EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों के लिए बंद! UPI और ATM से PF निकासी की तैयारी, जानें क्या होगा असर

EPFO की ऑनलाइन सेवाएं 26 से 29 जून 2026 तक बंद रहेंगी। जानिए सिस्टम अपग्रेड का कारण, किन सेवाओं पर पड़ेगा असर और कब शुरू होगी UPI व ATM से PF निकासी की सुविधा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। अगर आप EPF का क्लेम करने या बैलेंस चेक करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बड़े सिस्टम अपग्रेड के चलते 26 जून से 29 जून 2026 तक अपनी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान क्लेम, ट्रांसफर और कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों तक क्यों रहेगी बंद? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्य पोर्टल पर जारी सूचना में बताया है कि 26 जून 2026 की रात 12 बजे से 29 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। यह फैसला नियोजित डेटाबेस समेकन (Database Consolidation) और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के कारण लिया गया है। EPFO के अनुसार, इस अपग्रेड का उद्देश्य क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। इन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर चार दिनों की इस अवधि में सदस्य नए ऑनलाइन क्लेम दाखिल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा— अस्थायी रूप से प्रभावित रह सकती हैं। जो आवेदन पहले से जमा हो चुके हैं, उन पर भी अपग्रेड पूरा होने के बाद ही कार्रवाई शुरू होगी। 30 जून से फिर शुरू होंगी सभी सेवाएं EPFO ने स्पष्ट किया है कि सभी ऑनलाइन सेवाएं 30 जून 2026 को रात 12 बजे से दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। संगठन ने सदस्यों से अपील की है कि यदि किसी को तत्काल PF निकासी या ट्रांसफर की आवश्यकता है, तो वह अपने कार्य की योजना इस अवधि को ध्यान में रखकर बनाए। किसी भी सहायता के लिए सदस्य EPFO के हेल्पलाइन नंबर 14470 पर संपर्क कर सकते हैं। EPFO 3.0 से क्या बदलेगा? यह सिस्टम अपग्रेड ऐसे समय में हो रहा है जब EPFO अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 को लागू करने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि UPI आधारित PF निकासी प्रणाली का परीक्षण पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू किया जा सकता है। नए सिस्टम के तहत सदस्य—

Ratlam News: रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ की एमडी ड्रग्स के साथ अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो एमडी ड्रग्स के साथ राजस्थान के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले की रिंगनोद थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 1 किलोग्राम एमडी ड्रग्स के साथ एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इस ड्रग्स नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वीडियो देखे मुखबिर की सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति महू-नीमच फोरलेन हाईवे स्थित बरखेड़ी फंटा, ढोढर क्षेत्र से अवैध एमडी ड्रग्स लेकर गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही थाना रिंगनोद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए मौके पर घेराबंदी की। संदिग्ध को रोककर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके कब्जे से 1000 ग्राम (1 किलोग्राम) एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान युनुस पिता नियामत खान पठान (52 वर्ष) निवासी ग्राम कोटड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ है। अब उससे पूछताछ कर ड्रग्स के स्रोत, सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का बयान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल और एसडीओपी जावरा संदीप मालवीयके मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के नेतृत्व में रिंगनोद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। लगातार जारी है नशा तस्करों पर शिकंजा रतलाम पुलिस पिछले कुछ समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। हाल के दिनों में डोडाचूरा, अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इस ताजा कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और किन राज्यों तक इसकी सप्लाई की जानी थी। जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में मुहर्रम जुलूस में बड़ा हादसा: हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 की मौत, 10 से ज्यादा झुलसे

