Ratlam News: रतलाम में फर्जी नारकोटिक्स टीआई बनकर कारोबारी से 3.45 करोड़ की ठगी का आरोप, मकान-प्लॉट भी अपने नाम 

Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स टीआई बताकर महिला पर प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ रुपये ठगने, मकान और प्लॉट अपने नाम कराने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम में खुद को नारकोटिक्स विभाग की टीआई बताकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। माणकचौक थाना पुलिस ने तेजानगर निवासी कारोबारी रुपेश चपरोत की शिकायत पर सपना ठाकुर नाम की महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में 3 करोड़ 45 लाख 75 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी के साथ प्लॉट और मकान अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला ने कारोबारी को दूसरे व्यक्ति के खिलाफ चल रहे हुंडी की दलाली से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। उसने कथित तौर पर मकान और फ्लैट कुर्क करवाकर रकम वापस दिलाने का आश्वासन दिया। इसी भरोसे में कारोबारी ने महिला को लाखों रुपये दिए और बाद में अपनी संपत्ति भी उसके नाम करवा दी। शिकायत में यह भी आरोप है कि महिला ने कारोबारी और उसकी बेटी को झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कैसे शुरू हुआ ठगी का मामला? रुपेश चपरोत के अनुसार, दिसंबर 2025 में विजय लोढ़ा के खिलाफ हुंडी की दलाली के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला न्यायालय में चल रहा था। इसी दौरान 10 से 15 दिसंबर के बीच उनके मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से फोन आए। फोन करने वाली महिला ने अपना नाम सपना ठाकुर बताया और खुद को मंदसौर की नारकोटिक्स टीआई बताया। उसने विजय लोढ़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मांगी। कारोबारी ने उसके कहने पर एफआईआर की प्रति वाट्सएप से भेज दी। इसके बाद महिला लगातार संपर्क में रही। उसने विजय लोढ़ा के मकान और फ्लैट की कुर्की सहित कानूनी कार्रवाई करवाकर कारोबारी की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के नाम पर महिला ने कारोबारी से अलग-अलग समय पर रुपये लेना शुरू कर दिया। नकदी, बैंक ट्रांसफर और उधारीनामा के नाम पर रुपये लेने का आरोप शिकायत में बताया गया है कि मकान और फ्लैट से संबंधित कार्रवाई के नाम पर महिला ने करीब 70 लाख रुपये नकद लिए। इसके अलावा कारोबारी के जीजा कमल मल्लारा को मुंबई के एक मामले में मदद दिलाने का भरोसा देकर 15 लाख रुपये लेने का आरोप भी लगाया गया है। फरवरी 2026 में 42 लाख रुपये का उधारीनामा लिखवाया गया। इसके बाद 22 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। स्टाम्प ड्यूटी और अन्य खर्चों के नाम पर 15 लाख रुपये और लेने की बात भी शिकायत में कही गई है। प्लॉट अपने नाम करवाने का भी आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में आरोप लगाया कि विजय लोढ़ा के खिलाफ चल रहे मामले में उन्हें न्यायालय के सामने उधारीदार दिखाने के लिए प्रमाण की जरूरत बताई गई थी। इसी बहाने सपना ठाकुर ने तुलसी विहार कॉलोनी में स्थित उनका 13 बाय 55 फीट का एलआईजी-06 प्लॉट अपने नाम करवा लिया। महिला ने जल्द ही प्लॉट वापस करने का भरोसा दिया था। इसके बाद नामली रोड क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू करने और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव रखा गया। शिकायत के अनुसार, केसीसी लोन भरने के नाम पर भी करीब 20 लाख रुपये लिए गए। बेटी की शादी के लिए रखे सोने के जेवर भी लेने की शिकायत कारोबारी ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी मुस्कान की शादी के लिए करीब 105 ग्राम सोने के जेवर जमा किए गए थे। आरोप है कि महिला ने ये जेवर भी अपने पास रख लिए। इसके बाद विजय लोढ़ा के मामले में कारोबारी को दिवालिया दिखाने और हाईकोर्ट में केस मजबूत करने की बात कहकर तेजानगर स्थित उनका मकान भी अपने नाम करवा लिया गया। मकान की रजिस्ट्री के बाद 20 लाख रुपये वापस लेने का आरोप शिकायत के मुताबिक, तेजानगर स्थित मकान के बेचाननामा में उसकी कीमत 32 लाख 93 हजार रुपये दर्शाई गई थी। बैंक के माध्यम से 20 लाख रुपये दिए गए। कारोबारी का आरोप है कि रजिस्ट्री के अगले दिन महिला के कहने पर उन्होंने अपने बैंक खातों से 20 लाख रुपये नकद निकालकर उसे वापस दे दिए। महिला ने दस दिन में मकान की रजिस्ट्री फिर से उनके नाम कराने का भरोसा दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिकायत में आरोप है कि महिला ने मकान बेचने के संबंध में एक वीडियो भी बनवाया। उसमें कारोबारी से कहलवाया गया कि उन्होंने अपना मकान 1 करोड़ 30 लाख रुपये में बेच दिया है और उस पर कोई कर्ज या उधारी नहीं है। साथ ही भाई-बहनों को भी बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं होने की बात कहलवाई गई। कारोबारी के अनुसार, वीडियो महिला ने खुद बनाया था। बाद में मकान का नामांतरण भी उसके नाम करवा लिया गया। मकान पर ताला लगवाकर खाली करवाने का आरोप रुपेश चपरोत ने शिकायत में बताया कि महिला ने बाद में उनके मकान पर ताले लगवा दिए। उसने कथित तौर पर कहा कि हाईकोर्ट की टीम सर्वे के लिए आने वाली है और उन्हें 15 दिन बाद वापस मकान में आने को कहा। इसके बाद कारोबारी अपनी पत्नी और बेटी के साथ भाई के काटजू नगर स्थित मकान में रहने चले गए। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद महिला लगातार उनसे रुपये मांगती रही। एनडीपीएस केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत कारोबारी ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त रुपये देने से इनकार करने पर महिला ने उन्हें और उनकी बेटी को धमकियां दीं। शिकायत के मुताबिक, महिला ने एमडी पाउडर रखकर झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। इसके अलावा खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताकर एनकाउंटर करने की बात कहने, बेटी मुस्कान का रिश्ता तुड़वाने और रुपये नहीं देने पर जान से खत्म करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। मोबाइल फॉर्मेट करवाने और सिम अपने पास रखने का आरोप … Read more

