जेएसजी संगिनी उमंग ने रचा गौरव, एमपी रीजन में तीसरा स्थान हासिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार ने एक बार फिर अपनी सामाजिक गतिविधियों के जरिए मध्य प्रदेश रीजन में पहचान बनाई है। जुलाई माह में आयोजित गतिविधि के तहत बरसात से राहत के लिए छतरी और रेनकोट वितरण अभियान में जेएसजी संगिनी उमंग को एमपी रीजन में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के बाद जेएसजी संगिनी उमंग परिवार में खुशी का माहौल है। समूह की सभी सखियों ने उत्साह और उमंग के साथ इस सामाजिक गतिविधि में सहभागिता की। बारिश के मौसम में जरूरतमंद लोगों को छतरी और रेनकोट उपलब्ध कराकर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया। सामाजिक सेवा गतिविधि में मिला तीसरा स्थान जेएसजी एमपी रीजन की ओर से जुलाई माह के लिए बरसात से राहत हेतु छतरी एवं रेनकोट वितरण की गतिविधि निर्धारित की गई थी। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार की सखियों ने इस गतिविधि को उत्साहपूर्वक पूरा किया। समूह की सक्रिय सहभागिता और सामाजिक सरोकार को देखते हुए जेएसजी संगिनी उमंग को मध्य प्रदेश रीजन में तीसरा स्थान प्रदान किया गया। समूह की सखियों और प्रोजेक्ट प्रायोजक को बधाई इस सफलता पर जेएसजी संगिनी उमंग परिवार की सभी सखियों को बधाई दी गई। साथ ही इस सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट की प्रायोजक मीना जी रमेश जी गदिया के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया गया। समूह की अध्यक्ष रेनू लूनिया ने इस उपलब्धि के लिए सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक गतिविधियों में सामूहिक सहभागिता और सहयोग से ही ऐसे प्रयास सफल होते हैं। निर्णायक मंडल और एमपी रीजन टीम का जताया आभार इस अवसर पर जेएसजी एमपी रीजन के अध्यक्ष राहुल जी चपलोद एवं उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही गतिविधि का मूल्यांकन करने वाले निर्णायक मंडल के सदस्यों निर्मल जी मेहता, मनोज जी मेहता, अनिल जी चोपड़ा, अश्विन जी मेहता एवं मनीष जी चपलोद के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार ने कहा कि यह सम्मान समूह की प्रत्येक सखी के सामूहिक प्रयास और सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है।

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा और भद्रा की पूरी जानकारी

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा तिथि, भद्रा और दोपहर के मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां जानें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन 2026 इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्व की तारीख को लेकर कुछ लोगों के मन में 27 और 28 अगस्त को लेकर असमंजस है, जिसकी वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। इसी आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की जानकारी दी गई है। राखी बांधने के लिए मुख्य शुभ समय 28 अगस्त की सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसमें सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त और 9:10 से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। Raksha Bandhan 2026 कब मनाया जाएगा? इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार की तारीख श्रावण पूर्णिमा की तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और अगले दिन 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में समय में एक-दो मिनट का अंतर संभव है। राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। मुख्य शुभ समय: सुबह के इस समय में भी दो प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं। लाभ मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में राखी बांधना शुभ माना जाता है। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त इसके बाद सुबह 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। जो परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर उपयोगी रहेगा। सुबह का समय न मिले तो दोपहर में कब बांधें राखी? हर परिवार के लिए सुबह राखी बांधना संभव नहीं होता। नौकरी, यात्रा या दूसरे कारणों से यदि सुबह का समय निकल जाए तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोपहर में भी राखी बांधी जा सकती है। दोपहर का शुभ समय: 12:23 बजे से 2:00 बजे तक। इसलिए सुबह का मुख्य मुहूर्त नहीं मिल पाने पर परिवार दोपहर के बताए गए शुभ समय में रक्षाबंधन की रस्म पूरी कर सकता है। 27 और 28 अगस्त को लेकर क्यों है भ्रम? रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की मुख्य वजह पूर्णिमा की अवधि है। पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। रक्षाबंधन पर भद्रा की क्या स्थिति रहेगी? रक्षाबंधन के दौरान भद्रा का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, भद्रा काल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहने की बात कही गई है। हालांकि, मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग की गणना के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना उचित रहेगा। Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का महत्व क्या है? रक्षाबंधन केवल राखी बांधने की रस्म तक सीमित नहीं है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। आज बदलते समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके भी बदले हैं। दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से भी एक-दूसरे से जुड़ते हैं, लेकिन पर्व का भाव आज भी पारिवारिक प्रेम और अपनापन ही है। Raksha Bandhan 2026: जरूरी समय एक नजर में मुख्य जानकारी

रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जयंती पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि अरविंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया। व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि अरविंद एवं मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि महर्षि अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम नीरज पवैया ने महर्षि अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजलसहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावतएवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान, वट-पीपल-नीम की त्रिवेणी रोपी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। हरियाली अमावस्या के अवसर पर रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक नई पहल शुरू की गई। शिवगढ़ रोड स्थित भाई-बहन की पहाड़ी पर त्रिवेणी वन रोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा शिवगंगा अभियान, झाबुआ के संस्थापक महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और समाजजनों की मौजूदगी में मंत्रोच्चार और विधिवत पूजन के साथ पहली त्रिवेणी रोपी गई। इसमें वट, पीपल और नीम के पौधे शामिल रहे। अभियान के आयोजकों ने इसे केवल पौधारोपण तक सीमित न रखते हुए लंबे समय तक पौधों के संरक्षण और देखभाल से जोड़ने का संकल्प लिया। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की संकल्पना बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को त्रिवेणी रोपण से जोड़ना है। अभियान की संकल्पना ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ के रूप में रखी गई है। इसके तहत परिवारों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को अपने शुभ अवसरों पर त्रिवेणी लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि सामूहिक स्तर पर किए गए ऐसे प्रयास भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के निर्माण में मदद कर सकते हैं। भारत माता पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन के साथ हुई। मंच पर निर्वाणी अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, अखंड ज्ञान आश्रम के संत स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, पद्मश्री महेश शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक तेजराम मांगरोदा, राजू महाराज और समिति के अशोक पाटीदार सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत समिति से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किया। सोनाक्षी चावड़ा ने सामूहिक वंदे मातरम् का गायन किया। महेश शर्मा बोले- प्रकृति से अलग नहीं है मनुष्य मुख्य अतिथि पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं है, बल्कि उसका अभिन्न हिस्सा है। प्रकृति का संरक्षण मानव जीवन के संरक्षण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल व्यक्तिगत प्रयास न रखकर सामूहिक जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। महेश शर्मा ने लोगों से आह्वान किया कि वे केवल एक बार पौधा लगाने तक सीमित न रहें। अपने जीवन के शुभ अवसरों को वृक्षारोपण से जोड़कर लगातार त्रिवेणी रोपित करने की दिशा में आगे बढ़ें। संतों ने बताया त्रिवेणी का आध्यात्मिक महत्व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने त्रिवेणी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि त्रिवेणी वन के निर्माण का संकल्प है। स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज सहित उपस्थित संतों ने अपने आशीर्वचन दिए। संतों ने त्रिवेणी वनम् को हरित और प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित करने के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान की आगामी कार्ययोजना बताई कार्यक्रम के दौरान बिरसा मुंडा सामाजिक सेवा समिति के अशोक पाटीदार ने ‘त्रिवेणी वनम्’ अभियान की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने अभियान से अधिक से अधिक परिवारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को जोड़ने के लक्ष्य की जानकारी दी। अभियान में पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। यानी त्रिवेणी लगाने के बाद उसकी नियमित देखरेख पर भी ध्यान दिया जाएगा। वट, पीपल और नीम की त्रिवेणी रोपी हरियाली अमावस्या के अवसर पर आयोजित इस पहल में वट, पीपल और नीम का सामूहिक रोपण किया गया। आयोजकों के अनुसार त्रिवेणी का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ छाया, जैव विविधता और पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में काम करना है। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों और समाजजनों ने भी त्रिवेणी रोपण में सहभागिता की। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्था के जोनल को-ऑर्डिनेटर संजय खंडेलवाल ने संस्था की गतिविधियों तथा प्रकृति और समाज के प्रति उसके दृष्टिकोण की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रीतेश गादिया ने आभार व्यक्त किया। रतलाम में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक पहल भाई-बहन की पहाड़ी पर शुरू हुआ त्रिवेणी वन अभियान रतलाम में पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक सहभागिता से जोड़ने की कोशिश है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लगाए गए पौधों की देखभाल कितनी निरंतरता से की जाती है और कितने परिवार व संस्थाएं इससे जुड़ती हैं। ‘एक त्रिवेणी से त्रिवेणी वनम्’ की सोच के साथ शुरू हुई यह पहल भविष्य में बड़े हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होती है तो इसका लाभ पर्यावरण के साथ स्थानीय लोगों और जैव विविधता को भी मिल सकता है।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल के 250 विद्यार्थियों ने शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में लगाए 500 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, रतलाम ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में भव्य पौधारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। 250 विद्यार्थियों ने लगाए 500 पौधे विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने बताया कि इस अभियान में करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया और मिलकर 500 पौधे लगाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर वर्ष पौधारोपण की यह परंपरा निभाई जाती है। विद्यार्थी केवल पौधे लगाते ही नहीं, बल्कि पहले लगाए गए पौधों की देखभाल भी करते हैं, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। हार्टफुलनेस संस्था ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के श्री के.बी. सोनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। गणमान्य अतिथि भी रहे मौजूद पौधारोपण कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। हरित भविष्य का दिया संदेश गुरु रामदास पब्लिक स्कूल और हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने 127 से अधिक विद्यार्थियों को बांटी पाठ्य सामग्री, शिक्षकों और मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने अपने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक और सराहनीय पहल की है। संस्था ने विचक्षण विद्यापीठ, कोटावाला बाग, रतलाम में अध्ययनरत 127 से अधिक विद्यार्थियों को लॉन्ग कॉपी, ड्राइंग कॉपी और अन्य आवश्यक पाठ्य सामग्री वितरित की। यह सेवा प्रकल्प ग्रुप सखी श्रीमती संगीता ललित कांठेड़ के सौजन्य से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि जेएसजी संगिनी उमंग ने मात्र 30 दिनों के भीतर अपना तीसरा सेवा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का भी सम्मान किया गया। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का किया सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक एवं स्टाफ को डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और संगिनी सखियों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 30 दिनों में पूरे किए तीन सेवा प्रोजेक्ट जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पिछले एक माह में लगातार तीन सेवा कार्य किए गए— अनेक पदाधिकारी और संगिनी सखियां रहीं मौजूद इस अवसर पर जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता, ग्रुप की संस्थापक श्रीमती रमिला सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांठेड़, अध्यक्ष श्रीमती रेनू लूनिया सहित बिंदु कटारिया, मंजूषा ओरा, विजया लूनिया, सरोज चत्तर, श्रद्धा लुणावत, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, सुनीला पोरवाल, शोभा चाणोदिया, सरोज कासवा एवं अनेक संगिनी सखियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समाज सेवा और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने कहा कि संस्था समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा प्रकल्प इसी प्रकार जारी रहेंगे।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग का हरित अभियान: 151 पौधों का वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा “उमंग के रंग – पर्यावरण सुरक्षा के संग” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान जेएसजी एमपी रीजन द्वारा संचालित वृक्षारोपण प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें समूह की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वर्षा ऋतु के अवसर पर पहले लगभग 100 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन सदस्याओं के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर 151 पौधों तक पहुंच गई। सभी पौधे बीबड़ौद कॉर्नर स्थित फार्म हाउस परिसर में लगाए गए। इस पर्यावरण अभियान का नेतृत्व ग्रुप अध्यक्ष रेणू लूनिया ने किया। कार्यक्रम में समूह की संस्थापक अध्यक्ष रमिला सकलेचा सहित कई वरिष्ठ सदस्याओं एवं बड़ी संख्या में सखियों की स्नेहिल उपस्थिति रही। सभी ने स्वयं पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सदस्यों ने कहा कि “आइए, एक पौधा लगाएं – प्रकृति को मुस्कुराएं” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में ग्रुप सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने सभी सहभागी सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर रतलाम में अभाविप का प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) रतलाम द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि रतलाम डीएसपी आनंद सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक प्रतिभा केवल परीक्षा में प्राप्त अंकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, संस्कार, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत से पहचानी जाती है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अभाविप मालवा प्रांत के सह मंत्री मनोज जाट ने परिषद की कार्यप्रणाली, संगठन के उद्देश्यों तथा राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर अभाविप रतलाम नगर अध्यक्ष प्रो. जयश्री राठौर एवं नगर मंत्री केशव गुर्जर की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, समाजसेवी, पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, अभिभावक एवं शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। अभाविप द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनकी उपलब्धियों को समाज के सामने सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग की अनोखी पहल: जरूरतमंद सब्जी विक्रेताओं को बांटी छतरियां और रेनकोट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सामाजिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने बारिश के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सराहनीय पहल की। संस्था ने ‘उमंग के रंग, सेवा के संग’ अभियान के तहत ‘बरसात से राहत’ सेवा प्रोजेक्ट आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को 50 छतरियों एवं रेनकोट का वितरण किया। यह सेवा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा जुलाई माह के लिए दिए गए ‘बारिश से राहत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम 7 जुलाई, मंगलवार को जैन स्कूल, सागोद रोड गेट, रतलाम पर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां बेचने आने वाले विक्रेताओं को छतरियां और रेनकोट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के माध्यम से संगिनी उमंग परिवार ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सेवा प्रोजेक्ट में समूह की 30 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम सखी मीना रमेश गादिया के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया, रमिला सकलेचा और संगीता कांठेड़ ने मीना गादिया का स्वागत किया। संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे। ग्रुप की सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

रतलाम में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

रतलाम में 16 जुलाई 2026 को श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। आयोजन समिति ने महापौर प्रह्लाद पटेल एवं MIC सदस्यों को आमंत्रित कर अधिक से अधिक नागरिकों से धर्म लाभ लेने की अपील की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने रतलाम नगर निगम के महापौर प्रह्लाद पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर नगर निगम के सभी MIC (एमआईसी) सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया गया। समिति ने बताया कि श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे श्री भगवान जगदीश मंदिर, थावरिया बाजार, रतलाम से प्रारंभ होगी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने बताया कि रतलाम जिले में पिछले 29 वर्षों से इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। यह रथयात्रा करीब 350 वर्ष पुराने मालवी एवं राजस्थानी शिल्पकला से निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है, जो जिले का एकमात्र प्राचीन जगन्नाथ मंदिर माना जाता है। समिति का उद्देश्य सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने, शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाने तथा “धर्मो रक्षति रक्षितः” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। समिति ने रतलाम शहर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। रथयात्रा का कार्यक्रम

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