IBPS Clerk भर्ती की 11,403 वैकेंसी को लेकर बड़ा अपडेट, आवेदन की तारीख और परीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी

IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानिए आवेदन, योग्यता, फीस, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच IBPS Clerk की 11,403 पदों वाली भर्ती को लेकर जानकारी तेजी से सामने आ रही है। हालांकि, इस भर्ती से जुड़ी तारीखों को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में भ्रम की स्थिति दिखाई दे रही है। आधिकारिक IBPS रिकॉर्ड के अनुसार 11,403 Customer Service Associate पदों वाली CRP-CSA XV भर्ती का नोटिफिकेशन 1 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके लिए शुरुआती आवेदन अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक थी। बाद में IBPS ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 28 अगस्त 2025 कर दी थी। इसलिए 9 अगस्त 2026 की स्थिति में इस पुरानी भर्ती को नई आवेदन प्रक्रिया बताकर आवेदन करने की जानकारी देना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से जुड़े अपडेट उपलब्ध हैं। 11,403 पदों वाली भर्ती किस पद के लिए थी? IBPS की यह भर्ती Customer Service Associate (CSA) पद के लिए थी, जिसे आमतौर पर बैंक क्लर्क भर्ती के रूप में जाना जाता है। इस भर्ती के जरिए भाग लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में Customer Service Associate पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना था। IBPS ने इसे CRP-CSA XV नाम दिया था। भर्ती प्रक्रिया में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिक्तियां निर्धारित की गई थीं। हालांकि, रिक्तियों की संख्या को IBPS ने समय-समय पर अपडेट भी किया था। आधिकारिक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया था कि वैकेंसी संख्या संबंधित बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी। आवेदन की तारीख को लेकर न करें गलती पुराने नोटिफिकेशन में आवेदन की शुरुआती अवधि 1 अगस्त से 21 अगस्त 2025 निर्धारित थी। बाद में IBPS ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 28 अगस्त 2025 तक बढ़ाई थी। इसका मतलब है कि इस भर्ती के लिए अब नया आवेदन नहीं किया जा सकता। उम्मीदवारों को किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए पुराने आवेदन लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फीस जमा करने से पहले आधिकारिक IBPS वेबसाइट पर भर्ती की स्थिति जरूर जांचनी चाहिए। योग्यता क्या थी? CRP-CSA XV भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक होना जरूरी था। इसके अलावा उम्मीदवार के लिए कंप्यूटर का कार्यसाधक ज्ञान आवश्यक था। जिस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से उम्मीदवार ने पद के लिए आवेदन किया था, वहां निर्धारित स्थानीय भाषा का ज्ञान भी भर्ती की शर्तों में शामिल था। आयु सीमा आधिकारिक भर्ती नियमों के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष रखी गई थी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान था। चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू नहीं IBPS Customer Service Associate भर्ती की खास बात यह है कि इसमें सामान्य तौर पर अलग से इंटरव्यू चरण नहीं होता। चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा शामिल होती है। मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा का पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा में तीन प्रमुख सेक्शन होते हैं— परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है और गलत उत्तरों के लिए नियमानुसार नेगेटिव मार्किंग भी लागू होती है। 2026 में भर्ती की स्थिति क्या है? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर CRP-CSA XV के लिए जुलाई 2026 में मुख्य परीक्षा परिणाम और प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित अपडेट प्रकाशित किए जा चुके हैं। 15 जुलाई 2026 को रिजर्व लिस्ट से जुड़े अपडेट और 17 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा परिणाम तथा प्रोविजनल अलॉटमेंट से संबंधित जानकारी जारी हुई थी। इसलिए 11,403 पदों वाली इस भर्ती को अगस्त 2026 में शुरू हुई नई भर्ती बताना सही नहीं होगा। IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल 2026 में PO/MTs XVI और Specialist Officers XVI जैसी नई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े अपडेट भी उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह अगर आप बैंक क्लर्क भर्ती की तैयारी कर रहे हैं तो किसी वायरल पोस्ट के आधार पर आवेदन करने के बजाय IBPS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें। ध्यान रखें:

