PhonePe New Rule: 1 साल तक Wallet इस्तेमाल नहीं किया तो कटेंगे ₹100! जानिए नया नियम और किन यूजर्स पर पड़ेगा असर

PhonePe New Rule: PhonePe ने Wallet से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 365 दिनों तक PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करने पर यूजर्स से ₹100 तक की Inactivity Maintenance Fee वसूली जाएगी। जानिए पूरा नया नियम। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PhonePe New Rule: अगर आप PhonePe का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने Wallet से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार, जो यूजर 365 दिनों तक अपने PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उनसे ₹100 तक की Inactivity Maintenance Fee वसूली जा सकती है। कंपनी के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है और कई यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई है। क्या है PhonePe का नया नियम? PhonePe द्वारा जारी नई Wallet Guidelines के मुताबिक, यदि कोई यूजर लगातार 365 दिनों तक अपने PhonePe Wallet से कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं करता है, तो उसका Wallet Inactive माना जाएगा। ऐसी स्थिति में कंपनी Maintenance Fee के रूप में ₹100 तक का शुल्क वसूल सकती है। हालांकि, यह नियम केवल PhonePe Wallet पर लागू होगा। UPI के जरिए भुगतान करना या सिर्फ ऐप खोलना Wallet Activity नहीं माना जाएगा। किन यूजर्स पर लगेगा ₹100 का चार्ज? यह शुल्क केवल उन यूजर्स पर लागू होगा जिन्होंने: अगर यूजर Wallet के जरिए कम से कम एक ट्रांजैक्शन कर देता है, तो Wallet फिर से Active माना जाएगा और शुल्क नहीं लगेगा। फीस काटने से पहले मिलेगा अलर्ट PhonePe ने स्पष्ट किया है कि शुल्क लगाने से पहले यूजर्स को 15 दिन पहले नोटिफिकेशन या मैसेज भेजा जाएगा। इसके जरिए यूजर को Wallet एक्टिव करने का मौका मिलेगा। यदि Wallet में ₹100 या उससे अधिक राशि मौजूद है तो कंपनी ₹100 काट सकती है। वहीं, यदि Wallet में ₹100 से कम बैलेंस है, तो उपलब्ध पूरी राशि काटी जा सकती है। हालांकि Wallet बैलेंस को नेगेटिव नहीं किया जाएगा। क्यों लिया गया यह फैसला? डिजिटल वॉलेट कंपनियां लंबे समय से निष्क्रिय खातों के रखरखाव पर खर्च होने वाले संसाधनों को लेकर चिंतित रही हैं। ऐसे में कई फिनटेक कंपनियां Inactive Wallets के लिए Maintenance Charge लागू करती हैं। PhonePe का कहना है कि यह शुल्क केवल निष्क्रिय Wallets के प्रबंधन के लिए लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया PhonePe के इस नए नियम के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। कुछ लोगों का कहना है कि लंबे समय तक Wallet का उपयोग न करने पर चार्ज लगाना ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है, जबकि कुछ यूजर्स इसे सामान्य मेंटेनेंस प्रक्रिया बता रहे हैं।

Ratlam Firing News: दिनदहाड़े सराफा व्यापारी के घर पर चली गोली, CCTV में कैद हुए चार बदमाश, इलाके में दहशत

