संत कमल किशोर नागर को धमकी से आक्रोश, रतलाम नागर समाज ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। रतलाम में पूज्य संत श्री कमल किशोर जी नागर को कथा के दौरान प्राप्त हुए धमकी भरे पत्र के मामले ने नागर ब्राह्मण समाज में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के विरोध में समाज के प्रतिनिधियों ने राज्य के गृह मंत्री के नाम पुलिस अधीक्षक रतलाम को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। नागर ब्राह्मण समाज रतलाम का कहना है कि संत कमल किशोर नागर मालवा क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़े प्रतिष्ठित संत हैं। ऐसे में उन्हें धमकी मिलना गंभीर विषय है और प्रशासन को इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद ज्ञापन नागर ब्राह्मण समाज रतलाम के अध्यक्ष जितेंद्र नागर, रतलाम नागर ब्राह्मण न्यास के अध्यक्ष संजय दवे और नागर महिला मंडल की अध्यक्षा मीनाक्षी रावल के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने संत को प्राप्त धमकी भरे पत्र की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें ज्ञापन के माध्यम से समाज ने पुलिस और प्रशासन के सामने निम्न मांगें रखीं— गौसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित हैं संत समाज के सदस्यों ने कहा कि संत श्री कमल किशोर नागर लंबे समय से गौसेवा, धर्म, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके धार्मिक और सामाजिक योगदान को देखते हुए समाज उन्हें मालवा क्षेत्र का गौरव मानता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी संत या सामाजिक-धार्मिक व्यक्तित्व को धमकी मिलना चिंताजनक स्थिति है। इसलिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

Ratlam News: रतलाम में युवती का पीछा कर छेड़छाड़, पिता को तेजाब से धमकाया; एक आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती का कई महीनों से पीछा कर अश्लील कमेंट करने का मामला सामने आया। पिता को तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी भी दी गई। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में 20 वर्षीय युवती से छेड़छाड़ और पीछा करने का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि कुछ युवक कई महीनों से उसकी दुकान के आसपास घूमते थे और उसका पीछा कर अश्लील व भद्दे कमेंट करते थे। डर के कारण उसने यह बात लंबे समय तक परिवार को नहीं बताई। बुधवार दोपहर मामला उस समय सामने आया, जब युवती भोजन करने के लिए जा रही थी। आरोप है कि कुछ युवक स्कूटी से उसका पीछा करने लगे और उसे रोकने का प्रयास किया। युवती किसी तरह बचकर अपनी दुकान तक पहुंची और हिम्मत दिखाते हुए युवकों का वीडियो बना लिया। वीडियो में युवकों के चेहरे के साथ स्कूटी का नंबर भी रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद युवती ने फोन कर अपने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। पिता को दी तेजाब से चेहरा बिगाड़ने की धमकी युवती के पिता मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि युवक वहां मौजूद थे। पिता ने उन्हें रोकने और पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान युवकों ने कथित तौर पर धमकी दी कि उनकी बेटी के चेहरे पर तेजाब डालकर उसे बिगाड़ देंगे। धमकी के बाद युवती और उसका परिवार घबरा गया। परिवार ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वीडियो बना पुलिस के लिए अहम सुराग युवती की ओर से बनाया गया वीडियो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। वीडियो में स्कूटी का नंबर एमपी 43 जेडई 7695 भी दिखाई दिया। शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय अब्दुल हक अताउर्रहमान खिलजी, निवासी माणक चौक, को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल तक पैदल ले जाकर कार्रवाई दिखाई गुरुवार दोपहर पुलिस गिरफ्तार आरोपी को पैदल बाजार क्षेत्र में लेकर पहुंची। उसे उस स्थान तक ले जाया गया, जहां युवती के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और पीछा करने की घटना हुई थी। एसआई शांतिलाल चौहान के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। युवती ने कई महीनों तक डर के कारण नहीं बताई बात पीड़िता के अनुसार, वह इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान पर काम करती है। उसका कहना है कि पिछले कई महीनों से तीन-चार युवक दुकान के बाहर चक्कर लगाते और उसका पीछा करते थे। लगातार परेशान किए जाने के बावजूद उसने डर के कारण परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी। बुधवार की घटना के बाद उसने आरोपितों का वीडियो बनाया और पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस कर रही अन्य आरोपितों की तलाश मामले में फिलहाल एक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। घटना से जुड़े वीडियो और युवती द्वारा दी गई जानकारी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा, रेटिना टेस्ट ने खोली डमी अभ्यर्थियों की पोल

