Cancel Train: भारी बारिश से 12 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया

Cancel Train: मुंबई मंडल में भारी बारिश और जलभराव के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली 12 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। कई ट्रेनों के रूट और संचालन में भी बदलाव किया गया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Cancel Train: मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। ट्रैक पर पानी भरने से रेल संचालन प्रभावित हुआ है, जिसका असर रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित, शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट करने का निर्णय लिया है। रतलाम मंडल ने रात 10:30 बजे तक की अपडेट जारी कर यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या RailOne ऐप पर जरूर देख लें। 12 ट्रेनें रहेंगी रद्द रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्न ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशन से निरस्त रहेंगी। इन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रेलवे ने कुछ ट्रेनों को निर्धारित गंतव्य तक न चलाकर बीच के स्टेशन से समाप्त या प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। शॉर्ट टर्मिनेट ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट ट्रेनें यात्रियों के लिए जरूरी सूचना रेलवे प्रशासन ने बताया है कि मौसम सामान्य होने तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव संभव है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांचना चाहिए। ट्रेन की जानकारी यहां मिलेगी रेलवे ने क्या कहा? रतलाम मंडल के अनुसार मुंबई मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में भारी वर्षा से जलभराव होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की पुष्टि कर लें।

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित: रतलाम मंडल ने स्टेशनों पर यात्रियों को बांटा भोजन और पेयजल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मुंबई सेंट्रल मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में स्थित एक रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण गुरुवार को रेल परिचालन प्रभावित हो गया। इसका असर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा, जिन्हें रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर निर्धारित समय तक रोका गया। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की। विभिन्न स्टेशनों पर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि रेलवे अधिकारी और सुरक्षा बल लगातार यात्रियों की सहायता में जुटे रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और रेल परिचालन की अद्यतन जानकारी भी लगातार साझा की जा रही है। प्रभावित ट्रेनों के यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रतलाम, नामली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थांदला रोड और बामनिया स्टेशनों पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को उपलब्धता के अनुसार भोजन और पेयजल वितरित किया गया। यात्रियों को दाल-चावल, खिचड़ी, पोहा, केले और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। रेलवे का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया सहयोग रेलवे की इस राहत व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागदा, रतलाम, मेघनगर और लिमखेड़ा स्टेशनों पर कई सामाजिक संगठनों ने यात्रियों के बीच भोजन और पेयजल का वितरण कर रेलवे प्रशासन का सहयोग किया। खान-पान स्टॉल और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था रतलाम मंडल ने सभी संबंधित स्टेशनों को निर्देश दिए हैं कि रेल परिचालन सामान्य होने तक खान-पान स्टॉल पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साथ ही, यात्रियों को पेयजल की कमी न हो इसके लिए अतिरिक्त वाटर कैम्पर मंगाए गए हैं। स्टॉल संचालकों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता पर रेलवे लगातार निगरानी रख रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी की गई मजबूत स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी स्टेशनों पर मौजूद रहकर यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यात्रियों को समय-समय पर ट्रेनों की स्थिति और रेल परिचालन से जुड़ी ताजा जानकारी भी दी जा रही है। रेलवे प्रशासन ने क्या कहा? पश्चिम रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात या प्रतिकूल परिस्थिति में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए रतलाम मंडल पूरी तरह तैयार है और हालात सामान्य होने तक राहत कार्य जारी रहेगा।

