Ratlam News: रतलाम में युवक की संदिग्ध हत्या से सनसनी, नाले में मिला शव; पत्नी की तलाश तेज

Ratlam News: रतलाम के बोरदा गांव में 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिला। पैर रस्सी से बंधे थे और शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के बोरदा गांव में एक 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवक के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और सिर, गाल व गर्दन पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने मामले को संदिग्ध हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान भीमा पुत्र मनोहर चरपोटा के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर घर से लापता होने के बाद बुधवार सुबह उसका शव गांव के पास नाले में मिला। घटना के बाद मृतक की पत्नी ललिता भी घर से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नाले में मिला रस्सी से बंधा शव परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच भीमा घर से लापता हो गया था। शाम को उसके काका ने पत्नी ललिता से भीमा के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह दानपुर गया है। रात करीब 9 बजे दोबारा पूछताछ करने पर ललिता ने बताया कि भीमा अभी वापस नहीं आया है। अगले दिन सुबह गांव के सवजी मईडा ने भीमा के काका को उसके घर के पास से निकलने वाले नाले में शव पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर भीमा चित अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर, गाल और गर्दन पर चोट के निशान थे। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शव के बाएं हाथ का कुछ हिस्सा भी अज्ञात जानवर द्वारा खाए जाने की बात सामने आई है। घर में मिले खून के निशान, कुल्हाड़ी भी बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया और बेड़दा चौकी प्रभारी एसआई जगदीश सिंह तोमर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे मिले। इन निशानों को गोबर से लीपकर मिटाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। पलंग पर भी खून के निशान मिले हैं। घर के पास रखे ढालिये में पुलिस को एक कुल्हाड़ी मिली, जिस पर खून लगा हुआ था। इसके अलावा घर के आसपास शव को घसीटे जाने के निशान भी मिले हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पत्नी के लापता होने से बढ़ा संदेह भीमा का शव मिलने के बाद उसकी पत्नी ललिता के घर से चले जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, मंगलवार को ललिता कुछ समय तक स्वजनों के साथ भीमा को आसपास तलाशती रही थी। इसके बाद वह घर लौट गई। बाद में जब परिजन नाले में भीमा का शव देखकर रोते हुए घर पहुंचे, तो ललिता उनके रोने की आवाज सुनकर घर से चली गई। इसके बाद से उसका पता नहीं चला है। पुलिस ने परिस्थितियों के आधार पर पत्नी की भूमिका की भी जांच शुरू की है। हालांकि, अभी हत्या के कारण और वारदात में किसकी भूमिका थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राकेश पंद्रो और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के अनुसार भीमा की पत्नी पर हत्या में संलिप्तता की आशंका के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पत्नी के मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। दो बच्चों के पिता थे भीमा मृतक भीमा के दो बच्चे हैं। घटना के समय एक बच्चा स्कूल गया हुआ था, जबकि बड़ी बेटी को ललिता ने खेत में बंदरों को भगाने के लिए भेजा था। इस वजह से घटना के दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था और वारदात किस परिस्थिति में हुई, यह पुलिस जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।

