MP News: लाड़ली बहना योजना पर हाईकोर्ट में याचिका, ₹1500 की किस्त रोकने की मांग; सरकार से 4 हफ्ते में जवाब

MP News: लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई है। ₹1500 की किस्त रोकने की मांग पर सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर अब मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता को बंद करने की मांग को लेकर ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में सीधे आर्थिक सहायता देने की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। ग्वालियर की सुधा दुबे की ओर से दाखिल याचिका में मांग की गई है कि महिलाओं को हर महीने नकद राशि देने के बजाय रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और वोकेशनल ट्रेनिंग जैसे अवसर उपलब्ध कराने पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  हाईकोर्ट ने सरकार से क्या मांगा? मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। अदालत ने राज्य सरकार से योजना से जुड़े रिकॉर्ड और लाभार्थियों की जानकारी पेश करने को कहा है। सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना है। कोर्ट ने यह जानकारी भी मांगी है कि योजना के तहत कितने हितग्राही हैं और उन्हें कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है।  याचिका में क्या दलील दी गई? याचिकाकर्ता की ओर से योजना के नियमित खर्च और राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय दायित्व को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में तर्क दिया गया है कि महिलाओं को लगातार नकद सहायता देने के बजाय रोजगार, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि रोजगार और कौशल आधारित अवसर महिलाओं को लंबे समय तक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकते हैं। ये याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में रखी गई दलीलें हैं और सरकार का विस्तृत पक्ष अभी सामने आना बाकी है।  करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा लाभ उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले रही हैं और पात्र लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। योजना की बड़ी संख्या में लाभार्थियों को देखते हुए अदालत ने उनके विवरण से संबंधित जानकारी भी मांगी है।  क्या अब ₹1500 की किस्त बंद हो जाएगी? फिलहाल ऐसा नहीं है। हाईकोर्ट ने अभी लाड़ली बहना योजना को बंद करने या महिलाओं को मिलने वाली ₹1500 की मासिक सहायता पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है। अदालत ने सरकार से जवाब और योजना से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। इसलिए केवल जनहित याचिका दायर होने के आधार पर लाभार्थियों की अगली किस्त रुकने की बात कहना सही नहीं होगा।  अब आगे क्या होगा? अब राज्य सरकार को अदालत के नोटिस का जवाब देना है। सरकार योजना की उपयोगिता, लाभार्थियों की संख्या, भुगतान और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं पर अपना पक्ष रखेगी। इसके बाद हाईकोर्ट में मामले की आगे सुनवाई होगी। फिलहाल मामला प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया में है और योजना की वैधता या भुगतान व्यवस्था पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 

Ratlam News: आधी रात शहर सराय की सड़क से फूटा पानी, पाइपलाइन लीकेज से सड़क का हिस्सा उठा

Ratlam News: रतलाम के शहर सराय में आधी रात सड़क से तेज बहाव के साथ पानी निकलने लगा। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज से सड़क का हिस्सा ऊपर उठा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के शहर सराय इलाके में गुरुवार रात करीब 12 बजे अचानक सड़क से पानी निकलने लगा। कुछ ही देर में पानी का बहाव तेज हो गया और आसपास के लोगों में हलचल मच गई। जमीन के भीतर से पानी निकलता देख रहवासियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हाट चौकी पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सड़क पर बेरिकेडिंग कराई और नगर निगम को भी जानकारी दी। शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि ढोलावाड़ से शहर में पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज हुआ था। घटना का वीडियो देखे पानी का दबाव इतना अधिक था कि सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट ऊपर उठ गया। कुछ समय तक सड़क से पानी निकलने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सड़क से अचानक निकलने लगा पानी रात करीब 12 बजे शहर सराय क्षेत्र में लोगों ने सड़क से पानी बाहर निकलते देखा। शुरुआत में पानी का बहाव सामान्य नजर आया, लेकिन कुछ ही देर में इसकी रफ्तार बढ़ गई। पास में मौजूद एक अन्य नाली से भी जमीन के अंदर का पानी रास्ता बनाकर बाहर आने लगा। सड़क से इस तरह पानी निकलने की घटना को देखकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की बेरिकेडिंग सूचना मिलने के बाद हाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सड़क के प्रभावित हिस्से के आसपास बेरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को सुरक्षित किया। स्थिति को देखते हुए नगर निगम को भी सूचना दी गई, ताकि पानी के स्रोत का पता लगाकर समस्या को नियंत्रित किया जा सके। ढोलावाड़ की मुख्य पाइपलाइन में मिला लीकेज जांच के बाद पता चला कि ढोलावाड़ से पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकल रहा था। पानी के दबाव का असर सड़क पर भी दिखाई दिया। सड़क का एक हिस्सा करीब आधा फीट तक ऊपर उठ गया, जिससे सड़क की सतह पर भी इसका असर नजर आया। मोटर बंद होने के बाद रुका पानी रात करीब एक बजे कर्मचारियों ने मोटर बंद की। इसके बाद पाइपलाइन से निकल रहा पानी धीरे-धीरे रुक गया और क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। घटना के दौरान किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। अचानक सड़क से पानी निकलने के कारण कुछ समय के लिए लोगों के बीच जरूर अफरा-तफरी रही। शहर सराय में कुछ देर बनी रही स्थिति शहर सराय में हुई इस घटना ने कुछ समय के लिए लोगों का ध्यान खींच लिया। सड़क के नीचे से तेज दबाव के साथ पानी निकलने और सड़क का हिस्सा ऊपर उठने से लोग कारण जानने के लिए मौके पर पहुंचते रहे। मोटर बंद होने के बाद पानी का बहाव रुक गया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।

