MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

MP News: इंदौर मेट्रो के आसपास होगा बड़ा बदलाव, 31 किमी कॉरिडोर पर बनेंगे 4 TOD क्लस्टर, हाईराइज डेवलपमेंट को मिलेगी रफ्तार

MP News: इंदौर मेट्रो के 31.32 किमी रूट के आसपास 4 TOD क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। जानिए किन इलाकों में होगा हाईराइज डेवलपमेंट और क्या होंगे बड़े बदलाव। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर शहर आने वाले वर्षों में एक नए शहरी विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना के साथ अब शहर में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) की योजना को भी गति दी जा रही है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों के आसपास आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं वाले क्षेत्रों का विकास करना है। 31.32 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में विशेष विकास क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। यहां आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ शहर के विकास की दिशा भी बदल सकती है। इसके लिए पहले चरण में चार प्रमुख क्लस्टर तैयार किए गए हैं। Indore Metro TOD Corridor क्या है? ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ऐसा शहरी विकास मॉडल है, जिसमें मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के आसपास योजनाबद्ध तरीके से आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाता है। इस मॉडल का उद्देश्य लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। पहले चरण में इन 4 क्लस्टर में होगा विकास शुरुआत में मेट्रो रूट के प्रमुख स्टेशनों को जोड़ते हुए चार क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। पहला क्लस्टर दूसरा क्लस्टर तीसरा क्लस्टर चौथा क्लस्टर मेट्रो कॉरिडोर के आसपास क्या-क्या बदलेगा? TOD योजना लागू होने के बाद मेट्रो रूट के आसपास कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रमुख विकास कार्य शहरवासियों और विशेषज्ञों से भी लिए जाएंगे सुझाव TOD कॉरिडोर तैयार करने वाली एजेंसी अरुप (Arup) शहर के नागरिकों, शहरी योजनाकारों और संबंधित विशेषज्ञों से सुझाव भी लेगी। इन सुझावों के आधार पर विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेहतर मॉडल तैयार हो सके। मास्टर प्लान के साथ होगा समन्वय इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (ITPI) के इंदौर रीजनल सेंटर द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि TOD योजना को इंदौर के नए मास्टर प्लान और रीजनल प्लान के साथ जोड़ा जाएगा। आईटीपीआई इंदौर रीजनल सेंटर की सचिव प्रकृति सेठी और चेयरमैन डी. एल. गोयल के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर TOD से जुड़े नियमों और विकास संबंधी प्रावधानों में संशोधन पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि परियोजना प्रभावी ढंग से लागू हो सके। विशेषज्ञों ने साझा किए अंतरराष्ट्रीय अनुभव कार्यक्रम में अरुप कंसल्टेंसी फर्म के विशेषज्ञ जिग्नेश मेहता और रोमी राय ने विभिन्न शहरों में लागू TOD मॉडल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास क्लस्टर आधारित विकास से शहरी यातायात, भूमि उपयोग और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी की मौत का खुलासा, हत्या को हादसा दिखाने की रची गई साजिश

MP News: इंदौर में बैंक कर्मचारी पलक काशिव हत्याकांड का बड़ा खुलासा। प्रेमी ने शादी से इनकार पर गला घोंटा, फिर पेट्रोल डालकर आग लगाई और हादसा दिखाने की साजिश रची। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर में निजी बैंक की कर्मचारी पलक काशिव की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इसे गैस रिसाव और आग से जुड़ा हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस के मुताबिक यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी मयंक शाक्य शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जब पलक ने शादी से इनकार कर दिया तो उसने कथित तौर पर उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने की बात भी पुलिस के सामने कही है। इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। कैसे सामने आई हत्या की सच्चाई? पलक काशिव का शव सोमवार को तपेश्वरी क्षेत्र स्थित फ्लैट में मिला था। परिवार के लोग दो दिनों से उससे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। जब मकान मालिक फ्लैट पहुंचा तो पलक मृत अवस्था में मिली। मौके पर गैस का बर्नर खुला था और गैस का रिसाव हो रहा था। रसोई में कटी हुई सब्जियां भी रखी थीं। शुरुआती हालात देखकर ऐसा लगा कि किसी घरेलू हादसे में उसकी मौत हुई होगी। इसी आधार पर पुलिस ने पहले दुर्घटना की संभावना मानकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी जांच की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक नकाबपोश युवक तेज़ी से कॉलोनी से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने पलक के परिचित लोगों की जानकारी जुटाई और साइबर टीम की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की। तकनीकी जांच में मयंक शाक्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। दतिया से गिरफ्तारी, पूछताछ में कबूल किया अपराध पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पहले पलक का गला दबाया। जब वह बेहोश हो गई तो उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को हादसा साबित करने के लिए गैस का बर्नर भी खुला छोड़ दिया, ताकि ऐसा लगे कि आग गैस रिसाव से लगी थी। गाने के शौक ने कराई थी दोनों की मुलाकात जांच में यह भी सामने आया कि पलक और मयंक की पहचान स्टार मेकर्स ऐप के जरिए हुई थी। दोनों को गाने का शौक था और इसी प्लेटफॉर्म पर उनकी दोस्ती हुई थी। समय के साथ दोनों संपर्क में आए, लेकिन शादी को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? मुख्य तथ्य

MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी को 1 साल की जेल, दो सह-आरोपी बरी

इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा, जबकि दो सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को दोषी करार दिया है। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की अदालत ने आरोपी को खतरनाक हथियार से हमला करने के मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया? अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) और 126(2) के तहत आयूष खोवारे को दोषी मानते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 118(1) के तहत 2,000 रुपये और धारा 126(2) के तहत 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सह-आरोपी सुमित चौहान और देवेन्द्र उर्फ सागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए। इस कारण दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी आयूष पटेल अपने साथी सुमित चौहान के साथ दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान राऊ थाना क्षेत्र स्थित छोगाला रेस्टोरेंट के पास पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल पर आए आयूष खोवारे और देवेन्द्र उर्फ सागर ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप था कि देवेन्द्र ने फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, जबकि आयूष खोवारे ने चाकू से उसकी पीठ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के प्रयास का आरोप क्यों नहीं हुआ साबित? सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित को लगी चोट शरीर के किसी संवेदनशील या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले अंग पर नहीं थी। इसलिए हत्या के प्रयास का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। हालांकि, फरियादी के लगातार एक जैसे बयान और एफएसएल रिपोर्ट में जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि ने यह साबित कर दिया कि आयूष खोवारे ने खतरनाक हथियार से हमला किया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। दो सह-आरोपी क्यों हुए बरी? अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी ने सुमित चौहान के खिलाफ कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं किया। वहीं, देवेन्द्र उर्फ सागर द्वारा आंखों में मिर्च पाउडर डालने के आरोप को मेडिकल साक्ष्यों से समर्थन नहीं मिला। चिकित्सकीय परीक्षण में आंखों में लालिमा, सूजन या जलन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। इसी वजह से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का अंतिम आदेश न्यायालय ने आदेश दिया कि विचारण के दौरान आयूष खोवारे द्वारा जेल में बिताई गई एक वर्ष आठ माह की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वसूल किया गया अर्थदंड पीड़ित को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस फैसले के साथ बहुचर्चित इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाते हुए कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपियों को राहत प्रदान की।

MP News: इंदौर समर कैंप में छात्रा से अश्लील हरकत! बॉयज हॉस्टल वॉर्डन गिरफ्तार, कई बच्चियों ने लगाए गंभीर आरोप

इंदौर के एक स्कूल के समर कैंप में 13 वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी बॉयज हॉस्टल वॉर्डन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य छात्राओं ने भी गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं। रतलाम/ इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के Indore में आयोजित एक स्कूल समर कैंप के दौरान 13 वर्षीय छात्रा से कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस ने बॉयज हॉस्टल के वॉर्डन विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद कैंपस में जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। कैसे सामने आया मामला? जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा Ratlam से अपनी छोटी बहन के साथ समर कैंप में हिस्सा लेने आई थी। यह समर कैंप 3 मई से संचालित हो रहा था, जिसमें करीब 18 छात्राएं और 36 छात्र शामिल थे। छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, 13 मई की शाम छात्रा पानी की बोतल भरने बॉयज हॉस्टल की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपी वॉर्डन ने उसके साथ कथित रूप से आपत्तिजनक हरकत की। छात्रा ने पहले यह बात अपनी मां को मोबाइल पर बताई, जिसके बाद परिवार और परिचितों को मामले की जानकारी मिली। अन्य छात्राओं ने भी लगाए आरोप मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब हॉस्टल में मौजूद कुछ अन्य छात्राओं ने भी आरोपी वॉर्डन पर गलत तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। इसके बाद परिजनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कैंपस पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर Madhya Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची और छात्राओं व स्टाफ से पूछताछ की गई। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में देर रात तक जांच चली। पुलिस का क्या कहना है? राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले के अनुसार, आरोपी वॉर्डन घटना के बाद हॉस्टल से फरार हो गया था। हालांकि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही समर कैंप प्रबंधन और स्कूल प्रशासन से भी जानकारी मांगी गई है। पुलिस अन्य छात्राओं से भी पूछताछ कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पहले भी उठ चुके हैं बच्चों की सुरक्षा पर सवाल स्कूल और हॉस्टल कैंपस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। खासकर समर कैंप और रिहायशी हॉस्टल में निगरानी व्यवस्था तथा स्टाफ वेरिफिकेशन को लेकर अभिभावक लगातार चिंता जताते रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, हॉस्टल मॉनिटरिंग और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर बहस तेज हो गई है। फिलहाल क्या स्थिति है? फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है। वहीं, पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को काउंसलिंग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