Ratlam News: रतलाम में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू, डिवाइडर से टकराकर पलटी; VIDEO में कैद हुआ हादसा

Ratlam News: रतलाम के नामली में स्पीड ब्रेकर पर कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे में पांच लोग घायल हुए, CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के नामली में शनिवार रात एक तेज रफ्तार कार स्पीड ब्रेकर के पास अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद कार पलट गई और कुछ ही देर में उसमें फ्लेम दिखाई देने लगी। हादसे के दौरान कार में सवार पांचों लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। घटना रात करीब 10.30 बजे नामली के पल्टूना फंटा के पास फोरलेन पर हुई। हादसे का पूरा घटनाक्रम सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, जबकि सभी पांच यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना का CCTV देखे नामली में स्पीड ब्रेकर के पास हुआ हादसा जानकारी के अनुसार कार क्रमांक MP 09 CP 1145 से पांच लोग पीथमपुर से सांवरिया जी दर्शन के लिए निकले थे। कार सचिन सौंधिया चला रहे थे। उनके साथ सोनरजीत यादव, अनुपम केशरवानी, प्रिंस सिंह राजपूत और एक अन्य व्यक्ति सवार था। पल्टूना फंटा के पास फोरलेन से जाने के लिए कट बना हुआ है। इस स्थान पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार की रफ्तार करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा थी। स्पीड ब्रेकर और सड़क पर मौजूद लोगों को देखकर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इसके बाद कार का संतुलन बिगड़ा और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पलटने के बाद कार में दिखी फ्लेम सीसीटीवी फुटेज में कार के डिवाइडर से टकराने और सड़क पर पलटने का घटनाक्रम दिखाई देता है। इसके बाद कार के आसपास फ्लेम नजर आती है। उपलब्ध जानकारी में इसे किसी तरह के ब्लास्ट के रूप में सामने नहीं रखा गया है। आग या फ्लेम किस वजह से दिखाई दी, इसकी स्पष्ट तकनीकी वजह की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार सभी पांच लोग बाहर निकल आए। मौके पर मौजूद लोगों ने भी उनकी मदद की और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया सूचना मिलने पर नामली थाना प्रभारी अमित कोरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कार सवार पांचों लोगों को नामली स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस के अनुसार सभी को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में कार को काफी नुकसान हुआ है। चालक सचिन सौंधिया ने पुलिस को बताया कि वह साथियों के साथ पीथमपुर से सांवरिया सेठ दर्शन के लिए जा रहे थे। उनके मुताबिक रास्ते में लोगों को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाने के बाद कार अनियंत्रित हो गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के दौरान कार के नीचे कोई व्यक्ति नहीं दबा था। CCTV में रिकॉर्ड हुआ पूरा हादसा फोरलेन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में कार के बेकाबू होने से लेकर डिवाइडर से टकराने और पलटने तक की घटना दिखाई देती है। हादसे के बाद कार सवारों के समय रहते बाहर निकलने से बड़ी जनहानि नहीं हुई। नामली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कार सवारों से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है।

Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ। 20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था। मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था। इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा। मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए। 300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए। ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की। रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Ratlam News: लूनी नदी में डूबे युवक का 24 घंटे बाद मिला शव, डीआरसी टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

Ratlam News: रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक भगवान प्रजापत का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। संयुक्त डीआरसी टीम ने किया रेस्क्यू। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम बरडिया राठौर में लूनी नदी में डूबे 26 वर्षीय युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया। युवक की पहचान राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा निवासी भगवान लाल उर्फ भगवान प्रजापत के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार भगवान प्रजापत पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने मामा के घर बरडिया राठौर आया था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह लूनी नदी में डूब गया था। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और डीआरसी टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार तलाश के बावजूद युवक का पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद से नदी की गहराई में तलाशी अभियान चलाया गया। 24 घंटे बाद नदी की गहराई से बरामद हुआ शव रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आलोट, जावरा और रतलाम की संयुक्त डीआरसी टीमों ने मिलकर अभियान चलाया। डीप डाइव उपकरणों की सहायता से नदी की गहराई में जाकर युवक की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद आज शाम करीब 4:30 बजे टीम को सफलता मिली और भगवान प्रजापत का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की गई। इसके पश्चात मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल आलोट भेजा गया। पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने आया था युवक मृतक भगवान प्रजापत, पिता शंभूलाल प्रजापत, राजस्थान के झालावाड़ जिले के चायडा गांव का निवासी था। वह अपने मामा सिद्धू प्रजापत और दशरथ प्रजापत के यहां पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बरडिया राठौर आया हुआ था। नदी में डूबने की घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बना हुआ था। करीब एक दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव मिलने से तलाश अभियान समाप्त हुआ। संयुक्त टीमों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासनिक अमले के साथ डीआरसी की आलोट, जावरा और रतलाम टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य किया। अभियान में कंपनी कमांडर बद्रीलाल मंडलोई, जितेंद्र गामड़, यस पिंकू, जावरा डीआरसी टीम प्रभारी देवराम चौधरी, पप्पू राव, जिया रहमान, कालू सिंह, आलोट टीम प्रभारी राम भजन, नरेंद्र सेन, रमेश शर्मा, वीरेंद्र सिंह, शाहरुख खान और ओमप्रकाश माली की सराहनीय भूमिका रही।

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती गर्भवती मिली, मां ने जताई दुष्कर्म की आशंका; अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज

Ratlam News: रतलाम के नामली क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती के गर्भवती होने पर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मां की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नामली थाना क्षेत्र के एक गांव में मानसिक स्थिति से परेशान 20 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। युवती के कई महीनों से पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की जानकारी सामने आने के बाद युवती की मां ने नामली थाने पहुंचकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, युवती से प्रारंभिक पूछताछ में उसने श्मशान क्षेत्र की ओर घटना होने की बात बताई है। अब पुलिस घटनास्थल और युवती द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। कई बार घर से अकेली निकल जाती थी युवती शिकायत के अनुसार, युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज भी कराया जा चुका है। परिवार में मां के अलावा चार बेटियां और एक बेटा है। युवती कभी-कभी सामान्य बातचीत करती है, लेकिन कई बार बिना बताए घर से बाहर चली जाती थी। परिजनों ने बताया कि वह कभी श्मशान की ओर तो कभी जंगल की तरफ चली जाती थी। परिवार के सदस्य उसे तलाशकर वापस घर लेकर आते थे। करीब चार से पांच महीने पहले भी युवती घर से चली गई थी। परिजन उसे रात के समय एक गांव से तलाश कर वापस लाए थे। पीरियड नहीं आने और पेट बढ़ने पर हुआ संदेह मां ने पुलिस को बताया कि युवती के घर लौटने के बाद करीब तीन से चार महीने तक उसका पीरियड नहीं आया। कुछ समय बाद पेट बढ़ा हुआ दिखाई देने पर परिवार को संदेह हुआ कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। 16 सितंबर को परिजन युवती को नामली के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। अस्पताल की ओर से पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद युवती की मां उसे लेकर नामली थाने पहुंचीं और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती ने श्मशान की ओर घटना होने की बात बताई पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवती ने श्मशान की ओर उसके साथ घटना होने की बात बताई है। मां ने अपनी शिकायत में अज्ञात व्यक्ति पर गलत काम करने की आशंका जताई है। पुलिस अब युवती के बयान, घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित स्थानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अज्ञात आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam News: रतलाम में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का माल जब्त

Ratlam News: रतलाम के नामली थाना क्षेत्र में हाईवे ट्रकों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया। 4 आरोपी गिरफ्तार, लहसुन-सरसों समेत 8.59 लाख का मश्रुका जब्त। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में महू-नीमच हाईवे पर ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने वाले गिरोह का नामली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े सात अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों पर हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों की तिरपाल काटकर लहसुन और सरसों की बोरियां चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कृषि उपज, बिना नंबर की मोटरसाइकिलें, अवैध हथियार और कच्ची शराब समेत कुल करीब 8 लाख 59 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया है। वीडियो देखे पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। स्पीड ब्रेकर, घाटी या अन्य स्थानों पर धीमे होने वाले ट्रकों को चिन्हित कर वारदात को अंजाम दिया जाता था। नामली पुलिस की कार्रवाई से गिरोह का खुलासा हाईवे पर लगातार ट्रकों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पान्द्रो, प्रभारी एसडीओपी अजय सारवान के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अलावा तकनीकी सहायता और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। खेत के मकान के पीछे छिपे थे संदिग्ध 16 सितंबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति धर्मेंद्र बापू के खेत पर बने मकान के पीछे रुके हुए हैं। सूचना मिलते ही नामली पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान अमन कंजर, राहुल कंजर और निखिल कंजर को मौके से पकड़ा गया। अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश कंजर, चिंटू कंजर और अमित कंजर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और प्लास्टिक की केनों में भरी करीब 30 लीटर कच्ची हाथ भट्टी की शराब जब्त की। तलाशी के दौरान आरोपी अमन सिसोदिया के पास से 32 बोर का पिस्टलनुमा देशी कट्टा, मैगजीन और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। इस मामले में नामली थाने पर आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आई ट्रकों से चोरी की वारदातें पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने ट्रकों से कृषि उपज चोरी करने की वारदातों का खुलासा किया। आरोपियों ने करीब 20 से 25 दिन पहले एक ट्रक से तिरपाल काटकर 14 कट्टे लहसुन चोरी करना स्वीकार किया। इसके अलावा करीब चार दिन पहले एक अन्य ट्रक से 13 कट्टे सरसों चोरी करने की बात भी सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई लहसुन और सरसों की बोरियां बरामद कर ली हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस तरह वारदात को देते थे अंजाम पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य तीन-तीन लोगों की टीम बनाकर चोरी की मोटरसाइकिलों से हाईवे की रेकी करते थे। तिरपाल से ढके ट्रकों की पहचान करने के बाद उनकी निगरानी की जाती थी। खासतौर पर स्पीड ब्रेकर, घाटी और ऐसे स्थानों को चुना जाता था जहां ट्रकों की रफ्तार कम हो जाती है। ट्रक के धीमे होते ही मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा आरोपी रस्सी की मदद से ट्रक के ऊपर चढ़ जाता था। इसके बाद वह तिरपाल काटकर ट्रक में भरी कृषि उपज को सड़क किनारे नीचे गिरा देता था। पीछे चल रहे साथी मोटरसाइकिल से नीचे गिराई गई कृषि उपज को समेटकर ले जाते थे। चोरी का सामान हाईवे से करीब 500 मीटर दूर खेत में बने मकान में छिपाकर रखा जाता था। आवश्यकता के अनुसार वहां से कृषि उपज निकालकर बेचने या ठिकाने लगाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। चार आरोपी गिरफ्तार, सात की तलाश जारी नामली पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन पिता दीपू सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी उखेड़िया; राहुल पिता गोरिया हाड़ा, उम्र 30 वर्ष, निवासी उखेड़िया; निखिल पिता बबलू हाड़ा, उम्र 23 वर्ष, निवासी उखेड़िया और सोनू पिता राजेंद्र सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, निवासी मेवासा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अनीश हाड़ा, चिंटू हाड़ा, अमित हाड़ा, अभिषेक सिसोदिया, आशीष चौहान, राजकुमार राणावत और धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया फिलहाल फरार हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। 8.59 लाख रुपए का मश्रुका जब्त पुलिस कार्रवाई में जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है: कुल जब्त मश्रुका की कीमत करीब 8 लाख 59 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नामली अमित कोरी, थाना प्रभारी जावरा शहर दीपक मंडलोई, उपनिरीक्षक रघुवीर जोशी, केके पटेल, सहायक उपनिरीक्षक जुगलकिशोर रावत, राजेंद्र जगताप सहित नामली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश के साथ-साथ अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का शव घर के बरामदे में मिला, सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान

Ratlam News: रतलाम के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव खून से लथपथ मिला। पुलिस ने हत्या की आशंका जताकर जांच शुरू की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। नयाखेड़ा गांव में 36 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता देवीबाई का शव उसके घर के बरामदे में जमीन पर पड़ा मिला। महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान दिखाई दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो देखे मृतका की पहचान देवीबाई पति स्वर्गीय रायसिंह डामोर, निवासी नयाखेड़ा के रूप में हुई है। खेत पर जा रहे ग्रामीण ने देखा शव शुक्रवार सुबह गांव का अन्नुसिंह रोज की तरह खेत पर काम करने जा रहा था। रास्ते में देवीबाई के घर के सामने से गुजरते समय उसकी नजर बरामदे में पड़ी महिला पर गई। देवीबाई सामान्यत: बरामदे में खाट पर सोती थी, लेकिन उस सुबह वह जमीन पर पड़ी हुई दिखाई दी। पास जाकर देखने पर अन्नुसिंह ने महिला को खून से लथपथ पाया। उसके सीधे कान के पास सिर पर गहरी चोट थी। ग्रामीण ने तुरंत इसकी जानकारी देवीबाई के देवर भूरालाल डामोर को दी, जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच की सूचना मिलने के बाद शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना, सब इंस्पेक्टर प्रतापसिंह भदौरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम से एएसपी राकेश पंद्रों और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। रावटी और सरवन थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। धारदार हथियार से चोट के निशान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने जैसे चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर जमीन पर खून बिखरा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। शिवगढ़ थाना प्रभारी आरके मकवाना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका है। महिला की मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। पुलिस जुटा रही है घटना से जुड़े सुराग फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम में युवती का पीछा कर छेड़छाड़, पिता को तेजाब से धमकाया; एक आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती का कई महीनों से पीछा कर अश्लील कमेंट करने का मामला सामने आया। पिता को तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि कुछ युवक कई महीनों से उसकी दुकान के आसपास घूमते थे और उसका पीछा कर अश्लील व भद्दे कमेंट करते थे। डर के कारण उसने यह बात लंबे समय तक परिवार को नहीं बताई। बुधवार दोपहर मामला उस समय सामने आया, जब युवती भोजन करने के लिए जा रही थी। आरोप है कि कुछ युवक स्कूटी से उसका पीछा करने लगे और उसे रोकने का प्रयास किया। युवती किसी तरह बचकर अपनी दुकान तक पहुंची और हिम्मत दिखाते हुए युवकों का वीडियो बना लिया। वीडियो में युवकों के चेहरे के साथ स्कूटी का नंबर भी रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद युवती ने फोन कर अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। पिता को दी तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी युवती के पिता मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि युवक वहां मौजूद थे। पिता ने उन्हें रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान युवकों ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनकी बेटी के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे बिगाड़ देंगे। धमकी के बाद युवती और उसका परिवार घबरा गया। परिवार ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीडियो बना पुलिस के लिए अहम सुराग युवती की ओर से बनाया गया वीडियो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। वीडियो में स्कूटी का नंबर एमपी 43 जेडई 7695 भी दिखाई दिया। शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय अब्दुल हक अताउर्रहमान खिलजी, निवासी माणक चौक, को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल तक पैदल ले जाकर कार्रवाई दिखाई गुरुवार दोपहर पुलिस गिरफ्तार आरोपी को पैदल बाजार क्षेत्र में लेकर पहुंची। उसे उस स्थान तक ले जाया गया, जहां युवती के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और पीछा करने की घटना हुई थी। एसआई शांतिलाल चौहान के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। युवती ने कई महीनों तक डर के कारण नहीं बताई बात पीड़िता के अनुसार, वह इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान पर काम करती है। उसका कहना है कि पिछले कई महीनों से तीन-चार युवक दुकान के बाहर चक्कर लगाते और उसका पीछा करते थे। लगातार परेशान किए जाने के बावजूद उसने डर के कारण परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। बुधवार की घटना के बाद उसने आरोपितों का वीडियो बनाया और पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस कर रही अन्य आरोपितों की तलाश मामले में फिलहाल एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। घटना से जुड़े वीडियो और युवती द्वारा दी गई जानकारी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Ratlam News: त्योहारों से पहले पुलिस का सख्त एक्शन, 14 बदमाशों को पैदल जुलूस में ले गई पुलिस

