Ratlam News: UCO बैंक FD फ्रॉड: आउटसोर्स कर्मचारी पर 5 एफडी तोड़कर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, पीड़िता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग

रतलाम में UCO बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी पर महिला ग्राहक की 5 एफडी तोड़कर राशि निकालने का आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में UCO बैंक FD फ्रॉड का मामला सामने आया है। एक महिला ग्राहक ने बैंक के आउटसोर्स (बीसी) कर्मचारी पर उसकी पांच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर राशि निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है और न ही उसकी जमा राशि वापस मिली है। मामले में महिला ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, आभा लोढ़ा, पति संजय लोढ़ा, निवासी टाटा नगर, रतलाम का यूको बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक में पांच एफडी करवाई थीं, जिनके नंबर 712638, 712639, 712481, 712482 और 712483 बताए गए हैं। महिला का आरोप है कि बैंक में बीसी (आउटसोर्स) कर्मचारी के रूप में कार्यरत राहुल राठौड़ ने धोखाधड़ी करते हुए उनकी सभी एफडी समय से पहले तोड़ दीं और पूरी राशि निकाल ली। इस कथित गड़बड़ी की जानकारी उन्हें 30 मई 2026 को मिली। एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने माणकचौक थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज हुई। हालांकि उनका आरोप है कि अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एफडी की राशि अभी तक वापस नहीं मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी का दावा आवेदन में पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी ने बैंक के अन्य ग्राहकों के साथ भी इसी तरह की कथित धोखाधड़ी की है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि सभी प्रभावित ग्राहकों को न्याय मिल सके। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में बैंक को नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने क्या की मांग? आभा लोढ़ा ने प्रशासन से मांग की है कि— नोट: यह खबर पीड़िता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा जांच एजेंसियों के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

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Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: पुलिसकर्मी 50 हजार की घूस लेते गिरफ्तार, होटल में ACB ने रंगे हाथ दबोचा

रतलाम के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान एसीबी ने भीलवाड़ा के होटल से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम से जुड़ा एक बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। औद्योगिक नगर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमीन धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग देने के बदले उसने 1.10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: होटल में बिछा ACB का जाल राजस्थान एसीबी के अनुसार, रतलाम के थाना औद्योगिक नगर में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई एक जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी मोहम्मद लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। वह एक होटल के कमरा नंबर 104 में ठहरा हुआ था। आरोप है कि गोसाई ने आरोपी के भाई से कहा था कि यदि वह 1 लाख 10 हजार रुपये देगा तो मामले में सहयोग किया जाएगा और आरोपी के साथ सख्ती या मारपीट नहीं होगी। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। दूसरी किस्त के 50 हजार रुपये लेने के दौरान एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन धोखाधड़ी के केस से जुड़ा है पूरा मामला यह मामला रतलाम के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद ऑयल मिल और जमीन का सौदा 11 करोड़ 10 लाख रुपये में कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25.76 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का एग्रीमेंट कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। इसके बाद रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। हथकड़ी पहनाकर शहर में घुमाने की दी थी धमकी एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी के भाई से रिश्वत मांगते समय हेड कॉन्स्टेबल ने धमकी दी थी कि यदि बाकी रकम नहीं दी गई तो आरोपी को हथकड़ी पहनाकर पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इस धमकी के बाद आरोपी के भाई ने राजस्थान एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई और होटल के कमरा नंबर 105 में अपनी टीम तैनात कर दी। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई और तय संकेत मिला, टीम ने छापा मारकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसकी जेब से 50 हजार रुपये बरामद हुए। SP बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले में रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान मौजूद ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp Username Feature: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट! WhatsApp का बड़ा प्राइवेसी अपडेट, जानिए कैसे करेगा काम

