नशे का नया कारोबार: खुलेआम बिक रहा था लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन, रंगे हाथ धराया मेडिकल संचालक

एसपी राहुल लोढा की सख्त चेतावनी, दर्जनों मेडिकल स्टोर्स रडार पर! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में बढ़ रही नशाखोरी पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले 10 दिनों में पुलिस ने दर्जनभर नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे किया। इसी बीच पुलिस ने एक नए नशे के इजात होने की भी जानकारी जुटाई। यह नशा था लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन का। जो की बाजार में खूलेआम बेचा जा रहा था। एसपी राहुल लोढा ने एमडी, स्मेक जैसी ड्रग के अलावा एक टीम को इसमें भी लगाया। जब पुलिस ने इसके बारे में जानकारी जुटाई तो पुलिस के आला अफसर भी हक्के बक्के रह गए। एनैस्थिसिया (बेहोश या सुन्न करना) जैसी प्रोसेस के लिए उपयोग में ली जाने वाली ड्रग्स के लिए उसकी मात्रा, समय व स्पेशलिस्ट का होना बहुत आवश्यक है, वरना यह ड्रग आपकी जान ले सकती है। इसके बावजूद कुछ नशेड़ी इसको नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। यहां सबसे बड़ा सवाल यही है की आखिर इनके पास इसको लेने की मात्रा का अनुमान कैसे मालूम हुआ और कहां से सीखा गया? रतलाम पुलिस इसी तफ्तीश में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने ऐसे ही एक मेडिकल स्टोर पर छापेमार कार्रवाई करते हुए इस मामले को उजागर किया है। पुलिस के पास ऐसे और भी मेडिकल स्टोर्स की सूची है जिन पर कार्रवाई होना बाकी है। रंगे हाथ धराया मेडिकल संचालकएसपी राहुल लोढा द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बुधवार रात को एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी की महू रोड स्थित सांवरिया मेडिकल स्टोर से लोकल एनैस्थिसिया इंजेक्शन को नशे के उपयोग के लिए ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। पुलिस के साथ ड्रग विभाग की टीम भी कार्रवाई में शामिल थी। एसपी राहुल लोढा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस द्वारा लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एमडी और ब्राउन शुगर सहित अन्य मादक पदार्थ बेचने वाले 18 लोगों को पिछले कुछ दिनों में गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया इन लोगों से पूछताछ में जो जानकारी मिली उसमें यह बात भी सामने आई कि शहर के कुछ मेडिकल स्टोर से अलग-अलग तरह के इंजेक्शन लेकर नशे के आदि लोगों द्वारा उनमें एमडी और ब्राउन शुगर मिलाकर भी नशे के रूप में उपयोग किया जा रहा है। कुछ मेडिकल स्टोर्स पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाओं को बेधड़क बेचा जा रहा है। जा सकता है, उसे कुछ मेडिकल संचालक नशे के आदि लोगों को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। जबकी इस दवा का उपयोग क्लिनिक या हॉस्पिटल में डॉक्टर्स के अलावा कोई नहीं करता है। पुलिस ने भेजा अपना ग्राहकपुलिस ने बुधवार रात को ड्रग विभाग की टीम को साथ में लेकर पुलिस ने महू रोड स्थित सांवरिया मेडिकल दुकान पर कार्रवाई की है। पुलिस ने एक व्यक्ति को पहचान युक्त नोट देखकर दुकान पर एनैस्थिसिया इंजेक्शन लेने भेजा। दुकान पर बैठे व्यक्ति भरत राठौड़ ने जब प्रिंट रेट से ज्यादा रुपए लेकर इंजेक्शन दिया तो पुलिस ने ड्रग विभाग के अधिकारियों के साथ दुकान पर कार्रवाई की। ड्रग विभाग के अधिकारियों ने दुकान का स्टॉक रजिस्टर भी जप्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी राहुल लोढा ने कहा कि पुलिस के पास और भी कई जानकारियां है, जिसके आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।कार्रवाई के दौरान एएसपी राकेश खाखा, ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर, थाना स्टेशन रोड टीआई दिनेश भोजक मौजूद रहे।

बड़ी कार्रवाई : नशे के 10 सौदागर रतलाम पुलिस की गिरफ्त में, शहर में ड्रग्स व गांजा करते थे सप्लाई

