Ratlam News: रतलाम फायरिंग केस: पूर्व बजरंग दल नेता समेत 3 फरार आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम, संपत्ति की जांच भी शुरू

रतलाम फायरिंग केस में बड़ा अपडेट। सराफा व्यापारी के घर फायरिंग मामले में पूर्व बजरंग दल नेता विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित। पुलिस ने संपत्ति की जांच भी शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के चर्चित सराफा व्यापारी फायरिंग केस में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए तीन फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनामघोषित किया है। इनमें पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती शामिल हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी संपत्ति की भी जांच कर रही है। 19 जून को सराफा व्यापारी के घर हुई थी फायरिंग 19 जून को रतलाम के डीडी नगर थाना क्षेत्र स्थित सैफी नगर में सराफा व्यापारी कमल सोनी के घर पर दो बाइकों से पहुंचे चार बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। सभी आरोपी चेहरे पर कपड़ा बांधकर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत उर्फ चुचु, भोला, अजय उर्फ गट्टू, रवींद्र और कन्हैया नायक शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फायरिंग की पूरी साजिश विनोद उर्फ वीनू शर्मा के कहने पर रची गई थी। पूर्व बजरंग दल नेता समेत तीन आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार पूर्व बजरंग दल जिला संयोजक विनोद उर्फ वीनू शर्मा, वसीम उर्फ पांडू और अदनान मुकाती अभी भी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तीनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी वसीम उर्फ पांडू वर्ष 2017 के चर्चित तरुण सांखला हत्याकांड में भी नामजद आरोपी रह चुका है। 40 लाख की सुपारी लेकर कराई गई थी फायरिंग पुलिस जांच में सामने आया कि सराफा व्यापारी कमल सोनी के बेटे दिव्यांश सोनी और आदित्य सोमानी के बीच एमसीएक्स कारोबार से जुड़े करीब 1 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवाद चल रहा था। दिव्यांश द्वारा आदित्य सोमानी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के अगले ही दिन फायरिंग की घटना हुई। व्यापारी कमल सोनी ने आरोप लगाया था कि वीनू शर्मा रुपये की वसूली के लिए लगातार धमका रहा था और फायरिंग की धमकी भी दी थी। जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि कथित रूप से 40 लाख रुपये की सुपारी लेकर बदमाशों के जरिए इस वारदात को अंजाम दिलाया गया। पुलिस का बयान डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि तीनों फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमों ने दबिश दी है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया जा सके।

रतलाम में जेएसजी संगिनी उमंग की अनोखी पहल: जरूरतमंद सब्जी विक्रेताओं को बांटी छतरियां और रेनकोट

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सामाजिक सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेएसजी संगिनी उमंग रतलाम परिवार ने बारिश के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता के लिए सराहनीय पहल की। संस्था ने ‘उमंग के रंग, सेवा के संग’ अभियान के तहत ‘बरसात से राहत’ सेवा प्रोजेक्ट आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को 50 छतरियों एवं रेनकोट का वितरण किया। यह सेवा प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद द्वारा जुलाई माह के लिए दिए गए ‘बारिश से राहत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को बारिश से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम 7 जुलाई, मंगलवार को जैन स्कूल, सागोद रोड गेट, रतलाम पर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जियां बेचने आने वाले विक्रेताओं को छतरियां और रेनकोट वितरित किए गए। इस सेवा कार्य के माध्यम से संगिनी उमंग परिवार ने मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस सेवा प्रोजेक्ट में समूह की 30 से अधिक सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम सखी मीना रमेश गादिया के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप अध्यक्ष रेनू लूनिया, रमिला सकलेचा और संगीता कांठेड़ ने मीना गादिया का स्वागत किया। संस्था की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए इसी प्रकार के सेवा कार्य निरंतर किए जाएंगे। ग्रुप की सचिव निर्मला पटवा एवं अनिता कोठारी ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी को 1 साल की जेल, दो सह-आरोपी बरी

इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा, जबकि दो सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को दोषी करार दिया है। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की अदालत ने आरोपी को खतरनाक हथियार से हमला करने के मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया? अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) और 126(2) के तहत आयूष खोवारे को दोषी मानते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 118(1) के तहत 2,000 रुपये और धारा 126(2) के तहत 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सह-आरोपी सुमित चौहान और देवेन्द्र उर्फ सागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए। इस कारण दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी आयूष पटेल अपने साथी सुमित चौहान के साथ दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान राऊ थाना क्षेत्र स्थित छोगाला रेस्टोरेंट के पास पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल पर आए आयूष खोवारे और देवेन्द्र उर्फ सागर ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप था कि देवेन्द्र ने फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, जबकि आयूष खोवारे ने चाकू से उसकी पीठ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के प्रयास का आरोप क्यों नहीं हुआ साबित? सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित को लगी चोट शरीर के किसी संवेदनशील या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले अंग पर नहीं थी। इसलिए हत्या के प्रयास का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। हालांकि, फरियादी के लगातार एक जैसे बयान और एफएसएल रिपोर्ट में जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि ने यह साबित कर दिया कि आयूष खोवारे ने खतरनाक हथियार से हमला किया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। दो सह-आरोपी क्यों हुए बरी? अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी ने सुमित चौहान के खिलाफ कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं किया। वहीं, देवेन्द्र उर्फ सागर द्वारा आंखों में मिर्च पाउडर डालने के आरोप को मेडिकल साक्ष्यों से समर्थन नहीं मिला। चिकित्सकीय परीक्षण में आंखों में लालिमा, सूजन या जलन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। इसी वजह से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का अंतिम आदेश न्यायालय ने आदेश दिया कि विचारण के दौरान आयूष खोवारे द्वारा जेल में बिताई गई एक वर्ष आठ माह की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वसूल किया गया अर्थदंड पीड़ित को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस फैसले के साथ बहुचर्चित इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाते हुए कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपियों को राहत प्रदान की।

Ratlam News: रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, इप्का गेस्ट हाउस के पीछे झाड़ियों में मिला शव; CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

रतलाम में इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब इप्का गेस्ट हाउस के पीछे स्थित नाले से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। करीब 55 वर्षीय व्यक्ति का शव झाड़ियों के बीच नाले के पानी में औंधे मुंह पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। रतलाम में नाले से मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मौके पर पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे स्थानीय लोगों ने सिटी फोरलेन स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय से कुछ दूरी पर इप्का गेस्ट हाउस के पीछे नाले में शव पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शव को नाले से बाहर निकलवाया। पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जिस स्थान पर शव मिला है, उसके पीछे इंदौर रेलवे लाइन भी गुजरती है, इसलिए पुलिस आसपास के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। CCTV फुटेज और पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के मुताबिक मृतक ने काले रंग की पैंट और टी-शर्ट पहन रखी थी। दोपहर तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक वहां कैसे पहुंचा। पहचान के लिए आसपास के थानों और गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने क्या कहा? स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि मृतक की पहचान कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शव पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। हर एंगल से जांच कर रही पुलिस एफएसएल टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस प्राकृतिक मौत, दुर्घटना और अन्य संभावित कारणों सहित हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में 74 लाख का गबन! कृषि साख सहकारी संस्था में बड़ा घोटाला, 68 किसानों के खातों से हेराफेरी

रतलाम के पिपलौदा स्थित शेरपुर प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का खुलासा हुआ है। ऑडिट में अनियमितता सामने आने के बाद प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज, दोनों आरोपी फरार हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के शेरपुर गांव स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 74.45 लाख रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। वर्षों तक चली वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा विशेष ऑडिट के दौरान हुआ। जांच के बाद पिपलौदा थाना पुलिस ने संस्था के तत्कालीन प्रबंधक और सहायक प्रबंधक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। ऑडिट में पकड़ी गई 74 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2017-18 से 2023-24 के बीच का है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा पिपलौदा के प्रबंधक अशोक पिता रायचंद मुणिया ने 6 मार्च 2026 को पुलिस को जांच प्रतिवेदन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की थी। भारत सरकार की सहकारी से समृद्धि योजना के तहत पैक्स कम्प्यूटरीकरण के दौरान संस्था के डिजिटल रिकॉर्ड (DCT) और बैलेंस शीट का मिलान किया गया। इस दौरान 86.43 लाख रुपये से अधिक का अंतर सामने आया। इसके बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता बैंक की विशेष ऑडिट टीम ने विस्तृत जांच की, जिसमें 70 सदस्यों के खातों में 74,45,947 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई। 68 किसानों के खातों में हेरफेर, राशि लेकर नहीं दी रसीद विशेष जांच में सामने आया कि संस्था के तत्कालीन प्रबंधक अशोक बाफना और सहायक प्रबंधक गेंदालाल शर्मा ने कई सदस्यों से नकद राशि जमा करवाई, लेकिन उसकी आधिकारिक रसीद जारी नहीं की। इतना ही नहीं, जमा राशि को संस्था की कैश बुक में भी दर्ज नहीं किया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में 68 सदस्यों के खातों में लगभग 74.26 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। ऑडिट टीम ने फर्जी रसीदों और रिकॉर्ड में हेरफेर के भी प्रमाण मिलने की बात कही है। नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं, दोनों अधिकारी निलंबित विशेष ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद बैंक ने दोनों अधिकारियों को राशि जमा करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन निर्धारित समय में रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर एवं प्रशासक के निर्देश पर शाखा प्रबंधक अमृतलाल पाटोदी को विस्तृत जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद पुलिस कार्रवाई की गई। पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार पिपलौदा थाना पुलिस ने आरोपी अशोक बाफना (निवासी हसनपालिया, वर्तमान जावरा) और गेंदालाल शर्मा (निवासी सरसाना, पिपलौदा)के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली ने बताया कि दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की कई सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण और विशेष ऑडिट के बाद ऐसे मामलों का खुलासा तेजी से हो रहा है। शेरपुर संस्था का यह मामला भी ऑडिट प्रक्रिया के दौरान सामने आया, जिसने किसानों की जमा पूंजी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

