Ratlam News: जादू-टोना के नाम पर दोहरी हत्या: तीन आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर तीन वर्षीय मासूम बालक और उसके पिता की नृशंस हत्या के बहुचर्चित मामले में रतलाम न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की अदालत ने तीन आरोपियों को दोहरे आजीवन कारावाससहित कठोर सजा सुनाई है। क्या है पूरा मामला यह सनसनीखेज घटना 20 फरवरी 2021 को शिवगढ़ थाना क्षेत्र के गांव ठिकरिया में सामने आई थी। जादू-टोना और तांत्रिक क्रिया के दौरान परिवार के ही सदस्यों पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें राजाराम खराड़ी और उसके तीन वर्षीय पुत्र आदर्श की मौत हो गई थी। इन आरोपियों को मिली सजा न्यायालय ने को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 342, 450, 323 और 302 के तहत दोषी मानते हुए घटना स्थल का भयावह मंजर तत्कालीन थाना प्रभारी आर.एस. भाबोर के अनुसार, पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आ रही थीं। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर तांत्रिक सामग्री, खून से सना सामान, तलवार, मुसली, नींबू, सिंदूर और अगरबत्ती बिखरी मिली। मासूम आदर्श अर्धमूर्छित अवस्था में था, जिसे बाद में मृत घोषित किया गया। वैज्ञानिक साक्ष्य बने मजबूत आधार शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने न्यायालय में एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी माया से जब्त तलवार और आरोपी राहुल के कपड़ों पर मृतक आदर्श का खून पाया गया, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत हुआ। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से दो आरोपी दोषमुक्त प्रकरण में साक्ष्य के अभाव में को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय का सख्त संदेश यह फैसला अंधविश्वास, जादू-टोना और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर की जाने वाली हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश है कि ऐसे जघन्य अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

Ratlam News: वेल्डिंग के दौरान कार्बेट टैंक में विस्फोट, 15 फीट दूर सड़क पर जा गिरा टैंक, CCTV में कैद हादसा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के व्यस्त इलाके बाल चिकित्सालय रोड पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैलाना बस स्टैंड के पास एक वेल्डिंग दुकान में कार्बेट टैंक में जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तीव्र था कि टैंक दुकान से उड़कर करीब 15 फीट दूर मुख्य सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। WATCH VIDEO प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मुख्य डाकघर के सामने स्थित न्यू जनरल इंजीनियरिंग एंड वेल्डिंग वर्क्स की दुकान पर हुई। दुकान संचालक 80 वर्षीय इमामउद्दीन पिता कमरुद्दीन, निवासी जवाहर नगर, दुकान के बाहर एक बाइक के फुटरेस्ट में वेल्डिंग का काम कर रहे थे। उसी दौरान वेल्डिंग उपकरणों से जुड़े कार्बेट टैंक में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के साथ टैंक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा। हादसे के समय दुकान पर मौजूद कर्मचारी 28 वर्षीय जुबेर भी सुरक्षित रहा। संयोग अच्छा था कि जिस समय टैंक सड़क पर गिरा, उस वक्त वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV कैमरे में कैद हुआ हादसा टैंक के उड़कर सड़क पर गिरने की पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह विस्फोट के बाद टैंक हवा में उछलते हुए सड़क पर जा गिरता है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और नायब तहसीलदार मनोज चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने दुकान संचालक से घटना की जानकारी ली और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार मनोज चौहान ने बताया कि, “वेल्डिंग दुकान में विस्फोट की सूचना मिली थी। