Ratlam News: रतलाम में दूषित पानी का कहर: कुएं का पानी पीने से 80 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, 21 अस्पताल में भर्ती

रतलाम के पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से 80 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती, जांच जारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आजमपुर डोडिया में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बीमार पड़ने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का कथित रूप से दूषित पानी पीने के बाद यह स्थिति सामने आई है। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में 80 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 21 मरीजों की हालत को देखते हुए पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों का इलाज गांव में लगाए गए अस्थायी चिकित्सा शिविर में किया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की टीमें लगातार गांव में डटी हुई हैं। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तीन दिनों से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण ग्रामीणों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से कई लोगों को लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही थी। जैसे ही सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर 108 एंबुलेंस गांव भेजी गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां करीब 80 ग्रामीणों की जांच की गई। मरीजों को दवाइयां देने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया, ताकि किसी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले 21 मरीजों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल हैं— डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। दूषित कुएं के पानी की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव के मीठे पानी वाले कुएं का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमार पड़े हैं। घटना के बाद पीएचई विभाग ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। एहतियात के तौर पर कुआं सील, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कुएं को तत्काल सील कर दिया है। फिलहाल गांव में— पीएचई विभाग का कहना है कि क्लोरीनेशन और जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ग्रामीण नल-जल योजना का पानी नहीं पीते ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो सरकारी कुएं हैं। इनमें से एक का पानी मीठा होने के कारण अधिकांश लोग उसी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। उनका यह भी कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं आता और उसकी आपूर्ति भी नियमित नहीं रहती। इसी वजह से अधिकांश परिवार कुएं के पानी पर निर्भर हैं। एक माह पहले पानी की जांच हुई थी ग्राम सचिव प्रकाशचंद शर्मा के अनुसार करीब एक माह पहले पीएचई विभाग ने कुएं के पानी की जांच की थी और उसे पीने योग्य बताया था। उन्होंने बताया कि कुएं की समय-समय पर सफाई भी कराई जाती है। हालांकि गर्मी के कारण इस समय कुएं में पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। दो दिन पहले निकाली गई थी कुएं की गाद सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले मोटर लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया था और गाद भी निकाली गई थी। उनके अनुसार कुएं की पूरी सफाई के लिए कई बार पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का कुछ ग्रामीण विरोध भी करते हैं। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलोदा तहसीलदार प्रीति साठे सिविल अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल केवल सुरक्षित और उबला हुआ पानी पीने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

MP Weather Update: 19 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज, मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश की संभावना

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और अब तक 11% कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे कई जिलों में तेज और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। जानिए किन जिलों में येलो अलर्ट जारी हुआ है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून इन दिनों कमजोर पड़ गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि राहत की खबर यह है कि 19 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश, किसान चिंतित मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसका असर प्रदेश के 35 जिलों में देखने को मिला है, जहां सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जबलपुर सहित कई जिलों में बारिश की कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए इस समय पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी है। फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं होने के कारण अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में केवल हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। 19 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम, तेज होगी बारिश मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 19 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने के भी संकेत हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे खेती-किसानी और जल स्रोतों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी और मैहर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। किसानों को मिलेगी राहत, मौसम अपडेट पर रखें नजर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 19 जुलाई के बाद बनने वाला सिस्टम अपेक्षित रूप से सक्रिय रहता है तो खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी और किसानों की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनेगी, वहां समय-समय पर आवश्यक चेतावनी और दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