Viral Video: वायरल वीडियो की खुली पोल! ट्रेन को खाना लेने के लिए नहीं रोका गया था, रतलाम मंडल ने बताई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल मालगाड़ी रोककर खाना लेने के दावे को पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने भ्रामक बताया। जानिए क्या है पूरा मामला, रेलवे ने क्यों जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Viral Video: मालगाड़ी को चालक दल द्वारा खाना खरीदने के लिए बीच रास्ते में रोकने का दावा करने वाला सोशल मीडिया वीडियो भ्रामक निकला है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि ट्रेन को भोजन लेने के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वह पहले से निर्धारित परिचालन कारणों के चलते राऊ (RAU) यार्ड के होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि बिना तथ्य जांचे किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास न करें। VIRAL वीडियो देखे! मालगाड़ी रोककर खाना लेने का दावा निकला गलत पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में यह दावा किया गया कि चालक दल ने भोजन खरीदने के लिए मालगाड़ी रोक दी। रेलवे ने इस दावे को पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। रेलवे के अनुसार, संबंधित कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण परिचालन प्रक्रिया के तहत होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं था, बल्कि वह एक स्पेयर सहायक लोको पायलट था। अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान मालगाड़ी को बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया था। ट्रेन के कार्यरत लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों अपनी-अपनी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद थे और पूरी ट्रेन रेलवे के सुरक्षा मानकों एवं परिचालन नियमों के अनुसार संचालित हो रही थी। DEMU ट्रेन बताकर भी फैलाया गया भ्रम रेलवे ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो को यात्री DEMU ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक घटना कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी से संबंधित थी। रेल प्रशासन का कहना है कि वीडियो को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत कर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई। रेलवे का आधिकारिक बयान जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, “रेलवे में किसी भी ट्रेन को व्यक्तिगत सुविधा या भोजन लेने के लिए नहीं रोका जाता। सभी ट्रेनों का संचालन निर्धारित परिचालन नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है।” रेलवे ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। लोगों से रेलवे की अपील रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें। केवल रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचा जा सके।

Ratlam News: इंदौर–दाहोद रेल परियोजना में तेजी, पीथमपुर–धार ट्रैक का टॉवर वेगन से परीक्षण शुरू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत बहुप्रतीक्षित इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में टीही से धार के बीच निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जबकि इंदौर से टीही तक का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। वीडियो देखे रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए टीही–धार खंड को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कार्य किया जा रहा है। टीही से पीथमपुर के बीच टनल निर्माण अभी शेष है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रैक मशीन (टीटीएम) को सड़क मार्ग से लाकर ट्रैक पर उतारा गया। इस मशीन के जरिए पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग और आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद अब ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए टॉवर वेगन से परीक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च से 26 मार्च 2026 के बीच टॉवर वेगन को निर्धारित गति से चलाकर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले ही ट्रैक के आसपास न जाने की एडवाइजरी जारी की है। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण की निगरानी स्वयं मुख्य इंजीनियर (निर्माण) धीरज कुमार कर रहे हैं, जो मुंबई से इंदौर पहुंचे हैं। उन्होंने 23 मार्च को पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के माध्यम से ट्रैक का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। खास बात यह है कि इंदौर–दाहोद रेल लाइन पर पहली बार टॉवर वेगन चलाकर परीक्षण किया गया, जो इस परियोजना की तेज प्रगति को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि पीथमपुर–धार खंड को जल्द से जल्द तैयार कर रेल सेवा शुरू की जाए। साथ ही समानांतर रूप से टनल निर्माण कार्य भी तेजी से जारी रहेगा। क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर से धार के बीच यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

रेल के साथ खेल नहीं अभियान: आरपीएफ ने स्कूलों में नुक्कड़ नाटक से बच्चों और ग्रामीणों को किया जागरूक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की जान-माल की हिफाजत और रेल संचालन में बाधा बनने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रतलाम मंडल द्वारा “रेल के साथ खेल नहीं” नामक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल रतलाम, पश्चिम रेलवे श्री रामराज मीना के दिशा-निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत मंडल स्तर पर आरपीएफ बल सदस्यों की विशेष टीम का गठन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 30 जनवरी 2026 को रेसुब पोस्ट मेघनगर के क्षेत्राधिकार में उप निरीक्षक अंकित चौधरी, उप निरीक्षक मायाराम गुर्जर एवं अन्य आरपीएफ स्टाफ द्वारा विभिन्न स्कूलों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीम द्वारा झाबुआ जिले के मेघनगर विकासखंड अंतर्गत पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चैनपुरा, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नौगांव, पीएम श्री कन्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया एवं शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों सहित कुल लगभग 3000 से अधिक लोग उपस्थित रहे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सवारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी न करने, रेलवे ट्रैक पार न करने, पटरी पर पत्थर या अन्य वस्तुएं न रखने, रेलवे लाइन पर वीडियो या रील न बनाने, ट्रैक के पास लगे उपकरणों से छेड़छाड़ न करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने के प्रति जागरूक किया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं, जिनमें जुर्माना एवं कारावास तक का प्रावधान है। साथ ही यह भी समझाया गया कि रेलवे एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसमें यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आने वाले दिनों में मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।

