Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल के 250 विद्यार्थियों ने शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में लगाए 500 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, रतलाम ने एक सराहनीय पहल की। विद्यालय के कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ मिलकर शिवगढ़ फॉरेस्ट रेंज में भव्य पौधारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी का भाव विकसित करना रहा। 250 विद्यार्थियों ने लगाए 500 पौधे विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने बताया कि इस अभियान में करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया और मिलकर 500 पौधे लगाए। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर वर्ष पौधारोपण की यह परंपरा निभाई जाती है। विद्यार्थी केवल पौधे लगाते ही नहीं, बल्कि पहले लगाए गए पौधों की देखभाल भी करते हैं, जिससे उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। हार्टफुलनेस संस्था ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस संस्था के श्री के.बी. सोनी ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। गणमान्य अतिथि भी रहे मौजूद पौधारोपण कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के कई पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। हरित भविष्य का दिया संदेश गुरु रामदास पब्लिक स्कूल और हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

Ratlam News: 12 साल पुराने यास्मीन शेरानी गोलीकांड में अदालत का फैसला, दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

Ratlam News: रतलाम के चर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 साल और एक आरोपी को आर्म्स एक्ट में 3 साल की सजा सुनाई, जबकि दो आरोपी बरी हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित यास्मीन शेरानी गोलीकांड में करीब 12 साल बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सप्तम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने गोली चलाने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को हत्या के प्रयास के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं एक अन्य आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल की सजा दी गई। यह मामला वर्ष 2014 में रतलाम शहर में हुए उन घटनाक्रमों में शामिल रहा, जिनके बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। 27 सितंबर 2014 को नगर निगम परिसर में हुआ था हमला अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच तत्कालीन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी नगर निगम परिसर से अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उन पर गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। डीएनए जांच ने खोला अहम राज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार अपने साथी के साथ फरार हो गया। भागते समय उसने बाईजी का वास क्षेत्र में अपना हेलमेट फेंक दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान हेलमेट बरामद किया और उसमें मिले बालों का डीएनए परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट में डीएनए आरोपी चंदन शर्मा से मेल खा गया। अभियोजन पक्ष के लिए यह वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ और अदालत ने इसे मामले के अहम सबूतों में शामिल माना। किन आरोपियों को कितनी सजा मिली? पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया था। अदालत का फैसला गोलीकांड के कुछ घंटे बाद हुई थी दूसरी सनसनीखेज वारदात यास्मीन शेरानी पर हमले के कुछ घंटे बाद ही रतलाम रोडवेज बस स्टैंड स्थित होटल संचालक कपिल राठौड़ की हत्या कर दी गई थी। एक ही दिन में हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया था। उस समय यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था। अभियोजन पक्ष की भूमिका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सौरभ सक्सेना ने अदालत में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर पक्ष रखा। वैज्ञानिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी माना।

Ratlam News: चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, मां को दोहरा आजीवन कारावास

