PM Kisan Yojana: पीएम किसान की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, जाने कब आएगी 

PM Kisan Yojana: योजना की 23वीं किस्त अप्रैल में आएगी या नहीं? जानें किस्त जारी होने का नियम, संभावित तारीख और किसानों को मिलने वाली राशि की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Yojana: देश के करोड़ों किसानों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) की 23वीं किस्त को लेकर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह किस्त अप्रैल 2026 में जारी हो सकती है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है। क्या अप्रैल में आएगी 23वीं किस्त? अगर नियम और पिछले रिकॉर्ड को देखा जाए, तो अप्रैल में 23वीं किस्त जारी होने की संभावना बेहद कम है। इस हिसाब से अप्रैल में अगली किस्त आना संभव नहीं माना जा रहा। कब आ सकती है 23वीं किस्त? पिछले ट्रेंड के अनुसार: अब 4 महीने जोड़ने पर 23वीं किस्त का समय जून 2026 के आसपास बनता है।इसलिए संभावना है कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 में जारी हो सकती है।हालांकि, आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है। किसानों को कैसे मिलता है पैसा? इस योजना के तहत: जरूरी सलाह किसानों के लिए कुल मिलाकर, अप्रैल में 23वीं किस्त आने की खबरें केवल अफवाह हैं। किसानों को अगली किस्त के लिए जून-जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।

MP News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, MSP ₹2625 तय

MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी। MSP ₹2625 प्रति क्विंटल तय, 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन। जानें पूरा शेड्यूल और भुगतान प्रक्रिया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है, जिससे गेहूं का MSP ₹2585 से बढ़कर ₹2625 प्रति क्विंटल हो गया है। वीडियो देखे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीदी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार खरीदी दो चरणों में की जाएगी, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके। गेहूं खरीदी का शेड्यूल (Wheat Procurement Schedule MP) खरीदी केंद्रों पर कार्य का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। खास बात यह है कि सरकारी छुट्टियों के दिनों में भी केंद्र खुले रहेंगे। 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 15.44 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इंदौर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, सागर और जबलपुर जैसे जिलों में सबसे अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जिससे इस बार रिकॉर्ड खरीदी होने की संभावना है। भुगतान सीधे बैंक खाते में सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। किसानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं: साथ ही, पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर एक कैबिनेट समिति का गठन किया गया है, जो 30 जून 2026 तक सक्रिय रहेगी। क्या है किसानों के लिए फायदा? यह फैसला प्रदेश के लाखों किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।

MP News: एमपी में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’: युवाओं को हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत 4165 युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा और उन्हें प्रशासनिक काम का अनुभव भी मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 10 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ना और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सही जानकारी प्राप्त करना है। 4165 युवाओं को मिलेगा मौका राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत 4,165 युवाओं को इंटर्न के रूप में जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से लगभग 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार का अनुभव मिलेगा और सरकारी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत होगी। अटल सुशासन संस्थान करेगा संचालन इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देगा और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ेगा। इंटर्न को करना होगा यह काम ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के तहत चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं: युवाओं को मिलेगा प्रशासन का अनुभव सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। वहीं सरकार को भी जमीनी स्तर से वास्तविक फीडबैक मिलेगा, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। एमपी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:

PM Kisan: 13 मार्च को आएगी PM किसान की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में ट्रांसफर होंगे 2000 रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी होगी। पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे चेक करें अपना स्टेटस। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार के अनुसार 13 मार्च को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के बाद लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। 2019 में शुरू हुई थी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। यानी हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अब तक सरकार किसानों को 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जबकि अब 22वीं किस्त जारी होने जा रही है। किसानों को होली से पहले मिली खुशखबरी पिछले कुछ समय से किसानों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि फरवरी के अंत तक किस्त जारी हो सकती है। इसके बाद कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि होली से पहले किसानों को किस्त मिल सकती है। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए बताया है कि 13 मार्च को किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। इन कारणों से अटक सकती है किस्त कुछ किसानों को इस बार किस्त मिलने में परेशानी भी हो सकती है। अगर किसान ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं तो उनकी किस्त रुक सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— इन वजहों से कई किसानों की किस्त अटक सकती है। ऐसे चेक करें अपने खाते की स्थिति किसान आसानी से ऑनलाइन यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में किस्त आएगी या नहीं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद ये स्टेप्स फॉलो करें— रुकी हुई किस्त भी मिल सकती है अगर किसी किसान की किस्त पहले किसी कारण से रुक गई थी और उसने अब सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, तो भविष्य में उसे किस्त का लाभ मिल सकता है। कुछ मामलों में पहले की रुकी हुई किस्त भी बाद में जारी की जा सकती है, हालांकि यह पूरी तरह जांच और पात्रता पर निर्भर करता है।

