MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी को 1 साल की जेल, दो सह-आरोपी बरी

इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा, जबकि दो सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को दोषी करार दिया है। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की अदालत ने आरोपी को खतरनाक हथियार से हमला करने के मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया? अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) और 126(2) के तहत आयूष खोवारे को दोषी मानते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 118(1) के तहत 2,000 रुपये और धारा 126(2) के तहत 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सह-आरोपी सुमित चौहान और देवेन्द्र उर्फ सागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए। इस कारण दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी आयूष पटेल अपने साथी सुमित चौहान के साथ दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान राऊ थाना क्षेत्र स्थित छोगाला रेस्टोरेंट के पास पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल पर आए आयूष खोवारे और देवेन्द्र उर्फ सागर ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप था कि देवेन्द्र ने फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, जबकि आयूष खोवारे ने चाकू से उसकी पीठ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के प्रयास का आरोप क्यों नहीं हुआ साबित? सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित को लगी चोट शरीर के किसी संवेदनशील या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले अंग पर नहीं थी। इसलिए हत्या के प्रयास का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। हालांकि, फरियादी के लगातार एक जैसे बयान और एफएसएल रिपोर्ट में जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि ने यह साबित कर दिया कि आयूष खोवारे ने खतरनाक हथियार से हमला किया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। दो सह-आरोपी क्यों हुए बरी? अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी ने सुमित चौहान के खिलाफ कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं किया। वहीं, देवेन्द्र उर्फ सागर द्वारा आंखों में मिर्च पाउडर डालने के आरोप को मेडिकल साक्ष्यों से समर्थन नहीं मिला। चिकित्सकीय परीक्षण में आंखों में लालिमा, सूजन या जलन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। इसी वजह से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का अंतिम आदेश न्यायालय ने आदेश दिया कि विचारण के दौरान आयूष खोवारे द्वारा जेल में बिताई गई एक वर्ष आठ माह की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वसूल किया गया अर्थदंड पीड़ित को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस फैसले के साथ बहुचर्चित इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाते हुए कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपियों को राहत प्रदान की।

MP News: इंदौर समर कैंप में छात्रा से अश्लील हरकत! बॉयज हॉस्टल वॉर्डन गिरफ्तार, कई बच्चियों ने लगाए गंभीर आरोप

इंदौर के एक स्कूल के समर कैंप में 13 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी बॉयज हॉस्टल वॉर्डन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य छात्राओं ने भी गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं। रतलाम/ इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के Indore में आयोजित एक स्कूल समर कैंप के दौरान 13 वर्षीय छात्रा से कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने बॉयज हॉस्टल के वॉर्डन विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद कैंपस में जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। कैसे सामने आया मामला? जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा Ratlam से अपनी छोटी बहन के साथ समर कैंप में हिस्सा लेने आई थी। यह समर कैंप 3 मई से संचालित हो रहा था, जिसमें करीब 18 छात्राएं और 36 छात्र शामिल थे। छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, 13 मई की शाम छात्रा पानी की बोतल भरने बॉयज हॉस्टल की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी वॉर्डन ने उसके साथ कथित रूप से आपत्तिजनक हरकत की। छात्रा ने पहले यह बात अपनी मां को मोबाइल पर बताई, जिसके बाद परिवार और परिचितों को मामले की जानकारी मिली। अन्य छात्राओं ने भी लगाए आरोप मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब हॉस्टल में मौजूद कुछ अन्य छात्राओं ने भी आरोपी वॉर्डन पर गलत तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। इसके बाद परिजनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर Madhya Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं व स्टाफ से पूछताछ की गई। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक जांच चली। पुलिस का क्या कहना है? राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले के अनुसार, आरोपी वॉर्डन घटना के बाद हॉस्टल से फरार हो गया था। हालांकि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही समर कैंप प्रबंधन और स्कूल प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस अन्य छात्राओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पहले भी उठ चुके हैं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूल और हॉस्टल कैंपस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। खासकर समर कैंप और रिहायशी हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था तथा स्टाफ वेरिफिकेशन को लेकर अभिभावक लगातार चिंता जताते रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, हॉस्टल मॉनिटरिंग और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर बहस तेज हो गई है। फिलहाल क्या स्थिति है? फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