रतलाम में धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, नन्हे बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। गुरु रामदास पब्लिक स्कूल, इंदिरा नगर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने भगवान कृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्सव का माहौल बना दिया। नन्हे बच्चे बाल गोपाल और राधा रानी के रूप में बेहद आकर्षक नजर आए। बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। बाल गोपाल और राधा रानी के स्वरूप ने मोहा मन कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत भगवान कृष्ण और राधा रानी के स्वरूपों के दर्शन के साथ हुई। इसके बाद छोटे बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मासूमियत, उत्साह और शानदार प्रस्तुति को देखकर विद्यालय में मौजूद अभिभावक और शिक्षक भी आनंदित नजर आए। नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। बच्चों ने अपनी कला और आत्मविश्वास से भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को प्रस्तुत किया। मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा आकर्षण का केंद्र जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा। नन्हे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मटकी फोड़ते बच्चों को देखकर उपस्थित दर्शकों ने जमकर उत्साह बढ़ाया। मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ऊर्जा और उत्साह ने पूरे वातावरण को आनंद और उल्लास से भर दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने जन्माष्टमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी उत्साहपूर्वक महसूस किया। विद्यालय परिवार ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम में विद्यालय समिति के सदस्य, प्राचार्य तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। साथ ही बच्चों के अंदर आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास भी होता है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। खुशी और उत्साह के माहौल के साथ गुरु रामदास पब्लिक स्कूल रतलाम में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन हुआ।

New Rules: 1 सितंबर से बदलेंगे कई जरूरी नियम और कीमतें, जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