RSS मालवा प्रांत: 100% गांवों तक पहुंच, 90% घरों में संपर्क

इंदौर– पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद मालवा प्रांत के प्रांत संघचालक द्वारा इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए व्यापक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। हाल ही में हरियाणा के समालखा (पानीपत) में 13 से 15 मार्च तक आयोजित प्रतिनिधि सभा में देशभर से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में संघ के कार्य विस्तार, संगठन मजबूती और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मालवा प्रांत में बड़ा विस्तार संघ ने दावा किया कि शताब्दी वर्ष के दौरान मालवा प्रांत में संगठन ने 100% गांवों और सभी मोहल्लों तक पहुंच बनाई, वहीं करीब 90% घरों तक संपर्क स्थापित किया गया। गृह संपर्क अभियान में बड़ी भागीदारी गृह संपर्क अभियान के तहत मालवा प्रांत में: इस दौरान शहरी क्षेत्रों में साहित्य वितरण और ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्रों का वितरण किया गया। युवा और समाज कार्यक्रमों में रिकॉर्ड भागीदारी महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। प्रशिक्षण और संगठन मजबूती सामाजिक समरसता और विशेष संपर्क संघ द्वारा सामाजिक सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देने के लिए: संघ ने स्पष्ट किया कि सहमत और असहमत सभी वर्गों के लोगों से संवाद जारी रहेगा। बड़ा संगठनात्मक बदलाव 2027 से संघ की संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए:  देशभर में सामाजिक अभियान संघ और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा: आगामी कार्यक्रम

Indore News: इंदौर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: दूसरे के टिकट पर सफर कर रहे 35 यात्री पकड़े गए, ₹1.23 लाख का जुर्माना वसूला!

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जांच टीम ने मुम्बई सेंट्रल–इंदौर तेजस स्पेशल (गाड़ी संख्या 09085) में यात्रा कर रहे 35 ऐसे यात्रियों को पकड़ा जो दूसरे के नाम पर जारी टिकटों से सफर कर रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान रेलवे ने नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों से ₹1,23,550 का जुर्माना वसूला। जानकारी के अनुसार, 7 नवम्बर को मुंबई सेंट्रल से रवाना हुई इस तेजस स्पेशल ट्रेन के कोच बी-5, बी-6 और बी-7 में ऑन ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान कुछ यात्रियों के पास पहचान पत्र न होने पर संदेह हुआ। विस्तृत जांच करने पर पाया गया कि ये यात्री अन्य व्यक्तियों के नाम पर बुक टिकटों से यात्रा कर रहे थे। चेकिंग स्टाफ ने तुरंत वाणिज्य नियंत्रण कक्ष रतलाम को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के संबंधित रेलवे अधिकारियों, RPF और जीआरपी की टीम को अलर्ट किया गया। ट्रेन के इंदौर स्टेशन पहुंचते ही संदिग्ध यात्रियों को रोका गया और नियमों के अनुसार सभी से ₹1.23 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इस संयुक्त जांच में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य), मुख्य टिकट निरीक्षक, 8 चेकिंग स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के निरीक्षक व 8 जवान, और जीआरपी के निरीक्षक व 6 जवान शामिल रहे। रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और टिकट नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे हमेशा अपने नाम से टिकट बुक करें और वैध पहचान पत्र साथ रखें।

Indore News: बच्चों के अश्लील वीडियो शेयर करने वाला कमल लोबानिया गिरफ्तार, अब खा रहा जेल की हवा!