RSS मालवा प्रांत: 100% गांवों तक पहुंच, 90% घरों में संपर्क

इंदौर– पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक द्वारा इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए व्यापक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। हाल ही में हरियाणा के समालखा (पानीपत) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित प्रतिनिधि सभा में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, संगठन मजबूती और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मालवा प्रांत में बड़ा विस्तार संघ ने दावा किया कि शताब्दी वर्ष के दौरान मालवा प्रांत में संगठन ने 100% गांवों और सभी मोहल्लों तक पहुंच बनाई, वहीं करीब 90% घरों तक संपर्क स्थापित किया गया। गृह संपर्क अभियान में बड़ी भागीदारी गृह संपर्क अभियान के तहत मालवा प्रांत में: इस दौरान शहरी क्षेत्रों में साहित्य वितरण और ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्रों का वितरण किया गया। युवा और समाज कार्यक्रमों में रिकॉर्ड भागीदारी महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। प्रशिक्षण और संगठन मजबूती सामाजिक समरसता और विशेष संपर्क संघ द्वारा सामाजिक सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देने के लिए: संघ ने स्पष्ट किया कि सहमत और असहमत सभी वर्गों के लोगों से संवाद जारी रहेगा। बड़ा संगठनात्मक बदलाव 2027 से संघ की संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए:  देशभर में सामाजिक अभियान संघ और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा: आगामी कार्यक्रम

Indore News: इंदौर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: दूसरे के टिकट पर सफर कर रहे 35 यात्री पकड़े गए, ₹1.23 लाख का जुर्माना वसूला!

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जांच टीम ने मुम्बई सेंट्रल–इंदौर तेजस स्पेशल (गाड़ी संख्या 09085) में यात्रा कर रहे 35 ऐसे यात्रियों को पकड़ा जो दूसरे के नाम पर जारी टिकटों से सफर कर रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान रेलवे ने नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों से ₹1,23,550 का जुर्माना वसूला। जानकारी के अनुसार, 7 नवम्बर को मुंबई सेंट्रल से रवाना हुई इस तेजस स्पेशल ट्रेन के कोच बी-5, बी-6 और बी-7 में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान कुछ यात्रियों के पास पहचान पत्र न होने पर संदेह हुआ। विस्तृत जांच करने पर पाया गया कि ये यात्री अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक टिकटों से यात्रा कर रहे थे। चेकिंग स्टाफ ने तुरंत वाणिज्य नियंत्रण कक्ष रतलाम को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के संबंधित रेलवे अधिकारियों, RPF और जीआरपी की टीम को अलर्ट किया गया। ट्रेन के इंदौर स्टेशन पहुंचते ही संदिग्ध यात्रियों को रोका गया और नियमों के अनुसार सभी से ₹1.23 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इस संयुक्त जांच में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य), मुख्य टिकट निरीक्षक, 8 चेकिंग स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के निरीक्षक व 8 जवान, और जीआरपी के निरीक्षक व 6 जवान शामिल रहे। रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और टिकट नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे हमेशा अपने नाम से टिकट बुक करें और वैध पहचान पत्र साथ रखें।

Indore News: बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करने वाला कमल लोबानिया गिरफ्तार, अब खा रहा जेल की हवा!

इंदौर- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Indore News: अमेरिका की Meta Inc. (Facebook/Instagram) से मिली साइबर टिपलाइन सूचना के आधार पर इंदौर निवासी कमल लोबानिया को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल जेल इंदौर भेजा गया है। आरोपी सोशल मीडिया पर बालक-बालिकाओं के अश्लील वीडियो (CSEAM: Child Sexual Exploitative and Abuse Material) डाउनलोड कर उन्हें विभिन्न ग्रुपों में शेयर करता था। मेटा ने दी थी आरोपी की जानकारी अमेरिका की मेटा कंपनी ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सूचना दी थी कि इंदौर का एक व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिग बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो शेयर कर रहा है। यह शिकायत Cyber Tipline (USA) के माध्यम से राज्य सायबर सेल, इंदौर को प्राप्त हुई थी। साइबर सेल की कार्रवाई राज्य सायबर पुलिस जोन इंदौर द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नयन” के तहत निरीक्षक अंजू पटेल, सउनि रामप्रकाश बाजपेई और आरक्षक रमेश भिड़े की टीम ने आरोपी का तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन ट्रेस की। आरोपी कमल लोबानिया (उम्र 31 वर्ष, निवासी इंदौर) को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने Facebook/Instagram ग्रुपों से बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड कर WhatsApp पर अन्य लोगों को शेयर किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जप्त किया है।मामले में आईटी एक्ट की धारा 67, 67A, 67B के तहत अपराध क्रमांक 168/25 दर्ज किया गया है। सराहनीय भूमिका साइबर सेल ने दी चेतावनी राज्य साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि—