WhatsApp Username Feature जल्द सभी यूजर्स के लिए रोलआउट होगा। अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट कर सकेंगे। जानिए WhatsApp Username कैसे काम करेगा, इसके फायदे और इसे कैसे रिजर्व करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। WhatsApp Username Feature: अब मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं WhatsApp अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लेकर आया है। कंपनी ने WhatsApp Username Feature की घोषणा की है, जिसके बाद किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। यूजर्स अब एक यूनिक यूज़रनेम के जरिए चैट कर सकेंगे, जिससे उनकी प्राइवेसी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। फिलहाल कंपनी ने यूज़रनेम रिजर्व करने की सुविधा शुरू की है, जबकि यह फीचर आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp Username Feature क्या है? अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य था। लेकिन नए WhatsApp Username Feature के तहत यूजर्स अपना एक यूनिक Username बना सकेंगे। इसके बाद लोग उसी Username के जरिए उनसे संपर्क कर पाएंगे, बिना उनका फोन नंबर देखे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं, जैसे कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, बिजनेस यूजर्स और ऑनलाइन कम्युनिटी मैनेजर्स। कैसे करेगा काम नया Username फीचर? WhatsApp के मुताबिक, इस फीचर में किसी तरह की Public Directory या Search List नहीं होगी। यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ आपका नाम टाइप करके आपको खोज नहीं सकेगा। किसी नए व्यक्ति को आपसे संपर्क करने के लिए आपका सही Username पता होना जरूरी होगा। इससे अनचाहे मैसेज और स्पैम की संभावना काफी कम हो जाएगी। Username Key से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा WhatsApp इस अपडेट के साथ Username Key नाम का एक अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर भी ला रहा है। अगर कोई यूजर इस फीचर को ऑन करता है, तो नए व्यक्ति को मैसेज भेजने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य स्पैम, फर्जी अकाउंट और अनजान लोगों के अनचाहे संदेशों से बचाव करना है। Instagram और Facebook वाला Username भी कर सकेंगे इस्तेमाल कंपनी ने बताया है कि कंटेंट क्रिएटर्स, बिजनेस और ऑर्गेनाइजेशन अपने Instagram या Facebook पर इस्तेमाल होने वाले Username को भी WhatsApp पर क्लेम कर सकेंगे। इससे सभी Meta प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा। कैसे करें WhatsApp Username रिजर्व? अगर आपके फोन में WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन मौजूद है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं— फिलहाल यह सुविधा केवल Username रिजर्वेशन के लिए उपलब्ध है। फीचर पूरी तरह उपलब्ध होने पर WhatsApp ऐप के अंदर नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी देगा। WhatsApp ने क्या कहा? WhatsApp का कहना है कि इस नए फीचर का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना है। कंपनी के अनुसार, बिना मोबाइल नंबर साझा किए सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित होगी।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन, 50 नन्हे बच्चों ने रखा शिक्षा जगत में पहला कदम

रतलाम के गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यारंभ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नर्सरी के 50 बच्चों ने ‘ॐ’ लिखकर शिक्षा की शुरुआत की। कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए इंदिरा नगर स्थित गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार, 27 जून 2026 को नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यारंभ संस्कार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 50 नन्हे विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव श्री कशमीर सिंह, प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर एवं प्रधानाध्यापिका श्रीमती पूनम गांधी ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान श्री गणेश एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया, जिससे समारोह का वातावरण बेहद मनमोहक बन गया। विद्यालय पहुंचे नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने कहा कि विद्यारंभ संस्कार बच्चों के ज्ञानार्जन की पहली सीढ़ी है।विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का भी समुचित विकास करना है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को उपहार स्वरूप नर्सरी कक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम, पुस्तकें, मोरपंख एवं पेंसिल प्रदान की गई। इसके साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को फल एवं स्वल्पाहार भी वितरित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती नीलिमा उपाध्याय एवं श्रीमती रानू सकलेचा ने किया, जबकि श्रीमती रविंद्र कौर मठारू एवं श्रीमती ब्रिजेशलता वर्मा ने आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम में शामिल सभी अभिभावकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा! जुलाई में DA बढ़ने के संकेत

