Ratlam News: रतलाम में ड्रग्स तस्करी पर बड़ा प्रहार, 500 ग्राम MD के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

रतलाम जिले में रिंगनोद थाना पुलिस ने 500 ग्राम MD ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त माल की कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस चौकी माननखेड़ा, थाना रिंगनोद की टीम ने 500 ग्राम MD ड्रग्स के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार और एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी दिनांक 29 मार्च 2026 की रात पुलिस को सूचना मिली कि एक बोलेरो पिकअप वाहन में तीन व्यक्ति मंदसौर की ओर से MD ड्रग्स लेकर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही माननखेड़ा चौकी पुलिस ने फोरलेन रोड पर घेराबंदी कर वाहन को रोका और NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए तलाशी ली। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने वाहन से 500 ग्राम MD ड्रग्स बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है— 55 लाख का माल जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 500 ग्राम MD ड्रग्स (कीमत लगभग 50 लाख रुपये) और एक बोलेरो पिकअप वाहन (कीमत लगभग 5 लाख रुपये) जब्त किया। कुल जब्त माल की कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह आजाद, उप निरीक्षक राजेश मालवीय सहित पुलिस टीम के कई जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आगे की जांच जारी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क और अन्य तस्करों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।

MP News: बिजली पर महंगाई का झटका: MP में 4.8% टैरिफ बढ़ा, 1 अप्रैल से नई दरें लागू

MP News: मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिजली दरों में 4.8% बढ़ोतरी लागू होगी। MPERC के नए टैरिफ का असर घरेलू, औद्योगिक और कृषि  भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ महंगाई का बड़ा झटका लगने वाला है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने बिजली दरों में औसतन 4.80% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगी। सभी श्रेणियों पर असर, LT उपभोक्ताओं को राहत नई टैरिफ व्यवस्था के तहत घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि—सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। हालांकि, लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि न्यूनतम शुल्क (Minimum Charge) पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिल कुछ कम आ सकता है। कंपनियों ने मांगी थी 10% बढ़ोतरी बिजली वितरण कंपनियों ने करीब 6,043 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए 10.19% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन आयोग ने इस मांग को कम करते हुए 4.80% बढ़ोतरी ही मंजूर की।इस फैसले का असर प्रदेश के करीब 1.29 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़ती लागत और घाटा बना कारण ऊर्जा विभाग के अनुसार, वर्ष 2026-27 में बिजली कंपनियों को करीब 65,374 करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि मौजूदा दरों से केवल 59,330 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। इस घाटे को पूरा करने के लिए दरों में बढ़ोतरी जरूरी बताई गई है। स्मार्ट मीटर और बिजली खरीद का खर्च सरकार का कहना है कि हालांकि, इस पर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि पहले दावा किया गया था कि इन योजनाओं का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। सौर ऊर्जा सस्ती, फिर भी बढ़े दाम प्रदेश में गैर-पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन क्षमता 5,781 मेगावाट तक पहुंच चुकी है और सौर ऊर्जा 3 रुपये प्रति यूनिट से भी कम दर पर उपलब्ध है। इसके बावजूद बिजली दरों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं और ऊर्जा विशेषज्ञों को चौंका दिया है।

JSG संगिनी उमंग परिवार को MP रीजन में दूसरा स्थान, सेवा गतिविधियों में बनाई पहचान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। JSG (Jain Social Group) के अंतर्गत कार्यरत JSG संगिनी उमंग परिवार ने एक बार फिर मध्य प्रदेश रीजन में अपनी शानदार उपलब्धि दर्ज कराई है। फरवरी माह में आयोजित सेवा गतिविधियों, विशेष रूप से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उत्कृष्ट आयोजन के लिए समूह को पूरे एमपी रीजन में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल समूह के लिए बल्कि पूरे रतलाम शहर के लिए गर्व का विषय है। ग्रुप अध्यक्ष रेनू लुनिया ने इस सफलता का श्रेय सभी पदाधिकारियों, बोर्ड मेंबर्स और सक्रिय सदस्यों को देते हुए उनके सहयोग और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों और मार्गदर्शन से ही समूह निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर एमपी रीजन के अध्यक्ष राहुल चपलोद की टीम का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही JSG रतलाम सेंट्रल की पूरी टीम एवं निर्णायक मंडल के दीपक दोषी, प्रफुल्ल लोढ़ा और मनोज कटारिया को भी धन्यवाद और बधाई दी गई। ग्रुप सचिव निर्मला पटवा और अनीता कोठारी ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य में भी समूह सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। यह उपलब्धि JSG संगिनी उमंग परिवार की टीम वर्क, समर्पण और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Ratlam News: इंदौर–दाहोद रेल परियोजना में तेजी, पीथमपुर–धार ट्रैक का टॉवर वेगन से परीक्षण शुरू

