MP Board Exam: 9वीं से 12वीं तक बदला पेपर पैटर्न, लघु उत्तरीय सवालों में नहीं मिलेगा विकल्प

MP Board Exam: 2026-27 में 9वीं से 12वीं तक परीक्षा पैटर्न बदलेगा। प्रश्नपत्र में तार्किक सवाल बढ़ेंगे और लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प नहीं मिलेगा। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Board Exam: मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक सभी विषयों की अंकयोजना और प्रश्नों का पैटर्न जारी कर दिया है।मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नए सत्र के पाठ्यक्रम और अंकयोजना की जानकारी उपलब्ध है। नए पैटर्न में विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक हल करने होंगे, जबकि लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या में बदलाव किया गया है। खास बात यह है कि लघु उत्तरीय प्रश्नों में विकल्प की सुविधा नहीं दी जाएगी। मंडल के अनुसार प्रश्नपत्रों में केवल सीधे तथ्य पूछने के बजाय तर्क और समझ पर आधारित प्रश्नों को महत्व दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि विद्यार्थियों के लिए केवल महत्वपूर्ण प्रश्नों को याद करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें पाठ्यपुस्तक के पूरे विषय को समझकर पढ़ना होगा। CBSE की तर्ज पर तैयार होगा प्रश्नपत्र MP Board Exam: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 9वीं से 12वीं तक के लिए नए सत्र की अंकयोजना जारी की है। बोर्ड की ओर से प्रश्नपत्र के स्वरूप में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों की विषय की समझ और तार्किक क्षमता को परखना है। मंडल सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य के अनुसार, अब प्रश्न सीधे-सीधे पूछने के बजाय तार्किक तरीके से पूछे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की बेहतर तैयारी करनी होगी। नए पैटर्न में छोटे उत्तर वाले प्रश्नों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को कम शब्दों में सटीक उत्तर लिखने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। 10वीं बोर्ड में 75 अंक का प्रश्नपत्र कक्षा 10वीं के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र 75 अंकों का रहेगा। इसमें वस्तुनिष्ठ से लेकर अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ भाग में वैकल्पिक प्रश्न, रिक्त स्थान, सत्य-असत्य, सही जोड़ी का मिलान और एक वाक्य में उत्तर जैसे प्रश्न शामिल रहेंगे। अति लघु उत्तरीय प्रश्नों में 12 प्रश्न दो-दो अंक के होंगे। इसके बाद तीन लघु उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन अंक और तीन दीर्घ उत्तरीय प्रश्न चार-चार अंक के होंगे। 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों में 80 अंक का पेपर कक्षा 12वीं के नॉन-प्रायोगिक विषयों के लिए लिखित प्रश्नपत्र 80 अंकों का होगा। इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हिस्सा 32 अंकों का रखा गया है। इसके अलावा अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी शामिल होंगे। 12वीं नॉन-प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, सात अंक के सही जोड़ी मिलान और सात अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न शामिल हैं। 12वीं के प्रायोगिक विषयों का पेपर 70 अंक का जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा होती है, उनके लिए लिखित प्रश्नपत्र 70 अंकों का रहेगा। 12वीं प्रायोगिक विषयों की अंकयोजना वस्तुनिष्ठ भाग में छह अंक के वैकल्पिक प्रश्न, छह अंक के रिक्त स्थान, छह अंक के सत्य-असत्य, पांच अंक का सही जोड़ी मिलान और पांच अंक के एक वाक्य में उत्तर वाले प्रश्न रहेंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों में खत्म होगा विकल्प नए MP Board Exam Pattern 2026-27 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक लघु उत्तरीय प्रश्नों से जुड़ा है। अब इन प्रश्नों में विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्न चुनने की सुविधा नहीं मिलेगी। यानी जिस प्रश्न को प्रश्नपत्र में पूछा गया है, उसका उत्तर देना होगा। इस बदलाव के कारण विद्यार्थियों को प्रत्येक अध्याय की अच्छी तैयारी करनी होगी। केवल चुनिंदा प्रश्न याद करके परीक्षा की तैयारी करना पहले की तुलना में जोखिम भरा हो सकता है। रटने के बजाय समझकर पढ़ना होगा नए पैटर्न का सबसे बड़ा असर विद्यार्थियों की तैयारी पर पड़ेगा। प्रश्नों को तार्किक और समझ आधारित बनाने से केवल परिभाषा या उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं रहेगा। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक पढ़ते समय यह समझना होगा कि किसी घटना, सिद्धांत, प्रक्रिया या तथ्य के पीछे कारण क्या है और उसका उपयोग किस परिस्थिति में किया जा सकता है। परीक्षा की तैयारी के लिए इन बातों पर दें ध्यान MP Board Exam 2026-27 में विद्यार्थियों के लिए क्या बदलेगा? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए पैटर्न में प्रश्नों की संख्या और उनके अंक वितरण को बदला गया है। कक्षा 10वीं में अति लघु उत्तरीय प्रश्नों का बड़ा हिस्सा रहेगा, जबकि लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न तीन-तीन रहेंगे। कक्षा 12वीं में विषय के स्वरूप के अनुसार 80 या 70 अंकों का लिखित पेपर होगा। आधिकारिक MPBSE अकादमिक पोर्टल पर 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अंकयोजना उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थियों को अभी से बदलनी होगी तैयारी की रणनीति नए पैटर्न को देखते हुए बोर्ड विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का तरीका बदलना होगा। अब सिर्फ परीक्षा से कुछ महीने पहले महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने के बजाय पूरे साल पाठ्यपुस्तक को समझकर पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। खासकर 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की अलग-अलग तैयारी करनी चाहिए। साथ ही लिखने की गति और समय प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।