MP News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने लॉन्च किया 5 लाख करोड़ का मेगा क्रेडिट प्लान

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख योजना लागू की है। किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण और MSME सेक्टर को 1.62 लाख करोड़ रुपए का लोन मिलेगा। जानिए पूरी जानकारी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की वार्षिक साख (क्रेडिट) योजना लागू कर दी है। इस योजना के तहत किसानों को 88,638 करोड़ रुपए का फसल ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कृषि क्षेत्र के लिए कुल 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर सस्ता और आसान ऋण उपलब्ध कराकर खेती को मजबूत बनाना है। क्या है 5 लाख करोड़ की वार्षिक साख योजना? भोपाल में आयोजित बैठक में प्रदेश की वार्षिक साख योजना 2026-27 जारी की गई। यह योजना राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) द्वारा तैयार की गई है, जिसमें कृषि, एमएसएमई, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ऋण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के तहत राज्य में कुल 5 लाख करोड़ रुपए के ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके और रोजगार के नए अवसर भी बनें। कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता नई साख योजना में कृषि क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 1,65,117 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से 88,638 करोड़ रुपए किसानों को फसल ऋण के रूप में दिए जाएंगे। इसका सबसे अधिक लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलने की उम्मीद है। समय पर ऋण मिलने से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। MSME सेक्टर को भी मिलेगा बड़ा फायदा सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र के लिए भी बड़ा प्रावधान किया है। इस सेक्टर के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे छोटे उद्योगों, स्टार्टअप और नए उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी ऋण लक्ष्य बढ़ाया गया है, जिससे प्रदेश में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने दिए निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वित्त विभाग और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अधिकारियों के साथ बैठक में सभी सरकारी और निजी बैंकों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर क्रेडिट प्लान जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग योजना तैयार की जाए ताकि किसानों, उद्यमियों और अन्य पात्र लोगों तक समय पर ऋण पहुंच सके और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। अब आगे क्या होगा? अब सभी जिलों में बैंक जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान तैयार करेंगे और उसके बाद किसानों व उद्यमियों को ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से खेती, उद्योग और रोजगार—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो मध्य प्रदेश के लाखों किसानों और हजारों छोटे उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा तथा राज्य की आर्थिक विकास गति को नई मजबूती मिलेगी।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

EPFO में बड़ा बदलाव! पोर्टल से हटीं UAN की 2 अहम सेवाएं, अब सिर्फ UMANG ऐप से होगा ये जरूरी काम

EPFO ने अपने पोर्टल से UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा हटा दी है। अब ये दोनों सेवाएं केवल UMANG ऐप के जरिए आधार आधारित Face Authentication के साथ उपलब्ध होंगी। जानिए पूरा प्रोसेस और क्या बदला है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। EPFO: देशभर के करोड़ों ईपीएफ (EPF) खाताधारकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) ने अपने पोर्टल के अपग्रेडेशन के बाद UAN (Universal Account Number) से जुड़ी दो महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं को बंद कर दिया है। अब UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा EPFO पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी। इन दोनों सेवाओं को सरकार के UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहां आधार आधारित Face Authentication अनिवार्य होगा। EPFO UAN सेवाओं में बड़ा बदलाव, अब पोर्टल पर नहीं होंगे ये काम एक सप्ताह तक चले डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के बाद EPFO ने अपना पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि संस्था ने स्पष्ट किया है कि कुछ ऑनलाइन सेवाओं और क्लेम प्रोसेसिंग में शुरुआती दिनों में थोड़ी देरी हो सकती है। इसी दौरान EPFO ने बड़ा फैसला लेते हुए दो प्रमुख सेवाओं को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है। अब सदस्य EPFO पोर्टल के माध्यम से न तो अपना UAN एक्टिवेट कर पाएंगे और न ही नया UAN जनरेट कर सकेंगे। क्या-क्या बदला? EPFO UAN अपडेट के मुख्य बदलाव UMANG ऐप से ऐसे करें UAN Activation अगर आपको अपना UAN एक्टिव करना है, तो अब यह प्रक्रिया UMANG ऐप के जरिए पूरी करनी होगी। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: नया UAN कैसे जनरेट करें? अब नया UAN बनाने की सुविधा भी केवल UMANG ऐप पर उपलब्ध होगी। प्रक्रिया इस प्रकार है: क्यों किया गया यह बदलाव? EPFO के अनुसार यह बदलाव बड़े डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। आधार आधारित Face Authentication लागू होने से फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी और सदस्य सत्यापन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।

