MP News: इंदौर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन: 21 कॉलोनियां घोषित अवैध, जमीनों की खरीदी-बिक्री पर सख्ती

MP News: इंदौर में प्रशासन ने 21 अवैध कॉलोनियों को अवैध घोषित कर खसरों में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में आए हैं। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर जिला प्रशासन ने शहर और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीनों की जानकारी अब राजस्व अभिलेख (खसरे) में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर होने वाले लेन-देन और विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद संबंधित जमीनों पर प्लॉट बेचने, नई कॉलोनी विकसित करने और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं आसान नहीं रहेंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इन कॉलोनियों से जुड़े 30 से अधिक भू-स्वामी भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश जारी किए गए हैं। अवैध कॉलोनियों की जांच के बाद हुई कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान मल्हारगंज और कनाड़िया अनुभाग को छोड़कर आठ अनुभागों से कुल 133 संदिग्ध कॉलोनियों की सूची तैयार कर प्रशासन को भेजी गई। इन मामलों की सुनवाई के बाद प्रथम चरण में 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया गया और संबंधित खसरों के कॉलम-12 में प्रविष्टि दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए। खरीदी-बिक्री और प्लॉटिंग पर पड़ेगा असर अवैध घोषित होने के बाद इन जमीनों पर भविष्य में प्लॉटिंग, बिक्री और कॉलोनी विकास से जुड़े कार्यों पर सख्त कानूनी निगरानी रहेगी। इससे बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाने में प्रशासन को मदद मिलेगी। राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि दर्ज होने के बाद ऐसे मामलों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और संभावित खरीदारों को जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के दायरे में सुनवाई के दौरान सामने आया कि 21 मामलों में 30 से अधिक भू-स्वामियों की जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इनमें मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, बिचौली हप्सी के जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, मिर्जापुर, उमरीखेड़ा और कैलोद कर्ताल सहित कई क्षेत्रों की जमीनें शामिल हैं। अपर कलेक्टर ने क्या कहा? अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के अनुसार, संबंधित अनुभागों से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार प्रकरण दर्ज किए गए और सभी पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 कॉलोनियों को अवैध घोषित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रमुख बातें एक नजर में प्रभावित क्षेत्र

DA Hike: सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, GAIL, BHEL, NTPC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

DA Hike: केंद्र सरकार ने CPSE कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाने का ऐलान किया है। GAIL, BHEL, NTPC, ONGC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। DA Hike: महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के अधिकारियों और गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों के लिए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के लागू होने से विभिन्न सरकारी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ जाएगी। लोक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises) द्वारा जारी आदेश के अनुसार महंगाई भत्ते में संशोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया गया है। इसका लाभ अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि यह बढ़ोतरी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के नियमित DA से अलग है। यह केवल CPSE के उन अधिकारियों और गैर-यूनियन कर्मचारियों पर लागू होगी, जो संबंधित IDA वेतनमान के अंतर्गत आते हैं। किन कर्मचारियों को मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ? सरकार ने चार अलग-अलग वेतनमान के अंतर्गत आने वाले CPSE कर्मचारियों के लिए नई DA/IDA दरें लागू की हैं। किन सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को होगा फायदा? नई DA दरों का लाभ देश की प्रमुख महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न सरकारी कंपनियों के अधिकारियों एवं गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों को मिलेगा। महारत्न कंपनियां नवरत्न कंपनियां प्रमुख मिनीरत्न कंपनियां सैलरी में कितना होगा इजाफा? महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की कुल मासिक आय पर पड़ेगा। उदाहरण 1 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹60,000 है और वह 2017 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— उदाहरण 2 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 है और वह 2007 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— DA बढ़ाने का आधार क्या है? लोक उद्यम विभाग समय-समय पर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस की समीक्षा करता है। महंगाई में बदलाव के अनुसार नई दरें तय की जाती हैं ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर असर कम पड़े। महत्वपूर्ण जानकारी (Quick Facts)

Ratlam News: रतलाम पुलिस का कमाल! CEIR पोर्टल से खोज निकाले 15 गुम मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