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत बहुप्रतीक्षित इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में टीही से धार के बीच निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जबकि इंदौर से टीही तक का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। वीडियो देखे रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए टीही–धार खंड को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कार्य किया जा रहा है। टीही से पीथमपुर के बीच टनल निर्माण अभी शेष है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रैक मशीन (टीटीएम) को सड़क मार्ग से लाकर ट्रैक पर उतारा गया। इस मशीन के जरिए पीथमपुर से धार तक ट्रैक की पैकिंग और आवश्यक मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद अब ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के लिए टॉवर वेगन से परीक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च से 26 मार्च 2026 के बीच टॉवर वेगन को निर्धारित गति से चलाकर ट्रैक की स्थिरता और सुरक्षा का परीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पहले ही ट्रैक के आसपास न जाने की एडवाइजरी जारी की है। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण की निगरानी स्वयं मुख्य इंजीनियर (निर्माण) धीरज कुमार कर रहे हैं, जो मुंबई से इंदौर पहुंचे हैं। उन्होंने 23 मार्च को पीथमपुर से धार तक टॉवर वेगन के माध्यम से ट्रैक का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। खास बात यह है कि इंदौर–दाहोद रेल लाइन पर पहली बार टॉवर वेगन चलाकर परीक्षण किया गया, जो इस परियोजना की तेज प्रगति को दर्शाता है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि पीथमपुर–धार खंड को जल्द से जल्द तैयार कर रेल सेवा शुरू की जाए। साथ ही समानांतर रूप से टनल निर्माण कार्य भी तेजी से जारी रहेगा। क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर से धार के बीच यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

Ratlam News: रतलाम में 30 घंटे बाद खत्म हुआ करणी सेना का धरना, फोरलेन से हटे प्रदर्शनकारी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क | Ratlam News: महू-नीमच फोरलेन पर करणी सेना परिवार का विरोध प्रदर्शन करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने और 14 साल की गुमशुदा बालिका के तलाश लिए जाने के बाद प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने धरना खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही फोरलेन पर डटे प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और यातायात सामान्य हो गया। वीडियो देखे यह धरना मंगलवार से शुरू होकर बुधवार शाम तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने फोरलेन पर ही टेंट लगाकर रात गुजारी। सड़क पर ही बिस्तर बिछाए गए और खाना बनाकर सभी ने वहीं भोजन किया। कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी धरने के दौरान करणी सेना के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कलेक्टर मिशा सिंह पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आईं।जीवनसिंह ने कहा कि “हम अपनी संवैधानिक बात रखना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर मैडम शायद ज्यादा व्यस्त थीं। अगर वे आतीं तो हम अपनी समस्याएं बेहतर तरीके से रख सकते थे।” नाबालिग की तलाश बनी प्रमुख मुद्दा धरने की प्रमुख मांगों में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की गुमशुदगी का मामला भी शामिल था। जीवनसिंह ने बताया कि परिजन दो महीने से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी।उन्होंने कहा कि धरना शुरू होते ही पुलिस हरकत में आई और बालिका को तलाश लिया गया। साथ ही सवाल उठाया कि क्या हर मामले में धरना देना जरूरी होगा? प्रशासन ने दिया आश्वासन अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की 11 मांगों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट घेराव से पहले रोके गए प्रदर्शनकारी करणी सेना के कार्यकर्ता 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश से पहले ही डोसी गांव के पास फोरलेन पर रोक दिया।शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। रातभर सड़क पर डटे रहे प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मिलने की मांग को लेकर फोरलेन पर ही धरना जारी रखा। रातभर टेंट लगाकर वहीं डटे रहे।जीवनसिंह ने कहा कि वे किसी प्रकार का उपद्रव नहीं कर रहे थे, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। देर रात चली अधिकारियों से चर्चा रात करीब 1 बजे तक कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार सर्किट हाउस में मौजूद रहे, जहां करणी सेना के पदाधिकारियों के साथ चर्चा का दौर चला।