मध्य प्रदेश के रतलाम में मुहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया हाईटेंशन लाइन से टकराने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग झुलस गए। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान गुरुवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। पिपलोदा के हतनारा गांव में ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे पूरे जुलूस में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग करंट लगने से झुलस गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना का वीडियो देखे कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, हतनारा गांव में मुहर्रम के अवसर पर ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। संपर्क होते ही तेज करंट फैल गया और ताजिया के आसपास चल रहे लोग उसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग जमीन पर गिर पड़े, जबकि स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। 3 लोगों की मौत, कई गंभीर हादसे में रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर ने तीन लोगों के निधन की पुष्टि की है। घायलों में अनास (16), मोइन शाह, रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद, वहीद और इब्राहिम सहित कई लोग शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया? प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी के अनुसार, बिजली की हाईटेंशन लाइन सामान्य से काफी नीचे थी। ताजिया उसके संपर्क में आते ही करंट पूरे जुलूस में फैल गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे का वीडियो आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें करंट लगने के बाद जुलूस में भगदड़ और अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है। लोग घायलों को उठाकर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

Ratlam News: रतलाम में प्रदर्शन के बाद सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार पर FIR, सड़क जाम और हंगामे का आरोप

Ratlam News: रतलाम में बिना अनुमति प्रदर्शन और चक्काजाम के मामले में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। विधायक ने इसे बीजेपी के दबाव में की गई कार्रवाई बताया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर चर्चा में हैं। खाद, बीज, बिजली और ग्रामीण समस्याओं को लेकर किए गए प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन कर सड़क जाम करने और प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन करने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार पर FIR क्यों दर्ज हुई? जानकारी के अनुसार, बुधवार को विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भारत आदिवासी पार्टी के बैनर तले 47 सूत्रीय मांगों को लेकर रतलाम कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान हजारों समर्थकों के साथ उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने फोरलेन रोड से पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचने का प्रयास किया। प्रशासन और पुलिस ने कई स्थानों पर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। कलेक्ट्रेट के बाहर हुआ चक्काजाम कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके विरोध में विधायक और उनके समर्थक सिटी फोरलेन रोड पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न नेताओं ने सभा को संबोधित किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बाद में एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। किन लोगों पर दर्ज हुआ केस? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने राजस्व निरीक्षक तरुण रघुवंशी की रिपोर्ट पर विधायक कमलेश्वर डोडियार समेत चार प्रमुख लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार और भील विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश माल शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (ए) के तहत कार्रवाई की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदर्शन के कारण आमजन को परेशानी हुई, सड़क जाम रही और प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन किया गया। विधायक कमलेश्वर डोडियार का पलटवार एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बीजेपी के दबाव में की गई है। विधायक ने कहा, “हम किसानों, आदिवासियों और ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन और अदालत तक लड़ते रहेंगे। यह झूठा मामला है और इसे निरस्त करवाया जाएगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी की बढ़ती राजनीतिक ताकत से घबराकर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पहले भी जारी हुआ था प्रतिबंधात्मक आदेश गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने 25 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, रैली, चक्काजाम और सार्वजनिक मार्गों पर बैठने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई थी। प्रशासन का कहना है कि विधायक और उनके समर्थकों ने इसी आदेश का उल्लंघन किया।

Passport Fee Hike: पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा! 1 जुलाई से बढ़ जाएगी फीस, जानिए अब कितने रुपये देने होंगे

Passport Fee Hike: 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानिए नई फीस, छूट और पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए फीस बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट की फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। पासपोर्ट फीस में कितना हुआ इजाफा? सरकार द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। सबसे ज्यादा असर सामान्य आवेदकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब 1,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। नई पासपोर्ट फीस 2026 सरकार ने क्यों बढ़ाई फीस? विदेश मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव के तहत किया गया है। सरकार का कहना है कि शुल्क संरचना को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है। यह बदलाव पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत लागू किया गया है। मंत्रालय का मानना है कि नई शुल्क व्यवस्था से पासपोर्ट सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। नाबालिगों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत सरकार ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। नए नियमों के अनुसार: हालांकि, यह छूट केवल नए पासपोर्ट आवेदन पर लागू होगी। पासपोर्ट के री-इश्यू (नवीनीकरण) के मामलों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? विदेश यात्रा, पढ़ाई, नौकरी और बिजनेस के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लाखों लोगों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। खासकर वे लोग जो आने वाले महीनों में नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 1 जुलाई के बाद नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

