Ratlam News: बाजना के सदला माल में भीषण आग: मकान में लगी आग से 3 बेल, 4 बकरियां और 15 मुर्गे जिंदा जले

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के बाजना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सदला माल में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। गांव निवासी गौतम पिता जीवणाके मकान में अज्ञात कारणों से अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पशुओं को बाहर निकालने का मौका नहीं मिल सका। WATCH VIDEO इस हादसे में तीन बेल, चार बकरियां और करीब 15 मुर्गे जिंदा जल गए, जबकि दो बेल और एक गाय गंभीर रूप से झुलस गई हैं। आगजनी से पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने का कारण अज्ञात प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया। प्रशासन को सूचना घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दे दी गई है। नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार ने शासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।

MP News: मध्य प्रदेश के IAS अवि प्रसाद की तीसरी शादी चर्चा में, दो पूर्व पत्नियां भी हैं कलेक्टर

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में तीसरी शादी की है। खास बात यह है कि उनकी तीनों पत्नियां भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी रही हैं और दो पूर्व पत्नियां वर्तमान में जिले की कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। 11 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में हुआ विवाह जानकारी के अनुसार, अवि प्रसाद ने 11 फरवरी 2026 को कूनो नेशनल पार्क में 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया। अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है। कौन हैं IAS अवि प्रसाद? आईएएस अवि प्रसाद वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं। कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर पहचान बनाई थी। पहली शादी: रिजु बाफना से, अब शाजापुर कलेक्टर अवि प्रसाद ने पहली शादी 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से की थी। हालांकि यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला और दोनों का तलाक हो गया। वर्तमान में रिजु बाफना शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं। दूसरी शादी: मिशा सिंह से, अब रतलाम कलेक्टर पहली पत्नी से अलग होने के बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से दूसरी शादी की। यह रिश्ता करीब चार साल चला और बाद में दोनों अलग हो गए। मिशा सिंह वर्तमान में रतलाम जिले की कलेक्टर हैं। तीसरी पत्नी अंकिता धाकरे: डिप्टी सेक्रेटरी पद पर तीसरी पत्नी अंकिता धाकरे 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और फिलहाल राज्य मंत्रालय (प्रशासनिक सेवा) में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं। वे मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की रहने वाली हैं। मूल निवास आईएएस अवि प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के निवासी हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा, आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आईएएस अवि प्रसाद की तीसरी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, इस विषय में अवि प्रसाद या अंकिता धाकरे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसे उनका व्यक्तिगत निर्णय बताया जा रहा है।

Ratlam News: मौत के बाद प्रधान आरक्षक का क्वार्टर खाली: पहली पत्नी की शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई, पुलिस लाइन में हंगामा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कनेरी स्थित पुलिस लाइन में गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दिवंगत कार्यवाहक प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल के नाम आवंटित सरकारी आवास को खाली कराया। कार्रवाई के दौरान दूसरी पत्नी जमना चारेल और उनके परिजनों को क्वार्टर से बाहर किया गया तथा मकान को सील कर दिया गया। इस दौरान मौके पर भावुक माहौल और हल्का हंगामा भी देखने को मिला। WATCH VIDEO जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक लक्ष्मण चारेल का लगभग तीन वर्ष पूर्व बीमारी के कारण निधन हो गया था। विभागीय रिकॉर्ड में उनकी पहली पत्नी मीरा चारेल और चार बच्चों के नाम दर्ज हैं, जो गांव में निवास करते हैं। वहीं दूसरी पत्नी जमना चारेल अपने दो पुत्रों और दो पुत्रियों के साथ पिछले दो वर्षों से पुलिस लाइन के क्वार्टर में रह रही थीं, लेकिन उनका नाम सेवा पुस्तिका में दर्ज नहीं है। पहली पत्नी को नहीं मिल रहे थे विभागीय लाभ पहली पत्नी मीरा चारेल ने आरोप लगाया था कि क्वार्टर खाली नहीं होने के कारण उन्हें पति के निधन के बाद मिलने वाले विभागीय लाभ प्राप्त करने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में उन्होंने आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर अधिकारियों के समक्ष आत्मदाह की चेतावनी देने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। 12 नोटिस के बाद भी नहीं छोड़ा कब्जा पुलिस के अनुसार दूसरी पत्नी को पिछले दो वर्षों में करीब 12 बार नोटिस जारी कर मकान खाली करने को कहा गया था, लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा गया। इसके बाद अधिकारियों ने एक कमेटी गठित कर गुरुवार को कार्रवाई की। संयुक्त टीम में आरआई मोहन भर्रावत, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, एसडीओपी नीलम बघेल, थाना प्रभारी गायत्री सोनी और सूबेदार मोनिका सिंह चौहान सहित पुलिस बल और फायर ब्रिगेड मौजूद रही। नियम क्या कहते हैं? नियमों के अनुसार किसी भी पुलिसकर्मी के निधन के बाद परिजनों को अधिकतम छह माह तक सरकारी क्वार्टर में रहने की अनुमति होती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। आरआई मोहन भर्रावत ने बताया कि परिवार के लिए त्रिपोलिया गेट के पास एक सप्ताह की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि वे आगे की व्यवस्था कर सकें। कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों ने घर का सामान बाहर निकलवाया और आवास को सील कर दिया।

Ratlam News: रतलाम में दिखा 10 किलो वजनी दुर्लभ पेंगोलीन, किसान ने दिखाई समझदारी – वन विभाग ने किया रेस्क्यू

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के सिमलावदा गांव में उस समय लोगों में उत्सुकता फैल गई जब एक किसान के खेत में दुर्लभ प्रजाति का वन्य जीव पेंगोलीन (चित्तीदार चींटीखोर) दिखाई दिया। यह पेंगोलीन लगभग 10 किलो वजनी बताया जा रहा है। किसान ने समझदारी दिखाते हुए इसे सुरक्षित रखा और सुबह वन विभाग को सूचना देकर सौंप दिया। वीडियो देखे घटना नयापुरा बस्ती, सिमलावदा की है, जहां किसान दुलेसिंह दायमा (बंजारा) रविवार–सोमवार की रात अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने खेत में एक अनोखा जीव देखा। पहले तो वे घबरा गए, लेकिन पहचानने के बाद सावधानीपूर्वक उसे पकड़ा और घर ले जाकर बाथरूम में सुरक्षित रखा। किसान ने रातभर जीव की सुरक्षा की और सुबह इंटरनेट के जरिए पता लगाया कि यह एक दुर्लभ प्रजाति का पेंगोलीन है। सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम — रेंजर शंकरलाल राणा और छोकसिंह डांगी — मौके पर पहुंची और जीव का सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन किया। फिलहाल पेंगोलीन को रेंजर कार्यालय में रखा गया है। रेंजर अधिकारी कमलसिंह देवड़ा ने बताया कि जिस क्षेत्र में यह पेंगोलीन मिला है, वहां आसपास और भी इसी प्रजाति के जीव होने की संभावना है। इसलिए वन विभाग द्वारा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पेंगोलीन एक अत्यंत दुर्लभ और विलुप्तप्राय वन्य जीव है, जिसकी तस्करी और शिकार बड़े पैमाने पर होते हैं। इस कारण इसकी संख्या लगातार घट रही है। वन विभाग ने किसान दुलेसिंह दायमा की जागरूकता और जीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।