रतलाम पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए। जानिए CEIR पोर्टल कैसे करता है चोरी या गुम मोबाइल की तलाश। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए रतलाम की औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक बार फिर सराहनीय कार्य किया है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने आम नागरिकों के 15 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। वीडियो देखे CEIR पोर्टल की मदद से मिली बड़ी सफलता रतलाम पुलिस द्वारा गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र की प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने IMEI नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी का विश्लेषण करते हुए विभिन्न स्थानों से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन करने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों ने जताई खुशी आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, सरकारी दस्तावेज, डिजिटल भुगतान, फोटो, संपर्क और निजी जानकारियों का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने रतलाम पुलिस और औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सक्रियता की सराहना की। इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक विजय पंवार, किशन वर्मा, मनीष परिहारऔर पवन मेहता की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की। क्या है CEIR पोर्टल? CEIR पोर्टल क्या करता है? CEIR (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वह CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर अपने मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक करा सकता है। इसके बाद यदि उस मोबाइल में कोई अन्य सिम कार्ड उपयोग किया जाता है तो तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी प्राप्त कर मोबाइल की तलाश कर सकती है। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? रतलाम पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में देरी न करें और तत्काल पुलिस को सूचना देने के साथ CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सहायता से पुलिस लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी को 1 साल की जेल, दो सह-आरोपी बरी

इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत का बड़ा फैसला। मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को 1 साल के सश्रम कारावास की सजा, जबकि दो सह-आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला। इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी आयूष खोवारे को दोषी करार दिया है। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अयाज मोहम्मद की अदालत ने आरोपी को खतरनाक हथियार से हमला करने के मामले में एक वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने क्या फैसला सुनाया? अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1) और 126(2) के तहत आयूष खोवारे को दोषी मानते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 118(1) के तहत 2,000 रुपये और धारा 126(2) के तहत 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सह-आरोपी सुमित चौहान और देवेन्द्र उर्फ सागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए। इस कारण दोनों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। क्या था पूरा मामला? अभियोजन के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी आयूष पटेल अपने साथी सुमित चौहान के साथ दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान राऊ थाना क्षेत्र स्थित छोगाला रेस्टोरेंट के पास पुरानी रंजिश के चलते मोटरसाइकिल पर आए आयूष खोवारे और देवेन्द्र उर्फ सागर ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप था कि देवेन्द्र ने फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, जबकि आयूष खोवारे ने चाकू से उसकी पीठ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हत्या के प्रयास का आरोप क्यों नहीं हुआ साबित? सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़ित को लगी चोट शरीर के किसी संवेदनशील या जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाले अंग पर नहीं थी। इसलिए हत्या के प्रयास का आरोप सिद्ध नहीं हो सका। हालांकि, फरियादी के लगातार एक जैसे बयान और एफएसएल रिपोर्ट में जब्त चाकू पर मानव रक्त मिलने की पुष्टि ने यह साबित कर दिया कि आयूष खोवारे ने खतरनाक हथियार से हमला किया था। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। दो सह-आरोपी क्यों हुए बरी? अदालत ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी ने सुमित चौहान के खिलाफ कोई ठोस आरोप सिद्ध नहीं किया। वहीं, देवेन्द्र उर्फ सागर द्वारा आंखों में मिर्च पाउडर डालने के आरोप को मेडिकल साक्ष्यों से समर्थन नहीं मिला। चिकित्सकीय परीक्षण में आंखों में लालिमा, सूजन या जलन के कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। इसी वजह से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। अदालत का अंतिम आदेश न्यायालय ने आदेश दिया कि विचारण के दौरान आयूष खोवारे द्वारा जेल में बिताई गई एक वर्ष आठ माह की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वसूल किया गया अर्थदंड पीड़ित को प्रतिकर (मुआवजा) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इस फैसले के साथ बहुचर्चित इंदौर चाकूबाजी केस में अदालत ने मुख्य आरोपी को सजा सुनाते हुए कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया, जबकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो अन्य आरोपियों को राहत प्रदान की।

EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों के लिए बंद! UPI और ATM से PF निकासी की तैयारी, जानें क्या होगा असर

EPFO की ऑनलाइन सेवाएं 26 से 29 जून 2026 तक बंद रहेंगी। जानिए सिस्टम अपग्रेड का कारण, किन सेवाओं पर पड़ेगा असर और कब शुरू होगी UPI व ATM से PF निकासी की सुविधा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। अगर आप EPF का क्लेम करने या बैलेंस चेक करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने बड़े सिस्टम अपग्रेड के चलते 26 जून से 29 जून 2026 तक अपनी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान क्लेम, ट्रांसफर और कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। EPFO की ऑनलाइन सर्विस 4 दिनों तक क्यों रहेगी बंद? कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्य पोर्टल पर जारी सूचना में बताया है कि 26 जून 2026 की रात 12 बजे से 29 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। यह फैसला नियोजित डेटाबेस समेकन (Database Consolidation) और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के कारण लिया गया है। EPFO के अनुसार, इस अपग्रेड का उद्देश्य क्लेम प्रोसेसिंग को अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। इन सेवाओं पर पड़ेगा सीधा असर चार दिनों की इस अवधि में सदस्य नए ऑनलाइन क्लेम दाखिल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा— अस्थायी रूप से प्रभावित रह सकती हैं। जो आवेदन पहले से जमा हो चुके हैं, उन पर भी अपग्रेड पूरा होने के बाद ही कार्रवाई शुरू होगी। 30 जून से फिर शुरू होंगी सभी सेवाएं EPFO ने स्पष्ट किया है कि सभी ऑनलाइन सेवाएं 30 जून 2026 को रात 12 बजे से दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। संगठन ने सदस्यों से अपील की है कि यदि किसी को तत्काल PF निकासी या ट्रांसफर की आवश्यकता है, तो वह अपने कार्य की योजना इस अवधि को ध्यान में रखकर बनाए। किसी भी सहायता के लिए सदस्य EPFO के हेल्पलाइन नंबर 14470 पर संपर्क कर सकते हैं। EPFO 3.0 से क्या बदलेगा? यह सिस्टम अपग्रेड ऐसे समय में हो रहा है जब EPFO अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 को लागू करने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि UPI आधारित PF निकासी प्रणाली का परीक्षण पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू किया जा सकता है। नए सिस्टम के तहत सदस्य—

Passport Fee Hike: पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा! 1 जुलाई से बढ़ जाएगी फीस, जानिए अब कितने रुपये देने होंगे

Passport Fee Hike: 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की फीस में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। जानिए नई फीस, छूट और पूरी जानकारी। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए फीस बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट की फीस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। पासपोर्ट फीस में कितना हुआ इजाफा? सरकार द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। सबसे ज्यादा असर सामान्य आवेदकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब 1,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। नई पासपोर्ट फीस 2026 सरकार ने क्यों बढ़ाई फीस? विदेश मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव के तहत किया गया है। सरकार का कहना है कि शुल्क संरचना को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ पासपोर्ट सेवाओं की गुणवत्ता और सुविधाओं में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है। यह बदलाव पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 के तहत लागू किया गया है। मंत्रालय का मानना है कि नई शुल्क व्यवस्था से पासपोर्ट सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। नाबालिगों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत सरकार ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। नए नियमों के अनुसार: हालांकि, यह छूट केवल नए पासपोर्ट आवेदन पर लागू होगी। पासपोर्ट के री-इश्यू (नवीनीकरण) के मामलों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? विदेश यात्रा, पढ़ाई, नौकरी और बिजनेस के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लाखों लोगों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। खासकर वे लोग जो आने वाले महीनों में नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 1 जुलाई के बाद नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

Ratlam Firing Case: शेयर मार्केट विवाद में चली सुपारी की गोली! सैफी नगर फायरिंग कांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

