Ratlam Murder Case: खेत में मिला किसान का खून से लथपथ शव, जमीन विवाद में हत्या की आशंका से सनसनी

Ratlam Murder Case में ताल थाना क्षेत्र के ग्राम कोठड़ी में 35 वर्षीय किसान राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू दांगी का खून से लथपथ शव खेत में मिला। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Murder Case: रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक किसान का खून से लथपथ शव खेत में पड़ा मिला। मृतक की पहचान ग्राम कोठड़ी निवासी 35 वर्षीय राजेंद्र सिंह उर्फ बबलू पुत्र दुलेसिंह दांगी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। घटना का वीडियो देखे शुक्रवार दोपहर खेत पर गए थे किसान, फिर नहीं लौटे जानकारी के अनुसार राजेंद्र सिंह दांगी शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं आने पर परिवार ने अनुमान लगाया कि वह खेती के काम के चलते खेत पर ही रुक गए होंगे। लेकिन शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उनके काका के पुत्र रामेश्वर दांगी जब गाय का दूध निकालने खेत पहुंचे तो उन्होंने खेत में राजेंद्र सिंह का शव पड़ा देखा। शव के आसपास काफी मात्रा में खून फैला हुआ था और शरीर पर चोटों के कई निशान मौजूद थे। Ratlam Murder Case में पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही खारवा कला पुलिस चौकी और ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि राजेंद्र सिंह का कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण परिवार हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जता रहा है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ-साथ पुरानी रंजिश और भूमि विवाद के एंगल पर भी जांच कर रही है। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजेंद्र सिंह दांगी के परिवार में पहले भी दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। उनकी पहली पत्नी सीमा का पूर्व में निधन हो चुका है, जिससे उनकी 12 वर्षीय पुत्री दिव्या है। बाद में उन्होंने भागूबाई से दूसरा विवाह किया था, जिनसे 10 वर्षीय पुत्री प्रियंका और 7 वर्षीय पुत्र यश हैं। परिवार में उनका छोटा भाई मनोहर दांगी भी है। दोनों भाइयों के हिस्से में करीब 12 बीघा कृषि भूमि और दो ट्रैक्टर हैं। क्या बोले थाना प्रभारी? ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।”

MP News: कोर्ट के आदेश से मचा हड़कंप! दो TI समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR, 30 मिनट की कार्रवाई पर उठे सवाल

MP News: राजस्थान की चौमहला कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश पुलिस के दो थाना प्रभारियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज हुई है। 30 मिनट में की गई मादक पदार्थ जब्ती कार्रवाई को कोर्ट ने संदिग्ध माना। मध्यप्रदेश- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। राजस्थान के झालावाड़ जिले की चौमहला कोर्ट के आदेश के बाद एमपी पुलिस के दो थाना प्रभारियों (TI) समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला जनवरी 2026 में राजस्थान के डग थाना क्षेत्र में की गई मादक पदार्थों की जब्ती कार्रवाई से जुड़ा है, जिसे कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के आगर मालवा की कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी गांव में छापेमारी की थी। पुलिस ने दावा किया था कि कार्रवाई के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का मादक पदार्थ (एमडी), स्मैक, कैटामाइन, नशीले इंजेक्शन, केमिकल ड्रम और हथियार बरामद किए गए। हालांकि आरोप है कि इस कार्रवाई की पूरी जानकारी स्थानीय डग पुलिस को नहीं दी गई। केवल फोन पर महिलाओं द्वारा अभद्रता किए जाने की सूचना दी गई, लेकिन छापेमारी की सही जगह और सहायता की आवश्यकता के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई। कोर्ट ने क्यों माना कार्रवाई को संदिग्ध? गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने चौमहला कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया कि एमपी पुलिस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए गांव में प्रवेश किया, घरों में तोड़फोड़ की और उनके परिवार को झूठे मामले में फंसा दिया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार: 30 मिनट में पूरी कार्रवाई पर सवाल इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने कार्रवाई को संदिग्ध मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। किन पुलिस अधिकारियों पर दर्ज हुआ मामला? कोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह बैस, उप निरीक्षक राखी गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक अजय जाट, पुलिसकर्मी राहुल विश्वकर्मा, शुभम सहित पूरी टीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप परिवादी हमीद खान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की थी। रुपये देने में असमर्थता जताने पर उनके परिवार के दो सदस्यों शाहिर खान और मनोवर खान को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मादक पदार्थों का मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके घरों की तलाशी में केवल एक लाइसेंसशुदा बंदूक, एक एयर गन और सात मोबाइल फोन मिले थे। किसी प्रकार का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। अब आगे क्या? राजस्थान में दर्ज हुई यह एफआईआर मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। दोनों राज्यों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला पुलिस कार्रवाई और एनडीपीएस मामलों की जांच प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

MP Police Direct Recruitment: खिलाड़ियों के लिए CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, अब बिना परीक्षा मिलेगी पुलिस में नौकरी!

