Ratlam News: रतलाम में अनोखा विरोध: घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी

रतलाम कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी 15 किमी दूर से घोड़ी पर पहुंचा। गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश के रतलाम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। शिवपुर निवासी अरुण शर्मा अपनी शिकायत लेकर करीब 15 किलोमीटर दूर से घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान रह गए। वायरल वीडियो देखे गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए गांव की गोचर (चारागाह) भूमि और कांकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की। उनका कहना है कि इन जमीनों पर अवैध कब्जों के कारण पशुओं के रहने और चरने की जगह खत्म होती जा रही है। हालांकि, जनसुनवाई के दौरान उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी। उन्होंने अपना आवेदन डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को सौंपा और इसके बाद वापस घोड़ी पर सवार होकर लौट गए। “जानवरों के लिए नहीं बची जगह” अपने आवेदन में अरुण शर्मा ने बताया कि जिले के अधिकांश गांवों में सरकारी चारागाह भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। इससे जानवरों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि पशुओं के रहने तक की जगह नहीं बची है और किसान भी उन्हें बोझ समझने लगे हैं। “क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का हक?” अरुण शर्मा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जानवरों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का ही अधिकार है या फिर जानवरों को भी जीने का हक मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो इसका गंभीर असर पर्यावरण और मानव जीवन दोनों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि चारागाह और कांकड़ की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके परिणाम भविष्य में और भी गंभीर हो सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम में 30 घंटे बाद खत्म हुआ करणी सेना का धरना, फोरलेन से हटे प्रदर्शनकारी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क | Ratlam News: महू-नीमच फोरलेन पर करणी सेना परिवार का विरोध प्रदर्शन करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने और 14 साल की गुमशुदा बालिका के तलाश लिए जाने के बाद प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने धरना खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही फोरलेन पर डटे प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और यातायात सामान्य हो गया। वीडियो देखे यह धरना मंगलवार से शुरू होकर बुधवार शाम तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने फोरलेन पर ही टेंट लगाकर रात गुजारी। सड़क पर ही बिस्तर बिछाए गए और खाना बनाकर सभी ने वहीं भोजन किया। कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी धरने के दौरान करणी सेना के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कलेक्टर मिशा सिंह पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आईं।जीवनसिंह ने कहा कि “हम अपनी संवैधानिक बात रखना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर मैडम शायद ज्यादा व्यस्त थीं। अगर वे आतीं तो हम अपनी समस्याएं बेहतर तरीके से रख सकते थे।” नाबालिग की तलाश बनी प्रमुख मुद्दा धरने की प्रमुख मांगों में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की गुमशुदगी का मामला भी शामिल था। जीवनसिंह ने बताया कि परिजन दो महीने से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी।उन्होंने कहा कि धरना शुरू होते ही पुलिस हरकत में आई और बालिका को तलाश लिया गया। साथ ही सवाल उठाया कि क्या हर मामले में धरना देना जरूरी होगा? प्रशासन ने दिया आश्वासन अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की 11 मांगों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट घेराव से पहले रोके गए प्रदर्शनकारी करणी सेना के कार्यकर्ता 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश से पहले ही डोसी गांव के पास फोरलेन पर रोक दिया।शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। रातभर सड़क पर डटे रहे प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मिलने की मांग को लेकर फोरलेन पर ही धरना जारी रखा। रातभर टेंट लगाकर वहीं डटे रहे।जीवनसिंह ने कहा कि वे किसी प्रकार का उपद्रव नहीं कर रहे थे, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। देर रात चली अधिकारियों से चर्चा रात करीब 1 बजे तक कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार सर्किट हाउस में मौजूद रहे, जहां करणी सेना के पदाधिकारियों के साथ चर्चा का दौर चला।

Ratlam News: रतलाम में कलेक्टर का रेन बसेरों का औचक निरीक्षण, ओटलों पर सो रहे लोगों को कराया शिफ्ट, ठंड से बचाव के दिए सख्त निर्देश

