रतलाम के रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग का शानदार रिजल्ट, GNM प्रथम वर्ष परीक्षा में सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल, भोपाल द्वारा आयोजित जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) प्रथम वर्ष की मुख्य परीक्षा में रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, रतलाम के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम में कॉलेज के सभी सफल विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। संस्थान के प्रिंसिपल जगदीश दुके ने बताया कि परीक्षा में रीना जांगड़े ने 77.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं मधुबाला शर्मा ने 74.8 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और शुभम सुथार ने 74.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रिंसिपल जगदीश दुके ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम छात्रों की मेहनत, नियमित अध्ययन और अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि संस्थान में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सैद्धांतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिससे उनका समग्र विकास होता है। उन्होंने कहा कि संस्थान के 120 बेड के स्वयं के हॉस्पिटल में मिलने वाली क्लीनिकल ट्रेनिंग विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी ताकत है। प्रथम वर्ष से ही छात्रों को लाइव केस स्टडी और वास्तविक मरीजों की देखभाल का अनुभव कराया जाता है, जिससे उनका विषय ज्ञान मजबूत होता है और बोर्ड परीक्षाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ता है। प्रिंसिपल ने कहा कि रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग भविष्य में भी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े 40 लाख की लूट, ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय के भेष में पहुंचे दो आरोपी, शराब कारोबार की नकदी लेकर स्कूटी से फरार हुए बदमाश

रतलाम में ब्लिंकिट की ड्रेस पहनकर आए दो बदमाशों ने शराब कारोबार की 40 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग लूट लिया। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam news: रतलाम में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज लूट की वारदात ने सभी को चौंका दिया। ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय के कपड़े पहने हुए दो बदमाशशराब दुकानों की बिक्री के 40 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर स्कूटी से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कैसे हुई 40 लाख रुपये की लूट? जानकारी के अनुसार, फरियादी मनीष पटवा ने पुलिस को बताया कि उनके मित्र गौरव शर्मा की रतलाम में शराब दुकानों का संचालन होता है। 26 से 28 जून तक बैंक बंद रहने के कारण शराब बिक्री से प्राप्त नकदी को सुरक्षित रखने के लिए मनीष पटवा के पास भेजा गया था। 29 जून की दोपहर गौरव शर्मा का कर्मचारी अमित शराब दुकानों की बिक्री की कुल 40 लाख रुपये की नकदी लेकर मनीष पटवा के कार्यालय पहुंचा। वहां कर्मचारी फरदीन और उनके पिता फिरोज ने रकम गिनकर बैग में रखी। मनीष ने दोनों से बैग को ऊपर घर में सुरक्षित रखने के लिए कहा। ब्लिंकिट की ड्रेस पहनकर पहुंचे बदमाश करीब तीन बजे जैसे ही फरदीन और फिरोज नकदी से भरा काला बैग लेकर घर के मुख्य दरवाजे की ओर बढ़े, तभी ब्लिंकिट कंपनी की वर्दी पहने और मुंह पर कपड़ा बांधे एक बदमाश वहां पहुंच गया। उसने फरदीन को जान से मारने की धमकी देकर बैग छीन लिया। जब फरदीन और फिरोज ने पीछा करने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें भी धमकाया। बाहर पहले से ही ब्लिंकिट की वर्दी पहने दूसरा साथी स्कूटी लेकर तैयार खड़ा था। दोनों आरोपी बैग लेकर गायत्री टॉकीज की ओर फरार हो गए। एक दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट घटना के तुरंत बाद मनीष पटवा ने अपने मित्र गौरव शर्मा को इसकी जानकारी दी। उस समय गौरव शर्मा उज्जैन में थे। अगले दिन रतलाम पहुंचने के बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इसे लूट की वारदात बताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस क्या बोली? थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पहले से थी पूरी योजना? प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया। ब्लिंकिट की वर्दी पहनकर आने से किसी को उन पर शक नहीं हुआ। वहीं बाहर पहले से स्कूटी लेकर साथी का तैयार रहना इस बात की ओर इशारा करता है कि पूरी घटना पहले से सुनियोजित थी।

Ratlam News: Farmer ID हुई अनिवार्य: रतलाम के किसानों के लिए बड़ा अपडेट, अब खाद-बीज, ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बनवानी होगी Farmer ID