MP Police Direct Recruitment 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती फिर शुरू करने का फैसला किया है। जानिए उप निरीक्षक और आरक्षक पदों के लिए पात्रता, नियम और नई भर्ती प्रक्रिया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Police Direct Recruitment: मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। गृह विभाग ने ‘मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन कर अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अब अपने ही प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। हर साल होगी MP Police Direct Recruitment नए नियमों के तहत मध्यप्रदेश पुलिस में खेल कोटे से भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से हर वर्ष आयोजित की जाएगी। पुलिस मुख्यालय आरक्षक (Constable) और उप निरीक्षक (Sub-Inspector) पदों की रिक्तियों का विज्ञापन जारी करेगा। सरकार की योजना के अनुसार खिलाड़ियों को 10 उप निरीक्षक और 50 आरक्षक पदों पर सीधी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। यह कदम न केवल खिलाड़ियों के रोजगार को सुरक्षित करेगा, बल्कि उन्हें खेल गतिविधियों को जारी रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। CM मोहन यादव ने क्या कहा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पुलिस में सीधी भर्ती की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उनका मानना है कि इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अन्य राज्यों में नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। खिलाड़ियों को मिलेगी कई बड़ी छूट संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कई महत्वपूर्ण राहतें दी गई हैं। प्रमुख सुविधाएं इसके अलावा खिलाड़ियों की नियुक्ति किसी आरक्षित वर्ग के तहत नहीं, बल्कि सामान्य श्रेणी में की जाएगी। कौन बन सकेगा उप निरीक्षक? उप निरीक्षक (SI) पद के लिए पात्र खिलाड़ी वे खिलाड़ी आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने: इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी पात्र माना जाएगा। आरक्षक पद के लिए कौन होगा पात्र? आरक्षक पद के लिए पात्रता का दायरा और व्यापक रखा गया है। आरक्षक (Constable) पद के लिए पात्र खिलाड़ी मेरिट कैसे तय होगी? यदि दो खिलाड़ियों के मेरिट अंक समान होते हैं तो प्राथमिकता का क्रम इस प्रकार रहेगा: इसके बाद खिलाड़ी की आयु को आधार बनाया जाएगा। वहीं केवल वही खेल मान्य होंगे जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रहे हैं। खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मध्यप्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। लंबे समय से खिलाड़ी पुलिस भर्ती में खेल कोटे की बहाली की मांग कर रहे थे। अब सरकार के इस फैसले से हजारों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का नया अवसर मिलेगा।

Ratlam News: आलोट अस्पताल में BMO से मारपीट: डॉक्टरों की हड़ताल, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

आलोट सरकारी अस्पताल में BMO डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ मारपीट के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल कर दी। घटना CCTV में कैद हुई, पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट सरकारी अस्पताल में सोमवार रात एक गंभीर विवाद ने तूल पकड़ लिया। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह देने पर बीएमओ (BMO) डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना से नाराज डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार सुबह काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और थाने के सामने धरना देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना का CCTV देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल मुमताज को सोमवार रात करीब 9:30 बजे आलोट सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ड्यूटी डॉक्टर डॉ. रोहित चौधरी ने प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। रात करीब 11 बजे अमजद नामक व्यक्ति ने बीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य को फोन कर आईसीयू में बुलाया। डॉ. मौर्य ने घायल का निरीक्षण करने के बाद पुनः मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसी बात को लेकर अमजद और उसके साथी भड़क गए। चैंबर तक ले जाकर की गई मारपीट आरोप है कि आरोपी पहले गाली-गलौच पर उतरे और फिर डॉ. मौर्य के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आरोपियों ने डॉक्टर को उनके चैंबर तक ले जाकर हमला किया। शोर सुनकर अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव कर डॉक्टर को बचाया। डॉ. मौर्य ने शिकायत में बताया कि उनके सिर, नाक, आंख, होंठ और चेहरे पर चोटें आई हैं तथा आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। CCTV फुटेज पुलिस ने किया जब्त थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम के अनुसार डॉक्टर की शिकायत पर अमजद और उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल घटना के विरोध में मंगलवार सुबह अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी आलोट थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अन्य मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार राजेश पाटीदार को एसडीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना और हड़ताल समाप्त कर दी गई। निजी चिकित्सक संघ और विधायक भी आए समर्थन में निजी चिकित्सक संघ और औषधि विक्रेता संघ ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। वहीं आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय ने घायल बीएमओ से मुलाकात कर हालचाल जाना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