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शीत लहर और बढ़ती ठंड को देखते हुए रतलाम जिले में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने नगर निगम आयुक्त श्री अनिल भाना, एसडीएम शहर सुश्री आर्ची हरित एवं तहसीलदार श्री ऋषभ ठाकुर के साथ शहर के विभिन्न रेन बसेरों का निरीक्षण किया। WATCH VIDEO कलेक्टर ने महू रोड बस स्टैंड परिसर के प्रथम तल, हाथीखाना क्षेत्र में जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय के पास तथा सिविक सेंटर के समीप संचालित निशुल्क रेन बसेरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पलंग, गद्दे, तकिया, चादर, कंबल, बाथरूम में पानी, पेयजल एवं ठंड के मौसम में गर्म पानी की सुविधा सहित सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय के बाहर मेडिकल स्टोर के ओटलों पर कुछ लोग ठंड में सोते हुए मिले। इस पर कलेक्टर ने तत्काल शासकीय वाहन रुकवाकर उन्हें रेन बसेरे में शिफ्ट करवाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए और ठंड के कारण किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर अलाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम आयुक्त एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी रात्रि भ्रमण कर खुले में सो रहे लोगों को रेन बसेरों में शिफ्ट कराएं, अन्यथा लापरवाही की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि आश्रय स्थलों पर महिलाओं के लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था उपलब्ध है। रेन बसेरों में ठहरे लोगों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने आश्रय स्थलों के आसपास साइन बोर्ड लगाने और रेन बसेरों की जानकारी के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन की इस पहल से ठंड के मौसम में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित आश्रय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

Ratlam News: रतलाम कलेक्ट्रेट में ड्रामा: प्रेमिका को उज्जैन भेजने पर युवक बेहोश, परिवार का विरोध

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम कलेक्ट्रेट में मंगलवार दोपहर उस समय नाटकीय माहौल बन गया, जब एक युवक अपनी प्रेमिका को उज्जैन आश्रय स्थल भेजे जाने का विरोध करने लगा। युवती को गाड़ी में ले जाते समय युवक पीछे-पीछे दौड़ा और देखते ही देखते बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। WATCH VIDEO  प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला, साथ रहने का एग्रीमेंट भी बनाया जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय युवती कुछ दिन पहले घर से भाग गए थे।दोनों ने 2 दिसंबर को स्टांप पर साथ रहने का एग्रीमेंट भी किया था।4 दिसंबर को युवती के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद किया। थाने में युवती ने माता-पिता के साथ रहने से इनकार किया थाने में युवती ने बयान दिया कि वह युवक के साथ रहना चाहती है और माता-पिता के पास नहीं जाएगी।लेकिन युवक की उम्र 21 साल से कम (20 वर्ष) होने के कारण पुलिस ने नियमानुसार उसे वन स्टॉप सेंटर भेजने का निर्णय लिया। कलेक्ट्रेट में भावुक दृश्य – दोनों रोए, परिवार ने विरोध किया मंगलवार को युवती को उज्जैन आश्रय स्थल भेजने का आदेश दिया गया।युवती को ले जाते समय: परिजन भी भावुक हो गए और उसे अस्पताल ले जाया गया। परिवार का आरोप – जबरन भेजा जा रहा, कोर्ट मैरिज का दावा युवक की मां और बहन ने आरोप लगाया: प्रशासन की सफाई – नियम के तहत कार्रवाई वन स्टॉप सेंटर प्रशासक नीता परिहार ने बताया: अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने कहा: “युवती ने अपने बयान में युवक के साथ तत्काल जाने की इच्छा स्पष्ट रूप से नहीं जताई। इसलिए नियमानुसार उसे आश्रय स्थल भेजा गया है।”

Ratlam News: जनसुनवाई में उठी आमजन की आवाज: 59 आवेदनों पर हुई सुनवाई, कई मामलों का मौके पर हुआ निराकरण