Ratlam Firing News: रतलाम के सैफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर दिनदहाड़े फायरिंग। CCTV में चार बदमाश कैद, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के सैफी नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब अज्ञात बदमाशों ने एक सराफा व्यापारी के घर पर फायरिंग कर दी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोली घर की खिड़की का कांच तोड़ते हुए अंदर तक पहुंच गई। पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना का CCTV देखे चार बदमाशों ने चलती बाइक से किया हमला जानकारी के अनुसार, दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में रहने वाले सराफा व्यापारी कमल सोनी के मकान पर शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे दो बाइक पर सवार चार बदमाश पहुंचे। सभी आरोपितों ने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आगे चल रही बाइक के पीछे बैठे एक युवक ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी। उसने अचानक पिस्टल निकाली और चलती बाइक से ही मकान की ओर निशाना साधते हुए फायर कर दिया। गोली घर की कांच की खिड़की तोड़ते हुए अंदर घुसी और दीवार से टकराकर दरवाजे के पास पड़े पैरदान पर जाकर गिर गई। घर में मौजूद था पूरा परिवार फरियादी कमल सोनी ने पुलिस को बताया कि उनकी केके मार्केट में श्री गणेश ज्वेलर्स नाम से दुकान है। घटना के समय वह अपने सबसे छोटे बेटे दिव्यांशु के साथ दुकान पर थे। घर पर उनकी पत्नी मनीषा सोनी, बड़ा बेटा अमित और मझला बेटा अश्विन मौजूद थे। मनीषा सोनी घर के नीचे वाले हिस्से में सोफे पर लेटी हुई थीं, जबकि दोनों बेटे ऊपर कमरे में थे। अचानक गोली चलने की तेज आवाज सुनकर पूरा परिवार घबरा गया। जब उन्होंने देखा कि गोली घर के अंदर तक पहुंच चुकी है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और साइबर टीम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एएसपी राकेश पंद्रो, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, थाना प्रभारी अनुराग यादव और साइबर टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी पहचान के लिए विभिन्न टीमों को लगाया गया है। सुरक्षा की मांग, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद कमल सोनी और उनके परिवार ने सुरक्षा की मांग की है। दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग ने इलाके के लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फायरिंग के पीछे किसी प्रकार की पुरानी रंजिश, धमकी या अन्य आपराधिक कारण तो नहीं है। Ratlam Firing News: दिनदहाड़े सराफा व्यापारी के घर पर चली गोली, CCTV में कैद हुए चार बदमाश, इलाके में दहशत Gold-Silver Rate Crash: दो दिन में ₹22,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ धड़ाम; खरीदारी का सुनहरा मौका? Ratlam News: सरकारी स्कूल के पास मिला रहस्यमयी युवक का शव, जेब में मिला 'वीर बहादुर सिंह' नाम का आईडी कार्ड; नेपाली होने का अनुमान EPFO Good News: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा! 7 करोड़ कर्मचारियों को जून में मिल सकती है बड़ी सुविधा MP News: कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप! दो TI समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR, 30 मिनट की कार्रवाई पर उठे सवाल MP Police Direct Recruitment: खिलाड़ियों के लिए CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, अब बिना परीक्षा मिलेगी पुलिस में नौकरी! ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार Ratlam News: आलोट अस्पताल में BMO से मारपीट: डॉक्टरों की हड़ताल, CCTV में कैद हुई पूरी घटना E20 Petrol Insurance Claim: E20 पेट्रोल डलवाने पर रिजेक्ट हो जाएगा इंश्योरेंस क्लेम? बढ़े विवाद के बाद कंपनी ने दी बड़ी सफाई Ratlam News: रतलाम में हिंदू युवती का शोषण: जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह, 3 साल तक प्रताड़ना; गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी का आरोप Ratlam News: रतलाम में शादी के नाम पर 2.80 लाख की ठगी! 3 दिन बाद भाई के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन Click here

Gold-Silver Rate Crash: दो दिन में ₹22,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ धड़ाम; खरीदारी का सुनहरा मौका?

Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट। दो दिन में चांदी ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हुआ। जानिए गिरावट की वजह और ताजा रेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त टूट दर्ज की गई, जबकि सोना भी हजारों रुपये सस्ता हो गया। दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 से अधिक प्रति 10 ग्राम तक फिसल चुका है। खुलते ही ₹8,000 से ज्यादा टूटी चांदी MCX पर 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी गुरुवार को ₹2,37,572 प्रति किलो पर बंद हुई थी। शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही इसका भाव गिरकर ₹2,29,561 प्रति किलो पर पहुंच गया। यानी एक ही झटके में चांदी ₹8,011 प्रति किलो सस्ती हो गई। अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो बुधवार को चांदी ₹2,51,807 प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहां से शुक्रवार तक इसमें कुल ₹22,246 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। Gold Rate Crash: सोना भी हुआ हजारों रुपये सस्ता चांदी की तरह सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। 5 अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट गोल्ड का भाव शुक्रवार को गिरकर ₹1,46,252 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह गुरुवार के बंद भाव ₹1,49,309 प्रति 10 ग्राम से ₹3,057 कम है। वहीं 17 जून को सोने का भाव ₹1,53,879 प्रति 10 ग्राम था। इस हिसाब से दो कारोबारी दिनों में सोना ₹7,627 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया सोना? इस साल जनवरी में सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था। वायदा बाजार में सोने का भाव पहली बार ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा था और इसका हाई लेवल ₹2,04,375 दर्ज किया गया था। वर्तमान कीमत की तुलना करें तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹58,123 प्रति 10 ग्राम नीचे आ चुका है। इससे निवेशकों और खरीदारों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। अचानक क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका का केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) है। फेडरल रिजर्व ने अपनी जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि अधिकारियों ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई है और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनाते हैं, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव आता है। निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या है संकेत? सोना और चांदी में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी करने वालों के लिए यह राहत भरी खबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी फेड की नीतियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, सोना और चांदी दोनों अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

