Ratlam News: रतलाम में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू, डिवाइडर से टकराकर पलटी; VIDEO में कैद हुआ हादसा

Ratlam News: रतलाम के नामली में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे में पांच लोग घायल हुए, CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के नामली में शनिवार रात एक तेज रफ्तार कार स्पीड ब्रेकर के पास अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार पलट गई और कुछ ही देर में उसमें फ्लेम दिखाई देने लगी। हादसे के दौरान कार में सवार पांचों लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। घटना रात करीब 10.30 बजे नामली के पल्टूना फंटा के पास फोरलेन पर हुई। हादसे का पूरा घटनाक्रम सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, जबकि सभी पांच यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना का CCTV देखे नामली में स्पीड ब्रेकर के पास हुआ हादसा जानकारी के अनुसार कार क्रमांक MP 09 CP 1145 से पांच लोग पीथमपुर से सांवरिया जी दर्शन के लिए निकले थे। कार सचिन सौंधिया चला रहे थे। उनके साथ सोनरजीत यादव, अनुपम केशरवानी, प्रिंस सिंह राजपूत और एक अन्य व्यक्ति सवार था। पल्टूना फंटा के पास फोरलेन से जाने के लिए कट बना हुआ है। इस स्थान पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार की रफ्तार करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। स्पीड ब्रेकर और सड़क पर मौजूद लोगों को देखकर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इसके बाद कार का संतुलन बिगड़ा और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पलटने के बाद कार में दिखी फ्लेम सीसीटीवी फुटेज में कार के डिवाइडर से टकराने और सड़क पर पलटने का घटनाक्रम दिखाई देता है। इसके बाद कार के आसपास फ्लेम नजर आती है। उपलब्ध जानकारी में इसे किसी तरह के ब्लास्ट के रूप में सामने नहीं रखा गया है। आग या फ्लेम किस वजह से दिखाई दी, इसकी स्पष्ट तकनीकी वजह की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार सभी पांच लोग बाहर निकल आए। मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनकी मदद की और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलने पर नामली थाना प्रभारी अमित कोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार सवार पांचों लोगों को नामली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस के अनुसार सभी को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कार को काफी नुकसान हुआ है। चालक सचिन सौंधिया ने पुलिस को बताया कि वह साथियों के साथ पीथमपुर से सांवरिया सेठ दर्शन के लिए जा रहे थे। उनके मुताबिक रास्ते में लोगों को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने के बाद कार अनियंत्रित हो गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के दौरान कार के नीचे कोई व्यक्ति नहीं दबा था। CCTV में रिकॉर्ड हुआ पूरा हादसा फोरलेन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में कार के बेकाबू होने से लेकर डिवाइडर से टकराने और पलटने तक की घटना दिखाई देती है। हादसे के बाद कार सवारों के समय रहते बाहर निकलने से बड़ी जनहानि नहीं हुई। नामली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कार सवारों से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है।

Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। 20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था। मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था। इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा। मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए। 300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की। रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

MP News: लाड़ली बहना योजना पर हाईकोर्ट में याचिका, ₹1500 की किस्त रोकने की मांग; सरकार से 4 हफ्ते में जवाब