रतलाम में Farmer ID बनवाना अब अनिवार्य हो गया है। खाद, बीज, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को Farmer ID बनवानी होगी। जानिए आवश्यक दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शासन की महत्वाकांक्षी Farmer ID योजना के तहत अब भूमि स्वामियों के लिए Farmer ID बनवाना आवश्यक कर दिया गया है। इसके बिना भविष्य में खाद, बीज, कृषि ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। रतलाम में कहां बनवाएं Farmer ID? रतलाम शहर तहसील प्रशासन के अनुसार, कस्बा रतलाम में जिन भी नागरिकों या कृषकों के नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, वे अपनी Farmer IDकिसी भी MP Online कियोस्क पर जाकर बनवा सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक किसान रतलाम शहर तहसील के कक्ष क्रमांक-27 में भी जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Farmer ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? Farmer ID बनवाने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा— प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ होना अनिवार्य है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया OTP के माध्यम से पूरी की जाएगी। Farmer ID क्यों है जरूरी? शासन द्वारा शुरू की गई Farmer ID योजना का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। भविष्य में Farmer ID का उपयोग इन कार्यों के लिए अनिवार्य रहेगा— प्रशासन की अपील तहसील प्रशासन ने सभी भूमि स्वामियों और किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह शासन की प्राथमिकता वाली योजना है और समय रहते पंजीयन कराने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। क्या करें किसान? यदि आपके नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, तो बिना देरी किए अपने नजदीकी MP Online कियोस्क या रतलाम शहर तहसील कार्यालय (कक्ष क्रमांक-27) पहुंचकर Farmer ID बनवा लें। आवश्यक दस्तावेज साथ रखें ताकि प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

Ratlam News: UCO बैंक FD फ्रॉड: आउटसोर्स कर्मचारी पर 5 एफडी तोड़कर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, पीड़िता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग

रतलाम में UCO बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी पर महिला ग्राहक की 5 एफडी तोड़कर राशि निकालने का आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में UCO बैंक FD फ्रॉड का मामला सामने आया है। एक महिला ग्राहक ने बैंक के आउटसोर्स (बीसी) कर्मचारी पर उसकी पांच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तोड़कर राशि निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक न तो आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है और न ही उसकी जमा राशि वापस मिली है। मामले में महिला ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, आभा लोढ़ा, पति संजय लोढ़ा, निवासी टाटा नगर, रतलाम का यूको बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक में पांच एफडी करवाई थीं, जिनके नंबर 712638, 712639, 712481, 712482 और 712483 बताए गए हैं। महिला का आरोप है कि बैंक में बीसी (आउटसोर्स) कर्मचारी के रूप में कार्यरत राहुल राठौड़ ने धोखाधड़ी करते हुए उनकी सभी एफडी समय से पहले तोड़ दीं और पूरी राशि निकाल ली। इस कथित गड़बड़ी की जानकारी उन्हें 30 मई 2026 को मिली। एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप पीड़िता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने माणकचौक थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एफआईआर भी दर्ज हुई। हालांकि उनका आरोप है कि अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एफडी की राशि अभी तक वापस नहीं मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अन्य ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी का दावा आवेदन में पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी ने बैंक के अन्य ग्राहकों के साथ भी इसी तरह की कथित धोखाधड़ी की है। ऐसे में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि सभी प्रभावित ग्राहकों को न्याय मिल सके। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में बैंक को नोटिस दिए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने क्या की मांग? आभा लोढ़ा ने प्रशासन से मांग की है कि— नोट: यह खबर पीड़िता द्वारा दिए गए लिखित आवेदन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा जांच एजेंसियों के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

MP News: MP में बिजली बिल का नया फॉर्मेट: सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली चलाकर बचाएं 20% तक बिल, जानिए पूरा गणित

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Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: पुलिसकर्मी 50 हजार की घूस लेते गिरफ्तार, होटल में ACB ने रंगे हाथ दबोचा