New Rules: सितंबर 2026 से LPG कीमत, Tata-Hyundai कारों के दाम और यात्रा से जुड़े बदलाव असर डाल सकते हैं। जानिए क्या महंगा होगा और किसे राहत मिलेगी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New Rules: ’हर महीने की पहली तारीख के साथ कई कीमतों और प्रक्रियाओं में बदलाव देखने को मिलता है। सितंबर 2026 भी इससे अलग नहीं है। इस बार घरेलू बजट से लेकर कार खरीदने की योजना बनाने वालों तक, कई लोगों को नए महीने की शुरुआत में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा असर ऑटो सेक्टर में दिखाई देने वाला है। Tata Motors Passenger Vehicles ने 1 सितंबर 2026 से अपनी कारों और SUV की कीमतों में 25,000 रुपये तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। दूसरी ओर Hyundai Motor India भी सितंबर से अपनी पूरी गाड़ियों की रेंज की कीमतों में 1 प्रतिशत तक वृद्धि करने जा रही है। LPG और विमान ईंधन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर भी 1 सितंबर को नजर रहेगी। इनके रेट में मासिक समीक्षा के आधार पर बदलाव हो सकता है। LPG सिलेंडर के दाम 1 सितंबर को बदल सकते हैं तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट सामने आ सकते हैं। अगस्त में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बड़ी कटौती देखने को मिली थी, जबकि घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं किया गया था। सितंबर में घरेलू LPG सस्ता होगा या महंगा, यह तेल कंपनियों की 1 सितंबर की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए अभी किसी निश्चित नए रेट का दावा करना सही नहीं होगा। LPG ग्राहकों के लिए जरूरी बात जिन उपभोक्ताओं की LPG e-KYC प्रक्रिया लंबित है, उन्हें अपनी स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। e-KYC से जुड़ी अंतिम तारीख और नियम कंपनी के आधिकारिक माध्यम से सत्यापित करना बेहतर रहेगा। जरूरी सलाह: LPG से जुड़ी किसी भी समयसीमा या कीमत के लिए अपने गैस वितरक अथवा संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक पोर्टल की जानकारी को प्राथमिकता दें। Tata की कारें 1 सितंबर से हो सकती हैं महंगी कार खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सितंबर की शुरुआत जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। Tata Motors Passenger Vehicles ने 1 सितंबर 2026 से अपने यात्री वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 25,000 रुपये तक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बदलाव ICE यानी पेट्रोल-डीजल वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी लागू होगा। कंपनी के मुताबिक बढ़ोतरी सभी मॉडल में एक जैसी नहीं होगी। वास्तविक राशि मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग रहेगी। इसका मतलब यह है कि हर Tata कार की कीमत सीधे 25,000 रुपये नहीं बढ़ेगी। कंपनी ने बढ़ती इनपुट लागत और लगातार महंगाई के दबाव को कीमतों में संशोधन की प्रमुख वजहों में शामिल किया है। Tata कार खरीदने वालों के लिए क्या मायने रखता है? अगर कोई ग्राहक Tata की कार खरीदने की योजना बना रहा है तो उसे मौजूदा कीमत, डीलर ऑफर और 1 सितंबर के बाद लागू होने वाली नई कीमत की तुलना करनी चाहिए। केवल एक्स-शोरूम कीमत नहीं, बल्कि बीमा, RTO, एक्सेसरीज और अन्य शुल्क जोड़कर अंतिम ऑन-रोड कीमत देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा। Hyundai की कारें भी सितंबर से महंगी होंगी Hyundai Motor India ने भी सितंबर 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कीमत में बदलाव मॉडल और वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होगा। कंपनी ने बढ़ती इनपुट और कमोडिटी लागत, परिचालन खर्च तथा मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को कीमत बढ़ाने की वजह बताया है। इसका असर Hyundai की अलग-अलग कारों और SUV पर अलग मात्रा में पड़ सकता है। इसलिए ग्राहक को बुकिंग से पहले संबंधित मॉडल की नई कीमत और डीलर से मिलने वाले ऑफर की पुष्टि करनी चाहिए। Hyundai की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कंपनी अलग-अलग शहरों और मॉडल के हिसाब से मौजूदा एक्स-शोरूम कीमतें उपलब्ध कराती है। ATF की कीमत बदली तो हवाई यात्रा पर भी असर हर महीने की शुरुआत में Aviation Turbine Fuel यानी ATF की कीमतों की भी समीक्षा होती है। यही ईंधन विमानों में इस्तेमाल किया जाता है। अगर सितंबर में ATF की कीमत बढ़ती है तो एयरलाइंस की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ सकता है। आगे चलकर इसका कुछ असर हवाई किराए पर पड़ सकता है। हालांकि सिर्फ ATF की कीमत में बदलाव से टिकट का किराया कितना बदलेगा, यह पहले से तय नहीं किया जा सकता। इसलिए सितंबर की शुरुआत में हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी ATF की नई कीमत एक महत्वपूर्ण अपडेट होगी। CNG और PNG की कीमतों पर भी नजर CNG और PNG के दाम हर जगह एक ही समय और एक ही स्तर पर बदलना जरूरी नहीं है। स्थानीय गैस वितरण कंपनियों, लागत और अन्य कारकों के आधार पर इनके रेट अलग हो सकते हैं। यही वजह है कि सितंबर में CNG या PNG के संबंध में किसी एक राष्ट्रीय दर को सभी शहरों पर लागू मानना सही नहीं होगा। वाहन मालिकों और घरेलू PNG उपभोक्ताओं को अपने शहर की संबंधित गैस कंपनी की नई दर जरूर देखनी चाहिए। विदेश जाने वालों के लिए एयरपोर्ट पर क्या बदलेगा? अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से जुड़ी इमिग्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। हालांकि बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टांप से जुड़ी व्यवस्था को लेकर किसी भी बदलाव को लागू मानने से पहले संबंधित एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसी की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी है। इसलिए यात्रियों को सितंबर से जुड़ी ऐसी खबरों को अंतिम नियम मानकर यात्रा की तैयारी नहीं करनी चाहिए। एयरलाइन और इमिग्रेशन अधिकारियों की ताजा गाइडलाइन ही सबसे भरोसेमंद आधार होगी। 1 सितंबर का असर आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा? सितंबर में सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। Tata की कीमतों में 25,000 रुपये तक और Hyundai की कीमतों में 1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ LPG और ईंधन की कीमतों में बदलाव होने पर इसका असर घर … Read more

Ratlam News: रतलाम में 1950 से ज्यादा नामांतरण मामलों का रास्ता साफ, 1958-59 के रिकॉर्ड से होगी कार्रवाई