Ratlam News: सरकारी स्कूल के पास मिला रहस्यमयी युवक का शव, जेब में मिला ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम का आईडी कार्ड; नेपाली होने का अनुमान

रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला। जेब से मिले आईडी कार्ड पर ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम लिखा मिला है। पुलिस पहचान और मौत के कारणों की जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र के भदवासा गांव में एक रहस्यमयी घटना सामने आई है। यहां सरकारी स्कूल के पास बुधवार रात एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक की जेब से मिले एक आईडी कार्ड पर केवल ‘वीर बहादुर सिंह’ नाम लिखा मिला है, जिसके आधार पर पुलिस उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। जेब में मिला आईडी कार्ड, लेकिन अधूरी है पहचान नामली थाना प्रभारी अमित कोरी के अनुसार मृतक की उम्र करीब 25 वर्ष के आसपास प्रतीत हो रही है। युवक की जेब से एक आईडी कार्ड बरामद हुआ है, जिस पर केवल “वीर बहादुर सिंह” नाम अंकित है। हालांकि कार्ड पर अन्य कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, जिससे पहचान स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस का कहना है कि शव पूरी तरह कड़क हो चुका था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक की मौत एक से दो दिन पहले हुई होगी। फोटो भेजकर की जा रही शिनाख्त की कोशिश प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मृतक नेपाली मूल का हो सकता है। उसकी शारीरिक बनावट और चेहरे की बनावट के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इसकी पुष्टि पहचान होने के बाद ही की जा सकेगी। युवक की पहचान के लिए उसके फोटो जिले के विभिन्न थानों सहित आसपास के जिलों में भेजे गए हैं। इसके अलावा भदवासा गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है ताकि मृतक के बारे में कोई जानकारी मिल सके। थाने में दर्ज नहीं है कोई गुमशुदगी पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। नामली थाने में फिलहाल किसी भी युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं है। ऐसे में पुलिस अन्य जिलों और राज्यों से भी संपर्क कर रही है। थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा खुलासा फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक थी, दुर्घटना का परिणाम थी या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

EPFO Good News: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा! 7 करोड़ कर्मचारियों को जून में मिल सकती है बड़ी सुविधा