Ratlam News: रतलाम में चार माह के जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने मां को दोहरा आजीवन कारावास और पति को साक्ष्य छिपाने के अपराध में तीन साल की सजा सुनाई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के बहुचर्चित जुड़वा बच्चों की हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। चार माह के मासूम जुड़वा बच्चों हसन और फातिमा की पानी के ड्रम में डुबोकर हत्या करने की दोषी मां पम्मी उर्फ मुस्कान को न्यायालय ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को गंभीर मानते हुए जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी के पति आमिर कुरैशी को साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह फैसला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सुनाया गया। करीब डेढ़ वर्ष पुराने इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। सुनवाई के दौरान कई गवाह मुकर गए, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, पम्मी उर्फ मुस्कान अपने पति आमिर कुरैशी और चार माह के जुड़वा बच्चों हसन व फातिमा के साथ वेदव्यास कॉलोनी नंबर-4 में किराये के मकान में रहती थी। 20 नवंबर 2024 को दोपहर के समय घर से शोर सुनकर पड़ोसी छत पर पहुंचे। वहां दोनों मासूम बच्चे पानी से भरे प्लास्टिक के ड्रम में पड़े मिले। बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर माणकचौक थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बिना पोस्टमार्टम के कर दिया था अंतिम संस्कार जांच में सामने आया कि बच्चों के शवों को पुलिस को सूचना दिए बिना नूरानी कब्रिस्तान में दफना दिया गया था। बाद में पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर दोनों शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली कहानी पुलिस जांच के दौरान आरोपी मां ने बताया कि घटना वाले दिन पति और सास रिश्तेदारी में गए थे। उसने पति से घर पर रुकने की बात कही थी क्योंकि वह अकेले दोनों बच्चों को संभालने में असमर्थ महसूस कर रही थी। अभियोजन के अनुसार, पति के जाने के बाद गुस्से में उसने पहले बेटे हसन को पानी के ड्रम में डुबोया और फिर बेटी फातिमा को भी उसी ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद उसने पति को फोन कर इसकी जानकारी दी। 16 गवाह मुकर गए, फिर भी अदालत ने सुनाया दोषसिद्धि का फैसला मामले की सुनवाई अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए, जिनमें से 16 गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने क्या सजा सुनाई? अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के अनुसार न्यायालय ने— अभियोजन पक्ष का पक्ष अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया। कई गवाहों के मुकरने के बावजूद उपलब्ध प्रमाणों को न्यायालय ने विश्वसनीय माना।

Ratlam News: रतलाम PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान बवाल, महिला से मारपीट के आरोप; निगम टीम पर पथराव

Ratlam News: रतलाम के डोसीगांव PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान हिंसा, महिला से मारपीट और पथराव का मामला सामने आया। निगम ने 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। बकाया राशि के अंतिम नोटिस चस्पा करने पहुंची निगम टीम और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और पथराव की नौबत आ गई। घटना का पूरा वीडियो देखे घटना के दौरान एक महिला के साथ निगम कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले तथा लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान घटनास्थल की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार ने पहले उनसे अवैध रूप से राशि ली थी और भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जब शुक्रवार को निगम की टीम अंतिम नोटिस लेकर पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने विरोध जताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नोटिस देने पहुंची थी नगर निगम की टीम जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियरों और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पहुंची थी। उद्देश्य बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देना और बकाया राशि जमा कराने के लिए समझाइश देना था। इसी दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के बाद कर्मचारियों को भागकर बचानी पड़ी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। गमले फेंके गए और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। पत्रकार भी हुए घायल, बाद में पहुंची पुलिस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी हमले में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक अधिकांश उपद्रवी वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा में दोबारा हुई कार्रवाई स्थिति सामान्य होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। बकायादार हितग्राहियों के फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव के 208 हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर करीब 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो 4 अगस्त 2026 से फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम आयुक्त ने क्या कहा नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि वर्ष 2019 में इन फ्लैटों की लागत करीब सात लाख रुपये थी, लेकिन पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता से लगभग दो लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री कराने के लिए समझाने पहुंची थी। कर्मचारियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही वीडियो के आधार पर जांच सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

Ratlam News: रतलाम में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये का डोडाचूरा बरामद

Ratlam News: रतलाम के बड़ावदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 290 किलो डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार हो गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बड़ावदा थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली से 290 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ट्रैक्टर लेकर भाग निकला। पीछा किए जाने पर चालक और उसका साथी ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो ट्रॉली में प्लास्टिक के कट्टों में भरा डोडाचूरा मिला। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। गश्त के दौरान पुलिस को देखकर भागे आरोपी जावरा एसडीओपी संदीप कुमार के अनुसार, बड़ावदा थाना पुलिस की टीम नियमित रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली संदिग्ध स्थिति में दिखाई दी। जब पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया तो चालक तेजी से वाहन लेकर भाग निकला। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके बाद आरोपी ग्राम सिंदुरकिया स्थित शासकीय मिडिल स्कूल के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गए। 13 कट्टों में मिला 290 किलो डोडाचूरा पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई ट्रॉली की तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रॉली में रखे 13 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा मिला। तौल कराने पर इसका कुल वजन 290 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 14.50 लाख रुपये है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज बरामद डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक और फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। संभावित ठिकानों पर दबिश पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही वाहन के स्वामित्व और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में वन भूमि विवाद बना खूनी संघर्ष, पहाड़ी पर युवक की गला रेतकर हत्या, पिता और भाई भी घायल