खबर का बड़ा असर : पब्लिक वार्ता ने मुखरता से उठाया था मुद्दा, पुलिस अब सरगनाओं की तलाश में पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पुलिस ने शहर के तीन थाना क्षेत्रों से अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले10 आरोपियों को पकड़ा है। यह आरोपी शहर के गली मोहल्लों में ब्राउन शुगर, एमडी और गांजा की तस्करी करते थे। शहर की फिजाओं में नशा घोलने वाले इन आरोपियों को पुलिस ने एक के बाद एक चेन बनाकर पकड़ा है। गौरतलब है की स्टेशन रोड पुलिस ने 10 मार्च को एमडी ड्रग के साथ आरोपी जाफर पिता अल्लाहबक्श खान को पकड़ा था। जिसके बाद एक के बाद एक पुलिस ने कड़ियां जोड़ी। एसपी राहुल कुमार लोढा खुद इस मामले को लीड कर रहे थे। सीएसपी अभिनव वारंगे के नेतृत्व में शहर के सभी थानों के टीआई नशे के सौदागरों को पकड़ने के प्रयास में जुट गए। पुलिस ने जाफर की निशानदेही पर 6 दिन में 10 आरोपियों को गिरफ्तारी किया। पब्लिक वार्ता ने इस मुद्दे को मुखरता से “ABVP के विरोध के बाद जागी पुलिस, चॉकलेट – बिस्किट की तरह बिक रहा नशा” शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित करते हुए पुलिस का ध्यान इस और आकर्षित किया था। 10 मार्च को प्रकाशित खबर : https://publicvarta.com/two-youths-arrested-with-drugs-smack-md-drugs-two-youths-arrested/ एसपी के अनुसार सभी गिरफ्तार आरोपी खुद पहले नशा करते है। फिर इन्हें बेचते थे। पकड़ाए गए आरोपियों में थाना अंतर्गत पहुंचाने वाले मादक पदार्थ के सरगना भी शामिल है जो कि मंदसौर जिले के दलौदा के है। पुलिस इन सबकी एक बड़ी चेन भी तलाश में जुटी है। शनिवार दोपहर रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने कंट्रोल रुम में शहर के थाना औद्योगिक क्षेत्र, स्टेशन रोड व डीडी नगर थानों में अलग-अलग मामले में पकड़ाए 10 लोगों के बारे में खुलासा किया। एसपी के अनुसार यह लोग अलग-अलग एरिया फिक्स कर लेते थे। उसके बाद उस क्षेत्र के युवाओं के बीच जाकर उन्हें भी इसके आदि बना रहे थे। पुलिस अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी के अनुसार मादक पदार्थ ब्राउन शुगर व एमडी का नशा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीएसपी अभिनव वारंगे समेत तीनों थाना प्रभारी मौजूद रहे। दो से जप्त की ब्राउन शुगरब्राउन शुगर के साथ पकड़ाए रतलाम के दो तस्कर पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र ने 15 मार्च को मुखबीर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को बस का इंतजार करते हिरासत में लिया था। पूछताछ में एक ने इमरान उर्फ भोला खान (35) पिता अब्दुल अबरार निवासी बंजली थाना औ. क्षेत्र रतलाम का होना बताया। एक अन्य ने अपना नाम चिराग (21) पिता महेंद्र लोधी निवासी साक्षी पेट्रोल पंप के पास निराला नगर (त्रिलोक नगर रतलाम) का होना बताया। इमरान उर्फ भोला खान के कब्जे से थैली में ब्राउन शुगर 15 ग्राम व एक मोबाइल एवं चिराग लोधी के कब्जे से 10 ग्राम ब्राउन शुगर जप्त की। जप्ती में ली गई ब्राउन शुगर की कीमत करीब 75 हजार रुपए है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस गिरफ्त में आए तस्कर इमरान उर्फ भोला खान के खिलाफ पूर्व में मारपीट, सट्टा एवं आर्म्स एक्ट के कुल 08 केस दर्ज है। चिराग लोधी के खिलाफ चोरी, मारपीट एवम् आर्म्स एक्ट के कुल 06 केस दर्ज है। दलौदा का तस्कर धराया16 मार्च की मध्य रात्री में मुखबीर की सूचना पर डी मार्ट बाईपास रोड अहिंसा ग्राम कालोनी के गेट के पास मोईन मंसूरी (26) पिता साबीर मंसूरी निवासी दलौदा जिला मंदसौर, महेंद्र (25) पिता दिनेश कुमार आर्य निवासी शांति कालोनी दलौदा जिला मंदसौर को 25 ग्राम एमडी के साथ पकड़ा है। एमडी की कीमत करीब 1 लाख रुपए है। इसके साथ ही एक एंड्रोयड मोबाइल एवं बाइक एमपी 14 जेडसी 5779 के साथ पकड़ा है। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर आरोपियों द्वारा दलौदा से लाकर रतलाम निवासी एमडी का सेवन करने वाले रियाज एहमद पिता अतिक एहमद कुरैशी निवासी आनंद कालोनी, आदिल पिता बाबु शाह निवासी हाट की चौकी के सामने नयापुरा रतलाम, सोहेल पिता शाकीर हुसैन निवासी ऊंकाला रोड लालजी का बाग रतलाम, फरीद पिता नासिर हुसैन निवासी ऊंकाला रोड लालजी का बाग रतलाम को करीब 6-6 ग्राम एमडी इनके द्वारा रतलाम में लाकर देना बताई। साथ ही उनके द्वारा अवैध मादक पदार्थ एमडी बेचकर लाभ कमाना भी बताया। थाना स्टेशन रोड ने धा 8/22, 29 एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया। सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 1 किलो गांजे में दो धराएगांजे के साथ दो तस्कर पकड़ाएं शहर के थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने हरथली फंटा रतलाम पर रमेश पिता परसराम सिंधी निवासी गली न. 3 टाटानगर को अवैध मादक पदार्थ 1 किलो गांजे के साथ पकड़ा है। गांजे की कीमत 10 हजार रुपए है। पूछताछ में आरोपी रमेश सिंधी द्वारा मुजिम उर्फ छोटू खान (29) पिता रसीद खान निवासी पीएनटी कॉलोनी रतलाम को गांजा बेचना बताया। मुजिम उर्फ छोटू खान द्वारा खरीदा गया गांजा जप्त होने पर आरोपी मुजिम को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया।