Viral Video: वायरल वीडियो की खुली पोल! ट्रेन को खाना लेने के लिए नहीं रोका गया था, रतलाम मंडल ने बताई पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल मालगाड़ी रोककर खाना लेने के दावे को पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने भ्रामक बताया। जानिए क्या है पूरा मामला, रेलवे ने क्यों जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Viral Video: मालगाड़ी को चालक दल द्वारा खाना खरीदने के लिए बीच रास्ते में रोकने का दावा करने वाला सोशल मीडिया वीडियो भ्रामक निकला है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इस वायरल वीडियो पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ किया है कि ट्रेन को भोजन लेने के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि वह पहले से निर्धारित परिचालन कारणों के चलते राऊ (RAU) यार्ड के होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि बिना तथ्य जांचे किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास न करें। VIRAL वीडियो देखे! मालगाड़ी रोककर खाना लेने का दावा निकला गलत पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में यह दावा किया गया कि चालक दल ने भोजन खरीदने के लिए मालगाड़ी रोक दी। रेलवे ने इस दावे को पूरी तरह असत्य, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। रेलवे के अनुसार, संबंधित कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण परिचालन प्रक्रिया के तहत होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं था, बल्कि वह एक स्पेयर सहायक लोको पायलट था। अधिकृत परिचालन ठहराव के दौरान उसने व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान मालगाड़ी को बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया था। ट्रेन के कार्यरत लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों अपनी-अपनी निर्धारित ड्यूटी पर मौजूद थे और पूरी ट्रेन रेलवे के सुरक्षा मानकों एवं परिचालन नियमों के अनुसार संचालित हो रही थी। DEMU ट्रेन बताकर भी फैलाया गया भ्रम रेलवे ने यह भी बताया कि वायरल वीडियो को यात्री DEMU ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक घटना कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी से संबंधित थी। रेल प्रशासन का कहना है कि वीडियो को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत कर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई। रेलवे का आधिकारिक बयान जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, “रेलवे में किसी भी ट्रेन को व्यक्तिगत सुविधा या भोजन लेने के लिए नहीं रोका जाता। सभी ट्रेनों का संचालन निर्धारित परिचालन नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाता है।” रेलवे ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो या सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। लोगों से रेलवे की अपील रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा न करें। केवल रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचा जा सके।

मोबाइल रिचार्ज होगा महंगा! अगले 3–4 महीनों में 15% तक बढ़ सकते हैं Recharge Plan, जानें क्यों बढ़ेंगी कीमतें

मोबाइल रिचार्ज प्लान जल्द महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3–4 महीनों में टेलीकॉम कंपनियां 12 से 15% तक टैरिफ बढ़ा सकती हैं। जानें इसके पीछे की वजह और किस पर पड़ेगा असर। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां अगले 3 से 4 महीनों के भीतर मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहकों को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। मोबाइल रिचार्ज महंगा होने की क्या है वजह? ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब सीमित बड़ी कंपनियां ही बची हैं। प्रतिस्पर्धा कम होने और 4जी से 5जी नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ते ग्राहकों के कारण कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाना आसान हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर नेटवर्क, बढ़ती डेटा खपत और 5जी सेवाओं के विस्तार के चलते कंपनियां अपनी आय बढ़ाने के लिए रिचार्ज प्लान महंगे कर सकती हैं। एआरपीयू में लगातार हो रही है बढ़ोतरी रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों की औसत प्रति ग्राहक आय (ARPU) जून तिमाही में 1 से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं— इन कारणों से कंपनियों की कमाई लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। जियो और एयरटेल को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि बाजार हिस्सेदारी के मामले में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल अपनी बढ़त बनाए रखेंगे। अनुमान के अनुसार— 5जी और ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग में तेजी रिपोर्ट के अनुसार, जियो और एयरटेल देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5जी सेवाएं उपलब्ध करा चुके हैं। अब कंपनियों का फोकस अधिक से अधिक 5जी स्मार्टफोन यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने पर है। इसके अलावा 5जी आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। वहीं, वोडाफोन आइडिया भी अपने 5जी नेटवर्क का विस्तार करते हुए लगभग 100 शहरों तक पहुंच चुकी है और कंपनी का एजीआर बकाया भी पहले की तुलना में कम हुआ है। क्या कहा गया है रिपोर्ट में? सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों और सीमित प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अगले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर नई कीमतों की घोषणा नहीं की है।

Ratlam News: रतलाम की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण, नगर निगम की चेतावनी