Ratlam News: रतलाम में क्रेटा कार से 73.72 लाख रुपये बरामद, बोरे में मिली नकदी

Ratlam News: रतलाम के नामली में पुलिस ने बिना नंबर की क्रेटा कार से 73 लाख 72 हजार 500 रुपये बरामद किए। नकदी के स्रोत और दस्तावेजों की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नामली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम पुलिस की चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से मामला चर्चा में आ गया। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने बिना नंबर की सफेद क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली। कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की कई गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी होने पर कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये सामने आए। रकम में 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। नोटों की गिनती के लिए नामली के सराफा व्यापारियों से दो मशीनें मंगवाई गई थीं। मामले की सूचना मिलने के बाद एएसपी राकेश पंद्रो भी नामली थाने पहुंचे। पुलिस ने कार और नकदी को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब मुख्य सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने रोकी बिना नंबर की कार शनिवार शाम नामली पुलिस पंचेड़ फंटे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद रंग की क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की गड्डियां मिलीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और पूरी रकम की गिनती कराई। मशीनों से हुई नोटों की गिनती रकम काफी अधिक होने के कारण सामान्य तरीके से गिनती में समय लग सकता था। इसके लिए नामली के सराफा कारोबारियों से दो नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गईं। थाना प्रभारी के चैंबर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नकदी की गिनती की गई। गिनती पूरी होने के बाद रकम ₹73,72,500 निकली। एक नजर में पूरा मामला युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही पुलिस पूछताछ में युवक ने खुद को कृषक बताया है। उसके अनुसार, वह जमीन बेचकर मिली रकम लेकर आया था। वह किसी काम से रतलाम गया था, लेकिन काम नहीं होने पर रकम लेकर उमठ पालिया स्थित अपने घर लौट रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब उसके दावे से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। वकील का दावा—सोना खरीदने गया था युवक मामले में युवक की पहचान मीजान पुत्र रईस खां के रूप में सामने आई है। उसकी ओर से जावरा के अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिसोदिया भी थाने पहुंचे। अधिवक्ता के मुताबिक, मीजान अपनी कार से रतलाम सोना खरीदने गया था। खरीदारी नहीं होने पर वह वापस उमठ पालिया लौट रहा था। वकील ने यह भी बताया कि मीजान और उसके पिता कृषक हैं तथा जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करते हैं। अधिवक्ता के अनुसार, कार से मिली रकम से संबंधित हिसाब-किताब मौजूद है और परिवार आयकर भी भरता है। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस जमीन की बिक्री, नकदी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस कर रही नकदी के स्रोत की जांच पुलिस का पूरा फोकस फिलहाल बरामद रकम के स्रोत और उसके दस्तावेजी आधार पर है। जमीन बिक्री से जुड़ी जानकारी, नकदी के लेन-देन और युवक द्वारा बताए गए कारणों का सत्यापन किया जा रहा है। एएसपी राकेश पंद्रो के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी हो चुकी है और कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये मिले हैं। युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही है। अब संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

Ratlam News: रतलाम में 5.5 करोड़ की सराफा लूट का खुलासा, 48 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई 5.5 करोड़ की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, सोने-चांदी के जेवर बरामद। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, जबकि चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम बरामद हुए हैं। डिब्बों सहित बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है। वीडियो देखे इस पूरे मामले में पुलिस ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच के संयुक्त प्रयास से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। बस में व्यापारी से छीना था जेवरों से भरा बैग पुलिस के अनुसार, रतलाम निवासी अर्पित चोरड़िया सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को अर्पित बड़नगर में व्यापारिक काम से गए थे। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषण देने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस जब हनुमान चौकी और उमरथाना फंटा क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बड़नगर से बस में सवार दो लोग व्यापारी के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया। अर्पित ने बैग पकड़कर विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी बैग छीनकर बस से फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे। 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। जांच टीमों ने 300 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा बस चालक, परिचालक और क्लीनर सहित अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। सायबर सेल ने मोबाइल और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी पुलिस को 15 अगस्त को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर के मार्गदर्शन में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने काम किया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, बिलपांक थाना, डीएसबी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत रतलाम पुलिस ने मामले का तेजी से खुलासा करने वाली टीम की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मामले में आगे क्या? पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार बताए गए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पूरी योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

पटियाला में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल का हमला, महिला की प्लास्टिक सर्जरी

पटियाला के घुम्मण नगर में घर देखने पहुंचे दंपति पर पिटबुल ने हमला कर दिया। महिला गंभीर घायल हुई, अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी की गई। पटियाला- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। पंजाब के पटियाला में घर देखने पहुंचे एक दंपति पर पालतू पिटबुल के हमले का मामला सामने आया है। घटना घुम्मण नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां एक रियल एस्टेट डीलर के साथ घर देखने पहुंचे दंपति पर परिसर में मौजूद कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। गेट खुलते ही पिटबुल महिला की तरफ झपटा और उसे कई जगह काट लिया। महिला को बचाने के लिए उसके पति ने हस्तक्षेप किया तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह दंपति को बचाने की कोशिश की। हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसकी प्लास्टिक सर्जरी भी की गई। डोरबेल बजाने के बाद हुआ हमला मिली जानकारी के अनुसार, दंपति एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मकान देखने पहुंचा था। घर के बाहर पहुंचने के बाद डोरबेल बजाई गई। इसके बाद जैसे ही गेट खोला गया, परिसर में मौजूद पिटबुल अचानक बाहर की ओर दौड़ा। कुत्ते ने महिला को अपना निशाना बनाया और उस पर हमला कर दिया। महिला को बचाने के प्रयास में उसके पति को भी कुत्ते ने काट लिया। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को बचाया। महिला को आईं गंभीर चोटें, हुई प्लास्टिक सर्जरी पिटबुल के हमले में महिला के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। वायरल हो रही घटना की फुटेज में महिला खून से लथपथ नजर आ रही है। घटना के बाद महिला और उसके पति को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। महिला की चोटें गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसकी प्लास्टिक सर्जरी की। पति को भी हमले में चोटें आई हैं और उनका भी उपचार कराया गया। CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल घटना से जुड़ी CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। फुटेज में घर के परिसर में दंपति के साथ हुई घटना दिखाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद पालतू कुत्तों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मौजूदगी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसी घटनाओं में पालतू जानवरों को नियंत्रित रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अहम हो जाती है। घटना के बाद इलाके में चिंता पिटबुल के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। खासकर उन लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं जो मकान देखने या किसी अन्य काम से निजी परिसरों में जाते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घटना से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही की जा सकेगी।