Ratlam News: रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान रेटिना टेस्ट से डमी अभ्यर्थियों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पंकज और गौरव दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते पकड़े गए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बुधवार को रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में रेटिना टेस्ट और पहचान जांच के दौरान दो युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग मिली। इसके बाद दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि फिरोजाबाद निवासी पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष सिंह की जगह और गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। दोनों मामलों में डमी अभ्यर्थियों के जरिए रेलवे भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की गई थी। वीडियो देखे इससे पहले 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह PET देने का मामला भी सामने आया था। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद रेलवे भर्ती परीक्षा की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रेटिना टेस्ट में अलग निकली पहचान रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे की ओर से रतलाम के रेलवे फुटबॉल मैदान में ग्रुप डी लेवल-1 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों की पहचान प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान रेटिना टेस्ट के साथ फोटो और रिकॉर्ड का मिलान किया गया। जांच के दौरान परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। संदेह होने पर आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मनीष की जगह पंकज पहुंचा था जांच में पता चला कि 33 वर्षीय पंकज यादव, निवासी अलीनगर, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी 26 वर्षीय मनीष सिंह के स्थान पर PET देने पहुंचा था। मनीष सिंह, निवासी फिरोजाबाद, परीक्षा में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। मामले के सामने आने के बाद वह फरार बताया गया है। अनुज की जगह गौरव ने दी परीक्षा दूसरे मामले में 21 वर्षीय गौरव यादव, निवासी ग्राम जफराबाद, फिरोजाबाद, वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। पहचान प्रक्रिया के दौरान गौरव की जानकारी वास्तविक अभ्यर्थी के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में गौरव यादव, पंकज यादव और वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के नाम सामने आए हैं। वहीं मनीष सिंह की तलाश की जा रही है। रेलवे भर्ती में लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थी रतलाम में रेलवे भर्ती PET के दौरान यह पहला मामला नहीं है। 6 सितंबर को भी बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसके महज तीन दिन बाद एक बार फिर डमी अभ्यर्थियों के पकड़े जाने से परीक्षा की निगरानी व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पहचान की जांच के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। रेटिना टेस्ट बना अहम जांच का जरिया इस मामले में रेटिना टेस्ट और फोटो रिकॉर्ड का मिलान निर्णायक साबित हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि के दौरान रिकॉर्ड से अंतर सामने आया, जिसके बाद संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोककर जांच की गई। रेलवे भर्ती PET से जुड़ी अहम जानकारी मुख्य तथ्य: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल रेलवे भर्ती जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। रतलाम में लगातार डमी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि फर्जीवाड़े की कोशिशें परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंच रही हैं। हालांकि, पहचान जांच के दौरान मामलों का पकड़ा जाना यह भी दिखाता है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Ratlam News: चद्दर पर लिटाकर जनसुनवाई में लाई गई 68 वर्षीय वृद्धा, SP कार्यालय में मचा हड़कंप

