दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग प्रभावित: रतलाम मंडल ने स्टेशनों पर यात्रियों को बांटा भोजन और पेयजल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मुंबई सेंट्रल मंडल के घोलवड–उमरगाम रोड रेलखंड में स्थित एक रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण गुरुवार को रेल परिचालन प्रभावित हो गया। इसका असर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ा, जिन्हें रतलाम मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर निर्धारित समय तक रोका गया। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने तत्काल राहत व्यवस्था शुरू की। विभिन्न स्टेशनों पर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि रेलवे अधिकारी और सुरक्षा बल लगातार यात्रियों की सहायता में जुटे रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार, स्थिति सामान्य होने तक यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और रेल परिचालन की अद्यतन जानकारी भी लगातार साझा की जा रही है। प्रभावित ट्रेनों के यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रतलाम, नामली, नागदा, मेघनगर, लिमखेड़ा, थांदला रोड और बामनिया स्टेशनों पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को उपलब्धता के अनुसार भोजन और पेयजल वितरित किया गया। यात्रियों को दाल-चावल, खिचड़ी, पोहा, केले और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। रेलवे का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। सामाजिक संगठनों ने भी बढ़ाया सहयोग रेलवे की इस राहत व्यवस्था में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागदा, रतलाम, मेघनगर और लिमखेड़ा स्टेशनों पर कई सामाजिक संगठनों ने यात्रियों के बीच भोजन और पेयजल का वितरण कर रेलवे प्रशासन का सहयोग किया। खान-पान स्टॉल और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था रतलाम मंडल ने सभी संबंधित स्टेशनों को निर्देश दिए हैं कि रेल परिचालन सामान्य होने तक खान-पान स्टॉल पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। साथ ही, यात्रियों को पेयजल की कमी न हो इसके लिए अतिरिक्त वाटर कैम्पर मंगाए गए हैं। स्टॉल संचालकों को भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता पर रेलवे लगातार निगरानी रख रहा है। सुरक्षा व्यवस्था भी की गई मजबूत स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी स्टेशनों पर मौजूद रहकर यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। यात्रियों को समय-समय पर ट्रेनों की स्थिति और रेल परिचालन से जुड़ी ताजा जानकारी भी दी जा रही है। रेलवे प्रशासन ने क्या कहा? पश्चिम रेलवे के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात या प्रतिकूल परिस्थिति में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए रतलाम मंडल पूरी तरह तैयार है और हालात सामान्य होने तक राहत कार्य जारी रहेगा।

रेल के साथ खेल नहीं अभियान: आरपीएफ ने स्कूलों में नुक्कड़ नाटक से बच्चों और ग्रामीणों को किया जागरूक

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्रियों की जान-माल की हिफाजत और रेल संचालन में बाधा बनने वाली घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रतलाम मंडल द्वारा “रेल के साथ खेल नहीं” नामक विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल रतलाम, पश्चिम रेलवे श्री रामराज मीना के दिशा-निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत मंडल स्तर पर आरपीएफ बल सदस्यों की विशेष टीम का गठन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 30 जनवरी 2026 को रेसुब पोस्ट मेघनगर के क्षेत्राधिकार में उप निरीक्षक अंकित चौधरी, उप निरीक्षक मायाराम गुर्जर एवं अन्य आरपीएफ स्टाफ द्वारा विभिन्न स्कूलों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीम द्वारा झाबुआ जिले के मेघनगर विकासखंड अंतर्गत पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चैनपुरा, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नौगांव, पीएम श्री कन्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया एवं शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बामनिया में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों सहित कुल लगभग 3000 से अधिक लोग उपस्थित रहे। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सवारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी न करने, रेलवे ट्रैक पार न करने, पटरी पर पत्थर या अन्य वस्तुएं न रखने, रेलवे लाइन पर वीडियो या रील न बनाने, ट्रैक के पास लगे उपकरणों से छेड़छाड़ न करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने के प्रति जागरूक किया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं, जिनमें जुर्माना एवं कारावास तक का प्रावधान है। साथ ही यह भी समझाया गया कि रेलवे एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसमें यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आने वाले दिनों में मंडल के अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगा।