Ratlam News: रतलाम में हिंदू युवती का शोषण: जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह, 3 साल तक प्रताड़ना; गर्भपात कराने और जान से मारने की धमकी का आरोप

रतलाम में एक हिंदू युवती ने युवक पर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करने, दुष्कर्म, गर्भपात कराने और तीन साल तक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ कथित तौर पर तीन साल तक शारीरिक शोषण, जबरन गर्भपात, धर्म परिवर्तन और निकाह कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी समीर उर्फ मार्बल के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। नाबालिग अवस्था में शुरू हुआ संपर्क पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2023 में जब वह नाबालिग थी, तब उसके भाई के परिचित समीर ने उससे मेलजोल बढ़ाया। आरोप है कि समीर उसे बहाने से अपने घर ले गया और उसके साथ गलत काम किया। बाद में जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी ने जबरन दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने चाकू दिखाकर उसे और उसके भाई को जान से मारने की धमकी भी दी। जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह का आरोप शिकायत में कहा गया है कि आरोपी लगातार युवती पर मुस्लिम धर्म अपनाने और निकाह करने का दबाव बनाता रहा। दूसरी बार गर्भवती होने पर उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसकी इच्छा के विरुद्ध निकाह कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि निकाह के बाद उसे आरोपी के घर में परिवार से अलग-थलग रखा गया और माता-पिता से मिलने नहीं दिया गया। बच्चे के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना युवती ने बताया कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया, जो वर्तमान में करीब नौ माह का है। बच्चे के जन्म के बाद आरोपी का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया। आरोप है कि वह आए दिन मारपीट करता था और जान से मारने की धमकियां देता था। 8 जून को कथित रूप से आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की, जिससे उसके गाल और गर्दन पर चोटें आईं। इसके बाद वह किसी तरह अपने माता-पिता के घर पहुंची। उसी दिन शाम को आरोपी द्वारा मायके पहुंचकर पत्थरबाजी करने का भी आरोप लगाया गया है। कोर्ट चौराहा पर बच्चे को छीनने की कोशिश पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 10 जून की शाम वह कोर्ट चौराहा क्षेत्र में खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा और उसे जबरन साथ चलने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोप है कि उसने नौ माह के बच्चे को छीनने का भी प्रयास किया, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से मामला टल गया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के भाई को फोन कर कथित रूप से धमकी दी कि यदि युवती को वापस नहीं भेजा गया तो वह उसकी हत्या कर देगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी पीड़िता की शिकायत के आधार पर दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने आरोपी समीर उर्फ मार्बल के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में शादी के नाम पर 2.80 लाख की ठगी! 3 दिन बाद भाई के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन

रतलाम के सुखेड़ा में शादी के नाम पर 2.80 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शादी के तीन दिन बाद दुल्हन भाई के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर फरार हो गई। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सुखेड़ा क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी करने वाले कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक को शादी का झांसा देकर 2 लाख 80 हजार रुपये की ठगी की गई। हैरानी की बात यह है कि शादी के महज तीन दिन बाद ही दुल्हन अपने भाई के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3 लाख की मांग, 2.80 लाख रुपये में हुआ सौदा जानकारी के अनुसार सुखेड़ा निवासी गंगाबाई पत्नी राकेश पंडित ने मार्च माह में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बहन चंदाबाई निवासी नगरी (मंदसौर) के पुत्र भरत नागदा की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान सुखेड़ा निवासी मोहनलाल मोगिया ने अपने उत्तर प्रदेश स्थित रिश्तेदारों के माध्यम से शादी कराने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में करीब 3 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई, बाद में 2 लाख 80 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। यह राशि गंगाबाई के खाते के माध्यम से मोहनलाल मोगिया को दे दी गई। उत्तर प्रदेश में स्टाम्प पेपर पर कराई गई शादी परिवार के अनुसार 25 फरवरी को भरत नागदा और उनके परिजन उत्तर प्रदेश पहुंचे। वहां सोनभद्र जिले के घिवही क्षेत्र में माला नामक युवती से मुलाकात करवाई गई। भरत और माला के बीच वरमाला की रस्म हुई, मांग में सिंदूर भरा गया और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कर विवाह की औपचारिकता पूरी की गई। इसके बाद दुल्हन माला को लेकर सभी लोग वापस मध्यप्रदेश लौट आए और सुखेड़ा में रहने लगे। टिकट लाने का बहाना बनाकर हुई फरार शादी के मात्र तीन दिन बाद माला ने अपने भाई के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही और उत्तर प्रदेश जाने की इच्छा जताई। भरत नागदा उसे भोपाल रेलवे स्टेशन तक छोड़ने पहुंचे। परिजनों के अनुसार स्टेशन पर माला टिकट लेने का बहाना बनाकर गई और फिर वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। दूसरी शादी के लिए मांगे गए 80 हजार रुपये जब पीड़ित परिवार ने मोहनलाल मोगिया से संपर्क किया तो दीपक नामक व्यक्ति ने 80 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पर दूसरी शादी कराने का प्रस्ताव दिया। इसी के बाद परिवार को ठगी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला मामले की जांच के बाद 11 जून को सुखेड़ा पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और कथित लुटेरी दुल्हन गिरोह की भूमिका की जांच कर रही है। क्या बोले अधिकारी? एएसपी विवेक कुमार ने बताया कि मामले में शिकायत और जांच के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शादी के नाम पर किसी भी प्रकार के लालच या संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहें और पूरी जानकारी की पुष्टि के बाद ही कोई आर्थिक लेन-देन करें।