रतलाम में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

रतलाम में 16 जुलाई 2026 को श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। आयोजन समिति ने महापौर प्रह्लाद पटेल एवं MIC सदस्यों को आमंत्रित कर अधिक से अधिक नागरिकों से धर्म लाभ लेने की अपील की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति द्वारा आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने रतलाम नगर निगम के महापौर प्रह्लाद पटेल से सौजन्य भेंट कर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर नगर निगम के सभी MIC (एमआईसी) सदस्यों को भी आमंत्रित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया गया। समिति ने बताया कि श्री भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे श्री भगवान जगदीश मंदिर, थावरिया बाजार, रतलाम से प्रारंभ होगी। रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्री भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने बताया कि रतलाम जिले में पिछले 29 वर्षों से इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। यह रथयात्रा करीब 350 वर्ष पुराने मालवी एवं राजस्थानी शिल्पकला से निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर से निकाली जाती है, जो जिले का एकमात्र प्राचीन जगन्नाथ मंदिर माना जाता है। समिति का उद्देश्य सामाजिक समरसता, धार्मिक एकता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देना है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने, शोभायात्रा की गरिमा बढ़ाने तथा “धर्मो रक्षति रक्षितः” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है। समिति ने रतलाम शहर एवं आसपास के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित रथयात्रा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। रथयात्रा का कार्यक्रम

Ratlam News: रतलाम में 40 लाख की लूट का 24 घंटे में खुलासा: कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय बनकर रची थी पूरी साजिश

रतलाम में 40 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। कर्मचारी ने व्हाट्सएप के “OK” मैसेज से साथियों को बुलाकर ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा में वारदात करवाई। पूरी रकम बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि फरियादी का ही कर्मचारी पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? 30 जून 2026 को शहर सराय निवासी मनीष पटवा ने थाना स्टेशन रोड में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न दुकानों से एकत्र करीब 40 लाख रुपये की नकदी उनके कार्यालय पहुंचाई गई थी। राशि कार्यालय कर्मचारी फरदीन और उसके पिता फिरोज खान को सौंप दी गई। दोनों रकम गिनने के बाद उसे काले बैग में रखकर घर की ऊपरी मंजिल पर ले जा रहे थे। तभी ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा पहने और चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने जान से मारने की धमकी देकर 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गया। घटना के बाद थाना स्टेशन रोड पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 309(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। व्हाट्सएप के “OK” मैसेज से शुरू हुई लूट की प्लानिंग जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसमें कर्मचारी फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने पूरा षड्यंत्र कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि जैसे ही 40 लाख रुपये उसके पास पहुंचे, उसने अपने साथियों को व्हाट्सएप पर केवल “OK” मैसेज भेजकर संकेत दिया। पहले से तय योजना के अनुसार उसका भाई फैज और साथी असबाब ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वेशभूषा पहनकर स्कूटी से मौके पर पहुंचे और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार आरोपी असबाब पहले ब्लिंकिट में काम कर चुका था। इसी वजह से उसने शक से बचने के लिए कंपनी की डिलीवरी ड्रेस का इस्तेमाल किया। 40 लाख रुपये की पूरी रकम बरामद पुलिस ने आरोपी फरदीन की निशानदेही पर उसके घर और आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम से घटना में लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी फैज और असबाब की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साथ ही दोनों आरोपियों के अन्य जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा? पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना स्टेशन रोड पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इस मामले का खुलासा किया। थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन सहित थाना और साइबर सेल की टीम की त्वरित कार्रवाई से महज 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा संभव हो सका।

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