Ratlam News: रतलाम में विश्व आदिवासी दिवस पर बदलेगी यातायात व्यवस्था

रतलाम में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य आयोजन पोलो ग्राउंड में होगा। रैली के चलते कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था रहेगी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को रतलाम शहर में बड़ा आयोजन होने जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम पोलो ग्राउंड में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रस्तावित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के सदस्य और ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। सैलाना, सरवन, बाजना, रावटी, शिवगढ़ और बिलपांक क्षेत्र से ग्रामीण रैली के रूप में पोलो ग्राउंड पहुंचेंगे। संभावित भीड़ को देखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर डायवर्जन प्लान जारी किया है। रैली के दौरान निर्धारित मार्ग पर दोपहिया और चारपहिया समेत सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। शहर में आने-जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। इन रास्तों से होकर गुजरेगी रैली यातायात पुलिस के अनुसार रैली भील धर्मशाला से शुरू होकर बाजना बस स्टैंड, चांदनी चौक, तोपखाना, गणेश देवरी, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा चौराहा, नाहरपुरा तिराहा, आरोग्यम हॉस्पिटल, नगर निगम तिराहा, मेहंदी कुई बालाजी मंदिर, छत्रीपुल और अंबेडकर तिराहा होते हुए पोलो ग्राउंड पहुंचेगी। रैली के चलते इस पूरे निर्धारित रूट पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि वे इस मार्ग पर अनावश्यक रूप से वाहन लेकर न जाएं और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। भारी वाहनों के लिए अलग डायवर्जन प्लान कार्यक्रम के दौरान शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अलग-अलग दिशाओं से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। सैलाना की ओर से आने वाले वाहन सैलाना से रतलाम शहर की ओर आने वाले भारी वाहन 80 फीट रोड, डोंगरे नगर, वन विभाग की ओर जाने वाले मार्ग तथा बंजली फंटा और सेजावता फंटा होते हुए बाईपास का उपयोग करेंगे। शिवगढ़ की ओर से आने वाले वाहन शिवगढ़ से शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों को वरोठ माता मंदिर, नंदलई फंटा और सेजावता होते हुए शहर की ओर जाने का मार्ग निर्धारित किया गया है। झाबुआ रोड की ओर से आने वाले वाहन झाबुआ रोड की ओर से रतलाम आने वाले भारी वाहन करमदी, सालाखेड़ी और बाईपास मार्ग का उपयोग करेंगे। सालाखेड़ी फंटा से आने वाले वाहन सालाखेड़ी फंटा से शहर की तरफ आने वाले भारी वाहनों को प्रतापगढ़ पुलिया से डी-मार्ट होते हुए जाने के लिए कहा गया है। आम लोगों के लिए कहां रहेगी पार्किंग? विश्व आदिवासी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए यातायात पुलिस ने पांच पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। निर्धारित पार्किंग स्थल: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। रैली के मार्ग या प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन पार्क करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यातायात पुलिस ने की सहयोग की अपील संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने लोगों से जारी किए गए मार्ग परिवर्तन और डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने से लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान शहर में आने-जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

MP News: मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ा, पांच साल बाद लागू हुई नई दरें; जानिए किस बस का कितना बढ़ा किराया

