Gold-Silver Rate Crash: दो दिन में ₹22,000 टूटी चांदी, सोना भी हुआ धड़ाम; खरीदारी का सुनहरा मौका?
Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट। दो दिन में चांदी ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हुआ। जानिए गिरावट की वजह और ताजा रेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold-Silver Rate Crash: सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त टूट दर्ज की गई, जबकि सोना भी हजारों रुपये सस्ता हो गया। दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹22,000 प्रति किलो और सोना ₹7,600 से अधिक प्रति 10 ग्राम तक फिसल चुका है। खुलते ही ₹8,000 से ज्यादा टूटी चांदी MCX पर 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी गुरुवार को ₹2,37,572 प्रति किलो पर बंद हुई थी। शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही इसका भाव गिरकर ₹2,29,561 प्रति किलो पर पहुंच गया। यानी एक ही झटके में चांदी ₹8,011 प्रति किलो सस्ती हो गई। अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो बुधवार को चांदी ₹2,51,807 प्रति किलो पर बंद हुई थी। वहां से शुक्रवार तक इसमें कुल ₹22,246 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। Gold Rate Crash: सोना भी हुआ हजारों रुपये सस्ता चांदी की तरह सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। 5 अगस्त एक्सपायरी वाले 24 कैरेट गोल्ड का भाव शुक्रवार को गिरकर ₹1,46,252 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह गुरुवार के बंद भाव ₹1,49,309 प्रति 10 ग्राम से ₹3,057 कम है। वहीं 17 जून को सोने का भाव ₹1,53,879 प्रति 10 ग्राम था। इस हिसाब से दो कारोबारी दिनों में सोना ₹7,627 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया सोना? इस साल जनवरी में सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था। वायदा बाजार में सोने का भाव पहली बार ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा था और इसका हाई लेवल ₹2,04,375 दर्ज किया गया था। वर्तमान कीमत की तुलना करें तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹58,123 प्रति 10 ग्राम नीचे आ चुका है। इससे निवेशकों और खरीदारों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। अचानक क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका का केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) है। फेडरल रिजर्व ने अपनी जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि अधिकारियों ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई है और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ने पर निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से दूरी बनाते हैं, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव आता है। निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या है संकेत? सोना और चांदी में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन शादी-ब्याह या निवेश के लिए खरीदारी करने वालों के लिए यह राहत भरी खबर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी फेड की नीतियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, सोना और चांदी दोनों अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ गई हैं।