MP Monsoon 2026: 9 दिन की देरी के बाद मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, 45 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हो गई है। भोपाल, इंदौर सहित 45 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दमदार एंट्री कर ली है। इस बार मानसून सामान्य तिथि से 9 दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन आते ही प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत 45 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। दो सीमाओं से हुई मानसून की एंट्री मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून ने बुधवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों से एक साथ प्रवेश किया। अलीराजपुर, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मानसून के प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। भोपाल की दहलीज तक पहुंचा मानसून राजधानी भोपाल में भी मानसून की दस्तक महसूस होने लगी है। बुधवार शाम को अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने अभी भोपाल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नर्मदापुरम तक इसके पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों या एक-दो दिन में राजधानी भी मानसून की चपेट में आ जाएगी। 9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। इस वर्ष मानसून 24 जून को प्रदेश में सक्रिय हुआ, यानी यह लगभग 9 दिन देरी से पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है। अब तक सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश एक जून से 24 जून तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है। 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, दतिया, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर सहित कुल 45 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं सीहोर जिले के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। किसानों और आम लोगों को राहत मानसून की एंट्री से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Rule Change: आधार से LPG तक… 1 जुलाई से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

Rule Change From July 2026: 1 जुलाई से आधार अपडेट, LPG कीमत, CNG-PNG दरें, HDFC क्रेडिट कार्ड नियम और बैंक छुट्टियों समेत 5 बड़े बदलाव लागू होंगे। जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Rule Change: जून 2026 खत्म होने वाला है और नए महीने की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 जुलाई 2026 से आधार कार्ड अपडेट, LPG गैस सिलेंडर की कीमतों, CNG-PNG दरों, क्रेडिट कार्ड सुविधाओं और बैंक छुट्टियों से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों का असर सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने वाला है। ऐसे में हर नागरिक के लिए इन नियमों की जानकारी रखना जरूरी है। आधार कार्ड अपडेट होगा मुफ्त भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार धारकों को बड़ी राहत दी है। नए निर्देशों के अनुसार, जिन लोगों की ईमेल आईडी आधार कार्ड में अपडेट नहीं है, वे 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक इसे मुफ्त में अपडेट करा सकेंगे। पहले इस सेवा के लिए 75 रुपये शुल्क देना पड़ता था। UIDAI का उद्देश्य अधिक से अधिक आधार धारकों की जानकारी को अपडेट और सुरक्षित बनाना है। किसे मिलेगा फायदा? LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। जून में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 53.50 रुपये तक बढ़ाए गए थे, जबकि 5 किलो वाले सिलेंडर में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में 1 जुलाई को घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है। CNG, PNG और ATF की दरें भी बदल सकती हैं सरकार स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी वजह से CNG और PNG की कीमतों की भी नियमित समीक्षा की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF), CNG और PNG की कीमतों में संशोधन हो सकता है। यदि कीमतें बढ़ती हैं तो परिवहन और हवाई यात्रा महंगी हो सकती है, जबकि कमी आने पर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। HDFC Bank Credit Card Rules में बड़ा बदलाव 1 जुलाई 2026 से HDFC Bank के Regalia Gold Credit Card धारकों के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के नियम बदल जाएंगे। नई नीति के अनुसार, ग्राहकों को अगली तिमाही में मुफ्त घरेलू एयरपोर्ट लाउंज सुविधा का लाभ लेने के लिए पिछली तिमाही में कम से कम 60,000 रुपये खर्च करना अनिवार्य होगा। नए नियम का असर जुलाई में 12 दिन बंद रह सकते हैं बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार जुलाई महीने में विभिन्न राज्यों में बैंक लगभग 12 दिनों तक बंद रह सकते हैं। इनमें रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कुल 6 साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं। वहीं कई राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण अतिरिक्त छुट्टियां रहेंगी। ऐसे में ग्राहकों को बैंकिंग कार्य पहले से निपटाने की सलाह दी जा रही है।

डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हुए? जानिए कब करें शिकायत और कैसे वापस मिल सकता है आपका पैसा

डिजिटल धोखाधड़ी होने पर कितने समय में शिकायत करनी चाहिए? बैंक, साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का तरीका जानें। RBI के नियमों के अनुसार पैसा वापस मिलने की पूरी प्रक्रिया समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेक। देश में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। यूपीआई, नेट बैंकिंग और कार्ड पेमेंट ने लोगों की जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपकी एक छोटी सी देरी लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है। डिजिटल धोखाधड़ी होने के बाद सबसे पहले क्या करें? यदि आपके खाते से बिना अनुमति के पैसा कट जाता है या किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक को इसकी जानकारी दें। बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करें और अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग सेवाओं को तुरंत ब्लॉक करवाएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते शिकायत करने पर संबंधित एजेंसियां संदिग्ध ट्रांजैक्शन को फ्रीज करने का प्रयास कर सकती हैं। कितने समय में करनी चाहिए शिकायत? विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल फ्रॉड की शिकायत 24 से 48 घंटे के भीतर करना सबसे प्रभावी माना जाता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत यदि ग्राहक पांच दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कर देता है तो उसे “Zero Liability” यानी शून्य जिम्मेदारी का लाभ मिल सकता है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, पैसे की रिकवरी की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी। देर होने पर धोखेबाज राशि को कई खातों में ट्रांसफर कर सकते हैं, जिससे जांच और रिकवरी मुश्किल हो जाती है। RBI के नियम: कितना पैसा वापस मिलेगा? शून्य जिम्मेदारी अगर धोखाधड़ी बैंक की तकनीकी गड़बड़ी, सिस्टम फेलियर या किसी तीसरे पक्ष की गलती से हुई है और ग्राहक ने पांच दिनों के भीतर शिकायत कर दी है, तो पूरी राशि वापस मिलने की संभावना रहती है। सीमित जिम्मेदारी यदि शिकायत कुछ देरी से, आमतौर पर 4 से 7 दिनों के भीतर दर्ज की जाती है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित हो सकती है। ऐसे मामलों में बैंक नियमों के अनुसार आंशिक या सीमित राहत दे सकता है। पूरी जिम्मेदारी यदि ग्राहक ने खुद OTP, PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा की हो, फर्जी लिंक पर क्लिक किया हो या शिकायत दर्ज करने में अत्यधिक देरी की हो, तो नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक पर आ सकती है और पैसा वापस मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है। अपने अकाउंट को ऐसे रखें सुरक्षित शिकायत के बाद भी समाधान न मिले तो क्या करें? यदि बैंक आपकी शिकायत का समाधान नहीं करता है, तो आप बैंक के शिकायत निवारण सेल या RBI के बैंकिंग लोकपाल के पास अपील कर सकते हैं। बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने पर पुलिस में FIR दर्ज कराना भी जरूरी है, ताकि कानूनी कार्रवाई के साथ आपकी रिकवरी की संभावना मजबूत हो सके।

El Niño Alert: 12 राज्यों के 315 जिलों में कम बारिश का खतरा, कृषि मंत्री शिवराज ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल

El Niño Alert के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर है। 12 राज्यों के 315 जिलों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मॉनिटरिंग सेल गठित कर राज्यों को तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। El Niño Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने और अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के बढ़ते संकेतों के बीच केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालात की समीक्षा करते हुए राज्यों को जरूरी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। 315 जिलों में कम बारिश की आशंका, 111 जिले सबसे संवेदनशील कृषि मंत्रालय की समीक्षा बैठक में सामने आया कि देश के करीब 315 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। इनमें से 111 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं सीमित होने के कारण फसलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में कई इलाकों में सामान्य औसत की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इससे खरीफ सीजन की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा अल नीनो का प्रभाव मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में अधिक देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में कृषि गतिविधियां काफी हद तक मानसून पर निर्भर हैं, इसलिए कम बारिश किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। कृषि मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे पहले से तैयार आकस्मिक योजनाओं (Contingency Plans) को तुरंत लागू करें और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करें। शिवराज सिंह चौहान ने बनाई विशेष मॉनिटरिंग सेल कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव की लगातार निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल और क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप को सक्रिय किया गया है। ये टीमें मौसम, फसल और जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगी और समय-समय पर राज्यों को आवश्यक सलाह देंगी। जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों पर जोर सरकार ने जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है। तालाब, चेक डैम, खेत-तालाब और अन्य जल संरचनाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को अपनाने और फसल विविधीकरण बढ़ाने की सलाह दी गई है। किसानों से अपील: जल्दबाजी में न करें बुवाई कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि पर्याप्त बारिश होने तक बुवाई की जल्दबाजी न करें। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक मौसम आधारित सलाह पहुंचाई जाएगी। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अभी खरीफ फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, इसलिए अगले कुछ सप्ताह कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अनाज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खाद्य सुरक्षा पर किसी भी तरह का संकट नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसानों और कृषि उत्पादन को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

MP News: उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद पर बवाल, कांग्रेस बोली- ‘मध्य प्रदेश के नए जमींदार’

मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर सियासत गरमा गई है। उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर 168 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी और सीएम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। एक राष्ट्रीय अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में 168 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी है। इन जमीनों का संबंध उन इलाकों से बताया जा रहा है जहां सरकार की बड़ी विकास परियोजनाएं और सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “मध्य प्रदेश का नया जमींदार” तक कह दिया है। क्या हैं जमीन खरीद के आरोप? रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे। इन प्लॉट्स का कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई जमीनें उन क्षेत्रों में स्थित हैं जहां उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कृषि भूमि को रिहायशी और व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करने की योजना है। साथ ही कई प्लॉट प्रस्तावित हाईवे और सड़क परियोजनाओं के आसपास मौजूद हैं। किसके नाम पर खरीदी गई जमीनें? सरकारी रिकॉर्ड के हवाले से दावा किया गया है कि जमीनें मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव, पुत्रवधू शालिनी यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव, अभय यादव और चचेरे भाइयों गोविंद एवं नीलेश यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर खरीदी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट हैं, जिनका क्षेत्रफल लगभग 335 एकड़ है। कांग्रेस का हमला तेज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मध्य प्रदेश में “डबल इंजन सरकार” के दौरान जमीनों का बड़ा खेल चल रहा है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी ने भी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा कथित रूप से खरीदी गई जमीनों को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिवार ने क्या कहा? मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अनंत यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार वर्ष 2010 से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय है। उन्होंने कहा, “हमें निजी व्यक्ति के रूप में जमीन खरीदने और बेचने का पूरा अधिकार है। क्या सिर्फ इसलिए अपना व्यवसाय बंद कर दें क्योंकि मुख्यमंत्री हमारे परिवार से हैं?” उज्जैन मास्टर प्लान और विकास परियोजनाएं बनीं चर्चा का केंद्र उज्जैन मास्टर प्लान 2035 मई 2023 में जारी हुआ था। इसके बाद सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कई सड़क, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा हुई। इन योजनाओं के चलते आसपास की जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने ऐसे क्षेत्रों में जमीन खरीद बढ़ाई जहां भविष्य में विकास परियोजनाओं की संभावना थी। अब तक मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने की संभावना है। फिलहाल जमीन खरीद से जुड़े आरोपों और रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए सभी पक्षों के दावों और जवाबों पर नजर बनी हुई है।

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