Ratlam News: रतलाम जिला अस्पताल में डॉक्टर पर हमला: बच्ची के फ्रैक्चर का कारण पूछते ही थप्पड़ और मारपीट

रतलाम जिला अस्पताल में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिया पर मरीज के परिजन ने हमला कर दिया। डॉक्टर से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिला अस्पताल में शुक्रवार को एक गंभीर घटना सामने आई, जहां इलाज के दौरान बच्ची के फ्रैक्चर का सही कारण पूछना डॉक्टर को भारी पड़ गया। परिजन ने डॉक्टर के साथ न केवल अभद्रता की बल्कि थप्पड़ मारकर मारपीट भी की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो देखे रतलाम जिला अस्पताल में डॉक्टर पर हमला कैसे हुआ? जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी में ड्यूटी पर तैनात अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भूरिया के पास शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे चिंगीपुरा निवासी आसिफ पुत्र रशीद अपनी घायल बेटी को इलाज के लिए लेकर पहुंचा। आसिफ ने डॉक्टर को बताया कि उसकी पत्नी बच्ची के कपड़े बदल रही थी, उसी दौरान उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस पर डॉक्टर ने चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर कहा कि केवल कपड़े बदलने से फ्रैक्चर होना संभव नहीं लगता और चोट का वास्तविक कारण बताया जाए। बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने डॉक्टर के साथ बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ों से हमला कर दिया। आरोप है कि उसने डॉक्टर की नाक और गाल पर नाखून मारकर खरोंच भी पहुंचाई। बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारियों को भी दी धमकी मारपीट की घटना देखकर ड्रेसर धर्मेंद्र चौधरी और चुन्नीलाल यादव बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी धमकाते हुए जान से मारने की बात कही। शोर सुनकर अन्य डॉक्टर और अस्पताल कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के दौरान कुछ देर तक ओपीडी में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और मरीजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। डॉक्टरों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग घटना के बाद बड़ी संख्या में डॉक्टर स्टेशन रोड थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सिविल सर्जन डॉ. एपी सिंह ने भी पुलिस को लिखित शिकायत भेजी। शिकायत के आधार पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ मध्यप्रदेश चिकित्सक एवं चिकित्सा से संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा अधिनियम, 2008 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस का बयान थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह जादौन ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर आरोपी आसिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। डॉक्टरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए मध्यप्रदेश में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून लागू है, जिसके तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

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