रतलाम में सेवा भारती का भव्य कन्या पूजन समारोह, 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन, 500 से ज्यादा समाजजन हुए शामिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सेवा भारती द्वारा आयोजित कन्या पूजन समारोह में रविवार को बड़ी संख्या में कन्याओं और समाजजनों ने भाग लिया। सगोद रोड स्थित श्री बुद्धेश्वर हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में 1600 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जबकि 500 से ज्यादा समाजजन शामिल हुए। समारोह में बेटियों के सम्मान के साथ उनकी शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अतिथियों ने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर देना भी समाज की जिम्मेदारी है। मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ समारोह की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा सराफ उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया और श्वेता विंचुंकर रहे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम थे। सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए समाजजनों से सेवा गतिविधियों में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया। डॉ. आशा सराफ ने की 25 हजार रुपए सहयोग देने की घोषणा मुख्य अतिथि डॉ. आशा सराफ ने अपने संबोधन में बालिकाओं की शिक्षा, बेहतर पालन-पोषण और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सेवा भारती द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए डॉ. सराफ ने संस्था के सेवा प्रकल्पों के लिए 25 हजार रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा भी की। विशिष्ट अतिथि विकास कटारिया ने कहा कि सेवा भारती शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वहीं, श्वेता विंचुंकर ने भारतीय संस्कृति में नारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, ज्ञान और सृजन का प्रतीक माना गया है। आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां ही भविष्य में परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाएंगी। सेवा का अर्थ निस्वार्थ समर्पण, श्रेय लेना नहीं : विक्रम समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक विक्रम ने सेवा और दान के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि सच्ची सेवा का आधार निस्वार्थ समर्पण है। उन्होंने कहा कि सेवा किसी पर उपकार जताने या उसका श्रेय लेने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और ईश्वर के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन है। व्यक्ति को स्वयं को सेवा कार्यों का कर्ता मानने के बजाय एक माध्यम समझना चाहिए। उन्होंने समाजहित में बिना किसी स्वार्थ और अहंकार के कार्य करने का संदेश दिया। मंच पर नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन समारोह के दौरान मंचासीन अतिथियों ने नौ कन्याओं का प्रतीकात्मक पूजन किया। आयोजन में कुल 1600 से अधिक कन्याओं की सहभागिता रही। इस अवसर पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, उनकी शिक्षा और समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित समाजजनों ने भी कन्याओं के सम्मान और उनके विकास में सहयोग करने का संकल्प व्यक्त किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन रहे उपस्थित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक, विभाग सह कार्यवाह, जिला कार्यवाह सहित सेवा भारती के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें सेवा भारती अध्यक्ष अनुज छाजेड़, राकेश मोदी, मोहित कसेरा, अभिनव बरमेचा, स्वतंत्र पाटनी, नितिन फलोदिया, शीतल भंसाली, संगीता जैन, निधि अग्रवाल, आशा दुबे, संजीव पाठक, राजेश गोयल, सुरेश वर्मा, योगेश जात और अर्पित गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मोहित कसेरा ने किया। आयोजन संयोजक शीतल भंसाली ने अतिथियों, कन्याओं, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कन्या पूजन के साथ बेटियों को शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराना भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

रतलाम में युवती सम्मेलन: संस्कारों से सशक्त समाज बनाने का संदेश, छात्राओं ने दिखाई सांस्कृतिक प्रतिभा

रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने युवती सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पंच परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हुई। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नगर इकाई द्वारा युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘संस्कार से सामर्थ्य, संस्कृति से शक्ति’ की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका को लेकर विचार साझा किए गए। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘पंच परिवर्तन’ रखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया। साथ ही समाज में महिलाओं की भागीदारी और उनके योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवतियों की भूमिका और भारतीय संस्कृति पर हुई चर्चा सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद की प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. माला सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक प्रमुख प्रतिभा सोनटक्के प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में युवतियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सम्मेलन के माध्यम से यह विचार सामने रखा गया कि संस्कारों से सशक्त समाज का निर्माण होता है और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण राष्ट्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंच परिवर्तन रहा सम्मेलन का मुख्य विषय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सम्मेलन के लिए पंच परिवर्तन को केंद्रीय विषय बनाया। इसके माध्यम से छात्राओं को व्यक्तिगत जीवन के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। अभाविप का मानना है कि संस्कारित और जागरूक युवतियां समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसी सोच के साथ सम्मेलन में स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी के योगदान पर जोर दिया गया। छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई प्रतिभा सम्मेलन में विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी स्थान दिया गया। छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम में अभाविप नगर अध्यक्ष जयश्री राठौर और जिला छात्रा प्रमुख काशीष चौहान भी उपस्थित रहीं। सम्मेलन का संचालन मनस्वी चौहान ने किया। आयोजन के लिए रतलाम के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से 500 से अधिक छात्राओं की भागीदारी अपेक्षित थी। हालांकि, कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं की वास्तविक संख्या की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है। समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पर जोर सम्मेलन के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी आवश्यक है। आयोजकों ने युवतियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने को सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य बताया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक दायित्वों जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।

रतलाम की JSG संगिनी उमंग ने बढ़ाया शहर का गौरव, सेवा प्रोजेक्ट में MP रीजन में रही अव्वल

रतलाम के JSG संगिनी उमंग ग्रुप ने शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में MP रीजन में प्रथम स्थान हासिल किया। सभी सदस्यों ने खुशी जताई। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम की महिलाओं ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। JSG MP रीजन द्वारा दिए गए शिक्षक सम्मान एवं विद्यालय में आवश्यक सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से ग्रुप की सभी सदस्यों में खुशी का माहौल है। शिक्षकों के सम्मान और विद्यालयों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस प्रोजेक्ट को संगिनी उमंग परिवार ने सफलतापूर्वक पूरा किया। सेवा कार्यों के प्रति सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों के चलते ग्रुप को मध्यप्रदेश रीजन में पहला स्थान मिला। ग्रुप की अध्यक्ष रेनू लूनिया और सचिव निर्मला पटवा ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी सदस्यों को देते हुए कहा कि यह सफलता आपसी सहयोग, समर्पण और सेवा भावना का परिणाम है। शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण में मिली सफलता JSG MP रीजन की ओर से शिक्षक सम्मान एवं विद्यालय में आवश्यक सामग्री वितरण का प्रोजेक्ट दिया गया था। इसका उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना और विद्यालयों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग करना था। JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार की सदस्यों ने इस प्रोजेक्ट में सक्रिय सहभागिता निभाई। सामूहिक प्रयासों से कार्य पूरा करने के बाद ग्रुप ने रीजन स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि को ग्रुप ने सभी सखियों की मेहनत और एकजुटता का प्रतीक बताया है। सभी सखियों के सहयोग से मिली उपलब्धि ग्रुप की ओर से जारी आभार संदेश में कहा गया कि किसी भी सेवा कार्य की सफलता के पीछे पूरी टीम का योगदान महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक सम्मान और विद्यालय सामग्री वितरण प्रोजेक्ट में सभी सदस्यों ने सहयोग और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। अध्यक्ष रेनू लूनिया, सचिव निर्मला पटवा और अनिता कोठारी ने ग्रुप की सभी सखियों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल किसी एक सदस्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे संगिनी उमंग परिवार की सामूहिक मेहनत और एकता का परिणाम है। निर्णायक मंडल और रीजन पदाधिकारियों का जताया आभार प्रथम स्थान प्राप्त करने पर JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने MP रीजन के निर्णायक मंडल और पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रुप ने निर्णायक मंडल की सदस्य कीर्ति मोदी, सुषमा गंगवाल और रेखा रातड़िया को विशेष धन्यवाद दिया। इसके साथ ही JSG MP रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद, अश्विन मेहता, मनीष चपलोद एवं रीजन की समस्त पदाधिकारी टीम के सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना की गई। ग्रुप की ओर से कहा गया कि रीजन पदाधिकारियों का प्रोत्साहन सदस्यों को सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ने और नए सेवा कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। समाजसेवा के प्रति समर्पण का मिला सम्मान JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने इस सफलता को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा है। ग्रुप का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से समाज के लिए उपयोगी कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता है। शिक्षकों का सम्मान और विद्यालयों में आवश्यक सामग्री का वितरण शिक्षा के प्रति सहयोग की भावना को भी दर्शाता है। रीजन स्तर पर मिली इस उपलब्धि ने ग्रुप की सदस्यों का उत्साह बढ़ाया है। सभी ने इस सफलता पर एक-दूसरे को बधाई देते हुए भविष्य में भी सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की भावना व्यक्त की।

रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी को अंतिम विदाई, बेटे-पौत्रों ने दी मुखाग्नि, शोक सभा में उमड़े गणमान्यजन

रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन शामिल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सोमवार, 12 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का अंतिम संस्कार किया गया। त्रिवेणी मुक्तिधाम में उनकी पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हुई। परिवार के सदस्यों के साथ शहर की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पुत्र चेतन्य काश्यप, पौत्र सिद्धार्थ काश्यप, श्रवण काश्यप और पड़पौत्र सारांश काश्यप ने मुखाग्नि दी। इससे पहले स्टेशन रोड स्थित विसाजी मेंशन से नगर निगम के मोक्ष रथ में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्यजन शामिल हुए। त्रिवेणी मुक्तिधाम में आयोजित शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को याद किया। विसाजी मेंशन से निकली अंतिम यात्रा, त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार तेजकुंवर बाई काश्यप की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड से शुरू हुई। पार्थिव देह को नगर निगम के मोक्ष रथ से त्रिवेणी मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां परिवार के सदस्यों और उपस्थित गणमान्यजनों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। तेजकुंवर बाई काश्यप कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप और भावना-शैलेंद्र मानावत की माताजी थीं। उनके निधन से परिवार सहित शहर के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं के शोक संदेश पढ़े गए त्रिवेणी मुक्तिधाम स्थित विधायक श्रद्धा सदन में आयोजित शोक सभा की शुरुआत विभिन्न धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के शोक संदेशों के वाचन से हुई। इस दौरान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज साहब और आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वर जी महाराज साहब के संदेश पढ़े गए। इसके अलावा मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल तथा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई प्रमुख नेताओं के शोक संदेशों का वाचन किया गया। मंत्री निर्मला भूरिया से लेकर सांसद और विधायकों ने दी श्रद्धांजलि शोक सभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय और रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री राज चौधरी, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना और पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने भी तेजकुंवर बाई काश्यप के व्यक्तित्व को याद किया। धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से सकल जैन श्रीसंघ के प्रकाश मूणत, सनातन धर्म सभा के अनिल झालानी, त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील लोढ़ा, अध्यक्ष सुशील छाजेड़, वीसा पोरवाल समाज के विलेश पोरवाल और मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन पाटीदार, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इब्राहिम शैरानी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया और रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश पुरी गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। कलेक्टर अजय कटेसरिया और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भी शोक सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजकमल जैन ने किया। पति के निधन के बाद संघर्ष कर बच्चों को दिए संस्कार शोक सभा में वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन संघर्ष को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि वे धर्मनिष्ठ, कर्मनिष्ठ और परिवार को संस्कार देने वाली महिला थीं। पति अशोक कुमार काश्यप के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने युवावस्था में ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद पुत्र और पुत्री का पालन-पोषण कर उन्हें अच्छे संस्कार दिए। वक्ताओं ने कहा कि उनके जीवन में धर्म, सेवा और परिवार के प्रति समर्पण का विशेष स्थान रहा। उन्होंने धार्मिक तप-आराधना के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों में भी योगदान दिया। चेतन्य काश्यप के सेवा कार्यों में मां के संस्कारों की झलक श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंत्री चेतन्य काश्यप द्वारा किए जा रहे परोपकार और जनसेवा के कार्यों के पीछे उनकी माताजी के दिए संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तेजकुंवर बाई काश्यप ने अपने परिवार को जिस तरह धार्मिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़े रखा, उसकी झलक आज भी परिवार के कार्यों में दिखाई देती है। वक्ताओं ने उनके निधन को केवल काश्यप परिवार ही नहीं, बल्कि रतलाम के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के लिए भी बड़ी क्षति बताया। 12 और 13 अक्टूबर को शोक बैठक, 14 अक्टूबर को उठावना परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार तेजकुंवर बाई काश्यप की शोक बैठक 12 और 13 अक्टूबर को रखी गई है। शोक बैठक का समय शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। यह बैठक स्टेशन रोड स्थित निवास स्थान विसाजी मेंशन में आयोजित होगी। उठावना, श्रद्धांजलि सभा एवं शोक निवारण कार्यक्रम बुधवार, 14 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक विधायक सभागृह, बरबड़ में आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आस्था और सेवा के लिए याद की जाएंगी तेजकुंवर बाई तेजकुंवर बाई काश्यप का जीवन पारिवारिक जिम्मेदारियों, धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा। पति के निधन के बाद परिवार को संभालने से लेकर बच्चों को संस्कारित करने तक उनके संघर्ष को शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने प्रेरणादायक बताया। उनकी अंतिम विदाई में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। परिवार की ओर से 14 अक्टूबर को श्रद्धांजलि सभा और शोक निवारण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Ratlam News: लॉ कॉलेज विवाद में FIR के विरोध में विहिप-बजरंग दल का प्रदर्शन, 5 दिन में जांच का आश्वासन

