Cancel Train: भारी बारिश से 12 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया

Cancel Train: मुंबई मंडल में भारी बारिश और जलभराव के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई ट्रेनों के रूट और संचालन में भी बदलाव किया गया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Cancel Train: मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। ट्रैक पर पानी भरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ है, जिसका असर रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित, शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट करने का निर्णय लिया है। रतलाम मंडल ने रात 10:30 बजे तक की अपडेट जारी कर यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या RailOne ऐप पर जरूर देख लें। 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्न ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त रहेंगी। इन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रेलवे ने कुछ ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य तक न चलाकर बीच के स्टेशन से समाप्त या प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट ट्रेनें यात्रियों के लिए जरूरी सूचना रेलवे प्रशासन ने बताया है कि मौसम सामान्य होने तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांचना चाहिए। ट्रेन की जानकारी यहां मिलेगी रेलवे ने क्या कहा? रतलाम मंडल के अनुसार मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में भारी वर्षा से जलभराव होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की पुष्टि कर लें।

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

MP Weather: भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 48 घंटे तक मेहरबान रहेगा मानसून

MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीधी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जानिए अगले 48 घंटे का मौसम अपडेट। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather: मध्य प्रदेश में कुछ दिनों के ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार तक कई जिलों में जारी रहा। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, प्रदेश से गुजर रही ट्रफ और बंगाल की खाड़ी व छत्तीसगढ़ की ओर से लगातार मिल रही नमी के कारण अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है। बारिश की वापसी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही जिन किसानों की बोवनी अधूरी थी, उनके लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। अगले 48 घंटे का मौसम कैसा रहेगा? मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना इन जिलों में मध्यम से तेज बारिश के आसार क्यों सक्रिय हुआ मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तीन प्रमुख मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। इन्हीं कारणों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना हुआ है। किसानों के लिए राहत की खबर मानसून की सक्रियता से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच रही है। जिन इलाकों में बोवनी बाकी थी, वहां अब कृषि कार्य तेज होने की उम्मीद है। पहले बारिश की कमी से किसान चिंतित थे, लेकिन लगातार हो रही वर्षा ने खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना दी हैं। मौसम से जुड़ी जरूरी बातें अगले दो दिनों में ध्यान रखें

Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- ‘एक शादी करेगा वही मध्य प्रदेश में रहेगा’, मानसून सत्र में आएगा UCC विधेयक

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक शादी करने वालों को ही प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा। विधानसभा के मानसून सत्र में UCC विधेयक लाने की तैयारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान UCC पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने विवाह संबंधी नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जो एक शादी करेगा, उसी को प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।” मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक पेश किया जा सकता है। इस घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गया है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा? कटनी के स्लीमनाबाद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जब देश में “एक देश, एक विधान और एक निशान” की व्यवस्था है तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून क्यों होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होना चाहिए। अपने भाषण में उन्होंने विवाह व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि एक शादी का नियम सभी के लिए समान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार UCC लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मानसून सत्र में पेश हो सकता है UCC विधेयक मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता से जुड़ा विधेयक लाया जाएगा। इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक भोपाल के पास स्थित जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी, जहां UCC के ड्राफ्ट को मंजूरी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। जगदीशपुर में होगी कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि भोपाल के समीप स्थित जगदीशपुर में अगली कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले इस स्थान का नाम इस्लामनगर रखा गया था, जिसे राज्य सरकार ने बदलकर पुनः जगदीशपुर कर दिया है। इसी स्थान पर UCC के मसौदे को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति देने की योजना है। UCC क्या है? समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) ऐसा कानून है जिसके तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे पारिवारिक मामलों में समान नियम लागू किए जाते हैं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

Ratlam News: मंत्री काश्यप ने दीप मिलन समारोह में कहा; रतलाम निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन ग्लोबल समिट में रखेंगे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप (MSME Minister Chetanya Kasyap) ने दीप मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें रतलाम के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया। समारोह में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया की प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए पांच नेशनल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए, जिससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला है। इन कॉन्क्लेव के माध्यम से दस हजार उद्यमियों से संवाद स्थापित किया गया और हर विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है। पत्रकार दीप मिलन समारोह में मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार ने 16 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर ली है, जहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई पीढ़ी के युवा उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने के लिए संकल्पित है। रतलाम निवेश क्षेत्र का ग्लोबल समिट में प्रेजेंटेशनमंत्री काश्यप ने रतलाम के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 17 करोड़ के पहले टेंडर के बाद अब 320 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें पानी, बिजली, और सड़कों की व्यवस्था की जाएगी। निवेश क्षेत्र में लगभग 350 से 400 प्लॉट लघु उद्योगों के लिए आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फरवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल समिट में रतलाम के निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। 8-लेन एक्सप्रेस-वे के पास होने के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों के स्थापित होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं। रतलाम में एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास मंत्री काश्यप ने यह भी बताया कि रतलाम में एयरपोर्ट के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। निवेश क्षेत्र के लिए पानी का प्रबंध कनेरी डेम से किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को समर्थन मिलेगा। फार्मा कंपनियों के लिए यहां पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। अगले पांच सालों में इस औद्योगिक क्षेत्र के कारण रतलाम में नए अवसरों का विकास होगा, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश और देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपना स्थान बनाएगा। नगर निगम द्वारा शहर में 50 बीघा भूमि पर एक रिजनल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। मीडिया की सकारात्मक भूमिकासमारोह के दौरान मंत्री काश्यप ने रतलाम की मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि शहर के विकास में मीडिया की भूमिका हमेशा सकारात्मक रही है, और भविष्य में भी यह योगदान जारी रहने की कामना की।

