Ratlam News: रतलाम में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का माल जब्त

Ratlam News: रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया। 4 आरोपी गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का मश्रुका जब्त। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में महू-नीमच हाईवे पर ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने वाले गिरोह का नामली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े सात अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों पर हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों की तिरपाल काटकर लहसुन और सरसों की बोरियां चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कृषि उपज, बिना नंबर की मोटरसाइकिलें, अवैध हथियार और कच्ची शराब समेत कुल करीब 8 लाख 59 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया है। वीडियो देखे पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। स्पीड ब्रेकर, घाटी या अन्य स्थानों पर धीमे होने वाले ट्रकों को चिन्हित कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। नामली पुलिस की कार्रवाई से गिरोह का खुलासा हाईवे पर लगातार ट्रकों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पान्द्रो, प्रभारी एसडीओपी अजय सारवान के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा तकनीकी सहायता और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। खेत के मकान के पीछे छिपे थे संदिग्ध 16 सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति धर्मेंद्र बापू के खेत पर बने मकान के पीछे रुके हुए हैं। सूचना मिलते ही नामली पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान अमन कंजर, राहुल कंजर और निखिल कंजर को मौके से पकड़ा गया। अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश कंजर, चिंटू कंजर और अमित कंजर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और प्लास्टिक की केनों में भरी करीब 30 लीटर कच्ची हाथ भट्टी की शराब जब्त की। तलाशी के दौरान आरोपी अमन सिसोदिया के पास से 32 बोर का पिस्टलनुमा देशी कट्टा, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इस मामले में नामली थाने पर आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आई ट्रकों से चोरी की वारदातें पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने की वारदातों का खुलासा किया। आरोपियों ने करीब 20 से 25 दिन पहले एक ट्रक से तिरपाल काटकर 14 कट्टे लहसुन चोरी करना स्वीकार किया। इसके अलावा करीब चार दिन पहले एक अन्य ट्रक से 13 कट्टे सरसों चोरी करने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई लहसुन और सरसों की बोरियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस तरह वारदात को देते थे अंजाम पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य तीन-तीन लोगों की टीम बनाकर चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। तिरपाल से ढके ट्रकों की पहचान करने के बाद उनकी निगरानी की जाती थी। खासतौर पर स्पीड ब्रेकर, घाटी और ऐसे स्थानों को चुना जाता था जहां ट्रकों की रफ्तार कम हो जाती है। ट्रक के धीमे होते ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा आरोपी रस्सी की मदद से ट्रक के ऊपर चढ़ जाता था। इसके बाद वह तिरपाल काटकर ट्रक में भरी कृषि उपज को सड़क किनारे नीचे गिरा देता था। पीछे चल रहे साथी मोटरसाइकिल से नीचे गिराई गई कृषि उपज को समेटकर ले जाते थे। चोरी का सामान हाईवे से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने मकान में छिपाकर रखा जाता था। आवश्यकता के अनुसार वहां से कृषि उपज निकालकर बेचने या ठिकाने लगाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। चार आरोपी गिरफ्तार, सात की तलाश जारी नामली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन पिता दीपू सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी उखेड़िया; राहुल पिता गोरिया हाड़ा, उम्र 30 वर्ष, निवासी उखेड़िया; निखिल पिता बबलू हाड़ा, उम्र 23 वर्ष, निवासी उखेड़िया और सोनू पिता राजेंद्र सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी मेवासा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अनीश हाड़ा, चिंटू हाड़ा, अमित हाड़ा, अभिषेक सिसोदिया, आशीष चौहान, राजकुमार राणावत और धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया फिलहाल फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। 8.59 लाख रुपए का मश्रुका जब्त पुलिस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है: कुल जब्त मश्रुका की कीमत करीब 8 लाख 59 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नामली अमित कोरी, थाना प्रभारी जावरा शहर दीपक मंडलोई, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, केके पटेल, सहायक उपनिरीक्षक जुगलकिशोर रावत, राजेंद्र जगताप सहित नामली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश के साथ-साथ अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई हत्याकांड का खुलासा, जमीन का हिस्सा नहीं देना पड़ा भारी, पिता-बेटे ने की हत्या