Ratlam News: रतलाम के बाजना थाना क्षेत्र के कागलीखोरा गांव में वन विभाग की जमीन के विवाद में 18 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई। पिता और भाई घायल, पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के बाजना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह वन विभाग की जमीन को लेकर चला आ रहा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कागलीखोरा गांव की पहाड़ी पर खेती की हकाई करने पहुंचे एक परिवार पर हमला कर दिया गया, जिसमें 18 वर्षीय युवक की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हमले में मृतक के पिता और बड़े भाई भी घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर बाजना थाना पुलिस, एफएसएल टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। कागलीखोरा गांव की पहाड़ी पर हुआ हमला पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे लक्ष्मण (18) पुत्र बादरिया अपने पिता बादरिया और बड़े भाई नारायण (20) के साथ गांव की पहाड़ी पर वन भूमि की हकाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के 6 से 7 लोग वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में लक्ष्मण के गले पर गंभीर वार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता और भाई भी हमले में घायल हो गए। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से देर से पहुंची सूचना घटना जिस इलाके में हुई, वहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण पुलिस को तत्काल सूचना नहीं मिल सकी। करीब 10:30 बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को हत्या की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बाजना थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद रतलाम से एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पहुंचे और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बाजना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां दोपहर में पोस्टमार्टम कराया गया। वन विभाग की जमीन को लेकर पुराना विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच गांव की पहाड़ी पर स्थित वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। इसी पुराने विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हमले के पीछे की परिस्थितियों को भी खंगाल रही है। छह आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज बाजना थाना पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दर्ज आरोपियों में शामिल हैं— पुलिस के अनुसार सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं। कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा? बाजना थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने बताया कि मृतक की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। परिजन उसकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बता रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने कहा कि डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले के सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 10 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने 5 लाख से ज्यादा रकम कराई होल्ड

Ratlam News: रतलाम में फेसबुक लिंक के जरिए शेयर मार्केट निवेश का झांसा देकर 10 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 5 लाख से अधिक राशि होल्ड कराई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच रतलाम के एक निवेशक को भारी पड़ गया। फेसबुक पर मिले एक लिंक के जरिए साइबर ठगों ने उसे निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम अपने खातों में जमा करा ली। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित एप्लिकेशन बंद हो चुकी थी। शिकायत मिलते ही रतलाम साइबर सेल ने मामले में तेजी से कार्रवाई की। जांच के दौरान ठगों के बैंक खातों में पहुंची 5 लाख रुपये से अधिक की राशि होल्ड करवा दी गई। न्यायालय की प्रक्रिया के बाद पीड़ित को अब तक 2.68 लाख रुपये वापस मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि लौटाने की प्रक्रिया जारी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी ऑफर और अनजान लिंक कितने खतरनाक हो सकते हैं। कैसे हुई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी? मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का है। पीड़ित ने 12 मार्च 2026 को रतलाम साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि फेसबुक पर मिले एक लिंक के माध्यम से उसे शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। लालच में आकर उसने 27 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निवेश के नाम पर जमा कर दी। ठग लगातार अधिक लाभ का भरोसा देकर और पैसे निवेश करने के लिए दबाव बनाते रहे। एप्लिकेशन बंद होते ही सामने आई ठगी जब पीड़ित ने निवेश की गई रकम निकालने (विड्रॉल) का प्रयास किया तो संबंधित एप्लिकेशन खुलना बंद हो गई। इसके बाद उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत रतलाम साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल ने ऐसे बचाई लाखों रुपये की राशि शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामला नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज किया। इसके बाद बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर ठगों के खातों में पहुंची ₹5,04,126 की राशि होल्ड करवाई गई। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय ने यह राशि पीड़ित को लौटाने के आदेश जारी किए। आदेश के पालन में अब तक ₹2,68,907पीड़ित के खाते में वापस जमा किए जा चुके हैं। बाकी राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 में रतलाम पुलिस की बड़ी सफलता रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक साइबर ठगी के मामलों में ₹86,28,026 की राशि ठगों के खातों में होल्ड करवाई जा चुकी है। इनमें से ₹20,23,739 पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है, जबकि शेष मामलों में कानूनी और न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। राशि रिफंड कराने की कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी सब इंस्पेक्टर जीवन बारिया, हेड कॉन्स्टेबल हिम्मत सिंह तथा कॉन्स्टेबल मोरसिंह और राहुल पाटीदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह इन बातों का रखें विशेष ध्यान