MP News: दमोह में ‘ड्रैकुला किलर’ का खौफ: 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े से हत्या, फिर खून पीने की कोशिश

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के समन्ना गांव में सनसनीखेज वारदात। 16 वर्षीय किशोर की हथौड़े और रॉड से हत्या के बाद आरोपी ने खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। दमोह- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां समन्ना गांव में एक सनकी व्यक्ति ने 16 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले किशोर के सिर पर हथौड़े और लोहे की रॉड से हमला किया और उसकी मौत के बाद उसके साथ वीभत्स हरकतें करते हुए खून पीने और मांस नोचने की कोशिश की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो देखे भाई दूज का टीका लगवाने जा रहा था किशोर जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान भरत विश्वकर्मा (16) निवासी अर्थखेड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भरत भाई दूज के मौके पर अपनी बहन के घर समन्ना गांव टीका लगवाने जा रहा था। वह बाइक से बहन के घर के पास ही पहुंचा था कि तभी अचानक आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। हथौड़े और रॉड से किया ताबड़तोड़ हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 46 वर्षीय आरोपी ने अचानक भरत के सिर पर भारी हथौड़े से वार कर दिया। जोरदार चोट लगते ही भरत सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी ने लोहे की रॉड से उस पर लगातार वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कैमरे में कैद हुई खौफनाक हरकत हत्या के बाद आरोपी ने मृत शरीर के साथ वीभत्स हरकतें शुरू कर दीं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी युवक का मांस नोचते और खून पीने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहा है। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी बेहद आक्रामक हो गया और पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश करने लगा। काफी मशक्कत और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने आरोपी को काबू कर गिरफ्तार कर लिया। मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की आशंका पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच किसी प्रकार की पुरानी रंजिश नहीं थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से विक्षिप्त हो सकता है और सनक में आकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। इलाके में दहशत का माहौल घटना के बाद घायल किशोर को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस निर्मम हत्या के बाद समन्ना गांव और आसपास के क्षेत्रों में मातम और दहशत का माहौल है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

