Ratlam News: रतलाम PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान बवाल, महिला से मारपीट के आरोप; निगम टीम पर पथराव

Ratlam News: रतलाम के डोसीगांव PM आवास में नोटिस कार्रवाई के दौरान हिंसा, महिला से मारपीट और पथराव का मामला सामने आया। निगम ने 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ईडब्ल्यूएस आवास परिसर में शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। बकाया राशि के अंतिम नोटिस चस्पा करने पहुंची निगम टीम और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और पथराव की नौबत आ गई। घटना का पूरा वीडियो देखे घटना के दौरान एक महिला के साथ निगम कर्मचारियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और निगम कर्मचारियों पर पत्थर, गमले तथा लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस दौरान घटनास्थल की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी घायल हो गए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध वसूली के आरोपों से बढ़ा विवाद स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम के उपयंत्री राजेश पाटीदार ने पहले उनसे अवैध रूप से राशि ली थी और भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जब शुक्रवार को निगम की टीम अंतिम नोटिस लेकर पहुंची तो इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने विरोध जताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। नोटिस देने पहुंची थी नगर निगम की टीम जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह, इंजीनियरों और करीब 25 से 30 कर्मचारियों की टीम डोसीगांव स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पहुंची थी। उद्देश्य बकायादार हितग्राहियों को अंतिम नोटिस देना और बकाया राशि जमा कराने के लिए समझाइश देना था। इसी दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हुई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पथराव के बाद कर्मचारियों को भागकर बचानी पड़ी जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद भीड़ ने निगम कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। गमले फेंके गए और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कई कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है। पत्रकार भी हुए घायल, बाद में पहुंची पुलिस हंगामे के दौरान कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार भी हमले में घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलने के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक अधिकांश उपद्रवी वहां से जा चुके थे। पुलिस सुरक्षा में दोबारा हुई कार्रवाई स्थिति सामान्य होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की टीम ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। बकायादार हितग्राहियों के फ्लैटों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए और कुछ मामलों में बिजली कनेक्शन भी काटे गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। 208 हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसीगांव के 208 हितग्राहियों को तीन दिन के भीतर करीब 1.80 लाख रुपये की बकाया राशि जमा करने का अंतिम नोटिस दिया है। यदि तय समय तक भुगतान नहीं किया गया तो 4 अगस्त 2026 से फ्लैट खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम आयुक्त ने क्या कहा नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि वर्ष 2019 में इन फ्लैटों की लागत करीब सात लाख रुपये थी, लेकिन पात्र हितग्राहियों को शासन की सहायता से लगभग दो लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम फ्लैट खाली कराने नहीं, बल्कि लोगों को बकाया राशि जमा कर रजिस्ट्री कराने के लिए समझाने पहुंची थी। कर्मचारियों पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही वीडियो के आधार पर जांच सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के अनुसार, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी

Ratlam News: आवारा मवेशी अभियान में बाधा: निगम टीम पर हमला, जबरन छुड़वाई गईं गायें

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में आवारा मवेशियों को पकड़ने निकली नगर निगम की टीम अब खुद असुरक्षित होती नजर आ रही है। बीते दो-तीन दिनों से लगातार पशुपालकों द्वारा निगम टीम पर हमला कर गायों को जबरन छुड़ाने के मामले सामने आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि निगम कर्मचारियों को जान से मारने की धमकियां तक दी जा रही हैं। WATCH VIDEO नगर निगम टीम प्रभारी विराट मेहरा ने थाना माणकचौक और स्टेशन रोड में बसंत कॉलोनी निवासी सुरेश राठौड़ एवं उसके भांजे ध्रुव राठौड़ के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपित निगम टीम से विवाद करते दिखाई दे रहे हैं। वाहन से जबरन उतारी गईं गायें, की गई हाथापाई पुलिस को दिए आवेदन में बताया गया कि गुरुवार रात पुलिस लाइन क्षेत्र से पकड़ी गई गायों को सुरेश राठौड़ और ध्रुव राठौड़ अपना बताकर छुड़वाने पहुंचे। निगम टीम द्वारा मना करने पर दोनों ने वाहन से जबरन गायों को उतार लिया और गाली-गलौच करते हुए हाथापाई की। इसके बाद निगम की टीम जब करमदी रोड स्थित संत रविदास चौक पहुंची, तो वहां भी दोनों आरोपित पहुंच गए और अभद्र व्यवहार करते हुए पशु वाहन से गाय उतार ली। इस दौरान सुरेश राठौड़ ने खुलेआम धमकी दी कि उसे निगम, पुलिस या प्रशासन का कोई डर नहीं है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई में ढिलाई नगर निगम ने 15 सितंबर को पुलिस की मौजूदगी में अवैध तबेलों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान बसंत कॉलोनी स्थित सुरेश राठौड़ के तबेले पर टीम पहुंची जरूर, लेकिन टीन शेड और पक्के निर्माण को हटाए बिना ही लौट गई। टीम के सामने ही बंधी गायों को छोड़कर खेतों की ओर भगा दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बसंत कॉलोनी स्थित तबेले में करीब 150 से अधिक गायें, जबकि ओझाखाली क्षेत्र में भाई राजेश राठौड़ के तबेले में 200 से अधिक गायें हैं। क्षेत्रवासियों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पहले भी कर चुके हैं हमला सुरेश और ध्रुव राठौड़ के अलावा अर्जुन गुर्जर, राहुल गुर्जर, सचिन गुर्जर, राहुल यादव, चेतन टांक सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी पूर्व में निगम टीम पर हमला कर गाय छुड़वाने की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस का बयान इस मामले में सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि निगम द्वारा जब सुरक्षा की मांग की जाती है, तो पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है। आवेदन प्राप्त हुआ है, जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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