Aadhaar Authentication कैसे होगा? आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में Aadhaar Authentication का विकल्प आता है। GSTN के मौजूदा निर्देशों के अनुसार नए GST Registration में पात्र करदाताओं के लिए Aadhaar Authentication की प्रक्रिया लागू है। Authentication के लिए संबंधित व्यक्ति को GST पोर्टल से प्राप्त लिंक के जरिए Aadhaar विवरण और OTP के माध्यम से सत्यापन करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में जोखिम आधारित प्रक्रिया के अनुसार OTP Authentication के बजाय Biometric Authentication के लिए नामित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। अगर Aadhaar Authentication का विकल्प नहीं चुना जाता है, तो फोटो कैप्चर और दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। Aadhaar Verification के लिए कितना समय मिलता है? GSTN के अनुसार Aadhaar Authentication लिंक सामान्य तौर पर 15 दिनों तक उपलब्ध रहता है। इसलिए लिंक मिलने के बाद समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद ARN मिलेगा सभी जानकारी भरने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापित करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल सबमिशन के बाद Application Reference Number यानी ARN मिलता है। इसी ARN की मदद से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। GST पोर्टल में Services → Registration → Track Application Status विकल्प के जरिए स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। GST नंबर कितने समय में मिल सकता है? GST Registration को लेकर अक्सर 7-10 दिन में नंबर मिलने की बात कही जाती है, लेकिन इसे हर आवेदन के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए। GSTN के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में, यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करते तो कुछ आवेदन 7 working days में deemed approval के प्रावधान के अंतर्गत आ सकते हैं। Aadhaar Authentication विफल होने या Aadhaar Authentication से संबंधित अलग स्थिति में प्रक्रिया लंबी हो सकती है और 30 calendar days तक का प्रावधान लागू हो सकता है। इसलिए आवेदन की मंजूरी दस्तावेजों, सत्यापन और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। GSTIN मिलने के बाद क्या करें? आवेदन मंजूर होने के बाद आपको 15 अंकों का GSTIN मिलता है। इसके बाद GST पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित Registration Certificate डाउनलोड किया जा सकता है। GST नंबर मिलने के बाद कारोबार के लिए लागू GST Return Filing, Tax Invoice, Input Tax Credit और अन्य अनुपालन नियमों को … Read more