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कलेक्टर कार्यालय रतलाम में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं को सुना गया। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन ने आवेदकों से आवेदन प्राप्त किए। इस दौरान कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को निर्धारित समय सीमा में समाधान करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए। वीडियो देखे जनसुनवाई में विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आईं — वेतन भुगतान, विद्यालय प्रमाणपत्र जारी करने में देरी और फसल क्षति जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। ग्राम मावता की निवासी श्रीमती कैलाशी बाई पति मांगीलाल भडभुजा ने बताया कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दैनिक वेतन भोगी के रूप में वर्ष 2004 से कार्यरत हैं, लेकिन पिछले 9 महीनों से नियमित वेतन नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वहीं, ममता बंदोडिया निवासी इंदिरा नगर रतलाम ने बताया कि उनका पुत्र नितेश सेंट स्टीफन स्कूल, गांधी नगर में अध्ययनरत था। फीस नियमित जमा करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा कक्षा 8वीं, 9वीं और 10वीं की अंकसूची व टीसी प्रदान नहीं की जा रही। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम नयापुरा, जावरा के जाकिर पिता जहांगीर खां ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उनकी सोयाबीन की फसल अत्यधिक बारिश और पीला मोजेक रोग से नष्ट हो गई है। शासन द्वारा मुआवजा योजना चल रही है, लेकिन उन्हें अब तक राशि नहीं मिली। इस पर तहसीलदार जावरा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन ने कहा कि जनता की हर शिकायत पर पारदर्शी व समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम कलेक्ट्रेट में हंगामा: घायल अजय के स्वजन कलेक्टर की गाड़ी के आगे बैठे, न्याय की मांग पर अड़े

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: दीनदयाल नगर क्षेत्र में विवाद के बाद ट्रेन की चपेट में आने से दोनों पैर गंवाने वाले युवक अजय गामड़ के स्वजन शुक्रवार दोपहर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। स्वजन घायल अजय को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे और कलेक्टर मिशा सिंह के वाहन के आगे बैठ गए। इस दौरान करीब 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही। जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय अजय पुत्र राजू गामड़ निवासी दीनदयाल नगर 22 अक्टूबर की शाम ईश्वर नगर के पास ट्रेन की चपेट में आ गया था। हादसे में उसके दोनों पैर कट गए थे। अजय ने आरोप लगाया था कि विशाल उर्फ चिनी और राजा उसे घर से बुलाकर ले गए और ट्रेन के सामने धक्का दे दिया। थाना प्रभारी अनुराग यादव ने इसे झूठी कहानी बताते हुए जांच जारी रहने की बात कही थी। पुलिस के इस रवैये से नाराज स्वजन शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा ने स्वजनों से आवेदन लेने की कोशिश की, लेकिन वे कलेक्टर से प्रत्यक्ष मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। इस बीच, कलेक्टर मिशा सिंह दूसरे गेट से निकलने लगीं तो स्वजन उनके वाहन के आगे बैठ गए। मौके पर हंगामे के कारण कलेक्टर ने नाराजगी जताई और अधीनस्थ अधिकारियों को फटकार लगाई। करीब 10 मिनट तक कलेक्टर का वाहन कैंटीन गेट पर रुका रहा, लेकिन पुलिस जवान प्रदर्शनकारियों को नहीं हटा सके। स्थिति बिगड़ने पर एसपी अमित कुमार को सूचना दी गई, जिसके बाद एएसपी विवेक कुमार लाल, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एएसपी ने स्वजनों से बातचीत कर सीएसपी को जांच सौंपी और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्वजन शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया। पृष्ठभूमि:22 अक्टूबर को दो पक्षों के बीच हुए विवाद में दोनों ओर से मारपीट के प्रकरण दर्ज किए गए थे। उसी दिन शाम को अजय के साथ हादसा हुआ। पुलिस का कहना है कि घटना के समय आरोपित पुलिस हिरासत में थे, वहीं लोकोपायलट और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अजय ने खुद रेलवे लाइन पर छलांग लगाई थी। इस बीच, अजय के स्वजनों पर थाने में महिला आरक्षकों से मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा का मामला भी दर्ज हुआ है।

Ratlam News: कर्तव्य फाउंडेशन रतलाम का ‘मिशन घर की लक्ष्मी 6.0’ सफल: 20 हजार जरूरतमंदों तक पहुंचाई पहनने योग्य वस्त्रों की खुशियां