Railway News: जयपुर से बांद्रा टर्मिनस के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, रतलाम मंडल में रुकेगी – जानें पूरी डिटेल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Railway News: त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम रेलवे ने जयपुर-बांद्रा टर्मिनस के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन रतलाम मंडल से होकर गुजरेगी और दोनों दिशाओं में मात्र एक-एक फेरा करेगी। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ट्रेन नंबर 09729 – जयपुर से बांद्रा टर्मिनस ट्रेन नंबर 09730 – बांद्रा टर्मिनस से जयपुर किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन? यह स्पेशल ट्रेन किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, मांडल, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, रतलाम, गोधरा, वडोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी, पालघर और बोरीवली स्टेशनों पर ठहरेगी। कोच व्यवस्था ट्रेन एलएचबी रेक से चलेगी, जिसमें निम्न श्रेणियां उपलब्ध होंगी: यात्रियों के लिए जानकारी यात्री ट्रेन से जुड़ी ताज़ा जानकारी के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

Ratlam News: रतलाम मंडल में ट्रांसफर को लेकर रेलवे रनिंग स्टाफ में आक्रोश, पालनपुर (गुजरात) भेजे गए 20 सेट क्रू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में लोको रनिंग स्टाफ में आक्रोश फैल गया है। प्रशासनिक स्तर पर 20 सेट क्रू (20 लोको पायलट, 20 सहायक लोको पायलट और 20 ट्रेन मैनेजर) का ट्रांसफर पालनपुर (गुजरात) किए जाने के आदेश के बाद कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। रेलवे रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने जताया विरोधआल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के मंडल सचिव प्रेमराज मीणा ने बताया कि रतलाम मंडल में पहले से ही लोको रनिंग स्टाफ की भारी कमी है। इस कारण कर्मचारियों को समय पर छुट्टी नहीं मिल पाती, रेस्ट में बाधा आती है, और नियम विरुद्ध 11 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि “रेल प्रशासन की इस मनमानी से कर्मचारियों में गहरा रोष है। जिन कर्मचारियों ने वर्षों पहले ट्रांसफर के लिए आवेदन दिया था, उन्हें क्रू की कमी का हवाला देकर नहीं छोड़ा जा रहा, जबकि अब रतलाम से 20 सेट क्रू का ट्रांसफर कर दिया गया है।” क्रू की कमी से ठप पड़ रहा मालगाड़ियों का संचालनरतलाम मंडल में पहले से ही क्रू की कमी के कारण मालगाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार संचालन में भी देरी होती है। इसके बावजूद अचानक किए गए ट्रांसफर आदेश से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने किया मंडल कार्यालय का घेरावइस आदेश के खिलाफ शुक्रवार को 100 से अधिक रनिंग कर्मचारियों ने मंडल कार्यालय का घेराव किया और आदेश वापस लिए जाने तक आमरण अनशन का निर्णय लिया। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि ट्रांसफर आदेश को तुरंत रद्द किया जाए और रतलाम मंडल में क्रू की कमी को दूर किया जाए।

MP News: सिंहस्थ मेला 2028 की तैयारी तेज़, उज्जैन रेलवे प्रोजेक्ट्स का डीआरएम रतलाम ने किया निरीक्षण, अधिकारियों संग की समीक्षा