Ratlam News: खाली डंपर जब्ती पर रिंगनोद थाने में धरना, 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News:  जिले के जावरा क्षेत्र में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अवैध उत्खनन के आरोप में दो डंपर जब्त किए जाने के विरोध में करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने रिंगनोद थाने में समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार को भी जारी रहा। क्या बोले जीवन सिंह शेरपुर बताया जा रहा है कि जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ थाने में ही गद्दा-बिस्तर मंगवाकर रातभर डटे रहे और मंगलवार सुबह फिर से धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि खनिज विभाग ने खाली डंपरों को अवैध मुर्रम परिवहन बताकर गलत कार्रवाई की है। रोड निर्माण के दौरान डंपर जब्त जानकारी के अनुसार जावरा ब्लॉक के झालवा-कलालिया मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सोमवार को खनिज विभाग की टीम दो पटवारियों के साथ मौके पर पहुंची और दो डंपरों को जब्त कर लिया। विभाग का कहना है कि इन डंपरों से अवैध रूप से मुर्रम का परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद दोनों डंपरों को रिंगनोद थाने में खड़ा करवा दिया गया। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए डंपर ठेकेदार आयुष शर्मा के हैं, जो सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं और उन्हें जीवनसिंह शेरपुर का समर्थक बताया जा रहा है। ठेकेदार की सूचना पर पहुंचे शेरपुर डंपर जब्त होने की सूचना मिलने पर जीवनसिंह शेरपुर सोमवार रात अपने समर्थकों के साथ रिंगनोद थाने पहुंच गए। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलने पर खनिज निरीक्षक शंकर कनेश थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई। खाली डंपर होने का दावा जीवनसिंह शेरपुर और ठेकेदार का कहना है कि जिन डंपरों को पकड़ा गया, वे मुर्रम नहीं बल्कि गिट्टी के परिवहन में लगे हुए थे और कार्रवाई के समय पूरी तरह खाली थे। उनका आरोप है कि पंचनामा बनाते समय डंपरों को मुर्रम से भरा हुआ दर्शाया गया, जबकि मौके पर वे खाली थे। ठेकेदार का यह भी कहना है कि गिट्टी परिवहन की रॉयल्टी मौके पर दिखाई गई थी और पहले किए गए मुर्रम कार्य की अनुमति व रॉयल्टी भी मौजूद है। बहस के दौरान बढ़ा विवाद खनिज अधिकारी ने मामले की जांच कराने की बात कही, जिस पर जीवनसिंह शेरपुर नाराज हो गए। उनका कहना था कि जब डंपर मौके पर खाली हैं तो जांच की जरूरत ही क्या है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाने में बिताई रात डंपर नहीं छोड़े जाने और कार्रवाई को गलत बताते हुए जीवनसिंह शेरपुर ने समर्थकों के साथ थाने में ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने गद्दा-बिस्तर मंगवाकर थाना परिसर में ही रात बिताई। खनिज विभाग के अधिकारी वहां से चले गए, जबकि शेरपुर और उनके समर्थक थाने में ही डटे रहे। मंगलवार को फिर शुरू हुआ धरना मंगलवार सुबह जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ फिर से धरने पर बैठ गए और खनिज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय भी थाने पहुंचे और स्थिति को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों को थाने बुलाने की मांग जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की ओर से जीवनसिंह शेरपुर और उनके समर्थकों को रतलाम कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि समर्थकों का कहना है कि यदि कार्रवाई सही है तो अधिकारियों को खुद थाने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। दोपहर तक खनिज विभाग का कोई अधिकारी थाने नहीं पहुंचा था, जबकि जब्त किए गए दोनों डंपर थाने में खाली खड़े बताए जा रहे हैं। परिवहनकर्ताओं को परेशान करने का आरोप जीवनसिंह शेरपुर ने आरोप लगाया कि परिवहनकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि कागजी कार्रवाई में खाली डंपरों को भरा हुआ दिखाकर फर्जी प्रकरण दर्ज करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वैध अनुमति और रॉयल्टी होने के बावजूद संबंधित लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और ऐसी कार्रवाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय घेराव की घोषणा धरने के दौरान जीवनसिंह शेरपुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि खनिज विभाग की कार्रवाई वापस नहीं ली गई और डंपर नहीं छोड़े गए तो 17 मार्च को रतलाम कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे की PPP पॉलिसी में बदलाव की तैयारी, निवेश और प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे 10 साल पुरानी PPP पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंसेशन पीरियड 50 साल तक बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे लेने के प्रस्ताव से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railways PPP Policy: यात्रियों की सुविधाओं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब अपनी 10 साल पुरानी प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य निजी निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा देना, जोखिम कम करना और रेलवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना है। रेलवे की नई रणनीति के तहत दो बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनसे प्राइवेट कंपनियों के लिए रेलवे परियोजनाओं में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान और आकर्षक हो जाएगा। 50 साल तक बढ़ सकता है कंसेशन पीरियड फिलहाल रेलवे के PPP प्रोजेक्ट्स में कंसेशन पीरियड 20 से 35 साल के बीच होता है। अब रेलवे इसे बढ़ाकर 50 साल तक करने का प्रस्तावला रहा है। इससे निजी कंपनियों को अपने निवेश की लागत निकालने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का भरोसा भी बढ़ेगा। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पहले ही गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) के लिए 50 साल का कंसेशन पीरियड घोषित कर चुके हैं, जिसे इस नई पॉलिसी की शुरुआत माना जा रहा है। जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे की होगी मौजूदा व्यवस्था में PPP प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और खर्च का बोझ निजी कंपनियों पर पड़ता है, जबकि जमीन रेलवे की होती है। इस कारण कई प्रोजेक्ट्स में देरी हो जाती है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार अब जमीन अधिग्रहण की पूरी जिम्मेदारी रेलवे खुद ले सकता है। यह कदम हाईवे प्रोजेक्ट्स के अनुभव को देखते हुए उठाया जा रहा है, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। 35 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स रेलवे ने मार्च 2028 तक PPP मॉडल के तहत 15 बड़े प्रोजेक्ट्स को चुना है, जिनकी कुल लागत करीब 35,817 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाना, ट्रैक डबल करना और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे काम शामिल हैं। वहीं, 2012 की मौजूदा PPP पॉलिसी के तहत दिसंबर 2025 तक 18 प्रोजेक्ट्स (16,686 करोड़ रुपये) पूरे हो चुके हैं, जबकि 7 प्रोजेक्ट्स (16,362 करोड़ रुपये) पर अभी काम जारी है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा फायदा नई PPP पॉलिसी लागू होने से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा, काम की गति तेज होगी और रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही देश में लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