Ratlam News: रतलाम लॉ कॉलेज विवाद में दर्ज FIR के विरोध में विहिप-बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और केस निरस्त करने की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के डॉ. कैलाश नाथ काटजू लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान हुए विवाद को लेकर सोमवार को विहिप और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कालिका माता मंदिर परिसर में जुटे और यहां से वाहन रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारीयो ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बजरंग दल के दो पदाधिकारियों सहित तीन लोगों पर दर्ज प्रकरण को एकतरफा बताया। उनकी मांग थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर FIR निरस्त की जाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ता सीढ़ियों और परिसर में जमीन पर बैठ गए। इस दौरान तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और एएसपी विवेक कुमार को सौंपा गया। अधिकारियों ने मामले की पांच दिन में जांच का आश्वासन दिया। गरबा कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ था विवाद लॉ कॉलेज में गणेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए करीब 10 दिन तक अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी दौरान गरबा कार्यक्रम को लेकर विवाद की स्थिति बनी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर वहां कपल गरबा आयोजित किए जाने का आरोप लगाया था और कार्यक्रम बंद कराया था। कॉलेज प्रबंधन ने कपल गरबा होने से इनकार करते हुए कार्यक्रम को सांस्कृतिक आयोजन बताया था। इसके बाद कॉलेज परिसर में हंगामा हुआ। अगले दिन कॉलेज के विद्यार्थी और स्टाफ कलेक्ट्रेट तथा एसपी कार्यालय पहुंचे और कॉलेज में पहुंचकर हंगामा करने वालों के खिलाफ शिकायत की। इसके अगले दिन भी कॉलेज में विवाद की स्थिति बनी, जिसमें विद्यार्थी, पदाधिकारी और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। संगठन ने FIR को बताया एकतरफा विहिप और बजरंग दल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि कुछ कार्यकर्ता पुलिस को सूचना देने के बाद धार्मिक कार्यक्रम को लेकर अपनी बात रखने कॉलेज पहुंचे थे। संगठन का दावा है कि उनका उद्देश्य किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी से विवाद करना नहीं था। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी, तोड़फोड़ या बदसलूकी नहीं की। संगठन के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में कॉलेज के प्राचार्य से बातचीत हुई थी। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों की प्रमाण सहित जांच कराने की मांग की है। CCTV फुटेज की जांच की मांग संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कॉलेज में लगे CCTV फुटेज की जांच किए बिना एकतरफा कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की। ज्ञापन में कहा गया कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए। साथ ही कॉलेज प्रशासन और मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग रखी गई। विहिप और बजरंग दल ने दर्ज प्रकरण को निरस्त करने के साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। पांच दिन में जांच का आश्वासन प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत और एएसपी विवेक कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच पांच दिन में करने का आश्वासन दिया गया है। अब जांच के दौरान कॉलेज विवाद से जुड़े आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी।