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। जमीन विवाद में पिता-बेटे गिरफ्तार। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में 11 सितंबर को घर के आंगन में मिले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई डामोर के शव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में महिला के काका ससुर बद्दा डामोर और उसके बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन में हिस्से को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय दोनों ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सुबह घर के आंगन में मिला था महिला का शव 11 सितंबर की सुबह नयाखेड़ा गांव निवासी अन्नुसिंह डामोर खेत पर काम करने जा रहा था। रोजाना की तरह देवीबाई अपने घर के बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस दिन वह जमीन पर पड़ी हुई मिली। अन्नुसिंह ने पास जाकर देखा तो महिला खून से लथपथ थी। उसने तुरंत शिवगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान महिला के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान मिले। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के खुलासे के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। रिश्ते के देवर पर पुलिस को हुआ संदेह जांच के दौरान पुलिस को महिला के पति के काका के बेटे बसंतीलाल उर्फ गुड्डा पर संदेह हुआ। रिश्ते में वह देवीबाई का देवर लगता था। पुलिस ने पहले बसंतीलाल से पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता बद्दा डामोर से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने देवीबाई की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया। जमीन के हिस्से को लेकर चल रहा था विवाद शिवगढ़ थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के अनुसार, देवीबाई और बसंतीलाल के बीच वर्ष 2017 से संबंध थे। इस मामले की जानकारी परिवार और समाज के लोगों को भी थी। पुलिस के मुताबिक, उस समय देवीबाई के रहने, भरण-पोषण और संपत्ति में हिस्से को लेकर परिवार तथा समाज के स्तर पर सहमति बनी थी। बसंतीलाल के पिता बद्दा ने कथित रूप से देवीबाई को अपने बेटे के साथ रखने, परिवार की जमीन में आधा हिस्सा देने, बच्चों के भरण-पोषण और रहने के लिए मकान उपलब्ध कराने की बात कही थी। बाद में देवीबाई के रहने के लिए मकान बना दिया गया, लेकिन जमीन में आधा हिस्सा देने की बात पूरी नहीं हुई। इसी मुद्दे को लेकर महिला और दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद और कहासुनी होती रहती थी। रात करीब 3 बजे घर पहुंचकर किया हमला पुलिस पूछताछ के अनुसार, जमीन विवाद और लगातार हो रही कहासुनी के बाद दोनों आरोपियों ने देवीबाई की हत्या की योजना बनाई। 11 सितंबर की रात करीब 3 बजे बसंतीलाल और उसका पिता बद्दा देवीबाई के घर पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महिला के सोते समय दोनों ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण देवीबाई की मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कई थाना पुलिस और साइबर सेल ने की जांच हत्याकांड के खुलासे में शिवगढ़ थाना पुलिस के साथ रावटी और सरवन थाना पुलिस की टीम की भी भूमिका रही। इसके अलावा साइबर सेल और अन्य पुलिस अधिकारियों ने जांच में सहयोग किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Ratlam News: आधी रात शहर सराय की सड़क से फूटा पानी, पाइपलाइन लीकेज से सड़क का हिस्सा उठा

