पटियाला में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल का हमला, महिला की प्लास्टिक सर्जरी

पटियाला के घुम्मण नगर में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल ने हमला कर दिया। महिला गंभीर घायल हुई, अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी की गई। पटियाला- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पंजाब के पटियाला में घर देखने पहुंचे एक दंपति पर पालतू पिटबुल के हमले का मामला सामने आया है। घटना घुम्मण नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां एक रियल एस्टेट डीलर के साथ घर देखने पहुंचे दंपति पर परिसर में मौजूद कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। गेट खुलते ही पिटबुल महिला की तरफ झपटा और उसे कई जगह काट लिया। महिला को बचाने के लिए उसके पति ने हस्तक्षेप किया तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दंपति को बचाने की कोशिश की। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। डोरबेल बजाने के बाद हुआ हमला मिली जानकारी के अनुसार, दंपति एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मकान देखने पहुंचा था। घर के बाहर पहुंचने के बाद डोरबेल बजाई गई। इसके बाद जैसे ही गेट खोला गया, परिसर में मौजूद पिटबुल अचानक बाहर की ओर दौड़ा। कुत्ते ने महिला को अपना निशाना बनाया और उस पर हमला कर दिया। महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति को भी कुत्ते ने काट लिया। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को बचाया। महिला को आईं गंभीर चोटें, हुई प्लास्टिक सर्जरी पिटबुल के हमले में महिला के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। वायरल हो रही घटना की फुटेज में महिला खून से लथपथ नजर आ रही है। घटना के बाद महिला और उसके पति को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। महिला की चोटें गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी की। पति को भी हमले में चोटें आई हैं और उनका भी उपचार कराया गया। CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल घटना से जुड़ी CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। फुटेज में घर के परिसर में दंपति के साथ हुई घटना दिखाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद पालतू कुत्तों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी घटनाओं में पालतू जानवरों को नियंत्रित रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। घटना के बाद इलाके में चिंता पिटबुल के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। खासकर उन लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं जो मकान देखने या किसी अन्य काम से निजी परिसरों में जाते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।

UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

LPG e-KYC की आखिरी तारीख नजदीक, 16 अगस्त के बाद लाखों उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

16 अगस्त तक LPG e-KYC नहीं कराने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। जानिए क्या है पूरा मामला और e-KYC कराने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG e-KYC: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह समय बेहद अहम है। गैस कंपनियां लगातार ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए एसएमएस भेज रही हैं। संदेश में 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश में अब भी करीब 39.84 लाख उपभोक्ताओं की LPG e-KYC बाकी है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ गैस एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से सिलेंडर डिलीवरी प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने या कमर्शियल दर पर सिलेंडर देने को लेकर गैस कंपनियों की ओर से कोई सार्वजनिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल एजेंसियों को मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है। LPG e-KYC क्यों बनी जरूरी? सरकार और तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से एलपीजी कनेक्शन का आधार आधारित सत्यापन करा रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। e-KYC पूरी होने के बाद उपभोक्ता का गैस कनेक्शन आधार से सत्यापित हो जाता है, जिससे रिकॉर्ड अपडेट रहता है। क्या 947 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में मिलेगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि e-KYC नहीं कराने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। फिलहाल स्थिति क्या है? ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय समय रहते e-KYC पूरी कर लेनी चाहिए। घर बैठे ऐसे कराएं LPG e-KYC e-KYC कराने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध हैं। 1. IndianOil ONE App यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है, तो आधिकारिक ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 2. नजदीकी गैस एजेंसी आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। 3. सिलेंडर डिलीवरी के समय कई एजेंसियां डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी e-KYC की सुविधा दे रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

August Rules 2026: 1 August 2026 से बदलेंगे कई अहम नियम, जानिए LPG, बैंक, ITR और तत्काल टिकट से जुड़े सभी अपडेट

