Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कलेक्टर का सख्त रुख, कार्रवाई दिखाई नहीं देने पर जताई नाराजगी

Ratlam News: रतलाम में नारकोटिक्स रोकथाम को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सख्ती दिखाई। आबकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को रोज कार्रवाई के निर्देश दिए। रतलाम- पब्लिक वार्ता  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने अब कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं। नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने संबंधित विभागों को नियमित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई को लेकर कलेक्टर ने कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि इन विभागों की कार्रवाई आखिर जनता को दिखाई क्यों नहीं दे रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका असर भी जमीन पर नजर आना चाहिए। कार्रवाई पर कलेक्टर ने अधिकारियों से पूछा सीधा सवाल समीक्षा के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी अधिकारी ने इन विभागों की कार्रवाई को देखा, सुना या उसके बारे में पढ़ा है। इस सवाल पर बैठक में मौजूद अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई लगातार और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कार्रवाई का असर आम लोगों और संबंधित क्षेत्रों में भी दिखाई देना जरूरी है। ड्रग इंस्पेक्टर से मांगा अगस्त का पूरा रिकॉर्ड कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को अगस्त महीने में की गई सभी कार्रवाइयों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में इस विषय पर प्राथमिकता से चर्चा की जाएगी। विभाग को यह जानकारी देनी होगी कि अगस्त में कितनी कार्रवाई की गई और उससे क्या परिणाम सामने आए। मुख्य निर्देश: अवैध शराब और नशीले पदार्थों पर अभियान चलाने के निर्देश आबकारी विभाग को अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी नारकोटिक्स रोकथाम बैठक में पुलिस और संबंधित विभागों को उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए, जिन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। कलेक्टर ने ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में सफेमा अधिनियम सहित कानूनी प्रावधानों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में चलेगा नशामुक्ति जागरूकता अभियान नशे की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने केवल कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय जागरूकता पर भी जोर दिया है। कलेक्टर ने स्कूलों में नशामुक्ति अभियान चलाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति से संबंधित फ्लेक्स और बैनर लगाने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों तक नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में नारकोटिक्स रोकथाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रॉयल कॉलेज में महर्षि श्री अरविंद जयंती पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा महर्षि अरविंद की जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम पर किया गया। व्याख्यानमाला का उद्देश्य महर्षि अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि अरविंद एवं मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें। अखण्ड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद महाराज ने कहा कि महर्षि अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने कहा कि महर्षि अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम नीरज पवैया ने महर्षि अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। पर्यावरणविद एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंडया एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजलसहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन महावीरदास बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रोफेसर दिनेश राजपुरोहित द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखण्ड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावतएवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा, बच्चों को बचाने उतरे 2 शिक्षक और छात्र की मौत