इंदौर- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Indore News: अमेरिका की Meta Inc. (Facebook/Instagram) से मिली साइबर टिपलाइन सूचना के आधार पर इंदौर निवासी कमल लोबानिया को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर सेंट्रल जेल इंदौर भेजा गया है। आरोपी सोशल मीडिया पर बालक-बालिकाओं के अश्लील वीडियो (CSEAM: Child Sexual Exploitative and Abuse Material) डाउनलोड कर उन्हें विभिन्न ग्रुपों में शेयर करता था। मेटा ने दी थी आरोपी की जानकारी अमेरिका की मेटा कंपनी ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सूचना दी थी कि इंदौर का एक व्यक्ति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिग बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो शेयर कर रहा है। यह शिकायत Cyber Tipline (USA) के माध्यम से राज्य सायबर सेल, इंदौर को प्राप्त हुई थी। साइबर सेल की कार्रवाई राज्य सायबर पुलिस जोन इंदौर द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन नयन” के तहत निरीक्षक अंजू पटेल, सउनि रामप्रकाश बाजपेई और आरक्षक रमेश भिड़े की टीम ने आरोपी का तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन ट्रेस की। आरोपी कमल लोबानिया (उम्र 31 वर्ष, निवासी इंदौर) को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसने Facebook/Instagram ग्रुपों से बाल अश्लील सामग्री डाउनलोड कर WhatsApp पर अन्य लोगों को शेयर किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड जप्त किया है।मामले में आईटी एक्ट की धारा 67, 67A, 67B के तहत अपराध क्रमांक 168/25 दर्ज किया गया है। सराहनीय भूमिका साइबर सेल ने दी चेतावनी राज्य साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि—

Indore News: एमआर-9 लिंक रोड पर बड़ी कार्रवाई, 140 मकान तोड़े, अब रिंग रोड से AB रोड तक बनेगी 100 फीट चौड़ी सड़क

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एमआर-9 लिंक रोड निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण की कार्यवाही के तहत रिंग रोड से एबी रोड के बीच आने वाले 140 बाधक मकानों को जमींदोज कर दिया। अब जल्द ही इस मार्ग पर 100 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण शुरू होगा।  मास्टर प्लान का अधूरा सपना अब होगा पूरा तोड़े गए 140 निर्माण – विरोध के बाद भी हुई कार्रवाई सड़क का अगला चरण भी चुनौतीपूर्ण

Indore Metro: अब नहीं मिलेगा फ्री सफर: इंदौर मेट्रो में शुरू हुआ किराया, 5 से 8 रुपए तक देना होगा टिकट, बिना टिकट पर लगेगा जुर्माना

इंदौर- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Indore Metro: इंदौर मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों के लिए अब मुफ़्त यात्रा का दौर खत्म हो गया है। रविवार से इंदौर मेट्रो में सफर करने के लिए यात्रियों को निर्धारित किराया देना होगा। मेट्रो प्रशासन ने दो स्टेशनों के बीच सफर पर 5 रुपए और अधिकतम पांच स्टेशनों तक यात्रा पर 8 रुपए किराया तय किया है। यात्रियों को 8 से 15 जून तक किराए में 75% की छूट भी दी जाएगी। इस अवधि के बाद सामान्य किराया लागू हो जाएगा। बिना टिकट यात्रा पर लगेगा जुर्माना अब यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। पिछले एक हफ्ते में करीब 1.50 लाख से ज्यादा यात्रियों ने इंदौर मेट्रो में सफर किया है। शहरवासियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि यदि वे एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाते हैं और फिर लौटते हैं, तो उन्हें दोनों यात्राओं के लिए अलग-अलग टिकट खरीदने होंगे। उदाहरण के तौर पर किराया गणना: तंबाकू-सिगरेट पर सख्ती मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मी यात्रियों की चेकिंग कर रहे हैं। यदि किसी के पास बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू या गुटखा पाया जाता है, तो उसे जब्त कर लिया जाता है। पिछले पांच दिनों में ऐसे उत्पादों से भरे बक्से जमा हुए हैं। मेट्रो में अब तक के सफर के आंकड़े:  फिलहाल 5.9 किमी में चल रही मेट्रो इंदौर मेट्रो का पूरा प्रोजेक्ट 31 किमी लंबा है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 5.9 किमी के सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो चलाई जा रही है। मिड सेक्शन जो अंडरग्राउंड होगा, उसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर काम शुरू होना बाकी है। अब इंदौर की जनता को स्मार्ट सफर के साथ-साथ किराए के प्रति भी सजग रहना होगा। सफर करें सुरक्षित, टिकट लेकर।

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