August Rules 2026: 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर, बैंक छुट्टियां, तत्काल टिकट, ITR, क्रेडिट कार्ड और ATM नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जानिए कौन-कौन से नए नियम आपकी जेब पर असर डालेंगे। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। August Rules 2026: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अगस्त 2026 से ऐसे कई नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब, बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकों की छुट्टियों, रेलवे के तत्काल टिकट, ITR फाइलिंग, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि अगस्त महीने में आपका बैंक, गैस बुकिंग या टैक्स से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो इन नियमों की जानकारी पहले से होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। नीचे जानिए 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव 1. एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए 1 अगस्त को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की नई कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। 2. तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और नंबर आने पर टिकट बुक किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ और धक्का-मुक्की को कम करना है। 3. अगस्त महीने की बैंक छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कई अवसरों पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यदि आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो छुट्टियों की सूची पहले जरूर देख लें। 4. ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर रखें नजर हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन कुछ बैंक समय-समय पर अपने शुल्क, मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसलिए अपने बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना बेहतर रहेगा। 5. क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं हर महीने कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं— यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांच लें। 6. ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव एलपीजी के अलावा विमान ईंधन (ATF) सहित अन्य ईंधन की कीमतों में भी बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। यदि ATF महंगा होता है तो भविष्य में हवाई यात्रा की लागत पर भी असर पड़ सकता है। 7. ITR भरने वालों के लिए महत्वपूर्ण तारीख जिन करदाताओं को ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरना है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। 8. होम लोन और EMI पर भी रह सकती है नजर अगस्त महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने की संभावना है। यदि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो इसका असर— की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

MP News: फिल्म देखने के चक्कर में गंवाए ₹2.90 लाख, एक ऐप डाउनलोड करते ही 20 मिनट में खाली हुआ बैंक खाता

MP News: फिल्म देखने के लिए मोबाइल ऐप डाउनलोड करना एक कपड़ा व्यापारी को भारी पड़ गया। 20 मिनट में पीएनबी खाते से ₹2.90 लाख निकल गए। पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी। राजगढ़- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर से सामने आया साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला, जहां फिल्म देखने के लिए मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड करना कपड़ा व्यापारी को भारी पड़ गया। ऐप इंस्टॉल होने के 20 मिनट के भीतर उसके पीएनबी खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ₹2.90 लाख निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। घटना ब्यावरा के वार्ड क्रमांक-4 की है। पीड़ित ने जब दोबारा मोबाइल चालू किया तो खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कई अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से रकम निकाली। अब साइबर सेल संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। कैसे हुई पूरी साइबर ठगी? सिटी थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, वार्ड क्रमांक-4 निवासी कपड़ा व्यापारी सुनील लालवानी अपने मोबाइल पर ‘New Hindi Movie’ और ‘Bollywood South Movie’ नाम के ऐप देख रहे थे। इन्हीं में से एक ऐप डाउनलोड करने के तुरंत बाद उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। कुछ देर बाद जब मोबाइल दोबारा चालू हुआ तो पीएनबी खाते से लगातार पैसे कटने के एसएमएस आने लगे। तब तक उनके खाते से करीब ₹2.90 लाख निकाले जा चुके थे। 20 मिनट में पांच से ज्यादा ट्रांजेक्शन पुलिस जांच में पता चला है कि साइबर ठगों ने अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने करीब ₹50 हजार, ₹47 हजार, ₹40 हजार और ₹35 हजार समेत पांच से अधिक ट्रांजेक्शन किए और कुल ₹2.90 लाख निकाल लिए। पूरी वारदात लगभग 20 मिनट के भीतर अंजाम दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाकर मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल कर रही जांच फिलहाल साइबर सेल संबंधित यूपीआई आईडी, बैंक खातों और आईपी एड्रेस की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों को दी यह सलाह थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें। उन्होंने कहा कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी अनजान ऐप को बैंकिंग संबंधी जानकारी या अनावश्यक परमिशन न दें। यदि साइबर ठगी का शिकार हों तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां

MP News: एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल तक सहमति से बने संबंध को नहीं माना दुष्कर्म

MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चार साल तक सहमति से बने संबंधों को दुष्कर्म नहीं मानते हुए केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज रेप की FIR और लंबित आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सहमति से बने संबंधों और दुष्कर्म के मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दो बालिग अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहे हैं और सहमति किसी झूठे वादे, धमकी या दबाव के आधार पर नहीं ली गई है, तो ऐसे मामले में दुष्कर्म का अपराध नहीं बनता। हाईकोर्ट ने इसी आधार पर भोपाल निवासी एक केंद्रीय कर्मचारी के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म की एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनाया। यह निर्णय सहमति (Consent) और झूठे विवाह के वादे से जुड़े मामलों में कानूनी दृष्टिकोण को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या था पूरा मामला? याचिकाकर्ता एक केंद्रीय कर्मचारी है, जिसके खिलाफ उसकी विवाहित सहकर्मी ने भोपाल के छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2020 में आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। साथ ही शादी का झांसा देकर करीब चार वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था और मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन था। हाईकोर्ट ने किन तथ्यों पर दिया फैसला? सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों और परिस्थितियों का विस्तृत परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता: अदालत ने यह भी माना कि दोनों के बीच लंबे समय तक सहमति से संबंध रहे और रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि आरोपी ने महिला को ब्लैकमेल किया, धमकाया या झूठे विवाह के वादे से उसकी सहमति प्राप्त की। अदालत ने क्या कहा? न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यदि दो बालिग बिना किसी दबाव, भय या झूठे प्रलोभन के अपनी स्वतंत्र इच्छा से लंबे समय तक संबंध में रहते हैं, तो केवल बाद में विवाद उत्पन्न होने से उस संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया। फैसले का कानूनी महत्व यह फैसला इस सिद्धांत को दोहराता है कि दुष्कर्म के मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है। यदि सहमति स्वतंत्र रूप से दी गई हो और उसे धोखे, धमकी, दबाव या झूठे विवाह के वादे से प्राप्त न किया गया हो, तो अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती है।

