BREAKING Ratlam News: रतलाम में किन्नरों को अगवा कर मारपीट का मामला, पूनम जान समेत 10 आरोपी गिरफ्तार, सभी पहुंचे जेल

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Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के अपहरण, मारपीट और लूट के मामले में जीआरपी ने पूनम जान समेत सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्कॉर्पियो और स्कूटी जब्त, सभी जेल भेजे गए।

रतलाम- पब्लिक वार्ता, 

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में किन्नरों के बीच बधाई मांगने और गुरु बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अपहरण, मारपीट और लूट के गंभीर मामले तक पहुंच गया। रेलवे स्टेशन क्षेत्र से किन्नरों को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने के मामले में जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में मुख्य आरोपी पूनम जान उर्फ धर्मवीर और उसके साथी मोहम्मद रईश उर्फ नायक को पुलिस ने एक फार्महाउस से पकड़ा। दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही इस प्रकरण में नामजद सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई काले रंग की स्कॉर्पियो और एक स्कूटी भी जब्त की है। आरोप है कि गैंग बनाकर आरोपियों ने किन्नरों को धमकाया, उनके साथ मारपीट की और नकदी भी छीन ली थी।

रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ था अपहरण का घटनाक्रम

मामले की शुरुआत 19 अगस्त को दर्ज शिकायत से हुई थी। दीपा गुरु दिशा जागीरदार ने जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रेलवे स्टेशन से जाते समय कुछ लोगों ने उन्हें और सनम को जबरन रोक लिया था।

शिकायत के अनुसार, काले रंग की स्कॉर्पियो में आए लोगों ने चाकू और डंडे दिखाकर दोनों को धमकाया और जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया।

आरोप है कि इसके बाद सैलाना बस स्टैंड से करीना और नित्या को भी साथ ले जाया गया। पूनम जान के घर से दिव्या को भी वाहन में बैठाने की बात शिकायत में सामने आई थी।

डी-मार्ट रोड के पास सुनसान जगह ले जाकर पीटने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया कि सभी को डी-मार्ट रोड के पास एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। यहां उनके साथ लात-घूंसों और बेसबॉल के डंडे से मारपीट की गई।

नित्या और करीना पर चाकू से हमला करने का भी आरोप है। इसके अलावा दीपा के पर्स से 10 से 15 हजार रुपये निकालने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

घटना के पीछे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बधाई मांगने और गुरु बदलने को लेकर चल रहा विवाद सामने आया है। इसी विवाद से जुड़े आरोपों के आधार पर जीआरपी ने जांच शुरू की थी।

फार्महाउस से पकड़े गए पूनम जान और मोहम्मद रईश

जीआरपी ने मामले में कार्रवाई करते हुए शनिवार को दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया।

इनमें 48 वर्षीय पूनम जान उर्फ धर्मवीर पुत्र रामेश्वर बौरासी और 51 वर्षीय मोहम्मद रईश उर्फ नायक पुत्र मोहम्मद रशीद शामिल हैं।

दोनों को एक फार्महाउस से पकड़ा गया। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस प्रकरण में सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी कर ली।

पुलिस कार्रवाई के दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और स्कूटी भी जब्त की गई है।

मामले में इन 10 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

जीआरपी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:

पूनम जान उर्फ धर्मवीर पुत्र रामेश्वर बौरासी, उम्र 48 वर्ष

मोहम्मद रईश उर्फ नायक पुत्र मोहम्मद रशीद, उम्र 51 वर्ष

आरिन रयान पुत्र मेहरुद्दीन शेख उर्फ मोनू राइडर उर्फ मोनू बैंडा

साहिल पुत्र रुस्तम

वसीम पुत्र मुबारिक अंसारी

मोहम्मद तवीर पुत्र गुलाम मोहम्मद, उम्र 28 वर्ष

मोहम्मद सोहेल पुत्र गुलाम मोहम्मद

अल्ताफ उर्फ अलतु पुत्र असद खान

आमिर पुत्र आबिद खान

मुस्तफा पुत्र मुबारिक खान

इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

जीआरपी की टीम ने की कार्रवाई

इस मामले में जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

टीम में एसआई नौशाद खान, शिव सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल लोने और आरक्षक भूपेंद्र चौधरी, ऋषभ चौधरी, लवेंद्र भट्ट, संजय ढाबी, अभिषेक तथा नान सिंह शामिल रहे।

जीआरपी की कार्रवाई के बाद अपहरण और मारपीट के इस मामले में सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है।

गुरु बदलने और बधाई मांगने को लेकर था विवाद

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में किन्नर समुदाय के बीच गुरु बदलने और बधाई मांगने के अधिकार को लेकर विवाद सामने आया है।

शिकायत के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने एक समूह के सदस्यों को जबरन वाहन में बैठाया और उनके साथ मारपीट की।

मामले में अपहरण के साथ लूट और हथियार दिखाकर धमकाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

सभी आरोपी जेल भेजे गए

रतलाम जीआरपी ने 19 अगस्त को दर्ज प्रकरण में सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने घटना से जुड़े दो वाहन भी जब्त किए हैं।

इस मामले में अपहरण, मारपीट और नकदी छीनने के आरोपों की जांच के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया में साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।

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