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। विस्फोट के कारणों की जांच कराई जा रही है। साथ ही शहर में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।” विस्फोट के कारण स्पष्ट नहीं दुकान संचालक इमामउद्दीन ने बताया कि कार्बन टैंक में पानी भरा रहता है और उसमें कार्बेट मिलाया जाता है। विस्फोट कैसे हुआ, इसका उन्हें भी स्पष्ट कारण नहीं पता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना ने एक बार फिर वेल्डिंग दुकानों में सुरक्षा मानकों और गैस टैंकों के सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Ratlam News: श्मशान में टोना-टोटका का शक: रतलाम में दो युवक खंभे से बांधकर पीटे, VIDEO वायरल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के जावरा औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत उखेड़िया गांव के मुक्तिधाम (श्मशान घाट) में टोना-टोटका करने के शक में ग्रामीणों ने दो युवकों को खंभे से बांधकर जमकर पीट दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, फिर भी वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जाएगी। WATCH VIDEO श्मशान में पूजा सामग्री देख भड़के ग्रामीण घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, भूतेड़ा गांव के चार युवक उखेड़िया के श्मशान घाट में नींबू, अंडा, देशी शराब और पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री के साथ मंत्र पढ़ते नजर आए। एक स्थानीय ग्रामीण ने उन्हें संदिग्ध गतिविधि करते देख गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण श्मशान घाट पहुंच गए। ग्रामीणों को देखकर चारों युवक घबरा गए। इस दौरान दो युवक मौके से फरार हो गए, जबकि बाकी दो को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। खंभे से बांधकर की पिटाई, कपड़े फटे पकड़े गए दोनों युवकों को मुक्तिधाम परिसर में ही एक खंभे से बांध दिया गया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। पिटाई के दौरान युवकों के कपड़े फट गए और शरीर से खून भी निकल आया। युवक बार-बार गांव के चौकीदार को बुलाने की बात कहते रहे, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने उनकी एक नहीं सुनी। वशीकरण और धन प्राप्ति का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि युवक वशीकरण और धन प्राप्ति की लालसा में श्मशान घाट में टोना-टोटका करने आए थे। इसी बात से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। समाज के नेता के हस्तक्षेप के बाद छोड़े गए युवक ग्रामीण दोनों युवकों को पुलिस के हवाले करना चाहते थे, लेकिन समाज के एक स्थानीय नेता के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हंगामे की सूचना मिलने पर सरसी चौकी से पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सभी लोग वहां से जा चुके थे। पुलिस बोली— शिकायत नहीं, VIDEO के आधार पर जांच जावरा औद्योगिक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया— “इस मामले में फिलहाल कोई भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ कर जांच की जाएगी। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल पुलिस फरार दो युवकों और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है।

Ratlam News: रतलाम फोरलेन हादसा: ट्रक से टकराई स्कूटी, युवक की मौके पर मौत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: इंदौर-रतलाम फोरलेन पर गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय ई-स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क किनारे लापरवाहीपूर्वक खड़े ट्रक से पीछे से टकराने के कारण यह दर्दनाक दुर्घटना हुई। प्राथमिक जांच में ट्रक चालक की गंभीर लापरवाही सामने आई है। WATCH VIDEO हादसा गुरुवार सुबह करीब 7:40 बजे धराड़ पुल के आगे, पुलिस चौकी से पहले हुआ। मृतक की पहचान हर्ष उर्फ बब्बू (20) पुत्र चैनसिंह गुर्जर, निवासी डोंगरेधाम कॉलोनी, रतलाम के रूप में हुई है। हर्ष रोजाना की तरह अपनी ई-बाइक स्कूटी (MP 43 ZL 0536) से बिलपांक स्थित दूध की दुकान जा रहा था। धराड़ के आगे फोरलेन की ले-बाय लाइन से सटकर ट्रक (MP 04 GA 6587) खड़ा था। कोहरे के कारण सड़क पर विजिबिलिटी कम थी। इसी दौरान हर्ष की स्कूटी ट्रक के पिछले हिस्से के कोने से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। युवक ने हेलमेट पहना हुआ था, बावजूद इसके सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टेंट का सामान लदा था ट्रक, नहीं लगे थे चेतावनी संकेत जानकारी के अनुसार ट्रक में टेंट का सामान भरा हुआ था, जिसमें बड़े डोम के एंगल बाहर की ओर निकले हुए थे। सुरक्षा मानकों के अनुसार ट्रक पर रेडियम रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगे थे, जिससे दूर से खड़े वाहन की पहचान हो सके। चालू फोरलेन के किनारे इस तरह भारी वाहन खड़ा करना भी नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। पुलिस कार्रवाई सूचना मिलते ही बिलपांक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को एम्बुलेंस से रतलाम मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक अपने बड़े भाई राहुल के साथ दूध व्यवसाय करता था। थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है। चालक की तलाश जारी है और मामले में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है।