IBPS Clerk भर्ती की 11,403 वैकेंसी को लेकर बड़ा अपडेट, आवेदन की तारीख और परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी

IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानिए आवेदन, योग्यता, फीस, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर जानकारी तेजी से सामने आ रही है। हालांकि, इस भर्ती से जुड़ी तारीखों को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है। आधिकारिक IBPS रिकॉर्ड के अनुसार 11,403 Customer Service Associate पदों वाली CRP-CSA XV भर्ती का नोटिफिकेशन 1 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके लिए शुरुआती आवेदन अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक थी। बाद में IBPS ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 28 अगस्त 2025 कर दी थी। इसलिए 9 अगस्त 2026 की स्थिति में इस पुरानी भर्ती को नई आवेदन प्रक्रिया बताकर आवेदन करने की जानकारी देना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से जुड़े अपडेट उपलब्ध हैं। 11,403 पदों वाली भर्ती किस पद के लिए थी? IBPS की यह भर्ती Customer Service Associate (CSA) पद के लिए थी, जिसे आमतौर पर बैंक क्लर्क भर्ती के रूप में जाना जाता है। इस भर्ती के जरिए भाग लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में Customer Service Associate पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना था। IBPS ने इसे CRP-CSA XV नाम दिया था। भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिक्तियां निर्धारित की गई थीं। हालांकि, रिक्तियों की संख्या को IBPS ने समय-समय पर अपडेट भी किया था। आधिकारिक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया था कि वैकेंसी संख्या संबंधित बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी। आवेदन की तारीख को लेकर न करें गलती पुराने नोटिफिकेशन में आवेदन की शुरुआती अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 निर्धारित थी। बाद में IBPS ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 28 अगस्त 2025 तक बढ़ाई थी। इसका मतलब है कि इस भर्ती के लिए अब नया आवेदन नहीं किया जा सकता। उम्मीदवारों को किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए पुराने आवेदन लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फीस जमा करने से पहले आधिकारिक IBPS वेबसाइट पर भर्ती की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। योग्यता क्या थी? CRP-CSA XV भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी था। इसके अलावा उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर का कार्यसाधक ज्ञान आवश्यक था। जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से उम्मीदवार ने पद के लिए आवेदन किया था, वहां निर्धारित स्थानीय भाषा का ज्ञान भी भर्ती की शर्तों में शामिल था। आयु सीमा आधिकारिक भर्ती नियमों के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष रखी गई थी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान था। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू नहीं IBPS Customer Service Associate भर्ती की खास बात यह है कि इसमें सामान्य तौर पर अलग से इंटरव्यू चरण नहीं होता। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा शामिल होती है। मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा में तीन प्रमुख सेक्शन होते हैं— परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है और गलत उत्तरों के लिए नियमानुसार नेगेटिव मार्किंग भी लागू होती है। 2026 में भर्ती की स्थिति क्या है? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित अपडेट प्रकाशित किए जा चुके हैं। 15 जुलाई 2026 को रिजर्व लिस्ट से जुड़े अपडेट और 17 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा परिणाम तथा प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित जानकारी जारी हुई थी। इसलिए 11,403 पदों वाली इस भर्ती को अगस्त 2026 में शुरू हुई नई भर्ती बताना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल 2026 में PO/MTs XVI और Specialist Officers XVI जैसी नई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े अपडेट भी उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह अगर आप बैंक क्लर्क भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो किसी वायरल पोस्ट के आधार पर आवेदन करने के बजाय IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें। ध्यान रखें:

UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

LPG e-KYC की आखिरी तारीख नजदीक, 16 अगस्त के बाद लाखों उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