रतलाम/उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सिंहस्‍थ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन ने कमर कस ली है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री अश्वनी कुमार ने मंगलवार को उज्जैन क्षेत्र में रेलवे से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने उज्जैन, पंवासा, मोहनपुरा, विक्रम नगर, चिंतामन गणेश, क्षिप्रा ब्रिज और नई खेड़ी स्टेशनों पर चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान राज्य शासन की ओर से सिंहस्‍थ मेला अधिकारी एवं कमिश्‍नर उज्‍जैन संभाग श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, एडीजीपी श्री उमेश जोगा, एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे और राज्य प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थलों का भ्रमण कर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मेला अवधि के दौरान ट्रेनों का संचालन, यात्री मूवमेंट, भीड़ प्रबंधन, स्टेशन सुविधाएं और अस्थायी ढांचा निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीआरएम रतलाम ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन में रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम यातायात के लिए सभी कार्यों को समय से पहले पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर रेलवे की ओर से मेला अधिकारी कुंजीलाल मीना, वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) पीयूष पांडेय, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  हीना वी. केवलरामानी सहित मंडल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम में नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की 90वीं बैठक संपन्‍न

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति रतलाम की 90वीं अर्द्धवार्षिक बैठक का आयोजन मंडल कार्यालय में किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक एवं समिति के अध्यक्ष अश्वनी कुमार ने की। बैठक में रतलाम नगर स्थित केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों, बैंकों, निगमों और कार्यालयों के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी विभाग प्रमुखों ने अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और उसके प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। साथ ही, उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अपनाई जा रही पहलों की भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक अशफाक अहमद, राजभाषा अधिकारी लाखन सिंह सहित नगर के विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों एवं संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अश्वनी कुमार ने कहा कि हमें राजभाषा हिंदी को दिल से अपनाना चाहिए। यह हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि देश की राजभाषा भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन कार्यों में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग करें और इस दिशा में सकारात्मक पहल करें।

MP News: रतलाम-नागदा रेलखंड को मिलेगी नई रफ्तार, तीसरी और चौथी लाइन से जुड़ेगा विकास का ट्रैक

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत 1018 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना को मिली मंजूरी रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम-नागदा रेलखंड को विकास की नई रफ्तार मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा वीडियो लिंक के माध्यम से की। इस दौरान उज्जैन-अलोट सांसद अनिल फिरोजिया मंच पर मौजूद रहे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री चेतन्य कश्यप, सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, विधायक मथुरा लाल डामर और विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। रेल मंत्री ने कहा कि रतलाम-नागदा रेलखंड की तीसरी और चौथी लाइन न केवल मध्यप्रदेश के लिए, बल्कि देश के पश्चिमी, उत्तरी और मध्य क्षेत्रों को जोड़ने के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम है। 41 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹1018 करोड़ की लागत आएगी, और यह मल्टी-ट्रैक रेलवे कनेक्टिविटी को सशक्त बनाएगी। परियोजना के प्रमुख लाभ: रेल मंत्री ने बताया कि यह परियोजना रतलाम क्षेत्र को नागदा थर्मल पावर प्लांट, विस्कोस फाइबर और केमिकल प्लांट जैसी औद्योगिक इकाइयों से बेहतर ढंग से जोड़ेगी। साथ ही कृषि उत्पादों, कोयला, कंटेनर, और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन को गति मिलेगी। पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा: यह परियोजना खजुराहो, ओंकारेश्वर, सांची, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, अमरकंटक और भीम जन्मभूमि जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी देगी। मध्यप्रदेश को तीन नई ट्रेन सेवाओं की सौगात: रेल मंत्री ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही मध्यप्रदेश को तीन नई ट्रेनें मिलने जा रही हैं: इसके अतिरिक्त, दिल्ली से डॉ. अंबेडकर नगर के लिए एक नई ट्रेन सेवा पहले ही शुरू की जा चुकी है। इन नई सेवाओं से राज्य की यातायात सुविधा, व्यापार और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना मध्यप्रदेश के स्वर्णकाल की शुरुआत है। यह महज एक रेलवे परियोजना नहीं, बल्कि विकास के नए युग का प्रवेश द्वार है।