Ratlam News: मेरठ के शातिर चोर 10 मिनट में कर गए नकबजनी, रतलाम पुलिस ने 10 घंटे में दबोचा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: थाना नामली क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई नकबजनी की सनसनीखेज वारदात का रतलाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह के दो कुख्यात आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, वारदात में प्रयुक्त कार और विशेष ताला तोड़ने के औजार जप्त किए हैं। WATCH VIDEO गिरफ्तार आरोपितों के नामइरफान पिता मुन्न सैफी (38 वर्ष) निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ तथाआमिर पिता तस्लीम पठान (38 वर्ष) निवासी जाकिर कॉलोनी, इकबाल नगर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) हैं। दोनों पर हत्या समेत 10 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होना सामने आया है। दिनदहाड़े दिया चोरी को अंजाम एसपी अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को फरियादी सुरेश पिता प्रहलाद धाकड़, निवासी कस्बा नामली, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी सुबह करीब 11 बजे घर पर ताला लगाकर खेत गया था। शाम करीब 5 बजे लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो चुके थे। प्रकरण दर्ज कर एएसपी शहर राकेश खाखा एवं एसडीओपी किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। 300 किमी पीछा कर पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया, जिसमें एक संदिग्ध कार नजर आई। वाहन की पतारसी करते हुए पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी बड़नगर होते हुए उज्जैन की ओर भागे और हाईवे पर पुलों के नीचे से वाहन उतार-चढ़ाकर व बार-बार रास्ते बदलकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते रहे। करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के पास ग्राम बाहर पत्थर क्षेत्र में आगे-पीछे से घेराबंदी कर कार सहित दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तरीका-ए-वारदात पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हाईवे किनारे स्थित सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे। ताला तोड़ने के लिए उन्होंने विशेष औजार बनवा रखे थे, जिससे 10 मिनट के भीतर चोरी को अंजाम दे देते थे।आरोपी इरफान सिर मुंडा होने के कारण वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था। दोनों के पास से अलग-अलग कपड़े और चश्मे भी मिले हैं, जिनका उपयोग वे वारदात के बाद हुलिया बदलने में करते थे। जप्त मशरूका कुल जप्त मशरूका की कीमत: ₹5,22,400 आपराधिक रिकॉर्ड सीसीटीएनएस जांच में सामने आया कि आरोपी आमिर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर व एंटी सोशल एक्टिविटी सहित 10 गंभीर अपराध दर्ज हैं। वहीं इरफान के विरुद्ध चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट व गैंगस्टर एक्ट सहित 11 अपराध दर्ज पाए गए। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक गायत्री सोनी, उप निरीक्षक कन्हैया अवस्थी, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप शर्मा, हीरालाल चंदन, प्रधान आरक्षक नारायण सिंह, दिलीप रावत, आरक्षक माखन सिंह व रविन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।साथ ही साइबर सेल एवं सीसीटीएनएस शाखा का भी सराहनीय योगदान रहा।

उमंग के रंग, सेवा के संग: JSG संगिनी उमंग रतलाम ने लगाया स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, ₹50 में 650 जांचें

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित JSG संगिनी उमंग रतलाम द्वारा अपने सेवा के संकल्प के अंतर्गत एक और सराहनीय पहल करते हुए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 27 जनवरी 2026 को लॉयंस डायग्नोस्टिक सेंटर पर संपन्न हुआ। इस शिविर का आयोजन ग्रुप सखी प्रतिभा पाटनी के सौजन्य से किया गया, जिसमें आमजन को मात्र ₹50 शुल्क में लगभग ₹650 मूल्य की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में डॉक्टर परामर्श के साथ हृदय जांच, ECG, शुगर, किडनी, लीवर (SGPT), ब्लड प्रेशर एवं कैल्शियम जैसी महत्वपूर्ण जांचें की गईं। शिविर के दौरान रीजन चिकित्सा कमेटी कन्वीनर एवं अध्यक्ष श्री मनोज कटारिया तथा रतलाम ज़ोन कोऑर्डिनेटर श्री निर्मल मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ ग्रुप सखियों सहित बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उठाया। आयोजन में ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया, बिंदु कटारिया, निर्मला पटवा, अनिता कोठारी, रश्मि जैन, प्रतिभा पाटनी, ममता भंडारी, अरुणा नाहर, किरण मेहता, पुष्पलता जिन्दानी, प्रीति चोरड़िया, संगीता पोरवाल, स्नेहलता धाकड़ सहित अनेक सखियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार ग्रुप सचिव द्वारा व्यक्त किया गया।