Ratlam News: रतलाम बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी फरार, होमगार्ड से मारपीट; 6 पकड़े गए

Ratlam News: रतलाम के बिरियाखेड़ी बाल सुधार गृह से 7 बाल अपचारी होमगार्ड से मारपीट कर फरार हुए। पुलिस ने 6 को नामली के पास पकड़ा, एक की तलाश जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल सुधार गृह में शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सात बाल अपचारी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड सैनिक से मारपीट कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने रातभर तलाश अभियान चलाया। सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर सुराग जुटाते हुए पुलिस ने रविवार सुबह रतलाम से करीब 15 किलोमीटर दूर नामली के पास छह बाल अपचारियों को अभिरक्षा में ले लिया। एक बाल अपचारी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। घटना का वीडियो देखे घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो और एसडीएम तरुण जैन ने बाल सुधार गृह पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। होमगार्ड से मारपीट के बाद खोला गेट का ताला प्रारंभिक जानकारी के अनुसार होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा चैनल गेट के पास चादर ओढ़कर सो रहे थे। इसी दौरान सातों बाल अपचारियों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। बताया गया कि एक बाल अपचारी ने डंडे से हमला किया। इसके बाद सभी ने मिलकर होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट की। हमले के बाद बाल अपचारियों ने बिस्तर के नीचे रखी मुख्य शटर की चाबी निकाली और चैनल गेट का ताला खोल दिया। गेट खुलने के बाद सभी मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए। रात करीब 3 बजे पुलिस को मिली सूचना थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के अनुसार पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 3 बजे मिली। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमों का गठन किया गया और जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया। पुलिस ने संभावित रास्तों पर तलाश शुरू करने के साथ सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरों की मदद ली। इसी अभियान के दौरान छह बाल अपचारियों को नामली के पास पकड़ लिया गया। फरार एक बाल अपचारी की तलाश अभी जारी है। 15 से 17 साल की उम्र के हैं बाल अपचारी पुलिस के अनुसार फरार हुए सभी बाल अपचारी 15 से 17 वर्ष की आयु के हैं। इनके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, मादक पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक: घायल होमगार्ड का मेडिकल कराया जा रहा मारपीट की घटना में होमगार्ड सैनिक चंद्रकांत शर्मा घायल हुए हैं। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार बाल अपचारी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। बाल सुधार गृह की सुरक्षा होगी और मजबूत घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि फरार बाल अपचारी की तलाश प्राथमिकता से की जा रही है और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