Ratlam News: रतलाम में जनसुनवाई के दौरान 68 वर्षीय बीमार वृद्धा को चद्दर पर लिटाकर लाया गया। SP अमित कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शिकायत सुनी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। 68 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार वृद्धा को उनके परिजन चद्दर पर लिटाकर शिकायत लेकर पहुंचे। वृद्धा की हालत ऐसी थी कि वह न तो ठीक से खड़ी हो पा रही थीं और न ही बैठ सकती थीं। घटना का वीडियो देखे वृद्धा को इस तरह जनसुनवाई कक्ष तक लाया गया देखकर SP अमित कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने परिजनों से कहा कि ऐसी स्थिति में वृद्धा को तकलीफ देकर ऊपर लाने की जरूरत नहीं थी। अगर उन्हें पहले सूचना दी जाती तो वे खुद नीचे आकर उनकी शिकायत सुन लेते। परिजनों ने बताया कि वृद्धा स्वयं पुलिस अधीक्षक के सामने अपनी आपबीती सुनाना चाहती थीं। इसी जिद के चलते उन्हें इस हालत में जनसुनवाई में लाना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने वृद्धा और उनके परिजनों की शिकायत सुनी तथा संबंधित थाने को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। SP अमित कुमार ने जताई नाराजगी जनसुनवाई के दौरान जब पुलिस अधीक्षक अमित कुमार की नजर चद्दर पर लेटी वृद्धा पर पड़ी तो उन्होंने स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने परिजनों से कहा कि आवेदन लेकर वे अकेले भी आ सकते थे और वृद्धा को इस तरह लाने की जरूरत नहीं थी। SP ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि यदि उन्हें जानकारी दी जाती तो वह स्वयं नीचे आकर शिकायत सुन लेते। साथ ही उन्होंने वृद्धा को तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी, ताकि उनकी तबीयत को और परेशानी न हो। वृद्धा ने संपत्ति में धोखाधड़ी का लगाया आरोप शिकायती आवेदन के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत अलकापुरी निवासी 68 वर्षीय पुष्पा देवी ने अन्नूबाई चावड़ा, कालूराम, सुमित चावड़ा और यश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और छल-कपट के आरोप लगाए हैं। वृद्धा के अनुसार उनकी कोई संतान नहीं है। उन्होंने घरेलू काम के लिए अन्नूबाई को रखा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वृद्धा की अस्वस्थता का फायदा उठाते हुए उन्हें कथित तौर पर अंधेरे में रखकर मकान से संबंधित वसीयत और विक्रय-पत्र अपने नाम करवा लिया गया। शिकायत में आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को जालसाजी के जरिए 8.90 लाख रुपये का कथित फर्जी प्रतिफल दिखाकर रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति की रजिस्ट्री करा ली गई। बैंक खातों से 17.64 लाख रुपये की राशि का आरोप पुष्पा देवी ने अपने आवेदन में बैंक खातों में जमा राशि और एफडी से जुड़ी भी गंभीर शिकायत की है। आरोप है कि उनकी एफडी और जमा रकम में से करीब 17.64 लाख रुपये तुड़वाकर या ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी की गई। इन आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। भतीजों से मारपीट और धमकी का भी आरोप शिकायत में संपत्ति विवाद के अलावा वृद्धा के भतीजों के साथ कथित मारपीट और धमकी का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन के अनुसार, अगस्त में जब वृद्धा के भतीजे मकान की देखभाल के लिए पहुंचे थे, तब आरोपियों और करीब 15 से 20 लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और घर से बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है। FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग पुष्पा देवी ने मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में BNS 2023 की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया गया है। मामले की शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो ने सुनी। संबंधित थाना पुलिस को मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति के दस्तावेजों और बैंक राशि से जुड़े आरोपों में वास्तविकता क्या है। जनसुनवाई में सामने आया संवेदनशील पहलू इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ जहां संपत्ति और कथित आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर बीमार वृद्धा का चद्दर पर लेटकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचना भी चर्चा का विषय बन गया। SP अमित कुमार की प्रतिक्रिया से यह भी सामने आया कि गंभीर रूप से बीमार या चलने में असमर्थ शिकायतकर्ता को अपनी समस्या बताने के लिए शारीरिक परेशानी उठाकर कार्यालय तक पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। सूचना मिलने पर अधिकारी स्वयं नीचे आकर शिकायत सुन सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम में पति की हत्या का खुलासा: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश, 3 गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के बोरदा में युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पत्नी ने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर हत्या की, तीन आरोपी गिरफ्तार हुए। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में पांच दिन पहले नाले में मिले 32 वर्षीय युवक के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक भीमा चरपोटा की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ललिता ने सोते समय भीमा पर कुल्हाड़ी से हमला किया, जबकि उसके प्रेमी राकेश ने उसके पैर पकड़ लिए। वारदात के बाद शव को घर के पास बने एक स्थान पर रखा गया और खून के निशान मिटाने के बाद रात में शव को नाले में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी ललिता, उसके कथित प्रेमी राकेश और राकेश के दोस्त भूरा डिंडौर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से करीब दो लाख रुपये की मश्रुका भी बरामद की है। 2 सितंबर को नाले में मिला था युवक का शव सरवन थाना क्षेत्र की बेड़दा चौकी के ग्राम बोरदा में 2 सितंबर को एक युवक का शव नाले में मिला था। मृतक की पहचान 32 वर्षीय भीमा पिता मनोहर चरपोटा, निवासी बोरदा के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किए जाने की आशंका सामने आई थी। शव मिलने से पहले मृतक की पत्नी ललिता के गायब होने से पुलिस का शक उस पर भी गया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने ललिता को तलाश कर गिरफ्तार किया। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या की पूरी घटना सामने आई, जिसके बाद मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट हुई। पति को पता चल गया था प्रेम संबंध पुलिस के अनुसार, ललिता के राकेश के साथ करीब एक महीने पहले प्रेम संबंध बने थे। इसकी जानकारी बाद में उसके पति भीमा को हो गई थी। पति के सामने संबंध उजागर होने के बाद ललिता और राकेश कथित तौर पर डर गए थे। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों ने भीमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। राखी से पहले बनाई थी हत्या की योजना पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने राखी से पहले भी भीमा की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद 1 सितंबर को भीमा को जंगल ले जाकर हत्या करने की योजना बनाई गई, लेकिन यह प्रयास भी सफल नहीं हुआ। आखिरकार घर में सो रहे भीमा की हत्या की गई। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान ललिता ने भीमा पर कुल्हाड़ी से वार किया, जबकि राकेश ने उसके पैर पकड़ लिए। राकेश का दोस्त भूरा घर के बाहर निगरानी कर रहा था। हत्या के बाद गोबर से मिटाए खून के निशान पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद भीमा के शव को घर में बकरी बांधने वाले स्थान पर रख दिया गया था। वारदात वाली जगह पर खून के निशान थे, जिन्हें गोबर से लीपकर साफ करने की कोशिश की गई। इसके बाद 1 सितंबर की रात करीब 11 बजे राकेश और भूरा दोबारा भीमा के घर पहुंचे। दोनों शव को बाहर निकालकर घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित नाले तक ले गए और वहां फेंक दिया। करीब 2 लाख रुपये की मश्रुका बरामद पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मृतक के हाथ में पहना चांदी का कड़ा, सोने की बाली, चांदी की पैरों की कड़ियां और सिम बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों के घटना के समय पहने गए कपड़े और दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने कुल करीब दो लाख रुपये की मश्रुका जब्त करने की जानकारी दी है। पत्नी, प्रेमी और दोस्त गिरफ्तार एएसपी राकेश पंद्रों के अनुसार, मामले में मृतक की पत्नी ललिता, उसके प्रेमी राकेश पिता जीवणा माईड़ा निवासी रामपुरिया और उसके दोस्त भूरा डिंडौर को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच में सामने आई घटनाक्रम की कड़ी पुलिस के अनुसार घटनाक्रम कुछ इस तरह सामने आया—