Ratlam News: रतलाम में चार साल से अटके 1950 से अधिक नामांतरण मामलों का रास्ता साफ हुआ। अब 1958-59 या बाद के राजस्व रिकॉर्ड से जमीन का नामांतरण हो सकेगा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; जिले में जमीन के नामांतरण को लेकर पिछले करीब चार साल से अटके 1950 से अधिक मामलों में अब समाधान की उम्मीद जगी है। 1956-57 के पुराने बंदोबस्त रिकॉर्ड को आधार बनाकर रोके गए नामांतरण मामलों में अब 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी। इस फैसले से उन जमीन मालिकों और खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है, जो नामांतरण के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। पुराने रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने और बाद के दस्तावेजों में निजी स्वामित्व सामने आने के कारण बड़ी संख्या में प्रकरण उलझे हुए थे। मामले की पड़ताल के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व रिकॉर्ड और पूर्व में मिले शासन के मार्गदर्शन को देखा। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि 1958-59 के रिकॉर्ड को भी नामांतरण की कार्रवाई में आधार बनाया जा सकता है। क्यों अटके थे नामांतरण के मामले? नामांतरण की समस्या की जड़ 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड से जुड़ी हुई है। उस समय के कई अभिलेखों में बड़ी संख्या में जमीनें सरकारी खाते में दर्ज थीं। बाद के 1961-62 के खसरों में इन्हीं में से कई जमीनें निजी स्वामित्व में दर्ज दिखाई दीं। इससे रिकॉर्ड में पुरानी और नई प्रविष्टियों के बीच अंतर पैदा हो गया। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि 1958 से 1962 के बीच के खसरा रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं बताया गया है। यह रिकॉर्ड कब और किस परिस्थिति में गायब हुआ, इससे संबंधित नस्ती भी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। जब जमीनों की खरीद-बिक्री के बाद नए नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचे, तो 1956-57 के रिकॉर्ड में जमीन सरकारी दर्ज होने के कारण कई प्रकरणों पर आपत्ति खड़ी हो गई। इसके चलते कुछ आवेदन लंबित रहे तो कुछ को निरस्त कर दिया गया। 1958-59 के रिकॉर्ड से क्या बदलेगा? अब 1956-57 के बंदोबस्त रिकॉर्ड को ही अंतिम आधार मानने के बजाय 1958-59 या उसके बाद उपलब्ध राजस्व अभिलेखों को भी देखा जा सकेगा। इससे उन मामलों में रास्ता खुल सकता है, जहां बाद के खसरों में जमीन का स्वामित्व बदल चुका है और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर अजय कटेसरिया के अनुसार मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता में 1958-59 के रिकॉर्ड को देखने का प्रावधान है और इसे अधिकार अभिलेख के रूप में माना जाता है। शासन से पूर्व में मिले मार्गदर्शन के आधार पर अब संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 16 महीने पहले ही मिल चुका था शासन का मार्गदर्शन नामांतरण की इस समस्या को लेकर तत्कालीन कलेक्टर राजेश बाथम ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव से मार्गदर्शन मांगा था। इसके जवाब में 3 अप्रैल 2025 को राजस्व मंत्रालय ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुसार यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जिले में इस दिशा-निर्देश को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। बाद में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर वर्तमान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मामले की पड़ताल की, जिसके बाद पुराने शासन निर्देश सामने आए। जमीन मालिकों की परेशानी भी सामने आई नामांतरण अटकने से आम लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, इसके उदाहरण भी सामने आए हैं। रामलाल वाघेला ने बताया कि वह करीब छह महीने से नामांतरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। करमदी के पास रिंग रोड क्षेत्र में स्थित उनकी जमीन के खसरा-खतौनी रिकॉर्ड में मालिकाना हक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। दूसरे मामले में मुकेश कुमार, निवासी धामनोद, ने बताया कि जमीन का सौदा होने के बाद नामांतरण नहीं होने से आगे की प्रक्रिया अटक गई। उनका कहना है कि उन्होंने 1961-62 से आगे के उपलब्ध रिकॉर्ड भी कार्यालय में प्रस्तुत किए, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रॉपर्टी कारोबारियों को भी राहत की उम्मीद जिला प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पिपाड़ा का कहना है कि यदि पुराने सरकारी रिकॉर्ड की विसंगति दूर हो जाती है तो जमीन की खरीद-बिक्री और नामांतरण से जुड़ी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में रिकॉर्ड स्पष्ट होने से खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। 1950 से अधिक लंबित मामलों पर अब नजर रतलाम जिले में करीब 1950 से अधिक नामांतरण प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए गए हैं। अब 1958-59 या उसके बाद के उपलब्ध रिकॉर्ड को आधार बनाकर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना बनने से इन मामलों के निराकरण का रास्ता खुल गया है। हालांकि, प्रत्येक मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए नामांतरण स्वतः नहीं होगा, बल्कि संबंधित प्रकरण में रिकॉर्ड और नियमों के आधार पर सक्षम राजस्व अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा और भद्रा की पूरी जानकारी

