MP Board Exam: 9वीं से 12वीं तक बदला पेपर पैटर्न, लघु उत्तरीय सवालों में नहीं मिलेगा विकल्प

MP Board Exam: 2026-27 में 9वीं से 12वीं तक परीक्षा पैटर्न बदलेगा। प्रश्नपत्र में तार्किक सवाल बढ़ेंगे और लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Exam: मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों की अंकयोजना और प्रश्नों का पैटर्न जारी कर दिया है।मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नए सत्र के पाठ्यक्रम और अंकयोजना की जानकारी उपलब्ध है। नए पैटर्न में विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक हल करने होंगे, जबकि लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या में बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प की सुविधा नहीं दी जाएगी। मंडल के अनुसार प्रश्नपत्रों में केवल सीधे तथ्य पूछने के बजाय तर्क और समझ पर आधारित प्रश्नों को महत्व दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि विद्यार्थियों के लिए केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों को याद करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें पाठ्यपुस्तक के पूरे विषय को समझकर पढ़ना होगा। CBSE की तर्ज पर तैयार होगा प्रश्नपत्र MP Board Exam: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 9वीं से 12वीं तक के लिए नए सत्र की अंकयोजना जारी की है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के स्वरूप में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय की समझ और तार्किक क्षमता को परखना है। मंडल सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार, अब प्रश्न सीधे-सीधे पूछने के बजाय तार्किक तरीके से पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की बेहतर तैयारी करनी होगी। नए पैटर्न में छोटे उत्तर वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को कम शब्दों में सटीक उत्तर लिखने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। 10वीं बोर्ड में 75 अंक का प्रश्नपत्र कक्षा 10वीं के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र 75 अंकों का रहेगा। इसमें वस्तुनिष्ठ से लेकर अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ भाग में वैकल्पिक प्रश्न, रिक्त स्थान, सत्य-असत्य, सही जोड़ी का मिलान और एक वाक्य में उत्तर जैसे प्रश्न शामिल रहेंगे। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में 12 प्रश्न दो-दो अंक के होंगे। इसके बाद तीन लघु उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन अंक और तीन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार-चार अंक के होंगे। 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों में 80 अंक का पेपर कक्षा 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों के लिए लिखित प्रश्नपत्र 80 अंकों का होगा। इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हिस्सा 32 अंकों का रखा गया है। इसके अलावा अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी शामिल होंगे। 12वीं नॉन-प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, सात अंक के सही जोड़ी मिलान और सात अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं। 12वीं के प्रायोगिक विषयों का पेपर 70 अंक का जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा होती है, उनके लिए लिखित प्रश्नपत्र 70 अंकों का रहेगा। 12वीं प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, पांच अंक का सही जोड़ी मिलान और पांच अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न रहेंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों में खत्म होगा विकल्प नए MP Board Exam Pattern 2026-27 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक लघु उत्तरीय प्रश्नों से जुड़ा है। अब इन प्रश्नों में विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्न चुनने की सुविधा नहीं मिलेगी। यानी जिस प्रश्न को प्रश्नपत्र में पूछा गया है, उसका उत्तर देना होगा। इस बदलाव के कारण विद्यार्थियों को प्रत्येक अध्याय की अच्छी तैयारी करनी होगी। केवल चुनिंदा प्रश्न याद करके परीक्षा की तैयारी करना पहले की तुलना में जोखिम भरा हो सकता है। रटने के बजाय समझकर पढ़ना होगा नए पैटर्न का सबसे बड़ा असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ेगा। प्रश्नों को तार्किक और समझ आधारित बनाने से केवल परिभाषा या उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक पढ़ते समय यह समझना होगा कि किसी घटना, सिद्धांत, प्रक्रिया या तथ्य के पीछे कारण क्या है और उसका उपयोग किस परिस्थिति में किया जा सकता है। परीक्षा की तैयारी के लिए इन बातों पर दें ध्यान MP Board Exam 2026-27 में विद्यार्थियों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या और उनके अंक वितरण को बदला गया है। कक्षा 10वीं में अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का बड़ा हिस्सा रहेगा, जबकि लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन रहेंगे। कक्षा 12वीं में विषय के स्वरूप के अनुसार 80 या 70 अंकों का लिखित पेपर होगा। आधिकारिक MPBSE अकादमिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अंकयोजना उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों को अभी से बदलनी होगी तैयारी की रणनीति नए पैटर्न को देखते हुए बोर्ड विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का तरीका बदलना होगा। अब सिर्फ परीक्षा से कुछ महीने पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने के बजाय पूरे साल पाठ्यपुस्तक को समझकर पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। खासकर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अलग-अलग तैयारी करनी चाहिए। साथ ही लिखने की गति और समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

surya grahan 2026: 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं?

surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण, छह ग्रहों की परेड और पर्सिड उल्का वर्षा का खास संयोग बनेगा। जानें भारत में ग्रहण दिखेगा या नहीं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। surya grahan 2026: 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि सुबह के समय छह ग्रहों की एक विशेष ‘प्लैनेट परेड’ नजर आएगी। रात में पर्सिड उल्का वर्षा भी अपने चरम पर होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों के लिए सूर्य ग्रहण को लेकर एक अहम बात है। 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। ग्रहण का पूर्ण चरण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से दिखाई देगा। उत्तरी अमेरिका, यूरोप और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई हिस्सों में इसका आंशिक चरण देखा जा सकेगा। 12 अगस्त को क्यों खास है? एक ही तारीख के आसपास तीन बड़े खगोलीय आकर्षण देखने को मिलेंगे—सुबह छह ग्रहों की परेड, दिन में सूर्य ग्रहण और रात में पर्सिड उल्का वर्षा। यह संयोग इसलिए भी खास है क्योंकि 12 अगस्त को अमावस्या होगी। इससे रात के आसमान में चंद्रमा की रोशनी का हस्तक्षेप लगभग नहीं रहेगा और अंधेरे स्थानों से पर्सिड उल्का वर्षा देखने की परिस्थितियां बेहतर होंगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड उल्का वर्षा का पीक 12-13 अगस्त की रात रहेगा। कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? NASA के अनुसार 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से के ऊपर से गुजरेगा। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देगा। इसी दौरान कुछ समय के लिए दिन का आसमान असामान्य रूप से अंधेरा दिखाई दे सकता है और सूर्य की बाहरी परत यानी कोरोना नजर आ सकती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ESA के अनुसार पूर्ण ग्रहण की पट्टी पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के उत्तर-पूर्वी हिस्से तक पहुंचेगी। किन देशों में आंशिक ग्रहण दिखेगा? पूर्ण ग्रहण की पट्टी से बाहर रहने वाले कई इलाकों में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा चंद्रमा की छाया में आएगा। आंशिक ग्रहण उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा, यूरोप के बड़े हिस्से और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा। यूरोप और अफ्रीका के कुछ पश्चिमी हिस्सों में सूर्यास्त के समय भी ग्रहण का दृश्य देखने को मिल सकता है। यानी कुछ स्थानों पर सूर्य आंशिक रूप से ग्रहणग्रस्त अवस्था में क्षितिज के नीचे जाएगा। भारत में दिखेगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण? नहीं। 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसका कारण भारत में ग्रहण के समय सूर्य का क्षितिज के ऊपर न होना है। इसलिए मध्य प्रदेश समेत भारत के किसी भी हिस्से से इस सूर्य ग्रहण को सीधे आसमान में देखने की उम्मीद नहीं है। भारत में रहने वाले खगोल प्रेमी हालांकि दुनिया के उन हिस्सों से उपलब्ध वैज्ञानिक लाइव कवरेज या ऑनलाइन प्रसारण के जरिए इस घटना को देख सकते हैं। सूर्य ग्रहण कितनी देर रहेगा? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। पूरे ग्रहण की शुरुआत से समाप्ति तक की अवधि और पूर्ण ग्रहण यानी Totality की अवधि अलग होती है। NASA के मुताबिक पूर्ण ग्रहण की पट्टी में अधिकांश स्थानों पर सूर्य पूरी तरह ढकने का समय दो मिनट से कम रहेगा। ग्रहण के केंद्रीय क्षेत्र के पास अधिकतम Totality लगभग 2 मिनट 18 सेकंड तक रह सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे कई घंटों के भारतीय समय वाले आंकड़ों को पूर्ण ग्रहण की अवधि समझना सही नहीं होगा। सुबह दिखाई देगी छह ग्रहों की परेड 12 अगस्त की सुबह सूर्य निकलने से पहले आकाश में छह ग्रह एक साथ दिखाई देने की स्थिति में होंगे। इस ‘प्लैनेट परेड’ में बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून शामिल हैं। हालांकि सभी ग्रहों को बिना उपकरण के देख पाना आसान नहीं होगा। मंगल और शनि अपेक्षाकृत आसानी से पहचाने जा सकते हैं। बुध और बृहस्पति क्षितिज के करीब होने के कारण ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेंगे, जबकि यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या अन्य ऑप्टिकल उपकरण की जरूरत पड़ सकती है। इसे ‘ग्रहों की सीधी कतार’ कहना पूरी तरह सटीक नहीं है। ये ग्रह वास्तव में अंतरिक्ष में एक सीधी लाइन में नहीं होंगे, बल्कि पृथ्वी से देखने पर आकाश में एक व्यापक चाप के रूप में नजर आएंगे। रात में दिखेगी पर्सिड उल्का वर्षा 12-13 अगस्त की रात पर्सिड उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। American Meteor Society के अनुसार 2026 में पर्सिड्स की सक्रिय अवधि 17 जुलाई से 24 अगस्त तक है और इसका मुख्य पीक 12-13 अगस्त की रात है। पर्सिड उल्का वर्षा धूमकेतु 109P/Swift-Tuttle से निकले मलबे के कारण होती है। जब पृथ्वी इस मलबे की धारा से गुजरती है तो छोटे-छोटे कण वायुमंडल में प्रवेश करके चमकीली लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं। 2026 में इस उल्का वर्षा के लिए परिस्थितियां खास मानी जा रही हैं, क्योंकि पीक के समय चंद्रमा अमावस्या की अवस्था में होगा। यानी चांदनी का हस्तक्षेप बेहद कम रहेगा। ग्रामीण और अंधेरे स्थानों से सामान्य परिस्थितियों में करीब 30-50 उल्काएं प्रति घंटे देखी जा सकती हैं, जबकि आदर्श परिस्थितियों में सैद्धांतिक दर इससे अधिक हो सकती है। सूर्य ग्रहण कैसे लगता है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी का कुछ हिस्सा पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है। जब चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक देता है और पृथ्वी की सतह पर मौजूद दर्शक चंद्रमा की पूर्ण छाया में होते हैं, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। ग्रहण केवल अमावस्या के आसपास ही संभव होता है, लेकिन हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं लगता। इसका कारण सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की कक्षाओं का एक-दूसरे के सापेक्ष झुका होना है। 12 अगस्त को आसमान में अद्भुत नजारा, सूर्य ग्रहण से लेकर उल्का वर्षा तक; भारत में दिखेगा या नहीं? 12 अगस्त 2026 का दिन खगोल विज्ञान में दिलचस्प घटनाओं के लिए याद किया जा सकता है। इस दिन दुनिया के … Read more