मामला लापरवाही का : थाने की जीप से रंगदारी कांड में 4 पुलिसकर्मी नपे, एक एसआई सहित तीन को किया लाइन अटैच

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के स्टेशन रोड पुलिस थाने से दो युवकों द्वारा  टीआई की जीप ले जाकर रंगदारी करने के मामले में एएसपी राकेश खाका ने चार पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। आपको बता दे की मामले में उज्जैन आईजी संतोष सिंह ने डीआईजी मनोज सिंह को जांच के आदेश दिए है। जिसे दो दिन में पूरा करने के निर्देश दिए है। जिसके बाद शाम होते ही 4 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। जिसमें थाने के सब इंस्पेक्टर देवीलाल पाटीदार, हेड कांस्टेबल शैलेंद्रसिंह व दो आरक्षक नीरज चौहान व याकूब शामिल है। यह चारों पुलिकर्मी तब थाने में मौजूद थे। सीएसपी अभिनव वारंगे ने बताया मामले की गंभीरता पर प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। इसको लेकर एएसपी राकेश खाखा ने कार्रवाई की है। मामले की जांच जारी है। अन्य की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। यह था पूरा मामलाखबर पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करे गंभीर मामला : नाक के नीचे थाने से जीप उठा ले गए और होटल व्यापारी को धमकाया, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप – PUBLIC वार्ता CLICK HEREhttps://publicvarta.com/took-away-the-jeep-from-the-police-station-right-under-my-nose-and-threatened-the-hotelier/ जरूरी, विश्वसनीय व सटीक खबरों के लिए अभी जुड़िये हमारे Whatsapp ग्रुप सेFollow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/IdzmfTm5DNyAcsuJ0iKXGu

चकमा देकर फरार तेंदुआ : कुत्ते – बिल्ली पकड़ने के अंदाज में घूमता रहा रातभर वन अमला, पूरे संभाग में एक ट्रेंकुलाइजर गन