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय, पूर्णिमा तिथि, भद्रा और दोपहर के मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां जानें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन 2026 इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्व की तारीख को लेकर कुछ लोगों के मन में 27 और 28 अगस्त को लेकर असमंजस है, जिसकी वजह श्रावण पूर्णिमा की तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह करीब 9:09 बजे शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:49 बजे समाप्त होगी। इसी आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की जानकारी दी गई है। राखी बांधने के लिए मुख्य शुभ समय 28 अगस्त की सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। इसमें सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त और 9:10 से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। Raksha Bandhan 2026 कब मनाया जाएगा? इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार की तारीख श्रावण पूर्णिमा की तिथि के आधार पर निर्धारित की गई है। पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और अगले दिन 28 अगस्त की सुबह समाप्त होगी। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में समय में एक-दो मिनट का अंतर संभव है। राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। मुख्य शुभ समय: सुबह के इस समय में भी दो प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं। लाभ मुहूर्त सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक लाभ मुहूर्त रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में राखी बांधना शुभ माना जाता है। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त इसके बाद सुबह 9:10 बजे से 9:48 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा। जो परिवार सुबह राखी बांधने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए 7:33 से 9:48 बजे के बीच का समय खास तौर पर उपयोगी रहेगा। सुबह का समय न मिले तो दोपहर में कब बांधें राखी? हर परिवार के लिए सुबह राखी बांधना संभव नहीं होता। नौकरी, यात्रा या दूसरे कारणों से यदि सुबह का समय निकल जाए तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोपहर में भी राखी बांधी जा सकती है। दोपहर का शुभ समय: 12:23 बजे से 2:00 बजे तक। इसलिए सुबह का मुख्य मुहूर्त नहीं मिल पाने पर परिवार दोपहर के बताए गए शुभ समय में रक्षाबंधन की रस्म पूरी कर सकता है। 27 और 28 अगस्त को लेकर क्यों है भ्रम? रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की मुख्य वजह पूर्णिमा की अवधि है। पूर्णिमा 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। रक्षाबंधन पर भद्रा की क्या स्थिति रहेगी? रक्षाबंधन के दौरान भद्रा का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा में भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचने की मान्यता है। शिमला के राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, भद्रा काल 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा की बाधा नहीं रहने की बात कही गई है। हालांकि, मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और पंचांग की गणना के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अपने क्षेत्र के स्थानीय पंचांग से समय का मिलान करना उचित रहेगा। Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का महत्व क्या है? रक्षाबंधन केवल राखी बांधने की रस्म तक सीमित नहीं है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। आज बदलते समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके भी बदले हैं। दूर रहने वाले भाई-बहन वीडियो कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से भी एक-दूसरे से जुड़ते हैं, लेकिन पर्व का भाव आज भी पारिवारिक प्रेम और अपनापन ही है। Raksha Bandhan 2026: जरूरी समय एक नजर में मुख्य जानकारी

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट, प्रमुख बाजारों और मार्गों का किया निरीक्षण

Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस अलर्ट है। अधिकारियों ने जुलूस मार्ग, बाजारों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक रतलाम रेंज निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार ने शहर में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान खास तौर पर ईद-ए-मिलाद जुलूस मार्ग का पैदल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में जुलूस मार्ग की स्थिति के साथ यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों को देखा गया। संबंधित पुलिस अधिकारियों को मौके के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 26 अगस्त को निकलेगा ईद-ए-मिलाद जुलूस ईद-ए-मिलाद के अवसर पर 26 अगस्त 2026 को रतलाम में जुलूस निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार जुलूस सुबह 8 बजे आबकारी चौराहा से शुरू होकर निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए वापस आबकारी चौराहा पहुंचेगा। जुलूस का निर्धारित मार्ग आबकारी चौराहा → हरदेवलाला पिपली → तोपखाना → गणेश देवरी → डालूमोदी → चिंतामन गणेश मंदिर → महलवाड़ा → सूरजपोल → मोचीपुरा → काजीपुरा → शैरानीपुरा → जमातखाना → आनंद कॉलोनी → कांवेंट तिराहा → कोर्ट तिराहा → अम्बेडकर तिराहा → स्टेशन रोड थाना → दो बत्ती चौराहा → न्यू रोड → लोकेन्द्र टॉकीज → शहर सराय → शहीद चौक → आबकारी चौराहा। जुलूस के पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर भी रहेगी नजर त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। आमजन को परेशानी न हो और यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पुलिस को जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्जन, नो-व्हीकल जोन और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया है। CCTV और पेट्रोलिंग से होगी निगरानी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूस मार्ग और प्रमुख स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों तथा अन्य तकनीकी संसाधनों से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आमजन के लिए जरूरी अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। जुलूस के दौरान पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग, यातायात डायवर्जन और नो-व्हीकल जोन का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए मुख्य बातें: निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पंद्रो, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी आनंद सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत सहित अन्य पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

