ट्रेन में सीट नहीं मिली तो युवक ने फैलाई बम की अफवाह, रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप; जांच के बाद गिरफ्तार

लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना फैला दी। सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तलाशी ली, जांच में मामला फर्जी निकला। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक की हरकत से रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन में सीट नहीं मिलने से नाराज युवक ने ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई और ट्रेन की सघन जांच शुरू कर दी गई। सीट नहीं मिलने पर फैलाई बम की अफवाह पुलिस के मुताबिक, तेलंगाना निवासी 26 वर्षीय युवक ट्रेन से सफर करने के लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा था। ट्रेन में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उसे सीट नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर उसने ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना फैला दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल ट्रेन को रोककर सभी डिब्बों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। यात्रियों में मची अफरा-तफरी बम की सूचना फैलते ही यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों को एहतियात के तौर पर ट्रेन से नीचे उतारा गया। स्टेशन परिसर और ट्रेन के प्रत्येक कोच की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली जांच के बाद भी किसी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित कर आगे के लिए रवाना कर दिया। पूछताछ में सामने आई सच्चाई जांच के दौरान पुलिस ने सूचना देने वाले युवक की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि सीट नहीं मिलने के कारण उसने गुस्से में आकर बम की झूठी सूचना दी थी। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने दी चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बम जैसी झूठी सूचनाएं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करती हैं और आपातकालीन संसाधनों का अनावश्यक उपयोग करवाती हैं। इससे यात्रियों में भय का माहौल बनता है और प्रशासन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी केवल सत्यापित आधार पर ही संबंधित एजेंसियों को दें।