JSG संगिनी उमंग रतलाम की यह पहल समाज के प्रति उनकी निरंतर सेवा भावना और स्वास्थ्य जागरूकता को दर्शाती है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

UGC के नए नियमों पर बवाल: जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बने कानून का क्यों हो रहा विरोध, जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। UGC New Rules: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा 2026 में लागू किए गए नए नियम Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को लेकर देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विरोध शुरू हो गया है। जहां एक ओर इन नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के छात्र और संगठन इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण करार दे रहे हैं। क्या हैं UGC के नए नियम? UGC के नए नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी SC, ST और OBC छात्रों से जुड़ी जातिगत भेदभाव की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी।कमेटी में SC-ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसका उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। UGC को ये नियम क्यों लाने पड़े? ये नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लाए गए हैं। वर्ष 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने UGC को 2012 के पुराने नियमों को अपडेट कर सख्त और प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे।कोर्ट ने कहा था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए केवल दिशानिर्देश नहीं, बल्कि ठोस निगरानी तंत्र जरूरी है। किस रिपोर्ट के आधार पर बने नए नियम? UGC ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति के सामने जो रिपोर्ट पेश की, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।रिपोर्ट के अनुसार— हालांकि 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। वर्ष 2019-20 में जहां 18 मामले लंबित थे, वहीं 2023-24 में यह संख्या 108 तक पहुंच गई। नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है? UGC के नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार, जो उनकी गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करे, उसे भेदभाव माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध और हंगामे की वजह क्या है? नए नियमों के खिलाफ जनरल कैटेगरी (सवर्ण) छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि नियमों में केवल SC, ST और OBC छात्रों के भेदभाव की बात की गई है, जबकि जनरल कैटेगरी के छात्रों को संरक्षण से बाहर रखा गया है।विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें की जा सकती हैं, जिससे कैंपस में तनाव बढ़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है, जिसमें इसे UGC एक्ट और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है। कुल मिलाकर क्या है पूरा मामला? UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपने आंकड़ों के आधार पर नए नियम लागू किए हैं, जिनका मकसद उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है।लेकिन दूसरी ओर, जनरल कैटेगरी के छात्रों को आशंका है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं।यही वजह है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इसे लेकर विरोध, प्रदर्शन और बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन रतलाम ने मनाया गणतंत्र दिवस, 12 फरवरी की संयुक्त हड़ताल पर हुई रणनीतिक चर्चा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन (MPMSRU) रतलाम शाखा द्वारा आज गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर यूनियन कार्यालय पर ध्वजारोहण किया गया, जिसमें यूनियन पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। ध्वजारोहण कार्यक्रम में यूनियन अध्यक्ष अभिषेक जैन, सह-सचिव अविनाश पोरवाल, उपाध्यक्ष रशिद खान, कोषाध्यक्ष संजय व्यास सहित बड़ी संख्या में यूनियन के साथी उपस्थित रहे। सभी ने संविधान की मूल भावना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया। संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल पर हुआ विचार-विमर्श कार्यक्रम के दौरान आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित संयुक्त श्रम संगठनों की हड़ताल को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने हेतु रणनीति एवं कार्ययोजना पर विचार-विमर्श कर रूपरेखा तय की गई। यूनियन पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि मजदूरों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह हड़ताल महत्वपूर्ण है और इसमें अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। एकता और संगठन शक्ति का संदेश गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यूनियन की एकता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

म.प्र–छत्तीसगढ़ का पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बना रतलाम, पत्रकारिता में रचा नया इतिहास

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं आसपास के राज्यों में पहला आईएसओ प्रमाणित प्रेस क्लब बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि प्रेस क्लब द्वारा वर्षों से की जा रही अनुशासित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। आईएसओ प्रमाणीकरण मिलने के उपलक्ष्य में प्रेस क्लब भवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर कलेक्टर मीशा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से रतलाम प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को आईएसओ प्रमाण पत्र सौंपा। आईएसओ प्रमाणन से बढ़ी जिम्मेदारी : मंत्री काश्यप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि आईएसओ प्रमाणीकरण गुणवत्ता, अनुशासन और विश्वसनीयता का प्रतीक है। इससे रतलाम प्रेस क्लब की जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं। अब क्लब को पत्रकारिता की गुणवत्ता को और ऊंचाई तक ले जाने के साथ समाज के प्रति अपनी भूमिका को अधिक सशक्त रूप में निभाना होगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी कार्यप्रणाली स्वागत भाषण में रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने बताया कि आईएसओ प्रमाणीकरण के साथ ही रतलाम प्रेस क्लब मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र का पहला ऐसा प्रेस क्लब बन गया है, जिसकी कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों की मान्यता मिली है। यह उपलब्धि पत्रकारों के हित में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता को दर्शाती है। अतिथियों का स्वागत क्लब सचिव यश शर्मा, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, सौरभ कोठारी, दिलजीत सिंह मान एवं कोषाध्यक्ष नीरज शुक्ला ने किया। कार्यक्रम का संचालन अदिति मिश्रा ने किया। समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और संगीत के बीच पत्रकार साथियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर खुशी जाहिर की। पत्रकारिता के क्षेत्र में मील का पत्थर आईएसओ प्रमाणन को केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि वर्षों से की जा रही मूल्यनिष्ठ और जिम्मेदार पत्रकारिता की पहचान माना जा रहा है। यह उपलब्धि पूरे संभाग के पत्रकार संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। गणतंत्र दिवस भी मनाया गया उत्साह के साथ आईएसओ प्रमाणीकरण समारोह के बाद प्रेस क्लब परिसर में गणतंत्र दिवस का भी उल्लासपूर्ण आयोजन हुआ। देशभक्ति गीतों, शेरो-शायरी, ग़ज़लों और कविताओं की प्रस्तुतियों से माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया। पत्रकार साथियों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए इसे रतलाम की पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित कार्यक्रम में सह-सचिव हेमंत भट्ट, वरिष्ठ सदस्य दिनेश दवे, चंद्रशेखर सोलंकी, किशोर जोशी, निलेश बाफना, विनोद वाधवा, शुभ दशोत्तर, मानस व्यास, चेतन्य शर्मा, सिकंदर पटेल, धरम वर्मा, विशेष आमंत्रित सदस्य आरिफ कुरैशी, गोविंद उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष शरद जोशी, दिलीप पाटनी, राजेश मूणत, सुरेंद्र जैन, राजेश जैन, पूर्व सचिव रमेश टांक, अरुण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।