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

MP News: MP में पटवारी भर्ती का मौका, 18 अगस्त तक भरें फॉर्म; सितंबर में परीक्षा

MP News: MPESB Patwari Recruitment 2026 के तहत पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आवेदन शुरू हैं। योग्य उम्मीदवार 18 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा सितंबर में होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पटवारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की ओर से समूह-2 और उपसमूह-4 के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसमें पटवारी पद भी शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने पर MPESB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती और परीक्षा से संबंधित नोटिफिकेशन, नियम पुस्तिका तथा आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित नियम पुस्तिका ध्यान से पढ़ना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? पटवारी सहित संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही पटवारी पद के लिए MP CPCT स्कोरकार्ड की आवश्यकता बताई गई है। उम्मीदवार आवेदन से पहले संबंधित पद की आधिकारिक नियम पुस्तिका में अपनी पात्रता जरूर जांचें। कब होगी MPESB की परीक्षा? MPESB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:50 बजे से शाम 5 बजे तकनिर्धारित है। उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखनी चाहिए। 18 अगस्त तक भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। गलत जानकारी दर्ज होने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है। MPESB Patwari Form कैसे भरें? ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट: MPESB Official Website आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान महत्वपूर्ण बिंदु

IBPS Clerk भर्ती की 11,403 वैकेंसी को लेकर बड़ा अपडेट, आवेदन की तारीख और परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी

IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानिए आवेदन, योग्यता, फीस, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर जानकारी तेजी से सामने आ रही है। हालांकि, इस भर्ती से जुड़ी तारीखों को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है। आधिकारिक IBPS रिकॉर्ड के अनुसार 11,403 Customer Service Associate पदों वाली CRP-CSA XV भर्ती का नोटिफिकेशन 1 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके लिए शुरुआती आवेदन अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक थी। बाद में IBPS ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 28 अगस्त 2025 कर दी थी। इसलिए 9 अगस्त 2026 की स्थिति में इस पुरानी भर्ती को नई आवेदन प्रक्रिया बताकर आवेदन करने की जानकारी देना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से जुड़े अपडेट उपलब्ध हैं। 11,403 पदों वाली भर्ती किस पद के लिए थी? IBPS की यह भर्ती Customer Service Associate (CSA) पद के लिए थी, जिसे आमतौर पर बैंक क्लर्क भर्ती के रूप में जाना जाता है। इस भर्ती के जरिए भाग लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में Customer Service Associate पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना था। IBPS ने इसे CRP-CSA XV नाम दिया था। भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिक्तियां निर्धारित की गई थीं। हालांकि, रिक्तियों की संख्या को IBPS ने समय-समय पर अपडेट भी किया था। आधिकारिक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया था कि वैकेंसी संख्या संबंधित बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी। आवेदन की तारीख को लेकर न करें गलती पुराने नोटिफिकेशन में आवेदन की शुरुआती अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 निर्धारित थी। बाद में IBPS ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 28 अगस्त 2025 तक बढ़ाई थी। इसका मतलब है कि इस भर्ती के लिए अब नया आवेदन नहीं किया जा सकता। उम्मीदवारों को किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए पुराने आवेदन लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फीस जमा करने से पहले आधिकारिक IBPS वेबसाइट पर भर्ती की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। योग्यता क्या थी? CRP-CSA XV भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी था। इसके अलावा उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर का कार्यसाधक ज्ञान आवश्यक था। जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से उम्मीदवार ने पद के लिए आवेदन किया था, वहां निर्धारित स्थानीय भाषा का ज्ञान भी भर्ती की शर्तों में शामिल था। आयु सीमा आधिकारिक भर्ती नियमों के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष रखी गई थी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान था। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू नहीं IBPS Customer Service Associate भर्ती की खास बात यह है कि इसमें सामान्य तौर पर अलग से इंटरव्यू चरण नहीं होता। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा शामिल होती है। मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा में तीन प्रमुख सेक्शन होते हैं— परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है और गलत उत्तरों के लिए नियमानुसार नेगेटिव मार्किंग भी लागू होती है। 2026 में भर्ती की स्थिति क्या है? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित अपडेट प्रकाशित किए जा चुके हैं। 15 जुलाई 2026 को रिजर्व लिस्ट से जुड़े अपडेट और 17 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा परिणाम तथा प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित जानकारी जारी हुई थी। इसलिए 11,403 पदों वाली इस भर्ती को अगस्त 2026 में शुरू हुई नई भर्ती बताना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल 2026 में PO/MTs XVI और Specialist Officers XVI जैसी नई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े अपडेट भी उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह अगर आप बैंक क्लर्क भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो किसी वायरल पोस्ट के आधार पर आवेदन करने के बजाय IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें। ध्यान रखें:

Ratlam News: रतलाम में विश्व आदिवासी दिवस पर बदलेगी यातायात व्यवस्था

रतलाम में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य आयोजन पोलो ग्राउंड में होगा। रैली के चलते कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था रहेगी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को रतलाम शहर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम पोलो ग्राउंड में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रस्तावित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के सदस्य और ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। सैलाना, सरवन, बाजना, रावटी, शिवगढ़ और बिलपांक क्षेत्र से ग्रामीण रैली के रूप में पोलो ग्राउंड पहुंचेंगे। संभावित भीड़ को देखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर डायवर्जन प्लान जारी किया है। रैली के दौरान निर्धारित मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया समेत सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। शहर में आने-जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। इन रास्तों से होकर गुजरेगी रैली यातायात पुलिस के अनुसार रैली भील धर्मशाला से शुरू होकर बाजना बस स्टैंड, चांदनी चौक, तोपखाना, गणेश देवरी, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा चौराहा, नाहरपुरा तिराहा, आरोग्यम हॉस्पिटल, नगर निगम तिराहा, मेहंदी कुई बालाजी मंदिर, छत्रीपुल और अंबेडकर तिराहा होते हुए पोलो ग्राउंड पहुंचेगी। रैली के चलते इस पूरे निर्धारित रूट पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि वे इस मार्ग पर अनावश्यक रूप से वाहन लेकर न जाएं और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। भारी वाहनों के लिए अलग डायवर्जन प्लान कार्यक्रम के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अलग-अलग दिशाओं से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। सैलाना की ओर से आने वाले वाहन सैलाना से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहन 80 फीट रोड, डोंगरे नगर, वन विभाग की ओर जाने वाले मार्ग तथा बंजली फंटा और सेजावता फंटा होते हुए बाईपास का उपयोग करेंगे। शिवगढ़ की ओर से आने वाले वाहन शिवगढ़ से शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों को वरोठ माता मंदिर, नंदलई फंटा और सेजावता होते हुए शहर की ओर जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है। झाबुआ रोड की ओर से आने वाले वाहन झाबुआ रोड की ओर से रतलाम आने वाले भारी वाहन करमदी, सालाखेड़ी और बाईपास मार्ग का उपयोग करेंगे। सालाखेड़ी फंटा से आने वाले वाहन सालाखेड़ी फंटा से शहर की तरफ आने वाले भारी वाहनों को प्रतापगढ़ पुलिया से डी-मार्ट होते हुए जाने के लिए कहा गया है। आम लोगों के लिए कहां रहेगी पार्किंग? विश्व आदिवासी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने पांच पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। निर्धारित पार्किंग स्थल: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। रैली के मार्ग या प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यातायात पुलिस ने की सहयोग की अपील संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने लोगों से जारी किए गए मार्ग परिवर्तन और डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने से लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान शहर में आने-जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