GST Registration Online: घर बैठे खुद बनवाएं GST नंबर, जानिए आवेदन का आसान तरीका

GST Registration Online की पूरी प्रक्रिया जानें। घर बैठे GST नंबर के लिए आवेदन, जरूरी दस्तावेज, TRN, Aadhaar Verification और ARN ट्रैक करने का तरीका समझें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। GST Registration Online: अगर आप नया कारोबार शुरू करने जा रहे हैं या आपका बिजनेस GST के दायरे में आता है, तो GST Registration की जरूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको जरूरी नहीं कि किसी एजेंट या साइबर कैफे की मदद ही लेनी पड़े। GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है और आवेदन खुद किया जा सकता है। GST Registration के लिए सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने का कोई अलग सरकारी रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं है। हालांकि, किसी टैक्स प्रोफेशनल या अन्य व्यक्ति से सहायता लेने पर उसकी सर्विस फीस अलग से हो सकती है। सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन करने से पहले अपने PAN, कारोबार के पते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी तैयार रखें। GSTN के आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक आवेदन Part A और Part B में पूरा किया जाता है। GST Registration के लिए किन लोगों को जरूरत पड़ सकती है? हर कारोबार के लिए एक जैसी GST Registration requirement नहीं होती। यह कारोबार के प्रकार, टर्नओवर, राज्य और सप्लाई की प्रकृति समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर जिन कारोबारियों पर GST के तहत रजिस्ट्रेशन की देनदारी बनती है, उन्हें निर्धारित समय में आवेदन करना होता है। कुछ कारोबारी स्वेच्छा से भी GST Registration ले सकते हैं। जरूरी सावधानी: केवल यह मान लेना सही नहीं है कि हर नए बिजनेस को शुरुआत से ही GST नंबर लेना अनिवार्य है। अपने कारोबार की स्थिति के अनुसार लागू नियम जरूर जांचें। GST Registration के लिए कौन-कौन से दस्तावेज रखें? दस्तावेजों की जरूरत कारोबार की संरचना और आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर निम्न जानकारी/दस्तावेज तैयार रखना उपयोगी है: बैंक अकाउंट की जानकारी को लेकर एक महत्वपूर्ण बात है। GST पोर्टल के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार शुरुआती Registration Application में बैंक अकाउंट की जानकारी अनिवार्य नहीं है; इसे बाद में संशोधन के जरिए जोड़ा जा सकता है। इसलिए बैंक पासबुक या कैंसिल चेक को हर आवेदन में अनिवार्य दस्तावेज बताना सही नहीं होगा। GST Registration Online: सबसे पहले TRN बनाएं GST Registration की प्रक्रिया का पहला चरण Temporary Reference Number यानी TRN बनाना है। Step 1: GST पोर्टल खोलें सबसे पहले GST के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। GST का आधिकारिक पोर्टल इसके बाद: Services → Registration → New Registration पर क्लिक करें। GSTN के आधिकारिक यूजर गाइड के मुताबिक New Registration में Taxpayer विकल्प चुनना होता है। इसके बाद राज्य और जिले की जानकारी, PAN में दर्ज कानूनी नाम, PAN, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। Step 2: मोबाइल और ईमेल OTP वेरिफाई करें फॉर्म में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करने के बाद दोनों पर OTP प्राप्त होगा। OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें। सफल वेरिफिकेशन के बाद सिस्टम Temporary Reference Number यानी TRN जारी करता है। यह जानकारी मोबाइल और ईमेल पर भी भेजी जाती है। अब TRN से आवेदन पूरा करें TRN मिलने के बाद दोबारा GST पोर्टल के New Registration सेक्शन में जाकर Temporary Reference Number (TRN) विकल्प चुनें। TRN, ईमेल और कैप्चा दर्ज करने के बाद OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। इसके बाद My Saved Application में जाकर अपने ड्राफ्ट आवेदन को Edit करें। ध्यान रखें कि GSTN के अनुसार TRN से जुड़ा ड्राफ्ट आवेदन सीमित समय के लिए उपलब्ध रहता है। आवेदन को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करके जमा करना जरूरी है। आवेदन में ये जानकारी भरनी होगी GST Registration Form में कारोबार से संबंधित कई जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें प्रमुख रूप से: Goods and Services वाले सेक्शन में कारोबार के अनुसार संबंधित HSN/SAC की जानकारी भी देनी पड़ सकती है। Aadhaar Authentication कैसे होगा? आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में Aadhaar Authentication का विकल्प आता है। GSTN के मौजूदा निर्देशों के अनुसार नए GST Registration में पात्र करदाताओं के लिए Aadhaar Authentication की प्रक्रिया लागू है। Authentication के लिए संबंधित व्यक्ति को GST पोर्टल से प्राप्त लिंक के जरिए Aadhaar विवरण और OTP के माध्यम से सत्यापन करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में जोखिम आधारित प्रक्रिया के अनुसार OTP Authentication के बजाय Biometric Authentication के लिए नामित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। अगर Aadhaar Authentication का विकल्प नहीं चुना जाता है, तो फोटो कैप्चर और दस्तावेज सत्यापन के लिए निर्धारित GST Suvidha Kendra जाना पड़ सकता है। Aadhaar Verification के लिए कितना समय मिलता है? GSTN के अनुसार Aadhaar Authentication लिंक सामान्य तौर पर 15 दिनों तक उपलब्ध रहता है। इसलिए लिंक मिलने के बाद समय पर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। आवेदन जमा करने के बाद ARN मिलेगा सभी जानकारी भरने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापित करने के बाद फॉर्म सबमिट किया जाता है। सफल सबमिशन के बाद Application Reference Number यानी ARN मिलता है। इसी ARN की मदद से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। GST पोर्टल में Services → Registration → Track Application Status विकल्प के जरिए स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। GST नंबर कितने समय में मिल सकता है? GST Registration को लेकर अक्सर 7-10 दिन में नंबर मिलने की बात कही जाती है, लेकिन इसे हर आवेदन के लिए तय समय नहीं माना जाना चाहिए। GSTN के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में, यदि अधिकारी निर्धारित अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करते तो कुछ आवेदन 7 working days में deemed approval के प्रावधान के अंतर्गत आ सकते हैं। Aadhaar Authentication विफल होने या Aadhaar Authentication से संबंधित अलग स्थिति में प्रक्रिया लंबी हो सकती है और 30 calendar days तक का प्रावधान लागू हो सकता है। इसलिए आवेदन की मंजूरी दस्तावेजों, सत्यापन और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। GSTIN मिलने के बाद क्या करें? आवेदन मंजूर होने के बाद आपको 15 अंकों का GSTIN मिलता है। इसके बाद GST पोर्टल पर लॉगिन करके संबंधित Registration Certificate डाउनलोड किया जा सकता है। GST नंबर मिलने के बाद कारोबार के लिए लागू GST Return Filing, Tax Invoice, Input Tax Credit और अन्य अनुपालन नियमों को … Read more

