Passport Fee Hike: पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा! 1 जुलाई से बढ़ जाएगी फीस, जानिए अब कितने रुपये देने होंगे

Passport Fee Hike: 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानिए नई फीस, छूट और पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए फीस बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट की फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। पासपोर्ट फीस में कितना हुआ इजाफा? सरकार द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। सबसे ज्यादा असर सामान्य आवेदकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब 1,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। नई पासपोर्ट फीस 2026 सरकार ने क्यों बढ़ाई फीस? विदेश मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव के तहत किया गया है। सरकार का कहना है कि शुल्क संरचना को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है। यह बदलाव पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत लागू किया गया है। मंत्रालय का मानना है कि नई शुल्क व्यवस्था से पासपोर्ट सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। नाबालिगों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत सरकार ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। नए नियमों के अनुसार: हालांकि, यह छूट केवल नए पासपोर्ट आवेदन पर लागू होगी। पासपोर्ट के री-इश्यू (नवीनीकरण) के मामलों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? विदेश यात्रा, पढ़ाई, नौकरी और बिजनेस के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लाखों लोगों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। खासकर वे लोग जो आने वाले महीनों में नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 1 जुलाई के बाद नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

MP Monsoon 2026: 9 दिन की देरी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 45 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। भोपाल, इंदौर सहित 45 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दमदार एंट्री कर ली है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से 9 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन आते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। दो सीमाओं से हुई मानसून की एंट्री मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून ने बुधवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से एक साथ प्रवेश किया। अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मानसून के प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। भोपाल की दहलीज तक पहुंचा मानसून राजधानी भोपाल में भी मानसून की दस्तक महसूस होने लगी है। बुधवार शाम को अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने अभी भोपाल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नर्मदापुरम तक इसके पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या एक-दो दिन में राजधानी भी मानसून की चपेट में आ जाएगी। 9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। इस वर्ष मानसून 24 जून को प्रदेश में सक्रिय हुआ, यानी यह लगभग 9 दिन देरी से पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। अब तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश एक जून से 24 जून तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, दतिया, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर सहित कुल 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सीहोर जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। किसानों और आम लोगों को राहत मानसून की एंट्री से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Rule Change: आधार से LPG तक… 1 जुलाई से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Rule Change From July 2026: 1 जुलाई से आधार अपडेट, LPG कीमत, CNG-PNG दरें, HDFC क्रेडिट कार्ड नियम और बैंक छुट्टियों समेत 5 बड़े बदलाव लागू होंगे। जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Rule Change: जून 2026 खत्म होने वाला है और नए महीने की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 जुलाई 2026 से आधार कार्ड अपडेट, LPG गैस सिलेंडर की कीमतों, CNG-PNG दरों, क्रेडिट कार्ड सुविधाओं और बैंक छुट्टियों से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने वाला है। ऐसे में हर नागरिक के लिए इन नियमों की जानकारी रखना जरूरी है। आधार कार्ड अपडेट होगा मुफ्त भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार धारकों को बड़ी राहत दी है। नए निर्देशों के अनुसार, जिन लोगों की ईमेल आईडी आधार कार्ड में अपडेट नहीं है, वे 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक इसे मुफ्त में अपडेट करा सकेंगे। पहले इस सेवा के लिए 75 रुपये शुल्क देना पड़ता था। UIDAI का उद्देश्य अधिक से अधिक आधार धारकों की जानकारी को अपडेट और सुरक्षित बनाना है। किसे मिलेगा फायदा? LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। जून में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 53.50 रुपये तक बढ़ाए गए थे, जबकि 5 किलो वाले सिलेंडर में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में 1 जुलाई को घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है। CNG, PNG और ATF की दरें भी बदल सकती हैं सरकार स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी वजह से CNG और PNG की कीमतों की भी नियमित समीक्षा की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF), CNG और PNG की कीमतों में संशोधन हो सकता है। यदि कीमतें बढ़ती हैं तो परिवहन और हवाई यात्रा महंगी हो सकती है, जबकि कमी आने पर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। HDFC Bank Credit Card Rules में बड़ा बदलाव 1 जुलाई 2026 से HDFC Bank के Regalia Gold Credit Card धारकों के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियम बदल जाएंगे। नई नीति के अनुसार, ग्राहकों को अगली तिमाही में मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज सुविधा का लाभ लेने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च करना अनिवार्य होगा। नए नियम का असर जुलाई में 12 दिन बंद रह सकते हैं बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार जुलाई महीने में विभिन्न राज्यों में बैंक लगभग 12 दिनों तक बंद रह सकते हैं। इनमें रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कुल 6 साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं। वहीं कई राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण अतिरिक्त छुट्टियां रहेंगी। ऐसे में ग्राहकों को बैंकिंग कार्य पहले से निपटाने की सलाह दी जा रही है।

डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हुए? जानिए कब करें शिकायत और कैसे वापस मिल सकता है आपका पैसा

डिजिटल धोखाधड़ी होने पर कितने समय में शिकायत करनी चाहिए? बैंक, साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का तरीका जानें। RBI के नियमों के अनुसार पैसा वापस मिलने की पूरी प्रक्रिया समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेक। देश में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। यूपीआई, नेट बैंकिंग और कार्ड पेमेंट ने लोगों की जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपकी एक छोटी सी देरी लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है। डिजिटल धोखाधड़ी होने के बाद सबसे पहले क्या करें? यदि आपके खाते से बिना अनुमति के पैसा कट जाता है या किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें। बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें और अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग सेवाओं को तुरंत ब्लॉक करवाएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते शिकायत करने पर संबंधित एजेंसियां संदिग्ध ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने का प्रयास कर सकती हैं। कितने समय में करनी चाहिए शिकायत? विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल फ्रॉड की शिकायत 24 से 48 घंटे के भीतर करना सबसे प्रभावी माना जाता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत यदि ग्राहक पांच दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कर देता है तो उसे “Zero Liability” यानी शून्य जिम्मेदारी का लाभ मिल सकता है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे की रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी। देर होने पर धोखेबाज राशि को कई खातों में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे जांच और रिकवरी मुश्किल हो जाती है। RBI के नियम: कितना पैसा वापस मिलेगा? शून्य जिम्मेदारी अगर धोखाधड़ी बैंक की तकनीकी गड़बड़ी, सिस्टम फेलियर या किसी तीसरे पक्ष की गलती से हुई है और ग्राहक ने पांच दिनों के भीतर शिकायत कर दी है, तो पूरी राशि वापस मिलने की संभावना रहती है। सीमित जिम्मेदारी यदि शिकायत कुछ देरी से, आमतौर पर 4 से 7 दिनों के भीतर दर्ज की जाती है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित हो सकती है। ऐसे मामलों में बैंक नियमों के अनुसार आंशिक या सीमित राहत दे सकता है। पूरी जिम्मेदारी यदि ग्राहक ने खुद OTP, PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा की हो, फर्जी लिंक पर क्लिक किया हो या शिकायत दर्ज करने में अत्यधिक देरी की हो, तो नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक पर आ सकती है और पैसा वापस मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है। अपने अकाउंट को ऐसे रखें सुरक्षित शिकायत के बाद भी समाधान न मिले तो क्या करें? यदि बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो आप बैंक के शिकायत निवारण सेल या RBI के बैंकिंग लोकपाल के पास अपील कर सकते हैं। बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने पर पुलिस में FIR दर्ज कराना भी जरूरी है, ताकि कानूनी कार्रवाई के साथ आपकी रिकवरी की संभावना मजबूत हो सके।

El Niño Alert: 12 राज्यों के 315 जिलों में कम बारिश का खतरा, कृषि मंत्री शिवराज ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल

El Niño Alert के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। 12 राज्यों के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मॉनिटरिंग सेल गठित कर राज्यों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। El Niño Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के बढ़ते संकेतों के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की समीक्षा करते हुए राज्यों को जरूरी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। 315 जिलों में कम बारिश की आशंका, 111 जिले सबसे संवेदनशील कृषि मंत्रालय की समीक्षा बैठक में सामने आया कि देश के करीब 315 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इनमें से 111 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं सीमित होने के कारण फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में कई इलाकों में सामान्य औसत की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इससे खरीफ सीजन की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा अल नीनो का प्रभाव मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में अधिक देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में कृषि गतिविधियां काफी हद तक मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए कम बारिश किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। कृषि मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पहले से तैयार आकस्मिक योजनाओं (Contingency Plans) को तुरंत लागू करें और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिवराज सिंह चौहान ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव की लगातार निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप को सक्रिय किया गया है। ये टीमें मौसम, फसल और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगी और समय-समय पर राज्यों को आवश्यक सलाह देंगी। जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों पर जोर सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। तालाब, चेक डैम, खेत-तालाब और अन्य जल संरचनाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने और फसल विविधीकरण बढ़ाने की सलाह दी गई है। किसानों से अपील: जल्दबाजी में न करें बुवाई कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई की जल्दबाजी न करें। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक मौसम आधारित सलाह पहुंचाई जाएगी। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी खरीफ फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, इसलिए अगले कुछ सप्ताह कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खाद्य सुरक्षा पर किसी भी तरह का संकट नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसानों और कृषि उत्पादन को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

MP News: उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद पर बवाल, कांग्रेस बोली- ‘मध्य प्रदेश के नए जमींदार’

मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर सियासत गरमा गई है। उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर 168 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी और सीएम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। एक राष्ट्रीय अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में 168 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी है। इन जमीनों का संबंध उन इलाकों से बताया जा रहा है जहां सरकार की बड़ी विकास परियोजनाएं और सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “मध्य प्रदेश का नया जमींदार” तक कह दिया है। क्या हैं जमीन खरीद के आरोप? रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे। इन प्लॉट्स का कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई जमीनें उन क्षेत्रों में स्थित हैं जहां उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कृषि भूमि को रिहायशी और व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करने की योजना है। साथ ही कई प्लॉट प्रस्तावित हाईवे और सड़क परियोजनाओं के आसपास मौजूद हैं। किसके नाम पर खरीदी गई जमीनें? सरकारी रिकॉर्ड के हवाले से दावा किया गया है कि जमीनें मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव, पुत्रवधू शालिनी यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव, अभय यादव और चचेरे भाइयों गोविंद एवं नीलेश यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर खरीदी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट हैं, जिनका क्षेत्रफल लगभग 335 एकड़ है। कांग्रेस का हमला तेज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मध्य प्रदेश में “डबल इंजन सरकार” के दौरान जमीनों का बड़ा खेल चल रहा है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी ने भी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा कथित रूप से खरीदी गई जमीनों को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिवार ने क्या कहा? मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अनंत यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार वर्ष 2010 से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय है। उन्होंने कहा, “हमें निजी व्यक्ति के रूप में जमीन खरीदने और बेचने का पूरा अधिकार है। क्या सिर्फ इसलिए अपना व्यवसाय बंद कर दें क्योंकि मुख्यमंत्री हमारे परिवार से हैं?” उज्जैन मास्टर प्लान और विकास परियोजनाएं बनीं चर्चा का केंद्र उज्जैन मास्टर प्लान 2035 मई 2023 में जारी हुआ था। इसके बाद सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कई सड़क, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा हुई। इन योजनाओं के चलते आसपास की जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने ऐसे क्षेत्रों में जमीन खरीद बढ़ाई जहां भविष्य में विकास परियोजनाओं की संभावना थी। अब तक मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने की संभावना है। फिलहाल जमीन खरीद से जुड़े आरोपों और रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए सभी पक्षों के दावों और जवाबों पर नजर बनी हुई है।

रतलाम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिया परामर्श, जांच पैकेजों पर 50% तक की छूट

रतलाम में भारत पैथोलॉजी लैब एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने परामर्श दिया और जांच पैकेजों पर 50% तक की छूट दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। शहर में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को भारत पैथोलॉजी लैब एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रतलाम सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज के सहयोग से भारत पैथोलॉजी लैब, 80 फीट रोड, रतलाम में संपन्न हुआ। शिविर में कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार पी.के. (एमडी मेडिसिन) एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना चौहान ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों सहित शहर के बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ सलाह का लाभ उठाया। शिविर के दौरान रक्तचाप, ब्लड शुगर सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क की गईं। साथ ही विभिन्न पैथोलॉजी जांच पैकेजों पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा भदोरिया डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा सोनोग्राफी जांचों पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की गई। चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान रतलाम सहस्त्र औदीच्य ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष कृष्ण गोपाल आचार्य एवं उनकी टीम ने दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। आयोजन में डॉ. आई.पी. त्रिवेदी, डॉ. गणेश आचार्य, शकुंतला पंड्या, मधुसूदन पंड्या, मनीष रावल, सुभाष भग, राकेश व्यास, अंशुमन जोशी, कृष्ण वल्लभ मेहता, बालकृष्ण उपाध्याय, सतीश शर्मा, जयंत उपाध्याय, मंगल जोशी एवं सुनील शर्मा सहित समाज के अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की सफलता में भारत पैथोलॉजी लैब के दीपक शर्मा एवं कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के सुशील उपाध्याय की भूमिका भी सराहनीय रही।

श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव संपन्न, 7 नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत

सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। 7 नए विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मण परवाल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा भारती रतलाम द्वारा संचालित श्री गुरुजी बालक छात्रावास में रविवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं अभिनंदन के लिए भव्य प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुभाष नगर स्थित छात्रावास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, दुपट्टा पहनाकर तथा पेन-कॉपी भेंट कर स्वागत किया गया। इस वर्ष छात्रावास में कुल 7 नए विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त वातावरण में शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रसेवा और व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करना रहा। वैदिक हवन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ प्रवेशोत्सव की शुरुआत वैदिक हवन-पूजन से हुई, जिसमें सभी छात्र शामिल हुए। हवन के मुख्य यजमान सेवा भारती रतलाम समिति के सदस्य संजीव पाठक एवं उनकी धर्मपत्नी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना की। इसके बाद भारत माता, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं पूजनीय श्री गुरुजी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज: डॉ. लक्ष्मण परवाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. लक्ष्मण परवाल ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की एक महत्वपूर्ण पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को अनुशासन, स्वावलंबन, राष्ट्रभक्ति और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलती है, जो उनके भविष्य को दिशा प्रदान करती है। डॉ. परवाल ने विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का साधन मानने का आह्वान किया। सेवा भारती के प्रकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे सेवा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघचालक सुरेन्द्र सुरेका ने कहा कि सेवा भारती के सेवा प्रकल्प समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता और अवसर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्री गुरुजी बालक छात्रावास आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भारतीय संस्कार प्रदान कर रहा है। छात्रावास की व्यवस्थाओं की हुई सराहना कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को छात्रावास की कार्यप्रणाली, दैनिक दिनचर्या, अनुशासन व्यवस्था और सेवा भारती द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी गई। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने छात्रावास के संस्कारमय वातावरण और व्यवस्थाओं की सराहना की। सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छाजेड़ ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सचिव मोहित कसेरा ने किया। अंत में उपाध्यक्ष नितिन फलोदिया ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में उपस्थित रहे समाजजन कार्यक्रम में स्वतंत्र पाटनी, वीणा छाजेड़, राकेश मोदी, शीतल भंसाली, संजीव पाठक, योगेश जाट सहित सेवा भारती के कार्यकर्ता, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Ratlam Firing Case: शेयर मार्केट विवाद में चली सुपारी की गोली! सैफी नगर फायरिंग कांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam Firing Case में बड़ा खुलासा। सैफी नगर फायरिंग कांड शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा निकला। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Firing Case: रतलाम के सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश नहीं बल्कि शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा था। मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार बताया जा रहा है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को दोपहर करीब 3:16 बजे सैफी नगर स्थित मकान नंबर 80 पर चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे। उस समय घर के मालिक कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे। घर पर मौजूद मनीषा सोनी खिड़की के पास खड़ी थीं, तभी एक आरोपी ने उन पर पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि उनकी सतर्कता के कारण गोली उन्हें नहीं लगी और खिड़की के कांच में जा लगी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरे इलाके में दहशत फैल गई। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मुखबिरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस ने फायरिंग करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। पूछताछ में सामने आई सुपारी की साजिश पुलिस जांच में पता चला कि फरियादी के पुत्र दिव्यांश सोनी का सरवन निवासी आदित्य के साथ शेयर मार्केट और MCX कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते कथित तौर पर दबाव बनाने और रकम वसूलने के उद्देश्य से फायरिंग की साजिश रची गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विनय शर्मा उर्फ वीनू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से आदित्य ने विनय शर्मा को सुपारी दी थी, जिसके बाद इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया। 5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार पुलिस ने भोला पाटीदार, विनीत उर्फ चुचू, अजय उर्फ गट्टू, रविन्द्र राजन और कन्हैया नायक को गिरफ्तार किया है। वहीं विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का बयान पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है। घटना में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam Murder Case: खेत में मिला किसान का खून से लथपथ शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका से सनसनी

Ratlam Murder Case में ताल थाना क्षेत्र के ग्राम कोठड़ी में 35 वर्षीय किसान राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू दांगी का खून से लथपथ शव खेत में मिला। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Murder Case: रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक किसान का खून से लथपथ शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान ग्राम कोठड़ी निवासी 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू पुत्र दुलेसिंह दांगी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। घटना का वीडियो देखे शुक्रवार दोपहर खेत पर गए थे किसान, फिर नहीं लौटे जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह दांगी शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर परिवार ने अनुमान लगाया कि वह खेती के काम के चलते खेत पर ही रुक गए होंगे। लेकिन शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके काका के पुत्र रामेश्वर दांगी जब गाय का दूध निकालने खेत पहुंचे तो उन्होंने खेत में राजेंद्र सिंह का शव पड़ा देखा। शव के आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था और शरीर पर चोटों के कई निशान मौजूद थे। Ratlam Murder Case में पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही खारवा कला पुलिस चौकी और ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र सिंह का कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण परिवार हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जता रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ-साथ पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के एंगल पर भी जांच कर रही है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजेंद्र सिंह दांगी के परिवार में पहले भी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। उनकी पहली पत्नी सीमा का पूर्व में निधन हो चुका है, जिससे उनकी 12 वर्षीय पुत्री दिव्या है। बाद में उन्होंने भागूबाई से दूसरा विवाह किया था, जिनसे 10 वर्षीय पुत्री प्रियंका और 7 वर्षीय पुत्र यश हैं। परिवार में उनका छोटा भाई मनोहर दांगी भी है। दोनों भाइयों के हिस्से में करीब 12 बीघा कृषि भूमि और दो ट्रैक्टर हैं। क्या बोले थाना प्रभारी? ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।”

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