Ratlam News: रतलाम में रंगपंचमी गैर जुलूस 8 मार्च को, सुबह 7 से रात 10 बजे तक रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रंगपंचमी पर्व के अवसर पर 8 मार्च 2026 को रतलाम जागृति मंच द्वारा परंपरागत गैर जुलूस निकाला जाएगा। यह गैर सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को देखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। जानकारी के अनुसार गैर में शामिल लोग धानमंडी स्थित रानी जी के मंदिर पर एकत्रित होंगे। यहां से जुलूस गणेश देवरी, न्यू क्लॉथ मार्केट, जमनालाल स्वीट्स, महालक्ष्मी मंदिर, घांस बाजार चौराहा, चौमुखी पुल, चांदनी चौक, तोपखाना, हरदेवलाला पिपली होते हुए फिर रानी जी के मंदिर पहुंचेगा। इसके बाद नाहरपुरा चौराहा और डालूमोदी चौराहा पहुंचकर गैर का समापन किया जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार जुलूस के दौरान कई मार्गों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। रानी जी के मंदिर क्षेत्र में भीड़ को देखते हुए नाहरपुरा चौराहा, शहीद चौक और हरदेवलाला पिपली से मंदिर की ओर जाने वाले वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा। गणेश देवरी क्षेत्र में जुलूस के पहुंचने के दौरान बजाज खाना, तोपखाना और चौमुखी पुल से गणेश देवरी की ओर जाने वाले वाहनों को दूसरे मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। वहीं न्यू क्लॉथ मार्केट, घांस बाजार चौराहा, डालूमोदी बाजार, कलाईगर मार्ग और खैराती वास क्षेत्र में भी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। चौमुखी पुल और चांदनी चौक क्षेत्र में जुलूस प्रवेश के समय त्रिपोलिया गेट, बाजना बस स्टैंड, गौशाला रोड और गणेश देवरी से आने वाले वाहनों का भी मार्ग परिवर्तन रहेगा। बजाज खाना से हरदेवलाला पिपली की ओर जुलूस पहुंचने के दौरान नीम चौक, आबकारी चौराहा और मोमीनपुरा की ओर से आने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार यह ट्रैफिक व्यवस्था 8 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने शहर की आम जनता से अपील की है कि रंगपंचमी के दौरान तय किए गए मार्ग परिवर्तन का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि सभी लोग सुरक्षित और सुचारू रूप से पर्व का आनंद ले सकें।

MP News: गेहूं और उड़द पर मिलेगा बोनस, किसानों को सरकार का बड़ा तोहफा

मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। गेहूं पर 40 रुपए और उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। गेहूं खरीदी पंजीयन की अंतिम तारीख 10 मार्च तक बढ़ाई गई। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं और उड़द की खरीदी पर विशेष बोनस देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद किसानों के हित में कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है। गेहूं पर मिलेगा 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद प्रदेश में गेहूं की खरीदी लगभग 2626 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सकेगा। उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने उड़द की खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे किसान दलहन फसलों की खेती की ओर अधिक आकर्षित होंगे और उन्हें बेहतर मुनाफा भी मिलेगा। गेहूं खरीदी के पंजीयन की तारीख बढ़ी सरकार ने किसानों की मांग और त्योहारों के सीजन को देखते हुए गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इस फैसले से वे किसान भी पंजीयन करा सकेंगे जो अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे। किसानों को दिन में मिलेगी सिंचाई के लिए बिजली सरकार ने खेती को आसान बनाने के लिए सिंचाई के समय में भी बदलाव किया है। अब किसानों को रात के बजाय दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से किसानों को ठंड, अंधेरे और जंगली जानवरों के खतरे से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित तरीके से अपनी फसल की सिंचाई कर सकेंगे। सालाना 12 हजार रुपए की मिलती है सहायता किसानों को आर्थिक मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों योजनाएं चला रही हैं। इस तरह पात्र किसानों को सालाना 12,000 रुपए की सीधी आर्थिक सहायता मिलती है। किसानों के लिए अन्य योजनाएं भी लागू बोनस के अलावा सरकार किसानों को कई अन्य सुविधाएं भी दे रही है, जैसे: इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है।