Ratlam News: रतलाम रेलवे स्टेशन का शताब्दी वर्ष समारोह 14 नवंबर को — इतिहास, विरासत और भव्य ‘स्टेशन महोत्सव’ की तैयारियां पूरी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाला रतलाम रेलवे स्टेशन इस वर्ष अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर 14 नवंबर 2025 को स्टेशन पर भव्य “स्टेशन महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा। इस दिन स्टेशन परिसर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक झलक से सजा समारोह देखने लायक होगा। रतलाम रेलवे स्टेशन का रेल इतिहास 150 वर्ष से अधिक पुराना है। पुरातन स्टेशन भवन लगभग 100 वर्ष पुराना है, जो अपनी इंडो–सारसेनिक स्थापत्य कला, झरोखों और मेहराबों की सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह भवन आज भी रतलाम शहर की ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। रेल संपर्क की गौरवगाथा:रतलाम रेल मंडल का इतिहास होलकर, सिंधिया और राजपुताना–मालवा रेलवे से जुड़ा है। वर्ष 1870–76 में महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय द्वारा खंडवा–इंदौर रेल लाइन शुरू की गई थी। इसके बाद इंदौर–नीमच रेल लाइन (1871–80) और नीमच–नसीराबाद लाइन (1881) से यह क्षेत्र मजबूत रेल नेटवर्क से जुड़ गया। वर्ष 1881–82 में इन सभी का एकीकरण कर राजपुताना–मालवा रेलवे का गठन किया गया।रतलाम में पहली मीटर गेज लाइन 1874 में और ब्रॉड गेज लाइन 1893 में प्रारंभ हुई। रतलाम–नागदा–उज्जैन सेक्शन पर ब्रॉड गेज लाइन 1896 में खोली गई। शताब्दी समारोह के आकर्षण:मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने बताया कि 14 नवंबर को होने वाले समारोह में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे— डीआरएम ने कहा कि यह उत्सव केवल स्टेशन की यात्रा नहीं बल्कि रतलाम की रेल विरासत, विकास और गौरवशाली परंपरा का उत्सव है। इस मौके पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर भजन लाल मीना भी मौजूद रहेंगे।

Traveling News: बरौनी से अहमदाबाद के बीच स्पेशल ट्रेन दौड़ेगी, रतलाम से भी मिलेगी बड़ी सुविधा

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Traveling News: दीपावली एवं छठ जैसे त्योहारों पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने बरौनी से अहमदाबाद के बीच स्पेशल ट्रेन (Train No. 05261/05262) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन रतलाम मंडल से होकर गुजरेगी और दोनों दिशाओं में कुल दो-दो फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 05261 – बरौनी से अहमदाबाद ट्रेन संख्या 05262 – अहमदाबाद से बरौनी (वापसी) किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी यह स्पेशल ट्रेन समस्तीपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, दानापुर, आरा, बक्सर, पं. दिन दयाल उपाध्याय, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, सतना, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना, संत हिर्दाराम नगर, उज्जैन, नागदा, रतलाम, गोधरा, छायापुरी और आणंद सहित प्रमुख स्टेशनों पर इस ट्रेन का ठहराव रहेगा। उपलब्ध कोच श्रेणियाँ यात्री जानकारी के लिए यात्री ट्रेन संचालन, समय और सीट उपलब्धता से संबंधित नवीनतम जानकारी भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in, रेल मदद ऐप या 139 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।