SBI New Rules: SBI में अब 4 निकासी के बाद लगेगा चार्ज, 1 अक्टूबर से बदलेगा नियम

SBI New Rules: SBI के BSBD खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से नया कैश निकासी चार्ज लागू होगा। 4 मुफ्त निकासी के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर ₹15+GST लगेगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। SBI New Rules: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाते से जुड़ी कैश निकासी सेवाओं के शुल्क में बदलाव किया है। बैंक की वेबसाइट पर जारी संशोधित सर्विस चार्ज जानकारी के मुताबिक नया शुल्क ढांचा 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। नए नियम के तहत BSBD खाताधारकों को महीने में पहली चार कैश निकासी मुफ्त मिलती रहेगी। इसके बाद होने वाली प्रत्येक अतिरिक्त निकासी पर ₹15 और लागू GST का शुल्क लिया जाएगा। SBI ने अपनी वेबसाइट पर इसे BSBD खाते के Branch Channel से संबंधित संशोधित शुल्क के रूप में सूचीबद्ध किया है। यानी इस बदलाव को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामला सभी SBI खातों पर लागू होने वाले सामान्य ATM चार्ज का नहीं है। यह खास तौर पर BSBD Account से संबंधित है। SBI New Rules 1 अक्टूबर से क्या बदलेगा? SBI के अनुसार BSBD खाताधारकों के लिए चार कैश निकासी की मुफ्त सीमा बरकरार रहेगी। बदलाव इसके बाद लगने वाले शुल्क से जुड़ा है। पहली चार कैश निकासी पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पांचवीं निकासी से चार्ज लागू होगा। पांचवीं, छठी या उसके बाद की हर अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 और लागू GST देना होगा। यानी एक महीने में चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद जितनी बार अतिरिक्त कैश निकासी की जाएगी, हर बार यह शुल्क लगेगा। किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर? यह बदलाव Basic Savings Bank Deposit (BSBD) Account रखने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है। SBI ने अपने सर्विस चार्ज पेज पर BSBD Account (Branch Channel) के लिए 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी शुल्क को अलग से सूचीबद्ध किया है। BSBD खाता सामान्य तौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं चाहिए और नियमित बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इस खाते की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तरह न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती। 5वीं बार पैसे निकालने पर कितना चार्ज? सबसे अहम सवाल यही है कि चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद ग्राहक को कितना भुगतान करना होगा। 5वीं और उसके बाद की प्रत्येक अतिरिक्त कैश निकासी पर ₹15 + लागू GST लिया जाएगा। यानी केवल पांचवीं निकासी ही नहीं, बल्कि मुफ्त सीमा के बाद होने वाली हर अतिरिक्त निकासी पर यह शुल्क लागू होगा। मसलन, यदि किसी ग्राहक ने एक महीने में छह बार शुल्क के दायरे वाली कैश निकासी की, तो मुफ्त चार निकासी के बाद पांचवीं और छठी निकासी पर शुल्क लगेगा। BSBD Account क्या होता है? Basic Savings Bank Deposit Account को आम तौर पर ऐसे ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं कम शुल्क और न्यूनतम शर्तों के साथ चाहिए। SBI की वेबसाइट पर BSBD खाते को अलग बैंकिंग उत्पाद के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह के खाते में सामान्य सेविंग्स अकाउंट की तुलना में कुछ सुविधाएं सीमित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका SBI खाता BSBD है या सामान्य Savings Account। एक जरूरी बात: हर SBI ग्राहक पर लागू नहीं है नियम सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए यह जानकारी फैल सकती है कि SBI के सभी ग्राहकों के लिए महीने में केवल चार ATM ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे। यह निष्कर्ष सही नहीं होगा। SBI की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 अक्टूबर 2026 वाला नया शुल्क “Basic Savings Deposit Account – Branch Channel” के नाम