Ratlam Firing Case में बड़ा खुलासा। सैफी नगर फायरिंग कांड शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा निकला। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam Firing Case: रतलाम के सैफी नगर में सराफा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश नहीं बल्कि शेयर मार्केट और पैसों के लेनदेन के विवाद से जुड़ा था। मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार बताया जा रहा है। वीडियो देखे क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को दोपहर करीब 3:16 बजे सैफी नगर स्थित मकान नंबर 80 पर चार बदमाश दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे। उस समय घर के मालिक कमल सोनी अपने पुत्र के साथ जावरा गए हुए थे। घर पर मौजूद मनीषा सोनी खिड़की के पास खड़ी थीं, तभी एक आरोपी ने उन पर पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि उनकी सतर्कता के कारण गोली उन्हें नहीं लगी और खिड़की के कांच में जा लगी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरे इलाके में दहशत फैल गई। तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और मुखबिरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस ने फायरिंग करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। पूछताछ में सामने आई सुपारी की साजिश पुलिस जांच में पता चला कि फरियादी के पुत्र दिव्यांश सोनी का सरवन निवासी आदित्य के साथ शेयर मार्केट और MCX कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते कथित तौर पर दबाव बनाने और रकम वसूलने के उद्देश्य से फायरिंग की साजिश रची गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने विनय शर्मा उर्फ वीनू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से आदित्य ने विनय शर्मा को सुपारी दी थी, जिसके बाद इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया। 5 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार पुलिस ने भोला पाटीदार, विनीत उर्फ चुचू, अजय उर्फ गट्टू, रविन्द्र राजन और कन्हैया नायक को गिरफ्तार किया है। वहीं विनोद उर्फ वीनू शर्मा समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का बयान पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है। घटना में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Ratlam news: रतलाम में भाजपा जिलाध्यक्ष की कार पर पत्थरबाजी, कांच टूटा; कार्यकर्ता घायल, बाल-बाल बचे नेता

रतलाम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय की कार पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। हमले में कार का कांच टूट गया और एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय की कार पर अज्ञात बदमाशों ने पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में कार का शीशा टूट गया और एक भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गया। हालांकि कार में सवार भाजपा जिलाध्यक्ष और जिला उपाध्यक्ष बाल-बाल बच गए। रावटी जाते समय हुआ हमला जानकारी के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष जुबिन जैन और कार्यकर्ता चिराग नाहर सोमवार रात रावटी में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। तीनों उपाध्यक्ष जुबिन जैन की कार में सवार थे। रात करीब 8 बजे जब उनकी कार मोरवानी क्षेत्र के पास आमलीपाड़ा गांव के आसपास पहुंची, तभी अचानक एक बड़ा पत्थर कार पर आकर लगा। पत्थर ड्राइवर के पीछे वाली खिड़की पर लगा, जिससे कांच चकनाचूर हो गया। कार्यकर्ता चिराग नाहर के सिर में लगी चोट हमले के दौरान पीछे की सीट पर बैठे भाजपा कार्यकर्ता चिराग नाहर को पत्थर सिर पर लग गया, जिससे वह घायल हो गए। कार में आगे की सीट पर जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय बैठे थे, जबकि पीछे जिला उपाध्यक्ष जुबिन जैन मौजूद थे। दोनों नेता इस हमले में सुरक्षित रहे। घटना के बाद कार सवारों ने कुछ दूरी पर जाकर वाहन रोका और तत्काल पुलिस को सूचना दी। गोफन से हमला करने का आरोप भाजपा जिला उपाध्यक्ष जुबिन जैन ने दावा किया कि कार पर गोफन (गुलेल) के माध्यम से पत्थर फेंका गया है। उन्होंने बताया कि पत्थर काफी तेज गति से कार पर आकर लगा, जिससे कांच टूट गया और कार्यकर्ता घायल हो गया। घायल चिराग नाहर को रात में ही रतलाम लाकर उपचार कराया गया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका। डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पत्थर फेंकने वाले बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

Ratlam News: पवन चक्कियों में 30 लाख की चोरी का पर्दाफाश: गार्ड को बंधक बनाकर लूटी थी कॉपर केबल, 16 आरोपी गिरफ्तार