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: “समाज की समृद्धि ही हमारा कर्तव्य है” – इसी विचार को साकार करते हुए रतलाम की प्रमुख सामाजिक संस्था कर्तव्य फाउंडेशन द्वारा रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को ‘मिशन घर की लक्ष्मी 6.0’ कार्यक्रम का सफल आयोजन हीरा पैलेस, बरबड़ रोड, रतलाम में किया गया। इस अभियान के तहत संस्था ने रतलाम शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतमंद परिवारों तक 20,000 जोड़ी कपड़े पहुंचाए। यह सेवा समाज के सहयोग और सहभागिता से संभव हो सकी। कार्यक्रम में शहर के कई सामाजिक संगठन, शिक्षण संस्थान और नागरिकों ने नए व पुराने पहनने योग्य वस्त्र दान कर योगदान दिया। कार्यक्रम में रतलाम कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह, पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक श्री अश्विनी कुमार, श्री गुरु तेग बहादुर एजुकेशनल डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष श्री गुरनाम सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। इस अवसर पर समाजसेवी श्री गोविंद काकाणी, श्री राकेश पिपाड़ा (जिला संपत्ति संघ), वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रवि जैन, समाजसेवी व बुलियन व्यापारी श्री विनोद मूनाट, श्री अनील झलानी (सृजन इंस्टीट्यूट), श्री दिनेश सियाल (उपाध्यक्ष, IPCA कंपनी), श्री रत्नेश विजयवर्गीय (जन अभियान परिषद), श्री विनोद बाफना (ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए युवाओं के इस प्रयास को प्रेरणादायक बताया और समाज में सहयोग की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का सम्मान पौधारोपण भेंट कर किया गया। संस्था ने विशेष आभार मित्तल ट्रेडर्स का व्यक्त किया जिन्होंने संग्रह स्थल उपलब्ध कराया और हीरा पैलेस के श्री हीरालाल बालसोरा का जिन्होंने वितरण स्थल प्रदान किया। इन दोनों के सहयोग से अभियान और अधिक सफल व सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। कर्तव्य फाउंडेशन, रतलाम का लक्ष्य है कि समाज का कोई भी व्यक्ति सम्मान, सहयोग और खुशियों से वंचित न रहे। संपर्क:कर्तव्य फाउंडेशन, रतलाममो.: +91-80857 66167, +91-79701 76410

Ratlam News: जनसुनवाई रतलाम : 105 आवेदनों पर हुई सुनवाई, पानी व पट्टे सहित कई मुद्दों का हुआ निराकरण

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:  कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में कलेक्टर राजेश बाथम एवं एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए। मौके पर ही निराकरण योग्य आवेदनों का विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में निपटारा किया गया, वहीं शेष आवेदनों को तय समयसीमा में निपटाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। जनसुनवाई में डॉ. देवीसिंह कॉलोनी के रहवासियों ने पानी की समस्या उठाई। रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी में पहले सरकारी नल कनेक्शन से पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन झूठे आवेदन के आधार पर नल कनेक्शन काट दिए गए। नगर निगम ने आश्वासन दिया था कि जब तक नल नहीं लगेंगे, तब तक टैंकर से पानी सप्लाई की जाएगी, लेकिन स्थानीय दबाव में टैंकर सुविधा भी बंद कर दी गई। अब कॉलोनीवासियों को 5 किमी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इस मामले में अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। इसी तरह, ग्राम बड़ावदा के विनोद परमार ने कच्चे मकान के पट्टे की मांग को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि मजदूरी से परिवार का पालन पोषण करने के बावजूद कई बार पट्टे के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी तक पट्टा जारी नहीं हुआ। कलेक्टर ने इस संबंध में सीएमओ बड़ावदा को निर्देशित किया। वहीं, ग्राम नोलक्खा निवासी अशोक नायक ने पत्नी की बीमारी से आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने से बच्चों का पालन-पोषण कठिन हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम जावरा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में आए अन्य आवेदनों पर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए।

Ratlam News: एक माह में नहीं मानी प्रशासन ने बात तो कलेक्टर के चैंबर में घुसकर ला देंगे पसीना : सैलाना विधायक डोडियार का चेतावनी भरा ऐलान