Western Railway: विरोध के बाद रतलाम रेल मंडल ने अपना आदेश रोका, डेमू रेक और समय नहीं बदला जाएगा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Western Railway: रतलाम रेल मंडल (Ratlam Railways) द्वारा मेमू रेक से ट्रेनों के संचालन को लेकर जारी किए गए आदेश को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है, और अगले आदेश तक मौजूदा ट्रेनें पूर्वानुसार चलती रहेंगी। 28 अक्टूबर 2024 से रतलाम-भीलवाड़ा-रतलाम एक्सप्रेस (Ratlam To Bhilwara Demu Train) को डेमू के स्थान पर मेमू रेक से संचालित करने का आदेश जारी किया गया था। साथ ही कुछ ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय और प्लेटफॉर्म में बदलाव भी किए गए थे। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया की अपरिहार्य कारणों से इस फैसले को रोका गया है। शुक्रवार को जारी आदेश 24 घंटे के भीतर शनिवार को वापस ले लिए गए। मालवा रेल फेन क्लब के शिवम राजपुरोहित ने आदेश आने के बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया और विरोध किया। जिसके बाद इस फैसले को वापस ले लिया गया। दरअसल रतलाम मंडल को रेलवे बोर्ड द्वारा एक मेमू रेक आवंटित किया गया था, जिसके बाद अधिकारियों ने रतलाम-भीलवाड़ा-रतलाम और रतलाम-चित्तौड़गढ़-रतलाम डेमू ट्रेनों (Ratlam To Chittaurgadh Train) को क्रमशः 28 और 29 अक्टूबर से मेमू रेक से संचालित करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इस फैसले से आम यात्रियों को असुविधा होने की संभावना थी, क्योंकि महू से भीलवाड़ा और महू से चित्तौड़गढ़ तक यात्रियों को डेमू ट्रेनों में बिना बदलाव यात्रा करने की सुविधा थी। लेकिन नए फैसले के अनुसार, अब यात्रियों को रतलाम में ट्रेन बदलनी पड़ती, जिससे यात्रियों के सफर में कठिनाइयां आ सकती थीं। इसके अलावा, आदिवासी अंचल की लाइफलाइन मानी जाने वाली दाहोद-रतलाम-उज्जैन मेमू ट्रेन के समय में भी बदलाव से यात्रियों को मुश्किल होती। मेमू रेक को नहीं जाने देना चाहते थे!क्लब के शिवम राजपुरोहित ने बताया की मंडल प्रबंधक का बयान आया की रतलाम मंडल को केवल एक मेमू रेक मिला था, और इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे, इसलिए यह निर्णय लिया गया। इस निर्णय पर मालवा रेल फेन क्लब ने सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि मेमू रेक (Memu Train) का उपयोग उज्जैन-चित्तौड़गढ़-उज्जैन एक्सप्रेस में फतेहाबाद के रास्ते किया जा सकता था ताकि यह रेक रतलाम मंडल के अधीन ही रहता। उन्होंने महू-भीलवाड़ा और महू-चित्तौड़गढ़ डेमू गाड़ियों (Demu Train) को यथावत बनाए रखने की मांग की, जिससे आम यात्रियों को बिना किसी बदलाव के यात्रा जारी रखने का विकल्प मिलता। इस आदेश का विरोध किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब इस आदेश को रद्द कर दिया गया है।

Jammu & Kashmir Terror Attack: गगनगीर में श्रमिकों पर कायराना हमला, पांच की मौत, चार घायल, पूरे देश में उबाल

श्रीनगर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Jammu & Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गगनगीर, सोनमर्ग में रविवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ज़ेडमोढ़ सुरंग परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों पर हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस और सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों में डॉक्टर और इंजीनियर भी शामिलइस हमले में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के मैकेनिकल इंजीनियर अमित शुक्ला, बिहार के मोहम्मद हनीफ, कलीम और फहीम नासिर, और जम्मू के शशि अब्रॉल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने निर्माणाधीन सुरंग के पास श्रमिकों के आवास शिविर पर हमला किया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी प्रतिक्रियाइस कायराना हमले पर देशभर में आक्रोश व्याप्त है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “घृणित और कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कठोरतम जवाब मिलेगा।” शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को शांति और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया। आतंकी हमले से देश में उबालस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इलाका ज़ेडमोढ़ सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। देशभर से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। जनता और सुरक्षा बल इस हमले को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं, और सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को त्योहारों के दौरान कश्मीर में संभावित आतंकी हमलों की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।

MP News: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला, शासकीय कर्मचारियों को दिया ये तोहफा

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर तक आहरित कर लिया जाए, ताकि सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन मिल सके। यह कदम शासकीय सेवकों के त्यौहार को और भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा, “त्यौहार से पूर्व वेतन प्राप्त होने से सभी कर्मचारियों का दीपोत्सव और भी विशेष हो जाएगा। दीपावली परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर मनाने का पर्व है, और वेतन समय पर मिलना इसे और खुशहाल बनाएगा।” सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दीपावली के खर्चों के लिए समय पर वेतन मिलना उनके लिए बेहद सहूलियत भरा रहेगा।

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