से दिया गया है। वहीं सामान्य ATM/ADWM ट्रांजेक्शन शुल्क की अलग सूची भी मौजूद है। इसलिए अगर आपके पास SBI का सामान्य Savings Account है, तो इस खबर को अपने खाते पर सीधे लागू मानने से पहले संबंधित शुल्क सूची जरूर देखें। पुराने नियम से क्या अंतर है? SBI के पहले से उपलब्ध सेवा शुल्क दस्तावेजों में BSBD खातों के लिए चार मुफ्त निकासी के बाद ₹15 + GST प्रति अतिरिक्त ट्रांजेक्शनका प्रावधान दर्ज रहा है। पुराने दस्तावेज में डिजिटल ट्रांजेक्शन को इस गणना से बाहर रखने की बात भी दर्ज थी। इसलिए इस खबर को केवल “चार मुफ्त निकासी पहली बार लागू होने” के तौर पर देखना सही नहीं है। 1 अक्टूबर 2026 का प्रमुख अपडेट BSBD खाते के संशोधित शुल्क ढांचे और उसके Branch Channel के लिए लागू होने से जुड़ा है। SBI की मौजूदा वेबसाइट भी इसे इसी रूप में सूचीबद्ध कर रही है। महत्वपूर्ण: ATM, AEPS, ब्रांच और अन्य माध्यमों की गिनती को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर दिखाई दे रहा है। इसलिए ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार और SBI की लागू शुल्क सूची के आधार पर ही शुल्क समझना चाहिए। बिना पुष्टि के इसे सभी SBI ATM ट्रांजेक्शन पर लागू नया नियम मानना उचित नहीं है। ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए? BSBD खाताधारकों को महीने में होने वाली कैश निकासी पर नजर रखनी चाहिए। अगर मुफ्त सीमा पार होती है, तो अतिरिक्त निकासी पर शुल्क लग सकता है। ध्यान रखने योग्य बातें:

रतलाम में 100 आपदा मित्रों के पहले बैच का प्रशिक्षण पूरा, अब 400 और युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में एसडीईआरएफ (SDERF) एवं होमगार्ड विभाग द्वारा आयोजित 7 दिवसीय आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। होमगार्ड लाइन, जिला रतलाम में आयोजित समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को आपदा के दौरान बचाव कार्य और राहत संबंधी जरूरी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत, विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्रीकृष्णपाल सिंह बघेल और डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड/एसडीआरएफ श्रीमती रोशनी बिलवाल मौजूद रहीं। अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए विषयों को लेकर फीडबैक लिया और उनसे चर्चा की। दूसरों की मदद करें, लेकिन अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर श्री बृजेन्द्र रावत ने आपदा मित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “नेकी कर दरिया में डाल के सिद्धांत पर कार्य करें। दूसरों की सहायता अवश्य करें, लेकिन स्वयं की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।” उन्होंने आपदा के समय संयम के साथ कार्य करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर श्रीकृष्णपाल सिंह बघेल ने भी प्रशिक्षणार्थियों से आपदा और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने भविष्य में आपदा के दौरान बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षणार्थियों को दिए गए प्रशस्ति-पत्र 7 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड जिला रतलाम श्रीमती रोशनी बिलवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सैनिक 1204 तुषार भट्ट ने किया। रतलाम में 500 आपदा मित्रों को मिलेगा प्रशिक्षण जिले में कुल 500 आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है। वर्तमान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम 100 आपदा मित्रों के पहले बैच का था। आने वाले समय में इसी तरह के चार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शेष आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवानों द्वारा आपदा से निपटने की बारीकियां, बचाव कार्य और आपात परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में होमगार्ड कंपनी कमांडर श्री बद्री मण्डलोई, प्लाटून कमांडर श्रीमती ज्योति बघेल सहित होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवान उपस्थित रहे।

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