गधा पालन पर सरकार दे रही लाखों की सब्सिडी, जानिए क्या है योजना और कैसे उठाएं फायदा

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत केंद्र सरकार गधा, घोड़ा और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। जानिए योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में गधों की लगातार घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत अब गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत गधे, घोड़े और ऊंट पालने वालों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार का उद्देश्य इन पशुओं का संरक्षण करना और पशुपालकों को नया रोजगार उपलब्ध कराना है। गधे के साथ इन जानवरों के लिए भी मिलेगा लाभ इस योजना के तहत सिर्फ गधा ही नहीं बल्कि घोड़े और ऊंट के पालन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।अगर कोई पशुपालक इन पशुओं के पालन के लिए 1 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो सरकार उसमें 50 फीसदी यानी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। योजना का फायदा लेने के लिए कितने गधे पालने होंगे? योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए पशुपालक को एक यूनिट बनानी होगी जिसमें— पालने होंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार यह सहायता दो किस्तों में देती है— घोड़े और ऊंट के लिए क्या है नियम? घोड़ा पालन के लिए एक यूनिट में— पालने होंगे। वहीं ऊंट पालन के लिए यूनिट का आकार अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से तय किया जाता है। कैसे करें आवेदन? इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालकों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए प्रक्रिया इस प्रकार है— क्यों जरूरी है यह योजना? पिछले कुछ वर्षों में देश में गधों की संख्या तेजी से कम हुई है। कई इलाकों में गधे पारंपरिक कामों जैसे ईंट-भट्टों और ग्रामीण परिवहन में उपयोग होते रहे हैं। ऐसे में सरकार इस योजना के जरिए गधों के संरक्षण के साथ पशुपालन आधारित रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है।

MP News: लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त कब आएगी? 1500 या 3000 रुपये, जानें ताजा अपडेट

MP News: लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त को लेकर महिलाओं को इंतजार है। जानिए मार्च में कब आ सकती है अगली किस्त, 1500 या 3000 रुपये मिलेंगे और पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाडली बहना योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। फिलहाल महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की राशि दी जा रही है। अब प्रदेश की लाखों महिलाओं को लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त का इंतजार है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यह किस्त कब आएगी और इसमें 1500 रुपये मिलेंगे या 3000 रुपये। मार्च के दूसरे सप्ताह में आ सकती है 34वीं किस्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में जारी की जा सकती है। हालांकि अभी तक मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पिछली किस्तों की तरह ही सरकार सीधे महिलाओं के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए राशि ट्रांसफर करेगी। 1500 या 3000 रुपये आएंगे खाते में? लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाने को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है।मुख्यमंत्री मोहन यादव कई मंचों पर यह कह चुके हैं कि भविष्य में योजना की राशि 3000 रुपये तक बढ़ाई जा सकती है। लेकिन फिलहाल सरकार की ओर से किस्त बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में संभावना है कि अभी महिलाओं को 1500 रुपये की ही किस्त मिले। योजना का उद्देश्य क्या है? लाडली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही योजना के जरिए महिलाओं को— जैसे लक्ष्यों को मजबूत करना है। लाडली बहना योजना का फॉर्म कैसे भरें? अगर कोई महिला इस योजना का लाभ लेना चाहती है तो वह इन स्टेप्स को फॉलो कर सकती है— इसी एप्लीकेशन नंबर के जरिए आप अपने आवेदन की स्थिति चेक कर सकते हैं। लाडली बहना योजना का पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें? लाडली बहना योजना का पेमेंट स्टेटस चेक करने के लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें— इसके बाद आप अपने खाते में आई किस्त और आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। अगर चाहें तो अपने नजदीकी ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में जाकर भी स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं।

MP News: गेहूं और उड़द पर मिलेगा बोनस, किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा

मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। गेहूं पर 40 रुपए और उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। गेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तारीख 10 मार्च तक बढ़ाई गई। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं और उड़द की खरीदी पर विशेष बोनस देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद किसानों के हित में कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है। गेहूं पर मिलेगा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद प्रदेश में गेहूं की खरीदी लगभग 2626 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा। उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे किसान दलहन फसलों की खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे और उन्हें बेहतर मुनाफा भी मिलेगा। गेहूं खरीदी के पंजीयन की तारीख बढ़ी सरकार ने किसानों की मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इस फैसले से वे किसान भी पंजीयन करा सकेंगे जो अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे। किसानों को दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली सरकार ने खेती को आसान बनाने के लिए सिंचाई के समय में भी बदलाव किया है। अब किसानों को रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से किसानों को ठंड, अंधेरे और जंगली जानवरों के खतरे से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपनी फसल की सिंचाई कर सकेंगे। सालाना 12 हजार रुपए की मिलती है सहायता किसानों को आर्थिक मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों योजनाएं चला रही हैं। इस तरह पात्र किसानों को सालाना 12,000 रुपए की सीधी आर्थिक सहायता मिलती है। किसानों के लिए अन्य योजनाएं भी लागू बोनस के अलावा सरकार किसानों को कई अन्य सुविधाएं भी दे रही है, जैसे: इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है।

PM Kisan Samman Nidhi: PM किसान 22वीं किस्त: Farmer ID जरूरी या नहीं? जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को जल्द ही 22वीं किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। इस बीच किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस किस्त के लिए Farmer ID बनवाना जरूरी है या नहीं। ताजा जानकारी के मुताबिक, पहले से योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य नहीं है। यानी अगर आप पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं और आपका e-KYC अपडेट है, तो आपकी 22वीं किस्त सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। हालांकि, नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है, खासकर उन 14 राज्यों में जहां हाल ही में फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन राज्यों में Farmer ID जरूरी नई रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को निम्न राज्यों में Farmer ID बनवाना अनिवार्य है: आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश। e-KYC अपडेट अनिवार्य, नहीं तो अटक सकती है किस्त सरकार ने साफ किया है कि सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अपडेट अनिवार्य है। अगर e-KYC पूरा नहीं है, तो 22वीं किस्त मिलने में देरी हो सकती है या भुगतान रुक सकता है। e-KYC अपडेट करने के 3 आसान तरीके 1. ऑनलाइन (Self e-KYC) 2. CSC सेंटर के जरिए 3. बैंक शाखा के जरिए

MP News: एमपी के 3.77 लाख किसानों को बड़ी राहत, सीएम मोहन यादव आज 810 करोड़ करेंगे ट्रांसफर

रतलाम/भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को प्रदेश के 3 लाख 77 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 810 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिकसे अंतरित करेंगे। इस योजना का सीधा लाभ प्रदेश के करीब 4 लाख सोयाबीन किसानों को मिलेगा, जिन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा यह योजना लागू की गई है। रतलाम के जावरा में राज्यस्तरीय कार्यक्रम भावांतर योजना की राशि अंतरित करने के लिए रतलाम जिले के जावरा में राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम शासकीय भगत सिंह महाविद्यालय परिसर में होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ग्राम सुजापुर में पूर्व सांसद डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। अब तक 6.44 लाख किसानों को मिला लाभ राज्य सरकार द्वारा लागू की गई भावांतर योजना के तहत अब तक प्रदेश के 6.44 लाख किसानों के खातों में 1292 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को बाजार में फसल के कम दाम मिलने पर भी एमएसपी से कम नुकसान न हो। किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम भावांतर योजना को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे खासतौर पर सोयाबीन उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

 ladli behna yojana: मध्य प्रदेश में बढ़ी लाडली बहना योजना की राशि: अब हर महिला को मिलेंगे 1500 रुपये, जानें पूरी जानकारी

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ladli behna yojana: मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार ने ‘लाडली बहना योजना’ के तहत मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता राशि को 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का फैसला किया है।अब राज्य की 1.26 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों को इस महीने से बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि से सरकार पर 1793.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना का कुल अनुमानित खर्च बढ़कर 20,450.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 12 नवंबर से शुरू होगा बढ़ी राशि का भुगतान मुख्यमंत्री मोहन यादव 12 नवंबर को सिवनी जिले में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लाडली बहना योजना की बढ़ी हुई राशि का भुगतान शुभारंभ करेंगे।सरकारी बयान के मुताबिक, सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सीएम यादव ने पहले ही 12 अक्टूबर को श्योपुर में आयोजित कार्यक्रम में संकेत दिया था कि भाईदूज और दिवाली के अवसर पर महिलाएं खुशखबरी सुनेंगी, क्योंकि लाडली बहना योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी योजना की शुरुआत लाडली बहना योजना की शुरुआत 10 जून 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी।तब महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाते थे। बाद में सितंबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया था। इस योजना को महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है और 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत में इसकी अहम भूमिका बताई जाती है। क्या है लाडली बहना योजना का उद्देश्य ‘लाडली बहना योजना’ का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है।इस योजना के तहत राज्य की 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की योग्य महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाती है।