PF EPFO Good News: Withdrawal via UPI और ATM की सुविधा शुरू कर सकता है। श्रम मंत्रालय के अनुसार जून 2026 के अंत तक 7 करोड़ से अधिक EPFO सदस्यों को यह बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। EPFO Good News: देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही ऐसी सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे पीएफ खाते में जमा राशि को ATM और UPI के जरिए निकाला जा सकेगा। श्रम मंत्रालय के मुताबिक यह सुविधा जून महीने के अंत तक शुरू हो सकती है, जिससे करीब 7 करोड़ EPFO सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा। PF Withdrawal Via UPI-ATM: क्या है नई सुविधा? श्रम मंत्रालय द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, EPFO की नई डिजिटल व्यवस्था अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 2.01 सर्वर पूरी तरह सक्रिय होते ही सदस्य अपने PF खाते से राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे और फिर ATM के माध्यम से नकदी निकाल सकेंगे। इसके अलावा UPI के जरिए भी PF निकासी की प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी। इससे कर्मचारियों को बार-बार EPFO कार्यालय जाने या लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने पहले ही दिए थे संकेत केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने मई में ही इस सुविधा के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार EPFO को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि कर्मचारियों को अपना पैसा निकालने के लिए किसी तरह की परेशानी न हो। मंत्री के अनुसार, डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद PF निकासी पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी हो जाएगी। कितनी होगी UPI से PF निकालने की लिमिट? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPI या ATM के जरिए निकासी की सीमा सदस्य के कुल PF बैलेंस के लगभग 50 प्रतिशत तक हो सकती है। हालांकि अंतिम नियम और सीमा EPFO द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी। PF खाते को UPI से जोड़ने के लिए क्या जरूरी होगा? नई सुविधा का लाभ लेने के लिए EPFO सदस्यों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी: जरूरी दस्तावेज और शर्तें जानकारी के अनुसार, EPFO पोर्टल और UMANG ऐप पर जल्द ही “Link PF with UPI” या “PF Withdrawal via UPI” जैसा नया विकल्प दिखाई दे सकता है। इसके जरिए Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM जैसी UPI सेवाओं को PF खाते से जोड़ा जा सकेगा। कब निकाल सकते हैं पूरा PF पैसा? EPFO नियमों के अनुसार कर्मचारी 55 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट के बाद पूरा PF फंड निकाल सकते हैं। इसके अलावा विकलांगता, नौकरी छूटने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, विदेश में स्थायी रूप से बसने या अन्य विशेष परिस्थितियों में भी पूरा PF अमाउंट निकालने की अनुमति मिलती है।

MP News: कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप! दो TI समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR, 30 मिनट की कार्रवाई पर उठे सवाल

MP News: राजस्थान की चौमहला कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश पुलिस के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हुई है। 30 मिनट में की गई मादक पदार्थ जब्ती कार्रवाई को कोर्ट ने संदिग्ध माना। मध्यप्रदेश- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट के आदेश के बाद एमपी पुलिस के दो थाना प्रभारियों (TI) समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के डग थाना क्षेत्र में की गई मादक पदार्थों की जब्ती कार्रवाई से जुड़ा है, जिसे कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के आगर मालवा की कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में छापेमारी की थी। पुलिस ने दावा किया था कि कार्रवाई के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का मादक पदार्थ (एमडी), स्मैक, कैटामाइन, नशीले इंजेक्शन, केमिकल ड्रम और हथियार बरामद किए गए। हालांकि आरोप है कि इस कार्रवाई की पूरी जानकारी स्थानीय डग पुलिस को नहीं दी गई। केवल फोन पर महिलाओं द्वारा अभद्रता किए जाने की सूचना दी गई, लेकिन छापेमारी की सही जगह और सहायता की आवश्यकता के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई। कोर्ट ने क्यों माना कार्रवाई को संदिग्ध? गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि एमपी पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए गांव में प्रवेश किया, घरों में तोड़फोड़ की और उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा दिया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार: 30 मिनट में पूरी कार्रवाई पर सवाल इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने कार्रवाई को संदिग्ध मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। किन पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हुआ मामला? कोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह बैस, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक अजय जाट, पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा, शुभम सहित पूरी टीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप परिवादी हमीद खान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की थी। रुपये देने में असमर्थता जताने पर उनके परिवार के दो सदस्यों शाहिर खान और मनोवर खान को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मादक पदार्थों का मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके घरों की तलाशी में केवल एक लाइसेंसशुदा बंदूक, एक एयर गन और सात मोबाइल फोन मिले थे। किसी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। अब आगे क्या? राजस्थान में दर्ज हुई यह एफआईआर मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। दोनों राज्यों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पुलिस कार्रवाई और एनडीपीएस मामलों की जांच प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

MP Police Direct Recruitment: खिलाड़ियों के लिए CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, अब बिना परीक्षा मिलेगी पुलिस में नौकरी!

