MP News: उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद पर बवाल, कांग्रेस बोली- ‘मध्य प्रदेश के नए जमींदार’

मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर सियासत गरमा गई है। उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर 168 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप लगे हैं। कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी और सीएम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। एक राष्ट्रीय अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में 168 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी है। इन जमीनों का संबंध उन इलाकों से बताया जा रहा है जहां सरकार की बड़ी विकास परियोजनाएं और सड़क निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “मध्य प्रदेश का नया जमींदार” तक कह दिया है। क्या हैं जमीन खरीद के आरोप? रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे। इन प्लॉट्स का कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ बताया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें से कई जमीनें उन क्षेत्रों में स्थित हैं जहां उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कृषि भूमि को रिहायशी और व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करने की योजना है। साथ ही कई प्लॉट प्रस्तावित हाईवे और सड़क परियोजनाओं के आसपास मौजूद हैं। किसके नाम पर खरीदी गई जमीनें? सरकारी रिकॉर्ड के हवाले से दावा किया गया है कि जमीनें मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव, पुत्रवधू शालिनी यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, रेखा यादव, अभय यादव और चचेरे भाइयों गोविंद एवं नीलेश यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर खरीदी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट हैं, जिनका क्षेत्रफल लगभग 335 एकड़ है। कांग्रेस का हमला तेज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि मध्य प्रदेश में “डबल इंजन सरकार” के दौरान जमीनों का बड़ा खेल चल रहा है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी ने भी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा कथित रूप से खरीदी गई जमीनों को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिवार ने क्या कहा? मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अनंत यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार वर्ष 2010 से रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय है। उन्होंने कहा, “हमें निजी व्यक्ति के रूप में जमीन खरीदने और बेचने का पूरा अधिकार है। क्या सिर्फ इसलिए अपना व्यवसाय बंद कर दें क्योंकि मुख्यमंत्री हमारे परिवार से हैं?” उज्जैन मास्टर प्लान और विकास परियोजनाएं बनीं चर्चा का केंद्र उज्जैन मास्टर प्लान 2035 मई 2023 में जारी हुआ था। इसके बाद सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कई सड़क, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा हुई। इन योजनाओं के चलते आसपास की जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने ऐसे क्षेत्रों में जमीन खरीद बढ़ाई जहां भविष्य में विकास परियोजनाओं की संभावना थी। अब तक मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह मामला मध्य प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने की संभावना है। फिलहाल जमीन खरीद से जुड़े आरोपों और रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए सभी पक्षों के दावों और जवाबों पर नजर बनी हुई है।