8th Pay Commission लागू होने से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में 2 से 3 फीसदी तक बढ़ोतरी मिल सकती है। जानिए ताजा अपडेट और 8वें वेतन आयोग की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार अभी कुछ और समय तक करना पड़ सकता है। हालांकि, इससे पहले ही लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के रूप में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालिया महंगाई के आंकड़ों के बाद जुलाई 2026 से DA में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद तेज हो गई है। जुलाई में बढ़ सकता है महंगाई भत्ता (DA) केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की समीक्षा करती है। यह बढ़ोतरी औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर तय की जाती है, ताकि बढ़ती महंगाई के असर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिल सके। फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन महंगाई के हालिया आंकड़ों ने DA बढ़ने की संभावना को मजबूत किया है। महंगाई के नए आंकड़े क्या कहते हैं? मई 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में यह 3.48% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 4.25% और शहरी क्षेत्रों में 3.53% तक पहुंच गई है। वहीं, खाद्य महंगाई (Food Inflation) भी बढ़ी है। मई में अखिल भारतीय उपभोक्ता फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के अनुसार फूड इन्फ्लेशन 4.78% रही, जो अप्रैल में 4.20% थी। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से संकेत मिल रहा है कि महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है। अभी कितना मिल रहा है DA? केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया गया। इसके बाद कर्मचारियों का DA और पेंशनभोगियों की DR 58% से बढ़कर 60% हो गई। अब जुलाई 2026 के संशोधन का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CPI-IW के आंकड़े इसी तरह बने रहे तो कर्मचारियों को 2 से 3 प्रतिशत अतिरिक्त DA मिल सकता है। 8वें वेतन आयोग पर क्या है ताजा अपडेट? 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें लगातार जारी हैं। इनमें न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने, महंगाई के अनुरूप वेतन संरचना में बदलाव, भत्तों में संशोधन और पेंशन लाभों में सुधार जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक आयोग की सिफारिशों को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले DA संशोधन का ही लाभ मिलता रहेगा।

EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों के लिए बंद! UPI और ATM से PF निकासी की तैयारी, जानें क्या होगा असर

EPFO की ऑनलाइन सेवाएं 26 से 29 जून 2026 तक बंद रहेंगी। जानिए सिस्टम अपग्रेड का कारण, किन सेवाओं पर पड़ेगा असर और कब शुरू होगी UPI व ATM से PF निकासी की सुविधा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। अगर आप EPF का क्लेम करने या बैलेंस चेक करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बड़े सिस्टम अपग्रेड के चलते 26 जून से 29 जून 2026 तक अपनी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान क्लेम, ट्रांसफर और कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों तक क्यों रहेगी बंद? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्य पोर्टल पर जारी सूचना में बताया है कि 26 जून 2026 की रात 12 बजे से 29 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। यह फैसला नियोजित डेटाबेस समेकन (Database Consolidation) और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के कारण लिया गया है। EPFO के अनुसार, इस अपग्रेड का उद्देश्य क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। इन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर चार दिनों की इस अवधि में सदस्य नए ऑनलाइन क्लेम दाखिल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा— अस्थायी रूप से प्रभावित रह सकती हैं। जो आवेदन पहले से जमा हो चुके हैं, उन पर भी अपग्रेड पूरा होने के बाद ही कार्रवाई शुरू होगी। 30 जून से फिर शुरू होंगी सभी सेवाएं EPFO ने स्पष्ट किया है कि सभी ऑनलाइन सेवाएं 30 जून 2026 को रात 12 बजे से दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। संगठन ने सदस्यों से अपील की है कि यदि किसी को तत्काल PF निकासी या ट्रांसफर की आवश्यकता है, तो वह अपने कार्य की योजना इस अवधि को ध्यान में रखकर बनाए। किसी भी सहायता के लिए सदस्य EPFO के हेल्पलाइन नंबर 14470 पर संपर्क कर सकते हैं। EPFO 3.0 से क्या बदलेगा? यह सिस्टम अपग्रेड ऐसे समय में हो रहा है जब EPFO अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 को लागू करने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि UPI आधारित PF निकासी प्रणाली का परीक्षण पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू किया जा सकता है। नए सिस्टम के तहत सदस्य—