Ratlam News: रतलाम सर्राफा बाजार में डकैती की साजिश नाकाम, अंतरराज्यीय गैंग के 6 बदमाश घातक हथियारों सहित गिरफ्तार

रतलाम में स्टेशन रोड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सर्राफा बाजार में डकैती की योजना बना रहे अंतरराज्यीय गैंग के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से तलवार, फालिया, गुप्ती और हाईड्रोलिक कटर सहित कई हथियार बरामद हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्टेशन थाना पुलिस ने सर्राफा बाजार में बड़ी ज्वेलर्स दुकान को निशाना बनाकर डकैती की योजना बना रहे एक खतरनाक अंतरराज्यीय गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घातक हथियार और चोरी-डकैती में उपयोग होने वाले औजार भी बरामद किए हैं। वीडियो देखे मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिले में रात्रि गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह जादौन को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि पंचपीर दरगाह और नई ईदगाह के पास उंकाला रोड पर कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ बैठे हैं और सर्राफा बाजार में बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर छह आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से क्या मिला? पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक धारदार तलवार, फालिया, गुप्ती, लोहे की टॉमी, गुलेल, हाईड्रोलिक कटर, पेचकस, पाना और अन्य औजार जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि ये सभी उपकरण ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी और डकैती के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले थे। अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के रायसेन, अशोकनगर, उज्जैन और अन्य जिलों से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रभात उर्फ चेतन बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में हुई एक बड़ी डकैती का फरार इनामी आरोपी भी है। वहीं कई अन्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी और स्थायी वारंट भी लंबित पाए गए हैं। एक आरोपी फरार, तलाश जारी पुलिस के अनुसार सर्राफा बाजार की रेकी करने वाला आरोपी दिनेश हांडा, निवासी बजरंग नगर रतलाम, कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का बयान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण सर्राफा बाजार में होने वाली बड़ी वारदात को टाल दिया गया। आरोपियों के खिलाफ थाना स्टेशन रोड में अपराध क्रमांक 458/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(4), 310(5) और आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पहले भी सक्रिय रहा है पारदी गैंग मध्यप्रदेश में पारदी और मोगिया गैंग के कई सदस्य पूर्व में भी चोरी, नकबजनी और डकैती जैसी घटनाओं में शामिल पाए गए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

Ratlam News: 4 साल से खुदी पड़ी सड़क पर फूटा जनता का गुस्सा, वार्ड 26 में चक्का जाम की चेतावनी; CCTV में गिरता दिखा बाइक सवार

वार्ड नंबर 26 की सड़क पिछले चार वर्षों से खुदी पड़ी होने का आरोप है। परेशान नागरिकों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्का जाम की चेतावनी दी है। खराब सड़क के कारण एक बाइक सवार के गिरने का CCTV वीडियो भी सामने आया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: वार्ड नंबर 26 की एक प्रमुख गली की सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। नागरिकों का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से सड़क पूरी तरह खुदी हुई पड़ी है, जिससे क्षेत्रवासियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए गली में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। घटना का CCTV देखे सड़क निर्माण नहीं होने से बढ़ी परेशानी स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वार्ड की यह सड़क लंबे समय से अधूरी स्थिति में है। बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव की समस्या तो रहती ही है, वहीं सामान्य दिनों में भी धूल और गड्ढों के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि जिस क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन मिलता है, वहां विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है, जबकि अन्य इलाकों में लगातार विकास कार्य और उद्घाटन किए जा रहे हैं। CCTV में गिरता दिखा बाइक सवार खराब सड़क की स्थिति के बीच एक CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक बाइक सवार सड़क पर गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। नागरिकों ने दी चक्का जाम की चेतावनी परेशान नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। लोगों का आरोप है कि कई वर्षों से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और अब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “चार साल से सड़क खुदी पड़ी है। रोजाना दुर्घटना का डर बना रहता है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।” पहले भी उठ चुके हैं विकास कार्यों पर सवाल स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में देरी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। कई बार नागरिकों ने सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Ratlam News: रतलाम में निवेश क्षेत्र का विरोध हिंसक: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