Ratlam News: रतलाम में त्योहारों से पहले पुलिस ने 14 आदतन बदमाशों को गिरफ्तार किया। कान पकड़वाकर पैदल जुलूस निकाला और एसडीएम कोर्ट में पेश किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: त्योहारों के मद्देनजर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गुंडे-बदमाशों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत शहर के तीन थाना क्षेत्रों से 14 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। वीडियो देखे गुरुवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को स्टेशन रोड थाना परिसर में एकत्र किया। इसके बाद करीब 200 मीटर तक उन्हें पैदल सीएसपी कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान बदमाश कान पकड़कर अपराध नहीं करने की बात कहते नजर आए। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान हुड़दंग और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना तथा असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना बताया गया है। तीन थाना क्षेत्रों से 14 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार कार्रवाई शहर के तीन थाना क्षेत्रों में की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सबसे ज्यादा डीडीनगर थाना क्षेत्र के बदमाश शामिल हैं। कार्रवाई का विवरण: सभी आरोपियों को पहले स्टेशन रोड थाने लाया गया। यहां से पुलिस बल की मौजूदगी में पैदल उन्हें सीएसपी कार्यालय तक ले जाया गया। कान पकड़कर बोले- अपराध करना पाप है पैदल जुलूस के दौरान गिरफ्तार बदमाश कान पकड़कर “अपराध करना पाप है” कहते हुए आगे बढ़े। करीब 200 मीटर की दूरी तय करने के बाद सभी को पुलिस वाहन में बैठाया गया। इसके बाद आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। चोरी और हुड़दंग जैसे आरोप पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए बदमाशों पर अलग-अलग आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप हैं। इनमें आदतन चोरी करना, सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी और हुड़दंग मचाना तथा क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा करने जैसी शिकायतें शामिल हैं। त्योहारों के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ऐसे तत्वों पर लगातार नजर रख रही है। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई बदमाशों को पैदल ले जाने के दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, स्टेशन रोड थाना के एसआई मुकेश सस्तिया सहित पुलिस बल मौजूद रहा। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि गुंडे-बदमाशों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर पुलिस की नजर रहेगी।

Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

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