MP News: मध्य प्रदेश में पांच साल बाद बस किराए में 60% तक बढ़ोतरी लागू हो गई है। जानिए नई किराया दरें, किस बस का कितना किराया बढ़ा और भोपाल-इंदौर का नया किराया। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने करीब पांच साल बाद यात्री बसों के किराए में संशोधन करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं। सबसे बड़ा बदलाव साधारण बसों के किराए में हुआ है, जहां प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाकर 2 रुपये कर दिया गया है। नई अधिसूचना के साथ ही बढ़ा हुआ किराया तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती परिचालन लागत और डीजल की कीमतों को देखते हुए किराया संशोधित किया गया है। दूसरी ओर, बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। पांच साल बाद क्यों बढ़ाया गया बस किराया? आखिरी बार अप्रैल 2021 में बस किराए में संशोधन किया गया था। तब से डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और कर्मचारियों के खर्च में लगातार वृद्धि हुई है। बस संचालकों का कहना था कि पुराने किराए पर संचालन करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी बीच बस ऑपरेटर संगठनों ने 7 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले ही राज्य सरकार ने नई किराया दरों की अधिसूचना जारी कर दी। साधारण बस का नया किराया नई व्यवस्था के अनुसार अब साधारण बस का किराया 2 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। पहले यह लगभग 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर था। साथ ही न्यूनतम किराया भी बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 7 रुपये था। किन बसों का कितना बढ़ा किराया? साधारण बस रात्रिकालीन बस सेवा (रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक) डीलक्स बस (नॉन-एसी) स्लीपर बस डीलक्स बस (एसी) सुपर लग्जरी एसी कोच ध्यान दें: डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। वहीं एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। भोपाल से इंदौर का नया बस किराया यदि भोपाल से इंदौर (करीब 180 किलोमीटर) की यात्रा करते हैं, तो नई दरें इस प्रकार होंगी— बस ऑपरेटरों ने क्या कहा? बस संचालकों के संगठनों का कहना है कि यह निर्णय लंबे समय से लंबित था। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 की तुलना में डीजल और संचालन खर्च काफी बढ़ चुके हैं, इसलिए किराया संशोधन जरूरी हो गया था। हालांकि, संगठनों का कहना है कि उनकी अन्य मांगों पर सरकार से बातचीत अभी जारी है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आंदोलन पर आगे निर्णय लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से पहले बड़ा फैसला राज्य सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर चिन्हित मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही किराया वसूली और संचालन की निगरानी सीसीटीवी तथा अन्य तकनीकी माध्यमों से की जाएगी। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से किए जाने की तैयारी है।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

Speed Post New Rules 2026: राखी भेजना हुआ आसान, 500 ग्राम तक डॉक्यूमेंट मानी जाएगी, 24-48 घंटे में मिलेगी डिलीवरी

Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन से पहले भारतीय डाक ने स्पीड पोस्ट के नियम बदले हैं। अब 500 ग्राम तक राखी डॉक्यूमेंट मानी जाएगी और 6 शहरों में 24 व 48 घंटे की एक्सप्रेस डिलीवरी शुरू हुई है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने की तैयारी में जुट जाती हैं। इस बार भारतीय डाक विभाग ने त्योहार से पहले ऐसा बदलाव किया है जिससे स्पीड पोस्ट के जरिए राखी भेजना पहले की तुलना में अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा। 1 अगस्त 2026 से लागू नए नियमों के तहत 500 ग्राम तक की गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड और छोटे पैकेट को अब ‘डॉक्यूमेंट’ श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा छह प्रमुख महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे की एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की गई है। डाक विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ग्राहकों को तेज और बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरी दस्तावेज और राखी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। क्या बदले हैं Speed Post के नए नियम? भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट में डॉक्यूमेंट और पार्सल की श्रेणियों को स्पष्ट रूप से अलग कर दिया है। नए नियमों के अनुसार यदि किसी लिफाफे या छोटे पैकेट में केवल गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड या आवश्यक दस्तावेज हैं और कुल वजन 500 ग्राम तक है, तो उसे डॉक्यूमेंट माना जाएगा। इससे बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान होगी और ग्राहकों को सही श्रेणी चुनने में परेशानी नहीं होगी। किन वस्तुओं को मिलेगा डॉक्यूमेंट का दर्जा? अब निम्नलिखित वस्तुएं डॉक्यूमेंट श्रेणी में शामिल होंगी— किन वस्तुओं को माना जाएगा पार्सल? यदि राखी के साथ अन्य सामान भेजा जाता है तो उसे पार्सल श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें शामिल हैं— 6 महानगरों में शुरू हुई 24 और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा रक्षाबंधन के दौरान डिलीवरी तेज करने के लिए भारतीय डाक विभाग ने दो नई सेवाएं शुरू की हैं। 24 Speed Post 48 Speed Post फिलहाल यह सुविधा इन शहरों में शुरू की गई है— डाकघर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान यदि आप इस रक्षाबंधन पर स्पीड पोस्ट से राखी भेजने की योजना बना रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें— अगस्त 2026 से स्पीड पोस्ट की नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू नई दरों के अनुसार स्पीड पोस्ट की शुरुआती कीमतों में बदलाव किया गया है। रिटेल ग्राहकों के लिए शुल्क इस प्रकार हैं— ध्यान दें: 51 ग्राम से अधिक वजन वाले आर्टिकल और 48 Speed Post का शुल्क दूरी एवं चुनी गई सेवा के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। सभी शुल्कों पर नियमानुसार अलग से GST भी लागू होगा। महत्वपूर्ण जानकारी राखी भेजने वालों के लिए जरूरी बातें