रतलाम नगर निगम ने 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में जनवरी 2023 के बाद खरीदे गए प्लॉटों के नामांतरण पर रोक लगा दी है। जानिए किन कॉलोनियों पर लागू होगा नियम और क्या है पूरी जानकारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में प्लॉट खरीदने वालों के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में 27 जनवरी 2023 के बाद कालोनाइजर या भूमि स्वामी से खरीदे गए प्लॉटों का नामांतरण नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों से बिना जांच-पड़ताल के भूखंड खरीदने से बचने की अपील की है। जनवरी 2023 के बाद खरीदे प्लॉट का नहीं होगा नामांतरण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शहर की 61 अनाधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना उपलब्ध कराने और भवन अनुज्ञा की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित कालोनाइजर या भूमि स्वामी अपने स्वामित्व के शेष भूखंडों का विक्रय नहीं कर सकेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 27 जनवरी 2023 के बाद यदि किसी व्यक्ति ने इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदा है, तो उसका नामांतरण नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि के अधिग्रहण सहित नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। नगर निगम ने लोगों को दी यह सलाह नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड की पूरी जांच अवश्य करें। बिना जानकारी के प्लॉट खरीदना भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। इन प्रमुख कॉलोनियों पर लागू होगा नियम नगर निगम द्वारा जारी सूची में मालवा नगर-पीएनटी कॉलोनी, वरदान नगर, राम नगर, अभय नगर, रेल नगर, महेश नगर, इंद्रा नगर, गणेश नगर, राजीव नगर, जनता नगर, निराला नगर, भवानी नगर, शक्ति नगर, आदर्श नगर, पटवारी कॉलोनी, त्रिमूर्ति नगर, टाटा नगर, धीरज शाह नगर, सैफी नगर, कल्याण नगर, तेजा नगर ब्लॉक-2, अशोक नगर, ज्योति नगर, सरस्वती नगर, मौलाना आजाद नगर, समता नगर, राजस्व नगर, प्रताप नगर, संजय नगर, रहमत नगर, बापू नगर, सर्वोदय नगर, कृष्णा विहार, सखवाल नगर, रंगमहल और रामदेवजी की घाटी सहित कुल 61 अनाधिकृत कॉलोनियां शामिल हैं। तीन साल पुराने सौदों पर भी पड़ेगा असर नगर निगम द्वारा यह प्रतिबंध 27 जनवरी 2023 से प्रभावी माना गया है। ऐसे में पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान जिन लोगों ने इन अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदे हैं, उन्हें अब नामांतरण में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जानकारी के अभाव में कई खरीदारों ने भूखंड खरीद लिए थे, जिन पर अब निगम का यह फैसला परेशानी बढ़ा सकता है। नगर निगम आयुक्त का क्या कहना है? नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण संबंधित कालोनाइजरों को शेष प्लॉट बेचने की अनुमति नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

EPFO में बड़ा बदलाव! पोर्टल से हटीं UAN की 2 अहम सेवाएं, अब सिर्फ UMANG ऐप से होगा ये जरूरी काम

EPFO ने अपने पोर्टल से UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा हटा दी है। अब ये दोनों सेवाएं केवल UMANG ऐप के जरिए आधार आधारित Face Authentication के साथ उपलब्ध होंगी। जानिए पूरा प्रोसेस और क्या बदला है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। EPFO: देशभर के करोड़ों ईपीएफ (EPF) खाताधारकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) ने अपने पोर्टल के अपग्रेडेशन के बाद UAN (Universal Account Number) से जुड़ी दो महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं को बंद कर दिया है। अब UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा EPFO पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी। इन दोनों सेवाओं को सरकार के UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहां आधार आधारित Face Authentication अनिवार्य होगा। EPFO UAN सेवाओं में बड़ा बदलाव, अब पोर्टल पर नहीं होंगे ये काम एक सप्ताह तक चले डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के बाद EPFO ने अपना पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि संस्था ने स्पष्ट किया है कि कुछ ऑनलाइन सेवाओं और क्लेम प्रोसेसिंग में शुरुआती दिनों में थोड़ी देरी हो सकती है। इसी दौरान EPFO ने बड़ा फैसला लेते हुए दो प्रमुख सेवाओं को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है। अब सदस्य EPFO पोर्टल के माध्यम से न तो अपना UAN एक्टिवेट कर पाएंगे और न ही नया UAN जनरेट कर सकेंगे। क्या-क्या बदला? EPFO UAN अपडेट के मुख्य बदलाव UMANG ऐप से ऐसे करें UAN Activation अगर आपको अपना UAN एक्टिव करना है, तो अब यह प्रक्रिया UMANG ऐप के जरिए पूरी करनी होगी। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: नया UAN कैसे जनरेट करें? अब नया UAN बनाने की सुविधा भी केवल UMANG ऐप पर उपलब्ध होगी। प्रक्रिया इस प्रकार है: क्यों किया गया यह बदलाव? EPFO के अनुसार यह बदलाव बड़े डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। आधार आधारित Face Authentication लागू होने से फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी और सदस्य सत्यापन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।