Paper Leak Law 2026: 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना, जानें नए संशोधन बिल की हर बड़ी बात

Paper Leak Law 2026: पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नया संशोधन बिल पेश किया है। इसमें 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना, STF और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव शामिल है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Paper Leak Law 2026: देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने कानून को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 संसद में पेश किया है। इस संशोधन का मकसद केवल पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा देना ही नहीं, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही भी तय करना है। प्रस्तावित बदलावों में जेल की अवधि बढ़ाने, भारी आर्थिक दंड लगाने और जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में जारी हंगामे के कारण इस विधेयक पर अभी विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी है। यदि यह संशोधन पारित होता है तो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जाएगा। क्या है Paper Leak Law 2026? केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित किया है। नए बिल का उद्देश्य संगठित पेपर लीक नेटवर्क, परीक्षा माफिया और परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करना है। सरकार का मानना है कि केवल दोषियों को सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। व्यक्तिगत नकल पर बढ़ेगी सजा 2024 के कानून में व्यक्तिगत स्तर पर नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर 3 से 5 साल तक की जेल और अधिकतम ₹10 लाख जुर्माने का प्रावधान था। प्रस्तावित बदलाव इसका उद्देश्य परीक्षा में धोखाधड़ी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखना है। पेपर लीक गिरोहों पर होगी सख्त कार्रवाई संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी सरकार ने सजा और आर्थिक दंड बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। नए बिल में प्रस्ताव पहले ऐसे मामलों में न्यूनतम 5 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान था। परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की भी तय होगी जवाबदेही संशोधन बिल में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के लिए भी कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि कोई एजेंसी लापरवाही या मिलीभगत की दोषी पाई जाती है तो उस पर ₹5 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया है। STF करेगी जांच, दो महीने में पूरी करनी होगी प्रक्रिया नए बिल में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का प्रस्ताव है। साथ ही जांच को लंबा खिंचने से रोकने के लिए दो महीने के भीतर जांच पूरी करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर संशोधन बिल में परीक्षा संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे मामलों की पैरवी के लिए एक या अधिक स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का अधिकार देने का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि अभियोजन प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके। अपील की व्यवस्था भी होगी समयबद्ध प्रस्तावित बिल के अनुसार—

PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अलर्ट, तुरंत चेक करें स्टेटस, नहीं तो अटक सकते हैं ₹2,000

PM Kisan 24th Installment से पहले अपना Beneficiary Status, e-KYC, आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूर जांच लें। छोटी सी गलती से ₹2,000 की किस्त रुक सकती है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की 24वीं किस्त (PM Kisan 24th Installment) का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अगली ₹2,000 की किस्त आने से पहले अपना Beneficiary Status और e-KYC जरूर जांच लें। कई बार आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी, e-KYC अधूरी रहने या आवेदन से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों के कारण किस्त समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में कुछ मिनट का यह काम आपको भुगतान रुकने की परेशानी से बचा सकता है। अच्छी बात यह है कि किसान घर बैठे अपने मोबाइल से ही यह पता लगा सकते हैं कि उनकी अगली किस्त जारी होगी या नहीं। इसके लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करना होगा। PM Kisan Beneficiary Status कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त आएगी या नहीं, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं— स्टेटस चेक करते समय इन बातों पर जरूर ध्यान दें यदि स्टेटस में इनमें से कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कराएं— किस्त आने से पहले ये काम जरूर पूरा करें यदि Beneficiary Status में e-KYC, आधार या बैंक खाते से जुड़ी कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे तुरंत ठीक कराना बेहतर रहेगा। इससे अगली ₹2,000 की किस्त आपके खाते में बिना किसी रुकावट के पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आवेदन की स्थिति भी नियमित रूप से जांचते रहें, ताकि किसी तकनीकी समस्या की जानकारी समय रहते मिल सके। क्या है PM Kisan योजना? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती और अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है।