रतलाम के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान एसीबी ने भीलवाड़ा के होटल से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम से जुड़ा एक बड़ा रिश्वत कांड सामने आया है। औद्योगिक नगर थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को राजस्थान के भीलवाड़ा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि जमीन धोखाधड़ी के मामले में आरोपी के साथ मारपीट नहीं करने और जांच में सहयोग देने के बदले उसने 1.10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: होटल में बिछा ACB का जाल राजस्थान एसीबी के अनुसार, रतलाम के थाना औद्योगिक नगर में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई एक जमीन धोखाधड़ी मामले की जांच के सिलसिले में आरोपी मोहम्मद लियाकत को लेकर भीलवाड़ा पहुंचा था। वह एक होटल के कमरा नंबर 104 में ठहरा हुआ था। आरोप है कि गोसाई ने आरोपी के भाई से कहा था कि यदि वह 1 लाख 10 हजार रुपये देगा तो मामले में सहयोग किया जाएगा और आरोपी के साथ सख्ती या मारपीट नहीं होगी। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। दूसरी किस्त के 50 हजार रुपये लेने के दौरान एसीबी ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन धोखाधड़ी के केस से जुड़ा है पूरा मामला यह मामला रतलाम के 80 फीट रोड निवासी व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम में नए आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित बंद ऑयल मिल और जमीन का सौदा 11 करोड़ 10 लाख रुपये में कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25.76 लाख रुपये एडवांस के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का एग्रीमेंट कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। इसके बाद रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। हथकड़ी पहनाकर शहर में घुमाने की दी थी धमकी एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी के भाई से रिश्वत मांगते समय हेड कॉन्स्टेबल ने धमकी दी थी कि यदि बाकी रकम नहीं दी गई तो आरोपी को हथकड़ी पहनाकर पूरे शहर में घुमाया जाएगा। इस धमकी के बाद आरोपी के भाई ने राजस्थान एसीबी से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई और होटल के कमरा नंबर 105 में अपनी टीम तैनात कर दी। जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई और तय संकेत मिला, टीम ने छापा मारकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसकी जेब से 50 हजार रुपये बरामद हुए। SP बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले में रतलाम के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान मौजूद ASI कैलाश सैनी और एक अन्य कॉन्स्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp Username Feature: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट! WhatsApp का बड़ा प्राइवेसी अपडेट, जानिए कैसे करेगा काम

WhatsApp Username Feature जल्द सभी यूजर्स के लिए रोलआउट होगा। अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट कर सकेंगे। जानिए WhatsApp Username कैसे काम करेगा, इसके फायदे और इसे कैसे रिजर्व करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। WhatsApp Username Feature: अब मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं WhatsApp अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लेकर आया है। कंपनी ने WhatsApp Username Feature की घोषणा की है, जिसके बाद किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। यूजर्स अब एक यूनिक यूज़रनेम के जरिए चैट कर सकेंगे, जिससे उनकी प्राइवेसी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। फिलहाल कंपनी ने यूज़रनेम रिजर्व करने की सुविधा शुरू की है, जबकि यह फीचर आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp Username Feature क्या है? अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य था। लेकिन नए WhatsApp Username Feature के तहत यूजर्स अपना एक यूनिक Username बना सकेंगे। इसके बाद लोग उसी Username के जरिए उनसे संपर्क कर पाएंगे, बिना उनका फोन नंबर देखे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं, जैसे कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, बिजनेस यूजर्स और ऑनलाइन कम्युनिटी मैनेजर्स। कैसे करेगा काम नया Username फीचर? WhatsApp के मुताबिक, इस फीचर में किसी तरह की Public Directory या Search List नहीं होगी। यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ आपका नाम टाइप करके आपको खोज नहीं सकेगा। किसी नए व्यक्ति को आपसे संपर्क करने के लिए आपका सही Username पता होना जरूरी होगा। इससे अनचाहे मैसेज और स्पैम की संभावना काफी कम हो जाएगी। Username Key से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा WhatsApp इस अपडेट के साथ Username Key नाम का एक अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर भी ला रहा है। अगर कोई यूजर इस फीचर को ऑन करता है, तो नए व्यक्ति को मैसेज भेजने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य स्पैम, फर्जी अकाउंट और अनजान लोगों के अनचाहे संदेशों से बचाव करना है। Instagram और Facebook वाला Username भी कर सकेंगे इस्तेमाल कंपनी ने बताया है कि कंटेंट क्रिएटर्स, बिजनेस और ऑर्गेनाइजेशन अपने Instagram या Facebook पर इस्तेमाल होने वाले Username को भी WhatsApp पर क्लेम कर सकेंगे। इससे सभी Meta प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा। कैसे करें WhatsApp Username रिजर्व? अगर आपके फोन में WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन मौजूद है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं— फिलहाल यह सुविधा केवल Username रिजर्वेशन के लिए उपलब्ध है। फीचर पूरी तरह उपलब्ध होने पर WhatsApp ऐप के अंदर नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी देगा। WhatsApp ने क्या कहा? WhatsApp का कहना है कि इस नए फीचर का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना है। कंपनी के अनुसार, बिना मोबाइल नंबर साझा किए सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित होगी।

