BREAKING Ratlam News: किस्तें जमा करने के बाद भी मोबाइल लॉक, विरोध पर युवक से मारपीट; 300 से ज्यादा लोग धरने पर बैठे

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Ratlam News: रतलाम के सातरुंडा चौराहे पर किस्त जमा करने के बावजूद मोबाइल लॉक होने पर विवाद हुआ। युवक से मारपीट के बाद आदिवासी समाज ने धरना दिया।

रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के सातरुंडा चौराहे पर मोबाइल की किस्त जमा करने के बावजूद फोन लॉक होने को लेकर विवाद सामने आया है। मोबाइल अनलॉक नहीं होने की शिकायत लेकर दुकान पहुंचे आदिवासी युवक ने दुकानदार और फाइनेंस कर्मचारी पर मारपीट व जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया है।

घटना के विरोध में शुक्रवार को 300 से अधिक आदिवासी समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ने के बाद बिलपांक थाना पुलिस ने दुकान संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद समाजजनों में आक्रोश फैल गया। पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।

20 हजार रुपये में फाइनेंस कराया था मोबाइल

पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, धार जिले के बदनावर थाना क्षेत्र के नाहरखेड़ा निवासी अर्जुन पुत्र बाबूलाल डामर ने सातरुंडा चौराहे स्थित बालाजी मोबाइल दुकान से करीब 20 हजार रुपये में मोबाइल फाइनेंस कराया था।

मोबाइल की मासिक किस्त 2200 रुपये तय थी। अर्जुन का कहना है कि वह तीन किस्तें दुकान पर बैठने वाले फाइनेंस कर्मचारी प्रदीप जाट को जमा कर चुका था।

इसके बावजूद मोबाइल लॉक हो गया। मोबाइल लॉक होने का कारण जानने के लिए अर्जुन गुरुवार दोपहर अपने दोस्तों अक्षय भूरिया और धूरा निनामा के साथ दुकान पहुंचा।

मोबाइल लॉक होने की बात पर हुआ विवाद

शिकायत के मुताबिक, दुकान पर प्रदीप जाट और नयन लोहार मिले। अर्जुन ने मोबाइल लॉक होने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।

अर्जुन ने पुलिस को बताया कि प्रदीप जाट और नयन लोहार ने उसके साथ जातिसूचक गाली-गलौज की और मारपीट व धक्का-मुक्की की। आरोप है कि नयन के पिता और दुकान संचालक सुभाष लोहार ने भी उसके साथ मारपीट की।

मामले में पुलिस ने सिमलावदा निवासी सुभाष पुत्र नारायण लोहार, नयन पुत्र सुभाष लोहार और दंतोड़िया निवासी प्रदीप जाट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

वीडियो वायरल होने के बाद समाज में आक्रोश

घटना के बाद मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ी और शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग सातरुंडा चौराहे पर पहुंच गए।

300 से अधिक समाजजन बालाजी मोबाइल दुकान के बाहर धरने पर बैठ गए। लोगों की मांग थी कि मामले में कार्रवाई की जाए और आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए।

ढाई घंटे धरने के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट

शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे समाजजन सातरुंडा चौराहे पर जुटने लगे। बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान और बिरमावल चौकी प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर समाजजनों से चर्चा की।

रिपोर्ट दर्ज होने तक समाजजन करीब ढाई घंटे धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।

इसके बाद सातरुंडा चौकी के बाहर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, डॉ. अभय ओहरी, जयस जिलाध्यक्ष दीपक निनामा, जयस उपाध्यक्ष कमल भूरिया, राजकुमार डामर और महेश डोडियार सहित जनप्रतिनिधियों व समाजजनों ने ज्ञापन सौंपा।

पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया केस

बिलपांक थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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