तहसील स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 90 खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, अब जिला स्तर पर दिखाएंगे हुनर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। तहसील स्तर पर आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता उत्साह और खेल भावना के माहौल में संपन्न हुई। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जिसने दर्शकों का भी भरपूर उत्साह बढ़ाया। इस प्रतियोगिता में कुल 10 विद्यालयों के 90 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ी 7 अगस्त को रतलाम में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करेंगे। मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि जिला क्रीड़ा अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉली चौहान ने की, जबकि जिला सहसंयोजक राजेश कोठारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों में अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं। 10 विद्यालयों के 90 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा प्रतियोगिता में क्षेत्र के 10 विद्यालयों से आए कुल 90 खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले खेले। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने निभाई अहम भूमिका प्रतियोगिता को सफल बनाने में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुकाबलों का संचालन और निर्णय विवेक झा, अजहर खान और समीक्षा परमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत अशोक व्यास, विजय रावल, महेंद्र शुक्ला, पृथ्वीराज सिंह, अज़हर खान, समीक्षा परमार, विवेक झा, तनुष्का और शाकिर शेख ने किया। चयनित खिलाड़ी अब जिला स्तर पर उतरेंगे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन 7 अगस्त को रतलाम में आयोजित जिला स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ियों को राजेंद्र जी पितलिया और अध्यक्ष विवेक जी पितलिया ने बधाई देते हुए आगामी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन और आभार कार्यक्रम का संचालन महेंद्र शुक्ला ने किया, जबकि अंत में वीरेंद्र गुर्जर ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

Ratlam News: रतलाम में ठेला संचालक से मारपीट और जान से मारने की धमकी, तीन लोगों पर FIR दर्ज

Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पानी-पताशा विक्रेता से गाली-गलौज, दुकान में तोड़फोड़ और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा का ठेला लगाने वाले युवक की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार घटना 2 अगस्त 2026 की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई, फिर दुकान में तोड़फोड़ की गई और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो देखे पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायत 6 अगस्त 2026 को स्टेशन रोड थाने में दर्ज कराई गई। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) मुरली मकवाना को सौंपी गई है। क्या है पूरा मामला? एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता मधुरम व्यास घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा की दुकान लगाते हैं। उनके अनुसार पास में गन्ने के रस की दुकान लगाने वाले रवि शर्मा से पुरानी रंजिश चल रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त की रात रवि शर्मा वहां पहुंचा और कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर गोलु माली और अजय कोम भी मौके पर आ गए। तीनों पर मिलकर गाली-गलौज करने और दुकान की कुर्सियां उठाकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। मां के पहुंचने पर भी विवाद बढ़ा शिकायतकर्ता के मुताबिक विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपनी मां विष्णुकांता व्यास को फोन कर बुलाया। आरोप है कि मां के मौके पर पहुंचने के बाद भी तीनों आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि रवि शर्मा ने कथित रूप से चाकू लेकर शिकायतकर्ता और उनकी मां को डराया तथा ठेला हटाने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की निम्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने क्या कार्रवाई की? एफआईआर के अनुसार स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अपराध क्रमांक 588/2026 दर्ज किया। जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक मुरली मकवाना को दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

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