Ratlam News: रतलाम ई-स्कूटर हादसे में 16 वर्षीय अंतिमकुंवर की मौत, 13 दिन तक चली जिंदगी की जंग

Ratlam News: रतलाम में ई-स्कूटर में आग लगने से झुलसी 16 वर्षीय अंतिमकुंवर की 13 दिन बाद मौत हो गई। पुलिस ने कंपनी के जिम्मेदारों पर केस की बात कही है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी में ई-स्कूटर में लगी आग से झुलसी 16 वर्षीय अंतिमकुंवर की आखिरकार मौत हो गई। हादसे के 13 दिन बाद मंगलवार सुबह इंदौर के एमवाय अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। अंतिमकुंवर का करीब 40 फीसदी शरीर झुलस गया था और उपचार के दौरान संक्रमण फैलने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों के मुताबिक सोमवार देर शाम अंतिम को सांस लेने में परेशानी शुरू हुई थी। रात करीब 1 बजे उसे अरबिंदो हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर सुबह उसे वेंटिलेटर पर लेने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही सुबह 8:05 बजे उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार शव लेकर रतलाम जिले के रावटी के पास तंबोलिया पहुंचा, जहां अंतिमकुंवर का अंतिम संस्कार किया गया। 18 अगस्त की रात ई-स्कूटर में लगी थी आग घटना 18 अगस्त की रात विंध्यवासिनी ड्रीम सिटी स्थित एक मकान में हुई थी। यहां हॉल में रखा वॉरिवो कंपनी का ई-स्कूटर अचानक आग की लपटों में घिर गया। परिजनों का कहना है कि हादसे के समय ई-स्कूटर चार्जिंग पर नहीं लगा था। रात करीब 8:30 बजे चार्जिंग पिन निकालकर वाहन की डिक्की में रख दिया गया था। घर के हॉल में सो रहीं 36 वर्षीय बिंदुकुंवर भाटी और उनकी छोटी बेटी अंतिमकुंवर आग की चपेट में आ गईं। दोनों को उपचार के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान बढ़ता गया संक्रमण अंतिम के चाचा सूरजसिंह के अनुसार आग में उसके दोनों हाथ, गर्दन, कंधे और चेहरा बुरी तरह झुलस गए थे। घटना वाली रात ही उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि ड्रेसिंग के दौरान अंतिम को काफी दर्द होता था। उसकी हालत देखकर परिवार के लोग भी भावुक हो जाते थे। डॉक्टरों के अनुसार उपचार के दौरान संक्रमण फैलने लगा था। परिवार का कहना है कि संक्रमण के बाद उसके फेफड़ों में पानी भर गया और उसकी हालत गंभीर होती चली गई। 31 जुलाई को खरीदा था ई-स्कूटर परिवार के मुताबिक हादसे में शामिल ई-स्कूटर 31 जुलाई को खरीदा गया था। इसे अंतिमकुंवर के फूफा वीरेंद्रसिंह के नाम पर माणकचौक स्थित बालाजी कम्युनिकेशन से करीब 83 हजार रुपये में फाइनेंस कराया गया था। हादसे के समय वाहन को खरीदे हुए एक महीने का समय भी पूरा नहीं हुआ था। अंतिमकुंवर सांदीपनि स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। परिवार के अनुसार उसकी मां बिंदुकुंवर भाटी झाबुआ जिले के गुणावद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और हादसे के बाद उनका भी इंदौर में इलाज चल रहा है। परिवार ने कंपनी पर उठाए सवाल अंतिम के चाचा सूरजसिंह ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद वॉरिवो कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार व्यक्ति परिवार से मिलने नहीं आया और न ही मदद की गई। परिवार का कहना है कि जब ई-स्कूटर चार्जिंग पर नहीं था, तब उसमें आग लगने की वजह की जांच जरूरी है। परिजनों ने वाहन में तकनीकी खराबी की आशंका जताते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, ई-स्कूटर में आग लगने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस कराएगी तकनीकी जांच, कंपनी के जिम्मेदारों पर केस दीनदयाल नगर थाना टीआई अनुराग यादव के अनुसार अंतिमकुंवर की मौत की सूचना के बाद मर्ग कायम किया गया है। पुलिस जले हुए ई-स्कूटर की तकनीकी जांच करा चुकी है। पुलिस के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और वॉरिवो कंपनी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा। मां अभी भी अस्पताल में भर्ती इस हादसे में अंतिमकुंवर की मां बिंदुकुंवर भाटी भी गंभीर रूप से झुलसी थीं। उनका उपचार इंदौर के एमवाय अस्पताल में जारी है। एक तरफ परिवार ने अंतिमकुंवर को खो दिया है, वहीं उसकी मां का इलाज अभी चल रहा है। परिवार अब पुलिस जांच और तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