रतलाम के पलसोड़ी में निवेश क्षेत्र के विरोध के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव हुआ, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। तीन पुलिसकर्मी घायल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क । Ratlam News: जिले के पलसोड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र को लेकर शुक्रवार को बड़ा बवाल हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। घटना का वीडियो देखे निवेश क्षेत्र के विरोध में उग्र हुआ आंदोलन जानकारी के अनुसार पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि को निवेश क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है। ग्रामीण लंबे समय से इस योजना का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल और अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी-बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर करीब 2 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने के बाद बढ़ा तनाव स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा समेत 20 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सरपंच बोले- हम शांतिपूर्ण तरीके से समय मांगने पहुंचे थे जुलवानिया सरपंच छोटू मईडा ने दावा किया कि ग्रामीण केवल कार्रवाई रोकने और सात दिन का समय मांगने पहुंचे थे। उनका कहना है कि मामले में हाईकोर्ट में स्थगन के लिए आवेदन भी लगाया गया है। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सरपंच ने पथराव की घटना से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह काम असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें और अन्य ग्रामीणों को करीब दो घंटे तक वज्र वाहन में घुमाया गया। क्या है पूरा मामला? मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) जिले में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क निवेश क्षेत्र विकसित कर रहा है। इसके तहत जामथुन, बिबड़ोद, जुलवानिया, पलसोड़ी, रामपुरिया और सरवनी खुर्द की करीब 1370.532 हेक्टेयर शासकीय भूमि को विकसित किया जाना है। कई बड़ी कंपनियां यहां निवेश की तैयारी भी कर चुकी हैं। हालांकि वर्षों से शासकीय भूमि पर खेती कर रहे ग्रामीण इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें रोजगार या भूखंड नहीं, बल्कि खेती के लिए जमीन चाहिए।

Ratlam News: रतलाम में शिक्षा विभाग का बाबू 10 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, रिटायर्ड शिक्षक से मांगी थी 20 हजार की घूस

रतलाम जिले के जावरा में शिक्षा विभाग के बाबू को लोकायुक्त टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। रिटायर्ड शिक्षक से पीपीओ और सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के बदले मांगी थी घूस। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के जावरा में मंगलवार को उज्जैन लोकायुक्त टीम ने शिक्षा विभाग के एक बाबू को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कर्मचारी ने एक रिटायर्ड शिक्षक का सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र और पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उसे कार्यालय में ही ट्रैप कर लिया। रिटायर्ड शिक्षक से मांगे थे 20 हजार रुपए लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल के अनुसार, शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण लोट शासकीय उमावि हाटपिपल्या, ब्लॉक जावरा में उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे और 31 मई को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें रिटायरमेंट सर्टिफिकेट और पीपीओ जारी करवाना था। आरोप है कि जावरा के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू अनिल वर्मा ने इन दस्तावेजों को जारी करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ। कई दिनों तक लगवाए चक्कर, फिर पहुंची शिकायत लोकायुक्त तक जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड शिक्षक पिछले चार से पांच दिनों से अपने दस्तावेजों के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। बार-बार रिश्वत की मांग और काम में देरी से परेशान होकर उन्होंने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम ने शिकायत मिलने के बाद वॉयस सैंपल और अन्य तथ्यों का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई गई। टेबल की दराज में रजिस्टर के नीचे छिपाए थे नोट मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए 10 हजार रुपए आरोपी बाबू अनिल वर्मा ने स्वीकार कर लिए और अपनी टेबल की दराज में रखे रजिस्टर के नीचे छिपा दिए। जैसे ही रिश्वत की राशि रखी गई, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत के रुपए भी बरामद कर लिए गए। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक हीना डावर, हेड कांस्टेबल हितेश ललावत, कांस्टेबल उमेश जाटव, श्याम शर्मा, नीरज राठौर और संदीप कदम सहित लोकायुक्त टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे। रिश्वत मांगे तो यहां करें शिकायत लोकायुक्त विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त को दें। शिकायत के लिए लोकायुक्त उज्जैन एसपी के मोबाइल नंबर 9425103975 और कार्यालय नंबर 0734-2512756 पर संपर्क किया जा सकता है।