SBI New Rules: SBI में अब 4 निकासी के बाद लगेगा चार्ज, 1 अक्टूबर से बदलेगा नियम

SBI New Rules: SBI के BSBD खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया कैश निकासी चार्ज लागू होगा। 4 मुफ्त निकासी के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर ₹15+GST लगेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। SBI New Rules: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाते से जुड़ी कैश निकासी सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। बैंक की वेबसाइट पर जारी संशोधित सर्विस चार्ज जानकारी के मुताबिक नया शुल्क ढांचा 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। नए नियम के तहत BSBD खाताधारकों को महीने में पहली चार कैश निकासी मुफ्त मिलती रहेगी। इसके बाद होने वाली प्रत्येक अतिरिक्त निकासी पर ₹15 और लागू GST का शुल्क लिया जाएगा। SBI ने अपनी वेबसाइट पर इसे BSBD खाते के Branch Channel से संबंधित संशोधित शुल्क के रूप में सूचीबद्ध किया है। यानी इस बदलाव को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामला सभी SBI खातों पर लागू होने वाले सामान्य ATM चार्ज का नहीं है। यह खास तौर पर BSBD Account से संबंधित है। SBI New Rules 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? SBI के अनुसार BSBD खाताधारकों के लिए चार कैश निकासी की मुफ्त सीमा बरकरार रहेगी। बदलाव इसके बाद लगने वाले शुल्क से जुड़ा है। पहली चार कैश निकासी पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पांचवीं निकासी से चार्ज लागू होगा। पांचवीं, छठी या उसके बाद की हर अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 और लागू GST देना होगा। यानी एक महीने में चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद जितनी बार अतिरिक्त कैश निकासी की जाएगी, हर बार यह शुल्क लगेगा। किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर? यह बदलाव Basic Savings Bank Deposit (BSBD) Account रखने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। SBI ने अपने सर्विस चार्ज पेज पर BSBD Account (Branch Channel) के लिए 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी शुल्क को अलग से सूचीबद्ध किया है। BSBD खाता सामान्य तौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं चाहिए और नियमित बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इस खाते की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तरह न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती। 5वीं बार पैसे निकालने पर कितना चार्ज? सबसे अहम सवाल यही है कि चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद ग्राहक को कितना भुगतान करना होगा। 5वीं और उसके बाद की प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 + लागू GST लिया जाएगा। यानी केवल पांचवीं निकासी ही नहीं, बल्कि मुफ्त सीमा के बाद होने वाली हर अतिरिक्त निकासी पर यह शुल्क लागू होगा। मसलन, यदि किसी ग्राहक ने एक महीने में छह बार शुल्क के दायरे वाली कैश निकासी की, तो मुफ्त चार निकासी के बाद पांचवीं और छठी निकासी पर शुल्क लगेगा। BSBD Account क्या होता है? Basic Savings Bank Deposit Account को आम तौर पर ऐसे ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं कम शुल्क और न्यूनतम शर्तों के साथ चाहिए। SBI की वेबसाइट पर BSBD खाते को अलग बैंकिंग उत्पाद के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह के खाते में सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तुलना में कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका SBI खाता BSBD है या सामान्य Savings Account। एक जरूरी बात: हर SBI ग्राहक पर लागू नहीं है नियम सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए यह जानकारी फैल सकती है कि SBI के सभी ग्राहकों के लिए महीने में केवल चार ATM ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे। यह निष्कर्ष सही नहीं होगा। SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 अक्टूबर 2026 वाला नया शुल्क “Basic Savings Deposit Account – Branch Channel” के नाम से दिया गया है। वहीं सामान्य ATM/ADWM ट्रांजेक्शन शुल्क की अलग सूची भी मौजूद है। इसलिए अगर आपके पास SBI का सामान्य Savings Account है, तो इस खबर को अपने खाते पर सीधे लागू मानने से पहले संबंधित शुल्क सूची जरूर देखें। पुराने नियम से क्या अंतर है? SBI के पहले से उपलब्ध सेवा शुल्क दस्तावेजों में BSBD खातों के लिए चार मुफ्त निकासी के बाद ₹15 + GST प्रति अतिरिक्त ट्रांजेक्शनका प्रावधान दर्ज रहा है। पुराने दस्तावेज में डिजिटल ट्रांजेक्शन को इस गणना से बाहर रखने की बात भी दर्ज थी। इसलिए इस खबर को केवल “चार मुफ्त निकासी पहली बार लागू होने” के तौर पर देखना सही नहीं है। 1 अक्टूबर 2026 का प्रमुख अपडेट BSBD खाते के संशोधित शुल्क ढांचे और उसके Branch Channel के लिए लागू होने से जुड़ा है। SBI की मौजूदा वेबसाइट भी इसे इसी रूप में सूचीबद्ध कर रही है। महत्वपूर्ण: ATM, AEPS, ब्रांच और अन्य माध्यमों की गिनती को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार और SBI की लागू शुल्क सूची के आधार पर ही शुल्क समझना चाहिए। बिना पुष्टि के इसे सभी SBI ATM ट्रांजेक्शन पर लागू नया नियम मानना उचित नहीं है। ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? BSBD खाताधारकों को महीने में होने वाली कैश निकासी पर नजर रखनी चाहिए। अगर मुफ्त सीमा पार होती है, तो अतिरिक्त निकासी पर शुल्क लग सकता है। ध्यान रखने योग्य बातें:

YouTube Monetization Rules 2027: कमाई के लिए बढ़ी वॉच टाइम और Shorts की शर्त

YouTube Monetization Rules 2027: YouTube ने 2027 से नए क्रिएटर्स के लिए YPP की शर्तें कड़ी करने का ऐलान किया है। वॉच आवर्स और Shorts व्यूज का नया नियम जानें।  नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। YouTube Monetization Rules 2027: YouTube से कमाई शुरू करने की तैयारी कर रहे नए क्रिएटर्स के लिए आने वाला साल चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्लेटफॉर्म ने YouTube Partner Program (YPP) में विज्ञापन और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग से जुड़ी पात्रता शर्तों को बढ़ाने की घोषणा की है। नई व्यवस्था के मुताबिक 1 फरवरी 2027 से YPP में नए आवेदन करने वाले क्रिएटर्स को विज्ञापन और YouTube Premium की कमाई के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा वॉच टाइम या Shorts व्यूज पूरे करने होंगे। वॉच आवर्स की सीमा 4,000 से बढ़ाकर 8,000 घंटे और Shorts की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ योग्य व्यूज की जाएगी। हालांकि, 1,000 सब्सक्राइबर की मौजूदा शर्त में बदलाव नहीं किया गया है। पहले से YPP में शामिल क्रिएटर्स पर नए आवेदन की यह बढ़ी हुई एंट्री शर्त लागू नहीं होगी। 2027 से YPP में क्या बदलेगा? YouTube की नई व्यवस्था मुख्य रूप से उन क्रिएटर्स पर लागू होगी जो 1 फरवरी 2027 के बाद YPP के लिए नए सिरे से आवेदन करेंगे। YouTube Monetization की नई पात्रता YouTube के नए नियमों के तहत 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स को विज्ञापन और YouTube Premium से कमाई के लिए पहले से ज्यादा लक्ष्य पूरा करना होगा। लॉन्ग-फॉर्म वीडियो के लिए वॉच टाइम की सीमा 4,000 घंटे से बढ़कर 8,000 घंटे हो जाएगी। Shorts के जरिए पात्रता हासिल करने वालों को 90 दिनों में 1 करोड़ की जगह 2 करोड़ योग्य व्यूज जुटाने होंगे। सब्सक्राइबर की न्यूनतम सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह शर्त पहले की तरह 1,000 सब्सक्राइबर ही रहेगी। लॉन्ग-फॉर्म वीडियो के वॉच आवर्स की गणना पिछले 365 दिनों के आधार पर होगी, जबकि Shorts Views के लिए 90 दिनों की अवधि तय रहेगी। Shorts Creators के लिए भी बदला नियम YouTube ने Shorts से होने वाली विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर भी नया प्रावधान किया है। नई व्यवस्था में Shorts से कमाई जारी रखने के लिए चैनल को हर रोलिंग 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ योग्य Shorts Views हासिल करने होंगे। अगर किसी चैनल के Shorts Views इस सीमा से नीचे चले जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि पूरा चैनल YPP से बाहर हो जाएगा। ऐसे क्रिएटर्स लंबे वीडियो से होने वाली कमाई जारी रख सकेंगे, लेकिन Shorts से रेवेन्यू शेयरिंग तब तक रुक सकती है, जब तक चैनल दोबारा जरूरी व्यूज हासिल नहीं कर लेता। छोटे क्रिएटर्स के लिए YPP का निचला स्तर जारी हर क्रिएटर के लिए नियम पूरी तरह सख्त नहीं किए गए हैं। YouTube ने YPP के शुरुआती स्तर को फिलहाल बरकरार रखा है। जिन क्रिएटर्स के पास: वे फैन फंडिंग और शॉपिंग जैसे कुछ कमाई वाले फीचर्स के लिए पात्र हो सकते हैं। यह स्तर विज्ञापन और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग वाली पूर्ण YPP पात्रता से अलग है। YouTube पर बढ़ रहा है वीडियो और Shorts का इस्तेमाल YouTube के मुताबिक प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखने का समय लगातार बढ़ रहा है। कंपनी ने बताया है कि Shorts को रोजाना करीब 200 अरब व्यूज मिल रहे हैं, जबकि टीवी स्क्रीन पर हर दिन एक अरब घंटे से अधिक YouTube कंटेंट देखा जाता है। बढ़ती दर्शक संख्या और क्रिएटर्स की संख्या के बीच प्लेटफॉर्म अपने पार्टनर प्रोग्राम में बदलाव कर रहा है। नए क्रिएटर्स के लिए क्या मायने रखता है? जो लोग 2027 में नया YouTube चैनल शुरू करने या मौजूदा चैनल को मोनेटाइज करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए अब सिर्फ सब्सक्राइबर बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। लंबे वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को लगातार वॉच टाइम बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। Shorts पर निर्भर चैनलों के लिए नियमित और बड़े पैमाने पर योग्य व्यूज हासिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा। यानी आने वाले समय में कंटेंट की गुणवत्ता, दर्शकों की रिटेंशन और लगातार व्यूज कमाई की राह में अहम भूमिका निभाएंगे। YouTube छोटे क्रिएटर्स के लिए नए कमाई विकल्प भी ला रहा है कंपनी ने केवल पात्रता शर्तों में बदलाव की बात नहीं की है। छोटे क्रिएटर्स की कमाई बढ़ाने के लिए YouTube Shopping बोनस, ब्रांड डील इंसेंटिव और ट्रेंडिंग कंटेंट से जुड़े अन्य कमाई विकल्पों पर भी काम कर रहा है। YouTube Premium Lite को भी उन देशों में उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है जहां Premium सेवा मौजूद है। भारत में Premium Lite नवंबर 2025 से उपलब्ध है। कंपनी का कहना है कि Premium सब्सक्रिप्शन से क्रिएटर्स की कमाई में भी योगदान बढ़ सकता है। क्या मौजूदा YouTubers की कमाई तुरंत प्रभावित होगी? नए नियमों का सबसे बड़ा असर 1 फरवरी 2027 के बाद YPP में नए आवेदन करने वाले क्रिएटर्स पर पड़ेगा। जो क्रिएटर्स पहले से YPP का हिस्सा हैं, उनके लिए नई बढ़ी हुई प्रवेश सीमा लागू नहीं होगी। हालांकि Shorts से रेवेन्यू शेयरिंग के लिए 90 दिनों में 1 करोड़ योग्य व्यूज वाली शर्त अलग से महत्वपूर्ण होगी। इसलिए मौजूदा Shorts क्रिएटर्स को भी अपने चैनल के योग्य व्यूज पर नजर रखनी होगी।