MP News: लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। ₹1500 की किस्त रोकने की मांग पर सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर अब मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता को बंद करने की मांग को लेकर ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में सीधे आर्थिक सहायता देने की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। ग्वालियर की सुधा दुबे की ओर से दाखिल याचिका में मांग की गई है कि महिलाओं को हर महीने नकद राशि देने के बजाय रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और वोकेशनल ट्रेनिंग जैसे अवसर उपलब्ध कराने पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  हाईकोर्ट ने सरकार से क्या मांगा? मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। अदालत ने राज्य सरकार से योजना से जुड़े रिकॉर्ड और लाभार्थियों की जानकारी पेश करने को कहा है। सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना है। कोर्ट ने यह जानकारी भी मांगी है कि योजना के तहत कितने हितग्राही हैं और उन्हें कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है।  याचिका में क्या दलील दी गई? याचिकाकर्ता की ओर से योजना के नियमित खर्च और राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय दायित्व को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में तर्क दिया गया है कि महिलाओं को लगातार नकद सहायता देने के बजाय रोजगार, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि रोजगार और कौशल आधारित अवसर महिलाओं को लंबे समय तक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकते हैं। ये याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में रखी गई दलीलें हैं और सरकार का विस्तृत पक्ष अभी सामने आना बाकी है।  करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा लाभ उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले रही हैं और पात्र लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। योजना की बड़ी संख्या में लाभार्थियों को देखते हुए अदालत ने उनके विवरण से संबंधित जानकारी भी मांगी है।  क्या अब ₹1500 की किस्त बंद हो जाएगी? फिलहाल ऐसा नहीं है। हाईकोर्ट ने अभी लाड़ली बहना योजना को बंद करने या महिलाओं को मिलने वाली ₹1500 की मासिक सहायता पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है। अदालत ने सरकार से जवाब और योजना से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। इसलिए केवल जनहित याचिका दायर होने के आधार पर लाभार्थियों की अगली किस्त रुकने की बात कहना सही नहीं होगा।  अब आगे क्या होगा? अब राज्य सरकार को अदालत के नोटिस का जवाब देना है। सरकार योजना की उपयोगिता, लाभार्थियों की संख्या, भुगतान और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं पर अपना पक्ष रखेगी। इसके बाद हाईकोर्ट में मामले की आगे सुनवाई होगी। फिलहाल मामला प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया में है और योजना की वैधता या भुगतान व्यवस्था पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 

Ratlam News: लूनी नदी में डूबे युवक का 24 घंटे बाद मिला शव, डीआरसी टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक भगवान प्रजापत का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। संयुक्त डीआरसी टीम ने किया रेस्क्यू। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम बरडिया राठौर में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया। युवक की पहचान राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा निवासी भगवान लाल उर्फ भगवान प्रजापत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार भगवान प्रजापत पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने मामा के घर बरडिया राठौर आया था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह लूनी नदी में डूब गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और डीआरसी टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार तलाश के बावजूद युवक का पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई में तलाशी अभियान चलाया गया। 24 घंटे बाद नदी की गहराई से बरामद हुआ शव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आलोट, जावरा और रतलाम की संयुक्त डीआरसी टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। डीप डाइव उपकरणों की सहायता से नदी की गहराई में जाकर युवक की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद आज शाम करीब 4:30 बजे टीम को सफलता मिली और भगवान प्रजापत का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की गई। इसके पश्चात मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल आलोट भेजा गया। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था युवक मृतक भगवान प्रजापत, पिता शंभूलाल प्रजापत, राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा गांव का निवासी था। वह अपने मामा सिद्धू प्रजापत और दशरथ प्रजापत के यहां पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बरडिया राठौर आया हुआ था। नदी में डूबने की घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ था। करीब एक दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। संयुक्त टीमों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक अमले के साथ डीआरसी की आलोट, जावरा और रतलाम टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। अभियान में कंपनी कमांडर बद्रीलाल मंडलोई, जितेंद्र गामड़, यस पिंकू, जावरा डीआरसी टीम प्रभारी देवराम चौधरी, पप्पू राव, जिया रहमान, कालू सिंह, आलोट टीम प्रभारी राम भजन, नरेंद्र सेन, रमेश शर्मा, वीरेंद्र सिंह, शाहरुख खान और ओमप्रकाश माली की सराहनीय भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती गर्भवती मिली, मां ने जताई दुष्कर्म की आशंका; अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज

Ratlam News: रतलाम के नामली क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती के गर्भवती होने पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मां की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र के एक गांव में मानसिक स्थिति से परेशान 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती के कई महीनों से पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद युवती की मां ने नामली थाने पहुंचकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, युवती से प्रारंभिक पूछताछ में उसने श्मशान क्षेत्र की ओर घटना होने की बात बताई है। अब पुलिस घटनास्थल और युवती द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। कई बार घर से अकेली निकल जाती थी युवती शिकायत के अनुसार, युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज भी कराया जा चुका है। परिवार में मां के अलावा चार बेटियां और एक बेटा है। युवती कभी-कभी सामान्य बातचीत करती है, लेकिन कई बार बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी। परिजनों ने बताया कि वह कभी श्मशान की ओर तो कभी जंगल की तरफ चली जाती थी। परिवार के सदस्य उसे तलाशकर वापस घर लेकर आते थे। करीब चार से पांच महीने पहले भी युवती घर से चली गई थी। परिजन उसे रात के समय एक गांव से तलाश कर वापस लाए थे। पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर हुआ संदेह मां ने पुलिस को बताया कि युवती के घर लौटने के बाद करीब तीन से चार महीने तक उसका पीरियड नहीं आया। कुछ समय बाद पेट बढ़ा हुआ दिखाई देने पर परिवार को संदेह हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। 16 सितंबर को परिजन युवती को नामली के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। अस्पताल की ओर से पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद युवती की मां उसे लेकर नामली थाने पहुंचीं और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती ने श्मशान की ओर घटना होने की बात बताई पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवती ने श्मशान की ओर उसके साथ घटना होने की बात बताई है। मां ने अपनी शिकायत में अज्ञात व्यक्ति पर गलत काम करने की आशंका जताई है। पुलिस अब युवती के बयान, घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित स्थानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई हत्याकांड का खुलासा, जमीन का हिस्सा नहीं देना पड़ा भारी, पिता-बेटे ने की हत्या

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन विवाद में पिता-बेटे गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में 11 सितंबर को घर के आंगन में मिले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में महिला के काका ससुर बद्दा डामोर और उसके बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन में हिस्से को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय दोनों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सुबह घर के आंगन में मिला था महिला का शव 11 सितंबर की सुबह नयाखेड़ा गांव निवासी अन्नुसिंह डामोर खेत पर काम करने जा रहा था। रोजाना की तरह देवीबाई अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस दिन वह जमीन पर पड़ी हुई मिली। अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो महिला खून से लथपथ थी। उसने तुरंत शिवगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान महिला के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। रिश्ते के देवर पर पुलिस को हुआ संदेह जांच के दौरान पुलिस को महिला के पति के काका के बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पर संदेह हुआ। रिश्ते में वह देवीबाई का देवर लगता था। पुलिस ने पहले बसंतीलाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता बद्दा डामोर से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने देवीबाई की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया। जमीन के हिस्से को लेकर चल रहा था विवाद शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के अनुसार, देवीबाई और बसंतीलाल के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इस मामले की जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी थी। पुलिस के मुताबिक, उस समय देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार तथा समाज के स्तर पर सहमति बनी थी। बसंतीलाल के पिता बद्दा ने कथित रूप से देवीबाई को अपने बेटे के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने की बात पूरी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर महिला और दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद और कहासुनी होती रहती थी। रात करीब 3 बजे घर पहुंचकर किया हमला पुलिस पूछताछ के अनुसार, जमीन विवाद और लगातार हो रही कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई। 11 सितंबर की रात करीब 3 बजे बसंतीलाल और उसका पिता बद्दा देवीबाई के घर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महिला के सोते समय दोनों ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवीबाई की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कई थाना पुलिस और साइबर सेल ने की जांच हत्याकांड के खुलासे में शिवगढ़ थाना पुलिस के साथ रावटी और सरवन थाना पुलिस की टीम की भी भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम ने फिक्की अराइज अवॉर्ड के तीसरे चरण में बनाई जगह

नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया शिक्षक विकास मॉडल रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के फिक्की समर्थित अराइज अवॉर्ड के तीसरे चरण में भाग लेकर विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। विद्यालय की ओर से ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में प्रस्तुतीकरण किया गया। अराइज अवॉर्ड की चयन प्रक्रिया के पहले चरण में देशभर से हजारों विद्यालय शामिल होते हैं। विभिन्न चरणों में चयन के बाद प्रत्येक श्रेणी के शॉर्टलिस्ट किए गए विद्यालयों को अपने कार्यों, नवाचारों और प्रभावी मॉडलों का प्रस्तुतीकरण राष्ट्रीय निर्णायक मंडल के सामने करने का अवसर मिलता है। फिक्की मुख्यालय में हुआ तीसरे चरण का प्रस्तुतीकरण अराइज अवॉर्ड का तीसरा चरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान सांदीपनि विद्यालय विनोबा के ‘स्कूल टीचर प्रोफेशनल डेवलपमेंट मॉडल’ को राष्ट्रीय ग्रैंड जूरी के सामने प्रस्तुत किया गया। विद्यालय के उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए विकसित किए गए ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल की जानकारी निर्णायक मंडल के सामने रखी। प्रस्तुतीकरण के दौरान विद्यालय के शिक्षक विकास मॉडल, उसकी निरंतरता, सीखने की प्रक्रिया और विद्यालय स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव को प्रमुखता से बताया गया। शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास पर विशेष जोर सांदीपनि विद्यालय विनोबा शिक्षक व्यावसायिक विकास के लिए एक विशेष दृष्टिकोण अपना रहा है। इसके अंतर्गत देश और दुनिया के अग्रणी विद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने तथा उनसे सीखने पर जोर दिया जाता है। विद्यालय के मॉडल का उद्देश्य शिक्षकों को बदलती शिक्षा प्रणाली और नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार विकसित होने के लिए तैयार करना है। साथ ही विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां शिक्षक नियमित रूप से सीख सकें, नए प्रयोग कर सकें और अपने शिक्षण अभ्यास को बेहतर बना सकें। नई पीढ़ी के साथ शिक्षकों का विकास भी जरूरी: गजेंद्र सिंह राठौर विद्यालय के उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें सतत व्यावसायिक विकास के माध्यम से टीम विनोबा के शिक्षकों के सीखने, प्रयोग करने और अपने अभ्यास को लगातार बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी रहे। उन्होंने बताया कि विद्यालय अब सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में एआई उपकरणों के एकीकरण की दिशा में अगले चरण पर काम कर रहा है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्व-गति आधारित ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जो उद्यमी सोच को बढ़ावा देगी। विद्यालय की निरंतर विकास यात्रा में ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ के साथ ‘द जेन साह मॉडल’ और ‘ब्रूडिंग इफेक्ट’ जैसे नवाचारों को भी शामिल किया जा रहा है। 26 सितंबर को होगी अवॉर्ड सेरेमनी संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने बताया कि अराइज अवॉर्ड के अंतिम चयन का परिणाम अभी प्रतीक्षित है। पुरस्कार समारोह 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने इस राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया में तीसरे चरण तक पहुंचने को शिक्षकों और विद्यालय की पूरी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

Ratlam News: रतलाम के रावटी में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी, पास में मिला कंकाल

