Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने वाला निकला GST कर्मचारी! वीडियो वायरल होते ही विभाग ने थमाया नोटिस

रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोने का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ। सब्जी बेचने वाला व्यक्ति जीएसटी विभाग का यूडीसी कर्मचारी निकला। विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम में गंदे नाले से सब्जियां धोकर बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जिस व्यक्ति को लोग सामान्य सब्जी विक्रेता समझ रहे थे, वह दरअसल वाणिज्यिक कर (GST) विभाग में अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के पद पर कार्यरत सरकारी कर्मचारी निकला। मामला सामने आने के बाद विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद खुली पहचान जानकारी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी सरदार झोडिया मूल रूप से नीमच जिले के नयागांव का निवासी है और लंबे समय से रतलाम के वाणिज्यिक कर विभाग (सर्कल-1) में पदस्थ है। सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति डाट की पुल क्षेत्र में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचता हुआ दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी पहचान सरदार झोडिया के रूप में की। पहचान उजागर होने के बाद वह पिछले दो दिनों से अपनी सब्जी की दुकान पर भी नहीं दिखाई दिया। ड्यूटी छोड़कर सब्जी बेचने के भी आरोप मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि सरदार झोडिया कार्यालयीन समय में ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर सब्जी बेचने का काम करता था।हालांकि विभागीय कार्यालय में उसके नाम से उपस्थिति दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस पूरे मामले की जांच अब विभागीय स्तर पर की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, संबंधित कर्मचारी का विवादों से पुराना नाता रहा है। कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में उसे पहले भी विभागीय चार्जशीट मिल चुकी है। विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस मामले के तूल पकड़ने के बाद वाणिज्यिक कर (GST) विभाग ने कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के जवाब के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। बताया जा रहा है कि कर्मचारी पिछले दो दिनों से आकस्मिक अवकाश पर है। हालांकि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल मामले पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से बच रहे हैं। जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला जिस स्थान पर आरोपी सब्जियां बेचता था, वह रेलवे कॉलोनी और डाट की पुल क्षेत्र के पास स्थित है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सब्जियां खरीदते हैं। ऐसे में गंदे नाले के पानी से सब्जियां धोकर बेचना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

Ratlam News: रतलाम में अनोखा विरोध: घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचा फरियादी

रतलाम कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी 15 किमी दूर से घोड़ी पर पहुंचा। गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश के रतलाम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। शिवपुर निवासी अरुण शर्मा अपनी शिकायत लेकर करीब 15 किलोमीटर दूर से घोड़ी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान रह गए। वायरल वीडियो देखे गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए गांव की गोचर (चारागाह) भूमि और कांकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की। उनका कहना है कि इन जमीनों पर अवैध कब्जों के कारण पशुओं के रहने और चरने की जगह खत्म होती जा रही है। हालांकि, जनसुनवाई के दौरान उनकी मुलाकात कलेक्टर से नहीं हो सकी। उन्होंने अपना आवेदन डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा को सौंपा और इसके बाद वापस घोड़ी पर सवार होकर लौट गए। “जानवरों के लिए नहीं बची जगह” अपने आवेदन में अरुण शर्मा ने बताया कि जिले के अधिकांश गांवों में सरकारी चारागाह भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। इससे जानवरों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि पशुओं के रहने तक की जगह नहीं बची है और किसान भी उन्हें बोझ समझने लगे हैं। “क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का हक?” अरुण शर्मा ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जानवरों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धरती पर सिर्फ इंसानों का ही अधिकार है या फिर जानवरों को भी जीने का हक मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो इसका गंभीर असर पर्यावरण और मानव जीवन दोनों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि चारागाह और कांकड़ की जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके परिणाम भविष्य में और भी गंभीर हो सकते हैं।

0%