16 अगस्त तक LPG e-KYC नहीं कराने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। जानिए क्या है पूरा मामला और e-KYC कराने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG e-KYC: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह समय बेहद अहम है। गैस कंपनियां लगातार ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए एसएमएस भेज रही हैं। संदेश में 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश में अब भी करीब 39.84 लाख उपभोक्ताओं की LPG e-KYC बाकी है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ गैस एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से सिलेंडर डिलीवरी प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने या कमर्शियल दर पर सिलेंडर देने को लेकर गैस कंपनियों की ओर से कोई सार्वजनिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल एजेंसियों को मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है। LPG e-KYC क्यों बनी जरूरी? सरकार और तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से एलपीजी कनेक्शन का आधार आधारित सत्यापन करा रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। e-KYC पूरी होने के बाद उपभोक्ता का गैस कनेक्शन आधार से सत्यापित हो जाता है, जिससे रिकॉर्ड अपडेट रहता है। क्या 947 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में मिलेगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि e-KYC नहीं कराने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। फिलहाल स्थिति क्या है? ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय समय रहते e-KYC पूरी कर लेनी चाहिए। घर बैठे ऐसे कराएं LPG e-KYC e-KYC कराने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध हैं। 1. IndianOil ONE App यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है, तो आधिकारिक ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 2. नजदीकी गैस एजेंसी आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। 3. सिलेंडर डिलीवरी के समय कई एजेंसियां डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी e-KYC की सुविधा दे रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

MP News: MP के सरकारी स्कूलों के लिए नई सौगात, लगातार 3 साल 100% रिजल्ट पर मिलेगा ₹5 लाख का इनाम

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 3 साल लगातार 100% बोर्ड रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को ₹5 लाख और प्राचार्यों को ₹1 लाख पुरस्कार देने की घोषणा की। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जो शासकीय विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। यह घोषणा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व एवं अलंकरण समारोह के दौरान की गई। इस अवसर पर प्रदेश के पहले ‘गीता भवन’ का भी लोकार्पण हुआ, जिसका निर्माण लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को सम्मानित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में प्रतिस्पर्धा, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। 100% रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों को मिलेगा 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो सरकारी विद्यालय लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम देंगे, उन्हें विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार होगा और विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी सुधार आएगा। राचार्यों को मिलेगा 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने लगातार तीन वर्षों तक उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों के लिए भी विशेष पुरस्कार की घोषणा की। ऐसे विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को 1 लाख रुपये का व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती पूरी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। ‘मिशन बुनियाद’ के तहत AI आधारित पढ़ाई प्रदेश में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मिशन बुनियाद’ की शुरुआत की घोषणा भी की। इस योजना के तहत प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। उज्जैन में हुआ प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उज्जैन में करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जयिनी ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की ऐतिहासिक भूमि है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और महर्षि सांदीपनि की गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता के महत्व को रेखांकित किया।

August Rules 2026: 1 August 2026 से बदलेंगे कई अहम नियम, जानिए LPG, बैंक, ITR और तत्काल टिकट से जुड़े सभी अपडेट

August Rules 2026: 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर, बैंक छुट्टियां, तत्काल टिकट, ITR, क्रेडिट कार्ड और ATM नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जानिए कौन-कौन से नए नियम आपकी जेब पर असर डालेंगे। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। August Rules 2026: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अगस्त 2026 से ऐसे कई नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब, बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकों की छुट्टियों, रेलवे के तत्काल टिकट, ITR फाइलिंग, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि अगस्त महीने में आपका बैंक, गैस बुकिंग या टैक्स से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो इन नियमों की जानकारी पहले से होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। नीचे जानिए 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव 1. एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए 1 अगस्त को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की नई कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। 2. तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और नंबर आने पर टिकट बुक किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ और धक्का-मुक्की को कम करना है। 3. अगस्त महीने की बैंक छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कई अवसरों पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यदि आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो छुट्टियों की सूची पहले जरूर देख लें। 4. ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर रखें नजर हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन कुछ बैंक समय-समय पर अपने शुल्क, मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसलिए अपने बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना बेहतर रहेगा। 5. क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं हर महीने कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं— यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांच लें। 6. ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव एलपीजी के अलावा विमान ईंधन (ATF) सहित अन्य ईंधन की कीमतों में भी बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। यदि ATF महंगा होता है तो भविष्य में हवाई यात्रा की लागत पर भी असर पड़ सकता है। 7. ITR भरने वालों के लिए महत्वपूर्ण तारीख जिन करदाताओं को ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरना है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। 8. होम लोन और EMI पर भी रह सकती है नजर अगस्त महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने की संभावना है। यदि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो इसका असर— की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

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