मूक-बधिर स्कूल में संगिनी उमंग परिवार ने बांटी पाठ्य सामग्री, 85 से अधिक बच्चों को कराया भोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| रतलाम में सेवा कार्य के तहत JSG संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से मूक-बधिर स्कूल में पाठ्य सामग्री एवं भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई और उन्हें भोजन कराया गया। यह सेवा प्रकल्प JSG MP Region के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा दिए गए शिक्षा प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया। संगिनी उमंग रतलाम परिवार की ओर से इस माह दूसरी बार शिक्षा से जुड़ा सेवा प्रकल्प सफलतापूर्वक पूरा किया गया। 85 से अधिक बच्चों को बांटी पाठ्य सामग्री कार्यक्रम में संगिनी सखी मीना रमेश गादिया ने अपनी सासू मां की पुण्यतिथि के अवसर पर मूक-बधिर स्कूल के बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई। स्कूल के 85 से अधिक बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही सभी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। समूह की सदस्यों ने की सहभागिता कार्यक्रम में झोन कोऑर्डिनेटर निर्मल मेहता, पूर्व अध्यक्ष संगीता कांठेड़, अध्यक्ष रेनू लूनिया सहित स्नेहलता धाकड़, निर्मला पटवा, किरण मेहता, सुनीता गादिया, उषा खेमेसरा सहित समूह की कई सदस्य मौजूद रहीं। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया ने मीना रमेश गादिया का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने सेवा कार्य में सहभागिता करते हुए बच्चों के साथ समय बिताया।

संत कमल किशोर नागर को धमकी से आक्रोश, रतलाम नागर समाज ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम में पूज्य संत श्री कमल किशोर जी नागर को कथा के दौरान प्राप्त हुए धमकी भरे पत्र के मामले ने नागर ब्राह्मण समाज में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्य के गृह मंत्री के नाम पुलिस अधीक्षक रतलाम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। नागर ब्राह्मण समाज रतलाम का कहना है कि संत कमल किशोर नागर मालवा क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़े प्रतिष्ठित संत हैं। ऐसे में उन्हें धमकी मिलना गंभीर विषय है और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद ज्ञापन नागर ब्राह्मण समाज रतलाम के अध्यक्ष जितेंद्र नागर, रतलाम नागर ब्राह्मण न्यास के अध्यक्ष संजय दवे और नागर महिला मंडल की अध्यक्षा मीनाक्षी रावल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने संत को प्राप्त धमकी भरे पत्र की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पुलिस और प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं— गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित हैं संत समाज के सदस्यों ने कहा कि संत श्री कमल किशोर नागर लंबे समय से गौसेवा, धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके धार्मिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए समाज उन्हें मालवा क्षेत्र का गौरव मानता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी संत या सामाजिक-धार्मिक व्यक्तित्व को धमकी मिलना चिंताजनक स्थिति है। इसलिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