Ratlam News: रतलाम में युवक की संदिग्ध हत्या से सनसनी, नाले में मिला शव; पत्नी की तलाश तेज

Ratlam News: रतलाम के बोरदा गांव में 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिला। पैर रस्सी से बंधे थे और शरीर पर चोट के निशान मिले। पुलिस जांच में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले के बोरदा गांव में एक 32 वर्षीय युवक का शव नाले में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। युवक के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे और सिर, गाल व गर्दन पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने मामले को संदिग्ध हत्या मानकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान भीमा पुत्र मनोहर चरपोटा के रूप में हुई है। मंगलवार दोपहर घर से लापता होने के बाद बुधवार सुबह उसका शव गांव के पास नाले में मिला। घटना के बाद मृतक की पत्नी ललिता भी घर से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नाले में मिला रस्सी से बंधा शव परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच भीमा घर से लापता हो गया था। शाम को उसके काका ने पत्नी ललिता से भीमा के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह दानपुर गया है। रात करीब 9 बजे दोबारा पूछताछ करने पर ललिता ने बताया कि भीमा अभी वापस नहीं आया है। अगले दिन सुबह गांव के सवजी मईडा ने भीमा के काका को उसके घर के पास से निकलने वाले नाले में शव पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर भीमा चित अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर, गाल और गर्दन पर चोट के निशान थे। दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शव के बाएं हाथ का कुछ हिस्सा भी अज्ञात जानवर द्वारा खाए जाने की बात सामने आई है। घर में मिले खून के निशान, कुल्हाड़ी भी बरामद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया और बेड़दा चौकी प्रभारी एसआई जगदीश सिंह तोमर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे मिले। इन निशानों को गोबर से लीपकर मिटाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है। पलंग पर भी खून के निशान मिले हैं। घर के पास रखे ढालिये में पुलिस को एक कुल्हाड़ी मिली, जिस पर खून लगा हुआ था। इसके अलावा घर के आसपास शव को घसीटे जाने के निशान भी मिले हैं। पुलिस इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पत्नी के लापता होने से बढ़ा संदेह भीमा का शव मिलने के बाद उसकी पत्नी ललिता के घर से चले जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार के मुताबिक, मंगलवार को ललिता कुछ समय तक स्वजनों के साथ भीमा को आसपास तलाशती रही थी। इसके बाद वह घर लौट गई। बाद में जब परिजन नाले में भीमा का शव देखकर रोते हुए घर पहुंचे, तो ललिता उनके रोने की आवाज सुनकर घर से चली गई। इसके बाद से उसका पता नहीं चला है। पुलिस ने परिस्थितियों के आधार पर पत्नी की भूमिका की भी जांच शुरू की है। हालांकि, अभी हत्या के कारण और वारदात में किसकी भूमिका थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राकेश पंद्रो और एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का क्या कहना है? थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया के अनुसार भीमा की पत्नी पर हत्या में संलिप्तता की आशंका के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पत्नी के मिलने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। दो बच्चों के पिता थे भीमा मृतक भीमा के दो बच्चे हैं। घटना के समय एक बच्चा स्कूल गया हुआ था, जबकि बड़ी बेटी को ललिता ने खेत में बंदरों को भगाने के लिए भेजा था। इस वजह से घटना के दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था और वारदात किस परिस्थिति में हुई, यह पुलिस जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।