Ratlam News: रतलाम के रावटी थाना क्षेत्र में 13 दिन से लापता युवक सुखराम का क्षत-विक्षत शव मिला। पास में मिले कंकाल और कपड़ों की जांच में पुलिस जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रावटी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक खेत में 13 दिनों से लापता 20 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। शव के कुछ दूरी पर एक कंकाल भी बरामद हुआ है। कंकाल के पास नाबालिग लड़की के कपड़े मिलने से पुलिस की जांच और गंभीर हो गई है। पुलिस के अनुसार, कंकाल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। कपड़ों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि यह उसी नाबालिग लड़की का हो सकता है, जो 1 सितंबर को युवक के साथ लापता हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खेत में घास काटने गई महिला को मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, रविवार को सेमलखेड़ी निवासी कुसुम पत्नी शंकर गणावा खेत में घास काटने गई थीं। इसी दौरान उन्हें खेत से तेज बदबू आने का एहसास हुआ। पास जाकर देखने पर उन्होंने एक युवक का शव पड़ा देखा। इसके बाद कुसुम ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। शाम करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली, लेकिन बारिश के कारण पुलिस रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंच सकी। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव के आसपास का क्षेत्र सुरक्षित किया और जांच शुरू की। इसी दौरान पास में एक कंकाल भी मिला। कपड़ों से हुई युवक की पहचान प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 20 वर्षीय सुखराम पुत्र रमश गणावा, निवासी ग्राम सेमलखेड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों के आधार पर की गई। शव काफी क्षत-विक्षत हालत में मिला था। प्रारंभिक तौर पर पुलिस को आशंका है कि लंबे समय तक पड़े रहने के कारण जानवरों ने शव को नुकसान पहुंचाया होगा। शव के पास जहर की एक डिब्बी मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है। 13 दिनों से लापता थी नाबालिग लड़की मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पास मिले कंकाल के साथ बरामद कपड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि ये कपड़े उस नाबालिग लड़की से संबंधित हो सकते हैं, जिसकी गुमशुदगी 1 सितंबर को रावटी थाने में दर्ज कराई गई थी। नाबालिग के परिवार ने युवक पर बेटी को अपने साथ ले जाने का संदेह जताया था। अब युवक का शव मिलने और पास में कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। हालांकि, कंकाल की वास्तविक पहचान बिना वैज्ञानिक जांच के स्पष्ट नहीं होगी। पुलिस डीएनए परीक्षण और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है। मेडिकल कॉलेज में दोनों पक्षों के बीच विवाद सोमवार दोपहर दोनों मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई और पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच जारी रखी। पुलिस और एफएसएल टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। डॉक्टर अतुल मित्तल सहित संबंधित अधिकारियों ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस दोनों परिवारों के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। युवक और नाबालिग लड़की के लापता होने की परिस्थितियों, उनके बीच संबंधों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। रावटी थाना प्रभारी ने क्या कहा? रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया ने बताया कि युवक का शव और एक कंकाल पास-पास मिले हैं। नाबालिग के परिजनों ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि युवक की पहचान हो चुकी है, जबकि कंकाल की पहचान अभी बाकी है। मामले की जांच जारी है और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस के सामने कई सवाल इस घटना ने पुलिस जांच के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, नाबालिग लड़की का कंकाल से कोई संबंध है या नहीं और दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं या नहीं—इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और डीएनए परीक्षण के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की संभावना है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का शव घर के बरामदे में मिला, सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव खून से लथपथ मिला। पुलिस ने हत्या की आशंका जताकर जांच शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। नयाखेड़ा गांव में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव उसके घर के बरामदे में जमीन पर पड़ा मिला। महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान दिखाई दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो देखे मृतका की पहचान देवीबाई पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर, निवासी नयाखेड़ा के रूप में हुई है। खेत पर जा रहे ग्रामीण ने देखा शव शुक्रवार सुबह गांव का अन्नुसिंह रोज की तरह खेत पर काम करने जा रहा था। रास्ते में देवीबाई के घर के सामने से गुजरते समय उसकी नजर बरामदे में पड़ी महिला पर गई। देवीबाई सामान्यत: बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस सुबह वह जमीन पर पड़ी हुई दिखाई दी। पास जाकर देखने पर अन्नुसिंह ने महिला को खून से लथपथ पाया। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। ग्रामीण ने तुरंत इसकी जानकारी देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की सूचना मिलने के बाद शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना, सब इंस्पेक्टर प्रतापसिंह भदौरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम से एएसपी राकेश पंद्रों और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। रावटी और सरवन थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। धारदार हथियार से चोट के निशान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने जैसे चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर जमीन पर खून बिखरा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका है। महिला की मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। पुलिस जुटा रही है घटना से जुड़े सुराग फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

संत कमल किशोर नागर को धमकी से आक्रोश, रतलाम नागर समाज ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम में पूज्य संत श्री कमल किशोर जी नागर को कथा के दौरान प्राप्त हुए धमकी भरे पत्र के मामले ने नागर ब्राह्मण समाज में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्य के गृह मंत्री के नाम पुलिस अधीक्षक रतलाम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। नागर ब्राह्मण समाज रतलाम का कहना है कि संत कमल किशोर नागर मालवा क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़े प्रतिष्ठित संत हैं। ऐसे में उन्हें धमकी मिलना गंभीर विषय है और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद ज्ञापन नागर ब्राह्मण समाज रतलाम के अध्यक्ष जितेंद्र नागर, रतलाम नागर ब्राह्मण न्यास के अध्यक्ष संजय दवे और नागर महिला मंडल की अध्यक्षा मीनाक्षी रावल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने संत को प्राप्त धमकी भरे पत्र की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पुलिस और प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं— गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित हैं संत समाज के सदस्यों ने कहा कि संत श्री कमल किशोर नागर लंबे समय से गौसेवा, धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके धार्मिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए समाज उन्हें मालवा क्षेत्र का गौरव मानता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी संत या सामाजिक-धार्मिक व्यक्तित्व को धमकी मिलना चिंताजनक स्थिति है। इसलिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

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