जेएसजी संगिनी उमंग ने रचा गौरव, एमपी रीजन में तीसरा स्थान हासिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार ने एक बार फिर अपनी सामाजिक गतिविधियों के जरिए मध्य प्रदेश रीजन में पहचान बनाई है। जुलाई माह में आयोजित गतिविधि के तहत बरसात से राहत के लिए छतरी और रेनकोट वितरण अभियान में जेएसजी संगिनी उमंग को एमपी रीजन में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के बाद जेएसजी संगिनी उमंग परिवार में खुशी का माहौल है। समूह की सभी सखियों ने उत्साह और उमंग के साथ इस सामाजिक गतिविधि में सहभागिता की। बारिश के मौसम में जरूरतमंद लोगों को छतरी और रेनकोट उपलब्ध कराकर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया। सामाजिक सेवा गतिविधि में मिला तीसरा स्थान जेएसजी एमपी रीजन की ओर से जुलाई माह के लिए बरसात से राहत हेतु छतरी एवं रेनकोट वितरण की गतिविधि निर्धारित की गई थी। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार की सखियों ने इस गतिविधि को उत्साहपूर्वक पूरा किया। समूह की सक्रिय सहभागिता और सामाजिक सरोकार को देखते हुए जेएसजी संगिनी उमंग को मध्य प्रदेश रीजन में तीसरा स्थान प्रदान किया गया। समूह की सखियों और प्रोजेक्ट प्रायोजक को बधाई इस सफलता पर जेएसजी संगिनी उमंग परिवार की सभी सखियों को बधाई दी गई। साथ ही इस सामाजिक सेवा प्रोजेक्ट की प्रायोजक मीना जी रमेश जी गदिया के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया गया। समूह की अध्यक्ष रेनू लूनिया ने इस उपलब्धि के लिए सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक गतिविधियों में सामूहिक सहभागिता और सहयोग से ही ऐसे प्रयास सफल होते हैं। निर्णायक मंडल और एमपी रीजन टीम का जताया आभार इस अवसर पर जेएसजी एमपी रीजन के अध्यक्ष राहुल जी चपलोद एवं उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही गतिविधि का मूल्यांकन करने वाले निर्णायक मंडल के सदस्यों निर्मल जी मेहता, मनोज जी मेहता, अनिल जी चोपड़ा, अश्विन जी मेहता एवं मनीष जी चपलोद के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया। जेएसजी संगिनी उमंग परिवार ने कहा कि यह सम्मान समूह की प्रत्येक सखी के सामूहिक प्रयास और सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है।

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा और भद्रा की पूरी जानकारी

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा तिथि, भद्रा और दोपहर के मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां जानें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन 2026 इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्व की तारीख को लेकर कुछ लोगों के मन में 27 और 28 अगस्त को लेकर असमंजस है, जिसकी वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। इसी आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की जानकारी दी गई है। राखी बांधने के लिए मुख्य शुभ समय 28 अगस्त की सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसमें सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त और 9:10 से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। Raksha Bandhan 2026 कब मनाया जाएगा? इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार की तारीख श्रावण पूर्णिमा की तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और अगले दिन 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में समय में एक-दो मिनट का अंतर संभव है। राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। मुख्य शुभ समय: सुबह के इस समय में भी दो प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं। लाभ मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में राखी बांधना शुभ माना जाता है। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त इसके बाद सुबह 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। जो परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर उपयोगी रहेगा। सुबह का समय न मिले तो दोपहर में कब बांधें राखी? हर परिवार के लिए सुबह राखी बांधना संभव नहीं होता। नौकरी, यात्रा या दूसरे कारणों से यदि सुबह का समय निकल जाए तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोपहर में भी राखी बांधी जा सकती है। दोपहर का शुभ समय: 12:23 बजे से 2:00 बजे तक। इसलिए सुबह का मुख्य मुहूर्त नहीं मिल पाने पर परिवार दोपहर के बताए गए शुभ समय में रक्षाबंधन की रस्म पूरी कर सकता है। 27 और 28 अगस्त को लेकर क्यों है भ्रम? रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की मुख्य वजह पूर्णिमा की अवधि है। पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। रक्षाबंधन पर भद्रा की क्या स्थिति रहेगी? रक्षाबंधन के दौरान भद्रा का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, भद्रा काल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहने की बात कही गई है। हालांकि, मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग की गणना के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना उचित रहेगा। Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का महत्व क्या है? रक्षाबंधन केवल राखी बांधने की रस्म तक सीमित नहीं है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। आज बदलते समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके भी बदले हैं। दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से भी एक-दूसरे से जुड़ते हैं, लेकिन पर्व का भाव आज भी पारिवारिक प्रेम और अपनापन ही है। Raksha Bandhan 2026: जरूरी समय एक नजर में मुख्य जानकारी

रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जयंती पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि अरविंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया। व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि अरविंद एवं मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि महर्षि अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम नीरज पवैया ने महर्षि अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजलसहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावतएवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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