El Niño Alert के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। 12 राज्यों के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मॉनिटरिंग सेल गठित कर राज्यों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। El Niño Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के बढ़ते संकेतों के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की समीक्षा करते हुए राज्यों को जरूरी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।
315 जिलों में कम बारिश की आशंका, 111 जिले सबसे संवेदनशील

कृषि मंत्रालय की समीक्षा बैठक में सामने आया कि देश के करीब 315 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इनमें से 111 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं सीमित होने के कारण फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में कई इलाकों में सामान्य औसत की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इससे खरीफ सीजन की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा
अल नीनो का प्रभाव मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में अधिक देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में कृषि गतिविधियां काफी हद तक मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए कम बारिश किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
कृषि मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पहले से तैयार आकस्मिक योजनाओं (Contingency Plans) को तुरंत लागू करें और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
शिवराज सिंह चौहान ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव की लगातार निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप को सक्रिय किया गया है। ये टीमें मौसम, फसल और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगी और समय-समय पर राज्यों को आवश्यक सलाह देंगी।
जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों पर जोर
सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। तालाब, चेक डैम, खेत-तालाब और अन्य जल संरचनाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने और फसल विविधीकरण बढ़ाने की सलाह दी गई है।
किसानों से अपील: जल्दबाजी में न करें बुवाई
कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई की जल्दबाजी न करें। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक मौसम आधारित सलाह पहुंचाई जाएगी।
मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी खरीफ फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, इसलिए अगले कुछ सप्ताह कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खाद्य सुरक्षा पर किसी भी तरह का संकट नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसानों और कृषि उत्पादन को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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