MP News: MP में पटवारी भर्ती का मौका, 18 अगस्त तक भरें फॉर्म; सितंबर में परीक्षा

MP News: MPESB Patwari Recruitment 2026 के तहत पटवारी समेत अन्य पदों के लिए आवेदन शुरू हैं। योग्य उम्मीदवार 18 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा सितंबर में होगी। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पटवारी भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB की ओर से समूह-2 और उपसमूह-4 के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसमें पटवारी पद भी शामिल है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित पात्रता पूरी करने पर MPESB की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती और परीक्षा से संबंधित नोटिफिकेशन, नियम पुस्तिका तथा आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित नियम पुस्तिका ध्यान से पढ़ना चाहिए। कौन कर सकता है आवेदन? पटवारी सहित संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही पटवारी पद के लिए MP CPCT स्कोरकार्ड की आवश्यकता बताई गई है। उम्मीदवार आवेदन से पहले संबंधित पद की आधिकारिक नियम पुस्तिका में अपनी पात्रता जरूर जांचें। कब होगी MPESB की परीक्षा? MPESB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भर्ती परीक्षा 22 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:50 बजे से शाम 5 बजे तकनिर्धारित है। उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देखनी चाहिए। 18 अगस्त तक भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है। गलत जानकारी दर्ज होने पर आवेदन में परेशानी हो सकती है। MPESB Patwari Form कैसे भरें? ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवार इन आसान चरणों का पालन कर सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट: MPESB Official Website आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान महत्वपूर्ण बिंदु

IBPS Clerk भर्ती की 11,403 वैकेंसी को लेकर बड़ा अपडेट, आवेदन की तारीख और परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी

IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानिए आवेदन, योग्यता, फीस, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर जानकारी तेजी से सामने आ रही है। हालांकि, इस भर्ती से जुड़ी तारीखों को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है। आधिकारिक IBPS रिकॉर्ड के अनुसार 11,403 Customer Service Associate पदों वाली CRP-CSA XV भर्ती का नोटिफिकेशन 1 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके लिए शुरुआती आवेदन अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक थी। बाद में IBPS ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 28 अगस्त 2025 कर दी थी। इसलिए 9 अगस्त 2026 की स्थिति में इस पुरानी भर्ती को नई आवेदन प्रक्रिया बताकर आवेदन करने की जानकारी देना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से जुड़े अपडेट उपलब्ध हैं। 11,403 पदों वाली भर्ती किस पद के लिए थी? IBPS की यह भर्ती Customer Service Associate (CSA) पद के लिए थी, जिसे आमतौर पर बैंक क्लर्क भर्ती के रूप में जाना जाता है। इस भर्ती के जरिए भाग लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में Customer Service Associate पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना था। IBPS ने इसे CRP-CSA XV नाम दिया था। भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिक्तियां निर्धारित की गई थीं। हालांकि, रिक्तियों की संख्या को IBPS ने समय-समय पर अपडेट भी किया था। आधिकारिक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया था कि वैकेंसी संख्या संबंधित बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी। आवेदन की तारीख को लेकर न करें गलती पुराने नोटिफिकेशन में आवेदन की शुरुआती अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 निर्धारित थी। बाद में IBPS ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 28 अगस्त 2025 तक बढ़ाई थी। इसका मतलब है कि इस भर्ती के लिए अब नया आवेदन नहीं किया जा सकता। उम्मीदवारों को किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए पुराने आवेदन लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फीस जमा करने से पहले आधिकारिक IBPS वेबसाइट पर भर्ती की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। योग्यता क्या थी? CRP-CSA XV भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी था। इसके अलावा उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर का कार्यसाधक ज्ञान आवश्यक था। जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से उम्मीदवार ने पद के लिए आवेदन किया था, वहां निर्धारित स्थानीय भाषा का ज्ञान भी भर्ती की शर्तों में शामिल था। आयु सीमा आधिकारिक भर्ती नियमों के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष रखी गई थी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान था। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू नहीं IBPS Customer Service Associate भर्ती की खास बात यह है कि इसमें सामान्य तौर पर अलग से इंटरव्यू चरण नहीं होता। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा शामिल होती है। मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा में तीन प्रमुख सेक्शन होते हैं— परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है और गलत उत्तरों के लिए नियमानुसार नेगेटिव मार्किंग भी लागू होती है। 2026 में भर्ती की स्थिति क्या है? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित अपडेट प्रकाशित किए जा चुके हैं। 15 जुलाई 2026 को रिजर्व लिस्ट से जुड़े अपडेट और 17 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा परिणाम तथा प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित जानकारी जारी हुई थी। इसलिए 11,403 पदों वाली इस भर्ती को अगस्त 2026 में शुरू हुई नई भर्ती बताना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल 2026 में PO/MTs XVI और Specialist Officers XVI जैसी नई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े अपडेट भी उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह अगर आप बैंक क्लर्क भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो किसी वायरल पोस्ट के आधार पर आवेदन करने के बजाय IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें। ध्यान रखें:

Ratlam News: रतलाम में ठेला संचालक से मारपीट और जान से मारने की धमकी, तीन लोगों पर FIR दर्ज

Ratlam News: रतलाम के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पानी-पताशा विक्रेता से गाली-गलौज, दुकान में तोड़फोड़ और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा का ठेला लगाने वाले युवक की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार घटना 2 अगस्त 2026 की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई, फिर दुकान में तोड़फोड़ की गई और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो देखे पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शिकायत 6 अगस्त 2026 को स्टेशन रोड थाने में दर्ज कराई गई। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक (ASI) मुरली मकवाना को सौंपी गई है। क्या है पूरा मामला? एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता मधुरम व्यास घोड़ा चौपाटी स्थित देना बैंक के बाहर पानी-पताशा की दुकान लगाते हैं। उनके अनुसार पास में गन्ने के रस की दुकान लगाने वाले रवि शर्मा से पुरानी रंजिश चल रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 अगस्त की रात रवि शर्मा वहां पहुंचा और कथित रूप से अश्लील गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर गोलु माली और अजय कोम भी मौके पर आ गए। तीनों पर मिलकर गाली-गलौज करने और दुकान की कुर्सियां उठाकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है। मां के पहुंचने पर भी विवाद बढ़ा शिकायतकर्ता के मुताबिक विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपनी मां विष्णुकांता व्यास को फोन कर बुलाया। आरोप है कि मां के मौके पर पहुंचने के बाद भी तीनों आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि रवि शर्मा ने कथित रूप से चाकू लेकर शिकायतकर्ता और उनकी मां को डराया तथा ठेला हटाने की बात कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला? स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की निम्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। पुलिस ने क्या कार्रवाई की? एफआईआर के अनुसार स्टेशन रोड थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अपराध क्रमांक 588/2026 दर्ज किया। जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक मुरली मकवाना को दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

अगस्त में कब मिलेगी Ladli Behna Yojana की अगली किस्त? जानिए भुगतान की संभावित तारीख और जरूरी शर्तें

Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त अगस्त 2026 में कब आ सकती है? जानें संभावित तारीख, DBT, आधार लिंक, e-KYC और भुगतान न रुकने के जरूरी नियम। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की Ladli Behna Yojana से जुड़ी लाखों महिलाओं की नजर अब अगस्त में आने वाली अगली किस्त पर टिकी हुई है। जुलाई में 38वीं किस्त जारी होने के बाद अब लाभार्थी यह जानना चाहती हैं कि 39वीं किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी और कहीं किसी तकनीकी कारण से भुगतान रुक तो नहीं जाएगा। प्रदेश सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि Ladli Behna Yojana की प्रत्येक किस्त का इंतजार बड़ी संख्या में लाभार्थी करती हैं। हालांकि फिलहाल 39वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के आधार पर इसकी संभावित समय-सीमा सामने आई है। यदि आप भी Ladli Behna Yojana की लाभार्थी हैं, तो बैंक खाते की स्थिति, DBT और समग्र e-KYC जैसी जरूरी प्रक्रियाओं की समय रहते जांच करना बेहद आवश्यक है। छोटी सी चूक भी भुगतान में देरी का कारण बन सकती है। अगस्त में कब आ सकती है Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त? अब तक Ladli Behna Yojana की 38 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पिछले कई महीनों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार अधिकांश किस्तें हर महीने की 10 तारीख के आसपास जारी करती रही है। हालांकि त्योहार, प्रशासनिक कार्यक्रम या अन्य कारणों से भुगतान की तारीख में एक-दो दिन का बदलाव भी देखने को मिला है। इसी पैटर्न को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि Ladli Behna Yojana की 39वीं किस्त 10 अगस्त 2026 के आसपास लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। महत्वपूर्ण: अभी तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। भुगतान की तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम मानी जाएगी। किन कारणों से रुक सकता है Ladli Behna Yojana का भुगतान? Ladli Behna Yojana की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए कुछ जरूरी शर्तों का पूरा होना आवश्यक है। भुगतान रुकने के प्रमुख कारण समग्र e-KYC क्यों जरूरी है? सरकार ने Ladli Behna Yojana के लाभार्थियों के लिए समग्र पोर्टल पर e-KYC को अनिवार्य किया है। यदि किसी महिला की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। यह प्रक्रिया नजदीकी CSC सेंटर, ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से पूरी कराई जा सकती है। बैंक खाते में DBT और आधार लिंक जरूर जांचें Ladli Behna Yojana की राशि सीधे खाते में भेजी जाती है। इसलिए लाभार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि— जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा जाकर इन सभी जानकारियों की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा। ऐसे चेक करें Ladli Behna Yojana की किस्त का स्टेटस यदि आप Ladli Behna Yojana की अगली किस्त की स्थिति जानना चाहती हैं, तो ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकती हैं। स्टेटस चेक करने का तरीका क्या करें ताकि अगली किस्त बिना रुकावट मिले? यदि आप Ladli Behna Yojana का लाभ लगातार लेना चाहती हैं, तो समय-समय पर अपने बैंक खाते की स्थिति, आधार लिंकिंग और समग्र e-KYC की जांच जरूर करें। इन प्रक्रियाओं में कोई कमी होने पर उसे जल्द पूरा करा लेना बेहतर होगा ताकि अगली किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

Ratlam News: रतलाम में दिनदहाड़े खौफनाक वारदात: पत्नी की गला रेतकर हत्या, पति मौके से गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी में पति ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से हिरासत में लिया, मामले की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। माणक चौक थाना क्षेत्र के सोनार बावड़ी इलाके में एक पति ने अपनी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। घटना दिनदहाड़े होने से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान 32 वर्षीय रुकैया के रूप में हुई है, जबकि पुलिस ने आरोपी पति 35 वर्षीय असगर अली को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह जानने में जुटी है। परिवार के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंच गए। भाई ने सुनी चीख, कमरे का नजारा देख रह गया सन्न जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे रुकैया की चीख सुनकर उसका बड़ा भाई मुस्तफा पड़ोसियों के साथ घर के अंदर पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में रुकैया बिस्तर पर लहूलुहान अवस्था में पड़ी थी। आरोप है कि उस समय असगर अली उसकी छाती पर बैठकर धारदार हथियार से लगातार गले पर वार कर रहा था। मौजूद लोगों ने आरोपी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह उनकी ओर भी आक्रामक हो गया। इसके बाद लोगों ने तत्काल बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपी को लिया हिरासत में सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में हत्या के कारणों की जांच जारी है। दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रुकैया अपने पीछे दो वर्षीय पुत्र और सात वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। मासूम बच्चों की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। स्थानीय लोग और बोहरा समाज के सदस्य बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। थाना प्रभारी ने क्या कहा? माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और जांच के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

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