Ratlam News: रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ की एमडी ड्रग्स के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो एमडी ड्रग्स के साथ राजस्थान के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले की रिंगनोद थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 1 किलोग्राम एमडी ड्रग्स के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इस ड्रग्स नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वीडियो देखे मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति महू-नीमच फोरलेन हाईवे स्थित बरखेड़ी फंटा, ढोढर क्षेत्र से अवैध एमडी ड्रग्स लेकर गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही थाना रिंगनोद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए मौके पर घेराबंदी की। संदिग्ध को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 1000 ग्राम (1 किलोग्राम) एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान युनुस पिता नियामत खान पठान (52 वर्ष) निवासी ग्राम कोटड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ है। अब उससे पूछताछ कर ड्रग्स के स्रोत, सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का बयान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल और एसडीओपी जावरा संदीप मालवीयके मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के नेतृत्व में रिंगनोद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। लगातार जारी है नशा तस्करों पर शिकंजा रतलाम पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में डोडाचूरा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इस ताजा कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और किन राज्यों तक इसकी सप्लाई की जानी थी। जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में मुहर्रम जुलूस में बड़ा हादसा: हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 की मौत, 10 से ज्यादा झुलसे

मध्य प्रदेश के रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग झुलस गए। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान गुरुवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। पिपलोदा के हतनारा गांव में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे जुलूस में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग करंट लगने से झुलस गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का वीडियो देखे कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, हतनारा गांव में मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया और ताजिया के आसपास चल रहे लोग उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जबकि स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। 3 लोगों की मौत, कई गंभीर हादसे में रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर ने तीन लोगों के निधन की पुष्टि की है। घायलों में अनास (16), मोइन शाह, रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद, वहीद और इब्राहिम सहित कई लोग शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया? प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी के अनुसार, बिजली की हाईटेंशन लाइन सामान्य से काफी नीचे थी। ताजिया उसके संपर्क में आते ही करंट पूरे जुलूस में फैल गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे का वीडियो आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें करंट लगने के बाद जुलूस में भगदड़ और अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है। लोग घायलों को उठाकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

Ratlam News: रतलाम में प्रदर्शन के बाद सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार पर FIR, सड़क जाम और हंगामे का आरोप

Ratlam News: रतलाम में बिना अनुमति प्रदर्शन और चक्काजाम के मामले में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। विधायक ने इसे बीजेपी के दबाव में की गई कार्रवाई बताया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर चर्चा में हैं। खाद, बीज, बिजली और ग्रामीण समस्याओं को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन कर सड़क जाम करने और प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार पर FIR क्यों दर्ज हुई? जानकारी के अनुसार, बुधवार को विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले 47 सूत्रीय मांगों को लेकर रतलाम कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान हजारों समर्थकों के साथ उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने फोरलेन रोड से पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचने का प्रयास किया। प्रशासन और पुलिस ने कई स्थानों पर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट के बाहर हुआ चक्काजाम कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके विरोध में विधायक और उनके समर्थक सिटी फोरलेन रोड पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नेताओं ने सभा को संबोधित किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। किन लोगों पर दर्ज हुआ केस? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने राजस्व निरीक्षक तरुण रघुवंशी की रिपोर्ट पर विधायक कमलेश्वर डोडियार समेत चार प्रमुख लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार और भील विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश माल शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (ए) के तहत कार्रवाई की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शन के कारण आमजन को परेशानी हुई, सड़क जाम रही और प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन किया गया। विधायक कमलेश्वर डोडियार का पलटवार एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बीजेपी के दबाव में की गई है। विधायक ने कहा, “हम किसानों, आदिवासियों और ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन और अदालत तक लड़ते रहेंगे। यह झूठा मामला है और इसे निरस्त करवाया जाएगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी की बढ़ती राजनीतिक ताकत से घबराकर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पहले भी जारी हुआ था प्रतिबंधात्मक आदेश गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने 25 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, रैली, चक्काजाम और सार्वजनिक मार्गों पर बैठने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई थी। प्रशासन का कहना है कि विधायक और उनके समर्थकों ने इसी आदेश का उल्लंघन किया।

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