पटियाला में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल का हमला, महिला की प्लास्टिक सर्जरी

पटियाला के घुम्मण नगर में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल ने हमला कर दिया। महिला गंभीर घायल हुई, अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी की गई। पटियाला- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पंजाब के पटियाला में घर देखने पहुंचे एक दंपति पर पालतू पिटबुल के हमले का मामला सामने आया है। घटना घुम्मण नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां एक रियल एस्टेट डीलर के साथ घर देखने पहुंचे दंपति पर परिसर में मौजूद कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। गेट खुलते ही पिटबुल महिला की तरफ झपटा और उसे कई जगह काट लिया। महिला को बचाने के लिए उसके पति ने हस्तक्षेप किया तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दंपति को बचाने की कोशिश की। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। डोरबेल बजाने के बाद हुआ हमला मिली जानकारी के अनुसार, दंपति एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मकान देखने पहुंचा था। घर के बाहर पहुंचने के बाद डोरबेल बजाई गई। इसके बाद जैसे ही गेट खोला गया, परिसर में मौजूद पिटबुल अचानक बाहर की ओर दौड़ा। कुत्ते ने महिला को अपना निशाना बनाया और उस पर हमला कर दिया। महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति को भी कुत्ते ने काट लिया। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को बचाया। महिला को आईं गंभीर चोटें, हुई प्लास्टिक सर्जरी पिटबुल के हमले में महिला के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। वायरल हो रही घटना की फुटेज में महिला खून से लथपथ नजर आ रही है। घटना के बाद महिला और उसके पति को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। महिला की चोटें गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी की। पति को भी हमले में चोटें आई हैं और उनका भी उपचार कराया गया। CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल घटना से जुड़ी CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। फुटेज में घर के परिसर में दंपति के साथ हुई घटना दिखाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद पालतू कुत्तों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी घटनाओं में पालतू जानवरों को नियंत्रित रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। घटना के बाद इलाके में चिंता पिटबुल के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। खासकर उन लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं जो मकान देखने या किसी अन्य काम से निजी परिसरों में जाते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।

surya grahan 2026: 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं?

surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण, छह ग्रहों की परेड और पर्सिड उल्का वर्षा का खास संयोग बनेगा। जानें भारत में ग्रहण दिखेगा या नहीं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि सुबह के समय छह ग्रहों की एक विशेष ‘प्लैनेट परेड’ नजर आएगी। रात में पर्सिड उल्का वर्षा भी अपने चरम पर होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों के लिए सूर्य ग्रहण को लेकर एक अहम बात है। 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का पूर्ण चरण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से दिखाई देगा। उत्तरी अमेरिका, यूरोप और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई हिस्सों में इसका आंशिक चरण देखा जा सकेगा। 12 अगस्त को क्यों खास है? एक ही तारीख के आसपास तीन बड़े खगोलीय आकर्षण देखने को मिलेंगे—सुबह छह ग्रहों की परेड, दिन में सूर्य ग्रहण और रात में पर्सिड उल्का वर्षा। यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि 12 अगस्त को अमावस्या होगी। इससे रात के आसमान में चंद्रमा की रोशनी का हस्तक्षेप लगभग नहीं रहेगा और अंधेरे स्थानों से पर्सिड उल्का वर्षा देखने की परिस्थितियां बेहतर होंगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड उल्का वर्षा का पीक 12-13 अगस्त की रात रहेगा। कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? NASA के अनुसार 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से के ऊपर से गुजरेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देगा। इसी दौरान कुछ समय के लिए दिन का आसमान असामान्य रूप से अंधेरा दिखाई दे सकता है और सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना नजर आ सकती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ESA के अनुसार पूर्ण ग्रहण की पट्टी पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्से तक पहुंचेगी। किन देशों में आंशिक ग्रहण दिखेगा? पूर्ण ग्रहण की पट्टी से बाहर रहने वाले कई इलाकों में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा चंद्रमा की छाया में आएगा। आंशिक ग्रहण उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा, यूरोप के बड़े हिस्से और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। यूरोप और अफ्रीका के कुछ पश्चिमी हिस्सों में सूर्यास्त के समय भी ग्रहण का दृश्य देखने को मिल सकता है। यानी कुछ स्थानों पर सूर्य आंशिक रूप से ग्रहणग्रस्त अवस्था में क्षितिज के नीचे जाएगा। भारत में दिखेगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण? नहीं। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसका कारण भारत में ग्रहण के समय सूर्य का क्षितिज के ऊपर न होना है। इसलिए मध्य प्रदेश समेत भारत के किसी भी हिस्से से इस सूर्य ग्रहण को सीधे आसमान में देखने की उम्मीद नहीं है। भारत में रहने वाले खगोल प्रेमी हालांकि दुनिया के उन हिस्सों से उपलब्ध वैज्ञानिक लाइव कवरेज या ऑनलाइन प्रसारण के जरिए इस घटना को देख सकते हैं। सूर्य ग्रहण कितनी देर रहेगा? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। पूरे ग्रहण की शुरुआत से समाप्ति तक की अवधि और पूर्ण ग्रहण यानी Totality की अवधि अलग होती है। NASA के मुताबिक पूर्ण ग्रहण की पट्टी में अधिकांश स्थानों पर सूर्य पूरी तरह ढकने का समय दो मिनट से कम रहेगा। ग्रहण के केंद्रीय क्षेत्र के पास अधिकतम Totality लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रह सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे कई घंटों के भारतीय समय वाले आंकड़ों को पूर्ण ग्रहण की अवधि समझना सही नहीं होगा। सुबह दिखाई देगी छह ग्रहों की परेड 12 अगस्त की सुबह सूर्य निकलने से पहले आकाश में छह ग्रह एक साथ दिखाई देने की स्थिति में होंगे। इस ‘प्लैनेट परेड’ में बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल हैं। हालांकि सभी ग्रहों को बिना उपकरण के देख पाना आसान नहीं होगा। मंगल और शनि अपेक्षाकृत आसानी से पहचाने जा सकते हैं। बुध और बृहस्पति क्षितिज के करीब होने के कारण ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेंगे, जबकि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या अन्य ऑप्टिकल उपकरण की जरूरत पड़ सकती है। इसे ‘ग्रहों की सीधी कतार’ कहना पूरी तरह सटीक नहीं है। ये ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में एक सीधी लाइन में नहीं होंगे, बल्कि पृथ्वी से देखने पर आकाश में एक व्यापक चाप के रूप में नजर आएंगे। रात में दिखेगी पर्सिड उल्का वर्षा 12-13 अगस्त की रात पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड्स की सक्रिय अवधि 17 जुलाई से 24 अगस्त तक है और इसका मुख्य पीक 12-13 अगस्त की रात है। पर्सिड उल्का वर्षा धूमकेतु 109P/Swift-Tuttle से निकले मलबे के कारण होती है। जब पृथ्वी इस मलबे की धारा से गुजरती है तो छोटे-छोटे कण वायुमंडल में प्रवेश करके चमकीली लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं। 2026 में इस उल्का वर्षा के लिए परिस्थितियां खास मानी जा रही हैं, क्योंकि पीक के समय चंद्रमा अमावस्या की अवस्था में होगा। यानी चांदनी का हस्तक्षेप बेहद कम रहेगा। ग्रामीण और अंधेरे स्थानों से सामान्य परिस्थितियों में करीब 30-50 उल्काएं प्रति घंटे देखी जा सकती हैं, जबकि आदर्श परिस्थितियों में सैद्धांतिक दर इससे अधिक हो सकती है। सूर्य ग्रहण कैसे लगता है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी का कुछ हिस्सा पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है। जब चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देता है और पृथ्वी की सतह पर मौजूद दर्शक चंद्रमा की पूर्ण छाया में होते हैं, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। ग्रहण केवल अमावस्या के आसपास ही संभव होता है, लेकिन हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं लगता। इसका कारण सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाओं का एक-दूसरे के सापेक्ष झुका होना है। 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं? 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के … Read more

UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

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