वनकर्मियों के पास खुद के बचाव के लिए साधन – संसाधन नहीं, ऐसे तो कैद में होता तेंदुआ! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में देर रात तक तेंदुए की लुकाछिपी से लोगों में दहशत बनी हुई है। रविवार को तेंदुआ एक सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुआ है। रविवार शाम से ही लेट लतीफ वन अमला तेंदुए की तलाश कर रहा है। अब तक तेंदुआ पकड़ से बाहर है। ट्रेस हुए तेंदुए के पंजे के निशान मिले है। यह नर तेंदुआ है जो कि युवा अवस्था में है। इसकी उम्र करीब डेढ़ से दो वर्ष तक बताई जा रही हैं। विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। रविवार देर रात 12 बजे करीब उड़नदस्ते ने तेंदुए को रेलवे कॉलोनी में ट्रेस किया। जिसके बाद वहां पिंजरा रखकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान तेंदुआ झाड़ियों में दुबक कर बैठा था। मगर रात 3 बजे करीब वन विभाग की टीम को चकमा देकर तेंदुआ जेवीएल की तरफ भाग निकला। वहीं डीएफओ डीएस निगवाल का कहना है की तेंदुआ शहर से बाहर निकल चुका है। मगर एहतियात के तौर पर टीम को सर्चिंग पर लगा रखा है। ड्रोन से इंडस्ट्रियल एरिया समेत आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग की जा रही है। उज्जैन से रेस्क्यु टीम रात 10 बजे आई जिसके बाद इंदौर से भी सोमवार तड़के 4 बजे रेस्क्यू टीम रतलाम पहुंची। खबर लिखे जाने तक तेंदुए के दिखाई देने की अफवाहों का बाजार गर्म रहा और टीम इधर से उधर मूवमेंट करती नजर आई। गौरतलब है की रविवार शाम 4 बजे करीब लोगों ने तेंदुआ देखा। तब रहवासियों की भीड़ व शोर के चलते यह और आक्रामक होकर भागता रहा। वही कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल पर तेंदुए को देखने चढ़े सतीश मीणा पर हमला पर उसे घायल कर दिया था। इसे रेलवे अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। जिले में एक उड़नदस्ता, जरूरी साधन तक नहीं :तेंदुए की सूचना मिलने के बाद पहुंचे वन अमले के पास जरूरी साधन तक उपलब्ध नहीं थे। जिले में जंगली जानवरों को काबू में रखने या पकड़ने के लिए केवल एक रेस्क्यू टीम है जिसे उड़नदस्ता कहा जाता है। तेंदुए की ट्रेसिंग के वक़्त यह उड़नदस्ता आलोट था। जिसे रतलाम आने में 1 घण्टे से अधिक समय लगा।ट्रेंकुलाइजर गन की बात करे तो पूरे संभाग में केवल एक गन उपलब्ध है। जिसे चलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। यह गन खुंखार जानवरों को बगैर नुकसान पहुंचाए स्थिर कर देती है। जिसमें बेहोशी की ड्रग की मात्रा व निशाना लगाने की दूरी का पैमाना तय होता है। इसकी कीमत 3 लाख से लगाकर8 लाख तक की होती है। यह गन रात में अमले के पास मौजूद होती तो तेंदुआ अभी कैद में होता। सूत्रों के अनुसार सैलाना में तेंदुआ पकड़ने के दौरान इंदौर की टीम के पास जो गन थी वह गिरकर खराब हो चुकी थी। जिसके बाद इंदौर की टीम उज्जैन से गन लेकर चली गई। रात में उज्जैन की टीम समय पर तो पहुंची मगर उसे ट्रेकुलाइस गन का इंतजार करना पड़ा। तेंदुए जैसे खतरनाक प्रजाति की सर्चिंग के दौरान वन अमले के पास ना तो खुद की सुरक्षा के लिए साधन उपलब्ध थे ना ही पैक्ड जिप्सी! ऐसे में तेंदुआ अगर इन पर हमला करता है तो भगवान ही मालिक है। जिले में लगातार हो रही तेंदुए की मूवमेंट के बाद भी जिले में संसाधनों का अभाव होना चिंता का विषय है। सूत्रों की माने तो जिला वन मुख्यालय साधनों की पूर्ति के लिए पत्र भी लिख चुका है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  

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