Ratlam News: रतलाम की पैराडाइज वैली में पिकनिक के दौरान पानी में गिरे बच्चों को बचाने की कोशिश में 2 शिक्षकों और एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर पैराडाइज वैली पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल से पिकनिक पर पहुंचे विद्यार्थियों में से कुछ बच्चे पानी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान दो बच्चे पानी में चले गए। बच्चों को डूबता देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरे। बचाव के दौरान एक छात्र और दोनों शिक्षक गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे में कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार सहित दोनों शिक्षकों की मौत हो गई। वहीं, पानी में गई अन्य छात्रा खुशी को बचा लिया गया। अन्वेष और सिद्धि समेत अन्य विद्यार्थियों को भी अस्पताल ले जाया गया। पैराडाइज वैली में कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल, जावरा के कक्षा 7वीं और 9वीं के करीब 17 विद्यार्थी रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे स्कूल स्टाफ के साथ बस से पैराडाइज वैली पहुंचे थे। विद्यार्थियों के साथ स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक व स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। बताया गया है कि सभी विद्यार्थी स्कूल के म्यूजिक ग्रुप से जुड़े हुए थे और स्कूल स्टाफ के साथ पिकनिक के लिए यहां पहुंचे थे। दोपहर करीब 2:30 से 3 बजे के बीच कुछ विद्यार्थी पानी के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान कक्षा 7वीं के छात्र हर्षित पाटीदार और कक्षा 9वीं की छात्रा खुशी का पैर फिसल गया और दोनों पानी में चले गए। बच्चों को बचाने पानी में उतरे शिक्षक दोनों विद्यार्थियों को पानी में जाते देख शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर तुरंत बचाव के लिए पहुंचे। प्रयास के दौरान खुशी को पानी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने हर्षित तथा दोनों शिक्षकों को पानी से बाहर निकाला। तीनों को बचाने के लिए CPR देने की कोशिश भी की गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में इन तीन लोगों की मौत हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार हुई है: हादसे के बाद तीनों शवों को रतलाम मेडिकल कॉलेज लाया गया। बाद में शवों को स्कूल बस के माध्यम से जावरा भेजा गया। तीन विद्यार्थियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद बचाए गए विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। छात्रा खुशी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्वेष और सिद्धि को भी अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजन रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। SDERF टीम के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल को भी सूचना दी गई थी। हालांकि, SDERF की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने पानी में उतरकर तीनों को बाहर निकाल लिया था। पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के कारणों और मौके की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। हादसे से उठे सुरक्षा से जुड़े सवाल स्कूल पिकनिक के दौरान बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां गहरा पानी मौजूद हो, वहां विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षित क्षेत्र की स्पष्ट पहचान बेहद जरूरी होती है। पैराडाइज वैली की इस घटना ने एक बार फिर पिकनिक स्पॉट पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे की पूरी तस्वीर पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Ratlam News: रतलाम में कंबलों के नीचे छिपा था 106 किलो डोडाचूरा, पुलिस ने कंटेनर पकड़ा

Ratlam News: रतलाम में पुलिस ने नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा जब्त किया है। मामले में नीमच और चित्तौड़गढ़ के दो आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिलपांक थाना क्षेत्र के सातरुंडा में पुलिस ने एक नागालैंड नंबर के कंटेनर से 106.47 किलो डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। नशे की यह खेप नीमच से महाराष्ट्र के मालेगांव ले जाने की तैयारी में थी। कंटेनर में डोडाचूरा को छह कट्टों में भरकर कंबलों के नीचे छिपाया गया था। कार्रवाई के दौरान कंटेनर में सवार तीन लोगों में से एक पुलिस को देखकर मौके से भाग निकला, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सातरुंडा में पुलिस ने की घेराबंदी एएसपी राकेश पंद्रों के अनुसार शुक्रवार रात बिलपांक थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक NL 01 AA 6956 में डोडाचूरा भरकर सातरुंडा के रास्ते इंदौर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सातरुंडा क्षेत्र में घेराबंदी की। इंदौर जाने वाली सड़क के किनारे एक ले-बाय में संदिग्ध कंटेनर खड़ा मिला। पुलिस ने वाहन की तलाशी शुरू की तो ऊपर कंबल रखे हुए दिखाई दिए। कंबलों को हटाने पर नीचे छह कट्टे मिले। जांच और वजन के बाद इनमें कुल 106.47 किलो डोडाचूरा पाया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा कंटेनर में तीन लोग सवार थे। पुलिस की मौजूदगी देखकर इनमें से एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहनलाल (42) और प्रेमचंद (53) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मोहनलाल नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि प्रेमचंद राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार करते हुए डोडाचूरा और कंटेनर जब्त कर लिया है। पूछताछ में नीमच से डोडाचूरा लाने की बात पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि डोडाचूरा नीमच के अनिल सिंह राजपूत से लिया गया था। पुलिस अब कथित रूप से डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस फरार आरोपी अनिल सिंह सोंधिया राजपूत, निवासी संगराणा घाटी, जिला नीमच की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। करीब 30 लाख रुपये का बताया गया डोडाचूरा पुलिस के अनुसार जब्त डोडाचूरा का कुल वजन 106.47 किलो है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई में कंटेनर को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाना है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसे मालेगांव तक पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई थी।

MP News: MP में निजी मेडिकल कॉलेजों की EWS सीटों पर बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

MP News: MP के निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र को पक्षकार बनाया है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS विद्यार्थियों के आरक्षण को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने पुराने मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी है। साथ ही इसी मुद्दे से जुड़ी नई याचिका पर राज्य शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया गया है। मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। क्या है निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण का मामला? मामला निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों को आरक्षण का लाभ दिलाने से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि EWS अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण व्यवस्था का लाभ चाहते हैं। नई याचिका पर राज्य शासन और NMC को नोटिस कुमारी दरक्षा अंजुम सहित अन्य की ओर से दायर नई याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS अभ्यर्थियों के प्रवेश से संबंधित मांग उठाई गई है। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। यानी इस मामले में आगे आने वाला न्यायिक निर्णय प्रवेश व्यवस्था पर असर डाल सकता है। पुराने मामले में अब केंद्र सरकार भी शामिल EWS आरक्षण से जुड़ा यह विवाद पहले से हाईकोर्ट में लंबित है। अथर्व चतुर्वेदी विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन नाम से दायर रिट याचिका वर्ष 2024 से अदालत में लंबित है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने की मांग की थी। कोर्ट ने मौखिक आवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार को मामले में शामिल करने की अनुमति दे दी। केंद्र की ओर से नोटिस डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु को स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। 2024 के आदेश में क्या कहा गया था? याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के 17 दिसंबर 2024 के आदेश का भी हवाला दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस आदेश में NMC को निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण लागू करने के लिए एक वर्ष के भीतर सीटें बढ़ाने से संबंधित निर्देश दिए गए थे। अब नए मामले में केंद्र सरकार का पक्ष भी रिकॉर्ड पर आने के बाद इस मुद्दे पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों के लिए क्यों अहम है मामला? निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटों को लेकर हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में EWS आरक्षण से जुड़ा कोई भी फैसला संबंधित अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि अदालत सीटें बढ़ाने से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने का फैसला करती है, तो भविष्य के प्रवेश सत्रों में EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम लाभ और सीटों की संख्या अदालत के फैसले तथा संबंधित नियामकीय व्यवस्था पर निर्भर करेगी। अगली सुनवाई 11 सितंबर को फिलहाल मामले में केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार है। राज्य शासन और NMC को भी नई याचिका पर अपना पक्ष रखना होगा। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को निर्धारित है। उस सुनवाई में सामने आने वाले जवाब और कोर्ट के निर्देश से निजी मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।