Ratlam News: Farmer ID हुई अनिवार्य: रतलाम के किसानों के लिए बड़ा अपडेट, अब खाद-बीज, ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बनवानी होगी Farmer ID

रतलाम में Farmer ID बनवाना अब अनिवार्य हो गया है। खाद, बीज, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को Farmer ID बनवानी होगी। जानिए आवश्यक दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शासन की महत्वाकांक्षी Farmer ID योजना के तहत अब भूमि स्वामियों के लिए Farmer ID बनवाना आवश्यक कर दिया गया है। इसके बिना भविष्य में खाद, बीज, कृषि ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। रतलाम में कहां बनवाएं Farmer ID? रतलाम शहर तहसील प्रशासन के अनुसार, कस्बा रतलाम में जिन भी नागरिकों या कृषकों के नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, वे अपनी Farmer IDकिसी भी MP Online कियोस्क पर जाकर बनवा सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक किसान रतलाम शहर तहसील के कक्ष क्रमांक-27 में भी जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Farmer ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? Farmer ID बनवाने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा— प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ होना अनिवार्य है, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया OTP के माध्यम से पूरी की जाएगी। Farmer ID क्यों है जरूरी? शासन द्वारा शुरू की गई Farmer ID योजना का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। भविष्य में Farmer ID का उपयोग इन कार्यों के लिए अनिवार्य रहेगा— प्रशासन की अपील तहसील प्रशासन ने सभी भूमि स्वामियों और किसानों से जल्द से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह शासन की प्राथमिकता वाली योजना है और समय रहते पंजीयन कराने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा। क्या करें किसान? यदि आपके नाम पर कृषि भूमि दर्ज है, तो बिना देरी किए अपने नजदीकी MP Online कियोस्क या रतलाम शहर तहसील कार्यालय (कक्ष क्रमांक-27) पहुंचकर Farmer ID बनवा लें। आवश्यक दस्तावेज साथ रखें ताकि प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

MP News: MP में बिजली बिल का नया फॉर्मेट: सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली चलाकर बचाएं 20% तक बिल, जानिए पूरा गणित

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WhatsApp Username Feature: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट! WhatsApp का बड़ा प्राइवेसी अपडेट, जानिए कैसे करेगा काम