Ratlam News: रतलाम के शहर सराय में आधी रात सड़क से तेज बहाव के साथ पानी निकलने लगा। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से सड़क का हिस्सा ऊपर उठा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के शहर सराय इलाके में गुरुवार रात करीब 12 बजे अचानक सड़क से पानी निकलने लगा। कुछ ही देर में पानी का बहाव तेज हो गया और आसपास के लोगों में हलचल मच गई। जमीन के भीतर से पानी निकलता देख रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हाट चौकी पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सड़क पर बेरिकेडिंग कराई और नगर निगम को भी जानकारी दी। शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि ढोलावाड़ से शहर में पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज हुआ था। घटना का वीडियो देखे पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट ऊपर उठ गया। कुछ समय तक सड़क से पानी निकलने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सड़क से अचानक निकलने लगा पानी रात करीब 12 बजे शहर सराय क्षेत्र में लोगों ने सड़क से पानी बाहर निकलते देखा। शुरुआत में पानी का बहाव सामान्य नजर आया, लेकिन कुछ ही देर में इसकी रफ्तार बढ़ गई। पास में मौजूद एक अन्य नाली से भी जमीन के अंदर का पानी रास्ता बनाकर बाहर आने लगा। सड़क से इस तरह पानी निकलने की घटना को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की बेरिकेडिंग सूचना मिलने के बाद हाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क के प्रभावित हिस्से के आसपास बेरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को सुरक्षित किया। स्थिति को देखते हुए नगर निगम को भी सूचना दी गई, ताकि पानी के स्रोत का पता लगाकर समस्या को नियंत्रित किया जा सके। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में मिला लीकेज जांच के बाद पता चला कि ढोलावाड़ से पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकल रहा था। पानी के दबाव का असर सड़क पर भी दिखाई दिया। सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट तक ऊपर उठ गया, जिससे सड़क की सतह पर भी इसका असर नजर आया। मोटर बंद होने के बाद रुका पानी रात करीब एक बजे कर्मचारियों ने मोटर बंद की। इसके बाद पाइपलाइन से निकल रहा पानी धीरे-धीरे रुक गया और क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। घटना के दौरान किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक सड़क से पानी निकलने के कारण कुछ समय के लिए लोगों के बीच जरूर अफरा-तफरी रही। शहर सराय में कुछ देर बनी रही स्थिति शहर सराय में हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान खींच लिया। सड़क के नीचे से तेज दबाव के साथ पानी निकलने और सड़क का हिस्सा ऊपर उठने से लोग कारण जानने के लिए मौके पर पहुंचते रहे। मोटर बंद होने के बाद पानी का बहाव रुक गया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।

Ratlam News: रतलाम में युवक की संदिग्ध हत्या से सनसनी, नाले में मिला शव; पत्नी की तलाश तेज

Ratlam News: रतलाम के बोरदा गांव में 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिला। पैर रस्सी से बंधे थे और शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के बोरदा गांव में एक 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवक के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और सिर, गाल व गर्दन पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने मामले को संदिग्ध हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान भीमा पुत्र मनोहर चरपोटा के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर घर से लापता होने के बाद बुधवार सुबह उसका शव गांव के पास नाले में मिला। घटना के बाद मृतक की पत्नी ललिता भी घर से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नाले में मिला रस्सी से बंधा शव परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच भीमा घर से लापता हो गया था। शाम को उसके काका ने पत्नी ललिता से भीमा के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह दानपुर गया है। रात करीब 9 बजे दोबारा पूछताछ करने पर ललिता ने बताया कि भीमा अभी वापस नहीं आया है। अगले दिन सुबह गांव के सवजी मईडा ने भीमा के काका को उसके घर के पास से निकलने वाले नाले में शव पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर भीमा चित अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर, गाल और गर्दन पर चोट के निशान थे। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शव के बाएं हाथ का कुछ हिस्सा भी अज्ञात जानवर द्वारा खाए जाने की बात सामने आई है। घर में मिले खून के निशान, कुल्हाड़ी भी बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया और बेड़दा चौकी प्रभारी एसआई जगदीश सिंह तोमर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे मिले। इन निशानों को गोबर से लीपकर मिटाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। पलंग पर भी खून के निशान मिले हैं। घर के पास रखे ढालिये में पुलिस को एक कुल्हाड़ी मिली, जिस पर खून लगा हुआ था। इसके अलावा घर के आसपास शव को घसीटे जाने के निशान भी मिले हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पत्नी के लापता होने से बढ़ा संदेह भीमा का शव मिलने के बाद उसकी पत्नी ललिता के घर से चले जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, मंगलवार को ललिता कुछ समय तक स्वजनों के साथ भीमा को आसपास तलाशती रही थी। इसके बाद वह घर लौट गई। बाद में जब परिजन नाले में भीमा का शव देखकर रोते हुए घर पहुंचे, तो ललिता उनके रोने की आवाज सुनकर घर से चली गई। इसके बाद से उसका पता नहीं चला है। पुलिस ने परिस्थितियों के आधार पर पत्नी की भूमिका की भी जांच शुरू की है। हालांकि, अभी हत्या के कारण और वारदात में किसकी भूमिका थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राकेश पंद्रो और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के अनुसार भीमा की पत्नी पर हत्या में संलिप्तता की आशंका के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पत्नी के मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। दो बच्चों के पिता थे भीमा मृतक भीमा के दो बच्चे हैं। घटना के समय एक बच्चा स्कूल गया हुआ था, जबकि बड़ी बेटी को ललिता ने खेत में बंदरों को भगाने के लिए भेजा था। इस वजह से घटना के दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था और वारदात किस परिस्थिति में हुई, यह पुलिस जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।