GST Registration Online: घर बैठे खुद बनवाएं GST नंबर, जानिए आवेदन का आसान तरीका

GST Registration Online की पूरी प्रक्रिया जानें। घर बैठे GST नंबर के लिए आवेदन, जरूरी दस्तावेज, TRN, Aadhaar Verification और ARN ट्रैक करने का तरीका समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। GST Registration Online: अगर आप नया कारोबार शुरू करने जा रहे हैं या आपका बिजनेस GST के दायरे में आता है, तो GST Registration की जरूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जरूरी नहीं कि किसी एजेंट या साइबर कैफे की मदद ही लेनी पड़े। GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है और आवेदन खुद किया जा सकता है। GST Registration के लिए सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने का कोई अलग सरकारी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। हालांकि, किसी टैक्स प्रोफेशनल या अन्य व्यक्ति से सहायता लेने पर उसकी सर्विस फीस अलग से हो सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने PAN, कारोबार के पते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तैयार रखें। GSTN के आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक आवेदन Part A और Part B में पूरा किया जाता है। GST Registration के लिए किन लोगों को जरूरत पड़ सकती है? हर कारोबार के लिए एक जैसी GST Registration requirement नहीं होती। यह कारोबार के प्रकार, टर्नओवर, राज्य और सप्लाई की प्रकृति समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जिन कारोबारियों पर GST के तहत रजिस्ट्रेशन की देनदारी बनती है, उन्हें निर्धारित समय में आवेदन करना होता है। कुछ कारोबारी स्वेच्छा से भी GST Registration ले सकते हैं। जरूरी सावधानी: केवल यह मान लेना सही नहीं है कि हर नए बिजनेस को शुरुआत से ही GST नंबर लेना अनिवार्य है। अपने कारोबार की स्थिति के अनुसार लागू नियम जरूर जांचें। GST Registration के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें? दस्तावेजों की जरूरत कारोबार की संरचना और आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है: बैंक अकाउंट की जानकारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात है। GST पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार शुरुआती Registration Application में बैंक अकाउंट की जानकारी अनिवार्य नहीं है; इसे बाद में संशोधन के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसलिए बैंक पासबुक या कैंसिल चेक को हर आवेदन में अनिवार्य दस्तावेज बताना सही नहीं होगा। GST Registration Online: सबसे पहले TRN बनाएं GST Registration की प्रक्रिया का पहला चरण Temporary Reference Number यानी TRN बनाना है। Step 1: GST पोर्टल खोलें सबसे पहले GST के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। GST का आधिकारिक पोर्टल इसके बाद: Services → Registration → New Registration पर क्लिक करें। GSTN के आधिकारिक यूजर गाइड के मुताबिक New Registration में Taxpayer विकल्प चुनना होता है। इसके बाद राज्य और जिले की जानकारी, PAN में दर्ज कानूनी नाम, PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। Step 2: मोबाइल और ईमेल OTP वेरिफाई करें फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद दोनों पर OTP प्राप्त होगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद सिस्टम Temporary Reference Number यानी TRN जारी करता है। यह जानकारी मोबाइल और ईमेल पर भी भेजी जाती है। अब TRN से आवेदन पूरा करें TRN मिलने के बाद दोबारा GST पोर्टल के New Registration सेक्शन में जाकर Temporary Reference Number (TRN) विकल्प चुनें। TRN, ईमेल और कैप्चा दर्ज करने के बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद My Saved Application में जाकर अपने ड्राफ्ट आवेदन को Edit करें। ध्यान रखें कि GSTN के अनुसार TRN से जुड़ा ड्राफ्ट आवेदन सीमित समय के लिए उपलब्ध रहता है। आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करके जमा करना जरूरी है। आवेदन में ये जानकारी भरनी होगी GST Registration Form में कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से: Goods and Services वाले सेक्शन में कारोबार के अनुसार संबंधित HSN/SAC की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। Aadhaar Authentication कैसे होगा? आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में Aadhaar Authentication का विकल्प आता है। GSTN के मौजूदा निर्देशों के अनुसार नए GST Registration में पात्र करदाताओं के लिए Aadhaar Authentication की प्रक्रिया लागू है। Authentication के लिए