MP के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 1 अगस्त से तत्काल टिकट के नए नियम लागू, परिवार को मिलेगी पहली प्राथमिकता

MP 1 अगस्त 2026 से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू होगी। जानिए एसी, नॉन-एसी टोकन समय और नए नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP मध्य प्रदेश के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। नई प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए तत्काल टिकट बनवाने आरक्षण केंद्र पहुंचेंगे। ऐसे यात्रियों को सबसे पहले मौका दिया जाएगा, जबकि अन्य प्रतिनिधियों को बाद में टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाना और आम यात्रियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। यात्रियों को अब निर्धारित समय पर टोकन लेना होगा और उसी क्रम के अनुसार टिकट बुकिंग की जाएगी। इससे काउंटरों पर भीड़ कम होने और प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रहने की उम्मीद है। 1 अगस्त से लागू होगी नई टोकन व्यवस्था पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट के लिए टोकन प्रणाली शुरू की जा रही है। हर टोकन पर संबंधित काउंटर नंबर दर्ज रहेगा और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और एक व्यक्ति द्वारा कई बार टोकन लेकर दलाली करने की संभावना काफी हद तक कम होगी। एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकट के लिए अलग समय नई व्यवस्था के तहत एसी और नॉन-एसी तत्काल टिकटों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। एसी तत्काल टिकट नॉन-एसी तत्काल टिकट जरूरत पड़ने पर रेलवे इन टोकनों की संख्या में बदलाव भी कर सकेगा।  ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटे जाएंगे टोकन रेलवे ने टोकन को दो अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है।  ‘ए’ श्रेणी इस श्रेणी में वे यात्री शामिल होंगे जो— इन यात्रियों को स्वप्रमाणित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यकता होने पर पारिवारिक संबंध का प्रमाण भी देना पड़ सकता है। ‘बी’ श्रेणी इस श्रेणी में वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से टिकट बनवाएंगे। उन्हें अपने साथ-साथ संबंधित यात्री का भी स्वप्रमाणित पहचान पत्र जमा करना होगा। पहले परिवार, फिर अन्य प्रतिनिधियों को मिलेगा मौका नई व्यवस्था के अनुसार पहले ‘ए’ श्रेणी के सभी टोकनधारकों का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद ‘बी’ श्रेणी के प्रतिनिधियों को टिकट बुकिंग की अनुमति मिलेगी। रेलवे का मानना है कि इससे वास्तविक यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और तत्काल टिकट पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष होगी। दलालों पर लगेगी प्रभावी रोक रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टोकन पूरी तरह हस्तांतरणीय (Non-Transferable) नहीं होंगे। यानी एक व्यक्ति अपना टोकन किसी दूसरे को नहीं दे सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य— रेलवे की पहल से आम यात्रियों को मिलेगा फायदा पश्चिम मध्य रेलवे का कहना है कि नई टोकन व्यवस्था का मकसद वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना और तत्काल टिकट प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य स्थानों पर भी इस तरह की प्रणाली अपनाई जा सकती है।

CJP Protest: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने पिलाया जूस; पीएम मोदी बोले- जल्द स्वस्थ हों

CJP Protest:सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: करीब 26 दिनों तक चले लंबे अनशन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना उपवास समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अनशन समाप्त होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द पुराना वजन प्राप्त करने की शुभकामनाएं भी दीं। लंबे समय तक चले इस आंदोलन के खत्म होने के बाद अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन सोनम वांगचुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया। उन्होंने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया। पीएम मोदी ने क्या कहा? अनशन समाप्त होने की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से आग्रह करते हैं कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या अपनाएं और जल्द अपना पुराना वजन वापस प्राप्त करें। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की। डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे सोनम वांगचुक लगातार 26 दिनों तक उपवास रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम अब उन्हें चरणबद्ध तरीके से सामान्य आहार देना शुरू करेगी ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट सके। वांगचुक ने हिंसा से दूर रहने की अपील की अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द एक वीडियो जारी कर पूरी प्रक्रिया और शर्तों की जानकारी देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद आया फैसला अनशन समाप्त होने से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उन्होंने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। इसके बाद देर रात सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने की जानकारी सामने आई। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक कारण-परिणाम संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। आगे क्या हो सकता है? अनशन समाप्त होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार और लद्दाख से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच लंबित मुद्दों पर औपचारिक वार्ता तेज होगी। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

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