LPG e-KYC की आखिरी तारीख नजदीक, 16 अगस्त के बाद लाखों उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

16 अगस्त तक LPG e-KYC नहीं कराने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। जानिए क्या है पूरा मामला और e-KYC कराने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG e-KYC: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह समय बेहद अहम है। गैस कंपनियां लगातार ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए एसएमएस भेज रही हैं। संदेश में 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश में अब भी करीब 39.84 लाख उपभोक्ताओं की LPG e-KYC बाकी है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ गैस एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से सिलेंडर डिलीवरी प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने या कमर्शियल दर पर सिलेंडर देने को लेकर गैस कंपनियों की ओर से कोई सार्वजनिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल एजेंसियों को मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है। LPG e-KYC क्यों बनी जरूरी? सरकार और तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से एलपीजी कनेक्शन का आधार आधारित सत्यापन करा रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। e-KYC पूरी होने के बाद उपभोक्ता का गैस कनेक्शन आधार से सत्यापित हो जाता है, जिससे रिकॉर्ड अपडेट रहता है। क्या 947 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में मिलेगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि e-KYC नहीं कराने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। फिलहाल स्थिति क्या है? ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय समय रहते e-KYC पूरी कर लेनी चाहिए। घर बैठे ऐसे कराएं LPG e-KYC e-KYC कराने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध हैं। 1. IndianOil ONE App यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है, तो आधिकारिक ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 2. नजदीकी गैस एजेंसी आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। 3. सिलेंडर डिलीवरी के समय कई एजेंसियां डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी e-KYC की सुविधा दे रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

August Rules 2026: 1 August 2026 से बदलेंगे कई अहम नियम, जानिए LPG, बैंक, ITR और तत्काल टिकट से जुड़े सभी अपडेट

August Rules 2026: 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर, बैंक छुट्टियां, तत्काल टिकट, ITR, क्रेडिट कार्ड और ATM नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जानिए कौन-कौन से नए नियम आपकी जेब पर असर डालेंगे। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। August Rules 2026: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अगस्त 2026 से ऐसे कई नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब, बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकों की छुट्टियों, रेलवे के तत्काल टिकट, ITR फाइलिंग, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि अगस्त महीने में आपका बैंक, गैस बुकिंग या टैक्स से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो इन नियमों की जानकारी पहले से होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। नीचे जानिए 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव 1. एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए 1 अगस्त को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की नई कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। 2. तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और नंबर आने पर टिकट बुक किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ और धक्का-मुक्की को कम करना है। 3. अगस्त महीने की बैंक छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कई अवसरों पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यदि आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो छुट्टियों की सूची पहले जरूर देख लें। 4. ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर रखें नजर हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन कुछ बैंक समय-समय पर अपने शुल्क, मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसलिए अपने बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना बेहतर रहेगा। 5. क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं हर महीने कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं— यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांच लें। 6. ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव एलपीजी के अलावा विमान ईंधन (ATF) सहित अन्य ईंधन की कीमतों में भी बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। यदि ATF महंगा होता है तो भविष्य में हवाई यात्रा की लागत पर भी असर पड़ सकता है। 7. ITR भरने वालों के लिए महत्वपूर्ण तारीख जिन करदाताओं को ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरना है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। 8. होम लोन और EMI पर भी रह सकती है नजर अगस्त महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने की संभावना है। यदि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो इसका असर— की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