Indore News: एमआर-9 लिंक रोड पर बड़ी कार्रवाई, 140 मकान तोड़े, अब रिंग रोड से AB रोड तक बनेगी 100 फीट चौड़ी सड़क

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एमआर-9 लिंक रोड निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण की कार्यवाही के तहत रिंग रोड से एबी रोड के बीच आने वाले 140 बाधक मकानों को जमींदोज कर दिया। अब जल्द ही इस मार्ग पर 100 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण शुरू होगा।  मास्टर प्लान का अधूरा सपना अब होगा पूरा तोड़े गए 140 निर्माण – विरोध के बाद भी हुई कार्रवाई सड़क का अगला चरण भी चुनौतीपूर्ण

Indore Metro: अब नहीं मिलेगा फ्री सफर: इंदौर मेट्रो में शुरू हुआ किराया, 5 से 8 रुपए तक देना होगा टिकट, बिना टिकट पर लगेगा जुर्माना

इंदौर- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Indore Metro: इंदौर मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों के लिए अब मुफ़्त यात्रा का दौर खत्म हो गया है। रविवार से इंदौर मेट्रो में सफर करने के लिए यात्रियों को निर्धारित किराया देना होगा। मेट्रो प्रशासन ने दो स्टेशनों के बीच सफर पर 5 रुपए और अधिकतम पांच स्टेशनों तक यात्रा पर 8 रुपए किराया तय किया है। यात्रियों को 8 से 15 जून तक किराए में 75% की छूट भी दी जाएगी। इस अवधि के बाद सामान्य किराया लागू हो जाएगा। बिना टिकट यात्रा पर लगेगा जुर्माना अब यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। पिछले एक हफ्ते में करीब 1.50 लाख से ज्यादा यात्रियों ने इंदौर मेट्रो में सफर किया है। शहरवासियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि यदि वे एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाते हैं और फिर लौटते हैं, तो उन्हें दोनों यात्राओं के लिए अलग-अलग टिकट खरीदने होंगे। उदाहरण के तौर पर किराया गणना: तंबाकू-सिगरेट पर सख्ती मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मी यात्रियों की चेकिंग कर रहे हैं। यदि किसी के पास बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू या गुटखा पाया जाता है, तो उसे जब्त कर लिया जाता है। पिछले पांच दिनों में ऐसे उत्पादों से भरे बक्से जमा हुए हैं। मेट्रो में अब तक के सफर के आंकड़े:  फिलहाल 5.9 किमी में चल रही मेट्रो इंदौर मेट्रो का पूरा प्रोजेक्ट 31 किमी लंबा है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 5.9 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जा रही है। मिड सेक्शन जो अंडरग्राउंड होगा, उसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर काम शुरू होना बाकी है। अब इंदौर की जनता को स्मार्ट सफर के साथ-साथ किराए के प्रति भी सजग रहना होगा। सफर करें सुरक्षित, टिकट लेकर।

MP News: रतलाम के छाजेड़ कुंदन ज्वेलर्स पर 86.74 लाख की ठगी का आरोप: इंदौर पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