Ratlam News: सांवरिया जी के दर्शन को निकले चार दोस्त, रतलाम में भीषण हादसे ने दो की जान ली

Ratlam News: रतलाम के रत्तागिरी में महू-नीमच फोरलेन पर कार और ट्रॉले की भिड़ंत में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हुए हैं। रतलाम- पब्लिक वार्ता,  न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में महू-नीमच फोरलेन पर मंगलवार तड़के हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसा रत्तागिरी के पास रात करीब 2 बजे हुआ, जब इंदौर की ओर से आ रही कार सामने से आ रहे ट्रॉले से टकरा गई। बताया गया कि कार में चार दोस्त सवार थे और सभी इंदौर के राऊ से राजस्थान स्थित सांवरिया जी के दर्शन के लिए निकले थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घूमकर इंदौर की दिशा में हो गया। हादसे में कार चला रहे 45 वर्षीय मुकेश पुत्र मानसिंह गहलोत और उनके बगल में बैठे 56 वर्षीय सोहनसिंह पुत्र बापूसिंह डाबी की मौत हो गई। पीछे बैठे 43 वर्षीय देवकरण पुत्र कन्हैयालाल मालवीय और 28 वर्षीय सावन पुत्र आसाराम मालवीय घायल हुए हैं। रत्तागिरी में आधी रात हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चारों रात करीब 12:30 बजे सोहनसिंह की कार से राऊ से राजस्थान के सांवरिया जी के लिए रवाना हुए थे। रत्तागिरी के पास महू-नीमच फोरलेन पर उनकी कार सामने से आ रहे ट्रॉले से जा भिड़ी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक कार गलत साइड से आ रही थी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद की। दो दोस्तों की मौके के बाद मौत, दो घायल हादसे में मुकेश और सोहनसिंह की जान चली गई। मुकेश कार चला रहे थे, जबकि सोहनसिंह आगे वाली सीट पर उनके पास बैठे थे। पीछे बैठे देवकरण और सावन घायल हुए। हादसे के बाद टोल की एंबुलेंस से दोनों घायलों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। बाद में उनके परिजन दोनों को उपचार के लिए इंदौर ले गए। चारों अलग-अलग काम करते थे हादसे में जान गंवाने वाले सोहनसिंह राऊ स्थित यूको बैंक में कैशियर थे। मुकेश लोडिंग वाहन चलाते थे। घायल देवकरण कबाड़ी का काम करते हैं, जबकि सावन ढोल वादक हैं। चारों दोस्त दर्शन के लिए राजस्थान जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सफर को मातम में बदल दिया। पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच एएसआई सतीश ठाकुर के अनुसार, दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रॉले को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया है। हादसे की परिस्थितियों और टक्कर के कारणों को लेकर जांच जारी है। एंबुलेंस में देरी का आरोप हादसे के बाद रत्तागिरी निवासी प्रहलाद गणावा भी मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक का शव ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची और करीब ढाई घंटे की देरी हुई। एंबुलेंस को लेकर लगाए गए इस आरोप से स्थानीय रहवासियों में नाराजगी की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