MP Police Direct Recruitment 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती फिर शुरू करने का फैसला किया है। जानिए उप निरीक्षक और आरक्षक पदों के लिए पात्रता, नियम और नई भर्ती प्रक्रिया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Police Direct Recruitment: मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन कर अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब अपने ही प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। हर साल होगी MP Police Direct Recruitment नए नियमों के तहत मध्यप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर वर्ष आयोजित की जाएगी। पुलिस मुख्यालय आरक्षक (Constable) और उप निरीक्षक (Sub-Inspector) पदों की रिक्तियों का विज्ञापन जारी करेगा। सरकार की योजना के अनुसार खिलाड़ियों को 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। यह कदम न केवल खिलाड़ियों के रोजगार को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें खेल गतिविधियों को जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। CM मोहन यादव ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पुलिस में सीधी भर्ती की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उनका मानना है कि इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्य राज्यों में नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। खिलाड़ियों को मिलेगी कई बड़ी छूट संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई महत्वपूर्ण राहतें दी गई हैं। प्रमुख सुविधाएं इसके अलावा खिलाड़ियों की नियुक्ति किसी आरक्षित वर्ग के तहत नहीं, बल्कि सामान्य श्रेणी में की जाएगी। कौन बन सकेगा उप निरीक्षक? उप निरीक्षक (SI) पद के लिए पात्र खिलाड़ी वे खिलाड़ी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने: इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी पात्र माना जाएगा। आरक्षक पद के लिए कौन होगा पात्र? आरक्षक पद के लिए पात्रता का दायरा और व्यापक रखा गया है। आरक्षक (Constable) पद के लिए पात्र खिलाड़ी मेरिट कैसे तय होगी? यदि दो खिलाड़ियों के मेरिट अंक समान होते हैं तो प्राथमिकता का क्रम इस प्रकार रहेगा: इसके बाद खिलाड़ी की आयु को आधार बनाया जाएगा। वहीं केवल वही खेल मान्य होंगे जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रहे हैं। खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मध्यप्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। लंबे समय से खिलाड़ी पुलिस भर्ती में खेल कोटे की बहाली की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से हजारों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का नया अवसर मिलेगा।

ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार

लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी। सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तलाशी ली, जांच में मामला फर्जी निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक की हरकत से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी गई। सीट नहीं मिलने पर फैलाई बम की अफवाह पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना निवासी 26 वर्षीय युवक ट्रेन से सफर करने के लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा था। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर उसने ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना फैला दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी डिब्बों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। यात्रियों में मची अफरा-तफरी बम की सूचना फैलते ही यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों को एहतियात के तौर पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन परिसर और ट्रेन के प्रत्येक कोच की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली जांच के बाद भी किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे के लिए रवाना कर दिया। पूछताछ में सामने आई सच्चाई जांच के दौरान पुलिस ने सूचना देने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सीट नहीं मिलने के कारण उसने गुस्से में आकर बम की झूठी सूचना दी थी। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम जैसी झूठी सूचनाएं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और आपातकालीन संसाधनों का अनावश्यक उपयोग करवाती हैं। इससे यात्रियों में भय का माहौल बनता है और प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी केवल सत्यापित आधार पर ही संबंधित एजेंसियों को दें।

Ratlam News: आलोट अस्पताल में BMO से मारपीट: डॉक्टरों की हड़ताल, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

आलोट सरकारी अस्पताल में BMO डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ मारपीट के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल कर दी। घटना CCTV में कैद हुई, पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट सरकारी अस्पताल में सोमवार रात एक गंभीर विवाद ने तूल पकड़ लिया। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह देने पर बीएमओ (BMO) डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना से नाराज डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार सुबह काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और थाने के सामने धरना देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना का CCTV देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल मुमताज को सोमवार रात करीब 9:30 बजे आलोट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ड्यूटी डॉक्टर डॉ. रोहित चौधरी ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। रात करीब 11 बजे अमजद नामक व्यक्ति ने बीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य को फोन कर आईसीयू में बुलाया। डॉ. मौर्य ने घायल का निरीक्षण करने के बाद पुनः मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसी बात को लेकर अमजद और उसके साथी भड़क गए। चैंबर तक ले जाकर की गई मारपीट आरोप है कि आरोपी पहले गाली-गलौच पर उतरे और फिर डॉ. मौर्य के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टर को उनके चैंबर तक ले जाकर हमला किया। शोर सुनकर अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव कर डॉक्टर को बचाया। डॉ. मौर्य ने शिकायत में बताया कि उनके सिर, नाक, आंख, होंठ और चेहरे पर चोटें आई हैं तथा आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। CCTV फुटेज पुलिस ने किया जब्त थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम के अनुसार डॉक्टर की शिकायत पर अमजद और उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल घटना के विरोध में मंगलवार सुबह अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी आलोट थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार राजेश पाटीदार को एसडीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना और हड़ताल समाप्त कर दी गई। निजी चिकित्सक संघ और विधायक भी आए समर्थन में निजी चिकित्सक संघ और औषधि विक्रेता संघ ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने घायल बीएमओ से मुलाकात कर हालचाल जाना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