Railway News: जयपुर से बांद्रा टर्मिनस के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, रतलाम मंडल में रुकेगी – जानें पूरी डिटेल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Railway News: त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम रेलवे ने जयपुर-बांद्रा टर्मिनस के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन रतलाम मंडल से होकर गुजरेगी और दोनों दिशाओं में मात्र एक-एक फेरा करेगी। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ट्रेन नंबर 09729 – जयपुर से बांद्रा टर्मिनस ट्रेन नंबर 09730 – बांद्रा टर्मिनस से जयपुर किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन? यह स्पेशल ट्रेन किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, मांडल, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, रतलाम, गोधरा, वडोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी, पालघर और बोरीवली स्टेशनों पर ठहरेगी। कोच व्यवस्था ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी, जिसमें निम्न श्रेणियां उपलब्ध होंगी: यात्रियों के लिए जानकारी यात्री ट्रेन से जुड़ी ताज़ा जानकारी के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

Ratlam News: रतलाम मंडल में ट्रांसफर को लेकर रेलवे रनिंग स्टाफ में आक्रोश, पालनपुर (गुजरात) भेजे गए 20 सेट क्रू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में लोको रनिंग स्टाफ में आक्रोश फैल गया है। प्रशासनिक स्तर पर 20 सेट क्रू (20 लोको पायलट, 20 सहायक लोको पायलट और 20 ट्रेन मैनेजर) का ट्रांसफर पालनपुर (गुजरात) किए जाने के आदेश के बाद कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। रेलवे रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने जताया विरोधआल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के मंडल सचिव प्रेमराज मीणा ने बताया कि रतलाम मंडल में पहले से ही लोको रनिंग स्टाफ की भारी कमी है। इस कारण कर्मचारियों को समय पर छुट्टी नहीं मिल पाती, रेस्ट में बाधा आती है, और नियम विरुद्ध 11 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि “रेल प्रशासन की इस मनमानी से कर्मचारियों में गहरा रोष है। जिन कर्मचारियों ने वर्षों पहले ट्रांसफर के लिए आवेदन दिया था, उन्हें क्रू की कमी का हवाला देकर नहीं छोड़ा जा रहा, जबकि अब रतलाम से 20 सेट क्रू का ट्रांसफर कर दिया गया है।” क्रू की कमी से ठप पड़ रहा मालगाड़ियों का संचालनरतलाम मंडल में पहले से ही क्रू की कमी के कारण मालगाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार संचालन में भी देरी होती है। इसके बावजूद अचानक किए गए ट्रांसफर आदेश से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने किया मंडल कार्यालय का घेरावइस आदेश के खिलाफ शुक्रवार को 100 से अधिक रनिंग कर्मचारियों ने मंडल कार्यालय का घेराव किया और आदेश वापस लिए जाने तक आमरण अनशन का निर्णय लिया। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि ट्रांसफर आदेश को तुरंत रद्द किया जाए और रतलाम मंडल में क्रू की कमी को दूर किया जाए।

MP News: सिंहस्थ मेला 2028 की तैयारी तेज़, उज्जैन रेलवे प्रोजेक्ट्स का डीआरएम रतलाम ने किया निरीक्षण, अधिकारियों संग की समीक्षा

रतलाम/उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सिंहस्‍थ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन ने कमर कस ली है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अश्वनी कुमार ने मंगलवार को उज्जैन क्षेत्र में रेलवे से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने उज्जैन, पंवासा, मोहनपुरा, विक्रम नगर, चिंतामन गणेश, क्षिप्रा ब्रिज और नई खेड़ी स्टेशनों पर चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्य शासन की ओर से सिंहस्‍थ मेला अधिकारी एवं कमिश्‍नर उज्‍जैन संभाग श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, एडीजीपी श्री उमेश जोगा, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे और राज्य प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थलों का भ्रमण कर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मेला अवधि के दौरान ट्रेनों का संचालन, यात्री मूवमेंट, भीड़ प्रबंधन, स्टेशन सुविधाएं और अस्थायी ढांचा निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीआरएम रतलाम ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम यातायात के लिए सभी कार्यों को समय से पहले पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर रेलवे की ओर से मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) पीयूष पांडेय, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  हीना वी. केवलरामानी सहित मंडल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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