गुरु रामदास पब्लिक स्कूल में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन, 50 नन्हे बच्चों ने रखा शिक्षा जगत में पहला कदम

रतलाम के गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यारंभ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नर्सरी के 50 बच्चों ने ‘ॐ’ लिखकर शिक्षा की शुरुआत की। कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए इंदिरा नगर स्थित गुरु रामदास पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार, 27 जून 2026 को नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यारंभ संस्कार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 50 नन्हे विद्यार्थियों ने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ की। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव श्री कशमीर सिंह, प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर एवं प्रधानाध्यापिका श्रीमती पूनम गांधी ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान श्री गणेश एवं मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया, जिससे समारोह का वातावरण बेहद मनमोहक बन गया। विद्यालय पहुंचे नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता राठौर ने कहा कि विद्यारंभ संस्कार बच्चों के ज्ञानार्जन की पहली सीढ़ी है।विद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का भी समुचित विकास करना है। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को उपहार स्वरूप नर्सरी कक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम, पुस्तकें, मोरपंख एवं पेंसिल प्रदान की गई। इसके साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को फल एवं स्वल्पाहार भी वितरित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती नीलिमा उपाध्याय एवं श्रीमती रानू सकलेचा ने किया, जबकि श्रीमती रविंद्र कौर मठारू एवं श्रीमती ब्रिजेशलता वर्मा ने आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम में शामिल सभी अभिभावकों और अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा! जुलाई में DA बढ़ने के संकेत

8th Pay Commission लागू होने से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में 2 से 3 फीसदी तक बढ़ोतरी मिल सकती है। जानिए ताजा अपडेट और 8वें वेतन आयोग की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार अभी कुछ और समय तक करना पड़ सकता है। हालांकि, इससे पहले ही लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के रूप में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालिया महंगाई के आंकड़ों के बाद जुलाई 2026 से DA में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद तेज हो गई है। जुलाई में बढ़ सकता है महंगाई भत्ता (DA) केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की समीक्षा करती है। यह बढ़ोतरी औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर तय की जाती है, ताकि बढ़ती महंगाई के असर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिल सके। फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन महंगाई के हालिया आंकड़ों ने DA बढ़ने की संभावना को मजबूत किया है। महंगाई के नए आंकड़े क्या कहते हैं? मई 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में यह 3.48% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 4.25% और शहरी क्षेत्रों में 3.53% तक पहुंच गई है। वहीं, खाद्य महंगाई (Food Inflation) भी बढ़ी है। मई में अखिल भारतीय उपभोक्ता फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के अनुसार फूड इन्फ्लेशन 4.78% रही, जो अप्रैल में 4.20% थी। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से संकेत मिल रहा है कि महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है। अभी कितना मिल रहा है DA? केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया गया। इसके बाद कर्मचारियों का DA और पेंशनभोगियों की DR 58% से बढ़कर 60% हो गई। अब जुलाई 2026 के संशोधन का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CPI-IW के आंकड़े इसी तरह बने रहे तो कर्मचारियों को 2 से 3 प्रतिशत अतिरिक्त DA मिल सकता है। 8वें वेतन आयोग पर क्या है ताजा अपडेट? 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें लगातार जारी हैं। इनमें न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने, महंगाई के अनुरूप वेतन संरचना में बदलाव, भत्तों में संशोधन और पेंशन लाभों में सुधार जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक आयोग की सिफारिशों को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले DA संशोधन का ही लाभ मिलता रहेगा।

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