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा से कांग्रेस विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। सोमवार को रतलाम कलेक्ट्रेट पर ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते हुए डोडियार ने खुले मंच से चेतावनी दी कि अगर एक माह में समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्टर के चैंबर में घुसेंगे और “पसीना ला देंगे”। डोडियार ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “हमने निवेदन कर लिया, अब चेतावनी दे रहे हैं। अगली बार चैंबर में घुसेंगे। गोबर, कीचड़, जो भी लाना पड़े लाएंगे। शिकायतों की माला पहनाकर समाधान करवाएंगे।” ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन सैकड़ों ग्रामीणों के साथ विधायक डोडियार ने रतलाम कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन से पहले ग्रामीण कोर्ट चौराहा पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला। “जय जोहार”, “जल-जमीन की रक्षा कौन करेगा – हम करेंगे” जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने तख्तियां हाथों में लीं और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। डोडियार ने 29 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन रतलाम की डिप्टी कलेक्टर प्राची हरित को सौंपा, जो मुख्यमंत्री के नाम संबोधित था। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में सैलाना विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों को पेयजल, सड़क, और बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ता है। कलेक्टर पर तीखा हमला, पुराना विवाद फिर चर्चा में विधायक डोडियार का यह कोई पहला विवादित बयान नहीं है। दिसंबर 2024 में भी उन्होंने कलेक्टर राजेश बाथम पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस वक्त डोडियार ने कहा था – “तेरे बाप का राज है क्या? कोई भी जिला तेरे हिसाब से नहीं, कानून से चलेगा।” साथ ही उन्होंने कलेक्टर के जाति प्रमाण पत्र पर भी सवाल उठाए थे। इस तरह के बयानों को लेकर डोडियार प्रशासनिक महकमे और राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब उन्होंने कलेक्टर के कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सीधा हमला बोला है और साफ कहा है कि अगर समाधान नहीं हुआ तो अगली बार आंदोलन और तीव्र होगा।

Ratlam News: गुलाब चक्कर हुआ रोशन: रतलाम की ऐतिहासिक धरोहर को मिला नया जीवन, कलेक्टर राजेश बाथम ने किया भव्य शुभारंभ

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम शहर की ऐतिहासिक विरासत गुलाब चक्कर अब गुलाबी रोशनी और संगीत की मधुर धुनों के साथ एक नए रूप में जगमगा रही है। शहर के मध्य स्थित इस सांस्कृतिक धरोहर का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार शाम को इसका भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर राजेश बाथम की प्रमुख उपस्थिति रही। गुलाब चक्कर को जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा आकर्षक प्रकाश सज्जा और साउंड सिस्टम से सजाया गया है। उद्घाटन अवसर पर एसएएफ इंदौर के पुलिस बैंड ने प्रस्तुति दी, जिसके बाद प्रकाश और संगीत का मनोहारी प्रदर्शन हुआ। कलेक्टर बाथम ने जानकारी दी कि गुलाब चक्कर परिसर में 9 जून से प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे योग कक्षाएं प्रारंभ होंगी। आगामी 5 दिनों तक रतलाम की स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा गीत-संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। दो माह में दो ओपन एयर रेस्टोरेंट भी आमजन के लिए खोले जाएंगे। प्रकाश और साउंड शो हर शाम सूर्यास्त के 10 मिनट बाद और रात 9:30 बजे नियमित रूप से होगा। यह परिसर शुरूआती कुछ महीनों तक लगभग निशुल्क उपयोग के लिए आमजन को उपलब्ध रहेगा। गुलाब चक्कर में अब कला, साहित्यिक गोष्ठियां, योग, पेंटिंग, बुक फेयर, लोकनाट्य, इंडोर गेम्स, रोलर स्केटिंग, खादी-हथकरघा प्रदर्शनियोंजैसे आयोजनों की भी अनुमति रहेगी। हालांकि सामाजिक सम्मेलन, शादी या निजी पार्टियों की इजाजत नहीं होगी।  गुलाब चक्कर का ऐतिहासिक महत्व 1879 में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा अपनी पुत्री गुलाब कंवर के नाम पर बनवाया गया यह चक्कर रतलाम की पहचान है। चतुष्कोणीय आकार में बनी इस संरचना के चारों कोनों पर मीनार जैसे स्तंभ हैं, जिन पर गुलाब के फूलों की आकृतियां उकेरी गई हैं। यहां पूर्व में फव्वारों से गुलाबजल की बौछारें होती थीं और चिड़ियाघर भी था। इस परिसर में आज भी साढ़े चार क्विंटल वज़नी पत्थर मौजूद है, जो सन 1900 में पंजाब के पहलवान गुलाम मोहम्मद द्वारा उठाया गया था। जनभागीदारी और सहयोग से साकार हुआ सपना गुलाब चक्कर का जीर्णोद्धार जिला पुरातत्व परिषद, मध्य प्रदेश शासन की जनभागीदारी योजना, IPCA कंपनी के CSR फंड और जन सहयोग से संभव हुआ है।  शुभारंभ कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति इस अवसर पर कलेक्टर राजेश बाथम, डीआईजी मनोज सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव, एसडीएम अनिल भाना, समाजसेवी गोविंद काकानी, जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, संध्या बेलसरे सहित कई अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।