E20 Petrol Insurance Claim: E20 पेट्रोल डलवाने पर रिजेक्ट हो जाएगा इंश्योरेंस क्लेम? बढ़े विवाद के बाद कंपनी ने दी बड़ी सफाई

E20 Petrol Insurance Claim को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। क्या E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है? ICICI Lombard ने जारी की नई सफाई, जानिए पूरी सच्चाई। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। E20 Petrol Insurance Claim: देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20 Fuel) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इसी बीच वाहन मालिकों के बीच एक नया डर पैदा हो गया है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ी के इंजन या अन्य पार्ट्स को नुकसान होता है तो क्या इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से इनकार कर सकती है? इस मुद्दे पर बढ़ते विवाद के बाद ICICI Lombard ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। क्या था पूरा विवाद? हाल ही में ICICI Lombard द्वारा जारी किए गए एक FAQ (Frequently Asked Questions) में कहा गया था कि यदि कोई वाहन मालिक अपनी गाड़ी में ऐसा ईंधन इस्तेमाल करता है जिसके लिए वाहन डिजाइन नहीं किया गया है, तो इसे गलत उपयोग या लापरवाही माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम की समीक्षा अलग तरीके से की जा सकती है। इसके अलावा FAQ में यह भी बताया गया था कि मोटर इंश्योरेंस पॉलिसियां आमतौर पर ऐसे नुकसान को कवर नहीं करतीं जो धीरे-धीरे समय के साथ विकसित होते हैं, जैसे ईंधन से होने वाला रासायनिक क्षरण या इंजन के अंदरूनी हिस्सों की खराबी। पुरानी गाड़ियों के मालिकों में बढ़ी चिंता इस जानकारी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। खासकर उन वाहन मालिकों में चिंता बढ़ गई जिनकी गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। लोगों को डर था कि कहीं E20 पेट्रोल भरवाने के कारण भविष्य में उनका इंश्योरेंस क्लेम खारिज न कर दिया जाए। ICICI Lombard ने दी नई सफाई विवाद बढ़ने के बाद ICICI Lombard ने नया स्पष्टीकरण जारी करते हुए ग्राहकों को आश्वस्त किया। कंपनी ने स्पष्ट कहा कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी अमान्य नहीं होगी। कंपनी के अनुसार, E20 पेट्रोल का उपयोग करना किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं माना जाएगा। यह सरकार की पर्यावरण-अनुकूल पहल का हिस्सा है और कंपनी केवल ईंधन के प्रकार के आधार पर किसी क्लेम को रिजेक्ट नहीं करती। क्लेम मंजूर होने का आधार क्या है? कंपनी ने कहा कि किसी भी मोटर इंश्योरेंस क्लेम का फैसला मुख्य रूप से दुर्घटना, चोरी या अन्य अप्रत्याशित घटनाओं के आधार पर किया जाता है। यदि कोई क्लेम सामान्य पेट्रोल या डीजल के इस्तेमाल के दौरान मान्य होता है, तो वही क्लेम E20 पेट्रोल के उपयोग की स्थिति में भी वैध रहेगा। हालांकि, सामान्य इंश्योरेंस नियमों के अनुसार धीरे-धीरे होने वाली मैकेनिकल खराबी या सामान्य घिसावट अब भी पॉलिसी कवरेज से बाहर रह सकती है। E20 Fuel क्या है? E20 फ्यूल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण घटाने के लिए देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। कई नए वाहन पहले से ही E20-रेडी तकनीक के साथ बाजार में उपलब्ध हैं।

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