रतलाम के रिंगनोद थाना क्षेत्र में सुजलोन कंपनी की पवन चक्कियों से कॉपर केबल चोरी और गार्ड से लूट के मामले में पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 लाख रुपये का माल बरामद किया। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र में पवन चक्कियों पर हुई बड़ी लूट और कॉपर केबल चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बदमाशों ने गार्ड को बंधक बनाकर लाखों रुपये की कॉपर वायर और नकदी लूट ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई कॉपर केबल, एक बोलेरो और एक पिकअप वाहन सहित करीब 30 लाख रुपये का माल बरामद किया है। वीडियो देखे कैसे हुई वारदात? पुलिस के अनुसार, 20 मई 2026 की रात करीब 12:15 बजे सूचना मिली थी कि ग्राम रोला मगरा स्थित सुजलोन कंपनी की पवन चक्कियों पर 15 से 20 बदमाश हथियारों और पत्थरों के साथ पहुंचे हैं। बदमाशों का उद्देश्य लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देना था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रिंगनोद निरीक्षक आनंद सिंह आजाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर बड़े-बड़े पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मी और फरियादी घायल हो गए। बदमाशों ने गार्ड को बंधक बनाकर उसके पास रखे 11 हजार रुपये लूट लिए और पवन चक्की क्रमांक CKS-01 एवं CKS-08 से करीब 10 लाख रुपये कीमत की कॉपर केबल काटकर फरार हो गए। पुलिस और साइबर सेल ने ऐसे पकड़े आरोपी घटना के बाद पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार और एसडीओपी संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना रिंगनोद और साइबर सेल की टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मनीष, कालूराम, गजेंद्र उर्फ गजानन, सागर, दिनेश, मांगीलाल, मुकेश, देवचंद्र, राकेश, बंशीलाल, नानूराम, सुनील, देवीलाल, बंटी, संजय और पुनमचंद्र को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी और लूट की वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी गई कॉपर केबल, बोलेरो वाहन MP-13-TA-2920 और पिकअप वाहन MP-43-ZM-9504 जब्त किए हैं। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद, आरएस मेहड़ा, संजय बोराना, मनोज पांडे, कमलसिंह बघेल, ओमप्रकाश सहित साइबर सेल और थाना डीडी नगर रतलाम की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे जिले में हाल के समय की बड़ी कार्रवाई बताया है।

Ratlam News: रतलाम में पुलिस का जनसंवाद अभियान: एसपी अमित कुमार ने सुनी जनता की समस्याएं, शिकायत पर तत्काल FIR के निर्देश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस द्वारा “जनसंवाद अभियान” चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत अलकापुरी अंबे माता चौक परिसर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वीडियो देखे क्षेत्रवासियों ने उठाए सुरक्षा और यातायात से जुड़े मुद्दे जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों, यातायात व्यवस्था, रात्रिकालीन गश्त और कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित समस्याएं पुलिस प्रशासन के सामने रखीं। एसपी अमित कुमार ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धमकी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई, FIR दर्ज करने के निर्देश कार्यक्रम के दौरान एक आवेदक ने खुद को धमकाए जाने की शिकायत पुलिस अधीक्षक के सामने रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार ने तत्काल आवेदक को पुलिस वाहन से थाना औद्योगिक क्षेत्र भेजकर प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने अन्य शिकायतों के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। कॉलोनी का निरीक्षण कर दिए जरूरी दिशा-निर्देश जनसंवाद कार्यक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र का भ्रमण कर कॉलोनी की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कई पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक अजय सारवान, उप पुलिस अधीक्षक यातायात आनंद सोनी, रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र सत्येंद्र रघुवंशी सहित थाना स्टाफ और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। वहीं पार्षद श्रीमती पुरोहित, मयूर पुरोहित और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन से पुलिस की अपील रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याएं और शिकायतें बिना किसी संकोच के पुलिस के सामने रखें, ताकि उनका समयबद्ध और प्रभावी निराकरण किया जा सके।

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