Ratlam News: उदयपुर सिटी-फारबिसगंज स्पेशल ट्रेन के फेरे 4-4 बार और बढ़े, यात्रियों को राहत

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: यात्रियों की सुविधा को देखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा उदयपुर सिटी-फारबिसगंज साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 09623/09624) के फेरे विस्तारित कर दिए गए हैं। यह ट्रेन अब दोनों दिशाओं में चार-चार अतिरिक्त फेरे और चलाएगी। गाड़ी संख्या 09623 उदयपुर सिटी-फारबिसगंज स्पेशल ट्रेन, जो पहले 29 अप्रैल 2025 को अंतिम बार चलने वाली थी, अब 27 मई 2025 तक संचालित की जाएगी। वहीं, वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 09624 फारबिसगंज-उदयपुर सिटी स्पेशल, जो 01 मई 2025 को अंतिम फेरा पूरा करने वाली थी, अब 29 मई 2025 तक चलेगी। यह ट्रेन चंदेरिया रेलवे स्टेशन पर ठहराव के साथ चलाई जा रही है, जिससे रतलाम मंडल के यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेन के समय, ठहराव और कोच संरचना की विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर अवश्य जाएं।

Ratlam News: ऑल इंडिया रेलवे जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में रतलाम मंडल का शानदार प्रदर्शन, एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: ऑल इंडिया रेलवे जिम्नास्टिक चैंपियनशिप-2024 में रतलाम मंडल के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण (गोल्ड) और एक कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक जीतकर मंडल और पश्चिम रेलवे का नाम गौरवान्वित किया है। यह प्रतियोगिता 28 से 30 मार्च, 2025 तक हावड़ा में आयोजित की गई थी, जिसमें सभी रेलवे जोन और उत्पादन इकाइयों ने भाग लिया। पश्चिम रेलवे की ओर से भाग लेने वाली जिम्नास्टिक टीम में कुल 7 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें से 6 खिलाड़ी रतलाम मंडल से थे। टीम के साथ असिस्टेंट स्पोर्ट्स ऑफिसर चर्चगेट पप्पु यादव और मुख्य कोच राजकुमार सोलंकी भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में रतलाम मंडल के कृष्ण कुमार ने पैरलेल बार कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि वैभव चौरसिया ने होरिजॉन्टल बार कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ी रतलाम मंडल के वाणिज्य विभाग में सीसीटीसी के पद पर कार्यरत हैं। मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने विजेता खिलाड़ियों एवं कोच से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया और भविष्य की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रतलाम मंडल खेलकूद संघ के सचिव एवं वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक अंकित सोमानी और मुख्य कल्याण निरीक्षक (खेलकूद) हरीश चांदवानी भी उपस्थित रहे।

MP News: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल की बड़ी उपलब्धि: कांसुधी-पिपलोद सेक्शन में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली लागू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने रेल यातायात की सुरक्षा और दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। गोधरा-दाहोद खंड के कांसुधी-पिपलोद सेक्शन (28 किमी) में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली 28 मार्च 2025 से लागू कर दी गई है। इससे ट्रेनों की आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित और सुचारु होगी। स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली के लाभ रतलाम मंडल में सबसे लंबा स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग सेक्शन रतलाम मंडल ने 28 किमी के खंड में यह प्रणाली लागू कर पश्चिम रेलवे में सबसे लंबा स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग सेक्शन स्थापित किया है। इसे 100% क्षमता के साथ चालू किया गया है, जिसमें पावर सप्लाई और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागदा-गोधरा खंड में जल्द विस्तार नागदा-गोधरा खंड में भी इस प्रणाली को लागू करने का कार्य प्रगति पर है। 2024-25 में 28 किमी खंड में इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया है और जल्द ही शेष खंड में भी इसे शुरू किया जाएगा। इस नई प्रणाली से रतलाम मंडल में रेल यातायात अधिक सुरक्षित और कुशल बनेगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं को लाभ मिलेगा।

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