रतलाम में धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, नन्हे बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, इंदिरा नगर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने भगवान कृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्सव का माहौल बना दिया। नन्हे बच्चे बाल गोपाल और राधा रानी के रूप में बेहद आकर्षक नजर आए। बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। बाल गोपाल और राधा रानी के स्वरूप ने मोहा मन कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत भगवान कृष्ण और राधा रानी के स्वरूपों के दर्शन के साथ हुई। इसके बाद छोटे बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मासूमियत, उत्साह और शानदार प्रस्तुति को देखकर विद्यालय में मौजूद अभिभावक और शिक्षक भी आनंदित नजर आए। नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने अपनी कला और आत्मविश्वास से भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को प्रस्तुत किया। मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा आकर्षण का केंद्र जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा। नन्हे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मटकी फोड़ते बच्चों को देखकर उपस्थित दर्शकों ने जमकर उत्साह बढ़ाया। मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ऊर्जा और उत्साह ने पूरे वातावरण को आनंद और उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने जन्माष्टमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी उत्साहपूर्वक महसूस किया। विद्यालय परिवार ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम में विद्यालय समिति के सदस्य, प्राचार्य तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। साथ ही बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास भी होता है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। खुशी और उत्साह के माहौल के साथ गुरु रामदास पब्लिक स्कूल रतलाम में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन हुआ।

Ratlam News: सांवरिया जी के दर्शन को निकले चार दोस्त, रतलाम में भीषण हादसे ने दो की जान ली

Ratlam News: रतलाम के रत्तागिरी में महू-नीमच फोरलेन पर कार और ट्रॉले की भिड़ंत में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में महू-नीमच फोरलेन पर मंगलवार तड़के हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा रत्तागिरी के पास रात करीब 2 बजे हुआ, जब इंदौर की ओर से आ रही कार सामने से आ रहे ट्रॉले से टकरा गई। बताया गया कि कार में चार दोस्त सवार थे और सभी इंदौर के राऊ से राजस्थान स्थित सांवरिया जी के दर्शन के लिए निकले थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घूमकर इंदौर की दिशा में हो गया। हादसे में कार चला रहे 45 वर्षीय मुकेश पुत्र मानसिंह गहलोत और उनके बगल में बैठे 56 वर्षीय सोहनसिंह पुत्र बापूसिंह डाबी की मौत हो गई। पीछे बैठे 43 वर्षीय देवकरण पुत्र कन्हैयालाल मालवीय और 28 वर्षीय सावन पुत्र आसाराम मालवीय घायल हुए हैं। रत्तागिरी में आधी रात हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चारों रात करीब 12:30 बजे सोहनसिंह की कार से राऊ से राजस्थान के सांवरिया जी के लिए रवाना हुए थे। रत्तागिरी के पास महू-नीमच फोरलेन पर उनकी कार सामने से आ रहे ट्रॉले से जा भिड़ी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार गलत साइड से आ रही थी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की। दो दोस्तों की मौके के बाद मौत, दो घायल हादसे में मुकेश और सोहनसिंह की जान चली गई। मुकेश कार चला रहे थे, जबकि सोहनसिंह आगे वाली सीट पर उनके पास बैठे थे। पीछे बैठे देवकरण और सावन घायल हुए। हादसे के बाद टोल की एंबुलेंस से दोनों घायलों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। बाद में उनके परिजन दोनों को उपचार के लिए इंदौर ले गए। चारों अलग-अलग काम करते थे हादसे में जान गंवाने वाले सोहनसिंह राऊ स्थित यूको बैंक में कैशियर थे। मुकेश लोडिंग वाहन चलाते थे। घायल देवकरण कबाड़ी का काम करते हैं, जबकि सावन ढोल वादक हैं। चारों दोस्त दर्शन के लिए राजस्थान जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सफर को मातम में बदल दिया। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच एएसआई सतीश ठाकुर के अनुसार, दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रॉले को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया है। हादसे की परिस्थितियों और टक्कर के कारणों को लेकर जांच जारी है। एंबुलेंस में देरी का आरोप हादसे के बाद रत्तागिरी निवासी प्रहलाद गणावा भी मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक का शव ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची और करीब ढाई घंटे की देरी हुई। एंबुलेंस को लेकर लगाए गए इस आरोप से स्थानीय रहवासियों में नाराजगी की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

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