WhatsApp Username Feature जल्द सभी यूजर्स के लिए रोलआउट होगा। अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट कर सकेंगे। जानिए WhatsApp Username कैसे काम करेगा, इसके फायदे और इसे कैसे रिजर्व करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। WhatsApp Username Feature: अब मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं WhatsApp अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लेकर आया है। कंपनी ने WhatsApp Username Feature की घोषणा की है, जिसके बाद किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। यूजर्स अब एक यूनिक यूज़रनेम के जरिए चैट कर सकेंगे, जिससे उनकी प्राइवेसी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। फिलहाल कंपनी ने यूज़रनेम रिजर्व करने की सुविधा शुरू की है, जबकि यह फीचर आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp Username Feature क्या है? अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य था। लेकिन नए WhatsApp Username Feature के तहत यूजर्स अपना एक यूनिक Username बना सकेंगे। इसके बाद लोग उसी Username के जरिए उनसे संपर्क कर पाएंगे, बिना उनका फोन नंबर देखे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं, जैसे कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, बिजनेस यूजर्स और ऑनलाइन कम्युनिटी मैनेजर्स। कैसे करेगा काम नया Username फीचर? WhatsApp के मुताबिक, इस फीचर में किसी तरह की Public Directory या Search List नहीं होगी। यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ आपका नाम टाइप करके आपको खोज नहीं सकेगा। किसी नए व्यक्ति को आपसे संपर्क करने के लिए आपका सही Username पता होना जरूरी होगा। इससे अनचाहे मैसेज और स्पैम की संभावना काफी कम हो जाएगी। Username Key से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा WhatsApp इस अपडेट के साथ Username Key नाम का एक अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर भी ला रहा है। अगर कोई यूजर इस फीचर को ऑन करता है, तो नए व्यक्ति को मैसेज भेजने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य स्पैम, फर्जी अकाउंट और अनजान लोगों के अनचाहे संदेशों से बचाव करना है। Instagram और Facebook वाला Username भी कर सकेंगे इस्तेमाल कंपनी ने बताया है कि कंटेंट क्रिएटर्स, बिजनेस और ऑर्गेनाइजेशन अपने Instagram या Facebook पर इस्तेमाल होने वाले Username को भी WhatsApp पर क्लेम कर सकेंगे। इससे सभी Meta प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा। कैसे करें WhatsApp Username रिजर्व? अगर आपके फोन में WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन मौजूद है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं— फिलहाल यह सुविधा केवल Username रिजर्वेशन के लिए उपलब्ध है। फीचर पूरी तरह उपलब्ध होने पर WhatsApp ऐप के अंदर नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी देगा। WhatsApp ने क्या कहा? WhatsApp का कहना है कि इस नए फीचर का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना है। कंपनी के अनुसार, बिना मोबाइल नंबर साझा किए सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित होगी।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा! जुलाई में DA बढ़ने के संकेत

8th Pay Commission लागू होने से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में 2 से 3 फीसदी तक बढ़ोतरी मिल सकती है। जानिए ताजा अपडेट और 8वें वेतन आयोग की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। 8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार अभी कुछ और समय तक करना पड़ सकता है। हालांकि, इससे पहले ही लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने के रूप में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालिया महंगाई के आंकड़ों के बाद जुलाई 2026 से DA में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद तेज हो गई है। जुलाई में बढ़ सकता है महंगाई भत्ता (DA) केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की समीक्षा करती है। यह बढ़ोतरी औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर तय की जाती है, ताकि बढ़ती महंगाई के असर से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिल सके। फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन महंगाई के हालिया आंकड़ों ने DA बढ़ने की संभावना को मजबूत किया है। महंगाई के नए आंकड़े क्या कहते हैं? मई 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में यह 3.48% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 4.25% और शहरी क्षेत्रों में 3.53% तक पहुंच गई है। वहीं, खाद्य महंगाई (Food Inflation) भी बढ़ी है। मई में अखिल भारतीय उपभोक्ता फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के अनुसार फूड इन्फ्लेशन 4.78% रही, जो अप्रैल में 4.20% थी। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से संकेत मिल रहा है कि महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है। अभी कितना मिल रहा है DA? केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया गया। इसके बाद कर्मचारियों का DA और पेंशनभोगियों की DR 58% से बढ़कर 60% हो गई। अब जुलाई 2026 के संशोधन का इंतजार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CPI-IW के आंकड़े इसी तरह बने रहे तो कर्मचारियों को 2 से 3 प्रतिशत अतिरिक्त DA मिल सकता है। 8वें वेतन आयोग पर क्या है ताजा अपडेट? 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांगें लगातार जारी हैं। इनमें न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने, महंगाई के अनुरूप वेतन संरचना में बदलाव, भत्तों में संशोधन और पेंशन लाभों में सुधार जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक आयोग की सिफारिशों को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले DA संशोधन का ही लाभ मिलता रहेगा।

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