Ratlam News: हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत कांड: 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया पुलिसकर्मी, कोर्ट ने भेजा जेल

रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाने के हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते राजस्थान ACB ने गिरफ्तार किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। जानिए पूरा मामला। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम पुलिस के औद्योगिक क्षेत्र थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने जेल भेज दिया है। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सोमवार रात भीलवाड़ा के एक होटल में उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई ने जमीन धोखाधड़ी के आरोपी मोहम्मद लियाकत (70) से पूछताछ के दौरान मारपीट नहीं करने और जांच में राहत देने के बदले 1 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले ही 10 हजार रुपए की पहली किस्त दे चुका था। इसके बाद सोमवार को भीलवाड़ा के एक होटल में 50 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते समय राजस्थान ACB की टीम ने तपेश गोसाई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर आरोपी को लेकर भीलवाड़ा पहुंची थी रतलाम पुलिस धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार मोहम्मद लियाकत को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद रतलाम पुलिस की टीम 28 जून को उसे लेकर भीलवाड़ा गई थी। टीम में ASI कैलाश सैनी, हेड कॉन्स्टेबल तपेश गोसाई और एक अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम भीलवाड़ा के एक होटल में रुकी हुई थी। इसी दौरान लियाकत के परिजनों से रिश्वत लेते समय ACB ने जाल बिछाकर तपेश गोसाई को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस टीम आरोपी लियाकत को वापस रतलाम ले आई। जानिए क्या था जमीन धोखाधड़ी का मामला यह मामला रतलाम के व्यापारी रतन जांगिड़ की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद लियाकत ने रतलाम स्थित बंद पड़ी एक ऑयल मिल और उससे जुड़ी जमीन का 11 करोड़ 10 लाख रुपए में सौदा कराने का दावा किया था। आरोप है कि लियाकत ने 25 लाख 76 हजार रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए, लेकिन न तो जमीन का अनुबंध कराया और न ही वास्तविक मालिक से मुलाकात कराई। शिकायत के आधार पर रतलाम पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस विभाग में बढ़ी हलचल राजस्थान में रतलाम पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आरोपी पुलिसकर्मी पर निलंबन की कार्रवाई जल्द हो सकती है।

ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार

लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी। सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तलाशी ली, जांच में मामला फर्जी निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक की हरकत से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी गई। सीट नहीं मिलने पर फैलाई बम की अफवाह पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना निवासी 26 वर्षीय युवक ट्रेन से सफर करने के लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा था। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर उसने ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना फैला दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी डिब्बों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। यात्रियों में मची अफरा-तफरी बम की सूचना फैलते ही यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों को एहतियात के तौर पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन परिसर और ट्रेन के प्रत्येक कोच की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली जांच के बाद भी किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे के लिए रवाना कर दिया। पूछताछ में सामने आई सच्चाई जांच के दौरान पुलिस ने सूचना देने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सीट नहीं मिलने के कारण उसने गुस्से में आकर बम की झूठी सूचना दी थी। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम जैसी झूठी सूचनाएं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और आपातकालीन संसाधनों का अनावश्यक उपयोग करवाती हैं। इससे यात्रियों में भय का माहौल बनता है और प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी केवल सत्यापित आधार पर ही संबंधित एजेंसियों को दें।

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