Ratlam News: रतलाम में क्रेटा कार से 73.72 लाख रुपये बरामद, बोरे में मिली नकदी

Ratlam News: रतलाम के नामली में पुलिस ने बिना नंबर की क्रेटा कार से 73 लाख 72 हजार 500 रुपये बरामद किए। नकदी के स्रोत और दस्तावेजों की जांच जारी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नामली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम पुलिस की चेकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से मामला चर्चा में आ गया। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने बिना नंबर की सफेद क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली। कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की कई गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी होने पर कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये सामने आए। रकम में 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल थे। नोटों की गिनती के लिए नामली के सराफा व्यापारियों से दो मशीनें मंगवाई गई थीं। मामले की सूचना मिलने के बाद एएसपी राकेश पंद्रो भी नामली थाने पहुंचे। पुलिस ने कार और नकदी को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब मुख्य सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम का स्रोत क्या है और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पंचेड़ फंटे पर पुलिस ने रोकी बिना नंबर की कार शनिवार शाम नामली पुलिस पंचेड़ फंटे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की सफेद रंग की क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे यूरिया के बोरे से नोटों की गड्डियां मिलीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया और पूरी रकम की गिनती कराई। मशीनों से हुई नोटों की गिनती रकम काफी अधिक होने के कारण सामान्य तरीके से गिनती में समय लग सकता था। इसके लिए नामली के सराफा कारोबारियों से दो नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गईं। थाना प्रभारी के चैंबर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नकदी की गिनती की गई। गिनती पूरी होने के बाद रकम ₹73,72,500 निकली। एक नजर में पूरा मामला युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही पुलिस पूछताछ में युवक ने खुद को कृषक बताया है। उसके अनुसार, वह जमीन बेचकर मिली रकम लेकर आया था। वह किसी काम से रतलाम गया था, लेकिन काम नहीं होने पर रकम लेकर उमठ पालिया स्थित अपने घर लौट रहा था। हालांकि, इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पुलिस अब उसके दावे से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। वकील का दावा—सोना खरीदने गया था युवक मामले में युवक की पहचान मीजान पुत्र रईस खां के रूप में सामने आई है। उसकी ओर से जावरा के अधिवक्ता महेंद्र सिंह सिसोदिया भी थाने पहुंचे। अधिवक्ता के मुताबिक, मीजान अपनी कार से रतलाम सोना खरीदने गया था। खरीदारी नहीं होने पर वह वापस उमठ पालिया लौट रहा था। वकील ने यह भी बताया कि मीजान और उसके पिता कृषक हैं तथा जमीन की खरीद-बिक्री का काम भी करते हैं। अधिवक्ता के अनुसार, कार से मिली रकम से संबंधित हिसाब-किताब मौजूद है और परिवार आयकर भी भरता है। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस जमीन की बिक्री, नकदी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस कर रही नकदी के स्रोत की जांच पुलिस का पूरा फोकस फिलहाल बरामद रकम के स्रोत और उसके दस्तावेजी आधार पर है। जमीन बिक्री से जुड़ी जानकारी, नकदी के लेन-देन और युवक द्वारा बताए गए कारणों का सत्यापन किया जा रहा है। एएसपी राकेश पंद्रो के अनुसार, नकदी की गिनती पूरी हो चुकी है और कुल 73 लाख 72 हजार 500 रुपये मिले हैं। युवक ने जमीन बेचकर रकम लाने की बात कही है। अब संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

Ratlam News: रतलाम में 5.5 करोड़ की सराफा लूट का खुलासा, 48 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई 5.5 करोड़ की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, सोने-चांदी के जेवर बरामद। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, जबकि चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम बरामद हुए हैं। डिब्बों सहित बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है। वीडियो देखे इस पूरे मामले में पुलिस ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच के संयुक्त प्रयास से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। बस में व्यापारी से छीना था जेवरों से भरा बैग पुलिस के अनुसार, रतलाम निवासी अर्पित चोरड़िया सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं। 13 अगस्त 2026 को अर्पित बड़नगर में व्यापारिक काम से गए थे। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषण देने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस जब हनुमान चौकी और उमरथाना फंटा क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बड़नगर से बस में सवार दो लोग व्यापारी के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया। अर्पित ने बैग पकड़कर विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी बैग छीनकर बस से फरार हो गए। बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे। 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। जांच टीमों ने 300 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा बस चालक, परिचालक और क्लीनर सहित अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। सायबर सेल ने मोबाइल और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी पुलिस को 15 अगस्त को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम पुलिस के अनुसार मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर के मार्गदर्शन में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने काम किया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, बिलपांक थाना, डीएसबी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत रतलाम पुलिस ने मामले का तेजी से खुलासा करने वाली टीम की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मामले में आगे क्या? पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार बताए गए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पूरी योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

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