संबंधित व्यक्ति को GST पोर्टल से प्राप्त लिंक के जरिए Aadhaar विवरण और OTP के माध्यम से सत्यापन करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में जोखिम आधारित प्रक्रिया के अनुसार OTP Authentication के बजाय Biometric Authentication के लिए नामित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। अगर Aadhaar Authentication का विकल्प नहीं चुना जाता है, तो फोटो कैप्चर और दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। Aadhaar Verification के लिए कितना समय मिलता है? GSTN के अनुसार Aadhaar Authentication लिंक सामान्य तौर पर 15 दिनों तक उपलब्ध रहता है। इसलिए लिंक मिलने के बाद समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद ARN मिलेगा सभी जानकारी भरने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापित करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल सबमिशन के बाद Application Reference Number यानी ARN मिलता है। इसी ARN की मदद से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। GST पोर्टल में Services → Registration → Track Application Status विकल्प के जरिए स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। GST नंबर कितने समय में मिल सकता है? GST Registration को लेकर अक्सर 7-10 दिन में नंबर मिलने की बात कही जाती है, लेकिन इसे हर आवेदन के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए। GSTN के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में, यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करते तो कुछ आवेदन 7 working days में deemed approval के प्रावधान के अंतर्गत आ सकते हैं। Aadhaar Authentication विफल होने या Aadhaar Authentication से संबंधित अलग स्थिति में प्रक्रिया लंबी हो सकती है और 30 calendar days तक का प्रावधान लागू हो सकता है। इसलिए आवेदन की मंजूरी दस्तावेजों, सत्यापन और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। GSTIN मिलने के बाद क्या करें? आवेदन मंजूर होने के बाद आपको 15 अंकों का GSTIN मिलता है। इसके बाद GST पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित Registration Certificate डाउनलोड किया जा सकता है। GST नंबर मिलने के बाद कारोबार के लिए लागू GST Return Filing, Tax Invoice, Input Tax Credit और अन्य अनुपालन नियमों को … Read more

MP News: मालवा की वादियों में फिर दौड़ेगी हेरिटेज ट्रेन, 22 अगस्त से सफर शुरू; किराया और पूरा टाइम टेबल जानें

MP News: पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन 22 अगस्त से फिर शुरू होगी। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलने वाली ट्रेन का किराया और समय जानें। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों और पर्यटन प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का संचालन 22 अगस्त से एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस ट्रेन को दोबारा चलाने का फैसला लिया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन—शुक्रवार, शनिवार और रविवार—संचालित होगी। सफर के दौरान यात्रियों को मालवा की पहाड़ियों, घाटियों और प्राकृतिक नजारों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। पातालपानी से कालाकुंड तक ऐसा रहेगा सफर ट्रेन संख्या 52965 पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन सुबह 11:05 बजे पातालपानी से रवाना होगी और दोपहर 1:05 बजे कालाकुंड पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 52966 कालाकुंड-पातालपानी दोपहर 3:34 बजे कालाकुंड से रवाना होकर शाम 4:30 बजे पातालपानी पहुंचेगी। इस दौरान करीब दो घंटे का सफर यात्रियों के लिए खास अनुभव वाला रहेगा। पहाड़ी रास्तों और प्राकृतिक दृश्यों के कारण यह रूट लंबे समय से पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। ट्रेन में होंगे 6 कोच पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन में कुल 6 डिब्बे शामिल होंगे। इनमें दो एसी चेयरकार कोच और चार नॉन-एसी चेयरकार कोच रहेंगे। कोच व्यवस्था: सिर्फ 20 रुपये में नॉन-एसी सफर इस हेरिटेज ट्रेन की खास बात इसका नॉन-एसी किराया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक तरफ के सफर के लिए नॉन-एसी चेयरकार का किराया 20 रुपये प्रति यात्री निर्धारित किया गया है। वहीं, एसी चेयरकार का एक तरफ का किराया 265 रुपये है। यदि यात्री आने-जाने दोनों दिशाओं में यात्रा करना चाहते हैं, तो दोनों तरफ के लिए अलग-अलग टिकट लेना होगा। महत्वपूर्ण जानकारी टिकट की बुकिंग कहां से होगी? यात्रियों के लिए ट्रेन की अग्रिम बुकिंग सुविधा शुरू कर दी गई है। टिकट पीआरएस काउंटरों के साथ-साथ आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी बुक किए जा सकते हैं। वीकेंड पर इस ट्रेन में पर्यटकों की अच्छी संख्या पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए पहले से टिकट बुक करना सुविधाजनक रहेगा। मालवा की प्राकृतिक खूबसूरती देखने का मौका पातालपानी और कालाकुंड के बीच का रेल मार्ग अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। पहाड़ी क्षेत्र से गुजरती ट्रेन यात्रियों को मालवा के हरियाली भरे इलाकों, घाटियों और आसपास के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने का अवसर देती है। हेरिटेज ट्रेन का दोबारा संचालन शुरू होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर सप्ताहांत में परिवार और पर्यटक इस सफर को अपने घूमने के कार्यक्रम में शामिल कर सकते हैं।

SBI New Rules: SBI में अब 4 निकासी के बाद लगेगा चार्ज, 1 अक्टूबर से बदलेगा नियम

SBI New Rules: SBI के BSBD खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया कैश निकासी चार्ज लागू होगा। 4 मुफ्त निकासी के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर ₹15+GST लगेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। SBI New Rules: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाते से जुड़ी कैश निकासी सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। बैंक की वेबसाइट पर जारी संशोधित सर्विस चार्ज जानकारी के मुताबिक नया शुल्क ढांचा 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। नए नियम के तहत BSBD खाताधारकों को महीने में पहली चार कैश निकासी मुफ्त मिलती रहेगी। इसके बाद होने वाली प्रत्येक अतिरिक्त निकासी पर ₹15 और लागू GST का शुल्क लिया जाएगा। SBI ने अपनी वेबसाइट पर इसे BSBD खाते के Branch Channel से संबंधित संशोधित शुल्क के रूप में सूचीबद्ध किया है। यानी इस बदलाव को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामला सभी SBI खातों पर लागू होने वाले सामान्य ATM चार्ज का नहीं है। यह खास तौर पर BSBD Account से संबंधित है। SBI New Rules 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? SBI के अनुसार BSBD खाताधारकों के लिए चार कैश निकासी की मुफ्त सीमा बरकरार रहेगी। बदलाव इसके बाद लगने वाले शुल्क से जुड़ा है। पहली चार कैश निकासी पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पांचवीं निकासी से चार्ज लागू होगा। पांचवीं, छठी या उसके बाद की हर अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 और लागू GST देना होगा। यानी एक महीने में चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद जितनी बार अतिरिक्त कैश निकासी की जाएगी, हर बार यह शुल्क लगेगा। किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर? यह बदलाव Basic Savings Bank Deposit (BSBD) Account रखने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। SBI ने अपने सर्विस चार्ज पेज पर BSBD Account (Branch Channel) के लिए 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी शुल्क को अलग से सूचीबद्ध किया है। BSBD खाता सामान्य तौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं चाहिए और नियमित बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इस खाते की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तरह न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती। 5वीं बार पैसे निकालने पर कितना चार्ज? सबसे अहम सवाल यही है कि चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद ग्राहक को कितना भुगतान करना होगा। 5वीं और उसके बाद की प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 + लागू GST लिया जाएगा। यानी केवल पांचवीं निकासी ही नहीं, बल्कि मुफ्त सीमा के बाद होने वाली हर अतिरिक्त निकासी पर यह शुल्क लागू होगा। मसलन, यदि किसी ग्राहक ने एक महीने में छह बार शुल्क के दायरे वाली कैश निकासी की, तो मुफ्त चार निकासी के बाद पांचवीं और छठी निकासी पर शुल्क लगेगा। BSBD Account क्या होता है? Basic Savings Bank Deposit Account को आम तौर पर ऐसे ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं कम शुल्क और न्यूनतम शर्तों के साथ चाहिए। SBI की वेबसाइट पर BSBD खाते को अलग बैंकिंग उत्पाद के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह के खाते में सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तुलना में कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका SBI खाता BSBD है या सामान्य Savings Account। एक जरूरी बात: हर SBI ग्राहक पर लागू नहीं है नियम सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए यह जानकारी फैल सकती है कि SBI के सभी ग्राहकों के लिए महीने में केवल चार ATM ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे। यह निष्कर्ष सही नहीं होगा। SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 अक्टूबर 2026 वाला नया शुल्क “Basic Savings Deposit Account – Branch Channel” के नाम से दिया गया है। वहीं सामान्य ATM/ADWM ट्रांजेक्शन शुल्क की अलग सूची भी मौजूद है। इसलिए अगर आपके पास SBI का सामान्य Savings Account है, तो इस खबर को अपने खाते पर सीधे लागू मानने से पहले संबंधित शुल्क सूची जरूर देखें। पुराने नियम से क्या अंतर है? SBI के पहले से उपलब्ध सेवा शुल्क दस्तावेजों में BSBD खातों के लिए चार मुफ्त निकासी के बाद ₹15 + GST प्रति अतिरिक्त ट्रांजेक्शनका प्रावधान दर्ज रहा है। पुराने दस्तावेज में डिजिटल ट्रांजेक्शन को इस गणना से बाहर रखने की बात भी दर्ज थी। इसलिए इस खबर को केवल “चार मुफ्त निकासी पहली बार लागू होने” के तौर पर देखना सही नहीं है। 1 अक्टूबर 2026 का प्रमुख अपडेट BSBD खाते के संशोधित शुल्क ढांचे और उसके Branch Channel के लिए लागू होने से जुड़ा है। SBI की मौजूदा वेबसाइट भी इसे इसी रूप में सूचीबद्ध कर रही है। महत्वपूर्ण: ATM, AEPS, ब्रांच और अन्य माध्यमों की गिनती को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार और SBI की लागू शुल्क सूची के आधार पर ही शुल्क समझना चाहिए। बिना पुष्टि के इसे सभी SBI ATM ट्रांजेक्शन पर लागू नया नियम मानना उचित नहीं है। ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? BSBD खाताधारकों को महीने में होने वाली कैश निकासी पर नजर रखनी चाहिए। अगर मुफ्त सीमा पार होती है, तो अतिरिक्त निकासी पर शुल्क लग सकता है। ध्यान रखने योग्य बातें:

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को जबरन कार में बैठाने का आरोप, मारपीट के बाद FIR

Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के विवाद में जबरन कार में बैठाने और मारपीट के आरोप लगे हैं। पूनम जान समेत अन्य पर जीआरपी ने केस दर्ज किया है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के दो समूहों के बीच चल रहे विवाद ने अब पुलिस थाने तक पहुंच बना ली है। शिकायत के मुताबिक, तीन किन्नरों को कथित तौर पर चाकू और डंडे दिखाकर जबरन कार में बैठाया गया और बाद में सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। मामले में पूनम जान समेत अन्य लोगों के खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता किन्नर दीपा गुरु, जिनकी पहचान दिशा जागीरदार के रूप में बताई गई है, ने पुलिस को दिए आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद गुरु बदलने, रतलाम छोड़ने और शहर में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई है। घटना का CCTV देखे जीआरपी के अनुसार, शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12:30 बजे दीपा गुरु रतलाम रेलवे स्टेशन से फ्रीगंज रोड स्थित ऑन व्हील रेस्टोरेंट के पीछे से जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें किन्नर सनम मिलीं और दोनों साथ हो गईं। आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। शिकायत में कहा गया है कि वाहन में किन्नर पूनम जान, उनका पति नायक और अन्य साथी मौजूद थे। दीपा गुरु का आरोप है कि चाकू और डंडे दिखाकर उन्हें और सनम को जबरन वाहन में बैठाया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए। सैलाना बस स्टैंड से दो अन्य किन्नरों को भी बैठाने का आरोप शिकायत के मुताबिक, स्कॉर्पियो सैलाना बस स्टैंड पहुंची, जहां करीना और नित्या नाम की दो अन्य किन्नर मिलीं। आरोप है कि उन्हें भी धमकाकर कार में बैठाया गया और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए गए। इसके बाद सभी को भगतन की बावड़ी क्षेत्र स्थित पूनम जान के घर ले जाया गया। वहां से दिव्या को भी साथ लिया गया और फिर सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाने का आरोप लगाया गया। बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट का आरोप दीपा गुरु ने शिकायत में आरोप लगाया कि सुनसान स्थान पर उनके साथ लात-घूंसों के अलावा बेसबॉल बैट और डंडों से मारपीट की गई। शिकायत में दो साथियों को चाकू से घायल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि घटना के बाद सभी को कथित तौर पर राजी-खुशी छोड़ने के वीडियो बनाए गए, ताकि मामले को अलग रूप दिया जा सके। इसके बाद उन्हें मछली मार्केट के पास छोड़ने की बात शिकायत में कही गई है। गुरु बदलने और रतलाम छोड़ने का दबाव? शिकायतकर्ता के मुताबिक, पूरे विवाद की एक वजह गुरु बदलने और रतलाम में बस्ती मांगने के क्षेत्र को लेकर दबाव बनाना है। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और एक किन्नर का पर्स छीनने का आरोप भी लगाया गया है। पर्स में करीब 10 से 15 हजार रुपये होने की बात शिकायत में कही गई है। इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है। किन्नर काजल और पूनम जान के समूह के बीच विवाद मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, विवाद किन्नर गुरु काजल और पूनम जान के समूह के बीच बताया जा रहा है। रतलाम शहर में दोनों समूहों के अलग-अलग क्षेत्र होने की बात भी सामने आई है। घटना रेलवे क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण जीआरपी ने मामले में कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद इंदौर से जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और घायल किन्नरों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जीआरपी ने दर्ज किया मामला इंदौर जीआरपी डीएसपी ज्योति शर्मा के अनुसार, किन्नर की शिकायत पर पूनम जान समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Ratlam News: रतलाम में नई ई-स्कूटी बनी आग का कारण? मां-बेटी झुलसीं, घर का सामान खाक

Ratlam News: रतलाम की विंध्यावासिनी कॉलोनी में नई ई-स्कूटी में अचानक विस्फोट से घर में आग लग गई। मां-बेटी करीब 60% झुलसीं, पुलिस जांच में जुटी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में बुधवार तड़के एक घर के अंदर खड़ी नई ई-स्कूटी में अचानक धमाका होने से हड़कंप मच गया। विंध्यावासिनी कॉलोनी में करीब सुबह 4 बजे हुए इस हादसे के बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई। कमरे में सो रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनकी 16 वर्षीय बेटी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं। वीडियो देखे आग इतनी तेज थी कि घर में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया। कूलर और पंखे तक गर्मी के कारण पिघल गए। पड़ोसियों ने किसी तरह मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। गैस सिलेंडर को भी समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 10 दिन पहले ही खरीदी थी ई-स्कूटी परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले ही माणक चौक स्थित एक शोरूम से करीब 85 हजार रुपये में नई ई-स्कूटी खरीदी गई थी। हादसे की सबसे अहम बात यह है कि रात में स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। परिवार के मुताबिक सोने से पहले चार्जिंग प्लग भी निकाल दिया गया था। इसके बावजूद तड़के अचानक स्कूटी में आग लगी और फिर धमाका हुआ। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ई-स्कूटी पूरी तरह जल गई और उसका केवल लोहे का ढांचा बचा। सोते समय खुली आंखें तो चारों तरफ थी आग परिवार की बेटी विजय लक्ष्मी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 4 बजे उनकी नींद खुली तो कमरे में स्कूटी जलती दिखाई दी। आग तेजी से फैल रही थी। उन्होंने सबसे पहले घर में रखी गैस टंकी का बटन बंद किया। इसके बाद ऊपर जाकर गेट खोलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी छोटी बहन डरकर पीछे वाले कमरे में चली गई। विजय लक्ष्मी के अनुसार, मां छोटी बेटी को बाहर निकालने के लिए पीछे गईं। इसी दौरान आग और तेज हो गई। मां और छोटी बहन को जलते हुए बाहर आते देखकर उन्होंने दोनों का हाथ पकड़ा और किसी तरह छत तक पहुंचाया। छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर पहुंचने के बाद तीनों नीचे उतरे और घर से बाहर निकल सके। विजय लक्ष्मी के पैर में मामूली चोट आई, जबकि उनकी मां और छोटी बहन बुरी तरह झुलस गईं। पड़ोसियों ने बचाई जान, सिलेंडर भी बाहर निकाला आग लगने के बाद परिवार की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद मां और दोनों बेटियों को घर से बाहर निकाला। घर में रखा गैस सिलेंडर भी पड़ोसियों ने समय रहते बाहर निकाल लिया। यदि आग सिलेंडर तक पहुंच जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। सूचना मिलने पर नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घर का काफी सामान जल चुका था। डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पड़ोसियों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद घायल मां-बेटी को निजी वाहन से रतलाम जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिवार के अनुसार, दोनों करीब 60 फीसदी तक झुलसी हैं। चार्जिंग पर नहीं थी स्कूटी, फिर कैसे लगी आग? हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ई-स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, तो उसमें आग और धमाका किस वजह से हुआ? परिवार के मुताबिक रात में स्कूटी का चार्जिंग प्लग निकाल दिया गया था। पुलिस अब इसी बिंदु समेत आग लगने के अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पवासा पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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