Ratlam News: रतलाम में नाबालिग लड़कियों से अनैतिक देह व्यापार कराने का मामला, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार किया

Ratlam News: रतलाम के रिंगनोद थाना क्षेत्र में पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया। दो नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू कर मामला दर्ज किया गया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस ने जिले में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम ढोढर स्थित बाछड़ा डेरे में की गई, जहां से पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने नियमानुसार कार्रवाई की। मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दोनों नाबालिग पीड़िताओं को संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में अनैतिक देह व्यापार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश रिंगनोद थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद और ढोढर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम ढोढर के बाछड़ा डेरे में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी हंसु पिता गोपाल चौहान (19 वर्ष) निवासी बाछड़ा डेरा, ढोढर को गिरफ्तार किया गया। मौके से दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें आवश्यक कानूनी और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत संरक्षण में लिया गया है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना रिंगनोद में अपराध क्रमांक 302/2026 दर्ज किया है। आरोपी पर निम्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है— फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई रतलाम पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लालतथा जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में रिंगनोद थाना एवं ढोढर चौकी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका कार्रवाई में निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, सहायक उपनिरीक्षक अशोक चौहान, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, प्रधान आरक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक नरेंद्र सिंह हाड़ा, आरक्षक शोभाराम शर्मा, आरक्षक रविंद्र सिंह तथा महिला आरक्षक निशा डडिंग सहित थाना रिंगनोद एवं पुलिस चौकी ढोढर की संयुक्त टीम शामिल रही।

जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने 127 से अधिक विद्यार्थियों को बांटी पाठ्य सामग्री, शिक्षकों और मेधावी छात्रों का भी हुआ सम्मान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने अपने सेवा संकल्प को आगे बढ़ाते हुए एक और सराहनीय पहल की है। संस्था ने विचक्षण विद्यापीठ, कोटावाला बाग, रतलाम में अध्ययनरत 127 से अधिक विद्यार्थियों को लॉन्ग कॉपी, ड्राइंग कॉपी और अन्य आवश्यक पाठ्य सामग्री वितरित की। यह सेवा प्रकल्प ग्रुप सखी श्रीमती संगीता ललित कांठेड़ के सौजन्य से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि जेएसजी संगिनी उमंग ने मात्र 30 दिनों के भीतर अपना तीसरा सेवा प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का भी सम्मान किया गया। मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का किया सम्मान कार्यक्रम में विद्यालय के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं विद्यालय में शिक्षा दे रहे शिक्षक एवं स्टाफ को डायरी और पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और संगिनी सखियों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। 30 दिनों में पूरे किए तीन सेवा प्रोजेक्ट जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम द्वारा पिछले एक माह में लगातार तीन सेवा कार्य किए गए— अनेक पदाधिकारी और संगिनी सखियां रहीं मौजूद इस अवसर पर जोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता, ग्रुप की संस्थापक श्रीमती रमिला सकलेचा, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांठेड़, अध्यक्ष श्रीमती रेनू लूनिया सहित बिंदु कटारिया, मंजूषा ओरा, विजया लूनिया, सरोज चत्तर, श्रद्धा लुणावत, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, सुनीला पोरवाल, शोभा चाणोदिया, सरोज कासवा एवं अनेक संगिनी सखियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समाज सेवा और शिक्षा के लिए निरंतर प्रयास जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम ने कहा कि संस्था समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक कार्य कर रही है। भविष्य में भी जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवा प्रकल्प इसी प्रकार जारी रहेंगे।

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