रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी को अंतिम विदाई, बेटे-पौत्रों ने दी मुखाग्नि, शोक सभा में उमड़े गणमान्यजन

रतलाम में मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन शामिल हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। रतलाम में सोमवार, 12 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी तेजकुंवर बाई काश्यप का अंतिम संस्कार किया गया। त्रिवेणी मुक्तिधाम में उनकी पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हुई। परिवार के सदस्यों के साथ शहर की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पुत्र चेतन्य काश्यप, पौत्र सिद्धार्थ काश्यप, श्रवण काश्यप और पड़पौत्र सारांश काश्यप ने मुखाग्नि दी। इससे पहले स्टेशन रोड स्थित विसाजी मेंशन से नगर निगम के मोक्ष रथ में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्यजन शामिल हुए। त्रिवेणी मुक्तिधाम में आयोजित शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को याद किया। विसाजी मेंशन से निकली अंतिम यात्रा, त्रिवेणी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार तेजकुंवर बाई काश्यप की अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड से शुरू हुई। पार्थिव देह को नगर निगम के मोक्ष रथ से त्रिवेणी मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां परिवार के सदस्यों और उपस्थित गणमान्यजनों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। तेजकुंवर बाई काश्यप कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप और भावना-शैलेंद्र मानावत की माताजी थीं। उनके निधन से परिवार सहित शहर के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं के शोक संदेश पढ़े गए त्रिवेणी मुक्तिधाम स्थित विधायक श्रद्धा सदन में आयोजित शोक सभा की शुरुआत विभिन्न धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों के शोक संदेशों के वाचन से हुई। इस दौरान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी महाराज साहब और आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वर जी महाराज साहब के संदेश पढ़े गए। इसके अलावा मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल तथा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई प्रमुख नेताओं के शोक संदेशों का वाचन किया गया। मंत्री निर्मला भूरिया से लेकर सांसद और विधायकों ने दी श्रद्धांजलि शोक सभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय और रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री राज चौधरी, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना और पूर्व महापौर पारस सकलेचा ने भी तेजकुंवर बाई काश्यप के व्यक्तित्व को याद किया। धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की ओर से सकल जैन श्रीसंघ के प्रकाश मूणत, सनातन धर्म सभा के अनिल झालानी, त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुशील लोढ़ा, अध्यक्ष सुशील छाजेड़, वीसा पोरवाल समाज के विलेश पोरवाल और मोहनखेड़ा तीर्थ के ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन पाटीदार, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इब्राहिम शैरानी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया और रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश पुरी गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। कलेक्टर अजय कटेसरिया और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने भी शोक सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन राजकमल जैन ने किया। पति के निधन के बाद संघर्ष कर बच्चों को दिए संस्कार शोक सभा में वक्ताओं ने तेजकुंवर बाई काश्यप के जीवन संघर्ष को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि वे धर्मनिष्ठ, कर्मनिष्ठ और परिवार को संस्कार देने वाली महिला थीं। पति अशोक कुमार काश्यप के आकस्मिक निधन के बाद उन्होंने युवावस्था में ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद पुत्र और पुत्री का पालन-पोषण कर उन्हें अच्छे संस्कार दिए। वक्ताओं ने कहा कि उनके जीवन में धर्म, सेवा और परिवार के प्रति समर्पण का विशेष स्थान रहा। उन्होंने धार्मिक तप-आराधना के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों में भी योगदान दिया। चेतन्य काश्यप के सेवा कार्यों में मां के संस्कारों की झलक श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंत्री चेतन्य काश्यप द्वारा किए जा रहे परोपकार और जनसेवा के कार्यों के पीछे उनकी माताजी के दिए संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तेजकुंवर बाई काश्यप ने अपने परिवार को जिस तरह धार्मिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़े रखा, उसकी झलक आज भी परिवार के कार्यों में दिखाई देती है। वक्ताओं ने उनके निधन को केवल काश्यप परिवार ही नहीं, बल्कि रतलाम के सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र के लिए भी बड़ी क्षति बताया। 12 और 13 अक्टूबर को शोक बैठक, 14 अक्टूबर को उठावना परिवार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार तेजकुंवर बाई काश्यप की शोक बैठक 12 और 13 अक्टूबर को रखी गई है। शोक बैठक का समय शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। यह बैठक स्टेशन रोड स्थित निवास स्थान विसाजी मेंशन में आयोजित होगी। उठावना, श्रद्धांजलि सभा एवं शोक निवारण कार्यक्रम बुधवार, 14 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक विधायक सभागृह, बरबड़ में आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आस्था और सेवा के लिए याद की जाएंगी तेजकुंवर बाई तेजकुंवर बाई काश्यप का जीवन पारिवारिक जिम्मेदारियों, धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा से जुड़ा रहा। पति के निधन के बाद परिवार को संभालने से लेकर बच्चों को संस्कारित करने तक उनके संघर्ष को शोक सभा में उपस्थित वक्ताओं ने प्रेरणादायक बताया। उनकी अंतिम विदाई में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। परिवार की ओर से 14 अक्टूबर को श्रद्धांजलि सभा और शोक निवारण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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