इंदौर/रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: रतलाम के प्रतिष्ठित ज्वेलर्स छाजेड़ कुंदन ज्वेलर्स (CKJ) पर 86.74 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप सामने आया है। गुजरात के राजकोट स्थित आभूषण निर्माता यश वाढेर की कंपनी ने इंदौर के एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे हुई ठगी की शुरुआत राजकोट की आरके सिल्वर कंपनी का आरोप है कि 22 मार्च को मोबाइल पर हुई डील के तहत छाजेड़ कुंदन ज्वेलर्स को 86.74 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भेजे गए थे। यह डिलिवरी बीवीसी लॉजिस्टिक कंपनी के माध्यम से की गई थी। डील के बाद आरके सिल्वर को जानकारी मिली कि रतलाम के CKJ की बाजार में छवि संदिग्ध है, इस पर उन्होंने लॉजिस्टिक कंपनी को पार्सल होल्ड करने के निर्देश दिए। कंपनी ने ईमेल के माध्यम से पुष्टि भी कर दी कि पार्सल रतलाम में डिलीवर नहीं किया जाएगा। लॉजिस्टिक कंपनी की मिलीभगत से हुआ नुकसान इसके बावजूद, लॉजिस्टिक कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से पार्सल इंदौर में डिलीवर कर दिया गया। जब इस बारे में फरियादी को पता चला तो उन्होंने CKJ से संपर्क कर भुगतान की मांग की। बाउंस हुए चेक और फिर से टालमटोल आरोप है कि CKJ ने दो चेक दिए, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद कई बार संपर्क और भुगतान की मांग के बावजूद न तो पैसा लौटाया गया और न ही आभूषण वापस किए गए। किन पर हुआ केस दर्ज पुलिस ने बीएनएस की धाराएं 318(4), 316(5), और 3(5) के तहत CKJ संचालक सुधीर छाजेड़, तनिष छाजेड़ सहित लॉजिस्टिक कंपनी बीवीसी के कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई एरोड्रम पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाते हुए 5 और 6 जून की दरमियानी रात आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। आगे की जांच जारी है।

MP News: 61000 युवाओं ने लिया संकल्प: नशा मुक्त भारत और हिंदू एकता के लिए बजरंग दल का शौर्य कुंभ

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में इंदौर के नेहरू स्टेडियम में बजरंग दल द्वारा भव्य शौर्य कुंभ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में 61,000 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और नशामुक्त भारत, हिंदुओं की सुरक्षा तथा जनसंख्या संतुलन बनाए रखने के लिए तीन संतान के जन्म का संकल्प लिया।    शौर्य यात्रा के साथ हजारों कार्यकर्ताओं की भव्य रैली   कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता इंदौर के पांच अलग-अलग स्थानों से शौर्य यात्रा के रूप में नेहरू स्टेडियम पहुंचे। ये स्थान थे:   – चिमनबाग मैदान – इंदौर विभाग   – एमजीएम मेडिकल कॉलेज – शाजापुर विभाग   – होलकर कॉलेज ग्राउंड – खरगोन, धार, रतलाम विभाग   – इंदौर समाचार मैदान – उज्जैन, मंदसौर विभाग   – मोदी का भट्टा संवाद नगर – खंडवा विभाग   इन सभी स्थानों से हजारों कार्यकर्ताओं ने भगवा ध्वज के साथ नगर में शौर्य यात्रा निकाली। समाज, राजनीतिक और विभिन्न संगठनों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और मार्गों को भगवा ध्वजों से सजाया गया।   मिलिंद परांडे का संबोधन: हिंदू एकता और नशामुक्त समाज पर जोर   कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत भूमि पर गुलामी का कोई चिन्ह नहीं रहेगा। उन्होंने नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताई और कहा कि युवा पीढ़ी को बल, शौर्य और जागरूकता के माध्यम से इस संकट से बाहर निकाला जा सकता है।   उन्होंने आगे कहा कि हमारे कई व्यापार हिंदू समाज के हाथ से निकलते जा रहे हैं। हर हिंदू को अपने धर्म और संस्कृति का रक्षक बनना चाहिए। जाति, भाषा और प्रांत से ऊपर उठकर हमें हिंदू एकता की भावना को मजबूत करना होगा।   शौर्य कुंभ में मलखंभ प्रतियोगिता और वीरता का सम्मान   शौर्य कुंभ के दौरान मलखंभ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।   भव्य आयोजन में 500 बसें, 2500 चारपहिया और 5000 दोपहिया वाहन शामिल   इस आयोजन में इंदौर विभाग से 16,000 कार्यकर्ताओं समेत मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, धार के कार्यकर्ता 500 बसों, 2500 चारपहिया और 5000 दोपहिया वाहनों के साथ शामिल हुए।    कार्यक्रम में अनेक संतों और प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति   कार्यक्रम में जगतगुरु स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दनेरिया, विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रांत संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव, प्रांत मंत्री विनोद शर्मा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। मंच संचालन बजरंग दल के प्रांत संयोजक नितिन पाटीदार ने किया।   शौर्य कुंभ हिंदू एकता, नशामुक्त भारत और राष्ट्रवाद के संदेश को प्रबल करने का मंच बना, जहां हजारों युवाओं ने सामाजिक और राष्ट्रीय उत्थान का संकल्प लिया।

MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

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