MP News: किसानों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, अब 60% मूंग खरीदेगी; ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल स्थगित

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग मानते हुए मूंग खरीदी की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी है। स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख भी बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। किसानों की मांग और जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 25 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदी जाएगी। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों मूंग उत्पादक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार ने स्लॉट बुकिंग और खरीदी की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इस व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई जाएगी। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। MP मूंग खरीदी में सरकार ने किया बड़ा बदलाव बैठक के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रावधान है। इसी नियम के आधार पर पहले किसानों की उपज का केवल 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, किसानों की लगातार मांग और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला बदला और अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक MSP पर खरीदा जाएगा। स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीख बढ़ाई गई सरकार ने किसानों को अधिक समय देने के लिए खरीदी प्रक्रिया की समय-सीमा भी बढ़ा दी है। प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों को मिलेगा फायदा सरकार के अनुसार नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह निर्णय किसानों के लिए काफी राहत लेकर आएगा। औसतन यह करीब तीन क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी के बराबर माना जा रहा है, जिससे अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सकेगा। खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल बंद किसानों की दूसरी बड़ी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगी। जब तक समीक्षा पूरी नहीं होती, तब तक खाद वितरण पुरानी व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगा। किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मुख्य फैसले एक नजर में सरकार का क्या कहना है? कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। किसानों की मांग और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।

Ayushman Card Online Apply: घर बैठे बनाएं आयुष्मान कार्ड, पाएं ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज

Ayushman Card Online Apply: आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाएं? जानिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, फायदे और ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज पाने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ayushman Card Online Apply: महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के दौर में किसी गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट बन जाता है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। अब अच्छी बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। यदि आपका नाम योजना की लाभार्थी सूची में शामिल है, तो आप अपने मोबाइल फोन से ही कुछ आसान चरणों में डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Ayushman Card Online Apply कैसे करें, कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है, तो यहां पूरी जानकारी दी गई है। क्या है आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाने वाला डिजिटल हेल्थ कार्ड है। यह कार्ड पात्र लाभार्थियों को देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देता है। कार्ड में लाभार्थी की पहचान आधार और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी होती है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। आयुष्मान कार्ड के प्रमुख फायदे हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। कैशलेस सुविधा अस्पताल में इलाज के दौरान जेब से भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती। बड़ी बीमारियों का इलाज सर्जरी, अस्पताल में भर्ती, जांच, दवाइयों और डिस्चार्ज के बाद की देखभाल का खर्च भी योजना में शामिल है। पूरे देश में सुविधा देशभर के हजारों सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में योजना का लाभ लिया जा सकता है। परिवार के सभी पात्र सदस्य शामिल योजना में पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की अलग सीमा लागू नहीं होती। कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड? यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों के लिए है। लाभार्थियों का चयन मुख्यतः: के आधार पर किया जाता है। ध्यान दें: केवल बीपीएल कार्ड होना पर्याप्त नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए आपका नाम लाभार्थी सूची में होना जरूरी है। आवेदन से पहले रखें ये जरूरी दस्तावेज मोबाइल से ऐसे करें Ayushman Card Online Apply Step 1: पात्रता जांचें सबसे पहले PM-JAY Beneficiary Portal पर जाकर अपना नाम खोजें। यदि आपका नाम सूची में दिखाई देता है, तभी आगे की प्रक्रिया पूरी करें। Step 2: Ayushman App डाउनलोड करें Google Play Store या Apple App Store से National Health Authority का आधिकारिक Ayushman App डाउनलोड करें। Step 3: मोबाइल नंबर से लॉगिन करें मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें। Step 4: परिवार की जानकारी खोजें राज्य चुनने के बाद आधार, राशन कार्ड, फैमिली आईडी या PM-JAY ID के माध्यम से अपना रिकॉर्ड खोजें। Step 5: e-KYC पूरा करें अपने नाम पर क्लिक करें और OTP आधारित आधार e-KYC पूरी करें। Step 6: आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें सत्यापन पूरा होने के बाद आपका डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। अगर सूची में नाम नहीं मिले तो क्या करें? यदि आपका नाम लाभार्थी सूची में नहीं मिलता है, तो आप: आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी पर क्यों बढ़ा विवाद, किसानों का आंदोलन किस बात को लेकर है?

MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। जानिए सरकार मूंग की खेती को क्यों हतोत्साहित कर रही है और किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP Farmers Protest: मध्य प्रदेश में एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच मूंग खरीदी को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। राजधानी भोपाल में किसान संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। किसानों का आरोप है कि सरकार समर्थन मूल्य पर उनकी पूरी उपज नहीं खरीद रही, जबकि खेती के दौरान उन्हें भारी लागत उठानी पड़ी है। दूसरी ओर राज्य सरकार का तर्क है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। यही वजह है कि पिछले दो वर्षों से किसानों को मूंग के बजाय उड़द जैसी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके बावजूद किसानों ने बड़े पैमाने पर मूंग की खेती की, जिससे खरीदी और भंडारण की समस्या और बढ़ गई। सरकार और किसानों के बीच यही मतभेद अब आंदोलन का मुख्य कारण बन गया है। आइए जानते हैं कि पूरा विवाद आखिर क्या है और दोनों पक्षों की दलीलें क्या हैं। मूंग की खेती को लेकर सरकार की क्या दलील है? राज्य सरकार का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में कीटनाशकों और रासायनिक दवाओं का अधिक इस्तेमाल होता है। इससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से पिछले दो वर्षों से किसानों को मूंग की जगह उड़द की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार ने उड़द की समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीदी और प्रति क्विंटल 600 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की थी। फिर भी किसानों ने मूंग की खेती क्यों बढ़ाई? किसानों का कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग कम समय में तैयार हो जाती है और बेहतर मुनाफा देती है। यही कारण है कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 14.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बुवाई की गई। तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार इस सीजन में लगभग 20.16 लाख टन मूंग उत्पादन होने की संभावना है। खरीदी को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ? भारत सरकार ने इस सीजन में 4.54 लाख टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कुल अनुमानित उत्पादन का केवल लगभग 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। किसानों का आरोप है कि सरकार ने प्रति हेक्टेयर उत्पादन का मानक बहुत कम निर्धारित किया, जिससे उनकी पूरी उपज खरीदी नहीं जा सकी। किसानों की सबसे बड़ी आपत्ति क्या है? किसानों का कहना है कि सरकार ने प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन करीब 1,419 किलोग्राम माना, जबकि वास्तविक उत्पादन 14 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होता है। उनका कहना है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती में लगातार सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और कई बार कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है। ऐसे में लागत काफी अधिक आती है और सीमित खरीदी से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंदोलन का असर खरीदी पर भी दिखा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मूंग बेचने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था। लेकिन विरोध के चलते केवल करीब 82 हजार किसानों ने ही अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेची। इसे किसान संगठनों ने खरीदी प्रक्रिया के विरोध का संकेत बताया है। गोदामों में पहले से पड़ा है भारी स्टॉक सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों की साढ़े तीन लाख टन से अधिक मूंग अभी भी सरकारी गोदामों में रखी हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपये है। कमजोर गुणवत्ता और बाजार में सीमित मांग के कारण इस स्टॉक की बिक्री भी चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि सरकार अतिरिक्त खरीदी को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। किसान संगठन ने क्या कहा? राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा ने कहा कि यदि सरकार मूंग को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसमें इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों और रसायनों की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लगाई जाती। उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार पहले किसानों को मूंग उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करती रही है, तो अब समर्थन मूल्य पर खरीदी से पीछे नहीं हटना चाहिए।

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